<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/broken/tag-3570" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Broken - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/3570/rss</link>
                <description>Broken RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सस्ते लोन की उम्मीद टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने यथावत रखीं दरें | Cheap Loan नई दिल्ली (एजेंसी)। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने महंगाई बढ़ने की आशंका जता दी है। वीरवार को समिति ने नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया। जिससे घर, कार और व्यक्तिगत ऋण पर ब्याज दरों में तत्काल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/hope-of-cheap-loan-broken/article-12940"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/cheap-loan.jpg" alt=""></a><br /><h2>रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने यथावत रखीं दरें | Cheap Loan</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने महंगाई बढ़ने की आशंका जता दी है। वीरवार को समिति ने नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया। जिससे घर, कार और व्यक्तिगत ऋण पर ब्याज दरों में तत्काल कमी (Cheap Loan) आने की उम्मीद खत्म हो गई। इससे लोगों को निराशा हाथ लगी है। समिति की चालू वित्त वर्ष की ऋण एवं मौद्रिक नीति की छठी द्विमासिक समीक्षा की तीन दिवसीय बैठक हुई। जिसमें समिति ने नीतिगत दरों को यथावत रखा है। जबकि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई के बढ़कर 6.5 प्रतिशत पर पहुंचने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं समिति ने अगले वित्त वर्ष के पहले के विकास अनुमान 5.9 प्रतिशत से 6.3 प्रतिशत को कम कर 6.0 प्रतिशत कर दिया है। और कहा है कि अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही के यह 5.5 प्रतिशत से 6.0 प्रतिशत के बीच रह सकता है। समिति ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत विकास दर रहने की संभावना जतायी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">समिति ने ये लिए निर्णय</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>रेपो दर को 5.15 प्रतिशत </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>रिवर्स रेपो दर को 4.90 प्रतिशत </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मार्जिनल स्टैंडिंग फैसेलिटी दर (एमएसएफआर) 5.40 प्रतिशत </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बैंक दर 5.40 प्रतिशत </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को 4.0 प्रतिशत </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 18.50 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया।</strong></li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है रेपो दर</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>रेपो दर वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है।</strong></p>
<h3 style="text-align:justify;">पहले उठाए गए कदम</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>रिजर्व बैंक ने लगातार पांच बार में रेपो दर में 1.35 प्रतिशत की कटौती की थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पांचवी और छठवीं बैठक में इसमें कोई कमी नहीं की गई है और दरों को यथावत रखा गया है।</strong></li>
</ul>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="oSioSc">
<div>
<div class="g9WsWb">
<div class="tw-ta-container tw-nfl">
<pre class="tw-data-text tw-text-large tw-ta" dir="ltr"><span lang="en" xml:lang="en"> </span></pre>
</div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/hope-of-cheap-loan-broken/article-12940</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/hope-of-cheap-loan-broken/article-12940</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Feb 2020 14:55:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-02/cheap-loan.jpg"                         length="29325"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट के आर्डर पर क्वाटरों को खाली करवाकर तोड़ा, 20 परिवार हुए बेघर</title>
