<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/strait-of-hormuz/tag-34501" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Strait of Hormuz - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/34501/rss</link>
                <description>Strait of Hormuz RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>होर्मुज स्ट्रेट में फंसे श्रीगंगानगर के वाइस कैप्टन संजय माहर सहित 21 क्रू मेंबर, वीडियो आया सामने</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्रालय की पुष्टि, ईरानी कार्रवाई के बावजूद राजस्थान के वाइस कैप्टन संजय माहर समेत सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित श्रीगंगानगर। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत-बाउंड कंटेनर शिप ‘एपामिनोडेस’ पर फायरिंग और कब्जे की घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने आज आधिकारिक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/21-crew-members-including-vice-captain-sanjay-mahar-from-sri-ganganagar-stranded-in-the-strait-of-hormuz/article-83827"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/captain-sanjay-mahar.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय की पुष्टि, ईरानी कार्रवाई के बावजूद राजस्थान के वाइस कैप्टन संजय माहर समेत सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीगंगानगर। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत-बाउंड कंटेनर शिप ‘एपामिनोडेस’ पर फायरिंग और कब्जे की घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने आज आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि जहाज पर सवार सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। इस जहाज पर श्रीगंगानगर के सद्भावना नगर निवासी वाइस कैप्टन संजय माहर (38) अकेले भारतीय क्रू सदस्य के रूप में फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि दो विदेशी जहाजों पर फायरिंग हुई है जिसमें कुछ भारतीय नागरिक शामिल हैं और वे सभी सुरक्षित हैं। मंत्रालय ईरान सरकार से लगातार बातचीत कर बाकी जहाजों को वापस लाने के प्रयास कर रहा है। <span style="text-align:justify;color:#222222;font-family:Verdana, BlinkMacSystemFont, '-apple-system', 'Segoe UI', Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, 'Open Sans', 'Helvetica Neue', sans-serif;font-size:15px;">Sri Ganganagar News</span></p>
<h3>जहाज के अंदर का वीडियो भी परिवार को भेजा</h3>
<p style="text-align:justify;">संजय ने विगत बुधवार सुबह परिवार को फोन करके पूरी घटना बताई और बताया कि ईरानी सेना ने उनके जहाज पर फायरिंग की जिसके बाद पूरा क्रू अंदर शरण लेने को मजबूर हो गया। उन्होंने जहाज के अंदर का वीडियो भी परिवार को भेजा,जिसमें सभी 21 क्रू सदस्य दिख रहे हैं। संजय पिछले 15 साल से मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। वे 20 दिन पहले सऊदी अरब से इस लाइबेरिया-फ्लैग वाले जहाज पर सवार हुए थे जो गुजरात के मुंद्रा पोर्ट जा रहा था। जहाज परमिशन का इंतजार कर रहा था लेकिन जैसे ही होर्मुज स्ट्रेट पार करने लगा ईरानी बलों ने कार्रवाई कर दी। ईरान का आरोप है कि जहाज में नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी और बिना अनुमति गुजरने की कोशिश की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">संजय के परिवार ने विदेश मंत्रालय की इस पुष्टि से राहत की सांस ली है लेकिन वे अभी भी संजय की तुरंत सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की है कि राजनयिक स्तर पर तेज हस्तक्षेप किया जाए। परिवार के सदस्यों ने कहा कि विदेश मंत्रालय की पुष्टि से वे थोड़े आश्वस्त हैं लेकिन संजय को घर वापस लाने तक उनकी चिंता बनी रहेगी। विधायक जयदीप बिहाणी भी परिवार के साथ खड़े होकर उच्च स्तर पर बात कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ईरान के साथ लगातार संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अन्य भारतीय सीफारर्स भी सुरक्षित हैं और भारत ने ईरान से जहाज की रिहाई तथा क्रू की सुरक्षा की गारंटी मांगी है।