<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/increases/tag-3391" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Increases - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/3391/rss</link>
                <description>Increases RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हरियाणा सरकार ने एचटेट की वैधता 5 से बढ़ाकर 7 वर्ष की</title>
                                    <description><![CDATA[वहीं सरकार द्वारा बढ़ाई गई एचटेट की वैधता का एचटेट पात्रों ने स्वागत किया है। वहीं उनका कहना है कि वैधता बढ़ाने की माँग लम्बे समय से की जा रही थी, अच्छा है कि सरकार ने देर से ही सही लेकिन माँग स्वीकारी तो सही।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-government-increases-the-validity-of-htet-from-5-to-7-years/article-12465"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/htet.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)।</strong> प्रदेश की बीजेपी-जेजेपी सरकार ने प्रदेश के एचटेट धारकों को बड़ी राहत देते हुए एचटेट की वैधता पाँच वर्ष से बढ़ा कर सात वर्ष कर दी है। सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार एचटेट की वैधता बढ़ा कर सात साल कर दी गयी है, जो कि पूर्व में पाँच वर्ष के लिए ही वैध थी। पुराने आदेश सरकार द्वारा 15 जुलाई 2011 और 21 जुलाई 2011 को जारी हुए थे, जिसमें एचटेट की वैधता 5 वर्ष के लिए निर्धारित की गई थी। जिसके बाद अब सरकार ने पाँच वर्ष की वैधता को दो वर्ष के लिए बढ़ाकर सात वर्ष कर दिया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अब नौकरियों में कब होगा इजाफा (HTET)</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">वहीं सरकार द्वारा बढ़ाई गई एचटेट की वैधता का एचटेट पात्रों ने स्वागत किया है।</li>
<li style="text-align:justify;">वहीं उनका कहना है कि वैधता बढ़ाने की माँग लम्बे समय से की जा रही थी, अच्छा है</li>
<li style="text-align:justify;"> सरकार ने देर से ही सही लेकिन माँग स्वीकारी तो सही।</li>
<li style="text-align:justify;">वहीं उन्होंने कहा कि बाद सरकार को अब एचटेट पात्रों के लिए नौकरियों में भी इजाफा करे।</li>
<li style="text-align:justify;">जहां-जहां रिक्तियां अभी भी बड़े स्तर पर हैं, उन्हें जल्द भरा जाए।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-government-increases-the-validity-of-htet-from-5-to-7-years/article-12465</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryana-government-increases-the-validity-of-htet-from-5-to-7-years/article-12465</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jan 2020 20:22:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/htet.jpg"                         length="14757"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शोधार्थियों को  तोहफा, फेलोशिप में छह से सात हजार तक की बढ़ोत्तरी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। चुनाव से पहले सरकार ने शोधार्थियों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें मिलने वाली फेलोशिप की राशि को बढ़ा दिया है। इसके तहत उन्हें अब हर महीने छह से सात हजार रुपए ज्यादा मिलेंगे। इस बढ़ोत्तरी के बाद जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) को अब हर महीने 31 हजार रुपए मिलेंगे, जबकि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> चुनाव से पहले सरकार ने शोधार्थियों को एक बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें मिलने वाली फेलोशिप की राशि को बढ़ा दिया है। इसके तहत उन्हें अब हर महीने छह से सात हजार रुपए ज्यादा मिलेंगे। इस बढ़ोत्तरी के बाद जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) को अब हर महीने 31 हजार रुपए मिलेंगे, जबकि सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) को 35 हजार रुपए मिलेंगे। बढ़ी हुई यह राशि शोधार्थियों को एक जनवरी 2019 से मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने शोधार्थियों को तोहफा एक फरवरी को बजट आने से पहले ही दिया है। इसके अलावा रिसर्च एसोशिएट को मिलने वाले मानदेय को भी बढ़ाया गया है। जिसमें 11 से 14 हजार तक की बढ़ोत्तरी गई है। इसके तहत रिसर्च एसोसिएट को अब पहले साल में हर महीने 47 हजार रुपए मिलेंगे।