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                <title>Pak - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Pak RSS Feed</description>
                
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                <title>Asia Cup 2023 Super-4: बदल गया एशिया कप 2023 के सुपर-4 का कार्यक्रम!</title>
                                    <description><![CDATA[Asia Cup 2023 Super-4: श्रीलंका की मंगलवार को अफगानिस्तान पर दो रन की रोमांचक जीत के साथ ही चार टीमें इस साल के एशिया कप के अगले चरण के लिए तय हो गई हैं। श्रीलंका,पाकिस्तान,भारत और बांग्लादेश अब सुपर 4 चरण के दौरान तीन और मैच खेलेंगे ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि 17 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/the-schedule-of-super-4-of-asia-cup-2023-has-changed/article-52025"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-09/asia-cup-2023-super-4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Asia Cup 2023 Super-4: श्रीलंका की मंगलवार को अफगानिस्तान पर दो रन की रोमांचक जीत के साथ ही चार टीमें इस साल के एशिया कप के अगले चरण के लिए तय हो गई हैं। श्रीलंका,पाकिस्तान,भारत और बांग्लादेश अब सुपर 4 चरण के दौरान तीन और मैच खेलेंगे ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि 17 सितंबर को कोलंबो में एकमात्र फाइनल में कौन खेलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आईसीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान बुधवार छह सितंबर को सुपर 4 चरण की शुरूआत करने के लिए लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में बांग्लादेश की मेजबानी करेगा, जबकि शाकिब अल हसन की टीम नौ सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में एक बार फिर एक्शन में नजर आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच टूनार्मेंट का दूसरा मैच 10 सितंबर को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में होगा। भारत दो दिन बाद इसी मैदान पर श्रीलंका से भिड़ेगा। श्रीलंका 13 सितंबर को कोलंबो में एक महत्वपूर्ण मुकाबले में पाकिस्तान से भिड़ेगा जबकि 15 सितंबर को बांग्लादेश और भारत के बीच मैच खेला जायेगा। सुपर 4 चरण की दो अग्रणी टीमें रविवार 17 सितंबर को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में फाइनल में भिड़ेंगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुपर 4 शेड्यूल: Asia Cup 2023 Super-4</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">6 सितंबर: पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश, गद्दाफी स्टेडियम, लाहौर, स्थानीय दोपहर 2:30 बजे</li>
<li style="text-align:justify;">9 सितंबर: श्रीलंका बनाम बांग्लादेश, आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, स्थानीय दोपहर 3 बजे</li>
<li style="text-align:justify;">10 सितंबर: पाकिस्तान बनाम भारत, आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, स्थानीय दोपहर 3 बजे</li>
<li style="text-align:justify;">12 सितंबर: भारत बनाम श्रीलंका, आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, स्थानीय दोपहर 3 बजे</li>
<li style="text-align:justify;">14 सितंबर: पाकिस्तान बनाम श्रीलंका, आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, स्थानीय दोपहर 3 बजे</li>
<li style="text-align:justify;">15 सितंबर: भारत बनाम बांग्लादेश, आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, स्थानीय दोपहर 3 बजे</li>
<li style="text-align:justify;">17 सितंबर: टीबीसी बनाम टीबीसी, आर प्रेमदासा स्टेडियम, कोलंबो, स्थानीय दोपहर 3 बजे।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Sep 2023 16:22:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद सुलग रहा पाकिस्तान, गवर्नर हाउस-सेना दफ्तर पर कब्जा, आगजनी</title>
                                    <description><![CDATA[चार-पांच दिन एनएबी की हिरासत में रह सकते है इमरान इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran khan arrest) के चार से पांच दिनों तक राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की हिरासत में रहने की संभावना है। खान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। डॉन समाचार पत्र ने एनएबी के एक सूत्र के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pakistan-imran-khan-arrest-news-update/article-47436"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/imran-khan-arrest.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">चार-पांच दिन एनएबी की हिरासत में रह सकते है इमरान</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran khan arrest) के चार से पांच दिनों तक राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की हिरासत में रहने की संभावना है। खान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। डॉन समाचार पत्र ने एनएबी के एक सूत्र के हवाले से बताया कि खान को आज (बुधवार) जवाबदेही अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्र ने कहा, ‘हम उन्हें कम से कम चार से पांच दिनों तक हिरासत में रखने की पूरी कोशिश करेंगे। वहीं पाक पूर्व इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान सुलग उठा है। पाकिस्तान में हिंसा की खबरें सामने आ रही है। इमरान खान के समर्थक आगजनी और तोड़फोड़ कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला | Imran khan arrest</h4>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जवाबदेही अध्यादेश, 1999 में नए संशोधनों के तहत, किसी भी अदालत द्वारा दी गई भौतिक हिरासत की अवधि 90 दिन से घटाकर 14 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘हम