<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/mukh-mantri-sehat-bima-yojana/tag-33758" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Mukh Mantri Sehat Bima Yojana - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/33758/rss</link>
                <description>Mukh Mantri Sehat Bima Yojana RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचारों को ₹51.58 करोड़ की वित्तीय सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[शुरुआत में सामान्य लगने वाला संक्रमण, सेप्सिस और सेप्टिक शॉक में बदलने पर कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/financial-assistance-of-%E2%82%B95158-crore-to-12467-treatments-of-sepsis/article-90509"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/chandigarh-news.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Chandigarh News: शुरुआत में सामान्य लगने वाला संक्रमण, सेप्सिस और सेप्टिक शॉक में बदलने पर कुछ ही घंटों में जानलेवा हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 01 सितंबर तक सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचार दर्ज किए गए हैं, जिन पर ₹51.58 करोड़ की राशि ख़र्च हुई है। यह आंकड़ा इस स्थिति से जुड़े चिकित्सा और वित्तीय बोझ, दोनों को दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें से, सीवियर सेप्सिस के 10,961 उपचारों पर ₹44.33 करोड़, जबकि सेप्टिक शॉक के 1,506 उपचारों पर ₹7.25 करोड़ ख़र्च हुए। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन(CDC) के अनुसार, सेप्सिस संक्रमण के प्रति शरीर की अत्यधिक प्रतिक्रिया है, जो तेज़ी से ऊतकों (टिश्यूज) को नुकसान, अंगों के काम करना बंद करने और मृत्यु का कारण बन सकती है। लगभग किसी भी प्रकार का संक्रमण सेप्सिस को ट्रिगर कर सकता है। फेफड़ों, यूरिनरी ट्रैक्ट, त्वचा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के संक्रमण इसके सामान्य स्रोतों में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सेप्सिस केवल एक संक्रमण नहीं है। जब संक्रमण के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया अनियंत्रित हो जाती है, तो अंगों के कामकाज में गड़बड़ी शुरू हो सकती है। गंभीर मामलों में रक्तचाप कम होने और रक्त प्रवाह पर्याप्त न रहने की स्थिति सेप्टिक शॉक में बदल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने समय पर पहचान के महत्त्व पर ज़ोर देते हुए कहा, “सेप्सिस धीरे-धीरे अधिक गंभीर रूप ले सकता है। जब इसके कारण रक्त संचार संबंधी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न होती हैं और महत्त्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त रक्त प्रवाह नहीं पहुँचता, तो मरीज़ सेप्टिक शॉक की स्थिति में पहुँच सकता है।”</p>
<p style="text-align:justify;">सेप्टिक शॉक से पीड़ित मरीज़ों को गहन चिकित्सा देखभाल, इंट्रावेनस फ्लूइड्स, एंटीबायोटिक्स, रक्तचाप को बनाए रखने वाली दवाएँ , ऑक्सीजन या मैकेनिकल वेंटिलेशन और कुछ मामलों में काम करना बंद कर रहे अंगों के लिए सहायक उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे उपचार का ख़र्च तेज़ी से बढ़ सकता है, जिससे परिवारों के लिए वित्तीय सुरक्षा विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सेहत योजना पात्र परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है, जिससे गंभीर उपचार के दौरान वित्तीय बाधा को कम करने में मदद मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के तहत सेप्सिस के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि जब उपचार की ज़रूरत तेज़ी से बढ़ती है, तब ऐसी वित्तीय सुरक्षा परिवारों के लिए कितनी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह ख़तरा नवजात शिशुओं में विशेष रूप से गंभीर होता है। गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शशि कांत धीर ने कहा कि नवजात शिशु के व्यवहार में होने वाले मामूली बदलावों को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “नवजात शिशुओं में व्यवहार में छोटा-सा बदलाव भी एक महत्त्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकता है।” उन्होंने बताया कि समय से पहले जन्मे और कम वजन वाले शिशुओं की स्थिति कुछ ही घंटों में तेज़ी से बिगड़ सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूध पीने/पोषण लेने में कमी, असामान्य रूप से अधिक नींद आना, शरीर का ठंडा महसूस होना और साँस लेने में बदलाव नवजात शिशु में गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं और ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय जाँच आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब बैक्टीरियल संक्रमण की आशंका हो या इसकी पुष्टि हो जाए, तब एंटीबायोटिक्स आवश्यक होते हैं, लेकिन इनका अनुचित इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ावा दे सकता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक्स लेना, बची हुई एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करना या उपचार बीच में रोक देना संक्रमण का इलाज मुश्किल बना सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, भ्रम की स्थिति, साँस लेने में कठिनाई, अत्यधिक दर्द या बेचैनी, बुख़ार या शरीर का असामान्य रूप से कम तापमान, चिपचिपी त्वचा और तेज़ हृदय गति ऐसे चेतावनी संकेतों में शामिल हैं, जिनमें तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए सेप्सिस से निपटने के लिए दो मोर्चों पर तेज़ी से कार्रवाई ज़रूरी है—समय पर चिकित्सकीय पहचान और उपचार तथा अत्यधिक स्वास्थ्य ख़र्च से वित्तीय सुरक्षा। मुख्यमंत्री सेहत योजना के आंकड़े इस स्थिति के वित्तीय बोझ के पैमाने को दर्शाते हैं, जबकि चिकित्सकीय संदेश स्पष्ट है: संक्रमण से पीड़ित मरीज़ की स्थिति अचानक बिगड़ने पर देरी से इलाज की कीमत केवल पैसे के रूप में नहीं, बल्कि उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण—एक जीवन के रूप में चुकानी पड़ सकती है।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/chandigarh-news.jpeg" alt="Chandigarh News" width="633" height="361"></img>
