<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/nepal-flood/tag-37153" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Nepal flood - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/37153/rss</link>
                <description>Nepal flood RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Nepal flood update: नेपाल में भोटेकोशी का रौद्र रूप, खिलौने की तरह बहा ‘घर’ बाइक</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल में कुदरत का कहर, भोटेकोशी की बाढ़ से बाजार और बिजली परियोजनाएं तबाह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/flash-flood-of-bhotekoshi-river-in-nepal-causes-devastation-from/article-90219"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-08/nepal-flood-update.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>Nepal flood update: काठमांडू:</strong> नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की ओर से अचानक बड़ी मात्रा में पानी आने के बाद <strong>टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया</strong>। कई घरों, बाजारों, वाहनों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं और बिजली ट्रांसमिशन ढांचे पर भी बाढ़ का गंभीर असर पड़ा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सुबह करीब 9 बजे अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर | Nepal flood update</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">रसुवा के जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बुधवार सुबह करीब <strong>9 बजे</strong> अचानक बाढ़ का पानी टिमुरे बाजार क्षेत्र में पहुंचा। जिला प्रशासन को करीब 9:15 बजे तिब्बत की ओर से बड़े पैमाने पर बाढ़ आने की सूचना मिली। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि टिमुरे और आसपास के इलाकों में लोगों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। स्थानीय बाजारों और नदी किनारे बसे इलाकों में पानी घुसने से अफरा-तफरी मच गई।</p>
<h4 style="text-align:justify;">गाड़ियां और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट हुए प्रभावित</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाढ़ ने रसुवागढ़ी कस्टम क्षेत्र को भी प्रभावित किया है, जहां बड़ी संख्या में वाहन और सामान मौजूद था। कई वाहन बाढ़ की चपेट में आ गए। इसके अलावा क्षेत्र में मौजूद हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी भारी नुकसान की खबर है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बाढ़ में बह गया, जबकि <strong>चिलिमे समेत अन्य परियोजनाओं</strong> को भी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से <strong>रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर, चिलिमे हाइड्रोपावर सेंटर, त्रिशूली-3A, त्रिशूली-3B हब 220 KV सब-स्टेशन और त्रिशूली एवं देवघाट हाइड्रोपावर सेंटर</strong> समेत बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन से जुड़े ढांचे प्रभावित हुए हैं। इससे संबंधित क्षेत्रों में बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन व्यवस्था बाधित हुई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तीन पुलिस चौकियों को भी नुकसान</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाढ़ का असर सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। नेपाल पुलिस के मुताबिक रसुवा जिले में <strong>तीन पुलिस कार्यालयों को नुकसान</strong> पहुंचा है। कई सुरक्षाकर्मियों के संपर्क से बाहर होने की भी खबर सामने आई है, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाली सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें सक्रिय कर दी हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हेलीकॉप्टरों से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया है। मेडिकल टीमों के साथ <strong>दो नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर</strong> प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं, जबकि निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी स्टैंडबाय पर रहने का निर्देश दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">नुवाकोट तक पहुंचा बाढ़ का पानी</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भोटेकोशी में आई बाढ़ का असर सिर्फ रसुवा तक सीमित नहीं रहा। बाढ़ का पानी <strong>नुवाकोट</strong> तक पहुंच गया है और त्रिशूली नदी के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी की सूचना है। इसके चलते नुवाकोट और आगे के निचले इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">नेपाल के अधिकारियों ने <strong>रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन</strong> के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। त्रिशूली नदी के किनारे <strong>मुग्लिन तक</strong> हाई अलर्ट की चेतावनी दी गई है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट बना वजह?</h4>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">अचानक आई बाढ़ की वजह को लेकर अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती रिपोर्टों में तिब्बत की ओर से अचानक पानी आने की बात कही गई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में <strong>ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF)</strong> या किसी अन्य प्राकृतिक घटना की आशंका की जांच किए जाने की बात सामने आई है। इसलिए बाढ़ की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सरकार ने बढ़ाई निगरानी</h3>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने राहत, बचाव और नुकसान के आकलन के लिए उच्चस्तरीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय में विशेष बैठक की गई है और प्रभावित इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान तेज किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता <strong>लोगों को सुरक्षित निकालना, नदी किनारे बसे इलाकों को खाली कराना और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना</strong> है। बाढ़ का पूरा नुकसान सामने आने में अभी समय लग सकता है, क्योंकि कई इलाकों में संपर्क और पहुंच प्रभावित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नेपाल में भोटेकोशी नदी की यह अचानक आई बाढ़ एक बड़ी प्राकृतिक आपदा बनकर सामने आई है। बाजार, वाहन, पुलिस चौकियां, हाइड्रोपावर परियोजनाएं और बिजली ढांचा इसकी चपेट में आए हैं। वहीं निचले इलाकों में भी खतरा बना हुआ है, जिसके चलते प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/flash-flood-of-bhotekoshi-river-in-nepal-causes-devastation-from/article-90219</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/flash-flood-of-bhotekoshi-river-in-nepal-causes-devastation-from/article-90219</guid>
                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 12:03:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-08/nepal-flood-update.jpg"                         length="28300"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        