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                <title>Iran US War - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Iran US War RSS Feed</description>
                
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                <title>US-Iran War:  ईरान की 7 शर्तों के बाद ट्रंप ने कैंप डेविड छोड़ा, व्हाइट हाउस लौटे; सऊदी पर हूतियों के हमले से बढ़ा तनाव</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की 7 शर्तों के बाद ट्रंप ने कैंप डेविड छोड़ा, व्हाइट हाउस लौटे; सऊदी पर हूतियों के हमले से बढ़ा तनाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/trump-left-camp-david-and-returned-to-the-white-house-after-iran-s-seven-conditions--tensions-escalated-following-houthi-attacks-on-saudi-arabia/article-91398"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/us-iran-war.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>US-Iran War:</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक कैंप डेविड से व्हाइट हाउस लौट आए हैं। ट्रंप अपना वीकेंड कैंप डेविड में बिताने वाले थे, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही शनिवार शाम व्हाइट हाउस पहुंच गए। उनका यह कदम ऐसे समय हुआ है, जब ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने और बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए शर्तें रखी हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव <strong>मोहसिन रेजाई</strong> ने अल जजीरा को बताया कि कतर ने मध्यस्थ के तौर पर तेहरान की शर्तें वॉशिंगटन तक पहुंचा दी हैं और अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है। रेजाई ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरान की मांगों को स्वीकार नहीं करता है तो तेहरान ‘निर्णायक युद्ध’ के लिए तैयार है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ईरान की शर्तों में क्या शामिल है?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान ने कुल सात शर्तें रखे जाने की बात कही है, लेकिन सार्वजनिक रूप से रेजाई ने फिलहाल तीन प्रमुख शर्तों का खुलासा किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>ईरान की बताई गई प्रमुख मांगें हैं:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त किया जाए।</li>
<li>ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियां और धनराशि जारी की जाए।</li>
<li>अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करे।</li>
</ul>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाकी चार शर्तों की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। रेजाई ने कहा कि कतर के जरिए ये शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई जा चुकी हैं और अब तेहरान वॉशिंगटन के जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ट्रंप ने क्यों छोड़ा कैंप डेविड?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को कैंप डेविड पहुंचे थे और रविवार तक वहां रहने का कार्यक्रम था। हालांकि, शनिवार शाम वह अचानक व्हाइट हाउस लौट आए। अमेरिकी प्रशासन की ओर से उनकी वापसी की कोई विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उनकी वापसी ऐसे समय हुई जब पश्चिम एशिया में सैन्य और राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी विदेश विभाग और क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी राजनयिक मिशनों ने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अमेरिका ने जारी किया हाई सिक्योरिटी अलर्ट</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को यात्रा से जुड़े जोखिमों और उड़ानों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी चेतावनी ऐसे समय आई है जब ईरान से जुड़े क्षेत्रीय समूहों की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। वॉशिंगटन ने आशंका जताई है कि मौजूदा सैन्य संघर्ष के तेजी से फैलने की संभावना है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रियाद पर हूतियों का मिसाइल हमला</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस बीच पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने वाली एक और बड़ी घटना सामने आई है। सऊदी अरब ने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों ने राजधानी <strong>रियाद</strong> की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की एयर डिफेंस प्रणाली ने रोक दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हूतियों ने भी रियाद में ‘संवेदनशील ठिकानों’ को निशाना बनाने का दावा किया। सऊदी पक्ष के मुताबिक, हूतियों ने बिशा, ताइफ, फरासन और यानबू में नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश भी की, लेकिन इन हमलों को विफल कर दिया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रॉयटर्स के मुताबिक, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार भी देखा गया। सऊदी पक्ष ने मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कोशिश जारी</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। कतर और पाकिस्तान दोनों अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान के रेजाई ने कहा है कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए उसकी शर्तों पर सहमति जरूरी होगी। दूसरी ओर, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान सैन्य संघर्ष के लिए भी तैयार है। इस तरह फिलहाल पश्चिम एशिया में एक तरफ बातचीत की कोशिशें चल रही हैं और दूसरी तरफ सैन्य तनाव बना हुआ है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आगे क्या होगा?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब निगाहें ट्रंप प्रशासन के जवाब पर हैं। ईरान ने अपनी मांगें मध्यस्थ के जरिए अमेरिका तक पहुंचा दी हैं और अमेरिका की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप का कैंप डेविड से समय से पहले लौटना, ईरान की शर्तें और रियाद पर हूतियों का मिसाइल हमला—इन घटनाओं ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ती है या सैन्य तनाव और बढ़ता है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 11:40:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Iran-US Conflict: ईरान संघर्ष पर बड़ी चेतावनी: टकराव का सबसे गंभीर व खतरनाक दौर आना अभी बाकी</title>