जबकि दूसरे साल में 49 हजार और तीसरे साल में 54 हजार रुपए हर महीने मिलेंगे। अभी तक पहले साल में इन्हें 36 हजार रुपये ही मिलते थे, जबकि दूसरे साल 38 हजार और तीसरे साल 40 हजार रुपए मिल रहे है। फेलोशिप में इससे पहले बढ़ोत्तरी 2014 में हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को बढ़ोत्तरी को लेकर यह आदेश जारी कर दिया है। वहीं इसका फायदा केंद्र सरकार के सभी विभागों और उनसे जुड़ी एजेंसियों की ओर से दी जाने वाली फेलोशिप से जुड़े शोधार्थियों को मिलेगी। इनमें सीएसआईआर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च, इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च, डीआरडीओ, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस जैसे सभी संस्थानों पर लागू होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">करीब दो लाख शोधार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा</h2>
<p style="text-align:justify;">सरकार के इस फैसले से शोध के क्षेत्र में काम कर रहे करीब दो लाख शोधार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। पिछले कुछ समय से वह फेलोशिप में बढोत्तरी की मांग को लेकर आंदोलित थे। इसे लेकर इन छात्रों ने हाल ही में दिल्ली में भी बड़ा प्रदर्शन किया था। हालांकि उनकी मांग फेलोशिप में 80 फीसद बढ़ोत्तरी की थी, जबकि यह बढ़ोत्तरी 35 फीसद तक ही की गई है। फेलोशिप में बढ़ोत्तरी 2014 से पहले 2010, 2007 और 2006 में भी की गई थी।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/fellowship-increases-by-six-to-seven-thousand/article-7496</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/fellowship-increases-by-six-to-seven-thousand/article-7496</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Jan 2019 20:17:50 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में भूस्खलन, नदियों का जलस्तर बढ़ा, हाईवे बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूलों में 12 वीं तक की छुट्टी कल ही घोषित हरादून (एजेंसी)। उत्तराखंड में पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की की सड़कें तालाब में जलमग्न होती जा रही हैं। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग भूस्खलन से बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। गंगा के साथ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/landslide-in-uttarakhand-water-level-increases-in-rivers/article-5032"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/barish.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">स्कूलों में 12 वीं तक की छुट्टी कल ही घोषित</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हरादून (एजेंसी)। </strong>उत्तराखंड में पिछले तीन दिन से हो रही लगातार बारिश लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। देहरादून, हरिद्वार, रुड़की की सड़कें तालाब में जलमग्न होती जा रही हैं। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग भूस्खलन से बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। गंगा के साथ ही अन्य नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं, देहरादून, उत्तरकाशी, हरिद्वार सहित अधिकांश जनपदों में स्कूलों में 12 वीं तक की छुट्टी कल ही घोषित कर दी गई थी।</p>
<h1 style="text-align:justify;">गोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू, बडेथी, ओंगी, थिरांग मार्ग अवरुद्ध</h1>
<p style="text-align:justify;">उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश के चारधाम यात्रा मार्ग की सड़कें भी भूस्खलन से दरक रही हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन की वजह से बाधित है। लगातार हो रही बारिश से शहरों में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। बद्रीनाथ हाइवे सुबह से लामबगड़ में बंद है। हेमकुंड यात्रा जारी है। वहीं, केदारनाथ हाईवे डोलिया देवी फाटा, तिलवाडा के समीप, रामपुर और चंडिकाधार में भूस्खलन से बंद है। उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू, बडेथी, ओंगी, थिरांग के पास मलबा आने से अवरुद्ध है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नौगांव में पहाड़ी से पत्थर गिरने से पांच बाइक क्षतिग्रस्त</h2>
