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                <title>सेवा से बड़ी हुई पद की लालसा</title>
                                    <description><![CDATA[कभी समय था जब पार्टी की ओर से गुरमुख सिंह मुसाफिर को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन मुसाफिर यह पद लेने से पीछे हट गए। बड़ी मुश्किल से उनके साथी नेताओं ने उन्हें मनाया। अब हालात यह हैं कि पद के लिए पार्टी ही तोड़ दी जाती है। पद व राजनीति […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/the-desire-for-position-became-greater-than-service/article-5149"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/chair-is-more-important-then-service-for-govt-employee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कभी समय था जब पार्टी की ओर से गुरमुख सिंह मुसाफिर को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन मुसाफिर यह पद लेने से पीछे हट गए। बड़ी मुश्किल से उनके साथी नेताओं ने उन्हें मनाया। अब हालात यह हैं कि पद के लिए पार्टी ही तोड़ दी जाती है। पद व राजनीति एक दूसरे में इतने घुलमिल गए हैं कि पद शब्द एक तरफ कर दें तो राजनीति शब्द का कोई अर्थ नहीं रह जाता। ताजा मिसाल आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की है। खैहरा ने बठिंडा के अपने 7 विधायकों के सहयोग से कनवैंशन कर ली हालांकि उनके साथ दो अन्य विधायक तो इस कनवैंशन में नहीं आए। लोगों को एकत्रित करने के लिए जोर लगाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे वह किसी लोक मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हों। कनवैंशन का बड़ा मुद्दा यह था कि खैहरा को उनसे छीना गया विपक्ष के नेता का पद वापिस किया जाए। कनवैंशन में पहुंचे विधायकों ने भी मांग पर जोर दिया। इस घटना से शुरु से ही विवादों में उलझी आम आदमी पार्टी और भी घिर गई है। पार्टी के अंदर लोकतंत्र नहीं है क्योंकि नेता विपक्ष को बदलने के लिए विधायकों की बैंठकें नहीं हुई, फिर नेताओं को अनुशासन पसंद नहीं क्यों वह मीडिया में जाने की बजाए पार्टी मंच पर अपनी बात नहीं रख सके। खास पदों की दौड़ में आदर्श भटकते नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जनता के हितों की बात करने की बजाए सभी राज्यों की लीडरशिप को पद की लालसा ने अपनी चपेट में ले लिया है। कांग्रेस व अकाली-भाजपा दलों को ‘आप’ की दुर्दशा फायदेमंद साबित होगी। इस पार्टी के राष्टÑीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने पहली बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनते समय लोगों के सामने आदर्श रखा था कि वह सरकारी बंगला नहीं लेंगे। खैहरा की ओर से सरकारी कोेठी खाली करवाने के लिए कु छ दिनों की मोहलत मांगी गई थी। पंंजाब को इस समय जरूरत है सार्वजनिक मुद्दों की आवाज उठाने वाले नेताओं व पार्टियों की।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू हैं जो भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के लिए अपनी ही पार्टी के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इस तरह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सिद्धू की लड़ाई सरकार के साथ हो रही है। नवजोत सिद्धू के परिवार ने विरोध होने के कारण सरकार में दो अहम पद भी ठुÞकरा दिए। पदों के त्याग के लिए सिद्धू पूरे पंजाब के लिए मिसाल बन चुके हैं। राजनीति को सेवा मानना बड़ी बात है जो कहीं-कहीं पूरी होती भी दिख रही है। सिद्धू व खैहरा की मिसाल राजनीति के दो पहलुओं को प्रदर्शित करती है।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Aug 2018 10:33:44 +0530</pubDate>
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                <title>भिवानी में इस बार कपास की बम्पर पैदावार के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[पहले के मुकाबले दस प्रतिशत ज्यादा फसल की उम्मीद, किसानों की बल्ले-बल्ले भिवानी(सच कहूँ/इंद्रवेश)। इस बार अगर सब कुछ ठीक रहा तो भिवानी के किसानों की बल्ले बल्ले होने वाली है। किसानों की इस बार कपास की फसल बम्पर होगी तथा किसान भी इस फसल को लेकर काफी खुश हं।  इस बार भिवानी जिले में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ten-percent-more-hope-than-the-first-crop/article-4917"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/crop-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">पहले के मुकाबले दस प्रतिशत ज्यादा फसल की उम्मीद,<br />
किसानों की बल्ले-बल्ले</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी(सच कहूँ/इंद्रवेश)।</strong> इस बार अगर सब कुछ ठीक रहा तो भिवानी के किसानों की बल्ले बल्ले होने वाली है। किसानों की इस बार कपास की फसल बम्पर होगी तथा किसान भी इस फसल को लेकर काफी खुश हं।  इस बार भिवानी जिले में किसानों ने एक लाख तीन हजार हेक्टेयर भूमि पर कपास की फसल की बिजाई की है, जबकि पिछले वर्ष किसानों ने 90 हजार हेक्टेयर पर ही किसानो ने कपास की फसल की बिजाई की थी। इस बार दस प्रतिशत ज्यादा कपास की फसल की बिजाई की गई है। किसानों का कहना है कि इस बार अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो यह फसल उनके लिए काफी फायदे मद साबित होगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">13 हजार हेक्टेयर अधिक रकबे में हुई कपास की बिजाई</h1>
