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                <title>अगर चाहते हैं आपका बच्चा बने समझदार, तो ऐसे करें परवरिश</title>
                                    <description><![CDATA[तेजी से बदलते हुए जमाने को देख हर माता-पिता को ये चिंता सताती है कि अपने बच्चे को इस बदलाव के लिए कैसे तैयार करें। ताकि उनका बच्चा तेजी से बदलते हुए जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। जिसके लिए पैरेंट्स बच्चे को पढ़ाई करने के लिए जोर देते हैं। क्योंकि उन्हें […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/if-you-want-your-child-to-become-wise-then-take-care-of-it-like-this/article-37468"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/kids.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तेजी से बदलते हुए जमाने को देख हर माता-पिता को ये चिंता सताती है कि अपने बच्चे को इस बदलाव के लिए कैसे तैयार करें। ताकि उनका बच्चा तेजी से बदलते हुए जमाने के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सके। जिसके लिए पैरेंट्स बच्चे को पढ़ाई करने के लिए जोर देते हैं। क्योंकि उन्हें लगता है कि बच्चे स्मार्ट और तेज दिमाग ज्यादा पढ़ाई करने से बनते हैं, लेकिन पढ़ाई के अलावा भी बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो बच्चे को समझदार और तेज दिमाग बनाती हैं। जिसके लिए माता-पिता को कुछ खास बातें ध्यान में रखने की जरूरत है।</p>
<p><span style="color:#ff0000;"><strong>यह भी पढ़े:</strong>– </span><a href="http://10.0.0.122:1245/famous-tourist-places-nainital-uttarakhand/">हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा नैनीताल…</a></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ऐसे करें बच्चे की परवरिश —</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. स्कूल की किताबों के अलावा बच्चों को स्टोरी बुक्स पढ़ने की आदत डालें। स्टोरी बुक्स पढ़ने से बच्चों का दिमाग क्रिएटिव बनता है। साथ ही बच्चे समझदार भी बनते हैं।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. बच्चों को साथ बिठाकर होमवर्क करवाएं। बच्चों से एक दोस्त की तरह बात करें, उनकी परेशानियों को जानने की कोशिश करें। साथ ही जीवन में उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. अपने बच्चे को आउटडोर गेम्स खेलने पर जोर दें। क्योंकि आउटडोर गेम्स खेलने से बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनता है। इससे बच्चे की सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही दिमाग भी तेज होता है।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>4. बच्चे को ज्यादा टीवी न देखने दें। क्योंकि बच्चे टीवी प्रोग्राम में इतने ज्यादा खो जाते हैं कि वो घंटों तक टीवी के आगे ही बैठे रहते हैं। जिससे उनका मानसिक विकास नहीं हो पाता है। 2 साल की उम्र से पहले बच्चे को टीवी से दूर ही रखें।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>5. अधिकतर लोगों को कहते सुना होगा कि बच्चा वही सीखता है जो दूसरों को करते देखता है। इसलिए बच्चे के सामने आप भी ज्यादा से ज्यादा एक्टिव रहें, बुक्स पढ़ें, एक्सरसाइज करें, क्रिटिव चीजें करें, ताकि बच्चे पर पॉजिटीव असर पड़े।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>6. घर के छोटे-मोटे कामों में बच्चे से मदद लें। थोड़े बहुत उनके काम उन्हें खुद से करने दें। इससे उनमें आत्मविश्वास पैदा होगा और चीजों को लेकर उनमें सही समझ आएगी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">                                                                                                                  <strong>-प्रज्ञा बाजपेयी</strong></p>
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                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Sep 2022 15:27:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हिसार के बाल सुधार गृह से 17 बाल कैदी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[फरार होने वालों में 8 हत्यारोपी भी शामिल हिसार (संदीप सिंहमार)। अपराध व सुरक्षा चूक के मामले में हिसार एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार देर सांय चंडीगढ़ रोड पर स्थित बाल सुधार गृह से 17 बाल कैदी बाल सुधार गृह के सहित दो सुरक्षाकर्मियों से मारपीट कर फरार हो गए। फरार होने वाले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/17-child-prisoners-absconding-from-hisar-child-improvement-home/article-19184"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/hisar-child-improvement-home.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">फरार होने वालों में 8 हत्यारोपी भी शामिल</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (संदीप सिंहमार)।</strong> अपराध व सुरक्षा चूक के मामले में हिसार एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार देर सांय चंडीगढ़ रोड पर स्थित बाल सुधार गृह से 17 बाल कैदी बाल सुधार गृह के सहित दो सुरक्षाकर्मियों से मारपीट कर फरार हो गए। फरार होने वाले बाल कैदियों में आठ हत्यारोपी कैदी भी शामिल हैं। बाल सुधार गृह के मुख्य प्रवेश द्वार से ताला खोलकर फरार हुए हत्या आरोपियों में अधिकतर रोहतक व झज्जर जिले के हैं। पुलिस के तीन कर्मचारियों को घायल कर 17 कैदियों के फरार होने के मामले की बाल सुधार गृह के अधीक्षक कुलदीप शर्मा व हिसार के पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा ने पुष्टि की है।</p>
