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                <title>Turtles - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Kachhua: नाले में तैरता मिला दुर्लभ कछुआ, सभासद ने रेस्क्यू कर तालाब में छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे के मुख्य मार्ग पर गंदे पानी की निकासी के लिए नगरपालिका परिषद के द्वारा बनाए गए नाले एक दुर्लभ कछुआ तैरते हुए मिला है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/rare-turtle-found-floating-in-the-drain-councilor-rescued-it/article-91102"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/kairana-news9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कैराना (सच कहूँ न्यूज़)।</strong> Kairana News: कस्बे के मुख्य मार्ग पर गंदे पानी की निकासी के लिए नगरपालिका परिषद के द्वारा बनाए गए नाले एक दुर्लभ कछुआ तैरते हुए मिला है, जिसे नामित सभासद रोहताश सैनी ने रेस्क्यू करके तालाब में छोड़ दिया। शासन की ओर से कैराना कस्बा निवासी रोहताश सैनी को नगरपालिका परिषद कैराना का सभासद नामित किया गया है। वह भारतीय जनता पार्टी के ओबीसी मोर्चा के शामली जिला उपाध्यक्ष के पद पर भी है। कस्बे के मुख्य मार्ग पर विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य द्वार के निकट उनकी मोटर मैकेनिक की दुकान है। रविवार को वह अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें दुकान के सामने से गुजर रहे गंदे नाले के पानी में एक कछुआ तैरता हुआ नजर आया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर नामित सभासद ने अपने पड़ोसी शहजाद मिस्त्री की सहायता से कछुए को बाहर निकाला तथा उसे प्लास्टिक की बाल्टी में भरे साफ पानी में रख दिया। इसके पश्चात, रोहताश सैनी कस्बे के प्राचीन सिद्धपीठ बाबा बनखंडी महादेव मंदिर के निकट स्थित तालाब पर पहुंचे तथा रेस्क्यू किये गए कछुए को तालाब के पानी में छोड़ दिया। हालांकि कछुआ गंदे नाले तक कैसे पहुंचा। इसके बारे के कोई जानकारी नही हो सकी है। विदित रहे कि भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जंगली कछुओं को पकड़ना या पालना अथवा उनकी तस्करी करना गैर-कानूनी है, जिसके लिए आरोपी व्यक्ति को जेल तक हो सकती है।</p>
<img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/kairana-news9.jpg" alt="Kairana News" width="1280" height="720"></img>
Kairana News: नाले में तैरता मिला दुर्लभ कछुआ, सभासद ने रेस्क्यू कर तालाब में छोड़ा
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 17:26:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
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                <title>Kachua: कोलकाता एयरपोर्ट पर 707 जिंदा कछुए बरामद, यात्री गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के अधिकारियों ने बुधवार रात 700 से अधिक रेड-ईयर्ड स्लाइडर कछुए बरामद किए।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/707-red-eared-slider-turtles-recovered-from-the-bag-of-a/article-88576"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/kolkata-news2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता (एजेंसी)। </strong>Kolkata News: भारतीय कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के अधिकारियों ने बुधवार रात 700 से अधिक रेड-ईयर्ड स्लाइडर कछुए बरामद किए।  </p><p style="text-align:justify;">बुधवार रात कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैंकॉक से आए एक यात्री के सामान से कछुओं की एक ऐसी प्रजाति बरामद हुई, जिसे दुनिया की 100 सबसे आक्रामक प्रजातियों में शामिल किया गया है।</p><p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात बैंकॉक से एक उड़ान कोलकाता एयरपोर्ट पहुंची। इस दौरान जब यात्री ग्रीन चैनल से गुजर रहा था, तभी एआईयू अधिकारियों को उसके सामान के अंदर कुछ हलचल महसूस हुई।</p><p style="text-align:justify;">एआईयू अधिकारियों ने तुरंत यात्री को हिरासत में लिया और उसके सामान की जांच शुरू की। तलाशी के दौरान उसके एक बैग से कुल 707 कछुए बरामद हुए। बाद में पुष्टि हुई कि ये सभी कछुए 'रेड-ईयर्ड स्लाइडर' प्रजाति के हैं।</p><p style="text-align:justify;">यात्री को वन्यजीव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। एआईयू अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं कि ये जिंदा कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था।</p><p style="text-align:justify;">भारतीय पालतू पशु बाजार में रेड-ईयर्ड स्लाइडर कछुओं की काफी मांग है। इसके दो मुख्य कारण बताए जाते हैं। पहला, भारत में पाए जाने वाले कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह संरक्षित हैं, इसलिए कुछ लोग रेड-ईयर्ड स्लाइडर कछुओं को अवैध और अनौपचारिक तरीकों से मंगाने की कोशिश करते हैं।</p><p style="text-align:justify;">दूसरा कारण यह है कि भारत में इस प्रजाति की काफी मांग है। इसके शरीर पर मौजूद आकर्षक लाल निशान और इसे आसानी से पालतू जानवर के रूप में रखने की वजह से लोग इसे पसंद करते हैं।</p><p style="text-align:justify;">रेड-ईयर्ड स्लाइडर कछुओं का आयात पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि यह एक आक्रामक और नुकसान पहुंचाने वाली प्रजाति मानी जाती है।</p><p style="text-align:justify;">वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में 'रेड-ईयर्ड स्लाइडर' कछुओं की तस्करी का सबसे बड़ा खतरा यह है कि जब लोग इन्हें पाल नहीं पाते और जल स्रोतों में छोड़ देते हैं, तो ये भारत की मीठे पानी में रहने वाली 29 कछुआ प्रजातियों के लिए खतरा बन जाते हैं। ये कछुए भोजन, धूप सेंकने की जगह और अंडे देने के स्थानों के लिए देशी प्रजातियों से प्रतिस्पर्धा करते हैं।</p><p style="text-align:justify;">यह प्रजाति साल्मोनेला बैक्टीरिया की वाहक होती है, जिससे स्वास्थ्य को सीधा खतरा हो सकता है। इसका खतरा खासतौर पर बच्चों के लिए अधिक होता है।</p><p style="text-align:justify;">इन बातों को ध्यान में रखते हुए कस्टम विभाग 'रेड-ईयर्ड स्लाइडर' कछुओं को वापस भेजने के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाता है। जब ऐसी जीवित प्रजातियां पकड़ी जाती हैं, तो उन्हें उचित देखभाल के साथ रखा जाता है और तुरंत उनके मूल देश वापस भेज दिया जाता है, ताकि वे भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र में प्रवेश न कर सकें।</p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/2026-07/kolkata-news2.jpg" alt="Kolkata News" width="1280" height="720"></img></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:01:01 +0530</pubDate>
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