अदालत से 14 दिनों की अधिकतम अवधि का भौतिक रिमांड मांगेंगे, उन्होंने कहा कि अदालत से कम से कम चार से पांच दिनों की रिमांड देने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने वाली इस संस्था ने रेंजर्स के माध्यम से पाकिस्तान तहरीके इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष की गिरफ्तारी को न्यायाचित ठहराया। पीटीआई प्रमुख की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर, सूत्र ने कहा कि खान को एनएबी के रावलपिंडी/इस्लामाबाद क्षेत्रीय मुख्यालय में ‘आरामदायक माहौल’ में हिरासत में लिया गया था। खान के साथ ‘कठोर व्यवहार’ नहीं किया जाएगा, बल्कि उनसे केवल मामले में उनकी कथित संलिप्तता और मौद्रिक लाभ मांगने के बारे में पूछताछ की जाएगी। एक आधिकारिक बयान में एनएबी ने खान के खिलाफ मामले के बारे में विवरण भी दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:–</strong><a href="http://10.0.0.122:1245/imran-khan-arrested-in-al-qadir-trust-case/">इमरान खान अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 May 2023 14:16:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राजस्थान बॉर्डर पर पाक रेंजर्स-बीएसएफ जवानों में फायरिंग</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ का प्रयास श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़ क्षेत्र में आज शाम सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाक रेंजर्स में गोलियां चल गईं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक घटना शाम करीब 5 बजे बीएसएफ की बिंजौर पोस्ट के अधीन सीमावर्ती 27-ए गांव के समीप की है। सूत्रों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pak-rangers-bsf-jawans-firing-on-rajasthan-border/article-40777"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-12/bsf-india1.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ का प्रयास</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़ क्षेत्र में आज शाम सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाक रेंजर्स में गोलियां चल गईं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक घटना शाम करीब 5 बजे बीएसएफ की बिंजौर पोस्ट के अधीन सीमावर्ती 27-ए गांव के समीप की है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय किसान चक 27-ए में तारबंदी के उस पार खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तान की ओर से दो संदिग्ध व्यक्ति जीरो लाइन को पार कर भारतीय क्षेत्र में आ गए। भारतीय किसानों ने उनको पकड़ लिया। इसी बीच सीमा पार से पाक रेंजर्स ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाब में बीएसएफ जवानों ने भी फायरिंग की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सभी बॉर्डर पर अलर्ट</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ जवानों की ओर से 18 राउंड फायर किए गए। पाकिस्तान की ओर से भी काफी गोलियां चलने का समाचार है। किसी के कोई हताहत होने की सूचना नहीं है। सूत्रों ने बताया कि इस फायरिंग के दौरान पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ करने वाले दोनों संदिग्ध व्यक्ति वापिस भाग गए। इस घटना के बाद इस सरहद पर कुछ तनाव की स्थिति बनी हुई है। बीएसएफ के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पूरे श्रीगंगानगर जिले के साथ लगती लगभग 205 किमी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के जवान इस घटना के बाद से पूरी मुस्तैदी बरत रहे हैं। साथ लगते बीकानेर जिले के बॉर्डर पर भी अलर्ट किया गया है। बीएसएफ की ओर से अभी तक इस घटना की पुष्टि नहीं की गई है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Dec 2022 10:29:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बांग्लादेश ने पाक नागरिकों के वीजा पर लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली एजैंसी । पाकिस्तान के साथ राजनयिक गतिरोध के बीच इस्लामाबाद स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने एक सप्ताह के लिए पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगा दी है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बांग्लादेश ने 1971 के मुक्ति संग्राम के कई युद्ध बंदियों को फांसी देने का 2013 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bangladesh-stays-imposed-on-pak-visa/article-9251"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-05/pak-visa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली एजैंसी ।</strong> पाकिस्तान के साथ राजनयिक गतिरोध के बीच इस्लामाबाद स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने एक सप्ताह के लिए पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा देने पर रोक लगा दी है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बांग्लादेश ने 1971 के मुक्ति संग्राम के कई युद्ध बंदियों को फांसी देने का 2013 में फैसला किया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। पाकिस्तानी उच्चायुक्त को वीजा देने से इनकार करने के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बीते एक साल के काफी तल्ख हुए हैं।</p>
<p>नए कदम पर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि आप इसे पाकिस्तानी रुख के विरोध का संकेत कह सकते हैं। अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि वीजा जारी करने के प्रभारी बांग्लादेशी राजनयिक पाकिस्तानियों के आवेदन को आगे बढ़ाने से बच रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान ने उनके आधिकारिक वीजा की अवधि बढ़ाने के आवेदन को चार महीनों से अटका रखा है। बांग्लादेशी अखबार ‘ढाका ट्रिब्यून’ ने बांग्लादेश उच्चायोग के वीजा मामलों के काउंसलर इकबाल हुसैन के हवाले से कहा कि पाक नागरिकों को वीजा जारी किया जाना निलंबित कर दिया गया है क्योंकि उच्चायोग के वीजा काउंटर 13 मई से बंद है।</p>