<p style="text-align:justify;">बाल कैदियों के फरार होते ही प्रारंभिक तौर पर घायल बाल सुधार गृह के अधीक्षक कुलदीप शर्मा ने सदर थाना पुलिस को साथ लेकर ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब नाकामी हाथ लगी तो अधीक्षक ने बाल कैदियों के फरार होने की सूचना पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा व जिला प्रशासन को दी। देखते ही देखते पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा,उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी व हिसार रेंज के आईजी संजय कुमार ने इस पूरे मामले की कमान संभाल ली। फरार हुए बाल कैदियों की गिरफ्तारी के लिए हिसार जिले के सभी पुलिस नाकों को तुरंत एक्टिव किया गया। इतना ही नहीं साथ लगते जिलों व राज्यों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया,लेकिन फरार हुए बाल कैदियों के बारे में आधी रात तक भी किसी भी प्रकार की सुराग नहीं लग सका था।</p>
<p style="text-align:justify;">बाल सुधार गृह के अधीक्षक कुलदीप ने बताया कि अन्य दिनों की तरह सोमवार देर सांय भी बाल कैदियों को खाना खाने के लिए उनके बैरक से बाहर निकाला गया था। लेकिन पहले से ही योजना बनाए हुए बाल कैदियों ने जेल सुपरिटेंडेंट के सिर पर हमला कर दिया और बाल सुधार गृह के मुख्य द्वार की तरफ निकल पड़े। वहां उन्होंने मुख्य द्वार की सुरक्षा में तैनात दो पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करते हुए मारपीट की। बाल कैदियों ने एक सुरक्षाकर्मी की जेब से मुख्य द्वार के ताले की चाबी निकालकर ताला खोलकर हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम के जंगलों की तरफ फरार हो गए।</p>
<h4 style="text-align:justify;">एसपी कर रहे हैं मोनिटरिंग</h4>
<p style="text-align:justify;">मामले की सूचना मिलने के बाद हिसार के पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा ने 3 पुलिस उपाधीक्षक की टीम के साथ बाल सुधार गृह का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने फरार हुए बाल कैदियों को पकड़ने के लिए सघन अभियान की शुरुआत की।पुलिस अधीक्षक स्वयं इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हिसार से निकलने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सभी वैकल्पिक मार्गों पर भी पुलिस तैनात कर दी गई है लेकिन अभी तक फरार हुए एक भी बाल कैदी के बारे में किसी भी प्रकार की सूचना नहीं मिल पाई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पहला नहीं है मामला</h4>
<p style="text-align:justify;">हिसार में चंडीगढ़ मार्ग पर बाल सुधार गृह बनाया गया है जहां प्रदेश भर के बाल अपराधियों को सुधारने के उद्देश्य से रखा जाता है लेकिन इसे विडंबना कहें या जेल प्रशासन की लापरवाही बाल कैदी अपना रुख बदलने के लिए तैयार नहीं है 12 जून 2017 को भी इसी बाल सुधार गृह से 6 बाल कैदी सुरक्षा कर्मियों से मारपीट कर फरार हो गए थे तब फरार हुए इन कैदियों ने एक कार छीनने का असफल प्रयास करते हुए एक बाइक भी लूट लिया था तब की वारदात और सोमवार देर शाम की वारदात का तरीका बिलकुल एक जैसा था। बाल कैदियों ने फरार होने के लिए समय भी वही चुना जो 2017 में फरार होने वाले बाल कैदियों ने चुना था एक बार जिस तरीके को अपनाकर किसी संगीन वारदात को अंजाम दे दिया जाता है तो उसी तरीके से दूसरी बार बड़ी वारदात होने पर सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो जाता है यही सवाल अब सबके मन को कचोट रहा है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Oct 2020 09:44:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चार दिन के बच्चे के मरणोपरांत किया देहदान</title>
                                    <description><![CDATA[मेडिकल रिसर्च के लिए भेजी पार्थिव देह Four, day, child, mortality टिब्बी(प्रभुराम,सच कहॅू न्यूज) दूनिया में रक्तदान, क्लॉथ,फूड दान आदि दानों के बारे में सुना होगा। लेकिन मात्र चार दिन बच्चे के मरणोपरांत पार्थिव देह दो दान करने के बारे में नहीं सुना होगा। लेकिन एक परिवार ने ऐसी ही मानवता भलाई का अनूठा उदाहरण पेश […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/four-day-child-mortality/article-5940"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/shrirdan-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">मेडिकल रिसर्च के लिए भेजी पार्थिव देह Four, day, child, mortality</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>टिब्बी(प्रभुराम,सच कहॅू न्यूज)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">दूनिया में रक्तदान, क्लॉथ,फूड दान आदि दानों के बारे में सुना होगा। लेकिन मात्र चार दिन बच्चे के मरणोपरांत पार्थिव देह दो दान करने के बारे में नहीं सुना होगा। लेकिन एक परिवार ने ऐसी ही मानवता भलाई का अनूठा उदाहरण पेश किया है। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गूरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं का अनुशरण करते हुए मात्र चार दिन के बच्चे के मरणोपरांत देहदान कर मानवता भलाई की एक अनुठी मिशाल पेश की है। टिब्बी के पांच जीजीआर निवासी गुरपाल इन्सां ने अपने चार दिन के पुत्र गुरुअंश के मरणोपरांत डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गूरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं का अनुशरण करते हुए पार्थिव देह को मेडिकल रिसर्च के लिए दान</p>
