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                <title>data - Sach Kahoon Hindi</title>
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                            <item>
                <title>तिमाही नतीजों, महँगाई के आँकड़ों पर होगी निवेशकों की नजर</title>
                                    <description><![CDATA[गत सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 135.11 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 41,599.72 अंक पर पहुँच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 30.18 अंक यानी 0.25 प्रतिशत चढ़कर सप्ताहांत पर 12,256.80 अंक पर बंद हुआ।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/makers-are-eyeing-inflation-data/article-12428"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/share-market.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण सोमवार को बाजार में गिरावट देखी गयी</h2>
<h2 style="text-align:center;">(Share Market)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong> वैश्विक कारकों के दम पर घरेलू शेयर बाजारों (Share Market) में बीते सप्ताह बढ़त रही। आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर दिग्गज कंपनियों के तिमाही परिणामों के साथ खुदरा एवं थोक महँगाई तथा आयात-निर्यात के आँकड़ों पर होगी। गत सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 135.11 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 41,599.72 अंक पर पहुँच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 30.18 अंक यानी 0.25 प्रतिशत चढ़कर सप्ताहांत पर 12,256.80 अंक पर बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण सोमवार को बाजार में गिरावट देखी गयी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम बयान के बाद विदेशी बाजारों के साथ-साथ घरेलू बाजारों में भी तेजी लौट आयी। सप्ताह के पाँच कारोबारी दिनों में तीन दिन बाजार बढ़त में बंद हुआ जबकि सोमवार और बुधवार को गिरावट रही।</p>
<h3>निवेशकों की नजर इन सभी कारकों पर रहेगी</h3>
<ul>
<li>मझौली और छोटी कंपनियों में निवेशकों ने ज्यादा विश्वास दिखाया।</li>
<li>बीएसई का मिडकैप 0.39 प्रतिशत चढ़कर 15,132.86 अंक परहैं।</li>
<li>और स्मॉलकैप 1.20 फीसदी की बढ़त में 14,118.94 अंक पर पहुँच गया।</li>
<li>आने वाले सप्ताह में एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक हैं।</li>
</ul>
<p><em>-एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनियों के वित्तीय परिणाम जारी होने हैं। इनके अलावा कई अन्य बड़ी कंपनियों के तिमाही परिणाम भी आने हैं। खुदरा एवं थोक महँगाई के आँकड़े भी आने वाले सप्ताह में जारी होने हैं। निवेशकों की नजर इन सभी कारकों पर रहेगी।</em></p>
<p> </p>
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<p><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title=""> </span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jan 2020 16:18:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिड-डे-मील योजना: सात खंडों के 271 स्कूल मुखिया नहीं अपलोड कर रहे डाटा</title>
                                    <description><![CDATA[निदेशालय ने जताई आपत्ति, मांगा स्पष्टीकरण सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। मिड-डे-मील योजना का डाटा आॅटोमेटिक मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल (एएमएसपी) पर जिले के सात खंडों के 271 सरकारी स्कूलों के मुखिया, इन्चार्ज द्वारा अपलोड नहीं किया गया हैं। वर्किंग डे में विभाग द्वारा दिए गए नम्बर 15544 पर रजिस्टर्ड मोबाईल से मिड-डे-मील संबंधी जानकारी उपलब्ध न […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">निदेशालय ने जताई आपत्ति, मांगा स्पष्टीकरण</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> मिड-डे-मील योजना का डाटा आॅटोमेटिक मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल (एएमएसपी) पर जिले के सात खंडों के 271 सरकारी स्कूलों के मुखिया, इन्चार्ज द्वारा अपलोड नहीं किया गया हैं। वर्किंग डे में विभाग द्वारा दिए गए नम्बर 15544 पर रजिस्टर्ड मोबाईल से मिड-डे-मील संबंधी जानकारी उपलब्ध न करवाने पर निदेशालय ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जिला के सभी खंडों के स्कूल मुखिया व इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला के सात खंडों में कुल 829 स्कूल है। जिनमें से 558 स्कूल मुखिया अपना डाटा रोजाना अपलोड कर रहे है।</p>