<span style="text-align:justify;color:#222222;font-family:Verdana, BlinkMacSystemFont, '-apple-system', 'Segoe UI', Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, 'Open Sans', 'Helvetica Neue', sans-serif;font-size:15px;"> Sri Ganganagar News</span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/21-crew-members-including-vice-captain-sanjay-mahar-from-sri-ganganagar-stranded-in-the-strait-of-hormuz/article-83827</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/21-crew-members-including-vice-captain-sanjay-mahar-from-sri-ganganagar-stranded-in-the-strait-of-hormuz/article-83827</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 11:02:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-04/captain-sanjay-mahar.jpg"                         length="82570"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Iran-US Conflict: ईरान संघर्ष पर बड़ी चेतावनी: टकराव का सबसे गंभीर व खतरनाक दौर आना अभी बाकी</title>
                                    <description><![CDATA[Ray Dalio Warning: नई दिल्ली। दुनिया के जाने-माने निवेशक और ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो ने ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस टकराव का सबसे गंभीर और निर्णायक चरण अभी बाकी है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर होने वाली अंतिम लड़ाई ही यह तय करेगी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/major-warning-on-the-iran-conflict-the-most-severe-and-dangerous-phase-of-the-confrontation-is-yet-to-come/article-83364"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/ray-dalio.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Ray Dalio Warning: नई दिल्ली। दुनिया के जाने-माने निवेशक और ब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो ने ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि इस टकराव का सबसे गंभीर और निर्णायक चरण अभी बाकी है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर होने वाली अंतिम लड़ाई ही यह तय करेगी कि इस युद्ध में कौन जीतेगा और कौन हारेगा। Iran-US Conflict</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी अरबपति डालियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस संघर्ष में शामिल सभी पक्ष जानते हैं कि असली और निर्णायक लड़ाई अभी नहीं लड़ी गई है। उनके अनुसार, यह ‘फाइनल बैटल’ ही युद्ध का परिणाम तय करेगी और इसका असर लंबे समय तक वैश्विक शक्ति संतुलन पर पड़ेगा। उन्होंने बातचीत के जरिए समाधान की संभावना को लगभग खारिज करते हुए कहा कि इस स्थिति में समझौते ‘बेकार’ साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा है कि आगे आने वाला दौर इस संघर्ष का सबसे खतरनाक चरण हो सकता है।</p>
<h3>”अमेरिका ऐसा करने में विफल रहता है, तो इसे उसकी हार मानी जाएगी”</h3>
<p style="text-align:justify;">डालियो के मुताबिक, पूरे संघर्ष का केंद्र एक अहम सवाल पर टिका है—क्या अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित व्यापारिक आवाजाही सुनिश्चित कर सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ऐसा करने में विफल रहता है, तो इसे उसकी हार मानी जाएगी, भले ही ईरान को थोड़ी भी नियंत्रण शक्ति मिल जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसमें खाड़ी देशों के साथ संबंधों को नुकसान, वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, सहयोगी देशों का भरोसा कम होना और डॉलर की वैश्विक स्थिति पर खतरा शामिल है। इससे निवेश और पूंजी का रुख भी बदल सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पांच शताब्दियों के साम्राज्यवादी चक्रों के अपने अध्ययन के आधार पर, डालियो ने कहा कि अगर अमेरिका इस संकट को संभालने में विफल रहता है, तो यह स्थिति 1956 के स्वेज नहर संकट जैसी हो सकती है, जिसने ब्रिटेन की वैश्विक ताकत को कमजोर कर दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि इसी तरह का पैटर्न 18वीं शताब्दी में डच साम्राज्य और 17वीं शताब्दी में स्पेनिश साम्राज्य के पतन के दौरान भी देखा गया था, जब किसी अहम व्यापारिक मार्ग पर नियंत्रण खोने से वैश्विक शक्ति संतुलन बदल गया। डालियो के मुताबिक, ईरान-होर्मुज संकट सिर्फ एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन पर गहरा असर पड़ सकता है। Iran-US Conflict</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतरराष्ट्रीय ख़बरें</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/international/major-warning-on-the-iran-conflict-the-most-severe-and-dangerous-phase-of-the-confrontation-is-yet-to-come/article-83364</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/international/major-warning-on-the-iran-conflict-the-most-severe-and-dangerous-phase-of-the-confrontation-is-yet-to-come/article-83364</guid>