<p style="text-align:justify;">भिवानी के किसान इस बार काफी खुश हैं ओर हो भी क्यों ना उनकी मेहनत रंग लाने वाली है। इस बार किसानों ने बाजरा की फसल पर ज्यादा मेहनत ना करके कपास की फसल की बिजाई की है, क्योंकि कपास की फसल कम मेहनत मे ज्यादा फायदा देती है। खास बात तो यह है कि इस बार सूखे क्षेत्र में भी ड्रिप सिस्टम से कपास की फसल की बिजाई की है जो कि सूखे क्षेत्र में भी किसानों ने दस हजार हेक्टेयर भूमि में ड्रिप सिस्टम से फसल की बिजाई की है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि सही समय पर फसल पर स्प्रे करके फसल को बचाया जा सकता है तथा अच्छी फसल ली जा सकती है।</p>
<h1 style="text-align:center;">ड्रिप सिस्टम से ली किसानों ने ज्यादा फसल</h1>
<p style="text-align:justify;">किसान राजकुमार का कहना है कि इस बार उन्होंने पहले के मुकाबले ज्यादा बोई गई है। किसान का कहना है कि बाजरा ज्यादा बोने का फायदा नही है, क्योंकि मंहगी बिजाई करने के बाद आमदनी नही होती इसलिए बाजरा इस बार नही बोया गया है। किसानों का कहना है कि कपास ज्यादा आमदनी देती है इसलिए इस फसल की बिजाई ज्यादा की गई है। यह फसल किसानों के लिए फायदे का सौद होगी।</p>
<h1 style="text-align:center;">एहतिहात बरतने की जरूरत</h1>
<p style="text-align:justify;">कपास की फसल पर किसानों को एहतिहात बरतने की जरूरत है। समय पर पानी व दवाई की इस्तेमाल करने से किसान अच्छा फायदा उठा सकते हं। ड्रिप सिस्टम से किसान अच्छी पैदावार ले रहे हैं, जो कि काफी अच्छा है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. विनोद कृषि वैज्ञानिक</strong></p>
<h1 style="text-align:center;">किसानों ने की बाजरे से ज्यादा कपास की बिजाई</h1>
<p>इस बार किसानों ने एक लाख तीन हजार हेक्टेयर में कपास की फसल की बिजाई की है। यह फसल पिछले बार के मुकाबले ज्यादा है। पिछले वर्ष 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर किसानो ने कपास की फसल की बिजाई की गई थी पहले के मुकाबले दस प्रतिशत ज्यादा है। कई जगह जहां पानी की कमी है, वहां ड्रिप सिस्टम से बिजाई की गई है। इस बार बाजरा कम बिजाई की गई है तथा कपास की फसल की बिजाई ज्यादा की गई है।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>डॉ. प्रताप सभंरवाल</strong><br />
<strong>उपनिदेशक, कृषि विभाग</strong></p>
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                                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jul 2018 05:54:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>शैलजा हत्याकांड: निखिल के अलावा उसके दो और रिश्तेदार शक के दायरे में</title>
                                    <description><![CDATA[शक के आधार पर पुलिस ने निखिल के चाचा और भाई को किया गिरपफतार दिल्ली। दिल्ली में एक आर्मी ऑफिसर की पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मेजर निखिल हांडा ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। मेजर हांडा ने पूछताज में पुलिस को बताया कि वह शैलजा के प्यार में पागल था और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/sheljah-massacre-nikhil-two-more-relatives-suspect/article-4496"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/kjkj-copy-6.jpg" alt=""></a><br /><h1>शक के आधार पर पुलिस ने निखिल के चाचा और भाई को किया गिरपफतार</h1>
<p><strong>दिल्ली।</strong></p>
<p>दिल्ली में एक आर्मी ऑफिसर की पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मेजर निखिल हांडा ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। मेजर हांडा ने पूछताज में पुलिस को बताया कि वह शैलजा के प्यार में पागल था और उससे शादी करना चाहत था। लेकिन शैलजा के मना करने पर वह हताश होगया, शैलजा के मना करने पर वह बहुत गुस्से में था जिसके चलते उसने चाकू से गला रेतकर शैलजा की हत्या कर दी। शुरुआत में शैलजा की हत्या दुर्घटना प्रतीत हुई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आया तो पता चला कि शैलजा की गला रेतकर हत्या की गई थी। वारदात के 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी निखिल की गिरफ्तारी के बाद हत्या की पुष्टि भी हो गई। लेकिन अब इस हत्याकांड में निखिल के अलावा उसके दो और रिश्तेदार शक के दायरे में आ गए हैं। पुलिस ने बताया कि सोमवार को निखिल के चाचा और उसके भाई को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या वाकई इस हत्याकांड में निखिल के अलावा उसके चाचा और भाई की भी कोई रोल है</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jun 2018 15:02:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तंबाकू जनित बीमारियों से हर साल 70 लाख से अधिक मौतें</title>