Chandigarh News: मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सेप्सिस और सेप्टिक शॉक के 12,467 उपचारों को ₹51.58 करोड़ की वित्तीय सहायता
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/financial-assistance-of-%E2%82%B95158-crore-to-12467-treatments-of-sepsis/article-90509</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/financial-assistance-of-%E2%82%B95158-crore-to-12467-treatments-of-sepsis/article-90509</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 14:27:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/chandigarh-news.jpeg"                         length="37294"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>4.43 लाख से अधिक मरीज, 782 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से बदल रही है पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-treatment-worth-rs-782-crore-to-more-than-443/article-87641"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh-news3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब के अनुसार, पटियाला जिला इस योजना को अपनाने और इसके उपयोग में सबसे आगे है तथा कार्यक्रम के तहत राज्य में सबसे अधिक मरीजों और खर्च के मामले में शीर्ष पर है। पूरे पंजाब में 4,43,906 से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं और उन पर कुल 782.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाने के लिए तैयार की गई ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य की सबसे बेहतर जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बन चुकी है। एसएचए पंजाब के ताजा आंकड़ों (23 जून तक) के अनुसार इस योजना ने बड़े स्तर पर परिवर्तन लाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला योजना का लाभ लेने में सबसे आगे है, जहां 52,672 मरीजों के उपचार पर लगभग 79.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद बठिंडा है, जहां 30,813 मरीजों पर 76.81 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि लुधियाना में 44,227 मरीजों पर 60.54 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया गया है। पटियाला की अग्रणी स्थिति से प्रतीत होता है कि यहां अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय और लाभार्थियों में योजना के प्रति अधिक जागरूकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक बयान में कहा, “इस योजना ने लोगों को उनकी जेब से होने वाले बड़े स्वास्थ्य खर्चों से राहत दी है।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल कागज पर आधारित नीति नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए जीवन रेखा है, जिन्हें कभी अस्पताल के बिल बीमारी से भी अधिक डरावने लगते थे।”</p>
<p style="text-align:justify;">पूरे पंजाब में योजना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जालंधर (27,682 मरीज), अमृतसर (20,503) और एस.ए.एस. नगर (20,085) जैसे जिलों ने योजना का व्यापक लाभ उठाया है, जबकि छोटे जिले जैसे कपूरथला (9,384) और मलेरकोटला (3,181) में भी योजना की पहुंच और उपयोग लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसएचए के आंकड़ों के अनुसार राज्य भर में 4,43,906 मरीजों ने लाभ प्राप्त किया है और उन पर कुल 782.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य बहुत सरल है—पंजाब में कोई भी परिवार बीमारी के कारण कर्जदार न हो। यह योजना हर तिमाही के साथ और अधिक विस्तार पा रही है।”</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना आम जनता के बीच काफी चर्चा में है। मानसा के 62 वर्षीय किसान गुरमीत सिंह ने कहा, “यदि यह योजना नहीं होती तो उपचार के लिए मुझे अपनी जमीन बेचनी पड़ती।” ऐसे अनुभव संगरूर, होशियारपुर और फिरोजपुर आदि जिलों में भी सामने आ रहे हैं, जहां मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरदासपुर और रूपनगर जैसे जिलों में भी औसत आंकड़े होने के बावजूद योजना का लगातार बढ़ता उपयोग इस बात का संकेत देता है कि लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क का भी निरंतर विस्तार हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/chandigarh-news3.jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-treatment-worth-rs-782-crore-to-more-than-443/article-87641</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-treatment-worth-rs-782-crore-to-more-than-443/article-87641</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 20:18:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/chandigarh-news3.jpg"                         length="147170"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस आपातकालीन हृदय उपचार से पंजाब में बच रही हैं अनगिनत जानें, मात्र 5 महीनों में 6,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं सम्पन्न</title>
