<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/parliament/tag-340" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>parliament - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/340/rss</link>
                <description>parliament RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इंडिया गठबंधन के नेताओं का संसद परिसर में प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। New Delhi: इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले बुधवार को भी यहां संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। मानसून सत्र की शुरूआत से ही गठबंधन के नेता अपनी मांगों के समर्थन में हर दिन संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-alliance-leaders-protest-in-parliament-premises/article-74073"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-07/new-delhi-9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> New Delhi: इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले बुधवार को भी यहां संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। मानसून सत्र की शुरूआत से ही गठबंधन के नेता अपनी मांगों के समर्थन में हर दिन संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। New Delhi</p>
<p style="text-align:justify;">संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने के बावजूद उनका यह प्रदर्शन आज भी जारी रहा। गठबंधन के नेता पिछले सप्ताह आॅपरेशन सिंदूर पर संसद में चर्चा कराने की मांग कर रहे थे और अब वे बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण तथा परिसीमन के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन सहित कई नेता शामिल हुए। New Delhi</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Railway News: जाखल जंक्शन पर पटरी से उतरा मालगाड़ी के गार्ड का डिब्बा, दो घंटे बाधित रहा ट्रैक" href="http://10.0.0.122:1245/guards-coach-of-goods-train-derailed-at-jakhal-junction/">Railway News: जाखल जंक्शन पर पटरी से उतरा मालगाड़ी के गार्ड का डिब्बा, दो घंटे बाधित रहा ट्रैक</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/india-alliance-leaders-protest-in-parliament-premises/article-74073</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/india-alliance-leaders-protest-in-parliament-premises/article-74073</guid>
                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 12:03:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2025-07/new-delhi-9.jpg"                         length="64809"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lok Sabha Session :अठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से तीन जुलाई तक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। अट्ठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र (Lok Sabha Session) 24 जून से शुरू होगा और तीन जुलाई तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ, स्पीकर के चुनाव, राष्ट्रपति का अभिभाषण और उस पर चर्चा होगी। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/the-first-session-of-the-18th-lok-sabha-will-be-from-june-24-to-july-3/article-58594"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-06/whatsapp-image-2024-06-12-at-10.39.41-am.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> अट्ठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र (Lok Sabha Session) 24 जून से शुरू होगा और तीन जुलाई तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ, स्पीकर के चुनाव, राष्ट्रपति का अभिभाषण और उस पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि राज्यसभा का 264वां सत्र 27 जून से आहूत किया गया है। राज्यसभा के सत्र की समाप्ति तीन जुलाई को होगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/the-first-session-of-the-18th-lok-sabha-will-be-from-june-24-to-july-3/article-58594</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/the-first-session-of-the-18th-lok-sabha-will-be-from-june-24-to-july-3/article-58594</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 11:02:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2024-06/whatsapp-image-2024-06-12-at-10.39.41-am.jpeg"                         length="64778"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>One Nation One Election: दुनिया के इन देशों में होते हैं एक साथ चुनाव, जानें भारत में कब बंद हुआ था ये सिस्टम</title>