                                    <description><![CDATA[Ray Dalio Warning: नई दिल्ली। दुनिया के जाने-माने निवेशक और ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो ने ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस टकराव का सबसे गंभीर और निर्णायक चरण अभी बाकी है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर होने वाली अंतिम लड़ाई ही यह तय करेगी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/major-warning-on-the-iran-conflict-the-most-severe-and-dangerous-phase-of-the-confrontation-is-yet-to-come/article-83364"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/ray-dalio.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ray Dalio Warning: नई दिल्ली। दुनिया के जाने-माने निवेशक और ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो ने ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस टकराव का सबसे गंभीर और निर्णायक चरण अभी बाकी है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर होने वाली अंतिम लड़ाई ही यह तय करेगी कि इस युद्ध में कौन जीतेगा और कौन हारेगा। Iran-US Conflict</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी अरबपति डालियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस संघर्ष में शामिल सभी पक्ष जानते हैं कि असली और निर्णायक लड़ाई अभी नहीं लड़ी गई है। उनके अनुसार, यह ‘फाइनल बैटल’ ही युद्ध का परिणाम तय करेगी और इसका असर लंबे समय तक वैश्विक शक्ति संतुलन पर पड़ेगा। उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान की संभावना को लगभग खारिज करते हुए कहा कि इस स्थिति में समझौते ‘बेकार’ साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा है कि आगे आने वाला दौर इस संघर्ष का सबसे खतरनाक चरण हो सकता है।</p>
<h3>”अमेरिका ऐसा करने में विफल रहता है, तो इसे उसकी हार मानी जाएगी”</h3>
<p style="text-align:justify;">डालियो के मुताबिक, पूरे संघर्ष का केंद्र एक अहम सवाल पर टिका है—क्या अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित व्यापारिक आवाजाही सुनिश्चित कर सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ऐसा करने में विफल रहता है, तो इसे उसकी हार मानी जाएगी, भले ही ईरान को थोड़ी भी नियंत्रण शक्ति मिल जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसमें खाड़ी देशों के साथ संबंधों को नुकसान, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, सहयोगी देशों का भरोसा कम होना और डॉलर की वैश्विक स्थिति पर खतरा शामिल है। इससे निवेश और पूंजी का रुख भी बदल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पांच शताब्दियों के साम्राज्यवादी चक्रों के अपने अध्ययन के आधार पर, डालियो ने कहा कि अगर अमेरिका इस संकट को संभालने में विफल रहता है, तो यह स्थिति 1956 के स्वेज नहर संकट जैसी हो सकती है, जिसने ब्रिटेन की वैश्विक ताकत को कमजोर कर दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि इसी तरह का पैटर्न 18वीं शताब्दी में डच साम्राज्य और 17वीं शताब्दी में स्पेनिश साम्राज्य के पतन के दौरान भी देखा गया था, जब किसी अहम व्यापारिक मार्ग पर नियंत्रण खोने से वैश्विक शक्ति संतुलन बदल गया। डालियो के मुताबिक, ईरान-होर्मुज संकट सिर्फ एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन पर गहरा असर पड़ सकता है। Iran-US Conflict</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 16:37:29 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Iran-US Ceasefire: ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद तेल की कीमतें हुई कम, पाकिस्तान ने दिया &amp;#8216;इस्लामाबाद वार्ता&amp;#8217; का न्योता</title>
                                    <description><![CDATA[Oil prices fell: वॉशिंगटन। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उस समय उल्लेखनीय नरमी देखने को मिली जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस निर्णय से खाड़ी क्षेत्र में संभावित बड़े सैन्य टकराव की आशंकाएं घट गईं, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/oil-prices-drop-following-iran-us-ceasefire-pakistan-extends-invitation-for-islamabad-talks/article-83213"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/oil-fall.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Oil prices fell: वॉशिंगटन। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उस समय उल्लेखनीय नरमी देखने को मिली जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को दो सप्ताह के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस निर्णय से खाड़ी क्षेत्र में संभावित बड़े सैन्य टकराव की आशंकाएं घट गईं, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गए, जिससे हाल के सप्ताहों की तेजी पर विराम लग गया। यह तेजी मुख्यतः Strait of Hormuz के आसपास कई सप्ताह से बने तनाव के कारण उत्पन्न हुई थी। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके माध्यम से विश्व के कुल तेल परिवहन का बड़ा भाग संचालित होता है। Iran-US Ceasefire</p>
<p style="text-align:justify;">उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दोनों देशों के प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी उम्मीद है कि ‘इस्लामाबाद वार्ता’ स्थायी शांति प्राप्त करने में सफल होगी। अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम की आपसी सहमति के बाद आधिकारिक रूप से सीजफायर की घोषणा कर चुके हैं। इसमें पाकिस्तान बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है।</p>
