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                <title>G20 - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>जी20 के बाद भारत के नेतृत्व महत्व से संयुक्त राष्ट्र में मिल सकती है स्थाई सीट: गासेर्टी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गासेर्टी ने कहा कि चीन के बाधक होने के बावजूद जी 20 शिखर सम्मेलन के बाद मेजबान देश के नेतृत्व महत्व को देखते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सीट हासिल करने में मदद मिल सकती हैं। गासेर्टी ने आज बताया कि अमेरिका भारत की इच्छा का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indias-leadership-after-g20-can-lead-to-permanent-seat-in-united-nations-gasterti/article-51636"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/new-delhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गासेर्टी ने कहा कि चीन के बाधक होने के बावजूद जी 20 शिखर सम्मेलन के बाद मेजबान देश के नेतृत्व महत्व को देखते हुए उसे संयुक्त राष्ट्र की स्थायी सीट हासिल करने में मदद मिल सकती हैं। गासेर्टी ने आज बताया कि अमेरिका भारत की इच्छा का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार का पुरजोर समर्थन करता है। उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र के नियम के तहत और हम अधिक से अधिक वोट पाने के प्रयास में भारत का बहुत समर्थन करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से, दुर्भाग्य से, यह किसी अन्य देश (चीन) की आपत्ति है, न कि अमेरिका की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि जी20 के बाद अधिक देश देखेंगे कि भारत का नेतृत्व कितना महत्वपूर्ण है और मुझे उम्मीद है कि इससे भारत के अधिक से अधिक समर्थकों को लाने के अभियान में मदद मिलेगी और जल्द ही एक दिन हम अंतत: फलित होते हुए देखने में सक्षम होंगे। उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के पांच स्थायी सदस्यों में से चीन एकमात्र देश है जो संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च संस्था में भारत के प्रवेश का विरोध कर रहा है।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 27 Aug 2023 10:36:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Terrorist Sajid Mir: पाकिस्तानी आतंकवादी साजिद मीर का मददगार बना चीन</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने लश्कर आतंकवादी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोका बीजिंग (एजेंसी)।Terrorist Sajid Mir: चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। आतंकवादी साजिद मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमलों में शामिल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/china-became-a-helper-of-pakistani-terrorist-sajid-mir/article-49083"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/sajid-mir.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">चीन ने लश्कर आतंकवादी से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को रोका</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बीजिंग (एजेंसी)।</strong>Terrorist Sajid Mir: चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को रोक दिया है। आतंकवादी साजिद मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमलों में शामिल था और वैश्विक स्तर पर वांछित है। mumbai attack</p>
<h4 style="text-align:justify;">क्या है मामला | Sajid Mir</h4>
<p style="text-align:justify;">चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में साजिद मीर को काली सूची में डालने और उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध तथा हथियार प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए और भारत द्वारा सहमति जताए जाने के प्रस्ताव को रोक दिया। पिछले साल सिंतबर में चीन ने संयुक्त राष्ट्र में साजिद मीर को आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर अडंगा लगा दिया था। अब चीन ने अमेरिका के प्रस्ताव को भी रोक दिया है। साजिद मीर भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक है और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका ने उस पर 50 लाख अमरीकी डालर का इनाम रखा गया है। Sajid Mir</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल जून में साजिद मीर को पाकिस्तान में एक आंतकवाद निरोधी अदालत ने आंतक और वित्त पोषण के मामले में 15 साल से अधिक की सजा सुनायी थी। पाकिस्तान के अधिकारियों ने हालांकि पूर्व में दावा किया था कि साजिद मीर की मौत हो गयी थी, लेकिन पश्चिमी देशों ने उसके मौत के प्रमाण मांगे हैं। Sajid Mir</p>
<p style="text-align:justify;">साजिद मीर (Sajid Mir) पाकिस्तान स्थित लश्कर का एक वरिष्ठ सदस्य है और नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल होने के लिए वांछित है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि साजिद मीर हमलों के लिए लश्कर का संचालन प्रबंधक था, जो उनकी योजना, तैयारी और निष्पादन में अग्रणी भूमिका निभाता था। चीन पाकिस्तान का एक मित्र देश है1 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को काली सूची में डालने के लिए बार-बार चीन इस पर रोक लगाता रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 15:39:33 +0530</pubDate>
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                <title>शिक्षा मंत्रालय अमृतसर में दूसरी जी20 एडडब्ल्यूजी बैठक की मेजबानी करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमृतसर। (सच कहूँ न्यूज) पंजाब-शिक्षा मंत्रालय 15 से 17 मार्च 2023 तक अमृतसर, पंजाब में दूसरी एजुकेशन वर्किंग ग्रुप (EdWG) की बैठक की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस कार्यक्रम में 28 G20 सदस्य देशों, अतिथि देशों और आमंत्रित संगठनों की भागीदारी देखी जाएगी। जैसे ओईसीडी, यूनेस्को और यूनिसेफ तीन दिवसीय आयोजन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/ministry-of-education-to-host-2nd-g20-meeting-in-amritsar/article-44572"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/amritsar-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर। (सच कहूँ न्यूज)</strong> पंजाब-शिक्षा मंत्रालय 15 से 17 मार्च 2023 तक