                                    <description><![CDATA[जब मालेरकोटला निवासी शेख ज़ीशान कुरैशी को गंभीर हृदय संबंधी समस्या हुई, तब उन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-emergency-heart-treatment-under-mukhyamantri-sehat-yojana-is-saving/article-87463"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/chandigarh-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Chandigarh News: जब मालेरकोटला निवासी शेख ज़ीशान कुरैशी को गंभीर हृदय संबंधी समस्या हुई, तब उन्हें तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए), जिसे सामान्यतः एंजियोप्लास्टी कहा जाता है, के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीटीसीए एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हृदय की धमनियों में आई रुकावट को दूर कर रक्त प्रवाह को पुनः सामान्य किया जाता है। डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के दौरान हर मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उपचार में देरी से हृदय को स्थायी क्षति पहुंच सकती है और मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अनेक परिवारों के लिए आपातकालीन उपचार हेतु तत्काल धन की व्यवस्था करना कठिन होता है, जिसके कारण इलाज में देरी हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना इस आर्थिक बाधा को समाप्त करते हुए पात्र परिवारों को कैशलेस उपचार उपलब्ध करा रही है। शेख ज़ीशान कुरैशी के मामले में 80,320 रुपये के उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत वहन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">शेख ज़ीशान कुरैशी ने कहा, "मेरे और मेरे परिवार के लिए यह बहुत बड़ी राहत थी कि मेरा इलाज समय पर और बिना किसी आर्थिक बोझ के हो गया। मुख्यमंत्री सेहत योजना ने पूरे पंजाब में लोगों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को और आसान बना दिया है।"</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के अनुसार, पिछले पांच महीनों में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 6,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं की गई हैं। इनमें अधिकांश पीटीसीए प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल के खर्च की चिंता किए बिना तुरंत उपचार मिल सका।</p>
<p style="text-align:justify;">डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम सहित पीटीसीए मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत 64.82 करोड़ रुपये के व्यय के साथ दूसरी सबसे अधिक खर्च वाली उपचार श्रेणी है, जो केवल घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) के बाद आती है। अब तक पंजाब के 6,138 मरीज इस उपचार का लाभ उठा चुके हैं और मरीजों की संख्या के आधार पर यह योजना में छठे स्थान पर है। प्रति मामले औसत उपचार लागत 1,05,611 रुपये (लगभग 1.06 लाख रुपये) रही है, हालांकि प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार की लागत अलग-अलग हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हार्ट अटैक के दौरान पीटीसीए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जीवनरक्षक उपचार है, जिसे समय पर किया जाना मरीज की जान बचाने के लिए अनिवार्य होता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उपलब्ध कैशलेस सुविधा के कारण अस्पताल आर्थिक औपचारिकताओं की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत उपचार शुरू कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार गुरदासपुर जिले की 60 वर्षीय हरजिंदर कौर ने भी मुख्यमंत्री सेहत योजना का लाभ लिया। अमृतसर के महाजन अस्पताल में उनकी पीटीसीए, डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम तथा अस्थायी पेसमेकर प्रत्यारोपण किया गया। उनके पुत्र गुरमीत सिंह, जो एक किसान हैं, ने बताया कि वे अपने स्तर पर इस उपचार का खर्च वहन नहीं कर सकते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "यदि मेरे पास स्वास्थ्य कार्ड नहीं होता तो मैं अपनी मां का इलाज नहीं करा पाता। उपचार का खर्च हमारी सामर्थ्य से बाहर था। आज मेरी मां मुख्यमंत्री सेहत योजना की बदौलत स्वस्थ हो रही हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ शर्मा ने कहा कि पीटीसीए हार्ट अटैक के मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन उपचारों में से एक है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "इलाज में हर मिनट की देरी से हृदय को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार उपलब्ध होने से डॉक्टर परिवार द्वारा पैसों की व्यवस्था किए जाने की प्रतीक्षा किए बिना तुरंत इलाज शुरू कर सकते हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में आपातकालीन हृदय उपचार तक लोगों की पहुंच को बेहतर बना रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "कैशलेस उपचार की सुविधा से मेडिकल आपातकाल के दौरान मरीजों और उनके परिवारों की हिचकिचाहट कम हुई है। अब अधिक से अधिक लोग समय पर अस्पताल पहुंच रहे हैं और डॉक्टर बिना किसी आर्थिक देरी के तत्काल उपचार शुरू कर पा रहे हैं। इससे अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा रही है।"