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                <title>Virus - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>महामारीमुक्त भविष्य के लिए चमगादड़ों को उनके प्राकृतिक प्रवासों में रहने देना होगा: अध्ययन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर हम चमगादड़ों को अकेला छोड़ दें और उन्हें उनके प्राकृतिक वास में ही रहने दें तो महामारी (Epidemic) की आशंका को कम कर सकते हैं। ‘द लांसेट प्लेनेटरी हेल्थ’ पत्रिका में इस संबंध में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ है। वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी (डब्ल्यूसीएस), यूएस के साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bats-are-the-source-of-dangerous-virus/article-48597"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/chamgadar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर हम चमगादड़ों को अकेला छोड़ दें और उन्हें उनके प्राकृतिक वास में ही रहने दें तो महामारी (Epidemic) की आशंका को कम कर सकते हैं। ‘द लांसेट प्लेनेटरी हेल्थ’ पत्रिका में इस संबंध में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन सोसाइटी (डब्ल्यूसीएस), यूएस के साथ मिलकर शोध करने वाले कॉरनेल यूनिवर्सिटी, अमेरिका के शोधकतार्ओं ने कहा कि हम नहीं जानते कि चमगादड़ के वायरस का सटीक तरीके से कैसे पता लगाया जा सकता है जिसकी वजह से कोविड-19 महामारी आई और 2003 में सार्स कोरोना वायरस महामारी आई। (Epidemic)</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="म्यांमार में भूकंप से दो लोगों की मौत" href="http://10.0.0.122:1245/earthquake-kills-two-in-myanmar/">म्यांमार में भूकंप से दो लोगों की मौत</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">इन खतरनाक वायरसों का स्त्रोत हैं चमगादड़ (Epidemic)</h3>
<p style="text-align:justify;">चमगादड़ों को रेबीज, मारबर्ग फिलोवायरस, हेंड्रा और निपाह पैरामाइक्सोवायरस, मिडल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (एमईआरएस) कोरोना वायरस जैसे विषाणुओं का स्रोत माना जाता है और फ्रूट बैट (एक प्रकार का चमगादड़) को इबोला वायरस का स्रोत माना जाता है। शोधकतार्ओं ने कहा कि यह विश्लेषण वैश्विक रूप से मानवता के मूल्य को रेखांकित करता है कि हम चमगादड़ों से डरें नहीं या उन्हें हटाने या मारने की कोशिश नहीं करें क्योंकि ये सभी गतिविधियां सिर्फ उन्हें तितर-बितर करने में ही मददगार होंगी और इससे उनके जहां-तहां प्रसारित होने में मदद मिलेगी। Epidemic</p>
<h3 style="text-align:justify;">खतरनाक वायरस पशुओं से आते हैं इंसानों में | (Epidemic)</h3>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वास्तव में खतरनाक वायरस का पशुओं से मानव में संचरण होता है, ऐसे में मानवता ही एकमात्र वह जरिया है जिससे एक और महामारी के जोखिम को कम किया जा सकता है। डब्ल्यूसीएस की अंतरराष्ट्रीय नीति की उपाध्यक्ष सुजैन लीबरमैन ने कहा, ‘‘आठ अरब लोगों की आबादी वाले विश्व में हम वन्यजीव एवं हमारे आस-पास के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ अपने अंतरसंपर्क को अनदेखा नहीं कर सकते हैं। (Epidemic)</p>
<p style="text-align:justify;">अगर हम पशुओं से होने वाली अगली महामारी नहीं चाहते हैं तो हमें निश्चित रूप से प्रकृति के साथ मानवीय रिश्ते में बदलाव लाना होगा और इसकी शुरूआत चमगादड़ों से की जा सकती है।’’ अध्ययन में प्रकृति विशेष रूप से वन्यजीव एवं खासकर चमगादड़ों के साथ टूटे रिश्ते को बदलने का आह्वान किया गया है। (Epidemic)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 14:56:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका में कोरोना वायरस से भी खतरनाक ‘महामारी’, जानें क्या है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका में इस सीजन में फ्लू से रिकॉर्ड साढ़े चार हजार लोगों की मौत लॉस एंजिलिस (एजेंसी)। अमेरिका में इस मौसम में फ्लू से अब तक कम से कम 87 लाख लोग पीड़ित हुये हैं जिनमें 78,000 को अस्पताल में भर्ती किया गया और 4,500 की मौत हुई हैं। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/influenza-virus-in-america/article-40608"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/influenza-virus.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>अमेरिका में इस सीजन में फ्लू से रिकॉर्ड साढ़े चार हजार लोगों की मौत</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>लॉस एंजिलिस (एजेंसी)।