अमृतसर, पंजाब में दूसरी एजुकेशन वर्किंग ग्रुप (EdWG) की बैठक की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस कार्यक्रम में 28 G20 सदस्य देशों, अतिथि देशों और आमंत्रित संगठनों की भागीदारी देखी जाएगी। जैसे ओईसीडी, यूनेस्को और यूनिसेफ तीन दिवसीय आयोजन में एक संगोष्ठी/प्रदर्शनी और कार्यकारी समूह की बैठकें शामिल होंगी। अन्य प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों के सहयोग से आईआईटी रोपड़ द्वारा खालसा कॉलेज में ‘अनुसंधान को मजबूत करने और समृद्ध सहयोग के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने’ पर सेमिनार आयोजित किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="मीटर रीडर 4000 रु रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार" href="http://10.0.0.122:1245/meter-reader-arrested-for-taking-rs-4000-bribe/">मीटर रीडर 4000 रु रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार</a></p>
<p style="text-align:justify;">ये बैठकें चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों – मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता, तकनीक-सक्षम शिक्षण, क्षमता निर्माण, और अनुसंधान और नवाचार को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच प्रदान करेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">G20 बैठक से पहले आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करने वाले शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा सचिव श्री के. संजय मूर्ति ने आयोजन के बारे में बात करते हुए कहा, “एडडब्ल्यूजी बैठकें भाग लेने वाले देशों और संगठनों को शैक्षिक सहयोग को मजबूत करने और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेंगी। हम चार एडडब्ल्यूजी बैठकों के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो कई शैक्षिक और रोजगार के अवसरों के विकास के लिए एक दिशानिर्देश के रूप में काम करेंगे।”</p>
<p style="text-align:justify;">एडडब्ल्यूजी बैठकों की अध्यक्षता के. संजय मूर्ति करेंगे और संजय कुमार और अतुल कुमार तिवारी वैकल्पिक अध्यक्ष होंगे। बैठक और संगोष्ठी में 28 देशों के 55 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम में उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्ट-अप पहलों की भागीदारी के साथ एक मल्टीमीडिया प्रदर्शनी भी शामिल होगी। प्रदर्शनी 16 से 17 मार्च 2023 तक स्थानीय संस्थानों, छात्रों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के लिए खुली रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिनिधियों को एडडब्ल्यूजी बैठकों के भ्रमण घटक के रूप में स्वर्ण मंदिर जाने का अवसर भी मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कार्यक्रम जी20 बैठकों के साथ-साथ योजनाबद्ध विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से पंजाब की जीवंत संस्कृति को उजागर करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतिम मंत्रिस्तरीय बैठक में साझा किए जाने वाले अंतिम घोषणा दस्तावेज का मसौदा तैयार करने के लिए चार एडडब्ल्यूजी बैठकों के परिणाम आवश्यक होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्रालय बेहतर भविष्य के लिए नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए जी20 सदस्य देशों, अतिथि देशों और आमंत्रित संगठनों के बीच शैक्षिक सहयोग और सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 19:02:47 +0530</pubDate>
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                <title>जी-20 सम्मेलन से एक दिन पहले आतंकी पन्नू की धमकी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। आतंकी गुरपवंत सिंह पन्नू ने जी-20 सम्मेलन से एक दिन पहले फिर धमकी भरा वीडियो भेजा है। वीडियो में आतंकी पन्नू ने बठिंडा के गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट की तरफ जाने वाली रेलवे लाइनों को उखाड़ने की बात कह रहा है। आपको बता दें कि 15 मार्च से 19 मार्च को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/terrorist-pannu-threat-a-day-before-g20-conference/article-44551"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-03/g20-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> आतंकी गुरपवंत सिंह पन्नू ने जी-20 सम्मेलन से एक दिन पहले फिर धमकी भरा वीडियो भेजा है। वीडियो में आतंकी पन्नू ने बठिंडा के गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट की तरफ जाने वाली रेलवे लाइनों को उखाड़ने की बात कह रहा है। आपको बता दें कि 15 मार्च से 19 मार्च को बठिंडा अमृतसर रूट पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Mar 2023 14:45:02 +0530</pubDate>
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                <title>अस्तित्व के लिए संघर्ष जारी</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/struggle-for-existence-continues/article-43987"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-02/g201.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>(सच कहूँ न्यूज)</strong> जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुंह से यह सुनते हुए प्रसन्नता हुई कि यद्यपि इतिहास में मानवता हमेशा अभाव में जीती रही है, हम सीमित संसाधनों के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि हमारा अस्तित्व अन्य लोगों को उन संसाधनों से वंचित करने पर निर्भर रहा। विचारों, विचारधाराओं और पहचान के बीच टकराव तथा प्रतिस्पर्धा आम बात बन गई है। दुर्भाग्यवश आज भी हम इसी मानसिकता से जकडे हुए हैं। हमने देखा है कि विभिन्न देश प्रादेशिक भूभाग और संसाधनों के लिए लड़ते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="ब्रिटेन में आलू, टमाटर, खीरे का संकट" href="http://10.0.0.122:1245/potato-tomato-cucumber-crisis-in-britain/">ब्रिटेन में आलू, टमाटर, खीरे का संकट</a></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज हमारे पास विश्व के सभी लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त उत्पादन करने के साधन हैं और अस्तित्व के लिए संधर्ष करने की आवश्यकता नहीं है। यह टिप्पणी सैद्धांतिक रूप से सही लगती है किंतु व्यावहारिक रूप से सही नहीं है क्योंकि विकासशील देशों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया जा रहा है और इन देशों में भुखमरी से मौतें आम बात है। भारत में भी लोगों को अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि देश में व्यापक गरीबी है और लोग कुपोषण तथा भुखमरी के शिकार बन रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की विभिन्न रिपोर्ट इस तथ्य को बताती हैं। विश्व के सभी देशों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन किया जा रहा है। इस संबंध में विकास के संबंध में आप महात्मा गांधी की बुनियादी आवश्यकताओं के दृष्टिकोण को उद्धृत कर सकते हैं जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि विकास से निर्धनतम लोगों के लिए पर्याप्त भोजन और न्यूतनम जीवन स्तर निश्चित होना चाहिए। दुर्भाग्यवश आर्थिक उदारीकरण के कारण भारत में मध्यम वर्ग का विस्तार हुआ किंतु वह गरीब तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान में विफल रहा क्योंकि आत्मनिर्भरता, जमीनी स्तर पर विकास तथा ग्रामीणोन्मुखी दृष्टिकोण का अनुसरण नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्ववती सरकारों की तरह मोदी का यह सुखाभास देश में विकास की तस्वीर के अनुरूप नहीं है क्योंकि राजग सरकार अमीर लोगों की पक्षधर लगती है। भाषण बड़े उत्साहवर्धक होते हैं किंतु जमीनी स्तर पर गरीबों की दशा में सुधार नहीं दिखाई देता है। वर्तमान बजट में भी ग्रामीण क्षेत्र के लिए संसाधनों के आवंटन में कमी इस बात का प्रमाण है। सरकार गरीब और अमीर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तथा संगठित क्षेत्र के कामगारों के बीच बढ़ती विषमता को नजरंदाज कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्रत्री द्वारा एक और बिंदु पर बल दिया गया? कुछ लोग कह सकते हैं कि टकराव और लालच मानव प्रकृति है किंतु उन्होनें इस सोच का विरोध किया। अपने विचार के समर्थन में उन्होंने मानव जाति द्वारा लाई गई आध्यात्मिक परंपराओं का उल्लेख किया। अनेक भारतीय राजनेता अंतर-राज्य विवादों के समाधान के लिए हिसां या युद्ध का मार्ग अपनाने की बजाय कूटनीति, वार्ता और बातचीत का रास्ता अपनाने पर बल देते हैं। किंतु मोदी ने विभिन्न देशों के बीच युद्ध के कारणों के संबध में अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि अतीत में जो युद्ध के कारण थे वे प्रौद्योगिकी विकास के कारण अब लागू नहीं होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह वास्तव में एक प्रशंसनीय टिप्पणी है किंतु दूसरी ओर उनकी सरकार ने रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण की आलोचना नहीं की है। शायद भारत द्वारा इस संबंध में साहसिक रूख न अपनाने के मार्ग में आर्थिक कारक आड़े आए। उल्लेखनीय है कि आर्थिक कारकों के अलावा ऐतिहासिक भूलों को दूर करने की इच्छा भी एक महत्वपूर्ण कारण रहा है। समानता की राजनीतिक स्वीकृति के बावजूद उत्कृष्टता की सामाजिक धारणा को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है और इसके कारण ही विभिन्न देशों के बीच टकराव होता है। भारत में यह प्रवृति वर्तमान में दिखाई दे रही है क्योंकि वर्तमान सरकार इतिहास को पुन: लिखने की प्रक्रिया में है तथा मुगलों के गलत कार्यों को सुधारना चाहती है जिसके चलते विभिन्न समुदायों विशेषकर हिन्दू और मुसलमानों के बीच हिंसा हो रही है और इससे हमारा सामाजिक ताना-बाना तथा जीवन प्रभावित हुआ है और विकास की प्रक्रिया बाधित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जाति वोट प्राप्त करने के लिए राजनीतिक दलों के लिए हमेशा एक महत्वपूर्ण कारक रहा है और अब वर्तमान शासक राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दोहन कर रहा है। यह भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष तथा विकासशील देश के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वर्तमान रणनीति जमीनी स्तर पर विकास के लिए हानिकर है और इससे समाज का निर्धनतम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि ग्राम सभाओं जैसे जमीनी स्तर से जुड़ी संस्थाओं में सभी वर्गों की आवाज नहीं सुनी जाती है। बहुसंख्यक, जो अधिकतर उच्च जाति के होते हैं, वे इन समुदायों को दबाना चाहते हैं और उनकी वास्तविक मांगों को नजरंदाज करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए अति राष्ट्रवाद और अन्य विचारधाराएं निरर्थक हैं। ऐसी स्थिति में हालांकि हमारे राजनेता देश की उपलब्धियों की बातें करते हैं किंतु गरीब और हाशिए पर गए समुदायों के उत्थान के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। इस संबंध में प्रोफेसर रणवीर समादार की हाल में प्रकाशित पुस्तक का उल्लेख करना आवश्यक है जिसमें कहा गया है कि परिवार धार्मिक समुदायों, सगे संबंधियों और कार्य स्थल पर एकजुटता का वर्तमान नेटवर्क कमजोर हुआ है, राज्य का हस्तक्षेप कम हुआ है और इसका मुख्य कारण वैश्वीकरण के चलते अर्थव्यवस्था का वित्तीयकरण बढ़ा है और इसलिए गरीब और अमीर के बीच विषमता अत्यधिक बढ़ी है और सरकार की नीति में बदलाव न होने के कारण आगामी वर्षों में यह और बढ़ेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">तथापि इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता है कि सरकार के विभिन्न उपायों से मध्यम वर्ग लाभान्वित हुआ है। किंतु गरीब तथा विशेषकर देश के पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मोदी सरकार के दौरान अमीर और शक्तिशाली वर्ग को अधिक लाभ हुआ है और इसका उदाहरण गौतम अदानी हैं और उनसे जुड़ा हाल का विवाद इस बात का प्रमाण है कि किस प्रकार ऐसे उद्योगपतियों को सरकार से लाभ मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">हाल के वर्षों में संपूर्ण देश में भ्रष्टाचार बढ़ा है और इससे जुड़े लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बड़े राजनीतिक दलों और राजनेताओं से जुड़े रहे हैं। अर्थशास्त्री इसे क्रोनी पूंजीवाद और जमीनी स्तर पर लोगों के बारे में सोचे बिना देश के विकास के लिए भौतिकवाद के पश्चिमी मॉडल का अनुसरण कहते हैं। समाज को मूल्य प्रणाली चला रही है तथा युवा पीढ़ी का एक अनिश्चित भविष्य है। रोजगार का अभाव, बिगड़ता सामाजिक वातावरण, समाज में भ्रष्टाचार, हिन्दू राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना आदि ने स्थिति को और उलझाया है। देश की अधिक जनसंख्या विकास के लिए एक चुनौती है किंतु सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि किस तरह गरीब लोगों को जीवन और कार्यकलापों की मुख्यधारा में लाया जाए और इस संबंध में बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है।<br />