                                    <description><![CDATA[One Nation One Election: भारत सरकार यानी पीएम मोदी की सरकार सालों से जिस ‘एक देश-एक चुनाव’ की बात करती आ रही थी, अब उसे अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल केंद्र सरकार ने अब एक कमेटी का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी गई है। बता […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/elections-are-held-simultaneously-in-these-countries-of-the-world-know-when-this-system-was-stopped-in-india/article-51841"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/one-nation-one-election-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">One Nation One Election: भारत सरकार यानी पीएम मोदी की सरकार सालों से जिस ‘एक देश-एक चुनाव’ की बात करती आ रही थी, अब उसे अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल केंद्र सरकार ने अब एक कमेटी का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी गई है। बता दें कि ये कमेंटी एक देश-ए चुनाव को लेकर काम करेंगी। वहीं सरकार ने इस कमेंटी का गठन ऐसे समय पर किया है, जब इस बात की चर्चा जोरो-शोरों पर है यानी इस बात की चर्चा जोर पकड़ रही है कि संसद के विशेष सत्र में एक देश-एक चुनाव को लेकर बिल लाया जा सकता है, संसद का विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर तक चलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर एक देश-एक चुनाव की वकालत करते रहे थे, पिछले महीने राज्यसभा में चर्चा के दौरान भी उन्होंने एक देश-एक चुनाव को समय की जरूरत बताया था। दरअसल एक साथ चुनाव कराने के समर्थन में एक तर्क यह भी दिया जाता है कि इससे सरकारी मशीनरी का सही इस्तेमाल हो सकेगा और बार-बार आचार संहिता न लगने से विकास कार्य पर भी असर नहीं पड़ेगा। वहीं भारत में इसे लेकर पहले शुरू हो गई है, लेकिन आपको बता दें कि दुनिया के कई देशों में पहले से ही ऐसी व्यवस्था है, वहां पहले से ही एक साथ सारे चुनाव होते हैं।‌</p>
<h3 style="text-align:justify;">किस किस देश में एक साथ होते हैं चुनाव | One Nation One Election</h3>
<p style="text-align:justify;">दरअसल दुनिया में कहीं ऐसे देश है जहां पर सारे चुनाव एक साथ किए जाते हैं यानी यहां पहले से ही सारे चुनाव एक साथ किए जाते हैं। ये कुछ देश है जहां एक साथ चुनाव किए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>साउथ अफ्रीका:</strong> साउथ अफ्रीका में संसद, प्रांतीय विधानसभाओं और नगर पालिकाओं के चुनाव एक साथ होते हैं। यहां हर पांच साल में चुनाव कराए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>स्वीडन:</strong> स्वीडन में भी एक साथ ही सारे चुनाव होते हैं। यहां हर 4 साल में आम चुनाव के साथ-साथ काउंटी और म्यूनिसिपल काउंसलि के चुनाव होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बेल्जियम:</strong> बेल्जियम में भी 5 तरह के चुनाव होते हैं और यह हर 5 साल के अंतर पर होते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि ये सारे चुनाव एक साथ ही कराए जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यूके:</strong> यूके में हाउस ऑफ कॉमन्स, स्थानीय चुनाव और मेयर चुनाव एक साथ में ही होते हैं। यहां पर मई के पहले हफ्ते में सारे चुनाव कराए जाते हैं।‌ यूके के संविधान के तहत, समय से पहले चुनाव तभी हो सकतें हैं जब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाए और दूसरी पार्टी सरकार न बना सकें। One Nation One Election</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>इंडोनेशिया:</strong> इंडोनेशिया में राष्ट्रपति और लेजिसलेटिव इलेक्शन साथ में होते हैं, इसके अलावा जर्मनी, फिलिपींस, ब्राजील, बोलीविया, कोलंबिया, कोस्टा रिका, ग्वाटेमाला, गुआना, जैसे देशों में भी एक साथ ही सारे चुनाव होते हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/one-nation-one-election-considered-a-big-decision/">एक देश, एक चुनाव : माना जा रहा बड़ा फैसला</a></p>
<p style="text-align:justify;">वहीं बता दें कि आज भले ही देश में लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ नहीं होते हो, लेकिन एक समय था जब सारे चुनाव एक साथ होते थे। देश की आजादी के बाद देश में पहली बार 1951-52 में लोकसभा चुनाव हुए थे। उस समय लोकसभा के साथ साथ सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव भी कराएं गये थे। इससे बाद 1957, 1962 1967 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए गए। लेकिन 1968 और 1969 में कई विधानसभा समय से पहले भांग भी की गई है वही 1970 में लोकसभा को समय से पहले भंग किया गया था 1970 के बाद ही ‘एक देश, एक चुनाव की परंपरा खत्म हो गई थी। इस तरह से एक साथ चुनाव कराए जाने का ये सिलसिला टूट गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद 1999 में लॉ कमीशन ने पहली बार अपनी रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद 2015 में संसदीय समिति ने भी ऐसा ही सुझाव दिया था। फिर अगस्त 2018 में लॉ कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा संवैधानिक ढांचे के तहत एक साथ चुनाव नहीं कराया जा सकते, हालांकि कुछ संवैधानिक संशोधन कर ऐसा किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/elections-are-held-simultaneously-in-these-countries-of-the-world-know-when-this-system-was-stopped-in-india/article-51841</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/elections-are-held-simultaneously-in-these-countries-of-the-world-know-when-this-system-was-stopped-in-india/article-51841</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Sep 2023 10:50:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-09/one-nation-one-election-2.jpg"                         length="56079"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Delhi Services Bill: दिल्ली सेवा विधेयक पारित होने पर केजरीवाल का बड़ा बयान</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Arvind Kejriwal On Delhi Services Bill: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सेवा विधेयक राज्यसभा में पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन रहा। केजरीवाल ने कहा कि आज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/arvind-kejriwal-on-delhi-services-bill/article-50947"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/arvind-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> Arvind Kejriwal On Delhi Services Bill: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सेवा विधेयक राज्यसभा में पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन रहा। केजरीवाल ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में एक तरह से भारतीय जनतंत्र के लिए काला दिन साबित हुआ। आज संसद के अंदर दिल्ली के लोगों को गुलाम बनाने वाला विधेयक पास कर दिया गया। यह विधेयक दिल्ली के लोगों को बेबस, असहाय, लाचार और गुलाम बनाता है। भारत की आजादी से पहले 1935 में अंग्रेजों ने एक कानून बनाया था। Delhi Services Bill</p>
<p style="text-align:justify;">उस कानून का नाम गवर्नमेंट आॅफ इंडिया एक्ट था। उस कानून में अंग्रेजों ने यह लिखा था कि भारत में चुनाव तो होंगे लेकिन जो सरकार चुनी जाएगी उसको कोई काम करने की शक्ति नहीं होगी। जब हमारा देश आजाद हुआ तो हमने संविधान बनाया और संविधान में हमने लिखा कि चुनाव होंगे, लोग अपनी सरकार चुनेंगे और जो सरकार चुनेंगे, उस सरकार को लोगों के लिए काम करने की सारी शक्तियां होंगी। आज आजादी के 75 साल के बाद श्री मोदी ने दिल्ली के लोगों की आजादी छीन ली।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जब इन लोगों ने देखा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) को हराना बहुत मुश्किल है। ये लोग पिछले चार चुनाव हार चुके हैं। दिल्ली में 2013, 2015 और 2020 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद निगम का चुनाव भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आप से हार गई। पिछले 25 साल से दिल्ली के अंदर भाजपा की सरकार नहीं बनी है। 25 साल से इनको दिल्ली के लोगों ने वनवास दिया हुआ है। जब इनको लगा कि आप को हराना मुश्किल है तो इन्होंने चोर दरवाजे से दिल्ली की सत्ता को हथियाने की कोशिश की है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री दिल्ली में ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि पिछले 7-8 साल में बिना किसी शक्ति के भी हम लोगों ने बहुत शानदार काम किए हैं। दिल्ली में हमने इतने शानदार स्कूल-अस्पताल बनाए, 24 घंटे बिजली कर दी, बिजली फ्री कर दी, घर-घर पानी पहुंचा रहे हैं, सड़कें बनाई। 30 साल से गुजरात में इनकी सरकार हैं। इन्होंने गुजरात का बेड़ा गर्क कर दिया है। हरियाणा में इनकी सरकार बनी तो उसका भी बेड़ा गर्क कर दिया। मणिपुर में भी भाजपा की सरकार है। इन लोगों ने मणिपुर को जला दिया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/arvind-kejriwal-on-delhi-services-bill/article-50947</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/arvind-kejriwal-on-delhi-services-bill/article-50947</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Aug 2023 10:54:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-08/arvind-kejriwal.jpg"                         length="55368"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2000 Rupee Note: क्या बढ़ाई जाएगी 2000 रुपये के नोट बदलने की डेडलाइन? वित्त मंत्रालय ने कही ये बात&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[2000 Rupee Note Exchange: आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने 2 हजार के नोट को बैंक में जमा करने व बदलने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया था। इस पर अब वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 2000 रुपये के नोट बदलने या जमा करने की समय सीमा 30 सितम्बर 2023 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/will-the-deadline-to-exchange-2000-rupee-notes-be-extended-finance-ministry-said-this/article-50405"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-07/2000-rupee-note.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">2000 Rupee Note Exchange: आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) ने 2 हजार के नोट को बैंक में जमा करने व बदलने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया था। इस पर अब वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 2000 रुपये के नोट बदलने या जमा करने की समय सीमा 30 सितम्बर 2023 से आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि दो हजार के नोट बदलने की समय सीमा 30 सितंबर से आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/if-you-want-money-stuck-in-sahara-then-bring-these-important-documents/">Sahara India Refund Documents: सहारा में फंसे पैसे चाहिएं तो ये जरूरी डाक्यूमेंट्स लाइये!