</strong> अमेरिका में इस मौसम में फ्लू से अब तक कम से कम 87 लाख लोग पीड़ित हुये हैं जिनमें 78,000 को अस्पताल में भर्ती किया गया और 4,500 की मौत हुई हैं। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने दी है। सीडीसी के मुताबिक मौसमी इन्फ्लूएंजा तेजी से फैल रहा है और पूरे देश में बढ़ता जा रहा है। छब्बीस नवंबर को समाप्त नवीनतम सप्ताह में अमेरिका में फ्लू से लगभग 20 हजार मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली थी। पिछले सप्ताह की तुलना में इस सप्ताह में फ्लू से अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई। सीडीसी के अनुसार देश में इस मौसम में इस फ्लू से कम से कम 14 बच्चों मौतें हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कैसा है अमेरिका में हड़कंप मचाने वाला वायरस</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका में फैला वायरस कोई नए तरह का वायरस नहीं है। ये इंफ्लुएंजा का वायरस है। अमेरिका में इंफ्लुएंजा महामारी का रूप ले चुका है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 2019-20 का सीजन इंफ्लुएंजा के लिहाज से पिछले एक दशक में सबसे खराब रहा है। सिर्फ इंफ्लुएंजा की वजह से अमेरिका में एक सीजन में 8200 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ एलर्जी एंड इंफेक्शन डिजीज की रिपोर्ट के मुताबिक फ्लू सीजन में एक लाख 40 हजार मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए। इन सबको फ्लू की समस्या थी। बताया जा रहा है कि इससे पीड़ित मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/news-brief/influenza-virus-in-america/article-40608</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Dec 2022 11:20:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिंताजनक: चमगादड़ में मिला कोविड जैसा नया वायरस, लोगों में फैला तो मच सकती है तबाही</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई। बहुत से देश आज भी कोरोना की चपेट में है। इस बीच वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दक्षिणी चीन में चमगादड़ों में कोरोना जैसा वायरस पाया गया है। इस वायरस में खतरनाक बात यह है कि यह पांच में से एक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/new-virus-like-covid-found-in-bats/article-40214"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/bats-virus.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई। बहुत से देश आज भी कोरोना की चपेट में है। इस बीच वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दक्षिणी चीन में चमगादड़ों में कोरोना जैसा वायरस पाया गया है। इस वायरस में खतरनाक बात यह है कि यह पांच में से एक इन्सान में फैलने की क्षमता रखता है। इस वायरस को बीटीएसबाई2 के नाम से जाना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह एसएआरएस-सीओवी-2 से संबंधित है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह चीन युनान प्रांत में चमगादड़ों में मिले उन 5 खतरनाक वाले वायरसों में एक है जो लोगों और पशुओं में कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है। वहीं वैज्ञानिकों की टीम ने कई संभावित नए पशुजन्यरोग के बारे में भी जानकारी दी है, जो जानवरों से लोगों में फैलते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है रिपोर्ट में</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार, इस रिसर्च को शेन्जेन स्थिन सन यात सेन यूनिवर्सिटी, युनान इंस्टीयूट आॅफ एंडेमिक डिजीज कंट्रोल और सिडनी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने किया था। अभी इस रिसर्च की समीक्षा होना बाकी है। टीम के अनुसार, हमेने पांच वायरस प्रजातियों की पहचान की है, जो मनुष्यों और पशुओं के लिए रोगजनक हो सकती है। इसमें एक सार्स जो कोरोनावायरस जैसा है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Nov 2022 12:34:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन में ‘कोरोना’ की महामारी से क्या भारत है सतर्क?</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना विषाणुओं का एक समूह है, जिसमें केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते पहले सर्दी-जुकाम होता है। जबकि’सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स)’ एकऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रभाव से वर्ष 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हुई थी। डब्ल्यूएचओ की मानें तो कोरोना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/is-india-cautious-of-the-corona-epidemic-in-china/article-12952"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/corona.