<p>गौरतलब है कि ढाका में पाकिस्तानी उच्चायोग इकबाल हुसैन के परिवार के सदस्यों का वीजा आवेदन आगे नहीं बढ़ा रहा। इसके कारण हुसैन अपने परिवार से नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं, ढाका ने बांग्लादेश में पाकिस्तान की नई उच्चायुक्त के तौर पर सकलैन सैयदाह का नामांकन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने वीजा की अवधि बढ़ाने में देरी की है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 May 2019 09:03:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाक ने फिर तोड़ा संघर्ष विराम</title>
                                    <description><![CDATA[नियंत्रण रेखा पर फायरिंग | Pakistani Army जम्मू (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तानी सेना ने सोमवार सुबह एक बार फिर संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुये नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि पाकिस्तानी (Pakistani Army) सेना ने अचानक पुंछ के खारी करमादा में बिना उकसावे के भारत की अग्रिम […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2>नियंत्रण रेखा पर फायरिंग | Pakistani Army</h2>
<p><strong>जम्मू (एजेंसी)।</strong> जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तानी सेना ने सोमवार सुबह एक बार फिर संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुये नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी की। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि पाकिस्तानी (Pakistani Army) सेना ने अचानक पुंछ के खारी करमादा में बिना उकसावे के भारत की अग्रिम चौकियों पर गोलाबारी की। इस दौरान पाकिस्तान की तरफ से छोटे हथियारों के साथ ही भारी हथियारों और गोलों का भी इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>सूत्रों ने कहा, ‘हमारे जवानों ने इस हमले का माकूल जवाब दिया। गोलाबारी से किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की खबर अभी तक नहीं मिली है। पुंछ और राजौरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना पिछले 10 दिन से उकसावे की कोई कार्रवाई न किए जाने के बावजूद संघर्षविराम का उल्लंघन करके गोलाबारी कर रही है। इस बीच, जम्मू के आरएस पुरा, सांबा और अरनिया के रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ के जवानों ने सीमापार से घुसपैठ की कोशिशों को भी नाकाम कर दिया।</p>
<p>भारतीय सेना के एक मेजर और एक राइफलमैन शनिवार को अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करके किये गये विस्फोट में शहीद हो गये थे जबकि राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में स्नाइपर की गोलीबारी में सेना के एक पोर्टर की मौत हो गयी थी।</p>
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                <pubDate>Mon, 14 Jan 2019 17:43:26 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पाकिस्तान: हाईकोर्ट के आदेश के चलते नवाज और मरियम शरीफ जेल से रिहा</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी-Edited By Vijay Sharma)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी पुत्री मरियम नवाज और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) मोहम्मद सफदर की सजा स्थगित किए जाने संबंधी इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुए इन तीनों को बुधवार को जेल से रिहा कर दिया गया।  रावलपिंडी में आदिला जेल के अधिकारी इशाक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pak-nawaz-and-miriam-sharif-released-from-prison-due-to-order-of-high-court/article-6006"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/pak-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी-Edited By Vijay Sharma)।</strong> पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी पुत्री मरियम नवाज और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत) मोहम्मद सफदर की सजा स्थगित किए जाने संबंधी इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुए इन तीनों को बुधवार को जेल से रिहा कर दिया गया।  रावलपिंडी में आदिला जेल के अधिकारी इशाक चीमा के मुताबिक शरीफ, मरियम और सफदर को जेल से रिहा कर दिया गया।</p>
<p>शरीफ जब जेल से बाहर निकले तो उनके समर्थकों ने उनकी कार पर फल बरसाए। इससे पहले आज ही उच्च न्यायालय ने एवेन्यू फील्ड मामले में शरीफ , मरियम और सफदर की सजा स्थगित कर दी।जबाबदेही अदालत ने एवेन्यू फील्ड भ्रष्टाचार मामले में गत छह जुलाई को शरीफ को 10 वर्ष और उनकी बेटी मरियम को सात वर्ष की सजा सुनाई थी। बहरहाल न्यायालय ने शरीफ की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और इस पर अंतिम फैसला आने तक शरीफ, उनकी बेटी और दामाद की सजा पर रोक लगी रहेगी। न्यायालय ने तीनों को पांच-पांच लाख के मुचलका भरने का आदेश दिया है।</p>
<h2>किस मामले में गए थे जेल</h2>
<p>बता दें कि एवेनफील्ड प्रॉपर्टीज केस में जवाबदेही अदालत ने बीते 6 जुलाई को नवाज शरीफ, मरियम नवाज शरीफ और मरियम के पति कैप्टन सफदर को दोषी पाया था। पाकिस्तान में आम चुनाव से ठीक पहले नवाज शरीफ ने सरेंडर किया था, जिसके बाद से वो रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं। अब इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इस सजा को रद्द कर दिया है।</p>
<h2>कुछ दिन पहले हुई थी पत्नी की मौत</h2>