<p style="text-align:justify;">की है। पार्थिव देह को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट एण्ड मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ऋषिकेश (उतराखंड) के लिए भेजी गई। पार्थिव देह को सेवादारों ने डेरे की मर्यादानुसार रवाना किया।इस अवसर पर अमरीक सिंह,भजन सिंह , जगरुप सिहं ,गुरप्रीत सिंह रमेश कुमार, गुरतेज सिंह,अशोक कुमार ,राकेश कुमार, दर्शन सिंह बूटाराम, सोहन सिहं ,मनजीत सिंह,गुरचरन सिंह , मोहित, लक्की ,गुरजन्ट सिहं ,प्रमाेद, भरत, जसवीर सिंह , पृथ्वीपाल, दो केएसपी सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार आदि मौजूद थे</p>
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<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Sep 2018 14:56:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चा स्कूल जाता है या जेल</title>
                                    <description><![CDATA[हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा जिंदगी में कुछ ऐसा करें जिससे समाज में उसकी अलग पहचान बने और वह धरातलीय सच्चाई को समझे। कई माता-पिता पढ़ाई को लेकर गलत धारणा पाल लेते हैं। उन्हें लगता है कि किताबी ज्ञान ही सब कुछ है और वो बच्चों को दिनभर किताब में ही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/child-goes-to-school-or-jail/article-5357"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/child-goes-to-school-or-jail.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा जिंदगी में कुछ ऐसा करें जिससे समाज में उसकी अलग पहचान बने और वह धरातलीय सच्चाई को समझे। कई माता-पिता पढ़ाई को लेकर गलत धारणा पाल लेते हैं। उन्हें लगता है कि किताबी ज्ञान ही सब कुछ है और वो बच्चों को दिनभर किताब में ही उलझाये रखना चाहते हैं। विधालयी शिक्षा का हाल भी कोई ज्यादा ठीक नहीं है वहां भी मेकाले के पदचिन्हों का अनुसरण कर किताबी कीड़ा बनाकर बच्चे का दिमागी शोषण किया जा रहा है। घर में माता पिता और स्कूल में अध्यापक डंडा लेकर बच्चों को किताबों में चक्करघिन्नी रखते है। यह समझ में नहीं आता की बच्चा स्कूल जा रहा है जेल। इस चक्कर में कई बार बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान ठीक से नहीं मिल पाता, जिसकी जरूरत स्कूल के बाद उन्हें सबसे ज्यादा पड़ती है। शिक्षा प्रणाली एक मशीन हो गई है जो कि क्लोन तैयार करने में लगी हुई है और व्यक्तित्व को पीछे छोड़ दिया है।<br />
देश में बुनियादी शिक्षा को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। अनेक संस्थाओं ने अपनी रिपोर्टों में देश में बुनियादी शिक्षा को लेकर सवाल उठाये हैं और बताया है कि आजादी के 71 वर्षों के बाद भारी शैक्षिक विस्तार के बावजूद गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के कार्य में हम बहुत पिछड़े हुए हैं। भारत में गुरूकुल की शिक्षा को आज भी याद किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरूकुल की शिक्षा में हमारे आपसी सम्बन्धों, सामाजिक सांस्कृतिक एकता, गौरवशाली परम्पराओं को प्रमुखता से केन्द्र बिन्दु में रखा जाता था ताकि बालक पढ़ लिखकर चरित्रवान बने और उसमें नैतिक संस्कारों का समावेश हो। आजकल ज्यादात्तर माता-पिता की सोच यह है कि भविष्य में कुछ करना है तो बच्चे का ऊँचे स्तर की शिक्षा प्राप्त करना आवश्यक है क्योंकि इसके बिना अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी और इसीलिए जब बच्चे के थोड़े से भी कम मार्क्स आते है तो वह दुखी हो जाते हैद्य माता-पिता की यह सोच बिल्कुल सही है कि भविष्य में कुछ करना है तो शिक्षा प्राप्त करना अनिवार्य है लेकिन ज्यादातर माता-पिता यही समझते है कि शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान से है और इसलिए उनके हिसाब से बच्चे का किताबी कीड़ा होना अति आवश्यक है। शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान से नहीं है और शिक्षा केवल वह नहीं है जो ज्यादातर भारतीय स्कूलों में पढाया जाता है। शिक्षा का अर्थ ज्ञान एंव उस ज्ञान का हमारे जीवन में उपयोग करने से है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग खुशमय जिंदगी जी सकें और यह ज्ञान किसी भी क्षेत्र में हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का स्वर्णिम जीवन होता है, जो दोबारा नहीं आता। इसलिए विद्यार्थी को विद्यार्थी जीवन का पूरा फायदा उठाना चाहिए। आज के समय में शिक्षा का स्तर बदला है। पुराने समय की तुलना में आज की शिक्षा में विद्यार्थी के आगे कई चुनौतियां हैं। सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन खोया समय प्राप्त नहीं किया जा सकता। इसलिए वह केवल किताबी कीड़ा न बनें। पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी भाग लें। विद्वान व प्रतिभावान व्यक्ति की हर क्षेत्र में तारीफ होती है। आज यह हालात है की घर हो या स्कूल बच्चों की शारीरिक व मानसिक स्थिति को जाने व समझे बिना अध्यापक और अभिभावक का ध्यान केवल शिक्षा, परीक्षा अथवा प्रतियोगिता में बच्चों के प्रदर्शन पर ही रहता है। निरन्तर प्रताड़ना , लगातार निगरानी और हर पल कोसना ,बच्चों को निराशा एवं कमजोर व दीन, हीन भावना की ओर ले जा रहा है। । प्रत्येक माता-पिता की यही इच्छा होती है कि उनके बच्चे जीवन में अच्छे कार्य करें और जल्दी ही अपनी आजीविका कमाने के काबिल हो जायें।</p>