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">कोरोना विषाणुओं का एक समूह है, जिसमें केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते पहले सर्दी-जुकाम होता है। जबकि’सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स)’ एकऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रभाव से वर्ष 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हुई थी। डब्ल्यूएचओ की मानें तो कोरोना वायरस एक जुनोटिक है जो जानवरों के माध्यम से मानव में फैलता है लेकिन अब तो यह मानव से ही मानव में फैलने लगा है।</h3>
<h2>
मुरली मनोहर श्रीवास्तव</h2>
<h4 style="text-align:justify;">दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश चीन में कोरोना वायरस से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आंकड़ों की गिनती लगातार बढ़ रही है। चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने से चीन सरकार चिंतित है। इसको रोकने के लिए लगातार काम कर रही है। मगर इसका सिलसिला थमने की बजाए बढ़ता ही जा रही है। इस विषाणु से संक्रमित होने के अब तक करीब 30 हजार से ज्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है। चीन में लूनर नववर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों ने जब तक इस वायरस की पहचान की, तब तक चीन में लूनर नववर्ष आ गया। बड़ी संख्या में चीन के लोग अपने रोजगार से छुट्टी लेकर घरों को लौटे। 24 जनवरी से शुरू हुआ लूनर नववर्ष और बड़ी संख्या में चीन के लोग एक जगह से दूसरी जगह आने जाने लगे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका इंज्वॉय उनके लिए मौत की सौगात लेकर आएगा। चीन की खुशियां मातम में बदलने लगी। चीन से होते हुए कोरोना वायरस भारत के केरल और अन्य जगहों पर जा पहुंचा। इसको लेकर देश में भी चिंता की लकीरें खिंच गईं। इसमें भी सबसे ज्यादा बिहार जहां चीनी बौद्ध भिक्षुओं के लिए बोधगया प्रमुख तीर्थस्थलों में है।</h4>
<h3 style="text-align:justify;">बोधगया के पर्यटन पर भी पड़ रहा है असर</h3>
<h4 style="text-align:justify;">चीन से पूरी दुनिया में फैलने वाला कोरोना वायरस से बौद्ध तीर्थस्थली बोधगया में इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है। पर्यटन के लिहाज से बोधगया के लिए यह सीजन पर्यटकों के लिए बेहतर माना जाता है। बोधगया आने वाले दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के श्रद्धालुओं के पांव थम गये हैं और वे अपनी यात्रा को रद्द कराने में जुट गये हैं। इस वायरस के भय से चीन, ताइवान, वियतनाम, सिंगापुर, हांगकांग आदि देशों के पर्यटक व बौद्ध श्रद्धालु शामिल यहां आने से कतरा रहे हैं। हालांकि राज्य में पर्यटन के उद्देश्य से बुद्ध सर्किट से जुड़े पर्यटन स्थलों पर चीन व उसके सीमावर्ती देशों से आने वाले सैलानियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावे पटना और बोधगया एयरपोर्ट पर विशेष नजर रखी जा रही है।क्योंकि इन जगहों पर चीन और उसके आसपास के देशों से बड़ी संख्या में बौद्ध धर्मस्थलों का दर्शन करने के लिए पर्यटक आया करते हैं। ऐसी स्थिति में उनके साथ वायरस आने का खतरा बना रहता है।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">वहीं दूसरे पहलू पर गौर करें तो पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को इस वायरस की वजह से पर्यटकों के नहीं आने से करोड़ों रुपये का नुकसान जरुर होगा। कोरोना वायरस के कारण लोग अपनी बोधगया की यात्रा रद्द कर रहे हैं। दलाई लामा की बोधगया में मौजूदगी के कारण चीन व ताइवान जैसे देशों से श्रद्धालु यहां नहीं पहुंच पाए थे। जब दलाई लामा की वापसी हुई तो पर्यटक कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए श्रद्धालु यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। गया और राजगीर में चीन से आने वाले बौध धर्म से जुड़े पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है। साथ ही इससे बचाव को लेकर सभी जिलों और स्वास्थ्य संस्थानों को एडवाइजरी (दिशा-निर्देश) भी जारी किया गया है।जानकारी के अनुसार राज्य में पर्यटन के उद्देश्य से बुद्ध सर्किट से जुड़े पर्यटन स्थलों पर चीन व उसके सीमावर्ती देशों से आने वाले सैलानियों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इनमें पटना व बोधगया हवाईअड्डा पर भी विशेष रूप से नजर रखने को कहा गया है। इन स्थलों पर चीन व उसके आसपास के देशों से बड़ी संख्या में बौद्ध धर्मस्थलों का दर्शन करने के लिए सैलानी आते हैं। उनके साथ वायरस आने का खतरा है।</h4>