</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार कोई योजना बना रही है |2000 Rupee Note</h3>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में एक और सवाल किया गया कि क्या सरकार काले धन को समाप्त करने के लिए बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने की योजना बना रही है। तो सरकार के मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि नहीं। आरबीआई ने 19 मई को अचानक से 2000 रुपये के नोटों को प्रचलन से वापस लेने की घोषणा की थी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">2 हजार के नोट कितने प्रतिशत आए</h3>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई के तहत, प्रचलन में मौजूद दो हजार रुपये के नोटों में से 76% या तो बैंकोें में जमा कर दिए गए हैं या बदल दिए गए हैं। दो हजार के नोट जो प्रचलन में हैं वो 19 मई को घोषणा के दिन 3.56 लाख करोड़ रुपये से घटकर 30 जून को 84 हजार करोड़ रुपये हो गए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दो हजार का नोट कब आया था</h3>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि दो हजार रुपये का नोट 10 नवंबर 2016 को लाया गया था। उस समय केन्द्र सरकार की ओर से नोटबंदी की घोषणा के बाद उस समय प्रचलन में रहने वाले पांच सौ रुपये व एक हजार रुपये के नोटों को बंद कर दिया था इसके बाद 500 रुपये का भी नया नोट लाया गया था।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/will-the-deadline-to-exchange-2000-rupee-notes-be-extended-finance-ministry-said-this/article-50405</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/will-the-deadline-to-exchange-2000-rupee-notes-be-extended-finance-ministry-said-this/article-50405</guid>
                <pubDate>Tue, 25 Jul 2023 13:07:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-07/2000-rupee-note.jpg"                         length="51827"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uniform Civil Code Bill: यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आया बड़ा अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। Uniform Civil Code Bill:  पीएम मोदी की ओर से मध्यप्रदेश की धरती से यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र किए जाने से ही बहस जारी है। विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। वहीं इस बीच मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केन्द्र सरकार मॉनसून सत्र (Monsoon Session) में यूनिफॉर्म सिविल कोड […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/uniform-civil-code-bill/article-49442"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/uniform-civil-code-bill.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>Uniform Civil Code Bill:  पीएम मोदी की ओर से मध्यप्रदेश की धरती से यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र किए जाने से ही बहस जारी है। विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। वहीं इस बीच मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केन्द्र सरकार मॉनसून सत्र (Monsoon Session) में यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रस्ताव पेश कर सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मॉनसून सत्र जुलाई में बुलाया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC Bill) का बिल सरकार की ओर से संसदीय स्थायी समिति को भेजा जा सकता है। स्थायी समिति इस बिल पर तमाम हितधारकों से उनके विचार मांगेगी। लेकिन इस बार यूनिफॉर्म सिविल कोड का प्रस्ताव मॉनसून सत्र में पेश होने पर संसद में सियासी घमासान देखने को मिल सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समान नागरिक कानून अधिकार, जानें, कितना है असरदार? Uniform Civil Code Bill</h3>
<p style="text-align:justify;">‘‘दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा’’ भोपाल में कार्यकतार्ओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समान नागरिक संहिता पर बयान देकर एजेंडा सेट करने की कोशिश की है। पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता पर मुसलमानों को उकसाया जा रहा है। साथ ही बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक को उन्होंने ‘फोटो खिंचवाने का अवसर’ करार दिया। पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी सरकार ‘तुष्टिकरण’ की बजाए ‘संतुष्टिकरण’ की राह पर चलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने कहा, ‘एक घर में परिवार के एक सदस्य के लिए एक कानून हो, दूसरे के लिए दूसरा, तो क्या वह परिवार चल पाएगा। फिर ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? हमें याद रखना है कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है’। पीएम मोदी ने पसमांदा मुसलमानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमानों के साथ भी बराबर व्यवहार नहीं किया जाता है। जबकि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के वंचितों के लिए काम किया है। पीएम मोदी ने कहा कि तीन तलाक का समर्थन करने वाले लोग सिर्फ वोट बैंक के भूखे हैं जो मुस्लिम बेटियों के साथ अन्याय कर रहे हैं। Uniform Civil Code Bill</p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी के इस बयान के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह ‘हिन्दू नागरिक संहिता’ लाना चाहते हैं। ओवैसी ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री समान नागरिक संहिता की चर्चा कर रहे हैं। क्या आप समान नागरिक संहिता के नाम पर बहुलवाद, विविधता को छीन लेंगे?’ वे सभी इस्लामी प्रथाओं को अवैध करार दे देंगे और प्रधानमंत्री, कानून के तहत सिर्फ हिंदू प्रथाओं की रक्षा करेंगे।’</p>
