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                <title>Legal Amendment - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Public Examinations Bill: अब पेपर लीक करने वाले 100 बार सोचेंगे, भुगतनी पड़ेगी इतनी बड़ी सजा और इतना बड़ा जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पेश। पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर 10 साल तक जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना, फास्ट ट्रैक कोर्ट और संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/delhi/public-examinations-bill-now-those-who-leak-papers-will-think/article-88783"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/paper-leak-update.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Public Examinations Bill: नई दिल्ली (एजेंसी)। देशभर में होने वाली सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' प्रस्तुत किया। प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक, संगठित परीक्षा अनियमितताओं और नकल माफिया पर पहले से अधिक कठोर दंडात्मक व्यवस्था लागू करने की तैयारी की गई है।  Paper Leak Case</p>
<p style="text-align:justify;">विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कार्मिक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में यह विधेयक पेश करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान आवश्यक हैं। नए संशोधन में दोषियों के लिए अधिकतम 10 वर्ष के कारावास, ₹10 करोड़ तक के आर्थिक दंड तथा अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती जैसे सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विधेयक के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून के अंतर्गत आने वाले मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय अधिसूचित करने का अधिकार मिलेगा। इन अदालतों में मामलों की सुनवाई प्रतिदिन होगी और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद तीन माह के भीतर निर्णय देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उच्च न्यायालय में दायर अपीलों के निस्तारण के लिए भी तीन माह की समय-सीमा प्रस्तावित की गई है। Paper Leak Case</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने जांच प्रक्रिया को भी समयबद्ध बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ऐसे मामलों की जांच दो माह के भीतर पूरी करनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार किसी गंभीर मामले की जांच के लिए विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) का गठन भी कर सकेगी। साथ ही राज्यों को प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति का अधिकार भी मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">संशोधन विधेयक में संगठित रूप से प्रश्नपत्र लीक कराने, परीक्षाओं में अनुचित साधनों का उपयोग करवाने अथवा ऐसे अपराधों में शामिल गिरोहों के विरुद्ध दंड को और अधिक कठोर बनाने का प्रस्ताव है। ऐसे मामलों में दो वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कैद तथा ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त न्यायालय भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अनुसार अन्य दंड भी निर्धारित कर सकेगा। Paper Leak Case</p>
<p style="text-align:justify;">यदि कोई सेवा प्रदाता संस्था, एजेंसी या कंपनी परीक्षा अनियमितता में संलिप्त पाई जाती है तो उस पर ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही परीक्षा आयोजन में हुई वास्तविक लागत की वसूली भी संबंधित संस्था से की जाएगी और उसे चार वर्ष तक परीक्षा संबंधी कार्यों से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कंपनी के निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्ति अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी दो से 10 वर्ष तक की कैद और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा यदि परीक्षा प्राधिकरण, उससे संबद्ध संस्था या किसी संगठित समूह की भूमिका अपराध में सिद्ध होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों को पांच से 10 वर्ष तक के कारावास और कम से कम ₹1 करोड़ के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। अपराध से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे परीक्षा माफिया के आर्थिक नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। Paper Leak Case</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>दिल्ली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 09:28:10 +0530</pubDate>
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