<p style="text-align:justify;">जबकि 271 स्कूल ऐेसे है जहां के मुखिया मिड-डे-मील का डाटा एसएमएस नहीं कर रहे हैं। इनमें सरसा के सबसे अधिक 53 स्कूल है जो मिड-डे-मील की रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं। बता दें कि मिड-डे मील को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थी। जिनमें समय पर मील नहीं दिए जाने, तो कहीं गुणवत्तापरक भोजन दिए जाने के मामले सामने रहे हैं। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से पोर्टल शुरू किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">पोर्टल पर रोज मील की डिटेल स्कूल मुखियाओं को देनी होती है। इस रिपोर्ट में स्कूल मुखिया या इंचार्ज को राशन कितने बच्चों ने खाया और कितना बचा इसकी पूर्ण डिटेल पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। अब जब जिला के विद्यालयों के मुखिया, इन्चार्ज द्वारा प्रतिदिन एसएमएस क्यों नहीं भेजा जा रहा है, इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है और साथ ही जल्द से जल्द सभी खंडों का डाटा 100 प्रतिशत पूरा करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रोजाना 15544 पर एसएमएस कर भेजनी होती है डिटेल</h2>
<p style="text-align:justify;">मिड-डे- मील को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से एसएमएस की सेवा भी शुरू की गई। इसमें स्कूल मुखियाओं को सभी मील की रोजाना की डिटेल 15544 पर एसएमएस करनी है। जिसके बाद यह आॅटोमेटिक पोर्टल पर पहुंच जाएगी। जबकि पोर्टल पर अपलोड के लिए पहले स्कूल मुखिया को रजिस्टर में एंट्री करनी होगी। इसके बाद बीईओज को यह डाटा भेजना होगा। वहां से फिर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">किस ब्लॉक में कितने स्कूल नहीं भेज रहे रिपोर्ट</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ब्लॉक का नाम,   कुल स्कूल,     रिपोर्ट करने वाले स्कूल,      रिपोर्ट न भेजने वाले स्कूल</strong><br />
बड़ागुढ़ा,             107,                  69,                                 38<br />
डबवाली,             133,                  92,                                41<br />
ऐलनाबाद,          97,                    66,                                31<br />
नाथूसरी ,           136,                  94,                                 42<br />
ओढां,                 83,                   52,                                  31<br />
रानियां,              126,                 91,                                  35<br />
सरसा,                145,                 94,                                  53</p>
<p style="text-align:justify;">‘‘जिला के उपजिला शिक्षा अधिकारी पवन सुथार ने बताया कि जिन स्कूलों के मुखिया द्वारा मिड-डे-मील संबंधी डाटा नहीं भेजा जा रहा, उनसे विभाग ने स्पष्टीकरण मांगा है। जल्द से जल्द 100 प्रतिशत डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Feb 2019 18:54:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुफ्त डाटा व त्यौहार</title>
