<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/houthis/tag-37563" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Houthis - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/37563/rss</link>
                <description>Houthis RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Israel vs Houthis: इजरायल और हूती आमने-सामने आए तो क्या होगा? मिसाइल, ड्रोन और एयर डिफेंस से तय होगी जंग की दिशा</title>
                                    <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती समूह और इजरायल के बीच संभावित सीधे टकराव की चर्चा तेज हो गई है। हालिया घटनाक्रम में हूती गुट ने सऊदी अरब और क्षेत्र में मौजूद अन्य ठिकानों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/what-will-happen-if-israel-and-houthi-come-face-to/article-91263"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/israel-vs-houthis.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यमन के हूती समूह और इजरायल के बीच संभावित सीधे टकराव की चर्चा तेज हो गई है। हालिया घटनाक्रम में हूती गुट ने सऊदी अरब और क्षेत्र में मौजूद अन्य ठिकानों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। वहीं इजरायल पहले से ही यमन से आने वाले बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से निपटने के लिए अपने बहुस्तरीय एयर डिफेंस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर दोनों के बीच सीधा सैन्य संघर्ष होता है तो दोनों की ताकत क्या होगी?</p>
<h4 style="text-align:justify;">इजरायल की बड़ी ताकत उसका एयर डिफेंस</h4>
<p style="text-align:justify;">इजरायल के पास बहुस्तरीय एयर और मिसाइल डिफेंस नेटवर्क है। इसमें आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो-2 व एरो-3 जैसे सिस्टम शामिल हैं। खास तौर पर एरो सिस्टम लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इजरायल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एरो सिस्टम ने पिछले तीन वर्षों में ईरान और यमन से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। अगस्त 2026 में इजरायल ने एरो सिस्टम का नया परीक्षण भी किया और बताया कि सिस्टम ने ईरान और यमन से आने वाले बैलिस्टिक खतरों के खिलाफ अपनी क्षमता प्रदर्शित की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा इजरायल के पास आधुनिक लड़ाकू विमान, ड्रोन, खुफिया निगरानी और लंबी दूरी तक सैन्य कार्रवाई करने की क्षमता है। यही वजह है कि संभावित संघर्ष में इजरायल की रणनीति केवल मिसाइलों को रोकने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि वह यमन में लॉन्च साइट, हथियार भंडार और कमांड नेटवर्क को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हूती के पास भी लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन</h4>
<p style="text-align:justify;">हूती नियमित राष्ट्रीय सेना नहीं हैं, लेकिन पिछले वर्षों में उन्होंने अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमता में काफी विस्तार किया है। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का अनुमान है कि हूती के पास 100 से 200 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में हूती के कुछ मिसाइल सिस्टम की अनुमानित क्षमता 1,500 से 2,000 किलोमीटर तक बताई गई है। उनके पास क्रूज मिसाइल, एंटी-शिप हथियार और लंबी दूरी के ड्रोन भी हैं। कुछ ड्रोन मॉडल की अनुमानित रेंज 2,500 किलोमीटर तक बताई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस क्षमता का मतलब है कि भौगोलिक दूरी हूती के लिए पूरी तरह सुरक्षा कवच नहीं है। वे यमन से काफी दूर मौजूद ठिकानों को भी मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश कर सकते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">हूती की ताकत सिर्फ हथियारों में नहीं</h4>
<p style="text-align:justify;">हूती की सैन्य क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनका असममित युद्ध का तरीका है। उनके पास इजरायल जैसी आधुनिक एयरफोर्स या बड़ी संख्या में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान नहीं हैं, लेकिन वे मिसाइल, ड्रोन, समुद्री हथियार और जमीन आधारित लॉन्च सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यमन के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में हथियारों और लड़ाकों को फैलाकर रखना किसी भी विरोधी के लिए उन्हें पूरी तरह खत्म करना मुश्किल बना सकता है। इसके अलावा हूती की मौजूदगी बाब-अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र के आसपास भी रणनीतिक महत्व रखती है। हालिया संघर्ष में लाल सागर के समुद्री मार्ग और ऊर्जा ढांचे को लेकर भी चिंता बढ़ी है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">अगर इजरायल और हूती आमने-सामने आए तो?</h4>
<p style="text-align:justify;">संभावित टकराव पारंपरिक युद्ध से अलग होगा। इजरायल के पास आधुनिक एयरफोर्स, लंबी दूरी की खुफिया निगरानी और बहुस्तरीय मिसाइल डिफेंस है। दूसरी ओर, हूती अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों, ड्रोन और असममित युद्ध रणनीति पर निर्भर कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में इजरायल संभावित रूप से हूती के मिसाइल लॉन्च साइट, हथियारों के भंडार, कमांड सेंटर और ड्रोन संचालन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश करेगा। हूती इसके जवाब में इजरायल की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रख सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संघर्ष का एक अहम पहलू यह भी होगा कि मिसाइल हमलों की संख्या और गति के मुकाबले इजरायल के पास उपलब्ध इंटरसेप्टर कितने हैं। सऊदी अरब के मामले में हालिया रिपोर्टों ने भी इंटरसेप्टर की उपलब्धता पर दबाव की बात कही है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">जंग का असर सिर्फ इजरायल और यमन तक सीमित नहीं रहेगा</h4>
<p style="text-align:justify;">अगर दोनों के बीच सीधा संघर्ष बढ़ता है, तो इसका असर लाल सागर, बाब-अल-मंदेब और क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे पर भी पड़ सकता है। हूती पहले ही समुद्री मार्गों और क्षेत्रीय ऊर्जा हितों को निशाना बनाने की क्षमता दिखा चुके हैं। इसलिए संभावित इजरायल-हूती टकराव को केवल दो पक्षों की सैन्य भिड़ंत के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। इसमें मिसाइल डिफेंस, ड्रोन युद्ध, खुफिया जानकारी, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/what-will-happen-if-israel-and-houthi-come-face-to/article-91263</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/what-will-happen-if-israel-and-houthi-come-face-to/article-91263</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Sep 2026 15:43:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2026-09/israel-vs-houthis.jpeg"                         length="26461"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sarvesh Kumar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        