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                <title>EPFO New Scheme - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>EPFO New Scheme: EPFO जल्द कर सकता है बड़ा बदलाव, 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[EPFO New Scheme: अनु सैनी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने नियमों में एक बड़ा सुधार करने की तैयारी में है, जिससे देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, EPFO अनिवार्य भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत शामिल होने के लिए वेतन सीमा में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/epfo-may-soon-make-a-major-change/article-79449"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/epfo-new-scheme.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>EPFO New Scheme: अनु सैनी।</strong> कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने नियमों में एक बड़ा सुधार करने की तैयारी में है, जिससे देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों को सीधा फायदा मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, EPFO अनिवार्य भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत शामिल होने के लिए वेतन सीमा में महत्वपूर्ण वृद्धि पर विचार कर रहा है। अभी तक PF और EPS के लिए सैलरी सीमा ₹15,000 प्रति माह तय है, लेकिन इसे बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कई वर्षों में इस न्यूनतम सीमा को समय-समय पर बढ़ाया गया है। एक समय यह सीमा केवल ₹6,500 थी, जिसे अब बदलने की जरूरत बढ़ती महंगाई और बदलते रोजगार मानकों को देखते हुए महसूस की जा रही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कौन होगा लाभान्वित? <strong>EPFO New Scheme</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">EPFO की इस संभावित बढ़ोतरी का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी सैलरी ₹15,000 से थोड़ी ज्यादा है। वर्तमान नियमों के कारण ये कर्मचारी PF और EPS की अनिवार्य कवरेज से बाहर हो जाते हैं। ऐसे में वे नियोक्ता पर निर्भर रहते हैं कि वे उन्हें PF के तहत रजिस्टर करें या नहीं।<br />
इस प्रस्ताव के लागू होने पर अनुमानित 1 करोड़ से अधिक कर्मचारी सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट लाभों के दायरे में आ जाएंगे। इससे देश के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सचिव एम. नागराजू ने उठाया मुद्दा</h4>
<p style="text-align:justify;">वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने हाल ही में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ये चिंता की बात है कि ₹15,000 से थोड़ी अधिक कमाने वाले कई कर्मचारी पेंशन सुरक्षा से वंचित हैं।<br />
उन्होंने यह भी कहा कि इतनी कम आय में लोगों के पास कोई सुनिश्चित पेंशन नहीं रहती, और उन्हें बुजुर्गावस्था में अपने परिवार पर निर्भर होना पड़ता है। इसलिए इस सीमा को आधुनिक आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार अपडेट करना बेहद जरूरी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मौजूदा नियम क्या कहते हैं?</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में EPF और EPS के नियमों के अनुसार:-केवल वही कर्मचारी अनिवार्य रूप से PF और पेंशन योजना के तहत आते हैं जिनकी बेसिक सैलरी ₹15,000 या उससे कम होती है। यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹15,000 से थोड़ी भी ज्यादा है, तो वह इस अनिवार्य प्रावधान से बाहर हो सकता है। ऐसे में नियोक्ता के लिए उसका PF काटना अनिवार्य नहीं होता। इसी वजह से लाखों कर्मचारी, विशेषकर निजी क्षेत्र में काम करने वाले, औपचारिक रिटायरमेंट प्लानिंग और सामाजिक सुरक्षा से दूर रह जाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">सीमा बढ़ने पर कर्मचारियों और नियोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?</h5>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों पर असर:- बेसिक सैलरी बढ़ने पर PF का हिस्सा भी बढ़ेगा।<br />
अधिक PF कटने से रिटायरमेंट के समय मिलने वाली एकमुश्त राशि (लम्प सम) में वृद्धि होगी। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में भी अधिक योगदान जाएगा, जिससे भविष्य में मिलने वाली पेंशन राशि बढ़ सकती है। PF एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए कर्मचारियों की बचत की राशि मजबूत होगी।</p>
<h5 style="text-align:justify;">नियोक्ताओं पर असर:-</h5>
<p style="text-align:justify;">नियोक्ताओं की प्रति कर्मचारी लागत बढ़ेगी।<br />
उन्हें अपने कर्मचारियों के लिए अधिक PF योगदान देना होगा।<br />
हालांकि, लंबे समय से ट्रेड यूनियनों का तर्क है कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है और उनके हित में है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्यों किया जा रहा है बदलाव का प्रस्ताव?</h4>
<p style="text-align:justify;">ट्रेड यूनियनें कई वर्षों से इस सीमा में बढ़ोतरी की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई, बदलती आर्थिक परिस्थिति और निजी क्षेत्र के वेतन ढांचे के मुकाबले ₹15,000 की सीमा बहुत कम है। इसके साथ ही, देश में अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों की बड़ी संख्या के कारण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा बढ़ाना आवश्यक है। इस बदलाव से लाखों कर्मचारियों को वह सुरक्षा मिलेगी जिसकी उन्हें लंबे समय से आवश्यकता है।<br />
आगे क्या?<br />
जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव पर चर्चा अगले साल की शुरुआत में होने वाली केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की बैठक में की जा सकती है। यदि CBT इस पर अपनी मंजूरी देता है, तो यह बदलाव लाखों कर्मचारियों के जीवन में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।<br />
EPFO द्वारा PF और पेंशन की अनिवार्य सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 करने का प्रस्ताव, कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा बल्कि भविष्य में उनकी आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। यह बदलाव श्रमिक हितों को मजबूत करने, रिटायरमेंट बचत को बढ़ाने और देश में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 13:08:00 +0530</pubDate>
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