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                <title>आर्थिक स्थिति के सुधार में क्रांतिकारी कदम</title>
                                    <description><![CDATA[आखिर एनडीए सरकार ने डेढ़ दशक से लटक रहे जीएसटी कानून को लागू करने में सफलता हासिल कर ली है। सरकार के शब्दों में यह एतिहासिक व देश के हालात सुधारने वाला कानून साबित होगा। कांग्रेस व अन्य दो-तीन पार्टियों को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों ने कानून को समर्थन देकर सरकार के रास्ते को साफ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/revolutionary-steps-in-improving-economic-status/article-1818"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/modi-19.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आखिर एनडीए सरकार ने डेढ़ दशक से लटक रहे जीएसटी कानून को लागू करने में सफलता हासिल कर ली है। सरकार के शब्दों में यह एतिहासिक व देश के हालात सुधारने वाला कानून साबित होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस व अन्य दो-तीन पार्टियों को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों ने कानून को समर्थन देकर सरकार के रास्ते को साफ किया है। बिहार की जनता दल (यू) सरकार जीएसटी कानून विधानसभा में पास करने वाली पहली राज्य सरकारों में है। जीएसटी से देश में आर्थिक एकीकरण होगा, जिससे एक ही देश में वस्तुओं की कीमत में भारी अंतर समाप्त होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल केन्द्र व राज्यों में राजनीतिक विभिन्नता के कारण आर्थिक स्थिति का बुरी तरह राजनीतिकरण हुआ है, जिससे देश के अर्थिक विकास के बारे में कोई ठोस, स्पष्ट व एकीकृत नीति नहीं बन सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वस्तु पर कोई राज्य 5 फीसदी वैट लगाता है, तो उसी वस्तु पर कोई 25 फीसदी वैट लगा देता है। उदाहरण के तौर पर गत वर्षों में डीजल-पैट्रोल की कीमतों पर विभिन्न राज्य एक-दूसरे से दोगुना वैट लगाते रहे। जीएसटी लागू होने से अर्थशास्त्री सिद्धांतों की कद्र बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">वस्तुओं के दामों में कमी आने से राज्यों द्वारा मनमर्जी से टैक्स लगा कर कीमतें पहले वाली ही रखने का चलन बंद होगा। अक्सर राज्य सरकारें किसी वस्तु की कीमत घटने पर उसका लाभ उपभोक्ता को देने की बजाए वैट बढ़ाकर पैसा सरकारी खजाने में ले जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि जरूरत की वस्तुओं की कीमत में वृद्धि नहीं होगी, बल्कि महंगाई घटेगी। फिर भी मौजूदा समय जीएसटी के विरोध प्रदर्शनों के कारण कानून संबंधी उलझन भरा माहौल है, किन्तु देखने वाली बात यह है कि विरोध करने वाले सिर्फ व्यापारी हैं। आम जनता इस कानून के परिणाम के लिए इंतजार करने को तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ, इस बात से हर कोई अवगत है कि देश में टैक्स चोरी का जुगाड़ सरकारी खजाने को अरबों रुपये का घाटा कर रहा है, जिसका सबूत नोटबंदी था। कालाधन पैदा होने का एकमात्र कारण बेशुमार मुनाफा ही तो था।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि जीएसटी से लोगों को राहत मिलती है और व्यापारी टैक्स अदा करके कमाता है, तो यह देश सहित सभी के हित में होगा। कुछ भी हो, इसे सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत कहा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिए टैक्स चोरी रोकना जरूरी है। जीएसटी बिल व्यापार, कारोबार को सरकार की देख-रेख में लाएगा है और देश में जीएसटी सरकारी खजाने में वृद्धि करने के साथ-साथ जनता के लिए राहत बनता है, तो इसका स्वागत है।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jun 2017 23:53:12 +0530</pubDate>
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