­                                     <strong>धुर्जति मुखर्जी वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>
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                                            <category>विचार</category>
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                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 09:58:57 +0530</pubDate>
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                <title>वैश्विक संबंधों को पुनर्निर्धारित करने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[दिसंबर में भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलने के बाद भारतीय राजनीति और सरकार जी-20 के सदस्य देशों के साथ अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। पूरे वर्ष देश भर में ऐसे कार्यक्रम और समारोह आयोजित किए जाएंगे जो विभिन्न क्षेत्रों में भारत की परिसंपत्तियों का प्रदर्शन करे ताकि विश्व समुदाय का […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indian-politics-and-government-planning-to-organize-many-events-with-g-20-member-countries/article-43006"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-02/g20.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिसंबर में भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलने के बाद भारतीय राजनीति और सरकार जी-20 के सदस्य देशों के साथ अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है। पूरे वर्ष देश भर में ऐसे कार्यक्रम और समारोह आयोजित किए जाएंगे जो विभिन्न क्षेत्रों में भारत की परिसंपत्तियों का प्रदर्शन करे ताकि विश्व समुदाय का ध्यान उनकी ओर जाए। इस वर्ष के अंत में जी 20 शिखर सम्मेलन से पूर्व लगभग ऐसी 200 बैठकें आयोजित की जाएंगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="समझता है बॉलीवुड समझाने वाला चाहिए" href="http://10.0.0.122:1245/bollywood/">समझता है बॉलीवुड समझाने वाला चाहिए</a></p>
<p style="text-align:justify;">जी-20 शिखर सम्मेलन से जुडेÞ यह कार्यक्रम ऐसे समय पर किए जाएंगे जब अगले संसदीय चुनाव होने वाले होंगे और सरकार अगला जनादेश लाने का पूर्ण प्रयास कर रही है। तथापि बहुदलीय लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धी चुनावी राजनीति खेल का अंग है और यह भारत के लिए अच्छा रहेगा क्योंकि भारत घरेलू स्तर और विदेशों में अच्छा प्रदर्शन करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने वायदा किया है कि आगामी संसदीय चुनाव से पूर्व के इन 396 दिनों में देश के गरीब लेगों के लिए बडेÞ-बडेÞ प्रावधान कए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले नौ सालों में अनेक नए विचार और विभिन्न क्षेत्रों में नई योजनाएं लागू की हैं। इनमें से कुछ अच्छी हैं और विभिन्न आलोचकों की मानें तो कुछ अच्छी नहीं है। विदेश नीति भी मिली जुली रही हैं मैं प्रत्येक सप्ताह इस स्तंभ में इस बारे में लिखता रहता हूं। इस लेख में मैं ऐसा सुझाव देना चाहता हूं जो भारत विशेषकर प्रधानमंत्री को विश्व गुरू के स्तर तक ले जाएं और जिसको प्राप्त करने की वे आकांक्षा भी रखते हैं। विदेश मंत्रालय को भारत की मूल सांस्कृतिक और सभ्यतागत मूल्यों को सामने रखने का अवसर मिला है। भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 के लिए एक नारा दिया है जो वसुघैव कुटुम्बकम की अवधारणा को दर्शाता है। यह वास्तव में एक शक्तिशाली, भावनात्मक और सामाजिक नैतिक मूल्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">जी-20 समारोह के आयोजकों ने एक संवेदनशील और नैतिक भावना को उजागर किया है जो स्वामी विवेकानंद के उन शब्दों को प्रतिबिंबित करता है जो उन्होंने 1893 में विश्व धर्म संसद में अपने भाषण में विश्व के भाईयों और बहनों कहकर उत्पन्न की थी और जिसने शिकागो के उस सम्मेलन में उपस्थित सभी लोगों की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक भावनाओं को प्रभावित किया था। जी 20 शिखर सम्मेलन के आयोजकों और कर्ता-धतार्ओं को सलाह दी जाती है कि वे एक बार पुन: भारत की आध्यात्मिक, सभ्यतागत और नैतिक मूल्यों का प्रदर्शन करे जो विश्व को बहुप्रतीक्षित विकल्प उपलब्ध करा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">वस्तुत: भारत को नियोजन, प्रंबंधन और शासन में वैश्कि नैतिक मूल्यों का पुनर्निर्धारण करना चाहिए जिसमें जनता को सर्वोच्च स्थान दिया जाए। धार्मिक विश्वासों के अनुसार लोगों की उत्पति भगवान की छवि से हुई है। विश्व में विकास और शासन के वर्तमान सिद्धान्त क्या हैं? वह सिद्धान्त है नैतिकता और मानवीय मूल्यों का ध्यान में रखे बिना संपति जोड़ो और उस संपत्ति की शक्ति का उपयोग किसी देश में नागरिकों को नियंत्रित करने और प्रादेशिक विस्तार तथा आर्थिक और सैन्य वर्चस्व आदि के लिए अन्य देशों के साथ संघर्ष करने के लिए किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">नव समृद्ध चीन इस बात का उदाहरण है। चीन ने सामाजिक और नैतिक मूल्यों को सम्मान दिए बिना विकास की अवधारणा को लागू किया है। विश्व द्वारा विशेषकर चीन द्वारा अपनाई गई इस रणनीति के परिणाम भयावह हैं और इसमें से कोविड, जलवायु परिवर्तन के संबंध में हमारे विदेश मंत्री का भी ध्यान गया है। किंतु विकास की इस रणनीति से चीन जैसा दानव पैदा हआ है और इसका कारण पश्चिमी जगत की वे बड़ी कंपनियां हैं जिन्होंने सस्ते तथा बंधुवा चीनी श्रम शक्ति का शोषण करना चाहा।