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                <title>Budget 2026 - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Budget 2026: बजट में वैश्विक चुनौतियों के बीच घरेलू क्षमता बढ़ाने की रणनीति पर जोर, रक्षा के लिए रिकॉर्ड आवंटन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। बदलते वैश्विक वातावरण के बीच रविवार को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 में सरकार ने आयकर छूट जैसी लोक-लुभावन घोषणाओं की बजाय अवसंरचना विकास, विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने और क्षमता सृजन को प्राथमिकता देते हुए अपने कदमों को राजकोषीय मजबूती की राह पर दृढ़ता से बनाये रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/the-budget-emphasizes-a-strategy-to-enhance-domestic-capabilities-amidst-global-challenges-with-a-record-allocation-for-defense/article-80908"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/budget-2026-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> बदलते वैश्विक वातावरण के बीच रविवार को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 में सरकार ने आयकर छूट जैसी लोक-लुभावन घोषणाओं की बजाय अवसंरचना विकास, विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने और क्षमता सृजन को प्राथमिकता देते हुए अपने कदमों को राजकोषीय मजबूती की राह पर दृढ़ता से बनाये रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में आर्थिक वृद्धि को बनाये रखने के लिए बायो फार्मा, दुर्लभ खनिज, सेमीकंडक्टर, एमएसएमई, कपड़ा, रसायन और कंटेनर के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की कई पहलुओं की घोषणा की है।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन में 15 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गयी है। बजट में रक्षा आवंटन 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 प्रतिशत कर दिया गया है। रेलवे में 2.93 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है जो एक रिकॉर्ड है। पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए तीन नये अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना करने की घोषणा की गयी है। खादी को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। उच्च कीमत वाली फसलों और बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए नयी पहल की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है इसमें बजट से 12,21,821 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिछले वित्त वर्ष में पूंजी व्यय के लिए 11,21,090 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था जिसे संशोधित अनुमान में 10,95,755 करोड़ रुपये कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बजट पत्र में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट के हवाले से 2026-27 के लिए वर्तमान कीमत पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 393 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2025-26 के 357 लाख करोड़ रुपये के अग्रिम अनुमान की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दशार्ता है। उद्योगों को न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) में क्रेडिट संचय की छूट खत्म करने के साथ इसकी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट में निवेशकों और आयातकों के लिए प्रक्रिया और अनुपालन आसान बनाने के विस्तृत उपायों की घोषणा की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट को विकसित भारत की ऊंची उड़ान का आधार बताते हुए कहा है कि इसमें मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नयी रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोड़मैप प्रस्तुत किया गया है। यह बजट महत्वाकांक्षी भी है और देश की आकांक्षाओं को भी पूरा करता है। सरकार द्वारा किये जा रहे विभिन्न सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी भारत जिस ‘रिफार्म एक्सप्रेस’ पर सवार है इस बजट से उसे नयी ऊर्जा और नयी गति मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने बजट को युवा प्रेरित बताते हुए कहा कि इसमें तीन कर्तव्यों – आर्थिक वृद्धि को बरकरार रखने, जनआकांक्षाओं को साकार करने और इसके लिए क्षमता के विकास तथा सबका साथ-सबका विकास की भावना के साथ संसाधनों और अवसरों तक हर व्यक्ति और हर क्षेत्र की पहुंच सुनिश्चित करने – पर फोकस किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, विपक्ष ने बजट को जमीनी हकीकत से कोसों दूर कहकर इसकी आलोचना की है। उसने कहा है कि इसमें बुनियादी समस्याओं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के उपाय नहीं किये गये हैं और समाजिक कल्याण की अनदेखी की गयी है।<br />