<p>गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले नवाज की पत्नी का निधन हो गया था। पिछले वर्ष नवाज की पत्नी को गले का कैंसर होने का पता चला था, जिससे बाद लंदन में उनकी कई बार सर्जरी की गई और कीमोथेरेपी दी गई। जून में हार्टअटैक होने के बाद से वह वेंटिलेटर पर थीं। पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, बेटी मरियम और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद सफदर को कुलसूम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 12 घंटे का पैरोल मिली थी। सोमवार को पैरोल खत्म हो गई और उन्हें व बेटी मरियम को वापस जेल भेज दिया गया था।</p>
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                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Thu, 20 Sep 2018 08:27:26 +0530</pubDate>
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                <title>पाक-भारत के बीच बनती बिगड़ती पेचीदा-स्थितियां</title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान की नई सरकार भारत के साथ इतनी दोस्ताना हो रही है कि पंजाब में सिक्खों द्वारा पाकिस्तान स्थित गुरूद्वारों में दर्शनों के लिए रास्ता मांगे जाने पर बिना वीजा प्रवेश देने का प्रस्ताव कर चुकी है। पिछले दिनों पाकिस्तान गए पंजाब के नेता सिद्धू की पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/pak-indias-worsening-turbulence/article-5829"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/pak-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पाकिस्तान की नई सरकार भारत के साथ इतनी दोस्ताना हो रही है कि पंजाब में सिक्खों द्वारा पाकिस्तान स्थित गुरूद्वारों में दर्शनों के लिए रास्ता मांगे जाने पर बिना वीजा प्रवेश देने का प्रस्ताव कर चुकी है। पिछले दिनों पाकिस्तान गए पंजाब के नेता सिद्धू की पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलने की घटना को भारत में बहुत तूल दिया गया था। यहां से इस रास्ते की भी बात निकली। पाकिस्तान अब काफी नरम व्यवहार कर रहा है। यहां भारत सरकार की ओर से कोई जवाब अभी पाकिस्तान को नहीं दिया गया। जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्द्र सिंह भी इस बारे में एक पत्र भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सौंप चुके हैं। उधर पाकिस्तान प्रधानमंत्री को लग रहा है कि भाजपा फिर से पाकिस्तान को भारत में वोट हासिल करने के लिए उछालेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वजह से करतारपुर साहिब के रास्ते को खोले जाने को लेकर भाजपा अपना ठंडा रूख रखे हुए है। जबकि मामला इससे ज्यादा पेचीदा है। दरअसल भारत में अब यह मामला पंजाब की घरेलू राजनीति में फंस गया है। करतारपुर साहिब व डेरा बाबा नानक के बीच रास्ते को लेकर कांगे्रस सरकार प्रयत्न कर रही है, पंजाब की पंथक पार्टी शिरोमणी अकाली दल इस पर अभी कुछ भी नहीं बोल रही। शिरोमणी अकाली दल केन्द्र में सत्तासीन भाजपा की सहयोगी पार्टी है। भाजपा अभी शायद शिरोमणी अकाली दल की ओर ताक रही कि वह इस रास्ते पर क्या रूख रखे? चूंकि जिस तरह की पंजाब में परिस्थितियों बनी हुई है उसके अनुसार अभी तक पंथक हलकों में कांग्रेस ऊंचाई पर है यहां शिरोमणी अकाली दल बुरी तरह से घिरा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में अगर करतारपुर साहिब व डेरा बाबा नानक के बीच रास्ता खुल जाता है तब वह कांग्रेस की जीत होगी जोकि उसे पंथक हलकों में और ज्यादा मजबूत करेगी। चूंकि इससे पहले पंजाब में शिरोमणी अकाली दल भाजपा सत्तासीन थे, वह इस दिशा में कुछ नहीं कर पाए। यह राजनीतिक मसला शायद तब इस कारण हल नहीं हुआ क्योंकि पहले पाकिस्तान में नवाज शरीफ सरकार व सेना में रास्सकस्सी चल रही थी। घरेलू व अंतरराष्टÑीय राजनीति के कारण पाकिस्तान-भारत बार-बार नजदीक होते है तो वहीं इसी कारण ये बार-बार दूर भी हो रहे हैं। अब अगर वक्त पर भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार का माकूल जवाब नहीं दिया तब पाकिस्तान की चिढ़ बढ़ना स्वभाविक है, जिसका परिणाम फिर भारत-जम्मू कश्मीर में भुगतेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत-पाकिस्तान को अपनी दूरियां मिटाने के लिए क्षेत्रीय व सांप्रदायिक नफे-नुक्सानों को किनारे करना होगा ठीक ऐसे ही जैसे स्वतंत्रता दिवस के वक्त दोनों देश आपसी कैदियों को रिहा कर देते हैं। पाकिस्तान अभी आर्थिक संकट से भी जूझ रही है। ऐसे में वह भारत के लिए एक अच्छा बाजार भी बनने जा रही है। अत: केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह छोटे मोटे नफे-नुक्सानों को भुलाकर दोनों देशों में आपसी रिश्तों को मजबूत बनाएं।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Sep 2018 20:30:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पाक में प्रधानमंत्री आवास के लक्जरी वाहन होंगे नीलाम</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान  में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकार की मितव्ययिता मुहिम के क्रम में प्रधानमंत्री आवास के सभी लक्जरी वाहनों (Luxury vehicles Pak) की नीलामी 17 सितंबर को की जाएगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन वाहनों में आठ बीएमडब्ल्यू कार (2014 माडल), पांच बहुपयोगी वाहन (2016 माडल), चार मर्सिडीज बेंज कार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/luxury-vehicles-pak-will-be-auctioned-in-pak/article-5652"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/luxury-vehicles-pak.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान  में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद सरकार की मितव्ययिता मुहिम के क्रम में प्रधानमंत्री आवास के सभी लक्जरी वाहनों <strong>(Luxury vehicles Pak)</strong> की नीलामी 17 सितंबर को की जाएगी।</p>
<p>आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन वाहनों में आठ बीएमडब्ल्यू कार (2014 माडल), पांच बहुपयोगी वाहन (2016 माडल), चार मर्सिडीज बेंज कार (2016 माडल), 16 टोयाटा कारें हैं।</p>