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे अनेक परस्पर विरोधी अवधारणाओं के बारे में विश्व भर में बहस छिडी जिनमें लोकतंत्र और तानाशाही शामिल हैं। नेता लोकतंत्रों की आर्थिक प्रभावशीलता के बारे में संदेह करने लगे हैं और चीन के निरंकुश मॉडल से प्राप्त तथा तथाकथित लाभों की ओर ललचाने लगे हंै। गुणवत्ता और मात्रा के चलते उत्पादन और खपत पर बल दिया जाने लगा तथा वे सौहार्द और खुशहाली पर हावी होने लगे। सकल घरेलू खुशहाली और सकल घरेलू उत्पाद में टकराव देखने को मिला। भौगोलक रूप से चीन और भारत के बीच भूटान जैसे देश में सकल घरेलू खुशहाली अवधारणा को शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">भौतिकवाद और आध्यात्म के बीच टकराव देखने को मिला। आवश्यकता और प्रलोभान के बीच विरोधाभास देखने को मिला और इस संबंध में हमें महात्मा गांधी की इस बात को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा था विश्व में सभी की आवश्यकताओं के लिए सब कुछ पर्याप्त है किंतु प्रत्येक के लालच के लिए नहीं है। ऐसी सलाह को नजरंदाज करते हुए पूंजीवादी कंपनियों ने खपत को बढ़ावा दिया जिससे बबार्दी को भी बढ़ावा मिला। इसके साथ प्रकृति और संस्कृत भी जुड़े हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर में स्थित देशों तथा चीन द्वारा विकास का जो वर्तमान मॉडल अपनाया जा रहा है उसके चलते प्रकृति का निर्ममता से दोहन किया गया जिसके चलते संसाधनों के लिए संघर्ष हो रहा है और महामारी सहित अनेक जलवायु परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। योजनाकारों ने व्यक्ति की उपेक्षा की और मशीनों पर अधिक ध्यान दिया जिसके चलते अनावश्यक प्रौद्योगिकी खपत बढी और इससे सामाजिक ढांचा बिखरा तथा मानव संवाद बाधित हुआ जो सभी देशों में सामाजिक सौहार्द का आधार है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने वैश्विक मूल्यों को पुनर्निर्धारित करने की पहल की है। वह लोगों पर पुन: ध्यान केन्द्रित कर रहा है, भाईचारे और दया की शक्ति को बढ़ावा दे रहा है जो परिवारों, समुदायों और देशों को एक कर सके। यदि विश्व एक कुटुम्ब है, जैसा कि भारत ने जी 20 के लिए नारा दिया है, वह परिवार भाईचारे से एकजुट रहना चाहिए और वह प्रेम और एकजुटता के सूत्र में रहना चाहिए। क्या ये बातें काल्पनिक और प्रगतिवादी लगती है? इस संबंध में वर्तमान प्रवृति की जांच करनी चाहिए और इस बात का मापन करना चाहिए कि देश और विश्व में लोगों के पास कितनी संपत्ति है। और यदि हम ऐसा करते रहें तो हम शूूमाकर की भविष्यवाणी को सही ठहराएंगे। उन्होंने कहा था कि परंपरागत अर्थशास्त्री टाइटेनिक में डेक चेयर को पुन: व्यवस्थित कर रहे हैं। आशा की जाती है कि गांधी, बुद्ध और शूमाकर के विचारों को दशार्ते हुए भारत उनके विचारों को विश्व समुदाय के हित में जी 20 वर्ष के दौरान चरितार्थ करेगा।<br />
<strong>                                         (यह लेखक के अपने विचार हैं) डॉ. डीके गिरी वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार</strong></p>
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                <pubDate>Thu, 02 Feb 2023 10:09:58 +0530</pubDate>
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                <title>G20 Summit : भारत ने दिया विश्व को एक मजबूत शांति संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[मोदी बाइडेन ने टिकाऊ, समावेशी विकास पर चर्चा की: व्हाइट हाउस बाली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर स्थायी और समावेशी विकास को बढ़ाने के लिए प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाये जाने पर चर्चा की। व्हाइट हाउस ने आज यहां जारी एक बयान में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/g20-summit-india-gave-a-strong-peace-message-to-the-world/article-39894"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/g20-summit-1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>मोदी बाइडेन ने टिकाऊ, समावेशी विकास पर चर्चा की: व्हाइट हाउस</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाली (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर स्थायी और समावेशी विकास को बढ़ाने के लिए प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाये जाने पर चर्चा की। व्हाइट हाउस ने आज यहां जारी एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन बाली में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के साथ मुलाकात की। बयान में कहा गया है कि इस मुलाकात के दौरान इन नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए प्रमुख मंच जी 20 के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">An eventful day at the G20 Summit in Bali. Sharing the day’s highlights… <a href="https://t.co/xsNrrmmleV">pic.twitter.com/xsNrrmmleV</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1592553746424528896?ref_src=twsrc%5Etfw">November 15, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार बैठक के दौरान इन नेताओं ने महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए सतत और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाने के लिए अपनी सामूहिक क्षमता, जलवायु, ऊर्जा और खाद्य संकट से निपटने, वैश्विक स्वास्थ्य संरचना को मजबूत करने और तकनीकी परिवर्तन को बढ़ावा देना दिये जाने को लेकर चर्चा की।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">With G-20 leaders at the Mangrove Forest in Bali. <a href="https://twitter.com/g20org?ref_src=twsrc%5Etfw">@g20org</a> <a href="https://t.co/D5L5A1B72e">pic.twitter.com/D5L5A1B72e</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1592732134795808769?ref_src=twsrc%5Etfw">November 16, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>गरीबी और एसडीजी प्राप्त करने जैसी चुनौती</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति बाइडेन ने महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया में अंतराल को कम करने, विश्व बैंक (महामारी कोष) द्वारा आयोजित महामारी पीपीआर के लिए वित्तीय मध्यस्थ कोष (एफआईएफ) शुरू करने को लेकर दुनिया भर के देशों को प्रेरित किये जाने को लेकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति विडोडो के नेतृत्व को बधाई दी। व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि इस सफलता ने भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान ठोस स्वास्थ्य-वित्त सहयोग को आगे बढ़ाने की नींव रखी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बाइडेन ने कहा कि अमेरिका जलवायु परिवर्तन, महामारी, आर्थिकमंदी, गरीबी और एसडीजी प्राप्त करने जैसी चुनौतियों का समाधान हेतू बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों के लिए बेहतर और अभिनव वित्तपोषण मॉडल विकसित करने, समावेशी विकास, आर्थिक सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए जी20 के वैश्विक नेतृत्व का समर्थन जारी रहेगा। इस दौरान बुनियादी ढांचे के अंतर को पाटने के लिए सार्वजनिक और निजी वित्तपोषण का लाभ उठाने के महत्व पर भी चर्चा की गई।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Nov 2022 10:58:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>G20 Summit: PM Modi-अमेरिकी राष्ट्रपति Biden मिले, दिखी गर्मजोशी</title>