<h3>युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक संकेत देखने को मिले</h3>
<p style="text-align:justify;">द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि Tehran जलडमरूमध्य में नौवहन गतिविधियों को पूर्ण रूप से सामान्य करता है, तो सैन्य कार्रवाई को टालने की संभावना बनी रह सकती है। इस घोषणा के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में सकारात्मक संकेत देखने को मिले और प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों से जुड़े वायदा अनुबंधों में दो प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताहों से ईरान द्वारा इस मार्ग में आंशिक प्रतिबंध लगाए जाने की खबरों के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई थी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज हो गया था और व्यापारिक गतिविधियों पर दबाव बना हुआ था। Iran-US Ceasefire</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, संभावित युद्धविराम की घोषणा के बाद एशियाई बाजारों में भी उत्साह दिखाई दिया। जापान का निक्केई सूचकांक तथा साउथ कोरिया का कोस्पी सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होने का संकेत मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों के एक वर्ग ने पहले ही यह अनुमान लगाया था कि ट्रंप प्रशासन कूटनीतिक दबाव की रणनीति अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई की समयसीमा आगे बढ़ा सकता है। इसी संभावना के आधार पर बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बनी रही।</p>
<h3>स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं कही जा सकती</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि स्थिति अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं कही जा सकती। प्रस्तावित दो सप्ताह की अवधि इस बात पर निर्भर करेगी कि जलमार्ग में आवाजाही पूरी तरह सामान्य रहती है और क्षेत्रीय तनाव में पुनः वृद्धि नहीं होती। इस दौरान मिसाइल एवं ड्रोन गतिविधियों की छिटपुट सूचनाएं सामने आने से निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज विश्व के सबसे संवेदनशील ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा का प्रभाव तत्काल वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों के लिए खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियां विशेष महत्व रखती हैं। तेल की कीमतों में निरंतर उतार-चढ़ाव का असर महंगाई दर, मुद्रा स्थिरता तथा समग्र आर्थिक विकास पर पड़ सकता है। ऐसे में आगामी दो सप्ताह की कूटनीतिक गतिविधियां वैश्विक ऊर्जा बाजारों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। Iran-US Ceasefire</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 09:39:14 +0530</pubDate>
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                <title>Iran News: ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान ने किया ये बड़ा ऐलान!</title>
                                    <description><![CDATA[40 दिनों के शोक की घोषणा तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के निधन की आधिकारिक पुष्टि के बाद देश में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है। राजधानी Tehran सहित प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और शासकीय कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। सरकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/iran-made-a-major-announcement-following-the-death-of-the-iranian-supreme-leader/article-81836"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/ali-khamenei-death.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">40 दिनों के शोक की घोषणा</h3>
<p style="text-align:justify;">तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के निधन की आधिकारिक पुष्टि के बाद देश में 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है। राजधानी Tehran सहित प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और शासकीय कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। सरकारी माध्यमों के अनुसार, हालिया सैन्य घटनाक्रम में खामेनेई के कुछ परिजनों के भी हताहत होने की सूचना है। यद्यपि इन दावों के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि की प्रतीक्षा है, किंतु देश में शोक और आक्रोश दोनों की स्थिति देखी जा रही है। Iran News</p>
<p style="text-align:justify;">Anthony Albanese ने स्पष्ट किया कि उनका देश इस घटना पर शोक नहीं मनाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व की नीतियों को लेकर ऑस्ट्रेलिया की पूर्व से ही आपत्तियाँ रही हैं और वर्तमान परिस्थिति को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके वक्तव्य के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया मंच Truth Social पर संदेश जारी करते हुए इस घटनाक्रम को निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि यह ईरान की आंतरिक दिशा में परिवर्तन का अवसर हो सकता है। साथ ही संकेत दिया कि क्षेत्र में सैन्य अभियान तब तक जारी रह सकता है, जब तक घोषित उद्देश्यों की पूर्ति न हो जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषकों का मत है कि इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और जटिल हो सकती है। ईरान के सुरक्षा तंत्र, विशेषकर Islamic Revolutionary Guard Corps, की गतिविधियों पर वैश्विक निगाहें टिकी हुई हैं। कूटनीतिक संवाद और संभावित प्रतिउत्तर की आशंकाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयम बरतने की अपील कर रहा है। Iran News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 16:26:03 +0530</pubDate>
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