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                <title>Soul - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>दक्षिण कोरिया को परमाणु पनडुब्बी बनाने में मदद करेगा अमेरिका</title>
                                    <description><![CDATA[सोल (एजेंसी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अपनी परमाणु तकनीक दक्षिण कोरिया के साथ साझा करेगा ताकि दक्षिण कोरिया परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का निर्माण कर सके। राष्ट्रपति ने गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखकर बताया कि दक्षिण कोरिया अपनी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-to-help-south-korea-build-nuclear-submarines/article-77595"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-11/soul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सोल (एजेंसी)।</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका अपनी परमाणु तकनीक दक्षिण कोरिया के साथ साझा करेगा ताकि दक्षिण कोरिया परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों का निर्माण कर सके। राष्ट्रपति ने गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखकर बताया कि दक्षिण कोरिया अपनी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी का निर्माण अमेरिका के फिलाडेल्फिया शिपयार्ड में करेगा। उल्लेखनीय है कि हाल हाल ही में दक्षिण कोरिया की जहाज निमार्ता कंपनी हनवा समूह ने फिलाडेल्फिया शिपयार्ड का अधिग्रहण किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने लिखा, “मैंने उन्हें पुराने जमाने की डीजल से चलने वाली पनडुब्बियों के बजाय एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी बनाने की मंजूरी दे दी है।” अमेरिकी राष्ट्रपति की यह घोषणा उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष ली जे म्युंग से एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन से पहले हुई वार्ता के बाद आई है। इस वार्ता के दौरान दोनों देशों ने उस व्यापार समझौते को भी अंतिम रूप दिया, जिसके तहत दक्षिण कोरिया अमेरिका में ने 350 अरब डॉलर का निवेश करने वाला है। इसके बदले में अमेरिका दक्षिण कोरियाई उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने के लिए राजी हुआ है। परमाणु पनडुब्बी निर्माण की घोषणा से से पहले दोनों देश अपने द्विपक्षीय परमाणु समझौते में संशोधन करने के लिए भी तैयार हुए हैं, ताकि ईंधन के रूप में इस्तेमाल हो चुके परमाणु का पुनर्चक्रण करने में आसानी हो और यूरेनियम का भी संवर्धन किया जा सके। उल्लेखनीय है कि अमेरिका परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का हिस्सा है और उसकी अनुमति से यूरेनियम का 20 प्रतिशत संवर्धन कर सकता है, लेकिन ईंधन के रूप में उपयोग किये जा चुके यूरेनियम को फिर से संसाधित नहीं कर सकता।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 12:27:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने ‘मार्शल लॉ’ लागू करने के लिए जनता से मांगी माफी</title>
                                    <description><![CDATA[सोल (एजेंसी)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने देश में ‘मार्शल लॉ’ लागू करने के लिए माफी मांगी है। योनहाप समाचार एजेंसी ने शनिवार को राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से बताया कि आगामी महाभियोग मतदान से पहले वे इसे फिर से लागू नहीं करेंगे। योल ने सार्वजनिक संबोधन में कहा, “मैं खेद व्यक्त […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/south-korean-president-apologizes-to-the-public-for-imposing-martial-law/article-65102"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/soul.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सोल (एजेंसी)।