</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत बढ़ रही कार्डियक प्रक्रियाओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोगों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सरकार समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं पर उनका विश्वास मजबूत हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत पंजाब के परिवारों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है, जिसमें अत्याधुनिक हृदय उपचार सहित अनेक प्रकार की चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/chandigarh-news.jpg" alt="Chandigarh News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-emergency-heart-treatment-under-mukhyamantri-sehat-yojana-is-saving/article-87463</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/cashless-emergency-heart-treatment-under-mukhyamantri-sehat-yojana-is-saving/article-87463</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:20:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/chandigarh-news.jpg"                         length="134076"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 4.43 लाख से अधिक मरीजों का 782 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब के अनुसार, पटियाला जिला इस योजना को अपनाने और इसके उपयोग में सबसे आगे है तथा योजना के तहत राज्य में सर्वाधिक मरीजों और खर्च के मामले में शीर्ष स्थान पर है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/chief-minister-health-scheme-cashless-treatment-worth-rs-782-crore/article-86851"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/patiala-news2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (सच कहूूँ/खुशवीर सिंह तूर)।</strong> Patiala News: पंजाब की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब के अनुसार, पटियाला जिला इस योजना को अपनाने और इसके उपयोग में सबसे आगे है तथा योजना के तहत राज्य में सर्वाधिक मरीजों और खर्च के मामले में शीर्ष स्थान पर है। पूरे पंजाब में 4,43,906 से अधिक मरीज इस योजना का लाभ ले चुके हैं, जिनके उपचार पर कुल 782.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना राज्य की सबसे प्रभावी जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बन चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसएचए पंजाब के 23 जून तक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाया है। पटियाला योजना का लाभ लेने में सबसे आगे है, जहाँ 52,672 मरीजों के इलाज पर लगभग 79.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद बठिंडा का स्थान है, जहाँ 30,813 मरीजों के उपचार पर 76.81 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जबकि लुधियाना में 44,227 मरीजों के इलाज पर 60.54 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पटियाला की इस अग्रणी स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि वहाँ अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय और लाभार्थियों में योजना के प्रति अधिक जागरूकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देते हुए कहा, कि हमारा उद्देश्य बहुत स्पष्ट है, पंजाब में कोई भी परिवार बीमारी के कारण कर्जदार न बने। यह योजना हर तिमाही के साथ और अधिक विस्तार पा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह योजना काफी चर्चा में है। मानसा के 62 वर्षीय किसान गुरमीत सिंह ने कहा कि यदि यह योजना न होती तो इलाज के लिए मुझे अपनी जमीन बेचनी पड़ती। ऐसे ही अनुभव संगरूर, होशियारपुर और फिरोजपुर सहित कई जिलों से सामने आ रहे हैं, जहाँ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/patiala-news2.jpg" alt="Patiala News" width="1280" height="720"></img>
फाईल फोटो
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/chief-minister-health-scheme-cashless-treatment-worth-rs-782-crore/article-86851</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/chief-minister-health-scheme-cashless-treatment-worth-rs-782-crore/article-86851</guid>
                <pubDate>Thu, 25 Jun 2026 20:38:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/patiala-news2.jpg"                         length="116062"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना किसी प्रीमियम भुगतान के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही 'मुख्यमंत्री सेहत योजना', निजी स्वास्थ्य बीमे का किफायती विकल्प बनकर उभरी</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' एक व्यापक और किफायती स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में उभर रही है, जो पारंपरिक निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/mukhyamantri-sehat-yojana-providing-health-protection-without-paying-any-premium/article-86320"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/chandigarh-news-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। </strong>Chandigarh News: ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, भगवंत मान सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' एक व्यापक और किफायती स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के रूप में उभर रही है, जो पारंपरिक निजी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं की तुलना में कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">योजना के प्रभाव के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू होने के पांच महीनों के भीतर 2,26,822 से अधिक मरीजों का 3,65,340 उपचार प्रक्रियाओं के माध्यम से 632.50 करोड़ रुपये की लागत से इलाज किया गया है। निजी स्वास्थ्य बीमा उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है जो अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विशेष कवरेज चाहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सेहत योजना इस उद्देश्य से तैयार की गई है कि पंजाब का हर पात्र निवासी बिना आर्थिक कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सके।"</p>