<p style="text-align:justify;">ओवैसी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 300 सांसद हैं और वह चुनौती देते हैं कि क्या ‘हिंदू अविभाजित परिवार’ को खत्म कर 0दिया जाएगा और क्या वह ऐसा कर पाएंगे? ओवैसी ने संविधान के नीति निर्देशक तत्वों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की संपत्ति देश के लोगों के बीच वितरित की जाए और देश की 50 प्रतिशत संपत्ति आठ से 10 लोगों के पास है। उन्होंने कहा कि नीति निर्देशक सिद्धांत में शराब पर रोक की भी बात है तो शराब पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाता? गौरतलब है कि चुनाव से पहले पीएम मोदी के समान नागरिक संहिता पर बयान के बाद से नई बहस शुरू हो गई है। समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सबसे ज्यादा बहस शादी-विवाह के कानूनों पर होती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">समान नागरिक कानून | Uniform Civil Code Bill</h4>
<p style="text-align:justify;">समान नागरिक कानून-नाम से ही पता चल रहा है कि इसका मतलब है कि सबके लिए एक नियम। लेकिन भारत जैसे विविधता वाले देश में इसको लागू करना क्या इतना आसान है, जहां सभी को अपने-अपने धर्मों के हिसाब से रहने की आजादी है। समान नागरिक कानून के मुताबिक पूरे देश के लिये एक समान कानून के साथ ही सभी धार्मिक समुदायों के लिये विवाह, तलाक, विरासत, गोद लेने के नियम एक होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">संविधान के अनुच्छेद 44 में भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून का प्रावधान लागू करने की बात कही गई है। अनुच्छेद-44 संविधान के नीति निर्देशक तत्वों में शामिल है। इस अनुच्छेद का उद्देश्य संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य’ के सिद्धांत का पालन करना है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/uniform-civil-code-bill/article-49442</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/uniform-civil-code-bill/article-49442</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Jun 2023 11:33:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-06/uniform-civil-code-bill.jpg"                         length="50012"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नये संसद भवन के उद्घाटन पर डाक टिकट, 75 रु का सिक्का जारी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण और 75 रुपये का सिक्का (75 Rupees Coin) जारी किया। उद्घाटन समारोह नये संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित किया गया था। आसन पर प्रधानमंत्री के साथ लोकसभा अध्यक्ष […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/rs-seventy-five-coin-released/article-48160"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/75-rupees-coin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान एक स्मारक डाक टिकट का अनावरण और 75 रुपये का सिक्का (75 Rupees Coin) जारी किया। उद्घाटन समारोह नये संसद भवन के लोकसभा कक्ष में आयोजित किया गया था। आसन पर प्रधानमंत्री के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य सभा के उप-सभापति डॉ हरिवंश विराजमान थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उद्घाटन भाषण शुरू करने से पहले मोदी ने नया स्मारक डाक टिकट और 75 रुपये का सिक्का (75 Rupees Coin) जारी किया। इस सिक्के के जारी करने की घोषणा 25 मई को की गयी थी। इस करीब 35 ग्राम के सिक्के का व्यास 44 मिमी है, इसमें आधी चांदी, 40 प्रतिशत तांबा और पांच- पांच प्रतिशत निकल और जस्ता के इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक तरफ सिंह की लॉट और उसके दोनों तरफ इंडिया और भारत लिखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिंह लॉट चित्र के नीचे देवनागरी लिपि में सत्यमेव जयते अंकित है। दूसरी तरफ संसद भवन परिसर का चित्र उभारा गया है जिसमें नये तिकोने नये संसद भवन के पीछे वृत्ताकार पुराने संसद भवन भी दशार्या गया और उसके ऊपर देवनागरी में संसद संकुल लिखा गया है। आधी चांदी होने के कारण इसके विधि मान्य मूल्य का इसका धातु मूल्य अधिक है। इसे सिक्यूरिटीज आॅफ प्रिटिंग एंड माइनिंग कारपोरेशन आॅफ इंडिया (एसपीएमसीआईएल) की वेबसाइट से आर्डर किया जा सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="भंडारा शुरू होने से पहले ही रास्ते हुए जाम देखें इस समय का हाल" href="http://10.0.0.122:1245/even-before-the-start-of-bhandara-there-were-jams/">भंडारा शुरू होने से पहले ही रास्ते हुए जाम देखें इस समय का हाल</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/rs-seventy-five-coin-released/article-48160</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/rs-seventy-five-coin-released/article-48160</guid>
                <pubDate>Sun, 28 May 2023 16:10:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/75-rupees-coin.jpg"                         length="44637"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिरासत में लिए गए पहलवान, बजरंग पुनिया बोले- हमें गोली मार दो</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली किले में तब्दील, सिंघू और टिकरी बॉर्डर सील नई दिल्ली। नई संसद भवन के उद्घाटन से ठीक पहले महिला महापंचायत (Wrestlers Protest) के हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बॉर्डर को बड़े पत्थरों से सील कर दिया है। रविवार को नई संसद के उद्घाटन अवसर पर महिला पंचायत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/singhu-and-tikri-border-sealed-converted-into-delhi-fort/article-48152"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/wreslers.