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                <title>न्यायमूर्ति मुनिश्वर नाथ भंडारी मद्रास के मुख्य न्यायाधीश</title>
                                    <description><![CDATA[तीन उच्च न्यायालयों में 16 न्यायाधीश नियुक्त नई दिल्ली (एजेंसी)। न्यायमूर्ति मुनिश्वर नाथ भंडारी को मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। न्यायमूर्ति भंडारी की नियुक्ति के अलावा तीन अन्य उच्च न्यायालयों में 16 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से नियुक्तियों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/justice-munishwar-nath-bhandari-chief-justice-of-madras/article-30713"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/munishwar-nath-bhandari.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">तीन उच्च न्यायालयों में 16 न्यायाधीश नियुक्त</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> न्यायमूर्ति मुनिश्वर नाथ भंडारी को मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। न्यायमूर्ति भंडारी की नियुक्ति के अलावा तीन अन्य उच्च न्यायालयों में 16 न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की ओर से नियुक्तियों से संबंधित अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की गर्इं। अधिसूचनाओं के अनुसार, राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश पर मद्रास के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति भंडारी तथा अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के लिए सबसे अधिक सात, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के छह और उड़ीसा उच्च न्यायालय के लिए तीन न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। सर्वोच्च अदालत की कॉलेजियम की 29 जनवरी 2022 और 14 दिसंबर 2021 को हुई बैठकों में न्यायमूर्ति भंडारी को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए सिफारिश करने संबंधी फैसला लिया गया। न्यायमूर्ति भंडारी वर्तमान में मद्रास उच्च न्यायालय में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश हैं। मद्रास उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी का मेघालय उच्च न्यायालय स्थानांतरण कर दिया गया था।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Feb 2022 11:24:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>5 साल 9 महीने बाद महिला के परिवार वालों को मिला इंसाफ।</title>
                                    <description><![CDATA[हत्यारोपी अब जिंदगी भर जेल में और लगाया 21 हजार का जुर्माना पानीपत (सन्नी कथूरिया)। एडीजे तरुण सिंघल की अदालत में नूरवला मोतीराम कॉलोनी निवासी किरण इन्सा पत्नी राजकुमार की हत्या के मामले में आरोपी सोनू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई वही 22 हजार जुर्माना भी लगाया। इस मामले में शामिल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/after-5-years-9-months-the-family-members-of-the-woman-got-justice/article-27896"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/justice.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">हत्यारोपी अब जिंदगी भर जेल में और लगाया 21 हजार का जुर्माना</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>पानीपत (सन्नी कथूरिया)।</strong> एडीजे तरुण सिंघल की अदालत में नूरवला मोतीराम कॉलोनी निवासी किरण इन्सा पत्नी राजकुमार की हत्या के मामले में आरोपी सोनू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई वही 22 हजार जुर्माना भी लगाया। इस मामले में शामिल दो आरोपियों सन्नी और सलीम को बरी कर दिया गया। जानकारी देते हुए महिला की ओर से वकील सुनील मजोका इंसा ने बताया कि 21 जनवरी 2016 को नूरवाला के मोतीराम कलोनी में रहने वाली किरण के घर पर ही चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। महिला पर लगभग 11 बार चाकू से वार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मृतका के पति राजकुमार की थाना शहर में मामला दर्ज किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मामले में मोतीराम कॉलोनी मैं महिला के पड़ोस में रहने वाले सोनू, सलीम,सन्नी पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर ददी थी। इस मामले में गवाह और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। इस मामले में डीडीए कुलदीप सिंह ने पुलिस की ओर से पक्ष रखा। पुलिस ने इस मामले में प्रयोग किया गया चाकू आरोपी सोनू से बरामद हुआ। खास बात यह कि कोई गवहा नहीं था। घटना के बाद भी पुलिस की तरफ से जुटाए गए खून से लथपथ कपड़े और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू के साथ मजबूती के पक्ष रखने पर हत्यारोपी को सजा दिलाई और महिला के परिवार वालों को इंसाफ मिला<strong>।