<p style="text-align:justify;">विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "निजी बीमे और मुख्यमंत्री सेहत योजना के बीच सबसे बड़ा अंतर प्रीमियम भुगतान का न होना है। जहां निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए हर साल हजारों रुपये का प्रीमियम देना पड़ता है, जो उम्र बढ़ने के साथ और बढ़ जाता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना के लाभार्थियों को यह स्वास्थ्य कवरेज पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाती है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कैंसर उपचार, हृदय रोगों का उपचार, डायलिसिस, इंटेंसिव केयर सेवाओं और अन्य विशेष उपचार प्रक्रियाओं सहित 2,300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध कराए जाते हैं। निजी बीमा योजनाओं में जहां कवरेज का दायरा भुगतान किए गए प्रीमियम और चुनी गई पॉलिसी पर निर्भर करता है, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना सभी पात्र लाभार्थियों को समान सुविधाएं प्रदान करती है। योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि प्री-एक्जिस्टिंग बीमारियों के लिए तुरंत कवरेज उपलब्ध है। निजी बीमा कंपनियां आम तौर पर डायबिटीज, हाइपरटेंशन और हृदय रोगों जैसी स्थितियों के लिए दो से चार साल तक की प्रतीक्षा अवधि लागू करती हैं, जिसके बाद ही उपचार पर हुए खर्च का दावा किया जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र लाभार्थी अपने पुराने चिकित्सा इतिहास की परवाह किए बिना पहले ही दिन से उपचार का लाभ ले सकते हैं।" स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बहुत लाभकारी साबित हुई है, जिन्हें निजी बीमा योजनाओं में अक्सर उच्च प्रीमियम और कवरेज संबंधी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के समान स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने आगे बताया कि योजना के तहत पंजाब भर में 850 सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें निजी अस्पतालों के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य संस्थान भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, "प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) आधारित बीमा प्रणालियों के विपरीत, मुख्यमंत्री सेहत योजना मुख्य रूप से कैशलेस और पेपरलेस उपचार प्रक्रिया प्रदान करती है, जिससे लाभार्थी न्यूनतम दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और प्रशासनिक देरी से भी बच सकते हैं।"</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों स्वास्थ्य सुरक्षा मॉडलों की तुलना करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि निजी बीमा योजनाएं अनुकूलित कवरेज और अतिरिक्त लाभ प्रदान कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "हालांकि, इनमें अक्सर एक्सक्लूजन, सह-भुगतान (को-पेमेंट), उप-सीमाएं (सब-लिमिट), प्रतीक्षा अवधि और उम्र के साथ बढ़ने वाले प्रीमियम जैसी शर्तें होती हैं, जो कई परिवारों के लिए इन्हें कम किफायती बनाती हैं। इसके अलावा, निजी बीमा कवरेज मुख्य रूप से शहरी और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों तक सीमित है, जबकि मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब के हर पात्र पंजीकृत परिवार के लिए उपलब्ध है।"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "भगवंत मान सरकार का दृढ़ विश्वास है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी व्यक्ति की आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पंजाब के हर पात्र नागरिक के लिए आसानी से और किफायती ढंग से उपलब्ध हों।"</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी दी कि योजना के तहत अब तक 46.21 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से राज्य के लगभग 22 लाख परिवारों को कवरेज मिली है। उन्होंने कहा, "योजना को मिल रहा भरपूर जनसमर्थन सभी के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाता है और स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले जेब खर्च को कम करने तथा समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत योजना के दायरे का आगे और विस्तार करती रहेगी, ताकि किसी भी परिवार को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा में से किसी एक का चयन करने के लिए मजबूर न होना पड़े।"</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news-(3)1.jpg" alt="Chandigarh News (3)" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/mukhyamantri-sehat-yojana-providing-health-protection-without-paying-any-premium/article-86320</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/mukhyamantri-sehat-yojana-providing-health-protection-without-paying-any-premium/article-86320</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 12:08:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/chandigarh-news-%283%291.jpg"                         length="185476"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब भर में मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बनी जीवनरेखा</title>