                                    <description><![CDATA[कुछ माह पूर्व हाईकोर्ट ने भी इन लोगों को क्लोनी की जगह में बने क्वार्टरों को खाली करने के आदेश जारी किए।
यहां के लोगों ने भी कोर्ट का सहारा लिया लेकिन उन्हें हर बार निराशा का सामना करना पड़ा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/quarters-on-high-court-order-were-broken-and-20-families-were-left-homeless/article-11144"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/high-court.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सरकारी मिल की जगह पर बनी पुड्डा कॉलोनी में रह रहे थे पीड़ित परिवार | High Court</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस मौके पर जेसीबी मशीनें लेकर पहुंची थी</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अबोहर (सच कहूँ/ सुधीर अरोड़ा)।</strong> स्थानीय फाजिल्का रोड स्थित बर्सों पूर्व बनी सरकारी <strong>(High Court)</strong> स्पिनिंग मिल की जगह पर कुछ वर्ष पूर्व बनी पुड्डा कालोनी में रह रहे दर्जनों परिवारों को शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेशों पर हटवाते हुए उनके क्वार्टरों को खाली करवाकर पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में तोड़ा गया। इधर कोर्ट के आदेशों पर प्रशासन की इस कार्रवाई से दर्जनों परिवार बेघर हो गए। इस मौके पर भारी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार करीब 15 वर्ष पूर्व बंद हुई स्पिनिंग मिल की जगह को पुड्डा के अधिकारियों ने खरीदकर यहां पर पुड्डा कालोनी बनाने का काम शुरू किया। उस वक्त कालोनी में रहने वाली लेबर के करीब 20 परिवार यहां पर बने 32 क्वाटरों में रह रहे थे। जिन्हें पुड्डा की ओर से क्वार्टर खाली करने बारे में कई बार नोटिस भी निकाले गए</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ माह पूर्व हाईकोर्ट ने भी इन लोगों को क्लोनी की जगह में बने क्वार्टरों को खाली करने के आदेश जारी किए जिस पर यहां के लोगों ने भी कोर्ट का सहारा लिया लेकिन उन्हें हर बार निराशा का सामना करना पड़ा। जिस हाईकोर्ट ने इन्हें एक माह का समय दिया और शुक्रवार को उक्त समय पूरा होने पर प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी जेसीबी मशीनें लेकर यहां पहुंचे और उक्त क्वार्टरों को जेसीबी की मदद से तुड़वाते हुए खाली करवाया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, सुनवाई 18 को | High Court</h2>
<p style="text-align:justify;">स्थानीय निवासी गोपाल व विजय कुमार, उमाकांत ने बताया कि उन्होंने यहां पर बनी स्पिनिंग मिल में करीब 35 वर्षों तक काम किया था और उनके परिवारों के आधार कार्ड, राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज यहीं के नाम पर बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय अदालत, जिला अदालत व हाईकोर्ट का भी सहारा लिया था लेकिन उन्हें निराशा ही मिली अब उन्होंंने सुप्रीम कोर्ट में केस लगा रखा है जिस पर कोर्ट ने उन्हें 18 नवंबर का सुनवाई का समय दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को जब पुड्डा अधिकारी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों सहित मौके पर क्वार्टर तुड़वाने पहुंचे तो उन्होंने कोर्ट की कापी दिखाते हुए 18 नवंबर तक का समय दिए जाने की मांग की लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और जबरन उन्हें बाहर निकालकर उनके क्वार्टरों को तहस-नहस कर दिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मोदी बनाकर दे रहे हैं मकान, पुड्डा कर रही बेघर</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पीड़ितों ने बताया कि जब यहां स्पिनिंग मिल चलती थी तो करीब 1400 कर्मचारी काम करते थे </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>लेकिन मिल बंद होने के बाद से यहां करीब 32 परिवारों के 150 लोग रह रहे थे जो बेघर हो गए हैं। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने आरोप लगाया कि पुड्डा अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पुड्डा की ओर से उन्हें सहायता प्रदान की जाएगी लेकिन आज उनकी सुनवाई तक भी नहीं हो रही।