</strong></p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Oct 2021 15:18:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश बने गुलजार अहमद</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने राष्ट्रपति भवन स्थित इवान-ए-सदर में दिलाई शपथ इस्लामाबाद (एजेंसी)। न्यायमूर्ति गुलजार अहमद ने पाकिस्तान (Pakistan) के 27 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शनिवार को शपथ ली। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने उन्हें यहां राष्ट्रपति भवन स्थित इवान-ए-सदर में न्यायमूर्ति अहमद को शपथ दिलाई। इस समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/gulzar-ahmed-becomes-chief-justice-of-pakistan/article-11903"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/pakistan-new-chief-justice-take-oath.jpg" alt=""></a><br /><h2>राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने राष्ट्रपति भवन स्थित इवान-ए-सदर में दिलाई शपथ</h2>
<p><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> न्यायमूर्ति गुलजार अहमद ने पाकिस्तान <strong>(Pakistan)</strong> के 27 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शनिवार को शपथ ली। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने उन्हें यहां राष्ट्रपति भवन स्थित इवान-ए-सदर में न्यायमूर्ति अहमद को शपथ दिलाई। इस समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी, ​​नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर, संघीय मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति अहमद आसिफ सईद खोसा का स्थान ग्रहण करेंगे।</p>
<h3>न्यायमूर्ति अहमद आसिफ सईद खोसा हुए सेवानिवृत्त Pakistan</h3>
<p>न्यायमूर्ति खोसा देश के शीर्ष न्यायाधीश के रूप में सेवा देने के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। न्यायमूर्ति अहमद का कार्यकाल 21 फरवरी, 2022 तक रहेगा। पाकिस्तान के कानून मंत्रालय ने चार दिसंबर को न्यायमूर्ति अहमद की नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति को अधिसूचित किया था।</p>
<h3>मैंने बिना भेदभाव के फैसले किए : जस्टिस खोसा</h3>
<p>पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा ने कहा कि उन्होंने अब तक बिना किसी डर और भेदभाव के सभी फैसले लिये या किये हैं। खोसा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘मेरे निर्णयों के परिणाम या प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने हमेशा वही किया जो लगा कि सही है।’ उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले विशेष न्यायालय ने राजद्रोह के मामले में जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ के खिलाफ अपना फैसला सुनाए जाने के बाद उनके और न्यायपालिका के खिलाफ डराने वाला अभियान शुरू किया गया था।</p>
<ul>
<li><strong>जस्टिस गुलजार अहमद का जन्म दो फरवरी 1957 को कराची में हुआ </strong></li>
<li><strong>शुरूआती शिक्षा गुलिस्तान स्कूल, कराची से ली। </strong></li>
<li><strong>कराची से एस एम लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की</strong></li>
<li><strong>1988 में हाई कोर्ट और 1991 में सुप्रीम कोर्ट के वकील बने। </strong></li>
<li><strong>वर्ष 1999-2000 के लिए सिंध उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, कराची के मानद सचिव के रूप में चुना।</strong></li>
</ul>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Dec 2019 13:41:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जस्टिस सीकरी ने ठुकराया सरकार का सीएसएटी के सदस्य बनने का ऑफर</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली(एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एके सीकरी ने लंदन स्थित कामनवेल्थ सिकरिट्रिएट आर्बीट्रल ट्रिब्युनल (सीएसएटी) का सदस्य नामित होने के लिए दी गई अपनी सहमति वापस ले ली है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जस्टिस सीकरी ने अपनी सहमति वापस लेते हुए सरकार की संबंधित अथारिटीज से कहा है कि वे इस दिशा में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong> नई दिल्ली(एजेंसी)।</strong> सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एके सीकरी ने लंदन स्थित कामनवेल्थ सिकरिट्रिएट आर्बीट्रल ट्रिब्युनल (सीएसएटी) का सदस्य नामित होने के लिए दी गई अपनी सहमति वापस ले ली है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक जस्टिस सीकरी ने अपनी सहमति वापस लेते हुए सरकार की संबंधित अथारिटीज से कहा है कि वे इस दिशा में आगे कोई प्रक्रिया न करें।</p>
<h2>दिसंबर में ली गई थी जस्टिस सीकरी से सहमति</h2>