</strong> दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल ने देश में ‘मार्शल लॉ’ लागू करने के लिए माफी मांगी है। योनहाप समाचार एजेंसी ने शनिवार को राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से बताया कि आगामी महाभियोग मतदान से पहले वे इसे फिर से लागू नहीं करेंगे। योल ने सार्वजनिक संबोधन में कहा, “मैं खेद व्यक्त करता हूं और उन लोगों से माफी मांगता हूं, जो ‘मार्शल लॉ’ लागू होने से परेशान हुये हैं। मैं इस ‘मार्शल लॉ’ घोषणा से संबंधित कानूनी और राजनीतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।” एजेंसी के अनुसार, उन्होंने देश को स्थिर करने के लिए अपने कार्यकाल सहित सभी निर्णय अपनी पीपुल्स पावर पार्टी (पीपीपी) पर छोड़ दिया है। सत्तारूढ़ पीपीपी के नेता हान डोंग-हून ने कहा, ‘राष्ट्रपति यून के लिए पार्टी से जल्दी पद छोड़ना अपरिहार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अब अपने कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निभाने की स्थिति में नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Dec 2024 13:22:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सत्संग में मिलती है आत्मा को शक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सत्संग एक ऐसी जगह है, यहां आने से इन्सान का शुद्धिकरण होता है, जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाते हैं, अंत:करण की सफाई होती है और मालिक से मिलने की इच्छा जागृत हो जाती है। इन्सान के दिलो-दिमाग में विचारों का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/gods-word-gives-the-power-to-the-soul/article-3556"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-02/pitaji.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सत्संग एक ऐसी जगह है, यहां आने से इन्सान का शुद्धिकरण होता है, जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाते हैं, अंत:करण की सफाई होती है और मालिक से मिलने की इच्छा जागृत हो जाती है। इन्सान के दिलो-दिमाग में विचारों का आना जाना आम बात है, खास बात यह है राम, अल्लाह, वाहेगुरु, खुदा, रब्ब के विचारों का आना। आप जी फरमाते हैं कि कलियुग में काम-वासना, क्रोध, लोभ, मोह, अंहकार, मन-माया यह आम बात है। यह विचार तो चलते ही चलते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पर इन विचारों का काट करके जब सतगुरु के प्यार, सत्संग में मिलती मुहब्बत के विचार चलने लगते हैं तो वो खास बात हो जाती है और यह खास बात सत्संग में आकर अति खास होती है। यानि आत्मा को शक्ति मिलती है ताकि नेक विचार और बढ़ जाएं, उन विचारों का हमेशा तांता लगा रहे। यह घोर कलियुग का समय है। लोग मालिक से सैकड़ों इच्छाएं रखते हैं, मालिक पूरी भी करता है, कदम-कदम पर जान बचाता है, मौत जैसे भयानक कर्मों को पल में काट देता है। जब वो कर्म होते हैं, जब मालिक का रहमों कर्म होता है तो इन्सान को लगता है कि जिंदगी तो है ही उसी की।</p>
<p style="text-align:justify;">जब समय गुजरता है तो मन इतना हरामी, कपटी है कि इन्सान सतगुरू के किये गए परोपकारों को भुला देता है। आप जी ने फरमाया इन्सान की सौ में से निन्यानवें इच्छाएं सतगुरू ने पूरी कर दी उसका शुक्राना नहीं जो एक इच्छा पूरी नहीं हुई उसका गिला-शिकवा ज्यादा होता है। आप जी फरमाते हैं कि मौत जैसा कर्म कटता है अगर इन्सान अरबों-खरबों रुपये लगा दे तो भी जिंदगी खरीद नहीं सकता। जिस दाता ने जिंदगी दी है, इन्सान को उसका शुक्राना करते रहना चाहिए क्योंकि उसकी रहमत से जिंदगी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मन व मनमते लोगों के जाल में इन्सान ऐसा फंसता है कि सतगुरू के किये गए परोपकारों को पल में भुला देता है। इसी का नाम घोर कलियुग है। लोग मालिक की दया मेहर रहमत को भुला देते हैं और मन व मनमते लोगों में उलझे रहते हैं।आप जी फरमाते हैं कि अगर सतगुरू के गुणगान गाओगे तो वो किसी तरह की कमी नहीं छोड़गा, वो अंदर-बाहर से लबरेज रखेगा। आदमी, आदमी है, मालिक तो सबके अंदर रहता है। इसलिए मालिक की सुनो, अपने गुरु-पीर की सुनो, अपने दिमाग से काम लो। आप जी फरमाते हैंकि वचनों पर अमल किया करो ताकि बुराइयों से आपका पीछा छूट जाए और सुमिरन-सेवा करते हुए मालिक की रहमत के हकदार बनो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2018 03:32:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आत्मा को शक्ति देता है राम-नाम</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि राम का नाम एक ऐसी दवा है, एक ऐसी औषधि है और जो इंसान इसे ले लेता है तो यह दवा चहूं तरफ असर करती है। आंतरिक तौर पर आत्मा को वह शक्ति, वह नशा देती है जिसके द्वारा आत्मा उस भगवान, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि राम का नाम एक ऐसी दवा है, एक ऐसी औषधि है और जो इंसान इसे ले लेता है तो यह दवा चहूं तरफ असर करती है। आंतरिक तौर पर आत्मा को वह शक्ति, वह नशा देती है जिसके द्वारा आत्मा उस भगवान, उस राम के दर्शन कर सकती है और बाहरी तौर पर ऐसी तंदुरुस्ती, ताजगी देती है जिससे इंसान को कोई भी गम, चिंता, टेंशन नहीं सताती। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक के नाम में बेइंतहा खुशियां हैं, लेकिन नाम जपना इस कलियुग में मुश्किल लगता है। लोग और काम-धंधा कर लेते हैं, लेकिन जब राम-नाम की बात आती है तो कन्नी खिसकाते नजर आते हैं। मालिक के नाम से पतझड़ में भी बहार आ जाती है। मालिक के नाम से मुरझाई कलियां खिल जाती हंै। मालिक के नाम से सदियों से बिछड़ी आत्मा मालिक से मिलने के काबिल बन जाती है। मालिक का नाम सच्चे दिल से, तड़पसे लें तो इंसान जरूर प्रभु की कृपा-दृष्टि के काबिल बनता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उस पर रहमो-करम बरसता है और एक दिन वह सब पाप-गुनाहों से हल्का हो जाता है। आप जी फरमाते हैं कि जीव नाम ले लेता है तो दूसरी तरह नहीं लेता यानि जाप नहीं करता, सुमिरन नहीं करता। नाम लेकर सुमिरन करें, भक्ति-इबादत करें तो कोई गम, गम नहीं रहता कोई दु:ख, दु:ख नहीं रहता पर सुमिरन करें तो। सुमिरन करें ही न, भक्ति करें ही न तो कहां से अंत:करण में शांति आएगी, कहां से दिलो-दिमाग में खुशी आएगी। इंसान एक बोझ की तरह जीवन गुजारता रहता है। अगर आप चाहते हैं कि प्रभु की कृपा-दृष्टि हो, अगर आप चाहते हैं कि आपके गम, दु:ख, दर्द, चिंताएं दूर हो जाएं तो आप सच्ची तड़पसे, सच्ची लगन से चलते, बैठते, लेटके, काम-धंधा करते हुए ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब को याद किया करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Nov 2017 04:05:35 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरि रस से बलवान होती है आत्मा: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जवाब सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाया करते हैं। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान कई बार अपने पिछले बुरे कर्मों की वजह से दु:खी रहता है। इन सब परेशानियों का जवाब सत्संग में आकर मिलता है। सत्संग में जब जीव चल कर आता है तो जन्मों-जन्मों के पाप कर्म कट जाया करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्सान जब सत्संग में मालिक का नाम लेता है और नाम लेकर उसका सुमिरन करता है तो उसके अंदर का हरि रस आत्मा को मिलना शुरू होता है और जैसे जैसे हरि रस का पान लेना आत्मा शुरू करती तो वह बलवान होना शुरू कर देती है। जैसे जरा-सा भी आत्मा को हरि रस मिलना शुरू होता है तो आत्मा मन को दबाना शुरू कर देती है। ज्यों-ज्यों आत्मा की शक्ति बढ़ती जाती है त्यों-त्यों सतगुरु के पे्रम में इन्सान आगे बढ़ता है और मालिक की खुशियों का हकदार बनता चला जाता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सत्संग सुनकर अमल कर लिया तो मन की सारी चालेें नाकाम हो जाती हैं</h2>
<p style="text-align:justify;">आप जी फरमाते हैं कि आत्मा की आवाज को सुनो आत्मबल पैदा करो, ताकि उस परमात्मा की खुशियों के लायक बन सको, उसकी तमाम बरकतों को हासिल कर सको। यह तभी संभव है यदि आप सुमिरन करो, सेवा करो, सत्संग सुन कर अमल करो। जब तक इन्सान सत्संग सुन कर अमल नहीं करता वह शातिर रहता है, उसका मन शातिराना चालें चलता रहता है।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्संग सुना और अमल कर लिया तो मन की सारी चालेें नाकाम हो जाती हैं। इसलिए आत्मा की आवाज सुन कर अमल करो, संत पीर-फकीर आत्मबल बढ़ाने का तरीका, गुरुमंत्र जीव को बताते हैं। जो सुन कर अमल कर लिया करते हैं उन्हें अंदर बाहर किसी चीज की कोई कमी नहीं रहा करती।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/elixir-is-the-dose-of-soul-saint-dr-msg/article-1753</link>
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                <pubDate>Thu, 29 Jun 2017 03:36:41 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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