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                <title>Visa News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>US Visa News: वीज़ा रिन्यूअल कराने भारत आए कर्मचारी अब भारत में ही फंसे, जानें अब अपॉइंटमेंट कब मिलेंगे?</title>
                                    <description><![CDATA[H-1B Visa Renewal: नई दिल्ली। वर्षांत छुट्टियों के बीच सैकड़ों भारतीय एच-1बी वीज़ा धारकों के लिए यह समय भारी असमंजस और चिंता का कारण बन गया है। अमेरिका स्थित दूतावासों द्वारा अचानक वीज़ा नवीनीकरण से जुड़े अपॉइंटमेंट रद्द किए जाने के बाद अनेक भारतीय पेशेवर भारत में ही अटक गए हैं। US Visa News इनमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/h-1b-employees-who-came-to-india-for-visa-renewal-are-now-stranded-in-india-after-their-appointments-were-canceled/article-79476"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/h-b1-visa-reneval.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">H-1B Visa Renewal: नई दिल्ली। वर्षांत छुट्टियों के बीच सैकड़ों भारतीय एच-1बी वीज़ा धारकों के लिए यह समय भारी असमंजस और चिंता का कारण बन गया है। अमेरिका स्थित दूतावासों द्वारा अचानक वीज़ा नवीनीकरण से जुड़े अपॉइंटमेंट रद्द किए जाने के बाद अनेक भारतीय पेशेवर भारत में ही अटक गए हैं। US Visa News</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें से अधिकांश लोग लंबे समय से अमेरिका में रहकर काम कर रहे हैं और इसी महीने अपने कार्य वीज़ा के नवीनीकरण के लिए भारत आए थे। लेकिन उन्हें ई-मेल के माध्यम से यह सूचना दी गई कि “प्रशासनिक कारणों” और कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा परीक्षणों की आवश्यकता के चलते उनकी नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नीति में हुए अचानक बदलाव के कारण 15 से 26 दिसंबर के बीच बड़ी संख्या में उच्च-कौशल कर्मचारियों के वीज़ा अपॉइंटमेंट निरस्त किए गए। आव्रजन विशेषज्ञों का कहना है कि इस अप्रत्याशित कदम से कई लोगों की निजी और पेशेवर ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिन कर्मचारियों के वीज़ा की अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें अपनी नौकरी खोने का भी डर सता रहा है। ह्यूस्टन स्थित एक इमिग्रेशन लॉ फर्म से जुड़े वकीलों के मुताबिक, उनके ही सौ से अधिक क्लाइंट भारत में फंसे हुए हैं और अमेरिका लौटने को लेकर कोई स्पष्ट समय-सीमा सामने नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अचानक बदलाव की वजह क्या है? | US Visa News</h3>
<p style="text-align:justify;">यह स्थिति एच-1बी वीज़ा व्यवस्था को लेकर अमेरिकी प्रशासन द्वारा किए गए हालिया सख्त फैसलों के बाद उत्पन्न हुई है। जुलाई में अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की थी कि 2 सितंबर से एच-1बी और एच-4 वीज़ा धारक किसी तीसरे देश या ऑनलाइन माध्यम से नवीनीकरण नहीं करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने मूल देश में ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद सितंबर में नए एच-1बी आवेदनों के लिए भारी शुल्क तय किया गया। दिसंबर की शुरुआत में प्रशासन ने एच-1बी और एच-4 वीज़ा धारकों की गहन जांच के नए नियम लागू किए, जिनमें सोशल मीडिया और डिजिटल गतिविधियों की समीक्षा भी शामिल है। अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कदम बताते हुए कहा कि अमेरिकी वीज़ा एक अधिकार नहीं, बल्कि विशेष अनुमति है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब अपॉइंटमेंट कब मिलेंगे? US Visa News</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में अधिकांश वीज़ा नवीनीकरण की नई तारीखें मार्च से जून के बीच दी जा रही हैं। कुछ मामलों में तो आवेदकों को कई वर्षों बाद की तारीख भी मिल रही है। इस कारण एच-1बी कार्यक्रम, जो वर्षों से उच्च-कौशल विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने का अवसर देता रहा है, एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है। जहां कुछ दक्षिणपंथी समूह इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, वहीं तकनीकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां इसे आवश्यक बताते हुए इसका समर्थन कर रही हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सबसे अधिक असर किस पर?</h3>