<p>इनमें एक लेक्सस कार, एक लेक्सस बहुपयोगी वाहन और दो लैंड क्रूजर भी हैं। इस सूची में आठ अन्य कारें भी हैं। शुक्रवार को यहां जारी की गई इन वाहनों की सूची में चार बुलेट प्रूफ वाहन (2015 माडल), एक होंडा सिविक कार और तीन सुजुकी वाहन के अलावा एक माडल हिनो बस भी है।</p>
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                <pubDate>Sat, 01 Sep 2018 16:02:01 +0530</pubDate>
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                <title>US का इंकार, अब मास्कों में होगी पाक सैनिकों की ट्रैनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[इस्‍लामाबाद(एजेंसी)। पाकिस्‍तानी सैनिकों को रूस के डिफेंस सेंटरों में प्रशिक्षण की अनुमति देते हुए जहां मॉस्‍को ने समझौते पर हस्‍ताक्षर किए वहीं एक दशक से भी अधिक समय से अमेरिकी संस्‍थान में दी जा रही पाकिस्‍तानी सैनिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को ट्रंप प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/us-denies-traces-of-pak-soldiers-now-in-mas-mascon/article-5347"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/pak-3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इस्‍लामाबाद(एजेंसी)</strong>। पाकिस्‍तानी सैनिकों को रूस के डिफेंस सेंटरों में प्रशिक्षण की अनुमति देते हुए जहां मॉस्‍को ने समझौते पर हस्‍ताक्षर किए वहीं एक दशक से भी अधिक समय से अमेरिकी संस्‍थान में दी जा रही पाकिस्‍तानी सैनिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम को ट्रंप प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है।रावलपिंडी में ज्‍वाइंट मिलिट्री कंसल्‍टेटिव कमिटी (जेएमसीसी) के बैठक में मंगलवार को पाकिस्‍तान और रूस ने एक समझौते पर हस्‍ताक्षर किया। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों पर चर्चा की गई।</p>
<p>पाकिस्‍तान और अमेरिका के बीच संबंध इस साल जनवरी में और बिगड़ गया जब राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इस्‍लामाबाद पर आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देने पर आड़े हाथों लेते हुए दी जाने वाली सहयोग राशि बंद करने का ऐलान कर दिया था।पाकिस्तानी सैनिकों के प्रशिक्षण के लिए कोष अमेरिकी सरकार के अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम (आईएमईटी) से आता था लेकिन ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान के लिए अगले साल के अकादमिक सत्र के लिए कोई कोष उपलब्ध नहीं कराया है।</p>
<h2>संबंधों में सुधार के लिए अमेरिका दौरे पर पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री</h2>
<p>पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका से दूरी बढ़ने के बाद उनकी रूस और चीन से नजदीकी बढ़ गई है। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रूस का दौरा किया था। इसके बाद रूस और पाकिस्तान के सैनिकों ने साथ में युद्धाभ्यास भी किया था। इसके साथ ही पाकिस्तान को रूस ने 4 एमआई35एम लड़ाकू विमान और कार्गो हेलिकॉप्टर भी दिए हैं।</p>
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                <pubDate>Sun, 12 Aug 2018 11:00:51 +0530</pubDate>
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                <title>कारगिल विजय दिवस: जब भारत ने PAK के दुस्साहस का दिया था जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[सैनिकों ने पाकिस्तानी फौज का जमकर मुकाबला किया  (Edited by: विजय शर्मा)।  आज कारगिल विजय दिवस है।  इस दिन हमारे भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटाया था और कारगिल पर तिरंगा लहराया था।  दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहला युद्ध था, जिसमें हर मिनट दुश्मनों पर फायरिंग की गई। कारगिल की लड़ाई अपने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/kargil-vijay-diwas-when-india-gave-pak-the-audacity-to-answer/article-5017"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/kargil.jpg" alt=""></a><br /><h2>सैनिकों ने पाकिस्तानी फौज का जमकर मुकाबला किया</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong> (Edited by: विजय शर्मा)</strong>।  आज कारगिल विजय दिवस है।  इस दिन हमारे भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटाया था और कारगिल पर तिरंगा लहराया था।  दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहला युद्ध था, जिसमें हर मिनट दुश्मनों पर फायरिंग की गई। कारगिल की लड़ाई अपने आप में कई राज छुपाए हुए है।  उस समय क्या हुआ था ये कोई नहीं जानता। हर कोई अलग-अलग अंदाजा लगाता है। हम आज आपको बताने जा रहे हैं कारगिल से जुड़े कुछ अहम राज जिन्हें जानकर आप हैरान हो जाएंगे। कारगिल की लड़ाई में हमारे सैनिकों ने पाकिस्तानी फौज का जमकर मुकाबला किया था।  पाकिस्तानी घुस्पैठियों ने लगातार गोलियां चलाई और हमारे सैनिकों ने उन्हें सामने से जवाब दिया।</p>
<h2>भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में  हुआ था कारगिल युद्ध</h2>
<p style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था।  इसकी शुरुआत हुई थी 8 मई 1999 से जब पाकिस्तानी फौजियों और कश्मीरी आतंकियों को कारगिल की चोटी पर देखा गया था।  माना जाता है कि पाकिस्तान इस ऑपरेशन की 1998 से तैयारी कर रहा था। एक बड़े खुलासे के तहत पाकिस्तान का दावा झूठा साबित हुआ कि करगिल लड़ाई में मुजाहिद्दीन शामिल थे।   यह लड़ाई पाकिस्तान के नियमित सैनिकों ने लड़ी।  पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व अधिकारी शाहिद अजीज ने यह राज उजागर किया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पाक सेना ने अपने 5000 जवानों को कारगिल पर चढ़ाई करने के लिए भेजा था।</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कारगिल सेक्टर में 1999 में भारतीय और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच लड़ाई शुरू होने से कुछ सप्ताह पहले</li>