<p style="text-align:justify;">बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार होना बेहद जरूरी है। ऋषि-मुनियों द्वारा शुरू की गई ज्ञान की परंपरा को वर्तमान आधुनिक युग में बनाए रखना बेहद आवश्यक है। बच्चों के अंदर इंग्लिश व केवल किताबी कीड़ा ही रहना जरूरी नहीं है। सबसे अधिक यह महत्व रखता है कि बच्चे का संस्कार कैसा है। इसके अलावा देश और दुनियां में क्या घटित हो रहा है उसका व्यावहारिक ज्ञान जरुरी है तभी वह जीवन के सफलता के सोपान तय करेगा। बहुत से माता पिता स्कूल भेजकर यह संतोष कर लेते है की उसका बच्चा ज्ञानी ध्यानी बनेगा मगर स्कूल में उसे किताबों से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती है जो बच्चों को जीवन की सच्चाइयों से रूबरू नहीं कराती। आवश्यकता इस बात की है की हमारी शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन हो जिससे वह प्रारंभ से ही व्यावहारिकऔर जमीनी सच्चाई से अवगत हो।</p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Aug 2018 19:40:26 +0530</pubDate>
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                <title>देवरिया में बालिका गृह प्रकरण की होगी सीबीआई जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की जांच में एसटीएफ करेगी सहयोग लखनऊ (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बालिका गृह प्रकरण की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरा (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। योगी ने मंगलवार देर रात बुलाये गये एक संवाददाता सम्मेलन में इस आशय की घोषणा की। उन्होने कहा कि सीबीआई के मामले की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/deoria-girl-child-case-investigated-will-be-cbi/article-5238"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/cm-yogi.jpg" alt=""></a><br /><h2>मामले की जांच में एसटीएफ करेगी सहयोग</h2>
<p><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बालिका गृह प्रकरण की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरा (सीबीआई) को सौंपने का फैसला किया है। योगी ने मंगलवार देर रात बुलाये गये एक संवाददाता सम्मेलन में इस आशय की घोषणा की। उन्होने कहा कि सीबीआई के मामले की जांच को हाथ में लेने से पहले तक राज्य पुलिस का तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच करेगा और इसमें एसटीएफ उसका सहयोग करेगी।</p>
<p>इससे पहले महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार और एडीजी ( महिला सुरक्षा) अंजू गुप्ता ने देवरिया मामले को लेकर मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया है कि बालिका गृह वर्ष 2009 से संचालित है जबकि 2017 में सरकार ने इस आश्रय गृह की मान्यता निरस्त कर दी थी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा “ हमने आश्रय गृह को बंद करने के आदेश दिये थे लेकिन जिलाधिकारी ने इसका पालन नही किया। इस मामले में दोषी जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इस मामले में डीपीओ और अन्य संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है जबकि 2015 में गठित मानीटरिंग कमेटी को भी बर्खास्त किया गया है। ”</p>
<p>योगी ने कहा “ हम इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच कर रहे है। पिछली 30 जुलाई को संरक्षण गृह को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी मगर पुलिस ने इसकाे तवज्जो नही दी। गोरखपुर के अपर पुलिस महानिदेशक को पुलिस की भूमिका की जांच साैंपी गयी है। ”</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Aug 2018 08:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कहानी प्रतियोगिता से निखरेंगी बाल-प्रतिभाएं</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेशभर के 8695 प्राथमिक विद्यालयों केलिए भेजी गई राशि सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रारंभिक शिक्षा के दौरान बच्चों को पढ़ने-लिखने में कोई परेशानी न आए इसके लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ कार्यक्रम के तहत अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन करने जा रहा है। हरियाणा स्कूल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/child-talents-will-improve-the-story-competition/article-4995"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/child-talents.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">प्रदेशभर के 8695 प्राथमिक विद्यालयों केलिए भेजी गई राशि</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा</strong><br />
<strong>सरसा</strong>। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रारंभिक शिक्षा के दौरान बच्चों को पढ़ने-लिखने में कोई परेशानी न आए इसके लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ कार्यक्रम के तहत अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन करने जा रहा है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् के तत्वाधान में आयोजित हो रहे ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर के 8695 प्राथमिक विद्यालयों की दूसरी व तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में कहानी पढ़ना, कहानी सुनाना व कहानी लिखना आदि की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।</p>
<h2>प्रतियोगिता स्कूल लेवल, ब्लॉक स्तर व जिलास्तर पर आयोजित की जाएगीं</h2>
<p style="text-align:justify;">उक्त प्रतियोगिता स्कूल लेवल, ब्लॉक स्तर व जिलास्तर पर आयोजित की जाएगीं। वहीं प्रतियोगिता के मद्देनजर विभाग ने प्रदेश के सभी प्राथमिक स्कूलों में बरखा सीरिज कहानियां वाली किताबें भी भिजवा दी गई हंै। इतना ही नहीं प्रतियोगिता के लिए विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों के लिए करीब 6 लाख 52 हजार 920 का बजट भी जारी किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किस कक्षा के बच्चे किस में देंगे प्रस्तुती</h2>