<p style="text-align:justify;">यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डाबरकोट के पास 21 जुलाई की शाम से अवरुद्ध है। डाबरकोट में लगातार हल्के पत्थर गिरने के कारण मार्ग सुचारु करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उत्तरकाशी के नौगांव में पहाड़ी से पत्थर गिरने से पांच बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। विकासनगर-बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग खरसुन क्यारी के पास मलबा आने से अवरुद्ध हैं। वहीं, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार दून सहित उत्तराखंड के कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। रुड़की में लगातार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई कालोनियों में जबरदस्त जलभराव हुआ। इसकी वजह से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं शहर के प्रमुख मार्गो पर भी जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">गंगा व अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ा</h2>
<p style="text-align:justify;">लगातार बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। हरिद्वार में रात दस बजे गंगा का जलस्तर 291.90 पर था, जो शनिवार सुबह छह बजे बढ़कर 292.25 मीटर तक जा पहुंचा। हालांकि चेतावनी लेवल 293 और खतरे का निशान 294 मीटर है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा का कहना है जलस्तर पर नजर है। तहसील आपदा केंद्र और बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, उत्तरकाशी जनपद में भागीरथी नदी का जल स्तर 1121.50 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 1123.00 मीटर पर है। यमुना नदी का जलस्तर 1058.490 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 1060.00 मीटर है।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/landslide-in-uttarakhand-water-level-increases-in-rivers/article-5032</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/landslide-in-uttarakhand-water-level-increases-in-rivers/article-5032</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Jul 2018 03:52:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/barish.jpg"                         length="74427"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सब्जियों पर ट्रकों की हड़ताल का असर, बढ़ने लगे दाम</title>
                                    <description><![CDATA[हड़ताल से रोजाना 4,000 करोड़ की चपत नई दिल्‍ली (सच कहूँ)। 20 जुलाई थमे ट्रकोें के पहिओं के कारण जहां टमाटर की दाम आसामन पर पहुंच चुके हैं वहीं इस हड़ताल से रोजाना 20,000 करोड़ का नुकसान भी हो रहा है। जिसमें करीब 4,000 करोड़ रुपये की चपत अकेले ट्रांसपॉर्ट सेक्टर को लग रही है। हड़ताल का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-impact-of-trucks-strike-on-vegetables-price-increases/article-5004"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/truck-strike.jpg" alt=""></a><br /><h2>हड़ताल से रोजाना 4,000 करोड़ की चपत</h2>
<p><strong>नई दिल्‍ली (सच कहूँ)।</strong> 20 जुलाई थमे ट्रकोें के पहिओं के कारण जहां टमाटर की दाम आसामन पर पहुंच चुके हैं वहीं इस हड़ताल से रोजाना 20,000 करोड़ का नुकसान भी हो रहा है। जिसमें करीब 4,000 करोड़ रुपये की चपत अकेले ट्रांसपॉर्ट सेक्टर को लग रही है। हड़ताल का असर दिल्‍ली और कई मेट्रो शहरों में आज से दिखने के आसार हैं। ट्रांसपोटर्स ने कड़े रुख अपनाने शुरू कर दिए हैं। उन्‍होंने चेतावनी दी है कि सब्ज़ियों के ट्रक को रोक दिया गया है। सरकार ने अगर उनकी मांगें नहीं मानी, तो आने वाले 2-3 दिनों में सब्ज़ियों की सप्लाई पूरी तरह से ठप कर दी जाएगी।</p>
<h2>टमाटर के दाम में सबसे ज्‍यादा इजाफा</h2>
<p>हड़ताल का असर अब दिल्‍ली में दिखने भी लगा है। दिल्ली की सबसे बड़ी थोक सब्ज़ी मंडी आज़ादपुर में आम दिनों के मुकाबले ट्रकों की संख्या में कमी देखी गई। जानकारों के मुताबिक, पहले जहां हर रोज 1500 तक ट्रक आते थे, वहीं मंगलवार को ट्रकों की संख्या 1000 ट्रक तक रह गई। दिल्‍ली के अलावा अन्‍य राज्‍यों पर भी आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल का असर दिख सकता है। वैसे दिल्‍ली में ट्रकों की हड़ताल की वजह से सब्जियों के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं। टमाटर के दाम में सबसे ज्‍यादा इजाफा देखने को मिल रहा है, जो 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है।</p>
<h2>ये हैं ट्रांसपोर्टरों की मांग</h2>
<ul>
<li>पेट्रो पदार्थों को जीएसटी में शामिल करने</li>