<li style="text-align:justify;">जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक हेलिकॉप्टर से नियंत्रण रेखा पार की थी</li>
<li style="text-align:justify;">भारतीय भूभाग में करीब 11 किमी अंदर एक स्थान पर रात भी बिताई थी।</li>
<li style="text-align:justify;">मुशर्रफ के साथ 80 ब्रिगेड के तत्कालीन कमांडर ब्रिगेडियर मसूद असलम भी थे।</li>
<li style="text-align:justify;">दोनों ने जिकरिया मुस्तकार नामक स्थान पर रात बिताई थी।</li>
<li style="text-align:justify;"> पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था।</li>
<li style="text-align:justify;">कई लोगों का कहना है कि कारगिल की लड़ाई उम्मीद से ज्यादा खतरनाक थी।</li>
<li style="text-align:justify;">हालात को देखते हुए मुशर्रफ ने परमाणु हथियार तक इस्तेमाल करने की तैयारी कर ली थी।</li>
<li style="text-align:justify;">पाकिस्तानी सेना कारगिल युद्ध को 1998 से अंजाम देने की फिराक में थी।</li>
<li style="text-align:justify;">इस काम के लिए पाक सेना ने अपने 5000 जवानों को कारगिल पर चढ़ाई करने के लिए भेजा था।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">पाकिस्तानी सेना कारगिल युद्ध को 1998 से अंजाम देने की फिराक में थी</h2>
<p style="text-align:justify;">कारगिल की लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी एयर फोर्स के चीफ को पहले इस ऑपरेशन की खबर नहीं दी गई थी।  जब इस बारे में पाकिस्तानी एयर फोर्स के चीफ को बताया गया तो उनहोंने इस मिशन में आर्मी का साथ देने से मना कर दिया था। पाकिस्तानी सेना कारगिल युद्ध को 1998 से अंजाम देने की फिराक में थी।  इस काम के लिए पाक सेना ने अपने 5000 जवानों को कारगिल पर चढ़ाई करने के लिए भेजा था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पाकिस्तान को 1965 और 1971 की लड़ाई से भी ज्यादा नुकसान हुआ था</h2>
<p style="text-align:justify;">कारगिल की लड़ाई के दौरान पाकिस्तानी एयर फोर्स के चीफ को पहले इस ऑपरेशन की खबर नहीं दी गई थी।  जब इस बारे में पाकिस्तानी एयर फोर्स के चीफ को बताया गया तो उनहोंने इस मिशन में आर्मी का साथ देने से मना कर दिया था।  उर्दू डेली में छपे एक बयान में नवाज शरीफ ने इस बात को स्वीकारा था कि कारगिल का युद्ध पाकिस्तानी सेना के लिए एक आपदा साबित हुआ था।  पाकिस्तान ने इस युद्ध में 2700 से ज्यादा सैनिक खो दिए थे।  पाकिस्तान को 1965 और 1971 की लड़ाई से भी ज्यादा नुकसान हुआ था।  भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सैनिकों के खिलाफ कारगिल युद्ध में मिग-27 और मिग-29 का प्रयोग किया था।  मिग-27 की मदद से इस युद्ध में उन स्थानों पर बम गिराए जहां पाक सैनिकों ने कब्जा जमा लिया था।  इसके अलावा मिग-29 करगिल में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ इस विमान से पाक के कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलें दागी गईं थीं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">11 मई से भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने इंडियन आर्मी की मदद शुरू की</h2>
<p style="text-align:justify;">मई को कारगिल युद्ध शुरू होने के बाद 11 मई से भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने इंडियन आर्मी की मदद करना शुरू कर दिया ।  कारगिल की लड़ाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस युद्ध में वायुसेना के करीब 300 विमान उड़ान भरते थे।  कारगिल की ऊंचाई समुद्र तल से 16000 से 18000 फीट ऊपर है।  ऐसे में उड़ान भरने के लिए विमानों को करीब 20,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ना पड़ता है।  ऐसी ऊंचाई पर हवा का घनत्व 30% से कम होता है। इन हालात में पायलट का दम विमान के अंदर ही घुट सकता है और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।</p>
<h2>1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध में तोपखाने (आर्टिलरी) से 2,50,000 गोले और रॉकेट दागे गए थे।</h2>
<p style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध में तोपखाने (आर्टिलरी) से 2,50,000 गोले और रॉकेट दागे गए थे।   300 से अधिक तोपों, मोर्टार और रॉकेट लॉन्चरों ने रोज करीब 5,000 बम फायर किए थे।  लड़ाई के महत्वपूर्ण 17 दिनों में प्रतिदिन हर आर्टिलरी बैटरी से औसतन एक मिनट में एक राउंड फायर किया गया था।  दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह पहली ऐसी लड़ाई थी, जिसमें किसी एक देश ने दुश्मन देश की सेना पर इतनी अधिक बमबारी की थी।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jul 2018 04:59:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>चिंता बढ़ाते पाक-मालदीव संबंध</title>
                                    <description><![CDATA[सार्क के सदस्य देश मालदीव ने भारत के पारम्परिक शत्रु पाकिस्तान के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में समझौता कर भारत के लिए चिंता का नया द्वार खोल दिया हैं। मालदीव की सरकारी विद्युत कंपनी स्टेलको ने पिछले दिनों देश की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के साथ यह समझौता किया है। मालदीव में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/pak-maldives-relations-increasing-anxiety-2/article-4830"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/pak.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सार्क के सदस्य देश मालदीव ने भारत के पारम्परिक शत्रु पाकिस्तान के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में समझौता कर भारत के लिए चिंता का नया द्वार खोल दिया हैं। मालदीव की सरकारी विद्युत कंपनी स्टेलको ने पिछले दिनों देश की ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के साथ यह समझौता किया है। मालदीव में चीन के निरंतर बढ़ रहे प्रभाव से भारत पहले ही चिंतित है, ऐसे में पाक-मालदीव की जुगलबंदी से नई दिल्ली की परेशानी और बढ़ेगी। हेलीकॉप्टर और वर्क परमिट के मुद्दे पर जारी तनाव के बीच मालदीव ने पाकिस्तान के साथ ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में समझौता कर यह साफ कर दिया है कि मालदीव भारत के हितों से कोई सरोकार नहीं रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
