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                <title>Beekeeping Techniques - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>किसानों ने सीखी आधुनिक मधुमक्खी पालन तकनीकें, स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय के नए अवसरों पर हुआ मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की ओर से वित्तपोषित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केन्द्र के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। यह विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित 11वां मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/farmers-learned-modern-beekeeping-techniques-brainstorming-took-place-on-new/article-87547"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/beekeeping-techniques-farmers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Beekeeping Techniques: हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की ओर से वित्तपोषित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केन्द्र के अंतर्गत आयोजित सात दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हुआ। यह विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित 11वां मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर था, जिसमें हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, सीकर, टोंक, सवाई माधोपुर, प्रतापगढ़, भरतपुर, कोटपूतली-बहरोड़ तथा नागौर सहित विभिन्न जिलों से आए 25 प्रगतिशील किसानों एवं प्रतिभागियों ने सहभागिता निभाते हुए आधुनिक मधुमक्खी पालन की तकनीकों का व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह के दौरान श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि के साथ सहायक व्यवसाय अपनाना किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। मधुमक्खी पालन ऐसा व्यवसाय है, जिसे कम लागत में शुरू कर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो किसान नई तकनीकों, नवाचारों और वैज्ञानिक सोच को अपनाते हैं, वही भविष्य में सफल एवं आत्मनिर्भर उद्यमी बनते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज के समय में शुद्ध एवं प्राकृतिक शहद की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शहद का उत्पादन किसानों के लिए रोजगार और आय का एक उत्कृष्ट माध्यम बन सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन अपनाकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं तथा अपने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखें। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक ने कहा कि मधुमक्खी पालन केवल शहद उत्पादन तक सीमित व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में वृद्धि करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकार की मंशा भी किसानों की आय में विविध माध्यमों से वृद्धि करना है, जिसमें मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में नई प्रेरणा प्रदान करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशिक्षण शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, कॉलोनी प्रबंधन, बॉक्स प्रबंधन, रानी मधुमक्खी संरक्षण एवं संवर्धन, शहद संग्रहण, शहद की गुणवत्ता परीक्षण, मोम, परागकण (पोलन), रॉयल जेली एवं अन्य मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन संबंधी तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान एवं वित्तीय सहायता की जानकारी भी प्रदान की गई। Hanumangarh News</p>
<p style="text-align:justify;">शिविर समन्वयक डॉ. मंगला राम बाजिया ने कहा कि यदि किसानों में सीखने की ललक, सकारात्मक सोच और कुछ नया करने का साहस हो तो वे सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भर बन सकते हैं। समापन समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा मधुमक्खी पालन में उपयोग आने वाली विशेष बी-कीट भेंट कर सम्मानित किया गया। Hanumangarh News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कृषि</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:48:28 +0530</pubDate>
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