                                    <description><![CDATA[देश में त्यौहारों का दौर जारी है। दशहरा पर्व भी निकल गया और दीपावली आने वाली है। भारतीय युवा पीढ़ी विशेष तौर पर मध्य वर्ग इन दिनों त्यौहारों की महत्वता से दूर होकर मोबाइल फोन पर फ्री व सस्ते मोबाइल डाटा के आॅफरों में व्यस्त है। त्यौहारों के संदेश को देखते हुए लग ही नहीं […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/free-data-and-festivals/article-6355"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/offar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश में त्यौहारों का दौर जारी है। दशहरा पर्व भी निकल गया और दीपावली आने वाली है। भारतीय युवा पीढ़ी विशेष तौर पर मध्य वर्ग इन दिनों त्यौहारों की महत्वता से दूर होकर मोबाइल फोन पर फ्री व सस्ते मोबाइल डाटा के आॅफरों में व्यस्त है। त्यौहारों के संदेश को देखते हुए लग ही नहीं रहा कि कोई त्यौहार आ रहा है। दशहरा व दीपावली पवित्र त्यौहार हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता कल्चर ने दीपावली को डिस्काउंट का त्यौहार बनाकर रख दिया। भारतीय युवाओं की हालत यह है कि महत्व समझने की बजाए इंटरनेट डाटा को ही आदर्श मान लिया है। निजी कंपनियों के लिए भारतीय त्यौहार आय का स्त्रोत बन गए हैं, दूसरी तरफ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, संस्कृति जैसे क्षेत्र दयनीय दौर से गुजर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारों की नाकामी के कारण, वैश्वीकरण व निजीकरण ने ऐसा जाल बिछाया है कि देश में मुख्य मुद्दों व समस्याओं से ध्यान हटाया जा रहा है। सस्ते इंटरनेट को ही विकास की पहचान बनाकर पेश किया जा रहा है। इसी तरह लगता है कि जैसे सरकारों ने यही सोच लिया है कि 24 घंटे मोबाइल प्रयोग करने वाले युवा ही मजबूत भारत की पहचान होंगे। बेरोजगारी के सताए युवा विदेशों में जाने के लिए मजबूर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आज का युवा चिंतन से निकल अपनी चिंता को मिटाने के लिए मोबाइल फोन में आंखों गढ़ाकर बैठा है। राजनेताओं की गतिविधियां केवल सत्ता प्राप्त करने तक सीमित हैं। राजनेता वोट बटोरने के लिए जादूगरी भाषणों से मुद्दों का प्रयोग करते हैं, मुद्दों का हल नहीं निकालते। नशा बहुत बड़ी समस्या है जिस पर राजनैतिक जुमलेबाजी तो होती है लेकिन रोकने के लिए नेता पहल नहीं करते।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बात बिल्कुल गरीबी की तरह है। व्यंग्य के तौर पर यही कहा जाता है कि यदि गरीबी न रही तो राजनीति के पास मुद्दा क्या रहेगा। उसी तरह नशा भी राजनीति के लिए मनोरंजन बन गया। दीपावली के अवसर पर सब मुद्दे गायब हैं, सब समस्याएं गायब हैं क्योंकि भारतीय युवाओं पर मुफ्त इंटरनेट का भूत सवार है, यही बात राजनीति चाहती है। दिशाहीन युवाओं का अपनी समस्याओं से मुंंह फेर चुप कर बैठना किसी संतुष्टि का नहीं बल्कि गिरावट का प्रमाण है। दीपावली से कोई संदेश लेने की कोशिश नहीं हो रही। दीपावली अब महज कंपनियों की कमाई का जरिया बनकर रह गई है।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/free-data-and-festivals/article-6355</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Oct 2018 09:33:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेमेंट डेटा /वीजा, मास्टरकार्ड जैसी कंपनियां विदेश में डेटा स्टोर कर भारतीय नियम तोड़ रहीं</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई,एजेंसी। वीजा, मास्टरकार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसी अमेरिकी कंपनियां भारत के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक 16 अक्टूबर से विदेशी कंपनियों को पेमेंट से जुड़े डेटा भारत में ही स्टोर करने थे। कंपनियों को 15 अक्टूबर रात 12 बजे तक आरबीआई को इस संबंध में बताना था। लेकिन, अमेरिकी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/companies-like-payment-data-visa-mastercard-breaking-the-indian-rule-by-storing-data-abroad/article-6293"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/companies-like-payment-data-_-visa-mastercard-breaking-the-indian-rule-by-storing-data-abroad-copy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई,एजेंसी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">वीजा, मास्टरकार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस जैसी अमेरिकी कंपनियां भारत के नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। आरबीआई के निर्देशों के मुताबिक 16 अक्टूबर से विदेशी कंपनियों को पेमेंट से जुड़े डेटा भारत में ही स्टोर करने थे। कंपनियों को 15 अक्टूबर रात 12 बजे तक आरबीआई को इस संबंध में बताना था। लेकिन, अमेरिकी कार्ड कंपनियों ने ऐसा नहीं किया।<br />
