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                <title>trafficking - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>trafficking RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कुछ राजनेताओं के घर ही बने नशे का अड्डा : Anil Vij</title>
                                    <description><![CDATA[विज ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में दिक्कत ही ऐसे नेताओं के कारण आती है। क्योंकि कुछ राजनेताओं के घर नशे का अड्डा बने हुए हैं। विज ने कांग्रेस के विधायक कृष्ण हुड्डा को आड़े हाथों लिया और कहा कि ऐसा लगता है कि वहां सेफ जोन, वीआईपी जोन में डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर बनाया गया है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/home-minister-besieges-akali-leader-and-close-to-hooda-over-drug-trafficking/article-12869"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/anil-vij.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">निशाना। नशा तस्करी पर प्रदेश के गृह मंत्री ने अकाली नेता और हुड्डा के करीबी को घेरा</h2>
<ul>
<li>
<h3><strong> हुड्डा को नसीहत, श्रीकृष्ण हुड्डा पर करें तुरंत कार्रवाई (Anil Vij)<br />
</strong></h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)।</strong> पंजाब में अकाली नेता के घर मिले नशे के जखीरे पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कड़ा प्रहार किया है। अनिल विज ने नशे के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम में आने वाली परेशानियों का ठीकरा ऐसे नेताओं के सिर फोड़ा जो खुद नशाखोरी को पनपने में मदद कर रहे हैं। विज के निशाने पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी कांग्रेस के विधायक श्री कृष्ण हुड्डा रहे। <strong>(Anil Vij) </strong>गौरतलब है कि कृष्ण हुड्डा ने जिस व्यक्ति के लिए एमएलए हॉस्टल में कमरा बुक करवाया था, उसके पास से हेरोइन बरामद हुई थी। अब इसी मामले को लेकर अनिल विज ने नेताओं पर निशाना साधा है। विज ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में दिक्कत ही ऐसे नेताओं के कारण आती है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">कुछ राजनेताओं के घर नशे का अड्डा बने हुए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">विज ने कांग्रेस के विधायक कृष्ण हुड्डा को आड़े हाथों लिया और कहा कि ऐसा लगता है</li>
<li style="text-align:justify;">वहां सेफ जोन, वीआईपी जोन में डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर बनाया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">विज ने कांग्रेस पर बड़े आरोप लगाए और कहा कि नशे पर कागज काले करने वाले कांग्रेसी खुद नशा बिकवा रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">विज ने यहां पूर्व सीएम हुड्डा को नसीहत दी और कृष्ण हुड्डा पर तुरंत कार्रवाई करने की बात कही।</li>
</ul>
<h3><strong> विधायक हुड्डा के करीबी से पकड़ी गई थी हेरोईन </strong><strong>(Anil Vij) </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली का शाहीन बाग इन दिनों सियासी दलों का अखाड़ा साबित हो रहा है। मामले को लेकर जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रेस वार्ता कर खुद को आतंकी बताये जाने की बातों पर पलटवार किया है। वहीं गृह मंत्री विज ने एक बार फिर केजरीवाल और दिल्ली में हो रही हलचल पर बड़ा बयान दिया है। अनिल विज ने कहा कि ये जो टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं और देश को तोड़ने की बात करते हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">शरजील आसाम को भारत से अलग करना चाहता है</li>
<li style="text-align:justify;">शाहीन बाग जिसकी रचना है, वहां भी आजादी के नारे लगे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इन सबकी भाषा पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से मिलती है</li>
<li style="text-align:justify;">केजरीवाल और राहुल गाँधी आशीर्वाद देते हैं तो यह आतंकी गतिविधियों जैसा ही लगता है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">विधायकों की बात न मानने वाले अफसर बख्शे नहीं जाएंगे</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के कौने-कौने से लोगों के मंत्री अनिल विज के जनता दरबार में पहुँचने के बाद अब विधायक भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचने लगे हैं। ऐसे में क्या प्रदेश में अफसरशाही हावी हो रही है, के सवाल पर विज ने सूबे के अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी है। अनिल विज ने कहा कि आज प्रदेश में किसी अधिकारी की जुर्रत नहीं है कि वो विधायक की बात न सुने। विज ने कहा कि मैंने ये लिखकर भी दे दिया है कि विधायक को अफसर उसी तरह सम्मान दें, जैसे वो अपने चीफ सेक्रेटरी या डीजीपी को देते हैं। विज ने अधिकारियों को सीधे शब्दों में कहा कि विधायक की बात पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भले ही आजाद विधायक हों या फिर जजपा का।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दोबारा शिकायत की नहीं पड़ेगी जरूरत</h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;">विज के जनता दरबार में आने वाली शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही है।</li>
<li style="text-align:justify;">जनता दरबार में फरियाद लेकर आने वालों से विज ने कहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">एक बार आने के बाद किसी को दोबारा शिकायत की जरूरत नहीं पड़ेगी।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">जनता दरबार स्थगित</h3>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के कारण रविवार को गृह मंत्री अनिल विज के निवास स्थान पर लगने वाला जनता दरबार इस बार स्थगित कर दिया गया है। अनिल विज दिल्ली चुनाव के पश्चात अपने निवास स्थान पर जनता की समस्याओं को सुनेंगे।निशाना। नशा तस्करी पर प्रदेश के गृह मंत्री ने अकाली नेता और हुड्डा के करीबी को घेरा</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi</a><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/"> News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2020 17:33:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपराधिक प्रकृति के राजनेताओं पर लगे अंकुश</title>