                                    <description><![CDATA[जिनेवा (एजेंसी)। विश्व में हर साल तंबाकू उत्पादों से सत्तर लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है और 30 लाख लोग इसके कारण दिल की बीमरियों तथा लकवे का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज यह जानकारी दी। डब्ल्यूएचओ ने आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस(नो टौबेको डे) के मौके पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/more-than-7-million-deaths-per-year-from-tobacco/article-3862"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/aa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जिनेवा (एजेंसी)। </strong>विश्व में हर साल तंबाकू उत्पादों से सत्तर लाख से अधिक लोगों की मौत हो रही है और 30 लाख लोग इसके कारण दिल की बीमरियों तथा लकवे का शिकार हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज यह जानकारी दी। डब्ल्यूएचओ ने आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस(नो टौबेको डे) के मौके पर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि धूम्रपान करने वाले लोग तो इससे होने वाली बीमारियों की चपेट में आकर मारे जाते हैं लेकिन ये लोग आस पास धुआं छोड़ते हैं तो इसके संपर्क में आकर लोग भी अपनी जान गवां रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह के सेकंड हैंड एक्सपोजर से मरने वालों का आंकड़ा 890,000 है। डब्ल्यूएचओ ने तंबाकू उत्पादों और ध्रूमपान के खतरों से लोगों को अवगत कराने के लिए 2005 में एक प्रस्ताव पेश किया था जिसका अनुमोदन 180 देशों ने कर दिया है। इसमें तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और प्रायोजकता पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएचओ के अंसचारी रोग विभाग के निदेशक डगलस बैचर ने बताया कि इस मुहिम के अच्छे परिणाम सामने आए हैं और 2000 में जहां विश्व की कुल आबादी का 20 प्रतिशत हिस्सा तंबाकू उत्पादों का सेवन करता था वहीं यह 2016 में घटकर 20 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि अभी इस दिशा में काफी कुछ किया जाना है और सबसे अधिक दिक्कतें निम्न और मध्य आय वाले देशों में आ रही हैं जहां तंबाकू लाबी इतनी ताकतवर है कि वे अपने उत्पादों के प्रचार के लिए किसी भी तरह के हथकंडे अपनाने को तैयार रहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये कंपनियां अपने उत्पादों का प्रचार गलत तरीके से करती हैं और इनका लक्ष्य युवा वर्ग होता है जिसके लिए ये उत्पादों की कीमत कम रखती हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रति वर्ष तंबाकू उत्पादों के सेवन से सत्तर लाख से अधिक लोग मारे जा रहे हैं और इनमें से अधिकांश को पता होता है कि धूम्रपान कैंसर का एक बड़ा कारण है लेकिन फिर भी ये इनके दुष्चक्र में फंस जाते हैं। विश्व में धूम्रपान करने वालों की संख्या 1़ 1 अरब है जिनमें चीन में 30़ 7 करोड़ लोग और भारत में 10़ 6 करोड़ लोग इसके जाल में फंसे हुए हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/more-than-7-million-deaths-per-year-from-tobacco/article-3862</link>
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                <pubDate>Thu, 31 May 2018 10:04:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>‘प्लास्टिक मनी’ के अधिक से अधिक इस्तेमाल की मोदी की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[बेलगावी:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को अमान्य करने को कालेधन पर कड़ा प्रहार करार देते हुए लोगों से नोटों पर निर्भरता कम करके डेबिट और क्रेडिट कार्ड का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कल अपील की। श्री मोदी ने आज यहां एक कार्यक्रम में कहा “मेरी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/plastic-money-more-and-more-used-modi/article-346"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-11/speech-modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बेलगावी:</strong>  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को अमान्य करने को कालेधन पर कड़ा प्रहार करार देते हुए लोगों से नोटों पर निर्भरता कम करके डेबिट और क्रेडिट कार्ड का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कल अपील की।<br />
श्री मोदी ने आज यहां एक कार्यक्रम में कहा “मेरी सभी लोगों से अपील है कि भुगतान के वैकल्पिक साधनों जैसे क्रेडिट, डेबिट कार्डों, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग आदि का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।<br />
मैं देश के लोगों से अपील करता हूं कि प्रचलित मुद्रा पर निर्भरता की बजाय “प्लास्टिक मनी” का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। <em>(वार्ता) </em></p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
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                <pubDate>Mon, 14 Nov 2016 00:40:05 +0530</pubDate>
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