<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/corporate-news/tag-33340" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Corporate News - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/33340/rss</link>
                <description>Corporate News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>N Chandrasekaran resigns: टाटा संस के चेयरमैन ने दिया इस्तीफा, पुनर्नियुक्ति के लिए नहीं करेंगे आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद पर दोबारा नियुक्ति के लिए नाम नहीं देने का फैसला किया है। उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/n-chandrasekaran-resigns-tata-sons-chairman-resigns-will-not-apply/article-89574"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/tata-sons-resigne.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">N Chandrasekaran resigns: नई दिल्ली। टाटा समूह के साथ करीब चार दशक का लंबा सफर तय करने के बाद एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद पर अपने भविष्य को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को पूरा होने के बाद वह इस पद के लिए दोबारा अपना नाम पेश नहीं करेंगे। चंद्रशेखरन ने अपने फैसले की जानकारी टाटा संस के बोर्ड को दे दी है। यह घटनाक्रम 18 अगस्त को प्रस्तावित कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले सामने आया है। उनके निर्णय के बाद अब टाटा समूह में उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज होना तय माना जा रहा है। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">एन. चंद्रशेखरन वर्ष 1987 में टाटा समूह से जुड़े थे। उन्होंने अपने करीब 40 वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित समूह का हिस्सा बनना और उसके विकास में योगदान देना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि टाटा संस का नेतृत्व करना उनके पेशेवर जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक रहा। करीब एक दशक तक समूह की शीर्ष कंपनी का नेतृत्व करने के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कारोबारी फैसलों और रणनीतिक पहलों की अगुवाई की।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अगले कार्यकाल को लेकर नहीं बनी सहमति</h3>
<p style="text-align:justify;">चंद्रशेखरन के अनुसार, उनके अगले पांच वर्ष के कार्यकाल के विस्तार का प्रस्ताव सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की ओर से सर्वसम्मति से आगे बढ़ाया गया था। इसके बाद प्रस्ताव को टाटा संस की संबंधित समिति और बोर्ड के सामने भी रखा गया। हालांकि, बोर्ड स्तर पर प्रस्ताव को पूरी सहमति नहीं मिल सकी। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">इसी कारण चंद्रशेखरन ने उस समय निर्णय को आगे बढ़ाने के बजाय स्थिति स्पष्ट होने तक इंतजार करने का विकल्प चुना। उनके मुताबिक, संबंधित बोर्ड बैठक को छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। ऐसे में उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर स्पष्टता जरूरी मानते हुए दोबारा चेयरमैन बनने की दौड़ से खुद को अलग करने का निर्णय लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">नए नेतृत्व के लिए जल्द फैसला जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस और पूरे टाटा समूह की कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाएं इस समय निर्णायक चरण में हैं। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद समूह का नेतृत्व कौन करेगा, इसकी स्पष्टता समय रहते होना आवश्यक है। उन्होंने बोर्ड से उत्तराधिकारी के संबंध में जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन व्यवस्थित और सुचारु तरीके से पूरा किया जा सके। उनका मानना है कि समय पर उत्तराधिकार तय होने से कर्मचारियों, निवेशकों, कारोबारी साझेदारों और अन्य हितधारकों को भी भविष्य की दिशा को लेकर स्पष्टता मिलेगी। Business News</p>
<p style="text-align:justify;">एन. चंद्रशेखरन ने अपने करियर में टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2009 में उन्हें टीसीएस का सीईओ बनाया गया था। उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक आईटी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की। इसके बाद वर्ष 2017 में उन्हें टाटा संस की कमान सौंपी गई। उनके नेतृत्व में समूह ने कई क्षेत्रों में विस्तार और निवेश की रणनीति अपनाई।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चुनौतियों के बीच नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी</h3>
