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                <title>US Visa News - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>H-1B Visa News Update: H-1B वीज़ा पर ट्रंप की सख्ती! प्रवासियों को सताई निर्वासन की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[H-1B Visa News Update: वॉशिंगटन। एच-1बी वीज़ा शुल्क में वृद्धि और ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों के बीच प्रवासियों में भय और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के सहयोग से कैसर फैमिली फाउंडेशन (केएफएफ) द्वारा किए गए वर्ष 2025 के प्रवासी सर्वेक्षण में सामने आया है कि 22 प्रतिशत प्रवासियों का कहना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trumps-crackdown-on-h-1b-visas-immigrants-worried-about-deportation/article-79906"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/h-1-visa-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">H-1B Visa News Update: वॉशिंगटन। एच-1बी वीज़ा शुल्क में वृद्धि और ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों के बीच प्रवासियों में भय और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के सहयोग से कैसर फैमिली फाउंडेशन (केएफएफ) द्वारा किए गए वर्ष 2025 के प्रवासी सर्वेक्षण में सामने आया है कि 22 प्रतिशत प्रवासियों का कहना है कि वे ऐसे किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, जिसे जनवरी में ट्रंप के दोबारा पदभार संभालने के बाद आव्रजन से जुड़े कारणों में गिरफ्तार किया गया, हिरासत में लिया गया या देश से बाहर भेज दिया गया। H-1B Visa News</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वे के निष्कर्षों के अनुसार, जिन लोगों को प्रभावित व्यक्तियों की जानकारी है, उनमें से अधिकांश का कहना है कि उन लोगों ने कोई गंभीर आपराधिक कृत्य नहीं किया था। इसके साथ ही 41 प्रतिशत प्रवासियों ने आशंका जताई कि उन्हें या उनके परिवार के किसी सदस्य को हिरासत या निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। यह आंकड़ा वर्ष 2023 में दर्ज 26 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक है।</p>
<h3>यह चिंता सबसे अधिक बिना वैध दस्तावेज़ वाले प्रवासियों में देखी</h3>
<p style="text-align:justify;">हालांकि यह चिंता सबसे अधिक बिना वैध दस्तावेज़ वाले प्रवासियों में देखी गई, जहां 75 प्रतिशत लोगों ने डर व्यक्त किया, लेकिन उल्लेखनीय वृद्धि कानूनी रूप से रह रहे प्रवासियों और नागरिकता प्राप्त नागरिकों में भी दर्ज की गई। केएफएफ सर्वे के अनुसार, कानूनी प्रवासियों में यह चिंता 33 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि नागरिकता प्राप्त नागरिकों में यह 12 प्रतिशत से बढ़कर 31 प्रतिशत हो गई। H-1B Visa News</p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिलाकर, 53 प्रतिशत प्रवासियों—जिनमें बड़ी संख्या में कानूनी निवासी और नागरिकता प्राप्त लोग भी शामिल हैं—को इस बात पर भरोसा नहीं है कि आव्रजन से जुड़े आरोपों की स्थिति में अमेरिकी न्याय प्रणाली उनके या उनके परिजनों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वे में यह भी सामने आया कि लगभग हर दस में से तीन प्रवासियों ने आव्रजन अधिकारियों की जांच से बचने के लिए अपनी यात्रा योजनाएं रद्द कर दीं। यह प्रवृत्ति बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों में सबसे अधिक रही, जहां 63 प्रतिशत लोगों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की यात्राओं से दूरी बनाए रखने की बात कही। यह सतर्कता केवल इसी वर्ग तक सीमित नहीं रही—32 प्रतिशत एच-1बी वीज़ा धारकों और 15 प्रतिशत नागरिकता प्राप्त नागरिकों ने भी यात्रा टालने की जानकारी दी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">एच-1बी वीज़ा व्यवस्था में बदलाव | H-1B Visa News</h3>
<p style="text-align:justify;">दिसंबर 2025 में अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने घोषणा की कि एच-1बी वीज़ा आवंटन के लिए अब तक लागू यादृच्छिक लॉटरी प्रणाली को हटाकर एक वेटेड चयन प्रणाली लाई जाएगी। इस नई व्यवस्था में अधिक वेतन पाने वाले और उच्च कौशल वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं द्वारा जारी अंतिम नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा और आगामी एच-1बी कैप पंजीकरण चक्र पर प्रभावी रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम रोजगार आधारित आव्रजन का एक प्रमुख आधार माना जाता है, जिसके माध्यम से अमेरिकी कंपनियां विशेष तकनीकी और पेशेवर भूमिकाओं के लिए उच्च शिक्षित विदेशी विशेषज्ञों की भर्ती करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले सितंबर में ट्रंप ने आवेदन शुल्क बढ़ाने से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। उनका तर्क था कि यह कदम कार्यक्रम के दुरुपयोग को रोकने और अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति अमेरिका की पारंपरिक आव्रजन सोच से अलग दिशा का संकेत देती है, क्योंकि लंबे समय से यह देश बेहतर अवसरों और स्वतंत्रता की तलाश में आने वाले विभिन्न देशों और पृष्ठभूमियों के लोगों के लिए एक प्रमुख गंतव्य रहा है। H-1B Visa News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 14:52:35 +0530</pubDate>