विशिष्ट भौगोलिक एवं सामरिक संरचना के चलते मालदीव भारत के लिए खासा महत्वपूर्ण है। तटीय प्रदेश केरल से केवल तीन सौ किमी की दूरी पर स्थित होने के कारण मालदीव जैसे देश में पाकिस्तान की पैठ बढ़ती है तो भारत को उत्तरी-पूर्वी राज्यों के साथ-साथ दक्षिण से नई सामरिक चुनौतियों का सामना करना पडेÞगा। हिन्द महासागार के रास्ते पश्चिम एशिया से चीन और पूर्वी एशिया की ओर जाने वाला मार्ग इसी द्वीप क्षेत्र से होकर निकलता हैं। इस क्षेत्र का उपयोग भारत व्यापारिक यात्राओं के लिए भी करता है, ऐसे में हिन्द महासागर में अपनी स्थिति मजबूत करने और दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए मालदीव के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना भारत के लिए जरूरी भी है। साल 2000 में चीन द्वारा यहां सैन्यबेस बनाए जाने का मुद्दा भी उठा था। बीच में ऐसी खबर भी आई थी कि चीन ने तत्कालीक राष्ट्रपति अब्दुल गयूम के सामने पनडुब्बियों के सैनिक अड्डे के निर्माण हेतू कुछ द्वीपों के खरीद किए जाने का प्रस्ताव रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन भारत की कड़ी आपत्ति के चलते मालदीव चीन के प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ा। देखा जाए तो मालदीव में भारत की नीति हमेशा से ही ढुलमुल रवैये वाली रही है । पड़ोसी पहले की नीति पर चलने वाली मोदी सरकार ने भी अपने चार साल के कार्यकाल में मालदीव की लगभग उपेक्षा ही की है। साल 2012 में भारत समर्थक मोहम्मद नशीद की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार के विरूद्ध जब प्रदर्शनों और विरोध का सिलसिला शुरू हुआ तब नशीद भारत से सहयोग की उम्मीद लगाए हुए थे उस वक्त भारत ने नशीद का सहयोग करने के बजाए इसे मालदीव का आंतरिक मामला कहकर चुप्पी साध ली।भारत ने नाशीद की बर्खास्तगी की आलोचना करने के बजाए मोहम्मद वहीद हसन की सरकार को बधाई देकर न केवल नाशीद के जख्मों पर नमक छिड़का बल्कि मालदीव में हुए अलोकतांत्रिक सत्ता परिर्वतन पर भी अपनी मुहर लगा दी। इसी प्रकार जब मालदीव में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू संग्राहलय को तोड़ा गया तब भी भारतीय नेतृत्व चुप्पी साधे रहा। भारत की चुप्पी का परिणाम यह हुआ कि मालदीव ने भारत की नराजगी की परवाह किये बिना माले स्थित इब्राहिम नासीर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को विकसित किए जाने संबंधित समझौता बिना किसी कारण के रद्द कर दिया। पिछले दिनों भी मालदीव के एक अखबार ने भारत को सबसे बड़ा दुश्मन बताया और कहा कि पीएम मोदी मुस्लिम विरोधी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">
देखा जाए तो साल 2012 में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही मालदीव में भारत विरोधी भावनाओं का विस्तार होने लगा है। मौजूदा राष्ट्रपति अबदुल्ला यामीन की कार्यशैली पूरी तरह भारत विरोधी रही है। यामीन के बारे में यहां तक कहा जा रहा है कि वह अपने देश में भारत की किसी तरह की भागीदारी पंसद नहीं करते हैं। पिछले दिनों उन्होंने भारतीयों के लिए वर्क परमिट जारी करना बंद कर दिया था जिसकी वजह से वहां उन परियोजनाओं का काम प्रभावित हो रहा है, जिसमें भारत की भागीदारी है। वर्क परमिट, डॉर्नियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट और नौसेना के हेलीकॉपटर से जुड़े मुद्दों को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। डार्नियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट की तैनाती के भारत के प्रस्ताव को यामीन सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने के पीछे एक वजह पाकिस्तान को भी बताया जा रहा है। पाकिस्तान ने उसे इसी तरह के एयरक्राफ्ट मुहैया कराने का प्रस्ताव किया है। साल 2013 में भारत की ओर से उपहार में दिए गए दो धु्रव एडवांस लाईट हेलिकॉप्टर को रखने की समय सीमा बढाने से इंकार कर दिया था। यामीन ने इस साल के आंरभ में ही साफ कह दिया था कि भारत अपने हेलिकॉप्टर और पायलटों को वापस बुला ले।</p>
<p style="text-align:justify;">
पाक-मालदीव का ताजा ऊर्जा समझौता ऐसे वक्त में हुआ है, जबकि सटेलको की बहुत सी परियोजनाओं का संचालन चीनी कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि मालदीव को पाकिस्तान के साथ समझौता करने की जरूरत क्यों आन पड़ी। दूसरा, पाकिस्तान वित्तीय रूप से भी मालदीव को किसी तरह की मदद पहुंचाने की स्थिति में नहीं है। उसके खुद की अर्थव्यवस्था अब तक के सबसे खराब दौर से गुजर रही है। ऐसे में मालदीव भारत की शर्त पर पाकिस्तान से संबंध बढ़ा कर वहां से क्या हासिल करना चाहता है? तृतीय, सबसे बड़ा प्रश्न समझौते के वक्त को लेकर उठ रहा है। मालदीव ने पाकिस्तान के साथ समझौता ऐसे वक्त में किया है जबकि भारत के न केवल पाकिस्तान के साथ बल्कि मालदीव के साथ भी संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गए है। पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा उरी में किए गए आतंकी हमले के बाद जब भारत ने पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन को रद्द करने की मांग की थी तो केवल मालदीव ही ऐसा देश था जिसने भारत के निर्णय का विरोध किया था। ऐसे विपरीत वक्त में पाकिस्तान के साथ मालदीव का बिजली समझौता भारत के लिए चिंता का सबब बन सकता है। भारत की चिंता का एक बड़ा कारण यह भी है कि मालदीव का उपयोग पाकिस्तान भारत के खिलाफ जासूसी के लिए कर सकता है, जिससे इस क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और भी जटील हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">
