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                <title>PM SHRI Scheme - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>PM SHRI Yojana: पीएम श्री योजना पर घमासान, फंड रुकने की आशंका!</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र की पीएम श्री स्कूल डेवलपमेंट स्कीम को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद ने सोमवार को केरल विधानसभा में एक नया मोड़ ले लिया। राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने कहा कि राज्य के पास इस प्रोग्राम का हिस्सा बने रहने के अलावा कोई कानूनी विकल्प नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/pm-shri-yojana-fight-over-pm-shri-yojana-fear-of/article-87337"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/kerala-pm-shri.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तिरुवनंतपुरम। केंद्र की पीएम श्री स्कूल डेवलपमेंट स्कीम को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद ने सोमवार को केरल विधानसभा में एक नया मोड़ ले लिया। राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने कहा कि राज्य के पास इस प्रोग्राम का हिस्सा बने रहने के अलावा कोई कानूनी विकल्प नहीं है। साथ ही, उन्होंने पिछली एलडीएफ सरकार पर एकतरफा समझौते पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से अब केरल के पास कोई खास गुंजाइश नहीं बची है।  PM SHRI Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा में सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते के तहत सिर्फ केंद्र ही एकतरफा तौर पर समझौते को रद्द कर सकता है, जिससे राज्य के पास इससे बाहर निकलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं रह जाता। शमसुद्दीन ने कहा, "पिछली सरकार को यह समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, क्योंकि उसे डर था कि केरल को केंद्र से मिलने वाली बड़ी मदद हाथ से निकल जाएगी। आज इस योजना को लेकर राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राज्य के लिए इससे बाहर निकलना मुमकिन नहीं है।"</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री के अनुसार, पीएम श्री योजना से बाहर निकलने पर केरल को लगभग 2,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि पीएम श्री प्रोग्राम के तहत 152 ब्लॉक में चुने गए 304 सरकारी स्कूलों के विकास के लिए तय लगभग 1,000 करोड़ रुपए गंवाने के अलावा राज्य को 'समग्र शिक्षा' योजना के तहत मिलने वाले 1,151.48 करोड़ रुपए भी गंवाने पड़ सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सदन को बताया, "केंद्र ने पहले भी केरल का वाजिब फंड रोका है। पूरी संभावना है कि अगर राज्य समझौते से पीछे हटता है, तो दूसरी ग्रांट पर भी असर पड़ सकता है।" शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने कहा कि पिछली एलडीएफ सरकार ने आखिरकार यह समझौता इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें डर था कि ऐसा न करने पर केंद्र से मिलने वाला दूसरा फंड भी रुक जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के दूरगामी असर होने के बावजूद समझौता करने से पहले कोई सार्थक बातचीत नहीं की गई थी। PM SHRI Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे पता चले कि पिछली सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा की हो या कोई तैयारी की हो। यहां तक ​​कि योजना की जांच के लिए एलडीएफ सरकार द्वारा बनाई गई मंत्री-स्तरीय सब-कमेटी की एक बार भी बैठक नहीं हुई।"</p>
<p style="text-align:justify;">शमसुद्दीन ने पीएम श्री योजना के कुछ प्रावधानों, खासकर पाठ्यक्रम और एकेडमिक आजादी से जुड़े प्रावधानों पर यूडीएफ सरकार की आपत्तियों को भी दोहराया। उन्होंने कहा, "स्कूलों में क्या पढ़ाया जाए, यह राज्य का अधिकार होना चाहिए। ऐसे मुद्दों पर किसी पक्के समझौते में शामिल होने से पहले व्यापक बातचीत की जरूरत थी।"</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकार के फैसलों के नतीजे भुगतने पड़ रहे हैं और अब वह केंद्र से मिलने वाली जरूरी मदद को गंवाए बिना केरल के हितों की रक्षा के तरीके तलाश रही है। शम्सुद्दीन ने कहा, "इस स्कीम को लेकर हमारे राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, हम यह पक्का करेंगे कि केरल के पब्लिक एजुकेशन सेक्टर को मिलने वाला एक भी रुपया बर्बाद न हो। हमारी प्राथमिकता केंद्र से मिलने वाली हर जायज ग्रांट हासिल करना और उसका इस्तेमाल सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए करना है।"</p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा में मंत्री का बयान सुनने के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री और सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता वी. शिवनकुट्टी ने मुस्लिम लीग और कांग्रेस पार्टी पर एक ऐसी स्कीम लागू करने का आरोप लगाया, जिसे पिछली वामपंथी सरकार ने राज्य की शैक्षिक स्वायत्तता के लिए संभावित खतरों को देखते हुए रोक दिया था। PM SHRI Yojana</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:46:26 +0530</pubDate>
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