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> मायूस आंखों से अपने घरों को टूटते देख पारिवारिक सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एक ओर तो मोदी सरकार गरीब व जरूरतमंदों को मकान बनाकर दे रही है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>वहीं सरकारी संस्था पुड्डा उन्हें बेघर कर रही है </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इसके बदले मे उन्हें कुछ सहायता भी नहीं दी जा रही। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इस मौके पर एसडीएम पूनम सिंह, तहसीलदार जसपाल बराड व </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>अन्य पुलिस व पुड्डा के अधिकारी मौजूद थे।</strong></li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/quarters-on-high-court-order-were-broken-and-20-families-were-left-homeless/article-11144</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/quarters-on-high-court-order-were-broken-and-20-families-were-left-homeless/article-11144</guid>
                <pubDate>Fri, 15 Nov 2019 20:13:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-11/high-court.jpg"                         length="662262"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्यास नदी पर बना पैंटून पुल टूटा, 16 गांवों का संपर्क टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[बाढ़ के बाद चल रहा था रेत निकालने का काम |Pantoon Bridge ट्रॉली के ज्यादा ओवरलोड होने की कारण पैंटून पुल टूटा सुल्तानपुर लोधी (सच कहूँ न्यूज)। दरिया ब्यास के मंड क्षेत्र में रेत माफिया की मनमानी के चलते दरिया ब्यास (Pantoon Bridge) पर बना पैंटून पुल टूट गया है। कुछ पैंटून अपनी जगह से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pantoon-bridge-over-beas-river-broken/article-10487"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-09/broken.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">बाढ़ के बाद चल रहा था रेत निकालने का काम |Pantoon Bridge</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>ट्रॉली के ज्यादा ओवरलोड होने की कारण पैंटून पुल टूटा</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुल्तानपुर लोधी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दरिया ब्यास के मंड क्षेत्र में रेत माफिया की मनमानी के चलते दरिया ब्यास <strong>(Pantoon Bridge)</strong> पर बना पैंटून पुल टूट गया है। कुछ पैंटून अपनी जगह से हिल भी गए हैं। इससे इलाके के 16 गांवों का संपर्क टूट गया है। यहां बाढ़ के बाद रेत निकालने का काम अभी शुरू ही हुआ था कि ट्रॉली ओवरलोड होने से खस्ताहाल पुल की फट्टियां टूट गईं। बतां दें कि इस क्षेत्र में माइनिंग पुलिस की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है क्योंकि सारे वाहन इसी पुल से होकर निकलते हैं।</p>
<h2>तरनतारन को जोड़ने वाला पक्का पुल अभी निर्माणधीन | Pantoon Bridge</h2>
<p style="text-align:justify;">सुल्तानपुर लोधी के इस मंड क्षेत्र में लोगों के आने जाने का यही एक मात्र रास्ता है जबकि तरनतारन को जोड़ने वाला पक्का पुल अभी निर्माणधीन है। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी झेलने पड़ेगी। दूसरी ओर, प्रशासन ने पुल की शीघ्र मरम्मत का दावा किया है। बाढ़ की वजह से दरिया में रेत खनन का काम काफी दिन से ठप था। मंगलवार रात ट्रॉली से रेत निकालने का पहली ही मामला सामने आया था। इसी बाच ट्रॉली के ज्यादा ओवरलोड होने की वजह से पैंटून पुल टूट गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में मलकीत सिंह का कहना है कि आम लोगों के लिए तो अपने खेत में भी गड्डा मारने की मनाही है लेकिन दरिया जिसमें कुदरती तौर पर रेत आती रहती है, उससे मिलीभगत के जरिए माइनिंग कर कुछ लोग पैसे कमाने में लगे है। इसे रोकने के लिए सरकार कोई पुख्ता नीति लाए ताकि आम लोगों को रेत सस्ती कीमत पर मिल सके।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pantoon-bridge-over-beas-river-broken/article-10487</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/pantoon-bridge-over-beas-river-broken/article-10487</guid>