<strong>जुर्माना लगा सकता है आरबीआईर</strong> : न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई ने चेतावनी दी थी कि तय समय सीमा तक निर्देशों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जाएगी। आरबीआई ने अप्रैल में सर्कुलर जारी कर कहा था कि जिन कंपनियों का सर्वर विदेश में है उन्हें पेमेंट सिस्टम से जुड़ा डेटा भारत में ही स्टोर करना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिकी कंपनियों ने 12 महीने का वक्त मांगा : </strong>अमेरिकी कंपनियों ने 12 महीने का वक्त और मांगा है। कंपनियों की दलील है कि उनकी मशीनों का सिस्टम दुनियाभर में एक जैसा है। सिर्फ भारत के लिए सिस्टम को इतनी जल्दी नहीं बदला जा सकता। अमेरिका के डिप्टी ट्रे़ड रिप्रजेंटेटिव डेनिस शिया ने भी शुक्रवार को कहा कि इन्फॉर्मेशन का फ्री फ्लो सुनिश्चित करने के लिए हम डेटा का लोकलाइजेशन नहीं चाहते। शिया ने कहा कि ऐसा करने वाले देशों को फिर से सोचना चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका की फाइनेंशियल कंपनियों की शिकायत के बाद वहां के अधिकारियों ने डेटा लोकलाइजेशन पर आपत्ति जताई। अमेरिकी कंपनियां डेटा लोकलाइजेशन के खिलाफ दुनियाभर में लॉबीइंग करती रही हैं। वॉट्सऐप ने नियम का पालन कियामोबाइल मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने पिछले दिनों कहा कि वह आरबीआई के निर्देश मानेगा। उसने पेमेंट संबंधी डेटा भारत में स्टोर करने का सिस्टम तैयार कर लिया है। अमेजन ने भी कहा था कि वह नियम पूरे करने के लिए काम कर रही है। जहां भी कंपनी का कारोबार है वहां के कानून का पालन करना प्राथमिकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Oct 2018 15:55:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोई नहीं चुरा सकता आधार डाटा, फैलाई गई थी अफवाह: यूआईडीएआई</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने गूगल की एक भूल का दुरुपयोग कर आधार की छवि खराब करने और लोगों के बीच भय फैलाने का प्रयास किया है। प्राधिकरण का कहना है कि किसी फोन के कांटैक्ट की सूची में दर्ज नंबर के जरिये उस फोन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/uidai-no-one-can-steal-the-base-data/article-5166"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/udali.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने गूगल की एक भूल का दुरुपयोग कर आधार की छवि खराब करने और लोगों के बीच भय फैलाने का प्रयास किया है। प्राधिकरण का कहना है कि किसी फोन के कांटैक्ट की सूची में दर्ज नंबर के जरिये उस फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती है।<br />
प्राधिकरण ने आज कहा कि गूगल की एक गलती से उसका (प्राधिकरण का) पुराना हेल्पलाइन नंबर 18003001947 कई मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की कांटैक्ट सूची में आ गया था। अफवाह फैलाने वालों ने उसी को लेकर आधार की छवि खराब करने की कोशिश की।</p>
<h2>कांटैक्ट सूची में किसी हेल्पलाइन नंबर से किसी फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती</h2>
<p style="text-align:justify;">प्राधिकरण ने बयान में कहा कि वह ऐसे निहित स्वार्थी तत्वों के प्रयास की ‘निंदा’ करता है जिन्होंने गूगल की एक ‘भूल’ का दुरुपयोग आधार के खिलाफ अफवाह फैलाने के लिए किया।प्राधिकरण ने कहा है कि कांटैक्ट सूची में किसी हेल्पलाइन नंबर से किसी फोन की सूचनाएं नहीं चुरायी जा सकती ‘‘इसलिये इस नंबर को मिटाने में कोई डर नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे कोई नुकसान नहीं है। यदि लोग चाहते हैं तो वे उसकी जगह यूआईएडीआई के नये हेल्पलाइन नंबर 1947 को रख सकते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि फ्रांस का साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ होने का दावा करने वाले एक ट्विटर यूजर ने पिछले सप्ताह ट्वीट कर इस अफवाह को जन्म दिया था। उसने प्राधिकरण को संबोधित करते हुए इस ट्वीट में कहा था, ‘‘अलग-अलग मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के ग्राहक जिनके पास आधार कार्ड है या नहीं और जिन्होंने एमआधार एप का इस्तेमाल भी नहीं किया है, उनके भी फोन की कांटैक्ट सूची में आपका हेल्पलाइन नंबर उन्हें बताये बिना क्यों दर्ज कर दिया गया है?’’ इसके बाद सोशल मीडिया पर आधार के खिलाफ अफवाहों का दौर चलने लगा था जिसके कारण सरकार भी हरकत में आयी और गूगल को बयान जारी कर अपनी भूल माननी पड़ी</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 09:29:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जींद : चोरी में असफल रहे तो फूंक डाला बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[हजारों रुपए का सामान सहित रिकॉर्ड राख मोरखी स्थित सेंट्रल कोआप्रेटिव बैंक की घटना जींद (सच कहूँ न्यूज)। बैंक में चोरी करने में असफल रहे चोरों ने बैंक में आग लगा दी। घटना मोरखी गांव स्थित सेंट्रल कोआप्रेटिव बैंक की है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण उठे तो उन्हें दी जींद सेंट्रल कोआप्रेटिव बैंक में धुआं उठता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/fire-in-bank-after-failure-to-steal/article-3216"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/fire-in-bank.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">हजारों रुपए का सामान सहित रिकॉर्ड राख</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मोरखी स्थित सेंट्रल कोआप्रेटिव बैंक की घटना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जींद (सच कहूँ न्यूज)।</strong> बैंक में चोरी करने में असफल रहे चोरों ने बैंक में आग लगा दी। घटना मोरखी गांव स्थित सेंट्रल कोआप्रेटिव बैंक की है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण उठे तो उन्हें दी जींद सेंट्रल कोआप्रेटिव बैंक में धुआं उठता दिखाई दिया। बैंक में रखा हजारों रुपए का सामान जिसमें कंपयूटर, कुर्सी, मेज, इंवर्टर आदि सामान जलकर राख हो चुका था। अलमारियों में रखा कीमती रिकार्ड का भी कोई नामोनिशान नहीं बचा था। ग्रामीणों ने इस पर बैंक कर्मचारियों व पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस व बैंक कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो सामने आया कि चोर खिड़की उखाड़ बैंक में घुसे थे। इसके बाद उन्होंने बैंक को खंगाला। लेकिन जब कुछ भी नहीं मिला तो उन्होंने बैंक में ही आग लगा दी। बैंक के अंदर हालांकि सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन जांच की पता चला ये लंबे समय से खराब पड़े हैं। बैंक कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि चौकीदार लहणा सिंह की रात को ड्यूटी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तिजोरी मिली सुरक्षित, बचे 12.84 लाख रुपए</h2>
<p style="text-align:justify;">बैंक कर्मचारियों ने इस दौरान तिजोरी की जांच की तो उसमें रखा 12.84 लाख 173 रुपए का कैश सुरक्षित मिला। हालांकि चोरों ने पेंचकश व अन्य औजारों से तिजोरी का ताला तोड़ने  के खूब प्रयास किए हुए पाए गए। लेकिन इसके बाद भी तिजोरी का ताला नहीं टुटा। तिजोरी में जो कैश रखा था वह गांव के सैंकड़ों बुजुर्गो की पेंशन का था।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 09:06:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छह महीने थी ड्यूटी, 34 महीने बाद भी काम कर रहा मंगलयान</title>
                                    <description><![CDATA[यान की सक्रियता से इसरो गदगद नई दिल्ली। अंतरिक्ष के इतिहास में भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख देने वाला मंगलयान लाल ग्रह का अध्ययन करने के लिए छह महीने के मिशन पर भेजा गया था, लेकिन यह 34 महीने बाद भी काम कर रहा है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mangalyaan-working-after-34-months/article-2719"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/mangalyaan.