<p>सरकार की ओर से दिसंबर के पहले सप्ताह में जस्टिस सीकरी से सहमति ली गई थी। जस्टिस सीकरी मुख्य न्यायाधीश के बाद सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं। सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा को पद से हटाने पर विचार करने वाली तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी में जस्टिस सीकरी भी शामिल थे। उन्हें मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने अपनी जगह कमेटी में नामित किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ सहमति जताते हुए दो एक के बहुमत से वर्मा का सीबीआइ निदेशक पद से तबादला करने का निर्णय दिया था।</p>
<h2>मौखिक तौर पर दी थी सहमति</h2>
<p>जस्टिस सीकरी का मत कमेटी के फैसले में महत्वपूर्ण रहा था क्योंकि कमेटी के तीसरे सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे ने असहमति जताई थी। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक सरकार की ओर से दिसंबर के पहले सप्ताह में जस्टिस सीकरी से संपर्क किया गया और कामनवेल्थ सिकरिट्रिएट आर्बीट्रल ट्रिब्युनल (सीएसएटी) के सदस्य या अध्यक्ष नामित करने के लिए उनकी सहमति मांगी गई थी। जस्टिस सीकरी ने उस समय मौखिक तौर पर अपनी सहमति दे दी थी।</p>
<h2>इस पद के लिए कोई निश्चित मासिक वेतन या भत्ते नहीं मिलता</h2>
<p>बताया जाता है कि जिस सीएसएटी के सदस्य या अध्यक्ष नामित होने के लिए सहमति मांगी गई थी वह कोई नियमित पद नहीं है। इस पद के लिए कोई निश्चित मासिक वेतन या भत्ते नहीं मिलते। इसकी वर्ष भर में दो तीन सुनवाइयां होती हैं। सूत्र बताते है कि जस्टिस सीकरी को उस समय ये सब बातें बताई गईं थीं और तभी उन्होंने अपनी मौखिक स्वीकृति दे दी थी लेकिन उसके बाद सरकार की ओर से कोई सूचना या पत्राचार नहीं हुआ। रविवार को जस्टिस सीकरी ने सक्षम अथारिटी को संपर्क करके अपनी सहमति वापस ले ली और इस संबंध में आगे कोई प्रक्रिया न करने को कहा है।</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/justice-sikri-rejects-governments-proposal-to-become-a-member-of-csat/article-7343</link>
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                <pubDate>Mon, 14 Jan 2019 01:13:44 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आसिफ सईद खोसा  होंगे पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा को पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। कानून मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने बुधवार को न्यायाधीश खोसा की नियुक्ति को स्वीकृति दी ।बयान में कहा गया है कि न्यायाधीश खोसा उच्च्तम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं । […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)।</strong> न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा को पाकिस्तान उच्चतम न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है<strong>। </strong>कानून मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने बुधवार को न्यायाधीश खोसा की नियुक्ति को स्वीकृति दी ।बयान में कहा गया है कि न्यायाधीश खोसा उच्च्तम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं ।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वह 18 जनवरी को मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेंगे ।</h2>
<p style="text-align:justify;">न्यायाधीश खोसा दिसंबर 2016 में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बने थे। इससे पहले उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय में न्यायाधीश की सेवाएं दी ।<br />
पाकिस्तान के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार 17 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jan 2019 13:50:47 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रंजन गोगोई आज लेंगे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay Sharma।  सुप्रीम कोर्ट के सीनियर मुख्य जज रंजन गोगोई अाज देश के 46वें मुख्य जज के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनको सी.जी.आई. के तौर पर शपथ दिलाएंगे। गोगोई का कार्यकाल 13 महीने 12 दिन रहेगा। वह 17 नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 1954 में जन्मे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi-today-sworn-in-as-chief-justice-of-the-supreme-court/article-6101"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/hc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay Sharma। </strong> सुप्रीम कोर्ट के सीनियर मुख्य जज रंजन गोगोई अाज देश के 46वें मुख्य जज के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनको सी.जी.