                                    <description><![CDATA[ पंजाब में बदलते तापमान और उमसभरी गर्मी के आगमन के साथ एक बार फिर मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/bhagwant-mann-governments-mukhyamantri-sehat-yojana-becomes-lifeline-amid-increasing/article-85550"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-03/bhagwant-mann-41.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Chandigarh News: पंजाब में बदलते तापमान और उमसभरी गर्मी के आगमन के साथ एक बार फिर मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। रोज़मर्रा की बीमारियों से राहत पाने के लिए पहले से ही मरीज़ों की भीड़ झेल रहे सरकारी अस्पतालों में अब बुखार संबंधी बीमारियों, श्वसन संक्रमणों और पेट संबंधी विकारों के मामलों में एक नई बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यह मौसमी लहर हर साल चिंताजनक रूप से लौटती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक्यूट फेब्राइल इलनेस कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि अचानक तेज़ बुखार के साथ उत्पन्न होने वाली एक ऐसी स्थिति है जिसमें कई तरह की बीमारियाँ शामिल हो सकती हैं। यूएस सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, ऐसी स्थितियाँ वायरल, बैक्टीरियल या परजीवी संक्रमणों के कारण हो सकती हैं। कई बार मरीज़ बुखार को मुख्य लक्षण के रूप में लेकर अस्पताल पहुँचते हैं, जबकि संक्रमण का मूल कारण शुरुआती अवस्था में स्पष्ट नहीं हो पाता।</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के हालिया आँकड़े बताते हैं कि पिछले चार महीनों में एक्यूट फेब्राइल इलनेस कैशलेस इलाज दावों की सबसे बड़ी श्रेणियों में शामिल रहीं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, एक्यूट फेब्राइल इलनेस के 5,840 मामले दर्ज किए गए, जिन पर ₹1.31 करोड़ के दावों का भुगतान किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, पानी से फैलने वाले और श्वसन संबंधी बीमारियों के भी उल्लेखनीय मामले सामने आए। एंटरिक फीवर के 1,396 मामले दर्ज हुए, जिन पर ₹30.47 लाख के दावे किए गए। निमोनिया के 377 मामलों पर ₹11.06 लाख, जबकि एक्यूट ब्रोंकाइटिस के 326 मामलों पर ₹9.24 लाख ख़र्च हुए। वहीं मानसून के दौरान अक्सर चर्चा में रहने वाली बीमारियों के मामले अपेक्षाकृत सीमित रहे। डेंगू के केवल 12 मामले दर्ज हुए, जिन पर ₹40,880 का दावा हुआ। मलेरिया के सिर्फ 3 मामले, चिकनगुनिया के 6 मामले, और हीट स्ट्रोक के 4 मामले सामने आए, जो अत्यधिक गर्मी से संबंधित अस्पताल भर्ती की तुलनात्मक रूप से कम संख्या को दर्शाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की सलाह दे रहे हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक अध्ययन के अनुसार बारिश, मच्छरों की बढ़ती संख्या और स्थानीय स्वच्छता स्थितियों के अनुसार मौसमी प्रकोप तेज़ी से बदल सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल, पटियाला के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विकास गोयल ने बताया कि यह स्थिति हर वर्ष ओपीडी में दिखाई देने वाले समान्य मौसमी दबाव को दर्शाती है I उन्होंने यह भी कहा कि अधिकांश मामले प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल स्तर पर आसानी से संभाले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण एक्यूट फेब्राइल इलनेस, उल्टी,दस्त, सिरदर्द, श्वसन संक्रमण और त्वचा व आँखों से जुड़ी एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं। गरम मौसम के कारण लोग अक्सर इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. विकास गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना मरीज़ों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है क्योंकि इससे उन्हें बिना आर्थिक बोझ के अस्पताल में भर्ती होकर कैशलेस उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा,“यह योजना सुनिश्चित करती है कि मरीज़ बिना अग्रिम पैसे की चिंता किए समय पर इलाज प्राप्त कर सकें। समय पर जाँच और उपचार से कई जानें बचाई जा सकती हैं, क्योंकि आर्थिक बाधा दूर होने से लोग इलाज में देरी नहीं करते।”</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चे अत्यधिक गर्मी और उमस वाले मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील बने रहते हैं। गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शशि कांत धीर ने चेतावनी दी कि शिशु और छोटे बच्चे संक्रमणों की चपेट में जल्दी आते हैं। उन्होंने बताया कि ठीक से आहार न लेना, बार-बार उल्टी होना, तेज साँस चलना, डिहाइड्रेशन, दौरे पड़ना और लगातार बुखार जैसे लक्षणों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि तीन महीने से कम उम्र के शिशु में किसी भी तरह के बुखार को तत्काल चिकित्सकीय आपात स्थिति माना जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. शशि कांत धीर ने यह भी कहा कि  जागरूकता अभियान, स्वच्छता शिक्षा, टीकाकरण और मच्छर नियंत्रण उपायों के माध्यम से संक्रमण के प्रसार को रोकने में अभिभावकों, आशा वर्करों, आँगनवाड़ी कर्मियों और स्कूलों की भूमिका बेहद महत्त्वपूर्ण है।</p>