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">यान की सक्रियता से इसरो गदगद</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> अंतरिक्ष के इतिहास में भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख देने वाला मंगलयान लाल ग्रह का अध्ययन करने के लिए छह महीने के मिशन पर भेजा गया था, लेकिन यह 34 महीने बाद भी काम कर रहा है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को लगातार मंगल ग्रह की तस्वीरें तथा डेटा भेज रहा है। वैज्ञानिक इस महायान के हुनर से गदगद हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसरो के एक वैज्ञानिक ने बताया कि मंगलयान को केवल ‘यान’ नहीं, बल्कि ‘महायान’ कहना उचित होगा जो छह महीने की अपनी मिशन अविध पूरी करने के बाद आज 34 महीने बाद भी काम कर रहा है और रोजाना मंगल ग्रह के विभिन्न पहलुओं से संबंधित तस्वीरें और डेटा भेज रहा है। उन्होंने मंगलयान को भारत के अंतिरक्ष इतिहास का सबसे बड़ा मिशन करार देते हुए कहा कि इस मार्स आॅर्बिटर मिशन (एमओएम) का प्रदर्शन अंतरिक्ष विज्ञानियों को प्रसन्न कर देने वाला है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"> मंगल कक्ष में पहुंच यान ने रचा था इतिहास</h3>
<p style="text-align:justify;">पांच नवंबर 2013 को मंगल यात्रा पर भेजे गए इस यान ने 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंचकर इतिहास रच दिया था और इसके साथ ही भारत अपने पहले प्रयास में ही मंगल पर पहुंच जाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था। मंगल पर पहुंचने वाले अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों को कई प्रयासों में सफलता मिली थी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अभी भी दे रहा डेटा</h2>
<p style="text-align:justify;">इसरो के अधिकारी ने बताया कि मंगलयान को छह महीने के मिशन पर भेजा गया था जो इसने 24 मार्च 2015 को पूरा कर लिया, लेकिन यह आज 34 महीने बाद भी मंगल के अध्ययन में भारतीय अंतिरक्ष विज्ञानियों को लगातार डेटा उपलब्ध करा रहा है। महज 450 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ यान 24 सितंबर 2014 से लाल ग्रह का लगातार चक्कर लगा रहा है। इस दौरान इसने मंगल की सतह, वहां की घाटियों, पर्वतों, बादलों और वहां उठने वाले धूल भरे तूफानों की शानदार तस्वीरें तथा डेटा मुहैया कराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/mangalyaan-working-after-34-months/article-2719</link>
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                <pubDate>Sun, 30 Jul 2017 06:41:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में पाकिस्तान से ज्यादा हुए आतंकी हमले</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किए वर्ष 2016 के आंकड़े वॉशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से संकलित नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में जिन देशों में सबसे अधिक संख्या में आतंकवादी हमले हुए, उनमें भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान चौथे स्थान पर चला गया है। विदेश विभाग ने आतंकवाद पर अपनी कंट्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">अमेरिकी विदेश विभाग ने जारी किए वर्ष 2016 के आंकड़े</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन।</strong> अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से संकलित नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में जिन देशों में सबसे अधिक संख्या में आतंकवादी हमले हुए, उनमें भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान चौथे स्थान पर चला गया है। विदेश विभाग ने आतंकवाद पर अपनी कंट्री रिपोर्ट में कहा कि सबसे ज्यादा 2,965 आतंकवादी हमलों का सामना करने वाला इराक पहले जबकि 1,340 हमलों के साथ अफगानिस्तान दूसरी पायदान पर रहा। भारत में 927 आतंकवादी हमले हुए और वह तीसरे स्थान पर रहा जबकि 734 आतंकवादी हमलों का गवाह बना पाकिस्तान चौथी पायदान पर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग ने कहा कि 2016 में भारत में आधे से ज्यादा आतंकवादी हमले चार राज्यों जम्मू-कश्मीर (19 