                                    <description><![CDATA[देश के दागी सांसद व विधायकों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों को सालभर में निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अब शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि विशेष त्वरित न्यायालयों के गठन की वह स्वयं निगरानी करेगी। इस नाते न्यायालय ने 18 राज्यों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/criminal-trafficking-of-politicians/article-5980"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/editoral.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">देश के दागी सांसद व विधायकों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों को सालभर में निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अब शीर्ष न्यायालय ने कहा है कि विशेष त्वरित न्यायालयों के गठन की वह स्वयं निगरानी करेगी। इस नाते न्यायालय ने 18 राज्यों के मुख्य सचिवों सहित उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरलों को निर्देश देते हुए कहा है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित अपराधिक मामलों की जानकारी दें और इस बारे में शपथ-पत्र भी प्रस्तुत करें। इन अदालतों के गठन पर केंद्र सरकार के जबाव से न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की तीन सदस्यीय पीठ असंतुष्ट है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पीठ में नवीन सिन्हा और केएम जोसेफ भी सदस्य हैं। अदालत की इस सख्ती से अपराधी सांसद और विधायकों की राजनीति से विदाई की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि केंद्र सरकार ने 12 विशेष अदालतों के गठन का निर्णय लेते हुए 7.8 करोड़ रुपए का आवंटन मंजूर किया हुआ है, लेकिन ये अदालतें सुचारु रूप से अपना काम शुरू नहीं कर पाई हैं। बीते तीन-चार दशकों के भीतर राजनीतिक अपराधियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। महिलाओं से बलात्कार, हत्या और उनसे छेड़छाड़ करने वाले अपराधी भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लूट, डकैती और भ्रष्ट कदाचरण से जुड़े नेता भी विधानमंडलों की शोभा बढ़ा रहे हैं। 2014 के आम चुनाव और वर्तमान विधानसभाओं में ही 1581 सांसद और विधायक ऐसे हैं, जो अपराधी होते हुए भी संवैधानिक प्रकिया में सर्वोच्च हिस्सेदार हैं। यह कोई कल्पित अवधारणा नहीं, बल्कि इन जनप्रतिनिधियों ने स्वयं ही अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा प्रत्याशी के रूप में निर्वाचन आयोग को प्रस्तुत किए शपथ-पत्रों में किया है। साफ है, राजनीति से जुड़े समुदाय की छवि और शाख संदिग्ध है। इन्हें देश के भविष्य के लिए हर हाल में उज्ज्वल होना ही चाहिए। हमारी कानूनी व्यवस्था में विरोधाभासी कानूनी प्रावधानों के चलते सजायाफ्ता मुजरिमों को आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की मांग उठती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन सार्थक परिणाम अब तक नहीं निकल पाए हैं। यही वजह है कि हमारी प्रजातांत्रिक व्यवस्था पर अपराधी प्रवृत्ति के राजनीतिक लोग प्रभावी होते चले जा रहे हैं। वैसे भी देश का जितना बड़ा भूगोल और संसद, विधानसभाओं और पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, उस अनुपात में प्रत्येक जिले में विशेष अदालत खोलना आसान नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारें इनका ढांचा खड़ा करने के लिए अर्थ की कमी का बहाना भी करेंगी। दूसरे, हमारे यहां पुलिस हो या सीबीआई जैसी शीर्ष जांच एजेंसी, इनकी भूमिकाएं निर्लिप्त नहीं होती हैं। साफ है, आपराधिक प्रकृति के राजनेताओं पर अंकुश लगे, तब कहीं साफ-सुथरी छवि के लोगों को राजनीति में आने के अवसर की संभावनाएं बढ़ेंगी?</p>
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<p> </p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/criminal-trafficking-of-politicians/article-5980</link>
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                <pubDate>Tue, 18 Sep 2018 09:32:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बाल तस्करी कालेधन का बड़ा स्रोत: सत्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली: नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बाल तस्करी को कालेधन का बड़ा स्रोत बताते हुए कहा कि इसके जरिये करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। बंधुआ मजदूरी और बालश्रम के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले श्री सत्यार्थी ने आज यहां यूनीवार्ता से बातचीत में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/child-trafficking-is-a-major-source-of-black-money-satyarthi/article-343"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/kailash-styarthi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली:</strong> नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बाल तस्करी को कालेधन का बड़ा स्रोत बताते हुए कहा कि इसके जरिये करोड़ों रुपये का खेल चल रहा है लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।<br />
बंधुआ मजदूरी और बालश्रम के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले श्री सत्यार्थी ने आज यहां यूनीवार्ता से बातचीत में कहा कि बालश्रम के नाम पर हजारों कारखानों में लाखों बच्चों से न्यूनतम मजदूरी पर काम करवाया जाता है और कंपनी के मालिक वयस्क मजदूर के अनुसार अपने खाते की पूर्ति करता है।<br />
इसमें करोड़ों रुपये का हेरफेर हो रहा है लेकिन प्रशासनिक अमले का इस तरफ ध्यान नहीं है।  <em>(वार्ता) </em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Nov 2016 07:34:12 +0530</pubDate>
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