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                <title>US Iran War - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>US Iran War RSS Feed</description>
                
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                <title>US Iran War: अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग की आग, लारक पर US का हमला तो जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवार</title>
                                    <description><![CDATA[US Iran War: अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग की आग, लारक पर US का हमला तो जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-iran-war-flares-up-again-us-attack-on-larak-and/article-90444"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/us-iran-war.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच कुछ समय से अपेक्षाकृत शांति बनी हुई थी, लेकिन रविवार को अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान के जवाबी हमले ने पश्चिम एशिया में फिर से युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक <strong>लारक द्वीप</strong> पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के <strong>खार्ग द्वीप</strong> को लेकर भी बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि खार्ग द्वीप के पूरी तरह परखच्चे उड़ गए हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप द्वारा साझा किया गया वीडियो AI-generated प्रतीत होता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">लारक द्वीप पर अमेरिका ने क्यों किया हमला?</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के जवान लारक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों की मदद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे। अमेरिका ने इसी खतरे को देखते हुए दो लॉन्चरों पर हमला किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने इस इलाके में मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने की कार्रवाई की थी और अब वह इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने पर जोर दे रही है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यह हमला इसलिए भी अहम है क्योंकि यह कई हफ्तों के अंतराल के बाद ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका की पहली सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई सैन्य कार्रवाई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिकी हमले के बाद ईरान की IRGC ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के मुताबिक, उसकी मिसाइल और ड्रोन कार्रवाई में जॉर्डन स्थित <strong>किंग हुसैन और अल-अज्राक</strong> सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ईरान का दावा है कि इन ठिकानों पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे, तकनीकी और रखरखाव सुविधाओं तथा लड़ाकू विमानों से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया। ईरान ने इस कार्रवाई को अमेरिका के हमले का जवाब बताते हुए आगे भी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">हालांकि, जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं <strong>आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट</strong> किया गया। इस वजह से ईरान के हमले से हुए वास्तविक नुकसान को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">ट्रंप का खार्ग द्वीप को लेकर बड़ा दावा</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खार्ग द्वीप को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा दावा किया। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए संकेत दिया कि ईरान के इस महत्वपूर्ण द्वीप पर भारी तबाही हुई है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद अहम है। यह देश के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने से पहले ईरान के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी द्वीप से संचालित होता था।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">लेकिन यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि <strong>खार्ग द्वीप के पूरी तरह तबाह होने की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।</strong> ट्रंप के पोस्ट में इस्तेमाल किया गया वीडियो AI-generated होने की बात सामने आई है। इसलिए इसे फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा ही माना जा रहा है, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य।</p>
<h4 style="text-align:justify;">स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा खतरा</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच ताजा टकराव का सबसे बड़ा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">ताजा घटनाक्रम के बाद तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। बाजार को आशंका है कि अगर संघर्ष और बढ़ा तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या फिर बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहे अमेरिका और ईरान?</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष फरवरी 2026 में शुरू हुआ था और इसके बाद कई महीनों तक दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी हमले जारी रहे। बाद में संघर्ष की तीव्रता कम हुई और राजनयिक स्तर पर समाधान की कोशिशें भी हुईं। लेकिन लारक द्वीप पर अमेरिकी हमला और उसके बाद जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की जवाबी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल सीमित सैन्य जवाबी कार्रवाई तक रहेगा या दोनों देशों के बीच संघर्ष एक बार फिर व्यापक युद्ध का रूप लेगा। आने वाले दिनों में अमेरिका की अगली सैन्य कार्रवाई और ईरान की प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दुनिया की नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर</h3>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका-ईरान तनाव का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी बड़े व्यवधान का सीधा असर तेल, गैस, शिपिंग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में लारक द्वीप पर हमला और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का पलटवार आने वाले दिनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 10:59:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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                <title>मुज्तबा खामेनेई अंतिम संस्कार में आएंगे या नहीं? चोट, गायब होने और ईरान की सत्ता पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के प्रस्तावित राजकीय अंतिम संस्कार से पहले सबसे बड़ा सवाल उनके उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई को लेकर उठ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/will-mujtaba-khamenei-come-to-the-funeral-or-not-questions/article-87392"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/us-iran-war.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">US Iran War: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के प्रस्तावित राजकीय अंतिम संस्कार से पहले सबसे बड़ा सवाल उनके उत्तराधिकारी मुज्तबा खामेनेई को लेकर उठ रहा है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के कथित संयुक्त हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद 8 मार्च को मुज्तबा को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था। हालांकि, इसके बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">28 फरवरी के हमले में क्या हुआ था?</h4>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन फ्यूरी' चलाया था। इस दौरान तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के कार्यालय और आवास को निशाना बनाया गया। हमले में अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के मारे जाने का दावा किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जाता है कि मुज्तबा खामेनेई भी इसी हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान वह बाल-बाल बचे, लेकिन उन्हें कई गंभीर चोटें आईं। उनके परिवार के कुछ सदस्य भी इस हमले में मारे गए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मुज्तबा की सेहत पर विरोधाभासी दावे</h4>
<p style="text-align:justify;">मुज्तबा खामेनेई की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें केवल मामूली चोटें आई थीं और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। दूसरी ओर, पश्चिमी मीडिया और कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि उन्हें गंभीर जलन, हाथ की सर्जरी और पैर में गंभीर चोट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उनके चेहरे पर गंभीर चोटें थीं और उन्हें प्लास्टिक सर्जरी तक करानी पड़ी। वहीं कुछ दावों में उनके पैर को काटने की नौबत आने की बात भी कही गई, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सार्वजनिक रूप से अब तक क्यों नहीं आए?</h4>
<p style="text-align:justify;">मुज्तबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता बनने के बाद से उनकी कोई आधिकारिक तस्वीर या वीडियो सार्वजनिक नहीं हुई है। उनके नाम से जारी सभी संदेश लिखित रूप में सामने आए या किसी अन्य अधिकारी ने पढ़कर सुनाए।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—</p>
<p style="text-align:justify;">गंभीर चोटों से उबरने की प्रक्रिया जारी होना।<br />सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी।<br />सत्ता संचालन में सीमित भूमिका और अन्य संस्थाओं की सक्रियता।<br />रणनीतिक कारणों से सार्वजनिक उपस्थिति से बचना।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन संभावनाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अंतिम संस्कार चार महीने बाद क्यों?</h4>
<p style="text-align:justify;">सामान्य तौर पर इस्लामी परंपरा में अंतिम संस्कार जल्द किया जाता है, लेकिन इस मामले में कार्यक्रम कई महीने बाद आयोजित किया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार इसके पीछे कई संभावित कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें कथित युद्ध जैसी स्थिति, बड़े स्तर पर राजकीय आयोजन की तैयारी और राजनीतिक संदेश देने की रणनीति शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार तेहरान, कोम, करबला, नजफ और मशहद में कई दिनों तक श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या मुज्तबा अंतिम संस्कार में शामिल होंगे?</h4>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल इस सवाल का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। यदि मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं, तो इसे उनकी सक्रिय नेतृत्व क्षमता और स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं यदि वह कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं, तो उनकी स्वास्थ्य स्थिति और ईरान की सत्ता संरचना को लेकर अटकलें और तेज हो सकती हैं। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के कारणों पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-06/us-iran-war.jpeg" alt="US Iran War" width="725" height="411"></img></p>]]></content:encoded>
                
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:07:52 +0530</pubDate>
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