<p style="text-align:justify;">इन फैसलों का सबसे गहरा प्रभाव उन मध्य-स्तरीय तकनीकी पेशेवरों पर पड़ा है, जो वर्षों से अमेरिका में बसे हुए हैं। वापस न लौट पाने के कारण वे अपनी कंपनियों के साथ वैकल्पिक कार्य व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं। कई परिवार कठिन निर्णयों के दौर से गुजर रहे हैं—कुछ माता-पिता बच्चों की पढ़ाई को लेकर असमंजस में हैं, तो कुछ परिवार अस्थायी रूप से अलग रहने को मजबूर हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी आव्रजन एजेंसी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। बड़ी तकनीकी कंपनियां लंबे समय से इन कुशल पेशेवरों पर निर्भर रही हैं, जिससे यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है। US Visa News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 19:55:36 +0530</pubDate>
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                <title>US Visa: अमेरिकी वीज़ा नियम हुए सख्त, सोशल मीडिया जांच अनिवार्य की</title>
                                    <description><![CDATA[US Visa Rules: जैसे-जैसे अमेरिका अपनी वीज़ा नीति को और कठोर बना रहा है, वैसे-वैसे वीज़ा प्रक्रिया भी पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल होती जा रही है। अब वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, जिससे त्वरित रूप से अमेरिकी वीज़ा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-visa-rules-have-become-stricter-social-media-checks-are-now-mandatory/article-79179"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/us-visa-policy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">US Visa Rules: जैसे-जैसे अमेरिका अपनी वीज़ा नीति को और कठोर बना रहा है, वैसे-वैसे वीज़ा प्रक्रिया भी पहले की तुलना में कहीं अधिक जटिल होती जा रही है। अब वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, जिससे त्वरित रूप से अमेरिकी वीज़ा मिलना बेहद कठिन हो गया है। US Visa</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इमिग्रेशन मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता ब्रैड बर्नस्टीन का कहना है कि यह सख्ती मुख्य रूप से H-1B और H-4 वीज़ा श्रेणियों पर केंद्रित है, लेकिन छात्र वीज़ा और अन्य अस्थायी (नॉन-इमिग्रेंट) वीज़ा आवेदक भी इसकी जद में आ रहे हैं। उनके अनुसार, इमिग्रेशन अधिकारी अब आवेदकों के सोशल मीडिया खातों की सूक्ष्मता से समीक्षा करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की असंगति या विरोधाभास का पता लगाया जा सके। यदि किसी आवेदक की प्रोफाइल निजी (लॉक) पाई जाती है, तो उसका वीज़ा आवेदन अस्वीकृत होने की आशंका बढ़ जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वीज़ा आवेदक से जुड़े सभी प्रमुख सोशल मीडिया मंचों—जैसे इंस्टाग्राम, टिकटॉक, फेसबुक, एक्स, लिंक्डइन, स्नैपचैट आदि—की पड़ताल करें। इसके अलावा, इंटरनेट पर उपलब्ध आवेदक से संबंधित रिज़्यूमे, ब्लॉग, लेख, या यूट्यूब पर की गई टिप्पणियां भी जांच के दायरे में होंगी। इमिग्रेशन विशेषज्ञों का सुझाव है कि वीज़ा के इच्छुक उम्मीदवार स्वयं अपने नाम को इंटरनेट पर खोजें, ताकि यह समझ सकें कि सार्वजनिक रूप से उनके बारे में क्या जानकारी उपलब्ध है। साथ ही, वीज़ा साक्षात्कार से पहले अपने ऑनलाइन प्रोफाइल में मौजूद किसी भी प्रकार की विसंगति को ठीक कर लेना चाहिए। US Visa</p>
<h3>”कहीं आवेदक स्थायी रूप से अमेरिका में बसने का इरादा तो नहीं रखता”</h3>
<p style="text-align:justify;">बर्नस्टीन के अनुसार, अधिकारी इस बात के संकेत खोजते हैं कि कहीं आवेदक स्थायी रूप से अमेरिका में बसने का इरादा तो नहीं रखता। अमेरिका के प्रति शत्रुतापूर्ण टिप्पणियां, चरमपंथी संगठनों के प्रति सहानुभूति, संदिग्ध कार्यों का इतिहास, या आवेदन के बाद पोस्ट हटाने जैसे संकेत नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदक ने वीज़ा फॉर्म में स्वयं को पूर्णकालिक छात्र बताया है, लेकिन उसके लिंक्डइन प्रोफाइल पर फ्रीलांस कार्य या अन्य रोजगार दर्शाया गया है, तो उसकी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ जाती है। इसी प्रकार, सोशल मीडिया पर अमेरिका में स्थायी रूप से रहने की इच्छा जताने वाले बयान भी इमिग्रेंट इरादे के प्रमाण माने जा सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वीज़ा आवेदन जमा करने के बाद किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सामग्री हटाना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे संदेह और गहरा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 15 दिसंबर से अमेरिकी दूतावासों और कांसुलर कार्यालयों को वीज़ा आवेदकों के सोशल मीडिया खातों की अनिवार्य जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके प्रभावस्वरूप, दिसंबर के उत्तरार्ध में निर्धारित कई वीज़ा अपॉइंटमेंट्स को अगले वर्ष मार्च के बाद के लिए स्थगित कर दिया गया है, जिससे अनेक H-1B उम्मीदवार अनिश्चित स्थिति में भारत में ही प्रतीक्षा करने को मजबूर हो गए हैं। US Visa</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 10:21:51 +0530</pubDate>
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