<p style="text-align:justify;">समग्र शिक्षा अभियान सरसा के सहायक परियोजना अधिकारी नरेन्द्र सिंह ने बताया कि सर्वप्रथम ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ कार्यक्रम के तहत स्कूल स्तर पर उक्त प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्राथमिक विद्यालय से कक्षा द्वितीय के विद्यार्थी दो कैटेगरी में भाग लेंगे। उनमें एक कहानी सुनाना व दूसरा कहानी पढ़ना शामिल है। जबकि कक्षा तीसरी के विद्यार्थी तीन कैटगरी में भाग लेंगे। इनमें कहानी सुनाना, कहानी पढ़ना व कहानी लिखना शामिल है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">119 ब्लॉकों के 1785 विद्यार्थी जिला स्तर  पर देंगे प्रस्तुती</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रतियोगिता के द्वितीय चरण में स्कूलों से जीतकर आए प्रतिभागी ब्लॉक स्तर पर अपनी प्रस्तुती देंगे। जिलास्तर के लिए ब्लॉक से कक्षा दूसरी में कहानी सुनाना व कहानी पढ़ना के लिए 3-3 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। वहीं कक्षा तीसरी से कहानी सुनाना, कहानी पढ़ना व कहानी लिखना में भी 3-3 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। यानि ब्लॉक से जिला के लिए 15 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। वहीं प्रदेश के 119 ब्लॉकों के 1785 विद्यार्थी जिलास्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। वहीं जिला स्तर पर तीनों प्रतियोगिता में 15 प्रतिभागी विजेता घोषित किया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">8695 स्कूलों के 43,475 विद्यार्थी ब्लॉक स्तर पर दिखाएंगे हुनर</h2>
<p style="text-align:justify;">समग्र शिक्षा अभियान द्वारा करवाई जा रही उक्त प्रतियोगिता में सबसे पहले इसका आयोजन स्कूल स्तर पर होगा। ब्लॉक स्तर के लिए स्कूल से कक्षा द्वितीय में कहानी सुनाना व कहानी पढ़ना में एक-एक विद्यार्थी का चयन किया जाएगा। जबकि तीसरी कक्षा से कहानी सुनाना, कहानी पढ़ना व कहानी लिखना में एक-एक यानि 3 विद्यार्थियों का चयन एक स्कूल से ब्लॉक स्तर के लिए किया जाएगा। एक स्कूल से 5 विद्यार्थी ब्लॉक स्तर पर भाग लेंगे। इस तरह पूरे प्रदेश से 8695 स्कूलों के 43,475 विद्यार्थी ब्लॉक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jul 2018 04:09:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मासूम बच्ची पर पंचायत का कठोर फरमान</title>
                                    <description><![CDATA[देवेंद्रराज सुथार     राजस्थान के बूंदी जिले में छह साल की खुशबू से अनजाने में टिटहरी का अंडा फूट गया तो इस पर खाप पंचायत ने मासूम को जाति से बाहर निकालने का फरमान जारी कर दिया। दरअसल, खुशबू दो जुलाई को पहली बार स्कूल गई थी। उसी दिन स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/hard-decree-of-panchayat-on-innocent-child/article-4808"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/ege.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>देवेंद्रराज सुथार    </strong></div>
<div style="text-align:justify;"></div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान के बूंदी जिले में छह साल की खुशबू से अनजाने में टिटहरी का अंडा फूट गया तो इस पर खाप पंचायत ने मासूम को जाति से बाहर निकालने का फरमान जारी कर दिया। दरअसल, खुशबू दो जुलाई को पहली बार स्कूल गई थी। उसी दिन स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने की योजना शुरू हुई थी। दूध के लिए बच्ची लाइन में लगी तो टिटहरी के घोंसले पर पैर चला गया और वह फूट गया। अंडा फूटते ही मानो नन्हीं खुशबू के सिर पर मुसीबतों का पहाड़ टूट गया। बूंदी के हरिपुरा गांव की पंचायत ने खुशबू की न उम्र का ख्याल किया और न ही बालमन की गलती को बड़ा मन रखकर माफ करने की दरियादिली दिखाई। बल्कि जाति से बाहर की गई खुशबू ने घर के बाहर टिनशेड में तेज गर्मी में पूरे दस दिन बिताए। इन दस दिनों में लोगों ने खुशबू के साथ अछूतों जैसा व्यवहार करने में कोई कसर नहीं रखी।</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">बेटी को इस हाल में देखकर मां का दिल जरूर पसीजा लेकिन पंचायत के फरमान के डर के कारण वो नजदीक ना जा सकी। मां की ममता बेटी को छूने के लिए तरसती रही। इतना ही नहीं, पंचों ने बच्ची के पिता से जुर्माने के तौर गाय, मछली और कबूतरों के लिए चारा, आटा और ज्वार के साथ खुद के लिए एक किलो नमकीन और अंग्रेजी शराब की बोतलों की मांग भी की। मांग पूरी नहीं करने पर लाचार पिता को धमकाने से भी पंचायत बाज नहीं आयी।</div>
<div style="text-align:justify;">दरअसल, इस तरह खाप पंचायत के पंचों की तानाशाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से खाप-पंचायतों के इस तरह के तुगलकी फरमान सुर्खियों में रहते है। ऐसा ही थोड़े दिनों पहले एक ओर मामला राजस्थान के ही धौलपुर जिले में बल्दियापुर गांव में देखने को मिला था। जहां के पंच पटेलों ने लड़कियों के जींस व टॉप पहनने तथा मोबाइल रखने पर यह कहकर पाबंदी लगाई कि इससे मान-मयार्दाएं टूट रही हैं व संस्कार खत्म हो रहे हैं।</div>
<div></div>