                                    <description><![CDATA[खाद, स्वच्छ ऊर्जा की तकनीक एवं वित्तपोषण पर ध्यान दे जी-20 : पीएम बाली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में खाद्य एवं ऊर्जा संकट से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की निष्फलता को रेखांकित करते हुए जी-20 देशों का आज आह्वान किया कि वे उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने तथा स्वच्छ ऊर्जा की तकनीक एवं किफायती […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/g20-summit-pm-modi-meet-with-joe-biden/article-39857"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/g20-summit.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>खाद, स्वच्छ ऊर्जा की तकनीक एवं वित्तपोषण पर ध्यान दे जी-20 : पीएम</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाली (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में खाद्य एवं ऊर्जा संकट से निपटने में संयुक्त राष्ट्र की निष्फलता को रेखांकित करते हुए जी-20 देशों का आज आह्वान किया कि वे उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने तथा स्वच्छ ऊर्जा की तकनीक एवं किफायती वित्तपोषण सुलभ कराने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। मोदी ने इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर विश्व में आर्थिक रूप से शक्तिशाली 20 देशों के शिखर सम्मेलन के प्रथम सत्र में खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा विषय पर अपने संबोधन में ये आह्वान किया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="in" dir="ltr" xml:lang="in">Halo Indonesia. Telah tiba di Bali untuk ambil bagian dalam helatan KTT G20. Saya berharap dapat berdiskusi dengan para pemimpin dunia mengenai berbagai isu global. <a href="https://twitter.com/g20org?ref_src=twsrc%5Etfw">@g20org</a> <a href="https://t.co/bmRHZj8dxt">pic.twitter.com/bmRHZj8dxt</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1592165384924573698?ref_src=twsrc%5Etfw">November 14, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो के निमंत्रण पर तीन दिन की यात्रा पर कल रात यहां पहुंचे। आज सुबह जी-20 शिखर सम्मेलन में पहुंचने पर विडोडो ने मोदी का आत्मीय स्वागत किया। वहीं आज प्रधानमंत्री मोदी और जो बाइडेन की मुलाकात हुई। दोनों बहुत खुश नजर आ रहे थे। अमेरिकी राष्टÑपति पीएम के कंधे पर हाथ रखा था और पीएम उनका हाथ थामे रहे। इसके बाद पीएम मोदी ने मैक्रों को बुलाकर उनसे हाथ मिलाया</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">At the <a href="https://twitter.com/g20org?ref_src=twsrc%5Etfw">@g20org</a> Summit this morning, spoke at the session on Food and Energy Security. Highlighted India’s efforts to further food security for our citizens. Also spoke about the need to ensure adequate supply chains as far as food and fertilisers are concerned. <a href="https://t.co/KmXkeVltQo">pic.twitter.com/KmXkeVltQo</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1592362341060202498?ref_src=twsrc%5Etfw">November 15, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पीएम ने जी-20 समिट को सम्बोधित किया</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने सबसे पहले आज कठिन वैश्विक वातावरण में जी20 को प्रभावी नेतृत्व देने के लिए राष्ट्रपति विडोडो की सराहना की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, कोविड महामारी, यूक्रेन का घटनाक्रम और उससे जुड़ी वैश्विक समस्याओं ने मिल कर विश्व मे तबाही मचा दी है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं तहस-नहस हो गई हैं। पूरी दुनिया मे जीवन-जरूरी चीजें, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का संकट बना हुआ है। हर देश के गरीब नागरिकों के लिए चुनौती और गंभीर है। वे पहले से ही रोजमर्रा के जीवन से जूझ रहे थे। उनके पास दोहरी मार से जूझने की आर्थिक क्षमता नहीं है। हमें इस बात को स्वीकार करने से भी संकोच नहीं करना चाहिए कि संयुक्त राष्ट्र जैसी बहुपक्षीय संस्थाएं इन मुद्दों पर निष्फल रही हैं। और हम सभी इनमे उपयुक्त सुधार करने में भी असफल रहे हैं। इसलिए आज जी-20 से विश्व को अधिक अपेक्षाएं हैं, हमारे समूह की प्रासंगिकता और बढ़ी है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Grateful to the Indian community for the warm welcome in Bali! <a href="https://t.co/okudj5BODG">pic.twitter.com/okudj5BODG</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1592192178805411840?ref_src=twsrc%5Etfw">November 14, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें यूक्रेन में संघर्ष-विराम और कूटनीति की राह पर लौटने का रास्ता खोजना होगा। पिछली शताब्दी मे, दूसरे विश्व युद्ध ने विश्व मे कहर ढाया था। उसके बाद उस समय के नेताओं ने शांति की राह पकड़ने का गंभीर प्रयत्न किया। अब हमारी बारी है। पोस्ट-कोविड काल के लिए एक नई वैश्विक व्यवस्था की रचना करने का जिम्मा हमारे कंधों पर है। समय की मांग है कि हम विश्व मे शांति, सद्भाव और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और सामूहिक संकल्प दिखाएं। मुझे विश्वास है कि अगले वर्ष जब जी-20 बुद्ध और गाँधी की पवित्र भूमि मे मिलेगा, तो हम सभी सहमत हो कर, विश्व को एक मजबूत शांति-संदेश देंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>जरूरतमंद देशों की भारत ने मदद की</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारत ने अपने 1.3 अरब नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की। साथ ही अनेकों जरूरत मंद देशों को भी खाद्यान्न की आपूर्ति की। खाद्य सुरक्षा के संदर्भ मे खाद की वर्तमान किल्लत भी एक बहुत बड़ा संकट है। आज की उवर्रक की कमी कल का खाद्य संकट है, जिसका समाधान विश्व के पास नहीं होगा। हमें खाद और खाद्यान्न दोनों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर एवं भरोसेमंद रखने के लिए आपसी सहमति बनानी चाहिए। भारत में सतत खाद्य सुरक्षा के लिए हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, और मोटे अनाज यानी मिलेट्स जैसे पौष्टिक और पारंपरिक खाद्यान्न को फिर से लोकप्रिय बना रहे हैं। मिलेट्स से वैश्विक कुपोषण और भुखमरी की समस्या का भी समाधान हो सकता है। हम सभी को अगले वर्ष अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष जोर-शोर से मनाना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था भारत की ऊर्जा सुरक्षा वैश्विक वृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें ऊर्जा की आपूर्ति पर किसी भी तरह के प्रतिबंधों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए तथा ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्ध है। 