<h3 style="text-align:justify;">चीन में महामारी कैसे फैलती है</h3>
<h4 style="text-align:justify;">कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन ने एहतियात के तौर पर कई उपाय किए हैं। मगर इस बीमारी से मरने वाले और पीड़ितों की संख्या में इजाफा तेजी से हो रहा है। चीन के कई बड़े शहरों में घर से बाहर साथ भोजन करने पर रोक लगाई गई है, बड़ी इमारतों में लिफ़्ट बंद कर दी गई हैं, साथ ही कितने लोग एक समय में साथ बाहर जा सकते हैं, इसकी सीमा तय की गई है। बात इतनी भयावह हो चुकी है कि चीन के कुछ शहरों से मास्क तक खत्म हो चुकी है। इस वायरस के फैलने को देखते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने चीन से आने जाने वाली सभी विमानों को तत्काल सेवा से हटा दिया है। साथ ही अगली सूचना जारी नहीं होने तक चीन नहीं जाने की सलाह दे चुके हैं।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">चीन में फैली इस महामारी के पीछे विशेषज्ञों का मानना है कि चीन से नई-नई बीमारियों के फैलने की बड़ी वजह वहां का फूड मार्केट है। चीन के शहरों में फल-सब्जी से लेकर मीट के मार्केट फैले हुए हैं। चीन के मांस के मार्केट नई बीमारियों की जड़ बनते जा रहे हैं। इस मसले पर विशेषज्ञ बताते हैं कि मीट मार्केट में जानवरों के मांस और ब्लड का ह्यूमन बॉडी से संपर्क होता रहता है, यही वजह है कि वायरस फैली। खासकर हाईजीन में थोड़ी भी चूक वायरस के फैलने में मददगार साबित होती है।</h4>
<h3 style="text-align:justify;">कोरोना विषाणु के लिए वैक्सिन बनाएंगे भारतीय वैज्ञानिक</h3>
<h4 style="text-align:justify;">कोरोना विषाणुओं का एक समूह है, जिसमें केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते पहले सर्दी-जुकाम होता है। जबकि’सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स)’ एकऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रभाव से वर्ष 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हुई थी। डब्ल्यूएचओ की मानें तो कोरोना वायरस एक जुनोटिक है जो जानवरों के माध्यम से मानव में फैलता है लेकिन अब तो यह मानव से ही मानव में फैलने लगा है। इस वायरस को रोकने के लिए भारतीय मूल के वैज्ञानिक एस.एस. वासन के नेतृत्व में एक टीम आस्ट्रेलिया की एक लेबोरेट्री में वायरस का पहला बैच तैयार कर कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रही है।चीन से फैला कोरोना वायरस दर्जनों देशों को अपनी चपेट में ले चुका है।</h4>
<h4 style="text-align:justify;">भारत में भी इसके कुछ संदिग्ध मामले सामने आए हैं। अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और सिंगापुर में भी कोरानावायरस से पीड़ित मरीज मिले हैं। कोरोना वायरस के फैलने से पूरी दुनिया में विमर्श और शोध जारी है। चीन में फैले इस वायरस को लेकर अगर भारत भी अलर्ट नहीं हुआ तो इसकी जद में आने से बड़ा नुक्सान हो सकता है।</h4>
<h4></h4>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/is-india-cautious-of-the-corona-epidemic-in-china/article-12952</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2020 21:45:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Corona virus: राजस्थान-बिहार में कोरोना वायरस का संदिग्ध मामला सामने आया</title>
                                    <description><![CDATA[बीमारी का लक्षण मिलने के बाद संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया | Corona virus जयपुर (एजेंसी)। चीन में तेजी से फैल रहे जानलेवा कोरोना वायरस (Corona virus) को लेकर दुनिया के ज्यादातर देश अलर्ट पर हैं। चीन से भारत आने वाले संदिग्ध लोगों की एयरपोर्ट पर ही जांच की जा रही है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/suspected-case-of-corona-virus-in-rajasthan-bihar/article-12748"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/corona-virus1.jpg" alt=""></a><br /><h2>बीमारी का लक्षण मिलने के बाद संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया | Corona virus</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (एजेंसी)।