                <pubDate>Thu, 26 Sep 2019 20:06:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-09/broken.jpg"                         length="36859"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीवी सिंधू का सपना फिर टूटा</title>
                                    <description><![CDATA[नानजिंग (एजेंसी)। 2016 के रियो ओलम्पिक, 2017 की विश्व चैंपियनशिप, 2018 की विश्व चैंपियनशिप… लगातार तीसरे वर्ष भारत की शीर्ष खिलाड़ी पीवी सिंधू का बड़ा खिताब जीतने का सपना टूट गया। सिंधू को स्पेन की कैरोलिना मारिन ने रविवार को लगातार गेमों में 21-19, 21-10 से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/pv-sindhus-dream-then-broken/article-5178"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/pv-sindhus-dream-then-broken.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नानजिंग (एजेंसी)।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">2016 के रियो ओलम्पिक, 2017 की विश्व चैंपियनशिप, 2018 की विश्व चैंपियनशिप… लगातार तीसरे वर्ष भारत की शीर्ष खिलाड़ी पीवी सिंधू का बड़ा खिताब जीतने का सपना टूट गया। सिंधू को स्पेन की कैरोलिना मारिन ने रविवार को लगातार गेमों में 21-19, 21-10 से हराकर तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। सिंधू को रियो ओलम्पिक के फाइनल में मारिन से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। गत वर्ष वह विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा से हार गई थीं और इस बार फाइनल में उन्हें मारिन ने पराजित कर दिया। मारिन ने खिताबी मुकाबला मात्र 45 मिनट में जीत लिया। सिंधू के लिए फाइनल की बाधा तोड़ना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ओलम्पिक का फाइनल, दो विश्व चैंपियनशिप का फाइनल और इस साल राष्ट्रमंडल खेलों का फाइनल चार ऐसे बड़े टूर्नामेंट हो चुके हैं जहां सिंधू खिताब के करीब पहुंच कर खिताब से दूर रह गई हैं। सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में यह लगातार दूसरा रजत और ओवरआॅल चौथा पदक है। भारत का विश्व चैंपियनशिप में यह आठवां पदक है लेकिन उसका पहला स्वर्ण पदक जीतने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन आठ पदक में तीन रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। सायना नेहवाल ने एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। तीसरी बार चैंपियन बनी मारिन ने 2015 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की सायना नेहवाल को हराया था। उन्होंने इससे पहले 2014 के फाइनल में चीन की ली जुईरुई को हराकर खिताब जीता था। सिंधू का इस हार के बाद विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर की खिलाड़ी मारिन के खिलाफ 5-7 का करियर रिकॉर्ड हो गया है। सिंधू ने इस साल मलेशिया ओपन में मारिन को हराया था लेकिन वह विश्व चैंपियनशिप में मारिन से पार नहीं पा सकीं। पुरुष एकल का खिताब छठी सीड जापान के केंतो मोमोता ने तीसरी सीड चीन के शी यूकी को 49 मिनट में 21-11, 21-13 से हराकर जीता।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/sports/pv-sindhus-dream-then-broken/article-5178</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/sports/pv-sindhus-dream-then-broken/article-5178</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 13:48:43 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/pv-sindhus-dream-then-broken.jpg"                         length="66410"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कालूआना माईनर टूटी, 150 एकड़ में खड़ी नरमा व ग्वार बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[सच कहूँ/रोहित/कालांवाली। कालांवाली-सुखचैन रोड पर स्थित कालूआना ब्रांच नहर शुक्रवार को टूटने से गांव गदराना व तारूआना के किसानों की लगभग 150 एकड़ खड़ी नरमा व ग्वारा आदि की फ सल में पानी भर गया और साथ ही किसानों के एक दर्जन नलकूपों की मोटर भी पानी की भेंट चढ़ गई। एसडीएम बिजेंद्र सिंह व […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kaluana-miner-broken-standing-in-150-acres-of-stagnant-and-guar-wasted/article-4404"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/miner.