आई. के तौर पर शपथ दिलाएंगे। गोगोई का कार्यकाल 13 महीने 12 दिन रहेगा। वह 17 नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 1954 में जन्मे गोगोई वर्ष 1978 में बार काउंसिल में शामिल हुए थे। इसके बाद, 28 फरवरी, 2001 को उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया। फरवरी, 2011 में वह पंजाब व हरियाणा के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए। उन्हें पदोन्नति देकर अप्रैल, 2012 में सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली और मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर लगाए थे सवालिया निशान</h2>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस रंजन गोगोई उस बैंच में शामिल रहे हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू को सौम्या मर्डर केस पर ब्लॉग लिखने के संबंध में निजी तौर पर अदालत में पेश होने के लिए कहा था। गौरतलब है कि रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। रंजन उन चार जजों में से एक हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली और मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवालिया निशान लगाए थे। इन लोगों ने कहा था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है और चीफ जस्टिस अपने पद का फायदा उठाकर रोस्टर के मामले में मनमानी कर रहे हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Oct 2018 09:14:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों रुपए में तैयार हुई रणजीत सिंह आयोग की​ झुठी रिपोर्ट, रिपोर्ट में केवल सूत्र का ही जिक्र</title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ों खर्च के बावजूद भी झूठी रिपोर्ट, मिले केवल ‘सूत्र’| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal अकालियों को बहस के लिए मिले केवल 14 मिनट| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर (Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal) बहस के लिए अकालियों को केवल 14 […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/justice-ranjit-singh-blamed-on-the-report-of-sukhbir-badal/article-5596"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/sukh.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">करोड़ों खर्च के बावजूद भी झूठी रिपोर्ट, मिले केवल ‘सूत्र’| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal<br />
अकालियों को बहस के लिए मिले केवल 14 मिनट| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">
<strong>चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)।</strong> जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पर <strong>(Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal)</strong> बहस के लिए अकालियों को केवल 14 मिनट मिले। समय कम मिलने से नाराज अकाली दल के विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। सदन की कार्रवाई का वाक आउट करते हुए बाहर आकर अपना अलग से मॉक सेशन शुरू कर दिया। जहां कई प्रस्ताव पास करते हुए जस्टिस रणजीत सिंह व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई।  इस दौरान सैशन में विधायक लखबीर सिंह लोधीनंगल को स्पीकर बनाया गया, जबकि बिक्रम मजीठिया व परमिन्दर ढींडसा से लेकर सुखबीर बादल ने जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट पर बात रखी। उन्होंने इस रिपोर्ट को नकार दिया और झूठी रिपोर्ट को तैयार करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने तक की मांग कर दी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राजनीतिक बदलाखोरी को लेकर बनाई कहानी| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">मॉक सैशन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि विधान सभा में पेश की गई जस्टिस रणजीत सिंह की रिपोर्ट सिखों के साथ धोखा है, क्योंकि इस रिपोर्ट में तो केवल राजनैतिक बदलाखोरी को लेकर ही झूठी कहानी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट को हर किसी ने पढ़ा है, कोई भी एक जगह बता दी जाए जहां यह कहा हो कि यह सबूत है। इस रिपोर्ट में यही कहा गया है कि उन्होंने सुना है या फिर उन्हें किसी ने कहा है। इस रिपोर्ट में किसी के नाम का भी जिक्र नहीं है। इस रिपोर्ट में हिम्मत सिंह व एक अन्य गवाह का जिक्र है। इन दोनों गवाह ने रणजीत सिंह की रिपोर्ट की धज्जियां उड़ाते हुए बयानों को ही झूठ करार दे दिया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जस्टिस को रिपोर्ट तैयार करने का पता ही नहीं| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">सुखबीर बादल ने कहा कि रणजीत सिंह को अपनी ही रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है तभी ही सरकार ने इस रिपोर्ट को सीबीआई को भेजते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह ने डेढ़ साल में करोड़ों रुपए खर्च कर केवल यह बताया कि सूत्रों के द्वारा यह पता चला या फिर वहां यह बातचीत चल रही थी। इस रणजीत सिंह को जस्टिस किसने बना दिया था, जिसे यह भी नहीं पता कि रिपोर्ट कैसे तैयार की जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रिपोर्ट पर खर्च पैसे को ब्याज सहित वसूला जाए| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">