</strong> चीन में तेजी से फैल रहे जानलेवा कोरोना वायरस (Corona virus) को लेकर दुनिया के ज्यादातर देश अलर्ट पर हैं। चीन से भारत आने वाले संदिग्ध लोगों की एयरपोर्ट पर ही जांच की जा रही है। रविवार को राजस्थान के बाद बिहार में भी कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। बीमारी का लक्षण मिलने के बाद संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चीन में एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद मरीज भारत लौटा है। राजस्थान के स्वास्थय मंत्री रघु शर्मा ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया है कि मरीज को आइसोलेशन वार्ड में तुरंत शिफ्ट किया जाए और परिवार के सदस्यों की जांच भी की जाए। कोरोना वायरस के संदिग्ध छात्र के नमूनों को पुणे की नेशनल वायरोलॉजी लेबोरेटरी में भेजने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। अभी कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बीहर में भी संदिग्ध मामला | Corona virus</h2>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के बाद बिहार की राजधानी पटना में भी कोरोना वायरस के संदिग्ध की पड़चान हुई है। चीन से लौटी एक लड़की को पटना के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि छपरा की रहने वाली लड़की कुछ ही दिन पहले ही चीन से लौटी है। कैरोनो वायरस के समान लक्षण दिखने के बाद उसे छपरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन अब उसका पटना के पीएमसीएच में इलाज चल रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">29 हजार 707 यात्रियों की अब तक जांच</h2>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 137 विमानों के कुल 29 हजार 707 यात्रियों की अब तक जांच की जा चुकी है। चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोची, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता हवाई अड्डों पर लोगों की लगातार थर्मल जांच की जा रही है। बता दें कि पिछले हफ्ते नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद सात भारतीय हवाई अड्डों पर हांगकांग सहित चीन से आने वाले यात्रियों की थर्मल जांच शुरू की थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">चीन में 80 लोगों की मौत</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong> चीन में घातक कोरोना वायरस की चपेट में आने से मरने वालों का आंकड़ा  80 हो गया है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सोमवार को इसके 2,744 मामलों की पुष्टि हुई है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>दूसरे देशों में भी इसके कई मामले सामने आए हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>थाईलैंड में 7, जापान में 3, कोरिया गणराज्य में 3 मामलों की पुष्टि।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> संयुक्त राज्य अमेरिका में 3, वियतनाम में 2, सिंगापुर में 4 मामले सामने आये हैं।<br />
</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>जबकि  मलेशिया में 3, नेपाल में 1, फ्रांस में 3 और ऑस्ट्रेलिया में 4 मामलों की पुष्टि की गई है।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jan 2020 12:24:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Corona virus चपेट में चीन, 25 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[चीन में रहस्यमयी कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। खतरनाक कोरोना वायरस की चपेट में आने से अब तक 25 लोगों की मौत हो गई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/corona-virus-spreads-in-china-killing-25-people/article-12720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/corona-virus.jpg" alt=""></a><br /><h2>अब तक 25 लोगों की मौत हो गई है। जबकि इसके 830 मामलों की पुष्टि की गई है | Corona virus</h2>
<h4>Edited By Vijay Sharma</h4>
<p><strong>बिजिंग (एजेंसी)।</strong> चीन में रहस्यमयी कोरोना वायरस <strong>(Corona virus)</strong> से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि खतरनाक कोरोना वायरस की चपेट में आने से अब तक 25 लोगों की मौत हो गई है। जबकि इसके 830 मामलों की पुष्टि की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक निमोनिया की स्थिति में 25 मौतें हुई हैं। जिसमें से मध्य चीन के हुबेई प्रांत में 24 और उत्तरी चीन के हेबै में एक मौत हुई है। गुरुवार तक चीन के 29 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में कोरोना वायरस (2019-nCoV) के कारण 830 निमोनिया के मामलों की पुष्टि की गई थी। वहीं, भारत इस रहस्यमयी कोरोनावायरस पर बारीकी से निगरानी कर रहा है। बिजिंग में भारतीय दूतावास वुहान में चीनी अधिकारियों के साथ-साथ हुबेई प्रांत में भारतीयों के संपर्क में है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पांच शहरों में आवाजाही पूरी तरह से बंद | Corona virus</h2>