<div style="text-align:justify;">मगर वहां की लड़कियों ने इस पाबन्दी को मानने से इंकार कर दिया। वाकई! मुझे इन लड़कियों में वंडर वूमेन दिखी। वह वंडर वूमेन जो निर्भीक होकर समाज की पुरापंथी सोच को खुली चुनौती देकर उसका मर्दन करती है। जो हक के साथ अपनी आजादी का आकाश छीन लेती है। जिनकी आवाज समाज के ठेकेदार चाह कर भी दबा नहीं पाते। इन लड़कियों के असमां को पैरों में झुका देने वाले हौंसले को देखकर फर्क  होता है। दूसरी ओर पंच पटेलों व खाप पंचायत और कट्टरवादी धार्मिक संगठनों के द्वारा बार-बार लड़कियों के मनचाहे कपड़े पहनने पर बंदिशों के फरमान सुनकर बड़ा ही दु:ख होता है। उनकी दकियानूसी सोच क्यों नहीं बदलती। आखिर जींस-टॉप पहनने और मोबाइल रखने में हर्ज ही क्या है?</div>
<div style="text-align:justify;"></div>
<div style="text-align:justify;">पहनावे से मयार्दाएं कभी नहीं टूटती और आज के तकनीकी युग में आप किसी को मोबाईल से भी दूर नहीं कर सकते। इसी तरह आप पुरुषों की खराब नीयत के कारण लड़कियों को घूंघट में नहीं रख सकते। जहां नजर और नजरिया बदलने की जरुरत वहां केवल कपड़े बदलने से क्या काम चल जायेगा। रूढ़िवाद व दकियानूसी मानसिकता से ग्रसित पंच तो चाहेंगे ही कि उनकी सोच के अधीन रहकर नई पीढ़ी जीवन बसर करे। लेकिन, नई पीढ़ी का खोखली एवं पुरानी मान्यताओं के साथ जीवन जीना असंभव है। इन हालातों में पंचों को जमाने के साथ चलना सीखना होगा। उन्हें ये जान लेना होगा कि समाज और देश उनके बनाये गये नियमों पर नहीं, बल्कि संविधान के नक्शे-कदम पर चलेगा। जब तक ऐसी पंचायतें अपने ज्ञान और अनुभव से समाज को दिशा दे तब तक तो ठीक है, लेकिन जब इस तरह बेतुके फैसले देने पर उतारू हो जाए, तो उन्हें भंग कर देना ही बेहतर होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"></div>
<div style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</div>
<div style="text-align:justify;"></div>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jul 2018 02:45:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>शोपियां में विस्फोट, एक बालक की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[​तीन बच्चे घायल श्रीनगर (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार को हुए रहस्यमई विस्फोट में एक सात वर्षीय बालक की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शोपियां जिले के मेमिंडर में बालकों का समूह किसी वस्तु के साथ खेल रहा था कि तभी अचानक उसमें विस्फोट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/explosives-in-shopian-one-child-died/article-4788"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/grende-copy.jpg" alt=""></a><br /><h1><strong>​तीन बच्चे घायल</strong></h1>
<p><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong></p>
<p>जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार को हुए रहस्यमई विस्फोट में एक सात वर्षीय बालक की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शोपियां जिले के मेमिंडर में बालकों का समूह किसी वस्तु के साथ खेल रहा था कि तभी अचानक उसमें विस्फोट हो गया। विस्फोट के कारण चार बालक घायल हो गए। घायल बालकों को तुरंत नजदीक के अस्पताल ले जाया गया जहां सलीक नामक सात वर्षीय बालक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूत्रों के मुताबिक गंभीर रूप से घायल तीन अन्य बालकों को इलाज के लिए श्रीनगर के एसएचएमएस अस्पताल ले जाया गया। पुलिस विस्फोट के कारणों का पता लगाने में जुट गयी है।</p>
<p> </p>
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<p> </p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Jul 2018 11:32:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मदर एंड चाइल्ड हैल्ड विंग पीपी मॉडल पर होगी संचालित</title>
                                    <description><![CDATA[इटावा (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में मैन पावॅर की कमी के मददेनजर 100 बैड के 25 के करीब मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग (एमसीएच) अब ट्रिपल पी मॉडल पर संचालित की जाएगी। इसमें इटावा जिला अस्पताल में खुली एमसीएच विंग भी शामिल हैं। इटावा महिला अस्पताल के सीएमएस डा.अशोक कुमार जाटव ने आज यहॉ बताया कि भले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pp-model-operated-mother-and-child-held-wing/article-3986"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/mother-and-child.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इटावा (एजेंसी)। </strong>उत्तर प्रदेश में मैन पावॅर की कमी के मददेनजर 100 बैड के 25 के करीब मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग (एमसीएच) अब ट्रिपल पी मॉडल पर संचालित की जाएगी। इसमें इटावा जिला अस्पताल में खुली एमसीएच विंग भी शामिल हैं। इटावा महिला अस्पताल के सीएमएस डा.अशोक कुमार जाटव ने आज यहॉ बताया कि भले ही ट्रिपल पी मॉडल पर 100 बैड की एमसीएच विंग संचालित होगी लेकिन इसकी व्यवस्थाएं जिला स्तरीय समिति के अधीन रहेगी। उन्होने बताया कि समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी, उपाध्यक्ष सीएमओ व संयोजक सीएमएस होंगे। (Mother And Child Held Wing)</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं सीएमओ कार्यालय के जूनियर इंजीनियर जिला स्तरीय क्वालिटी एश्योरेंश कन्सलटेंट, प्रतिनिधि कार्यदायी प्राइवेट पार्टनर को समिति का सदस्य बनाया गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के निर्देश के बाद एमसीएच विंग को खोले जाने की तैयारियां शुरु हो गई हैं। इसमें डाक्टरों से लेकर स्टॉफ की तैनाती लखनऊ की एक कम्पनी के द्वारा की जाएगी । एमसीएच विंग शुरु होने के बाद नवजात के साथ गर्भवती महिलाओं को अच्छा स्वास्थ्य मिल सकेगा। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सही रास्ते पर लाने के लिए पब्लिक प्राइवेट प्रोजेक्ट (ट्रिपल पी) के आधार पर 100 बैड की कई एमसीएच विंग तैयार कराई गई हैं। (Mother And Child Held Wing)</p>