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">दिल्ली किले में तब्दील, सिंघू और टिकरी बॉर्डर सील</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> नई संसद भवन के उद्घाटन से ठीक पहले महिला महापंचायत (Wrestlers Protest) के हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बॉर्डर को बड़े पत्थरों से सील कर दिया है। रविवार को नई संसद के उद्घाटन अवसर पर महिला पंचायत की घोषणा के बाद यह कदम उठाया गया है। कई राज्यों की खाप पंचायतों ने जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन को समर्थन करने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अपील के तहत बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। किसान नेता राकेश टिकैत ने दिल्ली के चारों ओर से लोगों को समर्थन करने की अपील की है।  वहीं नई संसद के सामने महापंचायत करने जा रहे पहलवानों को पुलिस ने रोक दिया जिसके बाद दोनों में तीखी नोंकझोक हुई। पहलवानों ने पुलिस बैरिकेड को पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की जिसके बाद कई पहलवानों को हिरासत में ले लिया गया। पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि हमें गोली मार दो।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी के मद्देनजर सिंघू एवं टिकरी बॉर्डरों को सील किया गया है। नई संसद (New parliament) पर महिला पंचायत करने की घोषणा को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ओल्ड बवाना में कंझावला चौक स्थित एक स्कूल में अस्थायी जेल बनाने की स्वीकृति भी पुलिस डिप्टी कमिश्नर से मांगी है। महिला पहलवानों के अनुसार सरकार ने उनसे संपर्क कर 35 दिन लंबे इस धरने प्रदर्शन को रोकने की अपील की थी लेकिन पहलवान कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">आज हो रहा है नई संसद का उद्घाटन</h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendera Modi) आज नई संसद का उद्घाटन कर रहे हैं। लेकिन उद्घाटन कार्यक्रम पर पहलवानों के प्रदर्शन का साया मंडराने लगा है। इस उद्घाटन अवसर पर महिला सम्मान महापंचायत बुलाई गई है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की अपील पर देशभर से महिलाओं के साथ पुरुष भी दिल्ली की नई संसद पर पहुंच रहे हैं। पहलवानों के समर्थन में नई संसद का देशभर की महिलाएं घेराव करेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दिल्ली को किया गया किले में तब्दील | Wrestlers Protest</h3>
<p style="text-align:justify;">नई संसद के उद्घाटन को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत दिल्ली पुलिस ने सिंघू और टिकरी बॉर्डर को बड़े पत्थरों से सील कर दिया। ओलिंपिक पदक विजेता विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक समेत देश के कई चोटी के पहलवान 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं। जो बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। दिल्ली पुलिस ने अंदेशा जताया था कि नई संसद के उद्घाटन अवसर पर हरियाणा बॉर्डर से बड़ी संख्या में लोग राजधानी में प्रवेश कर सकते हैं। जिसे देखते हुए कानून-व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। इस संबंध में पुलिस डिप्टी कमिश्नर से ओल्ड बवाना के कंझावला स्थित एक स्कूल में अस्थायी जेल बनाने की अनुमति मांगी गई थी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/singhu-and-tikri-border-sealed-converted-into-delhi-fort/article-48152</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/singhu-and-tikri-border-sealed-converted-into-delhi-fort/article-48152</guid>
                <pubDate>Sun, 28 May 2023 11:08:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/wreslers.jpg"                         length="77331"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए संसद भवन का हुआ उद्घाटन , पीएम मोदी ने किया दंडवत् प्रणाम</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/pm-with-sangul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament) के उद्घाटन अवसर पर हवन-पूजन चल रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पीकर ओम बिड़ला संसद में उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम कर स्पीकर की कुर्सी के बगल में स्थापित किया, जिसकी काफी चर्चाएं भी चली हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendera MOdi) ने संसद के निर्माण में अपना योगदान देने वाले श्रमयोगियों को सम्मानित किया। पीएम मोदी सुबह 7:30 बजे संसद भवन पहुंचे और सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद हवन शुरू हुआ और सेंगोल ग्रहण करते समय पीएम मोदी द्वारा उपस्थित सभी साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। उद्घाटन से पूर्व प्रधानमंत्री ने पार्लियामेंट बिल्डिंग के वीडियो के लिए सभी से वॉयस ओवर देने की अपील की थी। तत्पश्चात शाहरुख खान, अक्षय कुमार और अनुपम खेर जैसे सेलेब्रिटीज ने इस वीडियो में अपनी आवाज दी। बता दें कि संसद के उद्घाटन का विपक्ष के 20 दलों ने बायकॉट किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कार्यक्रम सुबह साढ़े 7 बजे से पूजा और हवन के साथ शुरू उद्घाटन (Inauguration) कार्यक्रम 7 घंटे चलेगा। साढ़े 8 से 9 बजे के बीच लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के पास सेंगोल की स्थापना की गई। इससे पहले पार्लियामेंट लॉबी में प्रार्थना सभा हुई। इस उद्घाटन अवसर पर 12 बजे नई पार्लियामेंट बिल्डिंग से जुड़ी दो शॉर्ट फिल्में भी दिखाई जाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का संदेश पढ़ा जाएगा। दोपहर 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 रुपए का स्पेशल सिक्का और स्टाम्प जारी करेंगे। उसके 10 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना भाषण देंगे और फिर ढाई बजे कार्यक्रम की समाप्ति की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/inauguration-of-the-new-parliament-house/article-48147</guid>