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/रोहित/कालांवाली।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कालांवाली-सुखचैन रोड पर स्थित कालूआना ब्रांच नहर शुक्रवार को टूटने से गांव गदराना व तारूआना के किसानों की लगभग 150 एकड़ खड़ी नरमा व ग्वारा आदि की फ सल में पानी भर गया और साथ ही किसानों के एक दर्जन नलकूपों की मोटर भी पानी की भेंट चढ़ गई। एसडीएम बिजेंद्र सिंह व किसानों की ओर से विभाग के अधिकारियों को बार-बार सूचित करने के कई घंटों बावजूद भी नहरी विभाग का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस पर ग्रामीणों और किसानों ने सरकार व संबंधित विभाग के प्रति रोष जाहिर कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और खराब हुई फसल व मोटरों का मुआवजा देने की मांग की है। सरपंच बेअंत सिंह व तारूआना व गदराना के किसानों रेशम सिंह, काला सिंह, जगसीर सिंह, मंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, जगपाल सिंह, महक सिंह, पूर्व सरपंच दर्शन सिंह, कर्म चंद, महक सिंह, दलबीर सिंह, सुखदेव सिंह, बलजिंद्र सिंह, जैला सिंह ने बताया कि जब अपने खेत में चारपाई पर सोए हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उन्हे करीब 4 बजे नहर टूटने के बारे में पता चला। माईनर टूटने की सूचना मिलने पर एसडीएम बिजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राम निवास विभाग के कर्मचारियों के साथ करीब नौ बजे मौके पर पहुंचे। जिसके बाद दो जेसीबी मशीनों की सहायता से बंद करने काम शुरू किया गया।</p>
<h1 style="text-align:center;">नहर टूटने की जांच करवाई जा रही है</h1>
<p style="text-align:justify;">नहर टूटने की सूचना मिली थी जिस पर अधिकारियों को मौके पर भेज दिया था। नहर किस कारण टूटी है इसकी जांच भी करवाई जाएगी। सफ ाई के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके पास कर्मचारियों की कमी है जिसकी वजह से सफ ाई और देखभाल सही तरीके से नहीं हो रही है। वहीं उन्होंने बताया कि पहले साल में दो बार नहरों की सफ ाई करवाई जाती थी। पहले मनरेगा के तहत सफ ाई करवाई जाती थी लेकिन इस बार टेंडर देने भी देरी हो गई।</p>
<h1 style="text-align:center;">किसानों ने की गिरदावरी की मांग</h1>
<p style="text-align:justify;">ओढां (राजू)। गांव सुब्बाखेड़ा से दौलतपुर खेड़ा के मध्य मम्मड़ ब्रांच टूटने से करीब 100 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। मम्मड़Þ खेड़ा के बुर्जी न. 62 हजार के निकट अचानक दरार आ गई। सूचना पाकर एसडीओ राजेन्द्र कुमार व जेई योगेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर ब्रांच को मुख्य हैड से बंद करवाकर टूटे हिस्से को पाटने का कार्य शुरू करवाया।</p>
<p style="text-align:justify;">नहर टूटने से किसानों की करीब 100 एकड़ में खड़ी नरमे की फसल जलमग्न हो गई तो वहीं टैयूबवैलों में भी पानी घुसने के कारण किसानों का नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से स्पेशल गिरदावरी की मांग करते हुए सहायता की गुहार लगाई है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kaluana-miner-broken-standing-in-150-acres-of-stagnant-and-guar-wasted/article-4404</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/kaluana-miner-broken-standing-in-150-acres-of-stagnant-and-guar-wasted/article-4404</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Jun 2018 08:32:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/miner.jpg"                         length="157509"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूदखोरी में टूटती जीवन की डोर</title>