                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 16:37:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-04/ray-dalio.jpg"                         length="26663"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत का एक और एलपीजी टैंकर होर्मुज स्ट्रेट को पार करके भारत पहुंचा, दो और टैंकर लाइन में</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर Green Sanvi LPG tanker सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से होकर गुजर गया है। जहाज निगरानी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजूदा क्षेत्रीय तनाव शुरू होने के बाद यह इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करने वाला सातवाँ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/another-indian-lpg-tanker-crosses-the-strait-of-hormuz-and-arrives-in-india-two-more-tankers-in-the-pipeline/article-83079"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/houmuz-india-lpg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली। पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर Green Sanvi LPG tanker सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से होकर गुजर गया है। जहाज निगरानी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजूदा क्षेत्रीय तनाव शुरू होने के बाद यह इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करने वाला सातवाँ भारतीय एलपीजी पोत है। सूत्रों के अनुसार यह टैंकर ईरान के समुद्री क्षेत्र के निर्धारित मार्ग का उपयोग करते हुए सावधानीपूर्वक आगे बढ़ा। अनुमान है कि जहाज में लगभग 44 हजार टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) लदी हुई है, जो भारत की लगभग आधे दिन की घरेलू खपत के बराबर मानी जा रही है। India News</p>
<p style="text-align:justify;">समुद्री परिवहन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि निकट भविष्य में भारतीय ध्वज वाले दो अन्य एलपीजी टैंकर Green Asha LPG tanker तथा Jag Vikram LPG tanker के भी इसी मार्ग से होकर भारत पहुँचने की संभावना है। इससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिलेगी। बताया गया है कि वर्तमान क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले सभी सात भारतीय जहाज एलपीजी टैंकर रहे हैं। इनके सुरक्षित पारगमन के साथ ही फारस की खाड़ी क्षेत्र के पूर्वी भाग में भारतीय ध्वज वाले कुल 17 व्यापारी जहाज मौजूद बताए जा रहे हैं।</p>
<h3>मित्र देशों से संबंधित जहाजों को समन्वय के साथ गुजरने की अनुमति प्रदान की जा रही है</h3>
<p style="text-align:justify;">उपलब्ध शिपिंग अभिलेखों के अनुसार इन जहाजों में अतिरिक्त एलपीजी टैंकरों के अलावा कच्चे तेल के टैंकर, एलएनजी पोत, रासायनिक उत्पाद वाहक जहाज, कंटेनर पोत तथा बल्क कैरियर भी शामिल हैं। कुछ जहाज नियमित रखरखाव कार्यों में भी संलग्न बताए गए हैं। भारत सरकार समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित देशों के साथ राजनयिक स्तर पर निरंतर संवाद बनाए हुए है। क्षेत्रीय तनाव के चलते जहाजों की आवाजाही पर आंशिक प्रतिबंध लगाए गए थे, किन्तु मित्र देशों से संबंधित जहाजों को समन्वय के साथ गुजरने की अनुमति प्रदान की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी संकेत दिया है कि भारत सहित कुछ देशों के जहाजों को निर्धारित समन्वय प्रक्रिया के तहत इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की निरंतरता के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है। India News</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/another-indian-lpg-tanker-crosses-the-strait-of-hormuz-and-arrives-in-india-two-more-tankers-in-the-pipeline/article-83079</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/another-indian-lpg-tanker-crosses-the-strait-of-hormuz-and-arrives-in-india-two-more-tankers-in-the-pipeline/article-83079</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 15:29:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-04/houmuz-india-lpg.jpg"                         length="42927"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        