वैश्विक स्तर पर संरक्षणवाद की बढ़ती प्रवृत्ति और अमेरिका जैसे बड़े बाजार में शुल्क की ऊंची होती दीवार के बीच श्रीमती सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ा रहना चाहता है क्योंकि निर्यात और निवेश तथा प्रौद्योगिकी के लिए यह जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “आज हम एक ऐसी बाहरी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जिसमें व्यापार और बहुपक्षीयवाद खतरे में है तथा संसाधनों तक पहुँच और आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हैं। नई प्रौद्योगिकियां जल, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांगों को काफी तेजी से बढ़ाते हुए उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती सीतारमण का नौवां बजट बाजार को रास नहीं आया। उनका बजट भाषण खत्म होने के तुरंत बाद बीएसई का सेंसेंक्स तेजी से लुढ़कते हुए 2,370 अंक गिर गया था। अंत में यह गिरावट 1,547 अंक रही। आईटी सूचकांक के अलावा करीब-करीब सभी वर्गों के सूचकांक लाल निशान में रहे। उद्योग जगत ने बजट की सराहना करते हुए इसे दूरगामी और विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने नये आयकर अधिनियम 2025 को 01 अप्रैल 2026 से लागू करने के लिए नियम और प्रपत्रों को शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया और कहा कि नये नियम और प्रपत्र पहले से सरल होंगे और उन्हें समझने के लिए करदाताओं को पर्याप्त समय दिया जायेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष से ऋण को जीडीपी की तुलना में सीमित करने की योजना के तहत ऋण-जीडीपी अनुपात को 2030-31 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखने का लक्ष्य रखा है जिसके 2026-27 में 55.6 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्ज कम होने से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए ऋण का उपलब्धता बढ़ेगी, सरकार पर ब्याज भुगतान कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने की घोषणा की और कहा कि केंद्र की विभाज्य प्राप्तियों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत बना रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि गत अगस्त में प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद से वस्तु एवं सेवा कर सहित 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने 200 से अधिक पारंपरिक औद्योगिक संकुलों को पुनर्जीवित करने और चार नये आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी प्रस्ताव किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूंजीगत वस्तुओं के निर्माण में क्षमता निर्माण के लिए सार्वजनिक उपक्रमों की सहायता से दो स्थानों पर हाईटेक टूल रूम का निर्माण किया जायेगा जो कम लागत पर हाई प्रीसीजन कंपोनेंट का डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए उपकरण निर्माण के लिए भी एक योजना की घोषणा की गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने टीयर-2 और 3 शहरों में अवसंरचना क्षेत्र के विकास के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत के बीच नया माल परिवहन गलियारा और बनारस और पटना में घरेलू जलमार्गों के लिए पोत निर्माण की सुविधाओं की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने बिजली, इस्पात, एल्युमीनियम, कपड़ा जैसे क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया।</p>
<p style="text-align:justify;">बजट में नयी राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने, हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के लिए समस्त योजना का विस्तार तथा खादी ग्रामोद्योग के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना की घोषणा की गयी है। उन्होंने सूक्ष्म लघु और मझौले क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को सरल और सुलभ बनाने के कई पहलों की घोषणा की है। बैंकिंग क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की गयी है। इसमें पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और ग्रामीण विद्युत निगम के पुनर्गठन का भी प्रस्ताव है।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगमों को विकास के लिए धन जुटाने में मदद के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक के म्युनिसिपल बॉन्ड निर्गम पर 100 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के रूप में देने की घोषणा की गयी है। दो सौ करोड़ रुपये तक के ऐसे निर्गमों के लिए प्रोत्साहन की वर्तमान योजना जारी रहेगी। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा सेवा, पशु चिकित्सा, बड़े महानगरों के समीप पांच नये यूनिवर्सिटी टाउनशिप, गणित और विज्ञान पढ़ने वाली छात्राओं के लिए हर जिले में एक छात्रावास, खगोल विज्ञान के लिए नयी वेधशालाओं की स्थापना, गाइडों के प्रशिक्षण के लिए 20 जगह केंद्र बनाने, डिजिटल नॉलेज गृह और 50 पुरातात्विक स्थलों के विकास और संवर्धन जैसी पहलों की घोषणा की।</p>
<p style="text-align:justify;">महिलाओं, किसानों, दिव्यांग जनों और अन्य वंचित वर्गों के साथ पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए भी विभिन्न पहलों की घोषणा की। मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तर भारत में एक नया निमहांस संस्थान स्थापित करने तथा रांची और तेजपुर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया। बजट में 50 प्रतिशत जिला अस्पतालों में आपात चिकित्सा तथा ट्रॉमा केंद्रों की सुविधाएं स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। दिव्यांग सहारा योजना के तहत बजट में भारतीय कृत्रिम मानवअंग विनिर्माण निगम को अपनी विनिर्माण सुविधाओं के विस्तार और अनुसंधान तथा विकास के लिए सहायता दी जायेगी। श्रीमती सीतारमण ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए योजना की घोषणा की।</p>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 12:28:27 +0530</pubDate>