<p style="text-align:justify;">फ़िलहाल, जैसे-जैसे पंजाब एक और लंबी गर्मी की तैयारी कर रहा है, अस्पतालों के भीड़भरे गलियारे यह याद दिला रहे हैं कि मौसमी बीमारियाँ आज भी परिवारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2025-03/bhagwant-mann-41.jpg" alt="Bhagwant-Mann-4" width="900" height="495"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/bhagwant-mann-governments-mukhyamantri-sehat-yojana-becomes-lifeline-amid-increasing/article-85550</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/bhagwant-mann-governments-mukhyamantri-sehat-yojana-becomes-lifeline-amid-increasing/article-85550</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 21:18:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-03/bhagwant-mann-41.jpg"                         length="36202"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री भगवंत मान व ‘आप’ राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोहाली में योजना का किया औपचारिक शुभारंभ </title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब बना पहला राज्य, हर पंजाबी हुआ 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का हकदार आज से ही मिलेगा इलाज का लाभ, न उम्र की सीमा न आय की शर्त सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा 10 लाख तक का बीमा लाभ सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड काफी, 2 मिनट में बनेगा हेल्थ बीमा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/and-arvind-kejriwal-formally-launched-the-health-insurance-scheme-in-mohali/article-80600"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/bhagwant-mann.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">पंजाब बना पहला राज्य, हर पंजाबी हुआ 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का हकदार</h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आज से ही मिलेगा इलाज का लाभ, न उम्र की सीमा न आय की शर्त</li>
<li>सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा 10 लाख तक का बीमा लाभ</li>
<li>सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड काफी, 2 मिनट में बनेगा हेल्थ बीमा कार्ड</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> Punjab News: पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ हर पंजाबी को 10 लाख रुपये तक के इलाज की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। पंजाब सरकार ने गुरुवार से पूरे प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक लोगों के लिए 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू कर दी है। अब पंजाब के लोगों को सिर्फ अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या किसी सरकारी अस्पताल अथवा डिस्पेंसरी में जाकर आधार कार्ड दिखाकर खुद को पंजीकृत करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद हेल्थ कार्ड मिलने का इंतजार करने की भी जरूरत नहीं होगी। पंजीकरण होते ही व्यक्ति 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना का पात्र बन जाएगा और आज से ही अपने या अपने परिवार के किसी भी सदस्य का इलाज किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में करवा सकेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मोहाली स्थित विकास भवन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया</h3>
<p style="text-align:justify;">इस योजना की खास बात यह है कि 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा लेने के लिए किसी भी तरह की कोई शर्त नहीं है। न तो उम्र की कोई सीमा है और न ही वार्षिक आय की कोई बाध्यता। यानी गरीब हो या अमीर, करोड़पति ही क्यों न हो, हर पंजाबी इस योजना का लाभ ले सकेगा। देश में अब तक किसी भी राज्य ने अपने सभी निवासियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध नहीं करवाया है। पंजाब पहला ऐसा राज्य है, जहां केवल पंजाब का आधार कार्ड, वोटर कार्ड या कोई भी पहचान पत्र होने पर व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है। आधार कार्ड दिखाकर तुरंत इलाज शुरू करवाया जा सकता है, जबकि स्वास्थ्य बीमा का स्मार्ट कार्ड बाद में जारी किया जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब बिना इलाज के नहीं मरेगा कोई पंजाबी: अरविंद केजरीवाल</h3>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के शुभारंभ मौके पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब पंजाब में कोई भी व्यक्ति बीमारी के कारण इलाज के अभाव में नहीं मरेगा। हर नागरिक को सरकारी और निजी अस्पतालों में समान इलाज का अधिकार दिया गया है। अब इलाज में अमीर-गरीब का फर्क नहीं रहेगा। पंजाब सरकार इलाज का पूरा खर्च उठाएगी, जिससे लोगों को बीमारी के खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। अब अगर कोई बीमार पड़ेगा तो उसे यह सोचने की जरूरत नहीं होगी कि इलाज के पैसे कहां से आएंगे, क्योंकि पंजाब सरकार का स्वास्थ्य बीमा उसके साथ खड़ा है। Punjab News</p>