<p style="text-align:justify;">हाल के समय में टाटा समूह को कई कारोबारी और नियामकीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। एयर इंडिया से जुड़े मामले, टीसीएस के कारोबारी दबाव और जगुआर लैंड रोवर से जुड़ी साइबर सुरक्षा घटना जैसे मुद्दों ने समूह का ध्यान आकर्षित किया। टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच संबंध भी समय-समय पर चर्चा का विषय रहे हैं। वर्ष 2016 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाए जाने के घटनाक्रम के दौरान दोनों पक्षों के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एन. चंद्रशेखरन के निर्णय के बाद टाटा समूह के अगले चेयरमैन को लेकर अटकलें तेज हो सकती हैं। उद्योग जगत के साथ-साथ निवेशकों और कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर होगी कि टाटा संस का बोर्ड किसे अगला नेतृत्व सौंपता है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि चंद्रशेखरन का कार्यकाल 20 फरवरी 2027 तक जारी रहेगा। इसके बाद टाटा समूह की कमान नए नेतृत्व के हाथों में जाने की प्रक्रिया अब एक महत्वपूर्ण कॉरपोरेट घटनाक्रम बनने जा रही है। Business News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/n-chandrasekaran-resigns-tata-sons-chairman-resigns-will-not-apply/article-89574</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/delhi/n-chandrasekaran-resigns-tata-sons-chairman-resigns-will-not-apply/article-89574</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:00:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/tata-sons-resigne.jpg"                         length="55628"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Dalmia Cement: डालमिया सीमेंट को 266.3 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस, जीएसटी विभाग से मिला नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[Dalmia Cement Tax Notice: मुंबई। डालमिया भारत समूह की सहायक कंपनी डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड को तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से 266.3 करोड़ रुपये के मूल्य का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस केंद्रीय जीएसटी तथा तमिलनाडु जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 74 के अंतर्गत मूल्यांकन वर्ष 2019-20 और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dalmia-cement-receives-rs-266-3-crore-show-cause-notice-from-gst-department/article-78756"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/dalmia-cement-notice.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Dalmia Cement Tax Notice: मुंबई। डालमिया भारत समूह की सहायक कंपनी डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड को तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से 266.3 करोड़ रुपये के मूल्य का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस केंद्रीय जीएसटी तथा तमिलनाडु जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 74 के अंतर्गत मूल्यांकन वर्ष 2019-20 और 2022-23 के लिए जारी हुआ है। Dalmia Cement</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी द्वारा नियामकीय सूचना में बताया गया कि तिरुचिरापल्ली के लालगुडी क्षेत्र के सेल्स टैक्स अधिकारी ने दोनों वर्षों के दौरान कर योग्य टर्नओवर तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से संबंधित दावों में पाई गई विसंगतियों के आधार पर यह नोटिस भेजा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि मूल्यांकन वर्ष 2019-20 के लिए जारी नोटिस में 128.39 करोड़ रुपये कर तथा 19.25 करोड़ रुपये दंड के तौर पर मांगे गए हैं। वहीं, मूल्यांकन वर्ष 2022-23 के लिए जारी नोटिस में 59.32 करोड़ रुपये कर तथा इतनी ही राशि दंड स्वरूप मांगने का उल्लेख है। कंपनी के अनुसार, यह नोटिस उन्हें 28 नवंबर 2025 की शाम 7:30 बजे प्राप्त हुए। Dalmia Cement</p>
<p style="text-align:justify;">डालमिया सीमेंट ने स्पष्ट किया है कि इन नोटिसों से कंपनी की वित्तीय स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि इस मामले के समाधान हेतु आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, लेकिन इतना जरूर कहा कि नोटिसों का कंपनी पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि 1939 में स्थापित डालमिया भारत, 49.5 मिलियन टन प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता के साथ देश की चौथी सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है। कंपनी का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है और वह 10 राज्यों में 15 सीमेंट संयंत्रों का संचालन करती है। Dalmia Cement</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dalmia-cement-receives-rs-266-3-crore-show-cause-notice-from-gst-department/article-78756</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dalmia-cement-receives-rs-266-3-crore-show-cause-notice-from-gst-department/article-78756</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 14:21:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-11/dalmia-cement-notice.jpg"                         length="62156"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        