सुखबीर बादल ने कहा इस रिपोर्ट में शिरोमणी अकाली दल के खिलाफ कुछ भी सबूत पेश नहीं किए हैं तो कैसे हवा में ही दोषी बनाया जा रहा है। सुखबीर बादल ने कहा कि यह रिपोर्ट सुखजिन्दर रंधावा के घर में बैठकर तैयार की गई है और जस्टिस रणजीत सिंह ने साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह ने कुछ नहीं किया है और उस पर खर्च किया गया पाई पाई खजाने में ब्याज सहित जमा करवाने के साथ ही रणजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाए।</p>
<h2 style="text-align:left;">मॉक सैशन खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास| Justice Ranjit Singh blamed on Sukhbir Badal</h2>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा की गैलरी में शिरोमणी अकाली दल के मॉक सैशन को लेकर ब्रह्म्म मोहिन्द्रा ने सदन में निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि शिरोमणी अकाली दल के विधायकों द्वारा सदन के बराबर विधानसभा की इमारत में सदन चलाना गलत है और मर्यादा का उल्लंघन किया जा रहा है। ब्रह्म्म मोहिन्द्रा ने इस मॉक सैशन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करते हुए पास करवाया।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/justice-ranjit-singh-blamed-on-the-report-of-sukhbir-badal/article-5596</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Aug 2018 20:53:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आपत्तियां  खारिज, आज तीसरे नंबर पर ही शपथ लेंगे जस्टिस जोसफ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ तमाम विवादों के मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए तीन जजों की लिस्ट में जस्टिस जोसेफ का नाम तीसरे नंबर पर है। इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ। सुप्रीम कोर्ट के कुछ […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/objections-rejected-justice-joseph-today-will-swear-at-number-three/article-5203"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/km-josaf.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ तमाम विवादों के मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए तीन जजों की लिस्ट में जस्टिस जोसेफ का नाम तीसरे नंबर पर है। इस मामले को लेकर काफी विवाद हुआ। सुप्रीम कोर्ट के कुछ जजों का मानना था कि केंद्र ने पदोन्नति में उनकी वरिष्ठता को कम कर दिया है। हालांकि सरकार ने साफ किया कि वह इस मामले में नियमों के अनुसार ही काम कर रही है और वरिष्ठता तथा परंपरा के अनुसार ही नोटिफिकेशन जारी किया गया है।</div>
<h2 style="text-align:justify;">सीजेआई से मिले थे जज, सरकार ने साफ किया स्टैंड</h2>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठता उल्लंघन के मसले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल से सोमवार दोपहर मुलाकात की थी और उन्हें इसपर जस्टिस कुरियन जोसफ की आपत्तियों से अवगत कराया था। फिर इस मामले को कानून मंत्री के रविशंकर प्रसाद के सामने भी रखा गया था। सूत्रों के अनुसार प्रसाद ने साफ-साफ कहा कि सरकार ने नियमों के तहत ही यह फैसला किया है और वरिष्ठता तथा परंपरा का पालन किया है।</div>
<h2 style="text-align:justify;">शपथग्रहण कार्यक्रम की अधिसूचना जारी</h2>
<div style="text-align:justify;">दूसरी ओर, चीफ जस्टिस मिश्रा ने आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाले शपथ ग्रहण कार्यक्रम की अधिसूचना जारी कर दी, जिसमें जस्टिस केएम जोसेफ को जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस विनीत सरन के बाद दर्शाया गया है। चीफ जस्टिस मंगलवार को जस्टिस जोसेफ के अलावा जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस विनित सरन को शपथ दिलवाएंगे। अगर जस्टिस जोसेफ तीसरे नंबर पर शपथ लेते हैं तो वह तीनों में सबसे जूनियर होंगे। ऐसी व्यवस्था है कि सरकार जिस ऑर्डर में जजों के नाम नोटिफाई करती है, उसी के अनुरूप चीफ जस्टिस उन्हें शपथ दिलाते हैं।</div>
<h2 style="text-align:justify;">लोक सभा में उठा मामला</h2>
<div style="text-align:justify;">कांग्रेस ने सोमवार को लोकसभा में बिना कोई नाम लिए सरकार पर मनमाने ढंग से जजों की नियुक्ति का आरोप लगाया। केरल से कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शून्य काल में कहा कि सरकार कलीजियम की सिफारिशों की अनेदखी कर अपने तरीके से काम करना चाहती है। चार महीने पहले कलीजियम ने एक जज के नाम की सिफारिश की थी, जो सरकार ने खारिज कर दी थी। दोबारा उनके नाम का प्रस्ताव आने पर उन्हें स्वीकृति दी गई। सरकार को सफाई देनी चाहिए कि इस जज के मामले में ऐसा क्यों हुआ?</div>
<div style="text-align:justify;"></div>
