<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/census-news/tag-34835" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Census News - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/34835/rss</link>
                <description>Census News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सरसा में अब शिक्षक, क्लर्क व चपड़ासी भी करेंगे जनगणना</title>
                                    <description><![CDATA[जिले में जनगणना कार्य शुरू होने के चार दिन बाद प्रशासन को कर्मचारियों की कमी के चलते शिक्षा विभाग के स्टाफ को आपात स्थिति में मैदान में उतारना पड़ा। सोमवार सुबह तहसील कार्यालय में जनगणना संबंधी टूल किट और आईकार्ड लेने के लिए शिक्षकों, चपड़ासियों और क्लर्कों की लंबी कतारें लगीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-teachers-clerks-and-peons-will-also-conduct-census-in/article-84238"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/sirsa-census.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ न्यूज)।  जिले में जनगणना कार्य शुरू होने के चार दिन बाद प्रशासन को कर्मचारियों की कमी के चलते शिक्षा विभाग के स्टाफ को आपात स्थिति में मैदान में उतारना पड़ा। सोमवार सुबह तहसील कार्यालय में जनगणना संबंधी टूल किट और आईकार्ड लेने के लिए शिक्षकों, चपड़ासियों और क्लर्कों की लंबी कतारें लगीं। जनगणना का कार्य 1 मई से शुरू हो चुका है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन चार दिन बाद जागा। Sirsa Census News</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार पहले इस कार्य के लिए बीएलओ और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन बाद में बीएलओ की ड्यूटी हटाने, कई कर्मचारियों द्वारा मेडिकल व अन्य कारणों से अवकाश लेने तथा कुछ कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से स्टाफ की कमी हो गई। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में शिक्षकों, चपड़ासियों और अन्य कर्मचारियों को जनगणना कार्य में लगा दिया। इनमें से कई को प्रशिक्षण नहीं मिला है और उन्हें टूल किट में दी गई बुकलेट के आधार पर मोबाइल ऐप और प्रक्रिया समझकर कार्य करना होगा।  </p>
<h5 style="text-align:justify;">लक्ष्य बढ़ाने पर नाराजगी | Sirsa Census News</h5>
<p style="text-align:justify;">कुछ कर्मचारियों ने बताया कि प्रारंभ में उन्हें 150 घरों का लक्ष्य दिया गया था, जिसे उन्होंने पूरा भी कर लिया। लेकिन बाद में लक्ष्य बढ़ाकर 500 घर कर दिया गया, जिसे कर्मचारी नियमों के विपरीत बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले आश्वासन दिया गया था कि निर्धारित लक्ष्य पूरा होने पर कार्य समाप्त माना जाएगा, लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हो रहा। जनगणना ऐप के माध्यम से कर्मचारियों को पहले तीन दिन का समय प्रारंभिक सर्वे के लिए दिया जाता है। इस दौरान उन्हें अपने क्षेत्र का सर्वे कर सैटेलाइट नक्शा तैयार करना होता है। इसके बाद मुख्य सर्वे शुरू होता है, जिसमें ऐप के माध्यम से 34 प्रश्नों के उत्तर दर्ज किए जाते हैं।  </p>
<h5 style="text-align:justify;">जल्द कर्मचारियों को देंगे ट्रेनिंग</h5>
<p style="text-align:justify;">तहसीलदार प्रदीप कुमार ने बताया कि पहले बीएलओ और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन बाद में बीएलओ की ड्यूटी हट गई तथा कई कर्मचारियों ने मेडिकल इमरजेंसी के आधार पर नाम हटवा लिए। कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो गए, जिससे स्टाफ की कमी हो गई। उन्होंने कहा कि अब 449 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और जिन कर्मचारियों की ट्रेनिंग नहीं हुई है, उन्हें मुख्यालय से अनुमति लेकर प्रशिक्षण दिलाने का प्रयास किया जाएगा।  </p>
<h5 style="text-align:justify;">449 कर्मचारियों की इमरजेंसी ड्यूटी  | Sirsa Census News</h5>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने अब तक 449 कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई है। रिजर्व स्टाफ की कमी के कारण प्रशासन के सामने अतिरिक्त कर्मचारियों की चुनौती खड़ी हो गई है। नए बैच को जल्द प्रशिक्षण देकर फील्ड में उतारने की तैयारी की जा रही है ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।  </p>
<h5 style="text-align:justify;">संवेदनशील क्षेत्रों में महिला कर्मी  </h5>
<p style="text-align:justify;">इस बार बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की भी ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। कई महिला कर्मचारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सुरक्षा कारणों से कई महिलाओं को अपने पतियों के साथ जनगणना कार्य करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में महिला स्टाफ की तैनाती से व्यावहारिक परेशानियां बढ़ रही हैं।  Sirsa Census News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-teachers-clerks-and-peons-will-also-conduct-census-in/article-84238</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-teachers-clerks-and-peons-will-also-conduct-census-in/article-84238</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:17:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-05/sirsa-census.jpg"                         length="91528"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        