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                <title>mission - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की शुरुआत,  रूस में ट्रेनिंग लेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के 2022 में पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन (Manned space mission) के लिए चयनित भारतीय ‘गगनयात्री’ अगले साल रूस के गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण लेना शुरू करेंगे।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/india-first-manned-space-mission-started/article-11204"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/manned-space-mission.jpg" alt=""></a><br /><h2>भारत प्रशिक्षण के लिए अगले साल अपने अंतरिक्ष यात्री रूस भेजेगा। Manned space mission</h2>
<p><strong>Edited By Vijay Sharma</strong></p>
<p><strong>दुबई(एजेंसी)।</strong> भारत के 2022 में पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन <strong>(Manned space mission)</strong> के लिए चयनित भारतीय ‘गगनयात्री’ अगले साल रूस के गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण लेना शुरू करेंगे। रूस के एक वरिष्ठ अंतरिक्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए रूस भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण देगा। 2022 में अंतरिक्ष में जाने वाले इस मिशन में तीन यात्री होंगे, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के पायलटों में से चुना जाएगा।</p>
<h2>2022 में अंतरिक्ष में जाने वाले इस मिशन में तीन यात्री होंगे</h2>
<p>पीएम मोदी ने चार सितंबर को रूस के सुदूर पूर्वी शहर व्लादिवोस्तोक में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि रूस गगनयान परियोजना के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने में मदद करेगा। रूस की रोसकॉस्मॉस अंतरिक्ष एजेंसी का हिस्सा ग्लावकॉस्मॉस के प्रमुख दमित्री लोस्कुतोव ने सोमवार को ‘दुबई एयरशो 2019’ में तास समाचार एजेंसी से कहा, ‘कोस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में गगनयात्रियों की शिक्षा और प्रशिक्षण अगले वर्ष शुरू होना है। लेकिन यह भारत की ओर से चयन पर निर्भर करता है कि वह आखिरकार किसका चयन करता है और प्रशिक्षण के लिए रूस भेजता है।’</p>
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<p>India, Manned, Space, Mission, Started</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Nov 2019 11:11:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>स्पेस वार की चुनौतियों के बीच अंतरिक्ष महाशक्ति बनता भारत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने मिशन शक्ति के अंतर्गत अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को नष्ट करके अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा लिया है और भारत ऐसी क्षमता प्राप्त करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। अब तक यह क्षमता अमेरिका, रूस और चीन के पास ही थी। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">भारत ने मिशन शक्ति के अंतर्गत अंतरिक्ष में एंटी सैटेलाइट मिसाइल से एक लाइव सैटेलाइट को नष्ट करके अपना नाम अंतरिक्ष महाशक्ति के तौर पर दर्ज करा लिया है और भारत ऐसी क्षमता प्राप्त करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। अब तक यह क्षमता अमेरिका, रूस और चीन के पास ही थी। दुनिया के सभी विश्लेषक और रणनीतिकार इस मसले पर एक मत हैं कि भविष्य में वही विश्व पर हुकूमत करेगा, जिसके जखीरे में “स्पेस वार ” जीतने के ब्रहास्त्र होंगे। भविष्य के युद्ध परंपरागत युद्धों से अलग अंतरिक्ष सामर्थ्य पर ही निर्भर होंगे। ऐसे में भारत ने स्पेस वार में अब अपना पहला सुरक्षात्मक कदम रख दिया है। मिशन शक्ति के अंतर्गत एंटी सैटेलाइट(एसैट) का प्रक्षेपण कलाम आइलैंड से किया गया। इसके अंतर्गत अंतरिक्ष में 300 किमी दूर लो अर्थ आॅर्बिट (एलईओ) में केवल तीन मिनट में लाइव सैटेलाइट को मार गिराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">स्पेस वार की ओर बढ़ती दुनिया और भारत पिछले वर्ष जून में में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन को अलग अंतरिक्ष बल या स्पेस फोर्स तैयार करने का आदेश दिया। ट्रंप ने अंतरिक्ष को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया। इस तरह ट्रंप ने स्पेस फोर्स को को अमेरिकी सेना की 6 ठी शाखा के रूप में विकसित करने का आदेश दिया। अमेरिकी इंटिलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार रूस और चीन ऐसे हथियार विकसित कर रहे हैं, जिसका प्रयोग स्पेस वार में कर सकते हैं। यहाँ जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस समय अमेरिका के अतिरिक्त 4 देशों के पास मिलिट्री स्पेस कमांड है। इसमें चीन के पास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी स्ट्रेटजिक सपोर्ट फोर्स, रूस के पास रूसी स्पेस फोर्सेज, फ्रांस के पास ज्वाइंट स्पेस कमांड तथा इंग्लैंड के पास रॉयल एयर फोर्स कमांड।