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (18प्रतिशत), मणिपुर (12 प्रतिशत) और झारखंड (10 प्रतिशत) में हुए। विदेश विभाग ने कहा कि यह भौगोलिक पैटर्न 2015 की तुलना में थोड़ा स्थिर है और जम्मू-कश्मीर इसका अपवाद है, जहां 2016 में आतंकवादी हमलों में 93ञ् इजाफा हुआ। अपनी सालाना रिपोर्ट में विभाग ने कहा कि 2016 में भारत में आतंकवादी हमलों में 16 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई और कुल मौतों की संख्या 17 प्रतिशत बढ़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2016 में सबसे ज्यादा आतंकवादी हमलों के मामले में भारत भले ही तीसरे स्थान पर रहा, लेकिन इन हमलों में हुए नुकसान का स्तर आतंकवादी हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित अन्य देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2016 में हुए प्रति हमले में औसतन 0.4 मौत हुई जबकि दुनिया भर में हुए प्रति हमले में औसतन 2.4 मौतें हुर्इं।</strong></li>
</ul>
<p> </p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/more-terrorist-attacks-in-india/article-2580</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Jul 2017 06:22:43 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूक्रेन ने रूस पर लगाया साइबर हमले का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[साइबर हमले का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन में कीव (एजेंसी)। यूक्रेन की सरकारी सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने हाल में अपने देश पर हुए साइबर हमले में रूसी सुरक्षा सेवाओं के शामिल होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण डाटा को नष्ट करना और दहशत फैलाना था। एसबीयू ने यह भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/ukraine-accused-of-cyber-attack-on-russia/article-1873"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/cyber.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">साइबर हमले का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन में</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>कीव (एजेंसी)।</strong> यूक्रेन की सरकारी सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने हाल में अपने देश पर हुए साइबर हमले में रूसी सुरक्षा सेवाओं के शामिल होने का दावा करते हुए रविवार को कहा कि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण डाटा को नष्ट करना और दहशत फैलाना था। एसबीयू ने यह भी कहा कि यूक्रेन में गत मंगलवार को शुरू हुए इस साइबर हमले में वही हैकर शामिल था, जिसने दिसंबर 2016 में यूक्रेनी पावर ग्रिड पर हमला किया था। यूक्रेनी राजनेताओं ने हमले के लिए रूस को दोषी ठहराया था, लेकिन क्रेमलिन के प्रवक्ता ने आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए इसे खारिज कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">एसयूबी ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय एंटीवायरस कंपनियों के सहयोग से प्राप्त आंकड़ों सहित उपलब्ध आंकडों से हमारे पास यह विश्वास करने का पर्याप्त कारण है कि साइबर हमलों में वही हैकिंग समूह शामिल हैं, जो दिसंबर 2016 में यूक्रेन की वित्तीय प्रणाली, परिवहन और ऊर्जा सुविधाओं पर टेलीबोट्स और ब्लैक एनर्जी का इस्तेमाल कर रही थी।’ उन्होंने कहा, ‘यह इस साइबर हमले में रूस की विशेष सेवाओं की भागीदारी का भी सबूत देता है।’ गौरतलब है कि ‘वानाक्राई रैनसमवेयर’ जैसे वायरस ने पूरी दुनिया पर बड़ा साइबर हमला किया था। इस साइबर हमले का सबसे ज्यादा असर यूक्रेन में हुआ, जहां सरकारी मंत्रालयों, बिजली कंपनियों और बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में बड़ी खराबी आई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/international/ukraine-accused-of-cyber-attack-on-russia/article-1873</link>
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                <pubDate>Sun, 02 Jul 2017 06:03:32 +0530</pubDate>
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