                                    <description><![CDATA[सूदखोरों के दबाव में बिजली के तार को छूकर मौत को गले लगाने का मामला भले ही जयपुर का हो पर कमोबेस यह उदाहरण देश के किसी भी कोने में देखा जा सकता है। जयपुर में एशिया की सबसे बड़ी कालोनी मानसरोवर में इसी 29 मई को मुहाना के 43 वर्षीय बाबू लाल यादव ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/broken-life-door-in-usury/article-3903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/life.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सूदखोरों के दबाव में बिजली के तार को छूकर मौत को गले लगाने का मामला भले ही जयपुर का हो पर कमोबेस यह उदाहरण देश के किसी भी कोने में देखा जा सकता है। जयपुर में एशिया की सबसे बड़ी कालोनी मानसरोवर में इसी 29 मई को मुहाना के 43 वर्षीय बाबू लाल यादव ने अपने परिचित के घर से गुजर रही बिजली की लाइन के तार को छूकर अपनी इह लीला समाप्त कर ली। बाबू लाल यादव ने अपने 2 पेज के सुसाइड नोट में लिखा कि दो करोड़ के लोन के बदले चार करोड़ चुकाने के बाद भी कर्जदारों के तकाजों से तंग आकर उसने मौत को गले लगा लिया। इससे कुछ समय पहले ही जयपुर में एक ही परिवार के सभी सदस्यों द्वारा सामूहिक आत्म हत्या व उससे पहले एक बिल्डर द्वारा नींद की गोलियां खाकर आत्म हत्या का प्रयासों से यह बात तो साफ हो जाती है कि प्रेमचंद की गोदान या पुरानी फिल्मों के सूदखोरों के आतंक हवाहवाई नहीं थे।</p>
<p style="text-align:justify;">बल्कि देखा जाए तो यह सूदखोरों का सच था जो आज भी देखने को मिल जाता है। हांलाकि आत्महत्या के उल्लेखित उदाहरण सूदखोरों से लिए गए कर्जें को ना चुकाने के दबाव का है पर यह नहीं भूलना चाहिए कि गली-गली में खुली फायनेंस कंपनियों के बॉक्सरों द्वारा मारपीट कर दबाव बनाना या सामान उठा ले जाना आए दिन की बात है। हमारी पारिवारीक व्यवस्था के बिखराव के साथ ही रातोंरात रईस बनने के सपने पहले तो ऐन केन प्रकारेण पैसे उधार ले लेना और फिर इसके बाद उधार चुकाने का दबाव बनने पर मौत को गले लगाने के संकेत साफ है कि हमारी सहन शक्ति का दायरा सीमित होता जा रहा है। दरअसल सहन शक्ति या यों कहें कि विपरीत परिस्थितियों से मुकाबिल होने का हौसला ही समाप्त होता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">हांलाकि सूदखोरों के लिए सरकार ने लाइसेंस व्यवस्था करने के साथ ही ब्याज दरों के निर्धारण तक के कानून कायदे बना रखे हैं पर जिस तरह से किराएदारों या घरेलू नौकरों की जानकारी पुलिस थानों में देना हम तौहीन समझते हैं उसी तरह से कानून कायदों की पालना नहीं करना हमारी आदत में शुमार नहीं हैं। एक दूसरा पक्ष यह भी है कि सरकार के कारिंदे भी कानून की पालना हो रही है या नहीं इसे देखने की जहमत नहीं उठाना चाहते हैं। नियमानुसार बिना लाइसेंस के सूदखोरी अपराध है पर इसकी पालना संभवत: नहीं के बराबर ही हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सबका का एक बड़ा कारण बाजार में अत्यधिक पैसे का आना, लोगों का रातोंरात रईस बनने का सपना, उंचे ख्वाब देखना ही तो है। मजे की बात यह है कि देश में बैंकिंग क्षेत्र में इतने विकास और आसान शर्तों पर कर्जें की सरकारी घोषणाओं के बावजूद सूदखोरों का जाल फैला हुआ है तो यह सरकार और समाज दोनों के लिए शर्मनाक स्थिति है। आजादी के पहले के आंचलिक साहित्य और आजादी के बाद के जमाने की गोदान, दो बीघा जमीन जैसी फिल्मों के माध्यम से सूदखोरों के चंगुल में एक बार फसंने के बाद उनकी ज्यादतियों और कर्ज के जाल में पीढ़ी दर पीढ़ी फसंने की रोंगटे खड़ी करने वाली दास्तानें यदि आज भी देखने को मिलती है तो फिर आजादी का कोई मायना नहीं हो सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">हांलाकि इसके लिए केवल सरकार को दोष नहीं दिया जा सकता बल्कि ज्यादा दोष तो समाज के बदलते मानकों को जाता है। एक समय था जब समाज में इज्जत ही सबकुछ होती थी ठीक इसके विपरीत आज पैसा ही सबकुछ होने लगा है। ऐसे में लोगों का ज्यादा से ज्यादा धन जल्दी से जल्दी बटोरने की धुन सवार होती है और इसके लिए उल्टे सीधे कामों के साथ ही कर्ज के जाल में फंस कर जीवन दूभर करना भी शामिल है। यहां दो बातें और विचारणीय है। एक और सरकार ने रोजगार के लिए ऋण देने की अनेक योजनाएं चला रखी है। पर दुर्भाग्यजनक स्थिति यह है कि बैंकों की ऋण देने की प्रक्रिया इतनी थका देने वाली है कि लोग साहूखोरों के चंगुल में फंस ही जाते हैं। इसी तरह से क्रेडिट कोआॅपरेटिव सोसायटियों का मकड़जाल भी लाख प्रयासों के बावजूद टूट नहीं पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इनमें से कुछ सोसायटियों द्वारा किए जाने वाले फ्राड के चलते पूरा मूमेंट ही बदनाम होकर रह गया है। एक अन्य बात बांग्लादेश में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से माइक्रो फायनेंस का प्रयोग एक सीमा व कुछ समय तक सफल रहा और समूहों का बैंक तक संचालित होने लगा। हमारे देश में