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सभी फोर्सेज का काम अंतरिक्ष में अपने उपग्रहों की सुरक्षा करना व मिसाइलों से होने वाले हमलों की निगरानी करना है। इस दृष्टि से भारतीय ‘आॅपरेशन शक्ति’ के महत्व को समझा जा सकता है। जब दुनिया की महाशक्तियाँ संभावित स्पेस वार की तैयारियाँ कर रही हैं, उसमें अब भारत कैसे पीछे रह सकता है। एंटी सैटेलाइट हथियारों अर्थात एसैट का इतिहास: बता दें कि एंटी सैटेलाइट हथियार(ए-सैट), जो सामरिक सैन्य उद्देश्यों के लिए उपग्रहों को निष्क्रिय करने के लिए तैयार किया जाता है। अमेरिका ने पहली बार 1958 में, रूस ने 1964 में तथा चीन ने 2007 में ए-सैट का परीक्षण किया था। इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महाशक्तियों को इसमें सफलता कई प्रयासों के बाद मिली, जबकि भारत को प्रथम प्रयास में। अमेरिका ने 26 मई 1958 से लेकर 13 अक्टूबर 1959 के बीच 12 परीक्षण किए थे,</p>
<p style="text-align:justify;">परंतु अमेरिका के ये सभी प्रयास असफल रहे थे। रूस ने फरवरी 1970 में दुनिया का पहला सफल इंटरसेप्ट मिसाइल परीक्षण किया। अमेरिका ने 1985 में एफ-15 लड़ाकू विमान से एजीएम -135 मिसाइल दागकर सोलविंड पी78-1 सैटेलाइट को नष्ट किया था। चीन ने भी कई प्रयासों के बाद 2007 में इसमें सफलता प्राप्त की। इसमें चीन ने 800 किमी दूर के एक मौसम सैटेलाइट को नष्ट किया। इस परीक्षण से अंतरिक्ष में इतिहास का सबसे ज्यादा सैटेलाइट कचारा फैला, जिसकी दुनिया भर में काफी आलोचना हुई।भारतीय अंतरिक्ष संपदा के सुरक्षा के दृष्टि से भी महत्वपूर्ण: इस समय 803 अमेरिकी उपग्रह अंतरिक्ष में हैं। चीन के 204 और 142 उपग्रहों के साथ रूस तीसरे स्थान पर है। आॅपरेशन शक्ति के अंतर्गत काइनेटिक हथियार का प्रयोग सैटेलाइट नष्ट करने के भारतीय क्षमता से अंतत: अब भारत की अंतरिक्ष संपदा भी सुरक्षित हुई है। भारत के 48 अत्याधुनिक उपग्रह अंतरिक्ष में परिक्रमा कर रहे हैं और यह इंडो पैसेफिक क्षेत्र में उपग्रहों का सबसे बड़ा जखीरा है, जिसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। भारतीय ए-सैट से मलबे की चिंता भी नहीं: अंतरिक्ष में मौजूद मलबा भविष्य में किसी भी अंतरिक्ष अनहोनी के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय है। एंटी</p>
<p style="text-align:justify;">सैटेलाइट अर्थात एसैट से उत्पन्न मलबा दूसरे सैटेलाइटों के लिए काफी कठिनाई उत्पन्न करता है। हालांकि ये आकर में काफी छोटे होते हैं, लेकिन राइफल से दागी गई गोली से भी कई गुना तेज रफ्तार के कारण ये कक्षा में घूम रहे, दूसरे उपग्रहों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इन्हीं मलबों के कारण अंंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र नियमित रुप से अपनी कक्षा में बदलाव करता रहता है। 2007 में चीनी परिक्षण से से अब तक का सबसे ज्यादा मलबा उत्पन्न हुआ। चूँकि चीनी मलबा 800 किमी की ऊँचाई में पैदा हुआ, इसलिए उसके तमाम छोटे-छोटे हिस्से अब भी कक्षा में मौजूद है। लेकिन भारतीय परीक्षण निचली कक्षा में हुआ है, इसलिए पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव से ज्यादातर टुकड़े उसकी तरफ आकर रास्ते में ही नष्ट हो गए। इसलिए भारतीय परीक्षण को मलबा मुक्त कहा जा सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का उद्देश्य अंतरिक्ष को विसैन्यीकृत करना है: भारत का अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। भारत सदैव इस बात का पक्षधर रहा है कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल शांति के लिए होना चाहिए। भारत अंतरिक्ष में हथियारों को जमा करने के किसी भी प्रतिस्पर्धा के खिलाफ है। भारत का मानना है कि अंतरिक्ष मानवीय दृष्टिकोण रखने वाले सभी लोगों का है। भारत इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासभा के रेगुलेशन 69/32 के तहत अंतरिक्ष में पहले कोई हथियार नहीं तैनात करने की नीति का समर्थन करता है। अंतरिक्ष में हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अंतर्राष्ट्रीय कानून और भारत: 1963 में अमेरिका ने अंतरिक्ष में जमीन से छोड़े गए एक परमाणु बम का परीक्षण किया। इस विस्फोट से अंतरिक्ष में मौजूद अमेरिका और रूस के कुछ सैटेलाइट नष्ट हो गए थे। इसके बाद 1967 में “आउटर स्पेस ट्रीटी”नाम से एक अंतर्राष्ट्रीय संधि हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">निष्कर्ष: अंतरिक्ष और उससे जुड़े तकनीकी प्रयोगों के मामले में भारत स्पेस इंडस्ट्री में दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों के दबदबे को चुनौती दे रहा है। एंटी सैटेलाइट क्षमता के प्रदर्शन से यह दावेदारी और भी मजबूत हुई है। 