2030 तक हमारी आधी बिजली नवीकरणीय स्रोतों से पैदा होगी। समावेशी ऊर्जा स्रोत संक्रमण के लिए विकासशील देशों को समय-बद्ध और किफायती वित्तपोषण और तकनीक की स्थायी आपूर्ति अनिवार्य है। मोदी ने कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान, हम इन सभी मुद्दों पर वैश्विक सहमति के लिए काम करेंगे। जी-20 का अगला सत्र स्वास्थ्य को लेकर अपराह्न होगा। जबकि तीसरा सत्र डिजीटल परावर्तन पर कल आयोजित किया जाएगा।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Nov 2022 10:12:29 +0530</pubDate>
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                <title>जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करना, देश के लिए अहम पल: PM</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडोनेशिया के बाली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं डिजीटल परावर्तन के विषयों पर भारत की उपलब्धियों को विश्व नेताओं के साथ साझा करने के साथ ही वर्ष 2022-23 के लिए भारत की ओर से इस प्रभावशाली वैश्विक संगठन की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/taking-over-the-chairmanship-of-g20-is-an-important-moment-for-india/article-39838"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडोनेशिया के बाली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं डिजीटल परावर्तन के विषयों पर भारत की उपलब्धियों को विश्व नेताओं के साथ साझा करने के साथ ही वर्ष 2022-23 के लिए भारत की ओर से इस प्रभावशाली वैश्विक संगठन की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे और जी-20 के नेताओं को अगले साल भारत आने का निमंत्रण देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने विश्व में आर्थिक दृष्टि से शक्तिशाली 20 देशों के 17 वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बाली रवाना होने से पहले अपने वक्तव्य में कहा, ‘बाली शिखर सम्मेलन के दौरान, मैं वैश्विक विकास को फिर से पटरी पर लाने, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन जैसे वैश्विक चिंता के प्रमुख मुद्दों पर जी-20 के अन्य नेताओं के साथ व्यापक चर्चा करूंगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान वह शिखर सम्मेलन में आने वाले कई अन्य देशों के नेताओं से मिलेंगे और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">PM <a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a> emplanes for Bali, Indonesia to participate in the 17th G20 Leaders’ Summit. <a href="https://t.co/EbEpolrVun">pic.twitter.com/EbEpolrVun</a></p>
<p>— PMO India (@PMOIndia) <a href="https://twitter.com/PMOIndia/status/1592058957433958401?ref_src=twsrc%5Etfw">November 14, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रोन , इंडोनिशया के राष्ट्रपति जोको विडोडो , स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पेरेज कास्टजोन और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन के साथ मोदी की द्विपक्षीय मुलाकातों का कार्यक्रम तय हो चुका है। कोविड महामारी काल के बाद ‘रिकवर टुगेदर, रिकवर स्ट्रॉन्गर’ की थीम पर आयोजित होने वाले इस शिखर सम्मेलन में में तीन सत्र -‘खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा’, ‘स्वास्थ्य’ और ‘डिजीटल परावर्तन’ के विषयों पर आधारित होंगे। मोदी 15 नवंबर को बाली में एक स्वागत समारोह में स्थानीय भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करने को देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा, ‘हमारे देश और नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो बाली शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में भारत को जी-20 की अध्यक्षता सौंपेंगे। भारत आधिकारिक तौर पर 01 दिसंबर, 2022 से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। मैं अगले साल जी20 शिखर सम्मेलन में जी20 के सदस्यों तथा अन्य आमंत्रित लोगों को भी अपना व्यक्तिगत निमंत्रण दूंगा।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Nov 2022 15:15:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पीएम मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने रोम पहुंचे</title>
                                    <description><![CDATA[रोम (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार तड़के रोम पहुंचे, जहां इटली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और इटली में भारत की राजदूत डॉ. नीना मल्होत्रा ने उनका स्वागत किया। रोम पहुंचने के बाद मोदी ने ट्वीट कर कहा कि प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के महत्वपूर्ण मंच […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pm-modi-arrives-in-rome-to-attend-g20-summit/article-27982"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रोम (एजेंसी)।