<li>पूरे देश में डीजल का दाम एक समान करने</li>
</ul>
<h2>लंबी चल सकती है हड़ताल</h2>
<p>हड़ताल के जल्द खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इस बारे में दिल्ली गुड्स टांसपो‌र्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर के मुताबिक, अभी केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं हुई है। ऐसे में हड़ताल लंबी चल सकती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-impact-of-trucks-strike-on-vegetables-price-increases/article-5004</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-impact-of-trucks-strike-on-vegetables-price-increases/article-5004</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Jul 2018 05:47:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/truck-strike.jpg"                         length="115185"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ता जा रहा है ब्रेन ट्यूमर का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[बाल मुकुन्द ओझा अगर सुबह तेज सिरदर्द से नींद खुल रही हैं। धीरे-धीरे कान से सुनने की क्षमता या आंखों से भेंगा दिखने की शिकायत अथवा रोशनी घट रही हैं। धीरे-धीरे प्रमुख अंग का सुन्न पड़ना अर्थात लकवे के लक्षण लगें तो आपको तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। ये दिक्कतें ब्रेन ट्यूमर की हो सकती […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/increases-the-ri-of-brain-tumor/article-4030"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/brain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाल मुकुन्द ओझा</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अगर सुबह तेज सिरदर्द से नींद खुल रही हैं। धीरे-धीरे कान से सुनने की क्षमता या आंखों से भेंगा दिखने की शिकायत अथवा रोशनी घट रही हैं। धीरे-धीरे प्रमुख अंग का सुन्न पड़ना अर्थात लकवे के लक्षण लगें तो आपको तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। ये दिक्कतें ब्रेन ट्यूमर की हो सकती हैं। जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन द्वारा ब्रेन ट्यूमर के रोगियों की समस्याओं की ओर विश्व का ध्यान केंद्रित करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए 2000 ई. से प्रतिवर्ष विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 8 जून को मनाने की शुरूआत हुई। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व भर में हर दिन एक लाख में से दस लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं। ब्रेन ट्यूमर जिसे मस्तिष्क कैंसर भी कहा जाता है एक खतरनाक रोग है। यदि समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिमाग की संचालकता को देखकर ही मानव शरीर का अंदाजा हो जाता है लेकिन बिगड़ते लाइफस्टाइल को देखते हुए ब्रेन ट्यूमर का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्रेन ट्यूमर में मष्तिष्क में गांठ बन जाती है जिससे हमारे शरीर का कोई भी हिस्सा प्रभावित हो सकता है। यह गांठ अगर दायीं तरफ स्थित है तो किसी व्यक्ति का बायीं तरफ का हिस्सा या अंग प्रभावित होता है और यह बायीं तरफ है तो यह दायीं तरफ के हिस्से पर असर डालती है।हालांकि अब तक ब्रेन ट्यूमर के कारणों का सही-सही पता नहीं चल पाया है लेकिन अगर कभी-कभी मिरगी के दौरे के समान दौरा पड़ता हो या बेहोशी आती हो, सिर में असहनीय दर्द होता हो, हाथ-पैरों में ऐंठन हो, ज्यादा कमजोरी का अहसास हो, सुबह के समय सिर में अक्सर दर्द होता हो, दृष्टि का अचानक कम होना या कलर ब्लांइडनेस आदि हो तो ब्रेन ट्यूमर हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ मामलों में रेडिएशन और फोन पर लंबे समय तक बात करने से रेडियो फ्रीक्वेंसी के कारण ब्रेन पर असर पड़ता हैं, पुष्टि हुई हैं। दो प्रकार के ट्यूमर होते हैं-पहला कैंसरस और दूसरा नान कैंसरस। हर ट्यूमर कैंसरस नहीं होता है।<br />