2018 में स्पेस इंडस्ट्री का आकार 360 अरब डॉलर रहा है, जो 2026 में 558 अरब डॉलर का हो जाएगा। भारत को स्पेस प्रोग्राम को चलाने वाली सरकारी एजेंसी इसरो का करीब 33 देशों और बहुराष्ट्रीय निगमों के साथ स्पेस प्रोजेक्ट को लेकर करार है और वह दुनियाभर के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए लांचपैड का सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है। ऐसे में आॅपरेशन शक्ति भारतीय अंतरिक्ष संपदा के रक्षा तथा भविष्य में संभावित स्पेस वार में आपातकालीन दृष्टि से भी भारतीय रक्षा तैयारियों को और भी मजबूत करता है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>राहुल लाल</strong></p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/mission-power/article-8256</link>
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                <pubDate>Thu, 28 Mar 2019 20:15:52 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 अगस्त तक मनाया जाएगा ‘खुले में शौच मुक्ति’ सप्ताह</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान: जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी जानकारी जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लो होंगे ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ के ब्रांड अम्बेसडर चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पंजाब सरकार द्वारा 9 से 15 अगस्त तक ‘खुले में शौच जाने से मुक्ति’ सप्ताह मनाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/jasvinder-bhllla.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">अभियान: जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी जानकारी</h2>
<h2 style="text-align:justify;">जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लो होंगे ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ के ब्रांड अम्बेसडर</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पंजाब सरकार द्वारा 9 से 15 अगस्त तक ‘खुले में शौच जाने से मुक्ति’ सप्ताह मनाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को ‘मिशन स्वच्छ और स्वस्थ पंजाब’ का नाम दिया गया है, जिसके ब्रांड अम्बेसडर फिल्म अभिनेता जसविन्द्र भल्ला व बिन्नू ढिल्लों होंगे। यह जानकारी जल आपूर्ति एवं सेनीटेशन मंत्री तृप्त रजिन्द्र सिंह बाजवा ने दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक खुले में शौच जाने की प्रथा को पंजाब में से पूरी तरह समाप्त करने का है। कामेडियन व फिल्म अदाकार जसविन्द्र भल्ला तथा बिन्नू ढिल्लों कला जगत की यह दोनों मशहूर हस्तियां ने प्रदेश सरकार के इस प्रयास की भरपूर सराहना की।</p>
<h1 style="text-align:justify;">ये शहर शौचमुक्त</h1>
<p style="text-align:justify;">अब तक मिशन स्वच्छ व स्वस्थ पंजाब तहत की उपब्धियों को जिक्र करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब के जो 9 जिला खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं, उनमें फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मोहाली, जांलधर, कपूरथला, बरनाला, फरीदकोट तथा एसबीएस नगर शामिल हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">15 अगस्त को लगाए जाएंगे 1.25 लाख पौधे</h2>
<p style="text-align:justify;">अभियान के तहत वातावरण को स्वच्छ एवं हरा भरा बनाने के लिए जल आपूर्ति और सेनीटेशन विभाग द्वारा वन विभाग के सहयोग से 9 अगस्त से पेड़ लगाने के की मुहिम चलाई जाएगी जिस तहत अपने अधीन आठ हजार से अधिक जल घरों के इर्दगिर्द 1.25 लाख पेड़ लगाये जाएगें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">शिक्षा विभाग भी करेगा मुहिम में सहयोग</h2>
