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                <title>UNSC में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को 4 यूरोपीय देशों का समर्थन, जानिए क्यों है मुश्किल राह</title>
                                    <description><![CDATA[UNSC में भारत की स्थायी सीट की दावेदारी को 4 यूरोपीय देशों का समर्थन, जानिए क्यों है मुश्किल राह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/4-european-countries-support-indias-bid-for-a-permanent-seat/article-91551"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-09/united-nations.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग को अब चार यूरोपीय देशों का समर्थन मिला है। पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान हुई पहली <strong>V4+India विदेश मंत्रियों की बैठक</strong> में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल होना चाहिए। इस बैठक में भारत और V4 देशों ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारत को स्थायी सदस्य बनने के लिए क्या करना होगा?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">UNSC की स्थायी सदस्यता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन करना होगा। <strong>चार्टर के अनुच्छेद 108</strong> के मुताबिक किसी संशोधन को लागू होने के लिए पहले महासभा के दो-तिहाई सदस्यों द्वारा उसे अपनाया जाना जरूरी है। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के दो-तिहाई सदस्य देशों को अपने संवैधानिक नियमों के अनुसार उसका अनुसमर्थन करना होता है और इनमें सुरक्षा परिषद के सभी मौजूदा स्थायी सदस्य शामिल होने चाहिए।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र में वर्तमान में 193 सदस्य देश हैं, इसलिए महासभा में दो-तिहाई समर्थन का आंकड़ा <strong>129 देशों</strong> तक पहुंचता है। लेकिन केवल महासभा में 129 देशों का समर्थन मिल जाना पर्याप्त नहीं होगा। संशोधन के प्रभावी होने के लिए मौजूदा पांच स्थायी सदस्यों—अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन—का अनुसमर्थन भी जरूरी है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">चीन का रुख क्यों अहम?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत की स्थायी सदस्यता की राह में चीन का रुख महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत की दावेदारी को अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन सहित कई देशों का समर्थन मिल चुका है, जबकि चीन की स्थिति इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है क्योंकि वह UNSC के पांच स्थायी सदस्यों में शामिल है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">यही वजह है कि भारत लगातार अलग-अलग देशों और समूहों के साथ राजनयिक समर्थन जुटाने की कोशिश करता रहा है। भारत <strong>G4 समूह</strong> का भी हिस्सा है, जिसमें ब्राजील, जर्मनी और जापान शामिल हैं। G4 लंबे समय से सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार और स्थायी सदस्यता के विस्तार की वकालत करता रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">भारत के लिए स्थायी सीट क्यों महत्वपूर्ण है?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">भारत के स्थायी सदस्य बनने से उसे सुरक्षा परिषद की निर्णय प्रक्रिया में लगातार भागीदारी मिलेगी। भारत पहले भी कई बार UNSC का गैर-स्थायी सदस्य रह चुका है, लेकिन गैर-स्थायी सदस्य का कार्यकाल दो साल का होता है।</p>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थायी सदस्यता मिलने पर भारत अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, संघर्ष, प्रतिबंध, युद्ध और अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर होने वाली सुरक्षा परिषद की चर्चाओं और निर्णय प्रक्रिया में स्थायी रूप से मौजूद रहेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">वीटो पावर का क्या होगा?</h2>
<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">स्थायी सदस्यता के साथ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा <strong>वीटो पावर</strong> का है। वर्तमान में सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों के पास वीटो अधिकार है। हालांकि भारत को स्थायी सदस्यता मिलने पर वीटो का अधिकार मिलेगा या नहीं, यह भविष्य में होने वाले सुधार समझौते की शर्तों पर निर्भर करेगा। इसलिए स्थायी सीट और वीटो पावर को स्वतः एक ही चीज मानना सही नहीं होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">फिलहाल V4 देशों का समर्थन भारत की दावेदारी के लिए एक नया कूटनीतिक समर्थन है, लेकिन UNSC के स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया अभी भी व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन पर निर्भर करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 10:33:50 +0530</pubDate>
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