भी 90 के दशक में स्वयं सहायता समूहों का कंस्पेट तेजी से उभरा और आंध्रप्रदेश व बंगाल में इसी गरीबी के विरुद्ध लड़ाई का सशक्त हथियार माना जाने लगा। पर अब तो यह मॉडल भी अपने उद्देश्यों में विफल होता दिखने लगा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूदखोरी के चलते आत्म हत्या के पीछे कहीं ना कहीं हमारी सामाजिक व्यवस्था के छिन्न भिन्न होने को भी दशार्ता हैं। उंचे ख्वाबों के चलते उधार पर उधार पर उधार लेते जाना और फिर जब चुकाने का अवसर आए तो फिर हताशा के अलावा और कोई चारा नहीं दिखाई देता हैं। टेलीविजन, लेपटॉप और मोबाईल संस्कृति ने जिस तरह से एकाकीपन को विस्तारित किया है बल्कि यों कहें कि सोशियल मीडिया द्वारा भी सोशियल के स्थान पर अनसोशियल बनाने का काम ही किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वाट्रसएप, ट्विटर पर बिन मांगें प्रवचनों का ढे़र लगा रहता है पर जो धरातलीय स्थिति से कोसों दूर होता है। सामाजिकता के लिए दो आदमियों के बीच बैठना, दु:ख दर्द में भागीदार बनना, परेशानियों को परस्पर शेयर न करना आम होता जा रहा है। ऐसे में सामाजिक ताने-बाने को सशक्त बनाने की आज पहली आवश्यकता होती जा रही है। समाज विज्ञानियों को भी बढ़ती आत्महत्याओं के कारणों का निराकरण खोजना होगा। आजादी के बाद भी सूदखोरी के चंगुल से मजबूर लोगों को बचाने के प्रयास करने होंगे। सूदखोरों की अवैध गतिविधियों को भी बाधित करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/broken-life-door-in-usury/article-3903</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/broken-life-door-in-usury/article-3903</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Jun 2018 08:26:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/life.jpg"                         length="62467"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मदन हेड़ी के पास सुंदर ब्राच नहर टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[लगभग 650 एकड़ फसल जलमग्न दरार पाटने जुटा विभाग नारनौंद (सच कहूँ न्यूज)। हलका के गांव मदन हेड़ी के पास से सुंदर ब्राच नहर टूटने से उसके आसपास क ी लगभग 650 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। जानकारी मिलते ही नहर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर मुआयना किया। पानी को बंद करवाने के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sunder-branch-canal-broken-near-madan-hadi/article-2488"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/canal-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">लगभग 650 एकड़ फसल जलमग्न</h1>
<h2 style="text-align:justify;">दरार पाटने जुटा विभाग</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नारनौंद (सच कहूँ न्यूज)।</strong> हलका के गांव मदन हेड़ी के पास से सुंदर ब्राच नहर टूटने से उसके आसपास क ी लगभग 650 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। जानकारी मिलते ही नहर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर मुआयना किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पानी को बंद करवाने के लिए फोन कर अपने विश्रााग के अधिकारियों को जानकारी दी। जानकारी के अनुसार हलका के गांव मदन हेड़ी के पास किसान सतीस पुत्र उदय सिह के खेत में टूट गई।</p>
<p style="text-align:justify;">नहर के टूटने के कारण कट की चौड़ाई 50 फुट के करीब बताई जा रही है। किसानों द्वारा इसकी जानकारी बास थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इसकी जानकरी नहरी विभाग को दी।</p>
<p style="text-align:justify;">नहर के टूटने की जानकारी मिलते ही आला अधिकारियों ने हेड से नहर का पानी कम करवाने के लिए फोन पर जानकारी दी। जेसीबी की मदद से नहर पर हुए कट को बंद करने के प्रयास आरम्भ कर दिए गए हैं। नहर के टूटने के कारण आस पास के किसानों के खेतों में खड़ी धान, बाजरा व ज्वार आदि की लगभग 660 एकड फसल बर्बाद हो गई।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एसडीओ के बयान पर मामला दर्ज</h2>