विश्व में मस्तिष्क संबंधी रोगों के बढ़ने के साथ ही हर साल 2,500 से भी ज्यादा भारतीय बच्चे मस्तिष्क मेरु-द्रव्य (सीएसएफ) के जरिए फैलने वाले एक घातक मस्तिष्क ट्यूमर से पीड़ित हो जाते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, भारत में हर साल 40,000-50,000 व्यक्तियों में मस्तिष्क कैंसर का मूल्यांकन किया जाता है। इनमें से 20 प्रतिशत बच्चे होते हैं। एक साल पहले यह आंकड़ा पांच प्रतिशत के आसपास था। ब्रेन ट्यूमर फाउंडेशन आॅफ इंडिया के मुताबिक, ल्यूकेमिया के बाद मस्तिष्क ट्यूमर बच्चों में दूसरा सबसे आम कैंसर है।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रेन ट्यूमर की पहचान करना मुश्किल नहीं हैं। ब्रेन में ट्यूमर का आकार, स्थान और प्रकार अर्थात लक्षणों के आधार पर इसे आसानी से पहचाना जा सकता हैं। इसे पुख्ता करने के लिए योग्य न्यूरोसर्जन से परामर्श, सीटी स्केन तथा एमआरआई की मदद ली जा सकती हैं। यहीं नहीं समय पर उचित इलाज से मरीज इस मर्ज से मुक्ति पा सकता हैं, पूरी तरह स्वस्थ भी हो सकता हैं। ब्रेन ट्यूमर के मामले में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि शुरूआती दिनों में आसानी से इसका पता नहीं लगता। आधे मरीज साल भर बाद ही जान पाते हैं कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर है। 10 से 15 प्रतिशत मरीजों को पांच साल बाद इसका पता चलता है। लगभग इतने ही मरीज 10 साल बीत जाने के बाद समझ पाते हैं कि वे इस गंभीर बीमारी की चपेट में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन-सी मस्तिष्क कैंसर के मरीजों के ट्यूमर को तेजी से खत्म कर सकता है। ब्रेन ट्यूमर से बचाव के बहुत रास्ते ज्ञात नहीं हैं, फिर भी खानपान में रसायनों से जितना बच सकें, बेहतर है। ज्यादा जागने की आदत न बनाएं। नर्वस सिस्टम को परेशानियों से बचाए रखने के लिए भरपूर नींद जरूरी है। विटामिनों और पौष्टिकता से भरपूर आहार लें। विटामिन-सी, विटामिन-के और विटामिन-ई वाले खाद्य पदार्थों पर विशेष ध्यान दें। जंकफूड या डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं। पानी भरपूर पिएं। ये ही बचाव के रास्ते है जिनका अनुसरण कर हम इस भीषण रोग से अपना बचाव कर सकते है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/increases-the-ri-of-brain-tumor/article-4030</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/increases-the-ri-of-brain-tumor/article-4030</guid>
                <pubDate>Fri, 08 Jun 2018 10:34:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/brain.jpg"                         length="102216"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शंकाओं को दूर कर उम्मीदों की तरफ बढ़ता जीएसटी</title>
                                    <description><![CDATA[जीएसटी लागू होने से पहले जिस तरह की शंकाएं थी, वह दो दिन में ही धुंधली पड़ने लगी हैं। जीएसटी से महंगाई बढ़ेगी, जीडीपी घटेगी, आर्थिक मंदी आएगी, बेरोजगारी बढ़ेगी, किसानों पर भार बढ़ेगा आदि शंकाएं टूटती जा रही हैं। बाजार में भीड़ कम होना मध्यम वर्ग में दुविधा की देन है। आमतौर पर मध्यम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/gst-increases-expectations-to-overcome-doubts/article-1892"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/gas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जीएसटी लागू होने से पहले जिस तरह की शंकाएं थी, वह दो दिन में ही धुंधली पड़ने लगी हैं। जीएसटी से महंगाई बढ़ेगी, जीडीपी घटेगी, आर्थिक मंदी आएगी, बेरोजगारी बढ़ेगी, किसानों पर भार बढ़ेगा आदि शंकाएं टूटती जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बाजार में भीड़ कम होना मध्यम वर्ग में दुविधा की देन है। आमतौर पर मध्यम वर्ग सुनी-सुनाई बातों पर एतबार कर लेता है। जीएसटी लागू होने से पहले सस्ता मिलने की बातें सुनकर दुकानों पर भीड़ लगी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्यादा सामान खरीद चुके लोगों ने जीएसटी के बाद बाजार में चक्कर कम लगाए। कुछ लोग टैक्स के बारे में ज्यादा जानकारी न होने के कारण जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं और आने वाले दिनों में बाजारों में रौनक लौटने के साथ-साथ भीड़ बढ़ने के आसार हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी तक तो गांवों की चौपालों व शहरों के चौकों-चौराहों पर बैठे लोग कम-ज्यादा हुए रेट की चर्चा करने में जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ, सस्ते की खबरें मध्यम वर्ग के लिए सपने से कम नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर सस्ती हुई वस्तुओं की जानकारी महंगी हुई वस्तुओं से अधिक शेयर हो रही है। कारें, मोबाइल फोन व कुछ मोटरसाईकिल कंपनियों के भाव में कटौती की खबरों ने मोटरसाईकिल शोरूम्स में रोनकें लगा दी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जीएसटी लागू होने से पूर्व मीडिया में आई खबरों कि कुछ वस्तुएं सस्ती होंगी व कुछ महंगी, ने खरीददारों की दिलचस्पी बरकरार रखी है। शिक्षा व रसोई की वस्तुओं सहित कुछ अन्य जरूरी वस्तुओं को जीएसटी से बाहर रखने के पीछे सोच स्पष्ट नजर आती है</p>