<p style="text-align:justify;">एनएचएम के द्वारा बिल्डिंगों का निर्माण तो कराया गया है लेकिन इनमें मैन पावर की कमी के चलते एमसीएच विंग शुरु नहीं हो सकी हैं। प्रदेश सरकार ने मैन पावर की कमी को देखते हुए एमसीएच विंग को पब्लिक प्राइवेट प्रोजेक्ट के माध्यम से शुरु कराने का निर्णय लिया है। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ नवजात बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य मिल सकेगा। जिला महिला अस्पताल परिसर में एनएचएम ने 20 करोड़ रुपए की लागत से 100 बैड की एमसीएच विंग का निर्माण कराया था लेकिन संसाधनों के अभाव में आज तक यह विंग शुरु नहीं हो सकी है। एक माह पूर्व प्रशासन के निर्देश पर महिला अस्पताल का कुछ हिस्सा इसमें शिफ्ट कराया गया था। (Mother And Child Held Wing)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/pp-model-operated-mother-and-child-held-wing/article-3986</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Jun 2018 12:52:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मासूम पर गिरा दो क्विंटल का गेट, मौत</title>
                                    <description><![CDATA[दूसरा बच्चा गंभीर घायल, रजिन्द्रा अस्पताल रैफर नाभा (तरूण शर्मा)। स्थानीय मलेरकोटला चुंगी के नजदीक स्थित अंतरराष्ट्रीय पशु मेला मैदान के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही से एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रविवार को आधुनिक पशु मेला मैदान के मुख्य गेट के नीचे आकर एक चार वर्षीय मासूम बच्चो की […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/child-death-from-falling-gate/article-2942"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/child-death.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">दूसरा बच्चा गंभीर घायल, रजिन्द्रा अस्पताल रैफर</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नाभा (तरूण शर्मा)।</strong> स्थानीय मलेरकोटला चुंगी के नजदीक स्थित अंतरराष्ट्रीय पशु मेला मैदान के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही से एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रविवार को आधुनिक पशु मेला मैदान के मुख्य गेट के नीचे आकर एक चार वर्षीय मासूम बच्चो की मौत हो गई जबकि दूसरा आठ वर्षीय बच्चा गंभीर में घायल हो गया। उसे रजिन्द्रा अस्पताल में रैफर कर दिया। दोनों बच्चों की पहचान राम (04) और सुदामा (08) पुत्र हरबंस शर्मा के रूप में हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार टोबा बस्ती के निवासी हरबंस नामक व्यक्ति के तीन बच्चे प्रदीप, सुदामा और राम सुबह खेलने के लिए निकले थे। आधुनिक पशु मैदान मेले का करीब दो क्विंटल वजनी गेट अचानक एक बच्चे पर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर चार वर्षीय मासूम की मौत हो गई जबकि दूसरा बच्चा गंभीर रूप में घायल हो गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तीसरे बेटे ने घर जाकर बताया</h3>
<p style="text-align:justify;">पुष्टि करते हुए मृतक बच्चे की माता सुनीता रानी ने बताया कि उसे प्रदीप ने आकर बताया कि सरकारी पशु मेला मैदान का गेट गिर गया है और उस के दोनों बच्चे उसके नीचे आ गए हैं। जानकारी मिलते ही वह लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और गंभीर घायल हुए बच्चे को सिविल अस्पताल नाभा में लेकर गए, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते उसे रजिन्दरा अस्पताल रैफर कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए की राशि की मदद जारी</h3>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए की वित्तीय मदद देंगे। यह एक निंदनीय घटना है। इस मामले में जहां इस गरीब परिवार की पूरी मदद करेंंगे वहीं पशु मेला मैदान के अधिकारियों की लापरवाही खिलाफ बनती योग्य कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>-साधू सिंह धर्मसोत, कैबिनेट मंत्री</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/child-death-from-falling-gate/article-2942</link>
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                <pubDate>Sun, 06 Aug 2017 09:03:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतिम संस्कार की हो रही थीं तैयारियां, तभी गिर गई छत</title>
                                    <description><![CDATA[मकान की छत गिरी, महिला-बच्ची की मौत उदयपुर (सच कहूँ न्यूज)। उदयपुर में शनिवार को एक मकान की छत गिरने से महिला तथा एक बच्ची की मौत हो गई जबकि 20 लोग घायल हो गए। जिस घर में यह हादसा हुआ वहां एक महिला का निधन होने पर शव यात्रा की तैयारियां की जा रही […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/woman-and-child-killed-in-house-roof-collapses/article-2913"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/roof-collapses.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">मकान की छत गिरी, महिला-बच्ची की मौत</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>उदयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उदयपुर में शनिवार को एक मकान की छत गिरने से महिला तथा एक बच्ची की मौत हो गई जबकि 20 लोग घायल हो गए। जिस घर में यह हादसा हुआ वहां एक महिला का निधन होने पर शव यात्रा की तैयारियां की जा रही थीं। तभी दूसरी मंजिल की छत गिर गई। हाथीपोल थाना क्षेत्र मॉडल स्कूल, चमनपुरा के पास में रहने वाले जगदीश खटीक की पत्नी सीता (42) का शुक्रवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। शनिवार को अंतिम संस्कार होना था। जगदीश का मकान करीब 80 साल पुराना है। जर्जर मकान में लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हादसे में 20 लोग घायल, अस्पताल में भर्ती</h2>