<p style="text-align:justify;">जल आपूर्ति तथा सेनीटेशन विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूलों और कालेजों में संयुक्त कार्यक्रम चलाये जाएंगे जिनके अंतगर्त इस विषय संबधी चर्चा , भाषण प्रतियोगिता, पेटिंग तथा कविता उचारण मुकाबले करवाएगें जाएगें। इस कार्यक्रम के उदश्ेय को प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा इस विषय संबंधी नकद ईनाम राशि के मुकाबल करवाए जाएंगे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">इतने गांव शौचमुक्त</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण क्षेत्र के 52 ब्लाक और 5953 गांवों को अभी तक खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब तक 1,98,466 घरों में शौचालय बनाये जा चुके हैं और 1.21 लाख शौचालय बनाने का काम जारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/1-25-lakh-plants-to-be-planted-on-august-15/article-2899</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Aug 2017 23:33:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इस साल 1,33,100 युवाओं का होगा स्किल डेवलपमेंट</title>
                                    <description><![CDATA[50 हजार युवाओं को ट्रेनिंग देगा हरियाणा कौशल विकास मिशन चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश में 1,33,100 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि उन्हें आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया जा सके और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ill-development-of-youth/article-2777"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/skill-development.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">50 हजार युवाओं को ट्रेनिंग देगा हरियाणा कौशल विकास मिशन</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 के दौरान प्रदेश में 1,33,100 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि उन्हें आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया जा सके और रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित किए जा सकें। कौशल विकास तथा औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इनमें से 50 हजार युवाओं को हरियाणा कौशल विकास मिशन द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा जबकि शेष को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन द्वारा कुल 50 हजार लक्षित युवाओं में से 14 हजार युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के केन्द्र प्रायोजित राज्य-व्यवस्थित घटक के तहत जबकि 5 हजार युवाओं को चालक प्रशिक्षण स्कूलों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाए जाने की तैयारी</h2>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन ने 23 प्रशिक्षण प्रदाताओं को सूचीबद्घ किया है जोकि कृषि, सौंदर्य एवं स्वास्थ्य, दूर संचार, गारमेंट टेक्सटाइल, सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आॅटोमोटिव, रिटेल, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तथा बीमा, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा प्लास्टिक विनिर्माण में राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुसार प्रशिक्षण देंगे। प्रवक्ता ने बताया कि स्मार्ट ग्राम पहल के तहत जिला गुरुग्राम के गांव दौला (सोहना) में कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है जिसमें राष्ट्रपति द्वारा गोद लिए गए पांच गांवों के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुग्राम में कौशल विवि का ट्रांजिट कैम्पस चालूसाईबर सिटी गुरुग्राम से हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (ट्रांजिट कैम्पस) चालू हो गया है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रदेश में बहुकौशल विकास केन्द्र, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, प्रधानमंत्री कौशल केन्द्र और भारत अंतरराष्ट्रीय कौशल केन्द्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के सक्षम पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को भी प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ill-development-of-youth/article-2777</link>
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                <pubDate>Tue, 01 Aug 2017 07:27:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>परेशान न हों, कॉलेजों में दाखिले का अभी मौका</title>