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                <title>Punjab News: बजट में पंजाब को नजरअंदाज किया: मुख्यमंत्री भगवंंत मान</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। CM Bhagwant Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केन्द्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और राज्य के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/chandigarh/punjab-was-ignored-in-the-budget-says-cm-bhagwant-mann/article-80902"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/bhagwant-mann-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)।</strong> CM Bhagwant Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केन्द्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता और राज्य के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब एक महत्वपूर्ण और मेहनती राज्य है और देश के विकास में हमेशा अहम योगदान देता रहा है। फिर चाहे वह कृषि हो, उद्योग हो या राष्ट्रीय सुरक्षा। इसके बावजूद केन्द्र सरकार के बजट में पंजाब के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किए गए, जो बेहद निराशाजनक है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और इसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। इसलिए किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वित्तीय सुरक्षा देने के लिए बजट में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा कहीं नजर नहीं आया। वहीं मान ने युवाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर किसी स्पष्ट योजना का अभाव है। न ही उद्योग को प्रोत्साहित करने और निवेश आकर्षित करने के लिए कोई महत्वपूर्ण कर राहत दी गई है, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ सकें। Punjab News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और ऐसे समय में केन्द्र सरकार से विशेष सहायता की उम्मीद थी, लेकिन बजट में राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। हालांकि, भगवंत मान ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार राज्य के हितों के लिए लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग मेहनती और उत्साही हैं, और मिलकर हम पंजाब को अपने पैरों पर खड़ा करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि केन्द्र सरकार भविष्य में पंजाब के प्रति निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाएगी और राज्य के विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा करेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Cold Wave: शीतलहर का प्रकोप जारी, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की तादाद " href="http://10.0.0.122:1245/cold-wave-continues-number-of-patients-in-hospital-increases/">Cold Wave: शीतलहर का प्रकोप जारी, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की तादाद </a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 21:08:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2026: खुशखबरी, बजट में ये चीजें हुई सस्ती, जानकर आप भी रह जाओगे दंग</title>
                                    <description><![CDATA[Budget 2026: नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में मोदी सरकार का आम बजट 2026 पेश किया। यह उनके कार्यकाल का लगातार 9वां बजट रहा। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कस्टम ड्यूटी में कई अहम बदलावों का ऐलान किया, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। सरकार ने खास […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/relief-for-the-common-man-find-out-what-will-become-cheaper-and-what-will-become-more-expensive/article-80881"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/budget-2026-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Budget 2026: नई दिल्ली।</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में मोदी सरकार का आम बजट 2026 पेश किया। यह उनके कार्यकाल का लगातार 9वां बजट रहा। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कस्टम ड्यूटी में कई अहम बदलावों का ऐलान किया, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने खास तौर पर उन वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने का फैसला किया है, जिनका निर्माण भारत में होता है या जिनका इस्तेमाल भविष्य की तकनीक और हरित ऊर्जा से जुड़ा है। वहीं कुछ सेक्टर्स में ड्यूटी बढ़ने से महंगाई बढ़ने के संकेत भी मिले हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/good-news-for-the-people-of-uttar-pradesh-in-the-budget-the-finance-minister-made-these-major-announcements-including-a-gift-of-a-new-railway-line/">UP Railway News: बजट में यूपी वालों के लिए खुशखबरी, वित्त मंत्री ने किये ये बड़े ऐलान, रेलवे लाइन की सौगात, इन जिलों और गांवों की हो गई मौज</a></p>
<h4 style="text-align:justify;">👉 सरकार का फोकस क्या रहा? Budget 2026</h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह बजट</li>
<li style="text-align:justify;">मेक इन इंडिया</li>
<li style="text-align:justify;">ग्रीन एनर्जी</li>
<li style="text-align:justify;">डिफेंस और टेक्नोलॉजी</li>