<p style="text-align:justify;">सीता की पार्थिव देह ऊपर वाली मंजिल पर थी। नीचे वाले कमरे में करीब 25 लोग थे। तभी ऊपर वाले कमरे की छत गिर गई। इससे सीता की पार्थिव देह सहित चार-पांच लोग नीचे गिर गए। ये लोग नीचे कमरे में मौजूद लोगों पर गिरे। इससे नीचे कमरे में मौजूद करीब 20 लोग घायल हो गए। छत गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई। जोर के धमाके से आस पास के लोग दौड़कर अपने घरों से निकल कर आए। लोगों ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने एक महिला और एक बच्ची को मृत घोषित कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पूरे इलाके में छाया शोक</h3>
<p style="text-align:justify;"><em>एक महिला की मौत पर लोग जुटे थे और दो और की मौत हो गई। हादसे में प्रियंका (25) व एक बच्ची की मौत हो गई। इससे पूरे इलाके में माहौल गमगीन हो गया।</em></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/woman-and-child-killed-in-house-roof-collapses/article-2913</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2017 06:15:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा के मंदिर में ताश की क्लास</title>
                                    <description><![CDATA[तस्वीर देखकर अंदाजा लगाएं क्या बनेंगे इस स्कूल के बच्चे, डॉक्टर, इंजीनियर या जुआरी चरखी दादरी(सच कहूँ न्यूज)। विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और हम अपने बच्चों को विद्यालय इसलिए भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि बनें। लेकिन देश के इन भावी कर्णधारों के मार्गदर्शक के रूप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/video-viral-teachers-playing-cards-in-school-time/article-2904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/school-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">तस्वीर देखकर अंदाजा लगाएं क्या बनेंगे इस स्कूल के बच्चे, डॉक्टर, इंजीनियर या जुआरी</h2>
<p><strong>चरखी दादरी(सच कहूँ न्यूज)।</strong> विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और हम अपने बच्चों को विद्यालय इसलिए भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि बनें। लेकिन देश के इन भावी कर्णधारों के मार्गदर्शक के रूप में विद्यालय में मौजूद अध्यापक रूपी पुजारी ही यदि तमाम मर्यादाएं लांघकर अमर्यादित आचरण करने लगें, स्कूल समय में पढ़ाने की बजाए ताश के पत्ते पीटने लगें और दरी बिछाकर पूरी निडरता से सुस्साते रहें तो आप स्वंय अंदाजा लगा लीजिए कि देश का भविष्य कैसा होगा?</p>
<p>चरखी दादरी के गांव फतेहगढ़ स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को ली गई यह तस्वीर तो शिक्षा विभाग के साथ-साथ समस्त अध्यापक वर्ग को शर्मसार कर देने वाली है क्योंकि विद्यालय के अध्यापक स्कूल समय में ही मजे से ताश के पत्ते पिटते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर में ताश की क्लास में प्राचार्य व अध्यापकों के पीछे कुछ अध्यापक आराम से सोते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।</p>
<h2>खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत मिलने का इंतजार</h2>
<p>साथ ही एक चारपाई भी दिखाई दे रही है लेकिन फिलहाल उस पर कोई नहीं है। दूसरी तरफ विद्यालय में विद्यार्थियों की अगर बात करें तो वे आराम से खेल-कूद में व्यस्त हैं। लगता है पढ़ाई-लिखाई से इन्हें कोई लेना-देना ही नहीं। पूछने पर विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में अध्यापकों का यही हाल है। वे रोजाना स्क्ूल समय में इसी तरह ताश खेलते हैं, उनकी पढ़ाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। कुछ भी हो यह तस्वीर शिक्षा विभाग के साथ-साथ प्रदेश सरकार के दावों की भी पोल खोल रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्कूल टाइम में ताश खेलते अध्यापकों का वीडियो वायरल</h2>
<p style="text-align:justify;">जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें स्कूल के प्राचार्य विनोद श्योराण के साथ ताश खेलते हुए एसएस अध्यापक हरेंद्र, संस्कृत अध्यापक रामधन व मैथ अध्यापक सतीश कुमार दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य अध्यापक ताश खेलने वाले अध्यापकों के साथ वाले कमरे में आराम से सो रहा है।</p>
<p>जिस स्कूल समय में प्राचार्य व अन्य अध्यापक अध्यापन की बजाए ताश खेलने में मशगुल रहते हों, भला ऐसे स्कूल में पढ़ाई व बेहतर रिजल्ट की आस कैसे की जा सकती है। स्कूल टाइम में कोइर् बच्चे ग्राऊंड में घूूम रहे हैं तो कुछ शोर-शराबा कर रहे हैं। लेकिन अध्यापक हैं कि उन्हें कोई सरोेकार नहीं। स्कूल का आधा स्टाफ जहां ताश व मोबाइल में व्यस्त है वहीं एक अध्यापक कमरे में आराम में सो रहे हैं।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2017 00:20:29 +0530</pubDate>
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