<p style="text-align:justify;">कोरोना वायरस के कारण वुहान समेत पांच शहरों में आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इनमें 75 लाख की आबादी वाले हुआंगगांग, इझोऊ, झिजियांग और कियानजियांग शहर शामिल हैं। गुरुवार से इन पांचों शहरों में सभी तरह के सार्वजनिक परिवहन पर रोक लगा दी गई। सांस लेने में परेशानी का कारण बनने वाला यह वायरस चीन के कई शहरों को अपनी चपेट में लेने के बाद अमेरिका तक पहुंच गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है कोरोना वायरस | Corona virus</h2>
<ul>
<li style="text-align:left;"><strong>कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। </strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। </strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong> मरीजों में आमतौर पर जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार जैसे शुरुआती लक्षण देखे जाते हैं। </strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>इसके बाद ये लक्षण न्यूमोनिया में बदल जाते हैं और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। </strong></li>
<li style="text-align:left;"><strong>अभी तक इस वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं बनी है।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/corona-virus-spreads-in-china-killing-25-people/article-12720</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jan 2020 11:52:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिमाचल में मिले कई मरे चमगादड़, निपाह वायरस का खौफ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। केरल में निपाह वायरस से अब तक 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 15 पीड़ितों का इलाज जारी है।सरकार ने केरल के अलावा 5 अन्य राज्यों में भी निपाह को लेकर सावधानी बरतने के लिए एडवाइजरी और अलर्ट जारी किए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, गोवा, राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना शामिल हैं। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/many-dead-bats-in-himachal-fear-of-nipah-virus/article-3766"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/niphaa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>केरल में निपाह वायरस से अब तक 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 15 पीड़ितों का इलाज जारी है।सरकार ने केरल के अलावा 5 अन्य राज्यों में भी निपाह को लेकर सावधानी बरतने के लिए एडवाइजरी और अलर्ट जारी किए हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, गोवा, राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना शामिल हैं। उधर, हिमाचल में भी ऐसा ही एक मामला नाहन की पंचायत बर्मापापड़ी में सामने आया है । यहां बर्मापापड़ी सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रांगण में एक पेड़ में वर्षों से चमगादड़ रह रहे हैं, लेकिन बुधवार को अचानक ही दर्जनों चमगादड़ मरे हुए पाए गए। मरे चमगादड़ों के ढेर को देखते ही लोगों में सनसनी फैल गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। मृतक चमगादड़ों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह का खुलासा हो पाएगा। अचानक हुई इन चमगादड़ों की मौत पर वन विभाग के डीसी ललित जैन का कहना है कि चमगादड़ों की मौत के बाद इस क्षेत्र में ऐसा वायरस फैल ही नहीं सकता है। क्योंकि चमगादड़ों के मरने से किसी भी प्रकार के संक्रमण फैलने की कोई संभावना नहीं पाई गई है। लोगों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।उन्होंने कहा कि एडीएम एसएस राठौर के नेतृत्व में एक टीम को मौके पर भेज दिया गया है. कहा जा रहा है कि गर्मी के कारण चमागादड़ों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा मृत चमगादड़ों के सैंपल लिए गए। जिसे पूना और जालंधर प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/many-dead-bats-in-himachal-fear-of-nipah-virus/article-3766</link>
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                <pubDate>Thu, 24 May 2018 08:21:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए साइबर हमले से दुनिया भर में नुकसान</title>