<h3 style="text-align:justify;">कोई शर्त नहीं, मिलेगा मुफ्त इलाज: भगवंत मान</h3>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने आज से ऐसी योजना शुरू की है, जिसमें किसी भी तरह की शर्त नहीं है। पहले की योजनाओं में आय और उम्र की सीमाएं होती थीं, लेकिन इस योजना में ऐसा कुछ नहीं है। अब पंजाब के हर नागरिक को इलाज का पूरा अधिकार दिया गया है। कोई भी व्यक्ति आज से ही किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में बिना एक पैसा खर्च किए इलाज करवा सकता है। इलाज का पूरा भुगतान पंजाब सरकार करेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="CM Nayab Saini: सीएम सैनी ने कुवि में निर्मित सिंथेटिक हॉकी खेल मैदान का किया उद्घाटन" href="http://10.0.0.122:1245/cm-nayab-saini-inaugurated-the-synthetic-hockey-ground/">CM Nayab Saini: सीएम सैनी ने कुवि में निर्मित सिंथेटिक हॉकी खेल मैदान का किया उद्घाटन</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/and-arvind-kejriwal-formally-launched-the-health-insurance-scheme-in-mohali/article-80600</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/and-arvind-kejriwal-formally-launched-the-health-insurance-scheme-in-mohali/article-80600</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 20:32:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-01/bhagwant-mann.jpg"                         length="38567"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sehat Bima Card: सेहत बीमा कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली, केस दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[मानसा और मुक्तसर में सामने आया मामला, कॉमन सर्विस सेंटर का लाइसेंस रद्द चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। AB PM-JAY MMSBY: पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड बनाने के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेने वाले दो कॉमन सर्विस सेंटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनके कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/illegal-recovery-in-the-name-of-making-health-insurance-card-case-registered/article-80500"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-01/dr-balbir-singh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">मानसा और मुक्तसर में सामने आया मामला, कॉमन सर्विस सेंटर का लाइसेंस रद्द</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> AB PM-JAY MMSBY: पंजाब में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड बनाने के नाम पर अवैध रूप से पैसे लेने वाले दो कॉमन सर्विस सेंटरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनके कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही इन दोनों कॉमन सर्विस सेंटरों का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। सरकार ने यह सख्त कार्रवाई तब की जब मानसा और मुक्तसर में प्रति कार्ड 50 रुपये वसूले जाने की शिकायत मिली। जबकि योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कार्ड पूरी तरह मुफ्त बनाया जा रहा है। Chandigarh News</p>
<p style="text-align:justify;">पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा कार्ड मुफ्त बनाए जा रहे हैं और 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा देने में किसी भी निवासी से एक भी पैसा नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कार्ड बनाने या इलाज के दौरान पैसे की मांग करता है तो तुरंत इसकी सूचना पंजाब सरकार या जिले के उच्च अधिकारियों को दी जाए, क्योंकि इस तरह का भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मानसा और मुक्तसर में शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आने वाले समय में सभी जिलों में पूरी निगरानी रखी जाएगी ताकि कोई भी कॉमन सर्विस सेंटर या कर्मचारी आम जनता से पैसे की वसूली न कर सके। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब में 6 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने में लगे हुए हैं। 22 जनवरी को पूरे पंजाब में इस मुफ्त बीमा योजना को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। Chandigarh News</p>
<h3 style="text-align:justify;">पंजाब में बीमा कार्ड और स्वास्थ्य बीमा पूरी तरह मुफ्त: स्वास्थ्य मंत्री</h3>
<p style="text-align:justify;">डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब में 6 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने में लगे हुए हैं। 22 जनवरी को पूरे पंजाब में इस मुफ्त बीमा योजना को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="महिला की मदद करने के बहाने पांच माह की बच्ची लेकर दंपति हुए रफ्फू चक्कर" href="http://10.0.0.122:1245/the-couple-fled-with-the-baby-girl-on-a-motorcycle-near-rohtak-civil-lines-police-station/">महिला की मदद करने के बहाने पांच माह की बच्ची लेकर दंपति हुए रफ्फू चक्कर</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>चंडीगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/illegal-recovery-in-the-name-of-making-health-insurance-card-case-registered/article-80500</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/illegal-recovery-in-the-name-of-making-health-insurance-card-case-registered/article-80500</guid>
                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 21:08:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-01/dr-balbir-singh.jpg"                         length="33364"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        