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                <title>Food Safety - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Food Safety RSS Feed</description>
                
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                <title>त्यौहारों से पहले सरकार हुई अलर्ट! मिलावटखोरों और जमाखोरों के खिलाफ कसा शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड में त्यौहारों से पहले मिलावटखोरी और जमाखोरी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू हुआ है। खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, सैंपलिंग और घटिया सामान पर कार्रवाई तेज की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttarakhand/government-on-alert-before-festivals-tightening-crackdown-against-adulterators-and/article-90162"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/dhami-festival.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Uttarakhand Festival Special: देहरादून (एजेंसी)।</strong> त्यौहारों का मौसम शुरू होने से पहले उत्तराखंड सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट, जमाखोरी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रदेश के सभी जिलों में एक सप्ताह तक विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान के तहत खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों, प्रतिष्ठानों और अन्य संबंधित कारोबारियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंचकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखने के लिए नमूने ले रही हैं। मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले उत्पादों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी जिलों में अधिकारियों को सख्त निर्देश</h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने मंडलायुक्तों को अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और अन्य नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान खराब, एक्सपायर या घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। गंभीर मामलों में न्यायालय में अभियोजन की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा रही है। Uttarakhand News</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है। अधिकारी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर भी निगरानी रख रहे हैं। खासतौर पर चीनी की कथित जमाखोरी और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की जांच की जा रही है। सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को मिलावटी और असुरक्षित उत्पादों से बचाना है। </p>
<h3 style="text-align:justify;">देहरादून में 11 नमूने लिए गए</h3>
<p style="text-align:justify;">देहरादून में सोमवार को खाद्य पदार्थों से जुड़े 11 नमूने जांच के लिए लिए गए। अधिकारियों के अनुसार 1 अगस्त से अब तक जिले में 70 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है और 48 नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हरिद्वार में 47 प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान 27 नमूने लिए गए। नैनीताल में 10 दुकानों का निरीक्षण किया गया और छह नमूने लिए गए। जांच के दौरान करीब 10 किलोग्राम घटिया गुणवत्ता की मिठाइयां नष्ट कराई गईं। अन्य जिलों में भी अभियान के तहत कार्रवाई जारी है। पौड़ी में 10, बागेश्वर में तीन, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में दो-दो, टिहरी में छह तथा उत्तरकाशी में चार नमूने लिए गए। चंपावत में 21 स्थानों का निरीक्षण किया गया और 10 नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा बंधन, जन्माष्टमी, नवरात्र और दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। त्यौहारों के दौरान मिठाई, दूध से बने उत्पाद, तेल, मसाले और अन्य खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए निरीक्षण और नमूना जांच बढ़ाई गई है। Uttarakhand News</p>
<h3 style="text-align:justify;">मोबाइल लैब से मौके पर हो सकती है जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के तहत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) राज्यों के साथ मिलकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को मजबूत करने पर जोर देता है। मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जरिए कई तरह की प्राथमिक जांच मौके पर ही की जा सकती है। जो खाद्य श्रेणियां अपेक्षाकृत अधिक जोखिम वाली मानी जाती हैं, उनमें डेयरी उत्पाद, खाद्य तेल और मसाले जैसे सामान शामिल हैं। जोखिम आधारित निरीक्षण और नमूना संग्रह के माध्यम से ऐसे उत्पादों पर विशेष नजर रखी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के आधार पर नोटिस, जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई और आवश्यक होने पर न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। त्यौहारों के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। अधिकारियों को अभियान के दौरान प्राप्त नमूनों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। Uttarakhand News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तराखण्ड</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 11:46:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>FSSAI Amendment: केंद्र ने किया FSSAI नियमों में बदलाव, खाद्य कारोबारियों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों को बड़ी राहत देते हुए नियमों में अहम बदलाव किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस) रेगुलेशंस, 2011 में संशोधन की अधिसूचना जारी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/fssai-amendment-center-changed-fssai-rules-big-relief-to-food/article-86883"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/fssai-pic.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">FSSAI Amendment: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों को बड़ी राहत देते हुए नियमों में अहम बदलाव किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस) रेगुलेशंस, 2011 में संशोधन की अधिसूचना जारी की। इस बदलाव का उद्देश्य कारोबार करने में 'आसानी' यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना और खाद्य व्यवसायों पर अनावश्यक नियामकीय बोझ कम करना है। FSSAI News</p>
<p style="text-align:justify;">नए नियमों के तहत अब गैर-विनिर्माण खाद्य कारोबारियों को कुछ रिकॉर्ड रखने और स्टॉक रोटेशन से जुड़े नियमों का पालन करने से छूट मिलेगी। हालांकि, खाद्य निर्माण करने वाले कारोबारियों के लिए ये नियम पहले की तरह लागू रहेंगे, ताकि खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले सभी लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारियों के लिए फर्स्ट इन फर्स्ट आउट (एफआईएफओ) या फर्स्ट एक्सपायरी फर्स्ट आउट (एफईएफओ) के आधार पर स्टॉक का प्रबंधन करना और उससे जुड़े रिकॉर्ड रखना अनिवार्य था। लेकिन संशोधित नियमों के बाद यह व्यवस्था केवल खाद्य निर्माण इकाइयों पर ही लागू होगी, क्योंकि वहां खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता बनाए रखने और उत्पाद की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी माना गया है। FSSAI News</p>
<p style="text-align:justify;">इस संशोधन का लाभ खुदरा विक्रेताओं और अन्य गैर-विनिर्माण खाद्य व्यवसायों को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों (एमएसएमई) पर अनुपालन का बोझ काफी कम होगा। साथ ही, जहां खाद्य सुरक्षा के लिए निगरानी आवश्यक है, वहां नियंत्रण पहले की तरह मजबूत बना रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला खाद्य क्षेत्र में जोखिम आधारित और परिणाम केंद्रित नियामकीय व्यवस्था को बढ़ावा देने की व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने खाद्य कारोबारियों के लिए कई नियमों को आसान बनाया है। इनमें स्थायी लाइसेंस और पंजीकरण की व्यवस्था, कारोबार के टर्नओवर की सीमा में संशोधन, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए दोहरे अनुपालन की अनिवार्यता खत्म करना और जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू करना शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय के अनुसार, नए संशोधन राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और खाद्य कारोबार से जुड़े सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद तैयार किए गए हैं। ये बदलाव नीति आयोग की गैर-वित्तीय नियामकीय सुधारों पर गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप भी हैं, जिसमें अनावश्यक नियमों का बोझ कम करते हुए प्रभावी नियामकीय निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोहराया कि सरकार विज्ञान आधारित नियमों, हितधारकों के सुझावों और सरल अनुपालन व्यवस्था के जरिए भारत की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी। FSSAI News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 15:13:00 +0530</pubDate>
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