<p style="text-align:justify;">कि सरकार आम जनता पर भार नहीं डालना चाहती। कुछ अड़चनों पर पूरी तैयारी न होने की चर्चा के बावजूद आम आदमी जीएसटी को ईमानदारी के लिए वरदान व टैक्स चोरों के लिए मुसीबत मान रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार के लिए संतोषजनक बात यह है कि इस दौरान नोटबंदी वाली मुश्किल नहीं हैं। नियमों का पालन न करने व गैर कानूनी काम करने वालों को कानून के तहत लाना कोई जुर्म नहीं, बल्कि ड्यूटी है।</p>
<p style="text-align:justify;">व्यापार को नियमित करना अच्छी बात है। लगता है सरकार इस विचार को लागू करने के लिए दृढ़ सकंल्प है कि ‘काम ही पूजा है, काम करना चाहिए, काम करो, काम करना ही पड़ेगा, चाहे हंस कर करो अथवा रोकर करो।’</p>
<p style="text-align:justify;">व्यापार में ईमानदारी देश के लिए वरदान है। ईमानदारी से काम करने वाले देशभक्त हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार नोटबंदी से एक लाख फर्जी कंपनियों को ताले लगे हैं और तीन लाख कंपनियां शक के घेरे में हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आजादी से लेकर देश फर्जीवाड़े का गढ़ रहा है। फर्जी कामकाज बंद होंगे, तो देश की तकदीर बदलेगी। आखिरकार कालाधन भी फर्जी कारोबार की देन है, जिसे जीएसटी बंद कर सकता है। जनता जीएसटी के हक में है और इसके अच्छे परिणामों का भी इंतजार करने के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/gst-increases-expectations-to-overcome-doubts/article-1892</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/gst-increases-expectations-to-overcome-doubts/article-1892</guid>
                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 22:27:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/gas.jpg"                         length="30195"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सियाचिन में तैनात जवानों को मोदी सरकार का तोहफा</title>
                                    <description><![CDATA[हार्डशिप अलाउंस मिनिमम हुआ 30 हजार नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सियाचीन में तैनात सैनिकों के लिए हार्डशिप भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है। केंद्र ने इसे बढ़ाकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिश से भी ज्यादा कर दिया है। वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/hardship-allowance-increases-for-soldiers/article-1729"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/narendra-modi2.jpg" alt=""></a><br /><h2 class="secArticleTitle">हार्डशिप अलाउंस मिनिमम हुआ 30 हजार</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सियाचीन में तैनात सैनिकों के लिए हार्डशिप भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है। केंद्र ने इसे बढ़ाकर सातवें वेतन आयोग की सिफारिश से भी ज्यादा कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकारियों के लिए हार्डशिप अलाउंस को बढ़ाकर 42,500 रुपया प्रति महीना कर दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सातवें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि सियाचीन में तैनात सैनिकों के लिए हार्डशिप अलाउंस 21 हजार से बढ़ाकर 31,500 रुपये किया जाना चाहिए। हालांकि सुरक्षा बल आयोग की इस सिफारिश से खुश नहीं थे। बता दें कि सिविलियन ब्यूरोक्रेट को उसकी सैलरी का 30 प्रतिशत हार्डशिप अलाउंस के तौर पर मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब सियाचीन में तैनात जेसीओ और दूसरी रैंक के लिए हार्डशिप अलाउंस 30,000 रुपया महीना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/hardship-allowance-increases-for-soldiers/article-1729</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/hardship-allowance-increases-for-soldiers/article-1729</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jun 2017 00:03:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-06/narendra-modi2.jpg"                         length="67467"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        