                <pubDate>Sun, 28 May 2023 09:03:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/pm-with-sangul.jpg"                         length="124610"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कायम रहे संसद की मर्यादा</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नए संसद भवन का उद्धाटन राष्ट्रपति (President) से कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगा और यह अदालत का विषय भी नहीं है। उद्घाटन समारोह एक पॉलिटिकल इवेंट बन गया है। भारत के नए संसद […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/so-that-the-dignity-of-the-parliament-remains/article-48115"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-parliament-building.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नए संसद भवन का उद्धाटन राष्ट्रपति (President) से कराने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में दखल नहीं देगा और यह अदालत का विषय भी नहीं है। उद्घाटन समारोह एक पॉलिटिकल इवेंट बन गया है। भारत के नए संसद भवन परिसर का उद्घाटन एक खुशी का अवसर है, लेकिन इस खुशी के अवसर पर एक शिकायत राजनीतिक गलियारों से होती हुई सर्वोच्च न्यायालय में पहुंच गई। विपक्षी दलों की दलील है कि नया संसद भवन एक इमारत मात्र नहीं है। यह प्राचीन परंपराओं, मूल्यों के साथ ही भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं सरकार कहती है कि देश में बढ़ती आबादी के साथ नये लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन होता है तो उसके अनुरूप भविष्य में संसद में अधिक सांसदों के बैठने की जगह होनी चाहिए। ताकि संसद का कार्य सुचारू रूप से चल सके। 28 मई को नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित न करना विधायिका या कार्यपालिका द्वारा किया गया फैसला है और इसकी विवेचना अवश्य होनी चाहिए। यह राजनीति का विषय ही नहीं है, व्यावहारिकता से जुड़ा विषय है। ऐसे विषयों पर किसी भी व्यवस्था में बहस लगातार होती रहती है और समय के साथ उसमें सुधार भी होते रहते हैं। लोकतंत्र में संसद का वही स्थान है, जो भारतीय संस्कृति में मंदिर का है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे संविधान निर्माताओं ने इसलिए कहा भी था कि लोकतंत्र (Democracy) में प्रत्येक विचार का केंद्र बिंदु संसद ही है और राष्ट्र निर्माण में उसकी अहम भूमिका है। संसद के नवनिर्मित भवन को गुणवत्ता के साथ रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है। चार मंजिला संसद भवन में 1272 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है। लोकतंत्र का हमारा ये इतिहास देश के हर कोने में नजर आता है। कुछ पुरातन शब्दों से तो हम बराबर परिचित हैं, जैसे सभा, समिति, गणपति, गणाधिपति। ये शब्दावली हमारे मन मस्तिष्क में सदियों से प्रवाहित है। हजारों साल पहले रचित हमारे ऋग्वेद में लोकतंत्र के विचार को समज्ञान यानि समूह चेतना के रूप में देखा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">संसदीय व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सतत संवाद, सहमति, सहयोग, सहकार, स्वीकार और सम्मान का भाव प्रबल होना ही चाहिए। यही लोकतंत्र की विशेषता है। इसी में संसदीय परंपरा की महिमा और गरिमा है। संभव है, इसे कुछ लोग कोरी राजनीति कहकर विशेष महत्व न दें, बल्कि सीधे खारिज कर दें, परंतु मूल्यों के अवमूल्यन के इस दौर में ऐसी राजनीति की महती आवश्यकता है। ऐसी राजनीति ही राष्ट्र-नीति बनने की संभावना रखती है। ऐसी राजनीति से ही देश एवं व्यवस्था का सुचारू संचालन संभव होगा। संसद देश के एक सौ चालीस करोड़ से अधिक लोगों के लिये लोकतंत्र का मंदिर है। उसकी शुचिता-गरिमा को बनाये रखना सभी राजनीतिक दलों का दायित्व भी है। सत्तापक्ष व विपक्ष को इसका ध्यान रखना होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/so-that-the-dignity-of-the-parliament-remains/article-48115</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/so-that-the-dignity-of-the-parliament-remains/article-48115</guid>
                <pubDate>Sat, 27 May 2023 10:57:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/new-parliament-building.jpg"                         length="118292"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New 75 Rupee Coin: नए संसद भवन के उद्घाटन को ‘खास’ बनाने के लिए हो रही है 4 धातुओं से लैस ये खास चीज उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[नए संसद भवन के खास उद्घाटन पर ‘खास’ लॉन्चिंग | new parliament building नई दिल्ली। बता दें कि 28 मई दिन रविवार को नए (New 75 Rupee Coin) संसद भवन का उद्घाटन होने जा रहा है। इस मौके को खास और यादगार बनाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है, वित्त मंत्रालय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/new-75-rupee-coin/article-48078"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/new-75-rupee-coin.