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                <title>Summer Program 2026 - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की नई पहल! स्कूली छात्रों के लिए भारत का पहला प्री-लॉ समर प्रोग्राम किया लॉन्च</title>
                                    <description><![CDATA[ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक विशेष आवासीय ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को कानूनी शिक्षा, वाद-विवाद, तर्कशक्ति और नेतृत्व कौशल से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/jindal-global-law-schools-new-initiative-launches-indias-first-pre-law/article-84441"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/jindal-global-school.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Summer Program 2026: सोनीपत। ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक विशेष आवासीय ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को कानूनी शिक्षा, वाद-विवाद, तर्कशक्ति और नेतृत्व कौशल से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। Sonipat News</p>
<p style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय का दावा है कि यह भारत में अपनी तरह का पहला प्री-लॉ रेजिडेंशियल समर प्रोग्राम होगा। यह सात दिवसीय कार्यक्रम 14 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों को कानून, न्याय व्यवस्था और सार्वजनिक संवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित ‘ईमानदार’ अकादमी में होगा, जिसे दुनिया की प्रमुख शैक्षणिक मूट कोर्ट सुविधाओं में शामिल माना जाता है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को एडवोकेसी, कानूनी तर्क, सार्वजनिक वक्तृत्व कला, विवाद समाधान और नेतृत्व विकास जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मौजूदा समय में आलोचनात्मक सोच, प्रभावी संवाद और नैतिक नेतृत्व जैसे कौशल हर क्षेत्र में आवश्यक हो गए हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम छात्रों को प्रारंभिक स्तर पर ही लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास करेगा कार्यक्रम में अनुभवी फैकल्टी सदस्य, कानूनी विशेषज्ञ, एडवोकेसी प्रशिक्षक और पेशेवर विशेषज्ञ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रतिभागियों को शोध, केस विश्लेषण, तर्क प्रस्तुति और वैकल्पिक विवाद समाधान की तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम की विशेष आकर्षण ‘ग्रैंड मूट कोर्ट’ गतिविधि होगी, जिसमें छात्र काल्पनिक न्यायिक प्रक्रिया में भाग लेकर अदालत की कार्यप्रणाली को करीब से समझेंगे। विशेषज्ञों की निगरानी में होने वाली इस गतिविधि से विद्यार्थियों को कानूनी तर्क-वितर्क और न्यायिक प्रक्रियाओं का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रोफेसर सी. राज कुमार ने कहा कि आधुनिक कानूनी शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए विश्लेषणात्मक सोच, नैतिक समझ और सामाजिक मुद्दों को समझने की क्षमता भी आवश्यक है। Sonipat News</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, लॉ स्कूल की एग्जीक्यूटिव डीन प्रोफेसर दीपिका जैन ने इसे युवाओं के लिए परिवर्तनकारी अवसर बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेगा।यह कार्यक्रम छात्रों को भारत के प्रमुख वैश्विक विश्वविद्यालयों में से एक के कैंपस जीवन का अनुभव करने का भी अवसर देगा। जेजीयू का अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण, इंटरडिसिप्लिनरी शिक्षण पद्धति और विविध छात्र समुदाय नवाचार, समावेशिता, आलोचनात्मक सोच और वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इंस्टीट्यूशनल आउटरीच के एग्जीक्यूटिव डीन और लॉ एडमिशन के सीनियर डायरेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा ने कहा, “ईमानदार समर प्रोग्राम भारत और दुनिया में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है, जहां एक शीर्ष वैश्विक लॉ स्कूल कक्षा 9-12 के छात्रों के लिए अपने द्वार खोल रहा है और उन्हें मूटिंग तथा एडवोकेसी का प्रशिक्षण दे रहा है। इससे ऐसे कानून अभ्यर्थियों की नई पीढ़ी तैयार होगी, जो कानूनी करियर को लेकर उत्साहित और प्रतिबद्ध हों। हर वह स्कूल छात्र जो 12वीं के बाद लॉ स्कूल में प्रवेश लेना चाहता है, उसे जेजीएलएस में आयोजित इस एक सप्ताह के शिक्षण कार्यक्रम पर विचार करना चाहिए। यह उनके लिए कानून और कानूनी पेशे की आजीवन यात्रा की शुरुआत साबित हो सकता है।” Sonipat News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:49:11 +0530</pubDate>
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