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                <title>PM Awas Yojana (Rural) - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>PM Awas Yojana (Rural) RSS Feed</description>
                
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                <title>ओढ़ां में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी परेशान,  कहीं तंबुओं मे तो कहीं किराए के मकान में पड़ा है सामान</title>
                                    <description><![CDATA[ओढां खंड के गांव लकडांवाली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्के घरों का सपना अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। गांव के लोगों का कहना है कि पहले उनके पास कच्चे ही सही, लेकिन सिर छुपाने के लिए छत तो थी। पक्के मकान की उम्मीद में उन्होंने अपने पुराने घर तोड़ दिए, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि उनके पास रहने तक की जगह नहीं बची है और घरेलू सामान तंबुओं में पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/beneficiaries-of-pradhan-mantri-awas-yojana-gramin-in-odhan-are/article-84240"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/odhan-pm-awas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">PM Awas Yojana (Rural): ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। ओढां खंड के गांव लकडांवाली में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्के घरों का सपना अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। गांव के लोगों का कहना है कि पहले उनके पास कच्चे ही सही, लेकिन सिर छुपाने के लिए छत तो थी। पक्के मकान की उम्मीद में उन्होंने अपने पुराने घर तोड़ दिए, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि उनके पास रहने तक की जगह नहीं बची है और घरेलू सामान तंबुओं में पड़ा है। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण मेजर सिंह, हरभजन सिंह, जनकराज, सुखदेव सिंह, हरजस सिंह और बीकर सिंह सहित कई लोगों ने बताया कि मार्च 2025 में योजना के तहत पहली किस्त मिलने के बाद उन्होंने नियमानुसार अपने मकानों का निर्माण शुरू कर दिया और डोर लैंटर तक काम पूरा कर लिया। लेकिन इसके बाद दूसरी किस्त की राशि अब तक जारी नहीं हुई है। लाभार्थियों का कहना है कि वे पिछले एक साल से सरपंच, बीडीपीओ और उपायुक्त कार्यालय के लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर जगह से यही जवाब मिलता है कि ऊपर से फंड नहीं आया।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी किस्त के अभाव में उनके मकान अधूरे पड़े हैं और वे मजबूरी में तंबुओं या किराए के मकानों में रहने को विवश हैं। पंचायत के अनुसार वर्ष 2024-25 में गांव में 65 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 42 को पहली किस्त के रूप में 45 हजार रुपये और 11 हजार रुपये मजदूरी के मिले, जबकि करीब 22 लाभार्थियों को पहली किस्त भी नहीं मिली। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द समस्या के समाधान की मांग की है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">843 लोगों ने किया था आवेदन....</h5>
<p style="text-align:justify;">ओढ़ां खंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना वर्ष 2024-25 के तहत लाभार्थियों को किस्तों के भुगतान में देरी गंभीर समस्या बन गई है। इस योजना के लिए कुल 843 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से सर्वे के बाद 417 आवेदकों को पात्र माना गया। हालांकि, इनमें से 174 लाभार्थियों को अब तक पहली किस्त भी प्राप्त नहीं हुई, जबकि 243 लाभार्थी दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए 1 लाख 38 हजार रुपये तीन किस्तों में दिए जाने हैं। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">पहली किस्त 45 हजार रुपये निर्माण शुरू करने के लिए, दूसरी किस्त 60 हजार रुपये लेंटर तक कार्य पूरा होने पर और तीसरी किस्त 33 हजार रुपये मकान पूर्ण होने के बाद दी जाती है। जिन लाभार्थियों को पहली किस्त मिली, उन्होंने निर्माण कार्य लेंटर तक पहुंचा दिया, लेकिन आगे की राशि न मिलने के कारण मकान अधूरे पड़े हैं। कई घरों में पिछले एक वर्ष से छत नहीं लग पाई है। लाभार्थी बीडीपीओ कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सुनीता देवी, रानी, अंगूरी देवी सहित अन्य लाभार्थियों ने बताया कि राशि के अभाव में उनका मकान बिना छत के खड़ा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">किस गांव में कितने लाभार्थी हैं ...</h5>
<p style="text-align:justify;">इस योजना के तहत ओढ़ां खंड में कुल 417 लाभार्थी हैं। जिनमें गांव नुहियांवाली में 11, गांव ओढ़ां में 48, गांव देसू मलकाना में 57, गांव लक्कड़ांवाली में 38, गांव ख्योवाली में 06, गांव मलिकपुरा में 07, गांव मिठड़ी में 17, गांव किंगरे में 02, गांव जंडवाला जटान में 01, गांव जलालआना में 20, गांव चोरमारखेड़ा में 02, गांव टप्पी में 09, गांव जगमालवाली में 15, गांव घुकांवाली में 12, गांव सालमखेड़ा में 01, गांव रोहिड़ांवाली में 12, गांव हस्सू में 15, गांव च_ा   में 06, गांव गदराना में 26, गांव कालांवाली में 08, गांव केवल में 15, गांव खोखर में 09, गांव खतरावां में 01, गांव माखा में 15, गांव नोरंग में 10, गांव पिपली में 04, गांव सिंघपुरा में 11, गांव तारु आना में 08, गांव तिगड़ी में 05 तथा गांव तिलोकेवाला में 01 लाभार्थी शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">बजट के अभाव में किश्त जारी नहीं हो रही। हम अपनी रिपोर्ट में रिमाइंडर भी डालते रहते हैं। जब पीछे से बजट आएगा तभी किस्त जारी होगी। <strong>- सुभाष, अकाउंटेंट (बीडीपीओ कार्यालय, ओढ़ां) </strong></p>
<p style="text-align:justify;">लोग हर रोज हमारे पास किस्त को लेकर आते हैं हम उन्हें जवाब देते देते थक चुके हैं अधिकारियों को भी हमने अनेकों बार अवगत करवा दिया लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा, लोगों के मकान अधर में लटकने के चलते वे परेशान हो रहे हैं। <strong>-भीम सिंह दादरवाल, सरपंच </strong></p>
<h5 style="text-align:justify;">खुले दरबार में  उठा था मुद्दा...</h5>
<p style="text-align:justify;">गांव लकड़ांवाली में 26 फरवरी को प्रशासन का खुला दरबार लगा था जिसमें गांव के साथ-साथ अन्य गांव के लोगों ने भी मकान की किस्त जारी नहीं होने का मुद्दा उठाया था। जिस पर जिला प्रशासन ने लाभार्थियों को 10 दिन में किस्त जारी होने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक भी किश्त जारी नहीं हुई। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:41:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>Sirsa News: ओढ़ां में सैकड़ों गरीब परिवारों के सपनों का आशियाना बिना किश्त के बिना छत खड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[PM Awas Yojana (Rural): ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ओढ़ां खंड में सैकड़ों गरीब परिवारों के सपनों का आशियाना अधूरा खड़ा है। करीब एक वर्ष से मकान बिना छत के खड़े हैं और लाभार्थी किश्त जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। बीडीपीओ कार्यालय से लेकर गांव के सरपंचों तक चक्कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-dream-homes-of-hundreds-of-poor-families-in-odhan-are-standing-without-installments-and-without-a-roof/article-81604"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/pm-awas-yojana-rural-odhan.