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<div></div>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Aug 2018 09:18:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंदसौर की निर्भया मांगे इंसाफ, उबला हिंदूस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले, दोषियों को बख्शेंगे नहीं कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग इंदौर (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में 7 साल की मासूम बच्ची के साथ ‘निर्भया’ जैसी हैवानियत के आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी प्लानिंग की थी और लंबे समय तक स्कूल के मासूम बच्चों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/mandsaurs-nirbhaya-demands-justice-india-boils/article-4584"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/mandsaur-nirbhaya-demands-justice.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले, दोषियों को बख्शेंगे नहीं</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>इंदौर (एजेंसी)। </strong>मध्य प्रदेश के मंदसौर में 7 साल की मासूम बच्ची के साथ ‘निर्भया’ जैसी हैवानियत के आरोपियों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी प्लानिंग की थी और लंबे समय तक स्कूल के मासूम बच्चों पर नजर रखी थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने जानबूझकर उस बच्ची को चुना जो कम उम्र की हो और रेप का विरोध न कर सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दरिंदों को लटका…</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बीच गैंगरेप की इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया है। हजारों लोग आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंदसौर में बच्ची फिलहाल आईसीयू में भर्ती है। इस मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंदसौर जिले में एक मासूम बालिका के साथ दरिंदगी और सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना और भोपाल के पास एक किसान को जिंदा जलाकर मारने की घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बालिका की स्थिति में सुधार</h3>
<p style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश के मंदसौर में दुष्कर्म का शिकार हुई बालिका का यहां इलाज चल रहा है और उसके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार बालिका की स्थिति अब पहले से बेहतर है। चिकित्सकों का दल उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। एमवाय अस्पताल में बालिका का इलाज चल रहा है। कलेक्टर निशांत वरबड़े ने पत्रकारों को बताया कि प्रशासन भी बालिका की स्थिति पर नजर रखे हुए है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बच्चों की सुरक्षा के लिए सब मिलकर लड़ें: राहुल</h3>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के मंदसौर में आठ साल की बालिका के साथ की गयी क्रूरता पर गहरा दुख जताते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए सबको एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है। गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ‘ मध्य प्रदेश के मंदसौर में आठ साल की बालिका का अपहरण करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और वह जीवन तथा मौत से जूझ रही है। इस बालिका के साथ की गयी क्रूरता ने मुझे आहत किया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jun 2018 21:08:54 +0530</pubDate>
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                <title>जस्टिस चेलमेश्वर आज होंगे रिटायर</title>
                                    <description><![CDATA[जस्टिस जे चेलमेश्वर 7 साल सुप्रीम कोर्ट में रहे हैं जज   नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के बाद सुप्रीम कोर्ट में दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस जे चेलमेश्वर आज रिटायर हो रहे हैं। जस्टिस जे चेलमेश्वर 7 साल सुप्रीम कोर्ट में जज रहे। उन्होंने इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के साथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/justice-chelleshwar-retires-today/article-4388"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/jkj-copy-2.jpg" alt=""></a><br /><h1>जस्टिस जे चेलमेश्वर 7 साल सुप्रीम कोर्ट में रहे हैं जज</h1>
<p> </p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong></p>
<p>चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के बाद सुप्रीम कोर्ट में दूसरे सबसे वरिष्ठ जज जस्टिस जे चेलमेश्वर आज रिटायर हो रहे हैं। जस्टिस जे चेलमेश्वर 7 साल सुप्रीम कोर्ट में जज रहे। उन्होंने इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के साथ मिलकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज पर सवाल उठाए थे। इसके बाद वे 18 मई को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) की ओर से दिए गए विदाई समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे।</p>