                                    <description><![CDATA[ कई देश प्रभावित मास्को। पूरी दुनिया एक बार फिर से साइबर हमले की चपेट में है। ‘वानाक्राई रैनसमवेयर’ जैसे वायरस ने मंगलवार को पूरी दुनिया पर बड़ा साइबर हमला किया। साइबर हमले का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन में हुआ, जहां सरकारी मंत्रालयों, बिजली कंपनियों और बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में बड़ी खराबी आई है। यूक्रेन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/worldwide-loss-from-new-cyber-attack/article-1712"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/cyber.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"> कई देश प्रभावित</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मास्को।</strong> पूरी दुनिया एक बार फिर से साइबर हमले की चपेट में है। ‘वानाक्राई रैनसमवेयर’ जैसे वायरस ने मंगलवार को पूरी दुनिया पर बड़ा साइबर हमला किया। साइबर हमले का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन में हुआ, जहां सरकारी मंत्रालयों, बिजली कंपनियों और बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में बड़ी खराबी आई है। यूक्रेन का सेंट्रल बैंक, सरकारी बिजली वितरक कंपनी, विमान निर्माता कंपनी एंतोनोव और डाक सेवाएं इस हमले से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन की राजधानी कीव की मेट्रो में पेमेंट कार्ड काम नहीं कर रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों का काम-काज रोकना पड़ा है। रूस की शीर्ष तेल उत्पादक कंपनी रोजनेफ्ट समेत कई बड़ी कंपनियों ने भी कहा है कि उनके यहां भी साइबर हमले का असर हुआ है। हालांकि, इस साइबर हमले का असर भारत पर नहीं पड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">माना जा रहा है कि यह हमला यूक्रेन से किया गया है और धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके स्पेन और भारत समेत अन्य देशों में भी फैलने की आशंका है। जो भी देश इसकी चपेट में आए हैं, वहां काफी बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार यह हमला यूक्रेन और रूस में एक ही समय में किया गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जेएनपीटी टर्मिनल का परिचालन प्रभावित हुआ : सरकार</h2>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने इस बात की पुष्टि की कि जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) पर उसके एक टर्मिनल का परिचालन ताजा मालवेयर हमले से प्रभावित हुआ है। एक अधिकारी ने कहा कि जहाजरानी मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि जेएनपीटी के एक टर्मिनल का परिचालन माइरस्क हेग के कार्यालय पर हमले से प्रभावित हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोप पर रैन्समवेयर हमले से पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए अग्रसारी उपाय किए हैं। इस हमले का भारत पर व्यापक पैमाने पर असर देखने को नहीं मिला है। हालांकि जेएनपीटी पोर्ट का एक टर्मिनल ताजा मालवेयर हमले से कुछ प्रभावित हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em> रविशंकर प्रसाद, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री।</em></p>
<h3 style="text-align:justify;">ऐसे करें बचाव</h3>
<p style="text-align:justify;">पुराने विंडोज आॅपरेटिंग जैसे एक्सपी, विंडोज-8 का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे अपडेट कर लें। अनजाने मेल या लॉटरी से संबंधित मेल को खोलने की कोशिश न करें। एंटी वायरस को अपडेट रखें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">300 डॉलर बिटक्वाइन की मांगी फिरौती</h3>
<p style="text-align:justify;">यूक्रेन की एक मीडिया कंपनी ने बताया है कि साइबर हमला करने वालों ने सिस्टम की फाइलों को फिर से अनलॉक करने के लिए 300 डॉलर बिटक्वाइन की मांग की है। अमेरिका में एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 2338 डॉलर है।</p>
<h3>क्या है रैनसमवेयर</h3>
<p style="text-align:justify;">रैनसमवेयर सिस्टम में घुसकर डाटा लॉक कर देता है। उपयोगकर्ता तब तक डाटा तक नहीं पहुंच पाता, जब तक वह फिरौती नहीं देता है।</p>
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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2017 07:30:17 +0530</pubDate>
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