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<p>PM Awas Yojana (Rural): ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ओढ़ां खंड में सैकड़ों गरीब परिवारों के सपनों का आशियाना अधूरा खड़ा है। करीब एक वर्ष से मकान बिना छत के खड़े हैं और लाभार्थी किश्त जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। बीडीपीओ कार्यालय से लेकर गांव के सरपंचों तक चक्कर काटने के बावजूद उन्हें सिर्फ एक ही जवाब मिल रहा है बजट नहीं आया है। स्थिति यह है कि कई गांवों में सरपंचों ने अपने स्तर पर निर्माण सामग्री तक उठवा दी, लेकिन किश्त जारी न होने से उनका पैसा भी अटक गया है। Sirsa News</p>
<p>लाभार्थियों का कहना है कि उन्होंने पहली किश्त से मकान का ढांचा खड़ा कर लिया, पर दूसरी किश्त न मिलने से काम ठप पड़ा है। कुछ परिवारों को तो पहली किश्त भी नसीब नहीं हुई। वर्ष 2024-25 में ओढ़ां खंड से 843 आवेदनों में से 417 को पात्र पाया गया। इनमें से 174 लाभार्थियों को पहली किश्त ही नहीं मिली, जबकि 243 दूसरी किश्त का इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 1.38 लाख रुपये तीन किश्तों में दिए जाने हैं। 45 हजार रुपये पहली किश्त (निर्माण शुरू करने हेतु), 60 हजार रुपये दूसरी किश्त (लेंटर तक कार्य पूरा होने पर) व 33 हजार रुपये तीसरी किश्त (मकान पूर्ण होने पर) दिए जाते है। पहली किश्त मिलने के बाद कई लाभार्थियों ने मकान का कार्य लेंटर तक पहुंचा दिया, लेकिन आगे की राशि न आने से छत डालने का काम पिछले एक साल से लटका हुआ है।</p>
</div>
<h3 style="text-align:justify;">बारिश में झेली लोगों ने परेशानी | Sirsa News</h3>
<div style="text-align:justify;">गांव नुहियांवाली की सुनीता देवी, रानी, अंगूरी देवी, कमलेश, शांति देवी, सुमन देवी और बलराम ने बताया कि उन्होंने 45 हजार रुपये से निर्माण शुरू कर दिया था। उम्मीद थी कि जल्द दूसरी किश्त आ जाएगी, लेकिन अब मकान बिना छत के खड़े हैं। सालमखेड़ा, रोहिड़ांवाली, श्री जलालआना, मिठड़ी, लक्कड़ांवाली और ओढ़ां के लाभार्थियों ने बताया कि शीघ्र निर्माण की आस में उन्होंने पुराने मकान तक तोड़ दिए थे। बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।</div>
<h3 style="text-align:justify;">गांवों के अनुसार लाभार्थियों की संख्या</h3>
<div style="text-align:justify;">इस योजना के तहत ओढ़ां खंड में कुल 417 लाभार्थी हैं। जिनमें गांव नुहियांवाली में 11, गांव ओढ़ां में 48, गांव देसुमलकाना में 57, गांव लक्कड़ांवाली में 38, गांव ख्योवाली में 06, गांव मलिकपुरा में 07, गांव मिठड़ी में 17, गांव किंगरे में 02, गांव जंडवाला जटान में 01, गांव जलालआना में 20, गांव चोरमारखेड़ा में 02, गांव टप्पी में 09, गांव जगमालवाली में 15, गांव घुकांवाली में 12, गांव सालमखेड़ा में 01, गांव रोहिड़ांवाली में 12, गांव हस्सू में 15, गांव चट्ठा में 06, गांव गदराना में 26, गांव कालांवाली में 08, गांव केवल में 15, गांव खोखर में 09, गांव खतरावां में 01, गांव माखा में 15, गांव नोरंग में 10, गांव पिपली में 04, गांव सिंघपुरा में 11, गांव तारुआना में 08, गांव तिगड़ी में 05 तथा गांव तिलोकेवाला में 01 लाभार्थी शामिल है। इन कुल 417 में से कुच्छेक को छोड़कर अधिकांश लाभार्थियों को योजना का पूरी तरह से योजना का लाभ नहीं मिला है। किसी का कार्य शुरू ही नहीं हो पाया तो किसी का बीच में ही लटका हुआ है।</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">बीडीपीओ कार्यालय के अकाउंटेंट सुभाष ने बताया बजट के अभाव में किश्त जारी नहीं हो रही है। हम अपनी रिपोर्ट में रिमाइंडर भी डालते रहते हैं। जब पीछे से बजट आएगा तभी किश्त जारी होगी। Sirsa News</div>
<div></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 10:04:29 +0530</pubDate>
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