उक्त हालात इस लिए भी चिंताजनक है क्यों कि संकट के समय भारत ने मालदीव की मदद की। साल 1988 में जब पिपुल्स लिबरेशन आगेर्नाइजेशन आॅफ तमिल इल्म से जुडे आतंकवादियों ने मालदीव पर हमला किया तो तात्कालिक राष्ट्रपति अब्दुल गयूम ने भारत सरकार से सहायता की याचना की। इस पर भारत सरकार ने ‘आॅपरेशन कैक्टस’ के तहत सेना भेजकर आतंकवादियों को खदेड़ने में मालदीव की मदद की है।उसके समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए भारत वहां नेशनल पुलिस एकेडमी के निर्माण में सहयोग कर रहा है। इसके अलावा समुद्री डाकुओं से सुरक्षा के लिए भारत ने वहां अपने युु़द्ध पोत तैनात कर रखे हैं।  इससे पहले साल 2015 में भी मालदीव की संसद ने विदेशी नागरिकों को अपने देश में भूमि खरीदने संबंधी अधिकार देकर भारत के सामने एक तरह का खतरा पैदा कर दिया है। इस अधिकार के तहत कोई भी विदेशी नागरिक मालदीव की अर्थव्यवस्था में एक अरब डॉलर का निवेश करके भूमि का स्थाई मालिक बन सकता है। प्रर्यटन पर आधारित अर्थव्यवस्था होने के कारण मालदीव ने आयात-निर्यात नियमों में कई प्रकार की ढील दे रखी हैं। इसकी आड़ में जिहादी तत्व बेनामी व फर्जी कंपनियों के मार्फत मालदीव में धन एकत्रित करते हैं। बाद में इसी धन का प्रयोग श्रीलंका, केरल और तमिलनाडू में विध्वसंक गतिविधियों में किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसे अलावा मालदीव में एक हजार से अधिक ऐसे द्वीप हंै, जो पूरी तरह निर्जन और विरान है। जिनकी निगरानी और सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम मालदीव सरकार ने नहीं कर रखा है। ऐसी स्थिति में भारत का चिंतित होना लाजमी है। कोई संदेह नहीं कि मालदीव से भारत के लिए सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ रही हैं। पाक-मालदीव के बीच बढ़ते संबंध भारत के सामने नई मुश्किल पैदा करेगे इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता है। फिर भी, इस तथ्य को नहीं भुलना चाहिए कि मालदीव सार्क का महत्वपूर्ण सदस्य है, दक्षिण एशिया में अगर भारत को अपना प्रभुत्व बनाए रखना है तो उसे हर हाल में मालदीव को साथ रखना ही होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एन.के. सोमानी</strong></p>
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                <pubDate>Sat, 14 Jul 2018 06:00:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PAK ने की गोलीबारी, असिस्टेंट कमांडेंट समेत BSF के 4 जवान शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)। आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान ने सीमा पर एक बार फिर से सीजफायर तोड़ा है।  उसने जम्‍मू-कश्‍मीर के सांबा सेक्टर की चमलियाल पोस्‍ट पर सीमा पार से फायरिंग की, जिसमें एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत बीएसएफ के चार सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए। बुधवार सुबह पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई गोलीबारी में पांच […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pak-firing-4-jawans-of-bsf-including-assistant-commandant/article-4128"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/pak-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (एजेंसी)। </strong>आतंकवाद के पनाहगाह पाकिस्तान ने सीमा पर एक बार फिर से सीजफायर तोड़ा है।  उसने जम्‍मू-कश्‍मीर के सांबा सेक्टर की चमलियाल पोस्‍ट पर सीमा पार से फायरिंग की, जिसमें एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत बीएसएफ के चार सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए। बुधवार सुबह पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई गोलीबारी में पांच सुरक्षा कर्मी घायल भी हुए हैं।  शहीद सुरक्षा कर्मियों में असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर रजनीश, एएसआई रामनिवास और कांस्टेबल हंसराज शामिल हैं.जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने इसकी जानकारी।  पिछले एक महीने में पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी घटनाओं में इजाफा हुआ है।  इसमें बीएसएफ के तीन अधिकारी समेत छह सुरक्षा कर्मी शहीद हो चुके हैं, जबकि 10 जवन घायल हुए है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि अभी 29 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर की बातचीत हुई थी, जिसमें 2003 के संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह लागू करने पर सहमति बनी थी।  लेकिन आज फिर पाकिस्तान ने नापाक हरकत करते हुए सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किया। भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान और पाकिस्तान के मेजर जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बीच बातचीत के बाद।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों सेनाओं ने समान बयान जारी कर कहा कि दोनों देश 15 साल पुराने संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने पर सहमत हुए थे। साथ ही यह सुनिश्चित किए जाने पर बात बनी थी कि दोनों ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन न हो।  विशेष हॉटलाइन संपर्क की पहल पाकिस्तानी डीजीएमओ की ओर से की गई थी. बातचीत में दोनों डीजीएमओ सीमा पर संयम रखने और स्थानीय कमांडरों की फ्लैग मीटिंग के मौजूदा तंत्र के जरिए हल करने पर भी सहमत हुए थे, लेकिन पाकिस्तान की हालिया कार्रवाई से इन सभी कोशिशों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Jun 2018 08:30:26 +0530</pubDate>
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