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                <title>US Visa News: वीज़ा रिन्यूअल कराने भारत आए कर्मचारी अब भारत में ही फंसे, जानें अब अपॉइंटमेंट कब मिलेंगे?</title>
                                    <description><![CDATA[H-1B Visa Renewal: नई दिल्ली। वर्षांत छुट्टियों के बीच सैकड़ों भारतीय एच-1बी वीज़ा धारकों के लिए यह समय भारी असमंजस और चिंता का कारण बन गया है। अमेरिका स्थित दूतावासों द्वारा अचानक वीज़ा नवीनीकरण से जुड़े अपॉइंटमेंट रद्द किए जाने के बाद अनेक भारतीय पेशेवर भारत में ही अटक गए हैं। US Visa News इनमें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/h-1b-employees-who-came-to-india-for-visa-renewal-are-now-stranded-in-india-after-their-appointments-were-canceled/article-79476"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/h-b1-visa-reneval.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">H-1B Visa Renewal: नई दिल्ली। वर्षांत छुट्टियों के बीच सैकड़ों भारतीय एच-1बी वीज़ा धारकों के लिए यह समय भारी असमंजस और चिंता का कारण बन गया है। अमेरिका स्थित दूतावासों द्वारा अचानक वीज़ा नवीनीकरण से जुड़े अपॉइंटमेंट रद्द किए जाने के बाद अनेक भारतीय पेशेवर भारत में ही अटक गए हैं। US Visa News</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें से अधिकांश लोग लंबे समय से अमेरिका में रहकर काम कर रहे हैं और इसी महीने अपने कार्य वीज़ा के नवीनीकरण के लिए भारत आए थे। लेकिन उन्हें ई-मेल के माध्यम से यह सूचना दी गई कि “प्रशासनिक कारणों” और कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा परीक्षणों की आवश्यकता के चलते उनकी नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नीति में हुए अचानक बदलाव के कारण 15 से 26 दिसंबर के बीच बड़ी संख्या में उच्च-कौशल कर्मचारियों के वीज़ा अपॉइंटमेंट निरस्त किए गए। आव्रजन विशेषज्ञों का कहना है कि इस अप्रत्याशित कदम से कई लोगों की निजी और पेशेवर ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिन कर्मचारियों के वीज़ा की अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें अपनी नौकरी खोने का भी डर सता रहा है। ह्यूस्टन स्थित एक इमिग्रेशन लॉ फर्म से जुड़े वकीलों के मुताबिक, उनके ही सौ से अधिक क्लाइंट भारत में फंसे हुए हैं और अमेरिका लौटने को लेकर कोई स्पष्ट समय-सीमा सामने नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अचानक बदलाव की वजह क्या है? | US Visa News</h3>
<p style="text-align:justify;">यह स्थिति एच-1बी वीज़ा व्यवस्था को लेकर अमेरिकी प्रशासन द्वारा किए गए हालिया सख्त फैसलों के बाद उत्पन्न हुई है। जुलाई में अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की थी कि 2 सितंबर से एच-1बी और एच-4 वीज़ा धारक किसी तीसरे देश या ऑनलाइन माध्यम से नवीनीकरण नहीं करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने मूल देश में ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद सितंबर में नए एच-1बी आवेदनों के लिए भारी शुल्क तय किया गया। दिसंबर की शुरुआत में प्रशासन ने एच-1बी और एच-4 वीज़ा धारकों की गहन जांच के नए नियम लागू किए, जिनमें सोशल मीडिया और डिजिटल गतिविधियों की समीक्षा भी शामिल है। अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कदम बताते हुए कहा कि अमेरिकी वीज़ा एक अधिकार नहीं, बल्कि विशेष अनुमति है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब अपॉइंटमेंट कब मिलेंगे? US Visa News</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में अधिकांश वीज़ा नवीनीकरण की नई तारीखें मार्च से जून के बीच दी जा रही हैं। कुछ मामलों में तो आवेदकों को कई वर्षों बाद की तारीख भी मिल रही है। इस कारण एच-1बी कार्यक्रम, जो वर्षों से उच्च-कौशल विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में काम करने का अवसर देता रहा है, एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है। जहां कुछ दक्षिणपंथी समूह इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं, वहीं तकनीकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां इसे आवश्यक बताते हुए इसका समर्थन कर रही हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सबसे अधिक असर किस पर?</h3>
<p style="text-align:justify;">इन फैसलों का सबसे गहरा प्रभाव उन मध्य-स्तरीय तकनीकी पेशेवरों पर पड़ा है, जो वर्षों से अमेरिका में बसे हुए हैं। वापस न लौट पाने के कारण वे अपनी कंपनियों के साथ वैकल्पिक कार्य व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं। कई परिवार कठिन निर्णयों के दौर से गुजर रहे हैं—कुछ माता-पिता बच्चों की पढ़ाई को लेकर असमंजस में हैं, तो कुछ परिवार अस्थायी रूप से अलग रहने को मजबूर हो गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी आव्रजन एजेंसी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। बड़ी तकनीकी कंपनियां लंबे समय से इन कुशल पेशेवरों पर निर्भर रही हैं, जिससे यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है। US Visa News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 19:55:36 +0530</pubDate>
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