<li style="text-align:justify;">हेल्थकेयर को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">ये चीजें होंगी सस्ती</h4>
<p style="text-align:justify;">कस्टम ड्यूटी घटने के बाद आम लोगों को इन चीजों पर राहत मिलने की उम्मीद है:<br />
रोजमर्रा की चीजें</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कपड़े (Textiles)</li>
<li style="text-align:justify;">लेदर आइटम</li>
<li style="text-align:justify;">सिंथेटिक फुटवियर</li>
<li style="text-align:justify;">चमड़े से बने उत्पाद</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">हेल्थ सेक्टर</h4>
<p style="text-align:justify;">कैंसर और डायबिटीज की 17 जरूरी दवाएं पूरी तरह ड्यूटी फ्री</p>
<h4 style="text-align:justify;">टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी</h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">लिथियम-आयन सेल</li>
<li style="text-align:justify;">मोबाइल फोन बैटरियां</li>
<li style="text-align:justify;">सोलर ग्लास</li>
<li style="text-align:justify;">मिक्स्ड गैस CNG</li>
<li style="text-align:justify;">इलेक्ट्रिक वाहन (EV)</li>
<li style="text-align:justify;">✈️ ट्रैवल और घरेलू उपकरण</li>
<li style="text-align:justify;">माइक्रोवेव ओवन</li>
<li style="text-align:justify;">विमानों का ईंधन</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">विदेश यात्रा (एयर टिकट सस्ते होने की संभावना)</h4>
<p style="text-align:justify;">सरकार का मानना है कि इन वस्तुओं को सस्ता करने से उद्योगों को बढ़ावा, रोजगार में इजाफा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">📈 इन सेक्टर्स में बढ़ सकती है महंगाई</h3>
<p style="text-align:justify;">जहां एक ओर कई चीजें सस्ती होंगी, वहीं कुछ सेक्टर्स में कस्टम ड्यूटी बढ़ने से कीमतें बढ़ सकती हैं:<br />
शराब<br />
स्क्रैप<br />
खनिज (Minerals)<br />
इन पर ड्यूटी बढ़ाने का मकसद सरकार के अनुसार राजस्व बढ़ाना और अनावश्यक आयात को हतोत्साहित करना है।<br />
🔍 कुल मिलाकर क्या असर पड़ेगा?</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">Union Budget 2026 को देखा जाए तो यह बजट आम आदमी को राहत देने वाला</li>
<li style="text-align:justify;"> पर्यावरण-अनुकूल तकनीक को बढ़ावा देने वाला</li>
<li style="text-align:justify;"> घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने वाला</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">बजट साबित हो सकता है। हालांकि कुछ चीजों की महंगाई जेब पर असर डाल सकती है, लेकिन बड़ी तस्वीर में सरकार ने विकास और स्थिरता पर जोर दिया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/relief-for-the-common-man-find-out-what-will-become-cheaper-and-what-will-become-more-expensive/article-80881</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:47:56 +0530</pubDate>
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                <title>Budget 2026: बजट के दिन ही आम आदमी को झटका, रसोई गैस सिलेंडर हुआ महंगा</title>
                                    <description><![CDATA[LPG Cylinder Price Hike: नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी की है जबकि घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/on-the-budget-day-itself-the-common-man-receives-a-shock-as-cooking-gas-cylinders-become-more-expensive/article-80878"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/budget-2026.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>LPG Cylinder Price Hike: नई दिल्ली।</strong> तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी की है जबकि घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में रविवार से 19 किलोग्राम वाला वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर 1,740.50 रुपये का हो गया है। यह मई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। जनवरी में इसकी कीमत 111 रुपये बढ़ाकर 1,691.50 रुपये की गयी थी। इस प्रकार, इस साल यह 159.50 रुपये महंगा हो चुका है। वाणिज्यिक गैस सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्त्रां, ढाबों समेत सभी गैर-घरेलू उद्देश्यों के लिए होता है। Budget 2026</p>
<p style="text-align:justify;">देश के अन्य मेट्रो शहरों में भी कीमतों में लगभग इतनी ही बढ़ोतरी की गयी है। कोलकाता और मुंबई में इसके दाम 49.50 रुपये बढ़े हैं। अब कोलकाता में नयी कीमत 1,844.50 रुपये और मुंबई में 1,692 रुपये हो गयी है। चेन्नई में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये महंगा होकर आज से 1,899.50 रुपये का मिलेगा। वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 08 अप्रैल 2025 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये पर स्थिर है।</p>
<p style="text-align:justify;">तेल विपणन कंपनियां रसोई गैस की कीमतों की हर महीने समीक्षा करती हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में बदलाव और डॉलर की तुलना में रुपये की विनिमय दर के आधार पर आम तौर पर हर महीने की पहली तारीख से नयी कीमतें तय की जाती हैं।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:38:30 +0530</pubDate>
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