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                <title>H-1B visa fees - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>H-1B Visa Latest News: अमेरिका में H-1B वीजा पर ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला, छंटनी पर निशाना साधा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ H-1B वीजा आवेदनों पर 1 लाख डॉलर शुल्क फिर लागू किया है। साथ ही छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की जांच के निर्देश दिए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/h-1b-visa-latest-news-trump-administrations-big-decision-on-h-1b/article-91351"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-05/white-house-attack.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>H-1B Visa Latest News: वॉशिंगटन (सच कहूँ/एजेंसी)।</strong> अमेरिका में H-1B वीजा व्यवस्था को लेकर ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कुछ H-1B वीजा आवेदनों पर 1 लाख डॉलर का शुल्क फिर से लागू किया गया है। इसके साथ ही उन कंपनियों की रोजगार संबंधी गतिविधियों की भी जांच की जाएगी, जो अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नए निर्देशों के तहत H-1B वीजा से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान नियोक्ता के हालिया रोजगार रिकॉर्ड के साथ-साथ भविष्य की संभावित छंटनी को भी ध्यान में रखा जाएगा। अमेरिकी प्रशासन यह जांच करेगा कि संबंधित कंपनी ने बीते एक वर्ष में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कर्मचारियों की संख्या घटाई है या आने वाले समय में ऐसी कोई योजना बनाई है, जिससे समान कार्य करने वाले अमेरिकी कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। इस व्यवस्था का दायरा लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, वीजा याचिकाओं, वीजा जारी करने की प्रक्रिया और अमेरिका में प्रवेश तक रखा गया है। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी कंपनी द्वारा छंटनी की घोषणा किए जाने मात्र से H-1B आवेदन स्वत: खारिज नहीं होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कई अमेरिकी एजेंसियां मिलकर करेंगी समीक्षा</h3>
<p style="text-align:justify;">नए आदेश के अनुसार, H-1B मामलों की जांच में विदेश विभाग, श्रम विभाग और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग को अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों से भी जानकारी और सलाह लेनी होगी। वाणिज्य एवं शिक्षा विभाग तथा स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन रोजगार, वेतन, शिक्षा, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा डेटा उपलब्ध करा सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य H-1B कार्यक्रम के नियमों के अनुपालन की निगरानी करना और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">आदेश में अमेरिकी श्रम विभाग को पहले दाखिल किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के आंकड़ों की समीक्षा शुरू करने के लिए 30 दिन की समयसीमा दी गई है। इस समीक्षा के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि किसी H-1B प्रायोजक नियोक्ता के खिलाफ आगे की कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">1 लाख डॉलर शुल्क को लेकर क्या कहा गया?</h3>
<p style="text-align:justify;">व्हाइट हाउस ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को लागू किए गए 1 लाख डॉलर के शुल्क संबंधी प्रावधान को दोबारा जारी रखा गया है। यह शुल्क कुछ H-1B आवेदनों पर लागू होगा। हालांकि, उपलब्ध फैक्ट शीट में शुल्क की अवधि और संभावित छूट से जुड़ी सभी परिस्थितियों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप प्रशासन ने H-1B कार्यक्रम में बदलावों को अमेरिकी कर्मचारियों के संभावित विस्थापन और कुछ कंपनियों तथा आउटसोर्सिंग संस्थाओं द्वारा नियमों के कथित दुरुपयोग से जोड़कर पेश किया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, 2025 में शुल्क संबंधी प्रावधान लागू होने के बाद बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी आउटसोर्सिंग कंपनियों की ओर से दाखिल किए गए H-1B रजिस्ट्रेशन में करीब 92 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा कॉन्सुलर प्रोसेसिंग से संबंधित अनुरोधों में लगभग 97 प्रतिशत गिरावट का दावा भी किया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वेतन के आधार पर चयन व्यवस्था में बदलाव</h3>
<p style="text-align:justify;">H-1B कार्यक्रम में एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव दिसंबर 2025 में लागू किए गए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नियम से जुड़ा है। इसके तहत पहले की तरह पूरी तरह यादृच्छिक चयन के बजाय अलग-अलग वेतन स्तरों को अधिक महत्व देने वाली प्रणाली अपनाई गई। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के मुताबिक, इस व्यवस्था का पहली बार वित्तीय वर्ष 2027 में इस्तेमाल किया गया और उस दौरान H-1B रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई। हालांकि, प्रशासन की ओर से लगाए गए कुछ आरोपों पर संबंधित नियोक्ताओं या आउटसोर्सिंग कंपनियों की प्रतिक्रिया फैक्ट शीट और आदेश में शामिल नहीं की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 10:38:38 +0530</pubDate>
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