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुक्रवार तड़के रोम पहुंचे, जहां इटली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और इटली में भारत की राजदूत डॉ. नीना मल्होत्रा ने उनका स्वागत किया। रोम पहुंचने के बाद मोदी ने ट्वीट कर कहा कि प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के महत्वपूर्ण मंच जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रोम पहुंच गया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Landed in Rome to take part in the <a href="https://twitter.com/g20org?ref_src=twsrc%5Etfw">@g20org</a> Summit, an important forum to deliberate on key global issues. I also look forward to other programmes through this visit to Rome. <a href="https://t.co/e4UuIIfl7f">pic.twitter.com/e4UuIIfl7f</a></p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1453938272867020803?ref_src=twsrc%5Etfw">October 29, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">मैं रोम की इस यात्रा के दौरान के अन्य कार्यक्रमों की भी प्रतीक्षा कर रहा हूं।’ उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिवसीय यूरोप दौरा के क्रम में 29 से 31 अक्टूबर तक रोम (इटली) और वेटिकन सिटी की यात्रा पर रहें। इसके बाद वह एक और दो नवंबर को ब्रिटेन में ग्लासगो की यात्रा करेंगे, जहां वह जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के समझौते (यूएनएफसीसीसी) सीओपी 26 में भाग लेंगे, मोदी वेटिकन की यात्रा में पोप फ्रांसिस और वहां के विदेश मंत्री कार्डिनल पेएत्रो पैरोलीन से मिलेंगे।</p>
<p> </p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Oct 2021 11:53:21 +0530</pubDate>
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                <title>जी-20 देशों की संसदों के अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे बिरला</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला जी- 20 देशों की संसदों के अध्यक्षों के सातवें शिखर सम्मेलन (पी20 ) में भाग लेने के लिए 07 से 09 अक्टूबर तक इटली की यात्रा पर रहेंगे। बिरला के साथ एक संसदीय शिष्टमंडल भी रोम जाएगा। इस शिष्टमंडल में राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश; […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/birla-to-participate-in-the-summit-of-the-speakers-of-the-parliaments-of-g20-countries/article-27441"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/om-birla.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला जी- 20 देशों की संसदों के अध्यक्षों के सातवें शिखर सम्मेलन (पी20 ) में भाग लेने के लिए 07 से 09 अक्टूबर तक इटली की यात्रा पर रहेंगे। बिरला के साथ एक संसदीय शिष्टमंडल भी रोम जाएगा। इस शिष्टमंडल में राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश; लोक सभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह और राज्य सभा के महासचिव, डॉ. पी.पी.के. रामाचायुर्लु शामिल हैं। पी 20 शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय “लोगों, विश्व के कल्याण और समृद्धि के लिए संसदें” है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतिनिधि इस मुख्य विषय के अंतर्गत तीन उप-विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। शिखर सम्मलेन के अंत में एक संयुक्त वक्तव्य को स्वीकार किया जाएगा। लोक सभा अध्यक्ष पहले सत्र में ‘महामारी से उत्पन्न सामाजिक और रोजगार संकट का सामना करने हेतु कार्यवाही’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे । वह दूसरे सत्र के दौरान ‘सामाजिक और पर्यावरणीय संघारणीयता के सन्दर्भ में आर्थिक वृद्धि को पुनर्जीवित करना’ विषय पर आयोजित चर्चा में मुख्य वक्ता होंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वहीं, हरिवंश तीसरे सत्र के दौरान “महामारी के बाद संघारणीयता और खाध सुरक्षा” विषय पर विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे। इस शिखर सम्मेलन के दौरान बिरला अन्य देशों की संसदों के अपने समकक्ष पदाधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। पी 20, जी- 20 के सदस्य देशों का संसदीय संघ है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 80 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत से अधिक भाग के साथ ही दुनिया की दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व भी करता है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Oct 2021 12:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>जी-20 में पीयूष होंगे प्रधानमंत्री के ‘शेरपा’</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को जी-20 शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘शेरपा’बनाया गया है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के संगठन जी-20 की बैठक इटली की अध्यक्षता में 30-31 अक्टूबर को होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 की बैठक में भारत का नेतृत्व करेंगे। ‘शेरपा’ का मुख्य दायित्व प्रधानमंत्री का सहयोग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/piyush-to-be-pms-sherpa-in-g20/article-26616"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/piyush-goyal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को जी-20 शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘शेरपा’बनाया गया है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के संगठन जी-20 की बैठक इटली की अध्यक्षता में 30-31 अक्टूबर को होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 की बैठक में भारत का नेतृत्व करेंगे। ‘शेरपा’ का मुख्य दायित्व प्रधानमंत्री का सहयोग करना होता है। मोदी वर्ष 2014 से जी-20 की बैठक में भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्ष 2022 में भारत जी-20 का अध्यक्ष पद संभालेगा और वर्ष 2023 में जी-20 शिखर बैठक की पहली बार मेजबानी करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जी-20 की आगामी शिखर बैठक में भारत ‘जी-20 ट्रोएका’ बैठक में भी भागीदारी करेगा। इस बैठक में जी-20 के निवर्तमान, वर्तमान और संभावित अध्यक्ष देश भाग लेते हैं। यह बैठक एक दिसंबर 2021 से 30 नवंबर 2024 की अवधि के लिए होगी। जी- 20 दुनिया की 19 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और यूरोपीय संघ के देशों का संगठन है। इसकी स्थापना 1999 में की गई थी। भारत इसकी स्थापना के समय से ही इसका सदस्य है। इस संगठन के दायरे में 80 प्रतिशत वैश्विक अर्थव्यवस्था, 75 प्रतिशत वैश्विक व्यापार और 65 प्रतिशत वैश्विक जनसंख्या आती है।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Wed, 08 Sep 2021 09:57:25 +0530</pubDate>
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