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">नए संसद भवन के खास उद्घाटन पर ‘खास’ लॉन्चिंग | new parliament building</h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> बता दें कि 28 मई दिन रविवार को नए (New 75 Rupee Coin) संसद भवन का उद्घाटन होने जा रहा है। इस मौके को खास और यादगार बनाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है, वित्त मंत्रालय ने गुरुवार (25 मई) को एलान किया कि नए संसद भवन के उद्घाटन को यादगार बनाने के लिए 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, सिक्के पर नए संसद भवन की तस्वीर और उसका नाम लिखा होगा। नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। आइए जानते हैं 75 रुपये के नए सिक्के की रूपरेखा…</p>
<h4 style="text-align:justify;">कैसा होगा? New 75 Rupee Coin</h4>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, 75 रुपये का सिक्का गोल गोल होगा। सिक्के का व्यास 44 मिलीमीटर और किनारों पर 200 सेरेशन होगा। 75 रुपये का ये स्मारक सिक्का चार धातुओं को मिलाकर बनाया जाएगा, जिसमें 50 फीसदी चांदी, 40 फीसदी तांबा, 5 फीसदी निकल और 5 फीसदी जिंक का इस्तेमाल किया जाएगा। नए संसद भवन की तस्वीर के नीचे 2023 भी लिखा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं सिक्के के सामने वाले हिस्से के बीच में अशोक स्तंभ का सिंह और सत्यमेव जयते लिखा होगा। सिक्के पर देवनागरी लिपि में भारत और अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा। पीछे के हिस्से में ऊपरी परिधि में देवनागरी लिपि में संसद भवन और निचली परिधि में अंग्रेजी में संसद भवन लिखा होगा। सिक्के का डिजाइन संविधान के पहली अनुसूची में दिए गए दिशा-निदेर्शों के अनुसार ही होगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/new-75-rupee-coin/article-48078</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/business/new-75-rupee-coin/article-48078</guid>
                <pubDate>Fri, 26 May 2023 10:44:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-05/new-75-rupee-coin.jpg"                         length="46536"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संसद में विपक्ष का ‘ब्लैक ड्रेस प्रदर्शन’, सोनिया गांधी ने भी पहने काले कपड़े</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस के भारी हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। राज्यसभा में आज कांग्रेस सहित विपक्षी (Congress MP black dress protest) दलों के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण आवश्यक दस्तावेज भी सदन पटल पर नहीं रखे जा सके और सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सभापति जगदीप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/oppositions-black-dress-demonstration-in-parliament-sonia-gandhi-also-wore-black-clothes/article-45203"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/soniya-ghandi.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">कांग्रेस के भारी हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राज्यसभा में आज कांग्रेस सहित विपक्षी (Congress MP black dress protest) दलों के भारी हंगामे और नारेबाजी के कारण आवश्यक दस्तावेज भी सदन पटल पर नहीं रखे जा सके और सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सभापति जगदीप धनखड़ के सदन में आने के साथ ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया जिसके कारण चंद मिनटों में ही कार्यवाही स्थगित करनी पड़ गयी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके कारण न:न तो कोई आवश्यक दस्तावेज सदन पटल पर रखे जा सके और न: न ही कोई कामकाज हो सका। नारेबाजी और हंगामे को देखते हुये सभापति ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी। वहीं संसद में विपक्ष ने ब्लैक डेÑस पहन कर प्रदर्शन किया। सोनिया गांधी ने भी काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">संसद में विरोध प्रदर्शन | Congress MP black dress protest</h3>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के सांसद एवं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानी के एक मामले में दो वर्ष की सजा सुनाये जाने के बाद लोकसभा से उसकी सदस्यता समाप्त कर दी गयी है। इसका कांग्रेस सदस्य के साथ ही दूसरे विपक्षी दल भी विरोध कर रहे हैं। आज भी कांग्रेस सदस्य हंगामा और नारेबाजी कर रहे थे लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं सुना जा रहा था। संसद के वर्तमान बजट सत्र के दूसरे चरण में अब तक एक भी दिन सदन की कार्यवाही नहीं चली है और अब तक कोई कामकाज भी नहीं हो सका है। आज भी कोई कामकाज नहीं हुआ।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/oppositions-black-dress-demonstration-in-parliament-sonia-gandhi-also-wore-black-clothes/article-45203</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/oppositions-black-dress-demonstration-in-parliament-sonia-gandhi-also-wore-black-clothes/article-45203</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Mar 2023 11:56:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2023-03/soniya-ghandi.jpg"                         length="57852"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        