<p>जस्टिस चेलमेश्वर ने जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के साथ 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था, “लोकतंत्र दांव पर है। इसे ठीक नहीं किया तो सब खत्म हो जाएगा।”</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Jun 2018 14:54:04 +0530</pubDate>
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                <title>मौड़ बम धमाका: इन्साफ के लिए भटक रहे पीड़ित परिवार</title>
                                    <description><![CDATA[छ: माह बीत जाने के बाद भी नहीं किए वायदे पूरे तीन बच्चों सहित छह जनों की हुई थी मौत घायल अंकुश दो माह बाद हार गया था जिंदगी की जंग भटिंडा(अशोक वर्मा)। बीती विधान सभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार की समाप्ति से पहले मौड़ मंडी में हुए बम धमाके में मारे गए बच्चों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/maur-bomb-blast-victim-families-wandering-for-justice/article-1991"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/blast-case.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">छ: माह बीत जाने के बाद भी नहीं किए वायदे पूरे</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>तीन बच्चों सहित छह जनों की हुई थी मौत</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>घायल अंकुश दो माह बाद हार गया था जिंदगी की जंग</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा(अशोक वर्मा)।</strong> बीती विधान सभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार की समाप्ति से पहले मौड़ मंडी में हुए बम धमाके में मारे गए बच्चों के परिवारों को इन्साफ के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन परिवारों के एक सदस्य को नौकरी देने का वायदा डिप्टी कमिश्नर भटिंडा ने उस वक्त किया था जब दो माह बाद मौत के मुंह में जा समाए बच्चे सौरव सिंगला का परिवार व सार्वजनिक पक्षों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। पीड़ित परिवारों का दर्द है कि छह माह बाद भी पुलिस इस मामले को सुलझा नहीं सकी और न ही उनके साथ किए वायदों को पूरा किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन धमाकों दौरान तीन बच्चों सहित छह जनों की मौत हो गई थी, जबकि घायल हुआ बच्चा अंकुश दो माह बाद जिंदगी की जंग हार गया था। मौड़ मंडी में राकेश कुमार की किरयाणा की छोटी सी दुकान है परंतु उसके दुखों का पहाड़ सबसे बड़ा है। चुनावी हिंसा की आग में राकेश कुमार का सातवीं कक्षा में पढ़ता पुत्र सौरव सिंगला जल गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परिवार को अब भी अपने पुत्र के आने का इंतजार है। इसी तरह खुशदीप सिंह के घर का चिराग सदा के लिए बुझ गया। नौवीं कक्षा में पढ़ता जपसिमरन सिंह इस धमाके में दुनिया से विदा हो गया परिवार में पीछे जपसिमरन की छोटी बहन बची है। जपसिमरन के दादा डॉक्टर बलबीर सिंह ने भरे मन से कहा कि पंजाब चुनाव में कोई भी पक्ष जीता हो परंतु उन्होंने जंग हार दी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">परिवारों का न खत्म होने वाला इंतजार शुरू</h2>
<p style="text-align:justify;">सामाजिक कार्यकर्ता राकेश नरूला का कहना था कि इस बम धमाके में जान गवाने वाले बच्चों के मां-बाप के अरमान राख हो गए हैं और परिवारों का न खत्म होने वाला इंतजार शुरू हो गया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जल्द होंगे मामले हल: डिप्टी कमिश्नर</h2>
<p style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर भटिंडा दिपारवा लाकड़ा का कहना था कि दो पीड़ित परिवारों को नौकरी देने की मंजूरी मिल गई है जिनको जल्द ही नियुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाकी पांच बच्चों का केस सरकार के पास भेजा हुआ है। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में मसला हल कर लिया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अब बची है तो यादों की पिटारी</h2>
<p style="text-align:justify;">धमाके में मारे गए अंकुश के परिवार के साथ भी ऐसी ही घटना घटित हुई है। अंकुश सहित मौड़ धमाके में मौत के मुंह में जा समाए चारों बच्चों की दोस्ती थी जोकि जिंदगी की पगडंडियों पर चलने से पहले ही विदा हो गए। गांव संदोहा का चौथी कक्षा में पढ़ता रिपनदीप सिंह भी इन दोस्तों के साथ दोस्ती निभाने का वायदा पूरा कर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपनदीप सिंह के होश संभालने से पहले ही उसके पिता इस जहान से चल बसे तो पुत्र के हौसले के साथ मां ने अपने स्वामी की तस्वीर संभाल ली। अब इस दुखी मां के पास दो तस्वीरें हो गई हैं जिनकी याद उससे बर्दाश्त नहीं होती । यह बच्चे घटना वाली जगह के नजदीक गली की नुक्कड़ पर खेल रहे थे परंतु बम धमाके ने उनकी खेल को ऐसा बिगड़ा कि अब पीछे परिवारों के पास दुखों की गठरी और यादों की पिटारी बची है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2017 00:22:00 +0530</pubDate>
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