<p style="text-align:justify;">थाना प्रभारी विक्रम ने बताया कि विभाग के एसडीओ बलराज के दिए ब्यान के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच आरम्भ कर दी गई। इस बारे में बास के तहसीलदार प्रताप सिंह ने बताया कि हमने मौके पर पहुंचकर इसकी जानकारी उच्चाधिकरियों को दे दी है। एसडीओ बलराज ने बताया कि हमने पानी कम करवाने के लिए हेड वालों को बोल दिया है। जैसे ही पानी का बहाव कम होगा। इसे तुरंत प्रभाव से बंद करवा दिया जाएगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sunder-branch-canal-broken-near-madan-hadi/article-2488</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/sunder-branch-canal-broken-near-madan-hadi/article-2488</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 01:25:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/canal-1.jpg"                         length="34535"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खिमाखेड़ी गांव में टूटी रामकली माईनर</title>
                                    <description><![CDATA[70 एकड़ में भरा पानी, 40 एकड़ फसल जलमग्न मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी जुलाना (सच कहूँ न्यूज)। खिमाखेड़ी गांव में रामकली माईनर टूटने से करीब 70 एकड़ भूमि में पानी भर गया। 20 एकड़ के करीब कपास की फसल तथा 20 एकड़ के धान व हरे चारे की फसल जलमग्न […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/broken-ramkali-miner-in-khimachari-village/article-1865"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/miner.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">70 एकड़ में भरा पानी, 40 एकड़ फसल जलमग्न</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।</strong> खिमाखेड़ी गांव में रामकली माईनर टूटने से करीब 70 एकड़ भूमि में पानी भर गया। 20 एकड़ के करीब कपास की फसल तथा 20 एकड़ के धान व हरे चारे की फसल जलमग्न हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसकी सूचना किसानों ने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को दी। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर माईनर को बंद करवाया। शनिवार को रामकली माईनर में खिमाखेड़ी गांव के पास अचानक दरार आ गई और माईनर ड्रेन के पास से टूट गई। माईनर के टूटने से शामलो कलां व खिमाखेड़ी गांव के कई किसानों की फसल में पानी भर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि पानी से उनकी दो दर्जन के करीब कपास की फसल खराब हो गई है। कई किसानों की धान व हरे चारे की फसल भी खराब हो गई है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने माईनर को दोपहर बाद बंद करवाया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सातरोड़ कलां व खुर्द में बर्बाद हुई मेहनत</h2>
<p style="text-align:justify;">गांव सातरोड़ खुर्द व कलां में बरसात के पानी से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पांच फिट तक चारों तरफ पानी भरा हुआ है और फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं। किसान नहर विभाग व बिजली विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला पार्षद एवं युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कृष्ण सातरोड़ ने कहा कि प्रशासन ने बताया था कि ड्रेन सफाई व बरसाती पानी की निकासी हेतु व अन्य सभी कार्य जून महीने की 22 तारीख से पहले होने थे जो आज तक भी नहीं हो पाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किसान एक जगह से दूसरी जगह भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों में 5 फिट तक बारिश का पानी भरा हुआ है, लेकिन प्रशासन द्वारा किसानों को उसे निकालने के लिए बिजली तक मुहैया नहीं करवाई जा रही। उन्होंने प्रशासन से तुरंत इस ओर ध्यान देते हुए किसानों की समस्या का समधान करने की मांग उठाई।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/broken-ramkali-miner-in-khimachari-village/article-1865</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/broken-ramkali-miner-in-khimachari-village/article-1865</guid>
                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 01:10:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/miner.jpg"                         length="113985"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        