                                    <description><![CDATA[मिशन एडमिशन। 14 जुलाई को शाम चार बजे से 18 जुलाई तक खुलेगा आॅनलाइन पोर्टल तीसरी मैरिट लिस्ट जारी होने के उपरांत भी खाली हैं सीटें आवेदन फार्म भरते समय रही त्रुटियों को भी कर सकते हैं दुरूस्त चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/mission-admission-still-chance-for-admission-in-colleges/article-2296"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/students-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">मिशन एडमिशन। 14 जुलाई को शाम चार बजे से 18 जुलाई तक खुलेगा आॅनलाइन पोर्टल</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>तीसरी मैरिट लिस्ट जारी होने के उपरांत भी खाली हैं सीटें </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आवेदन फार्म भरते समय रही त्रुटियों को भी कर सकते हैं दुरूस्त</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए 14 जुलाई को सायं 4 बजे से 18 जुलाई को मध्य रात्रि 12 बजे तक अॉनलाइन दाखिला पोर्टल खोलने का निर्णय लिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य के कॉलेजों में दाखिले के लिए तीसरी मैरिट लिस्ट जारी होने के उपरांत भी कुछ सीटें रिक्त पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि नए आवेदकों तथा शेष बचे आवेदकों के मामलों पर कॉलेजों में दाखिले की प्रतीक्षा सूची में विचार करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, जिन आवेदकों ने आॅनलाइन आवेदन फार्म भरते समय दस जमा दो के परिणाम, हरियाणा अधिवासी, जाति, लिंग आदि गलत भर दी थी, उन्हें स्थानीय कॉलेज स्तर पर ऐसी सूचनाओं को सही करने का अवसर भी दिया जा रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">20 को जांचे जाएंगे मूल दस्तावेज</h3>
<p style="text-align:justify;">राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्व वित्त पोषित कॉलेज मैरिट की प्रतीक्षा सूची में पात्र आवेदकों को दाखिले का अवसर देंगे तथा ऐसे आवेदकों को आवेदन फार्म, मूल दस्तावेज तथा उनकी सांक्षाकित प्रतियों के साथ संबंधित कॉलेज में 20 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। ऐसे सभी मामलों पर संबंधित सम्बद्घ विश्वविद्यालय के अनुसार विलम्ब शुल्क लागू होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2017 09:10:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>प्रदेश को बनाया जाएगा ओडीएफ: राजे</title>
                                    <description><![CDATA[सीएम हर 15 दिन में करेंगी समीक्षा जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि प्रदेश को मार्च 2018 तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए वे हर 15 दिन में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रगति की समीक्षा करेंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/the-state-will-be-open-defecation-free-raje/article-2018"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/cma_4503.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">सीएम हर 15 दिन में करेंगी समीक्षा</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>जयपुर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि प्रदेश को मार्च 2018 तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए वे हर 15 दिन में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रगति की समीक्षा करेंगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य सचिव के स्तर पर 15 दिन के अंतराल पर तथा पंचायती राज विभाग के स्तर पर साप्ताहिक रूप से स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत किए जा रहे कार्यों की समयबद्ध रूप से समीक्षा की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रीमती राजे वीरवार को मुख्यमंत्री निवास पर केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर की उपस्थिति में प्रदेश में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता एवं स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति के संबंध में आयोजित बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शौचालयों की जियो टेगिंग अनिवार्य रूप से की जाए। बैठक में अय्यर ने जल के बेहतर प्रबन्धन के क्षेत्र में इजरायल में हो रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने जल के बेहतर उपयोग, रिसाईकलिंग एवं सरंक्षण की दिशा में इजरायल के साथ मिलकर काम करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">राशि बढ़ाने का दिया सुझाव</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट विलेज के अन्तर्गत 3000 से अधिक आबादी वाले गांवों में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार की ओर से दी जाने वाली राशि 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का सुझाव दिया। बैठक के दौरान प्रदेश में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिसेलिनेशन, भूजल स्तर बढ़ाने सहित अन्य उपायों पर भी चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Thu, 06 Jul 2017 06:36:36 +0530</pubDate>
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