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                <title>प्रेरणास्त्रोत : जापान के कर्मचारी</title>
                                    <description><![CDATA[कहावत है कि आलस्य को शत्रु समझने वाला व्यक्ति ही परिस्थितियों को अपने अनुरूप बनाने का सामर्थ्य रखता हे। जापान की युद्ध में पराजय के बाद एक अमेरिकी संस्था ने वहाँ अपनी शाखा खोली। संस्था में सभी कर्मचारी जापानी रखे गए। अमेरिकी कानून के अनुसार सप्ताह में पाँच दिन ही काम करने का निश्चय किया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/employees-of-japan/article-12898"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/japan.jpg" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:justify;">कहावत है कि आलस्य को शत्रु समझने वाला व्यक्ति ही परिस्थितियों को अपने अनुरूप बनाने का सामर्थ्य रखता हे। जापान की युद्ध में पराजय के बाद एक अमेरिकी संस्था ने वहाँ अपनी शाखा खोली। संस्था में सभी कर्मचारी जापानी रखे गए। अमेरिकी कानून के अनुसार सप्ताह में पाँच दिन ही काम करने का निश्चय किया गया। संस्था के प्रमुख का सोचना था कि इससे जापानी कर्मचारी प्रसन्न होंगे, परन्तु यह देखकर वे हैरान रह गए कि कर्मचारी उस व्यवस्था का विरोध कर रहे थे। पूछने पर पता चला कि कर्मचारी सप्ताह में एक ही दिन का अवकाश चाहते थे। वे दो दिन छुट्टियाँ मनाने के खिलाफ थे। इस विचित्र माँग के पीछे उनका तर्क था कि हम अधिक अवकाश से इसलिए प्रसन्न नहीं हैं, क्योंकि जितना आराम बढ़ेगा, हमारा आलस्य भी बढ़ेगा और हम आलसी हो जाएँगे। मेहनत के काम में हमारा दिल नहीं लगेगा। इससे हमारा राष्टÑीय चरित्र भी गिरेगा। अतिरिक्त अवकाश के कारण ही हम व्यर्थ घूमेंगे-फिरेंगे जिससे फिजूलखर्ची होगी। जो हमारा चरित्र बिगाड़े, आर्थिक स्थिति खराब करे और हमारी आदतों को खराब करे ऐसा अवकाश किस काम का।</h4>
<h3 style="text-align:justify;">
तीन प्रकार की बुद्धि</h3>
<h4 style="text-align:justify;">एक संत अपने शिष्यों को समझा रहे थे, ‘बुद्धि तीन प्रकार की होती है- कम्बल बुद्धि, पत्थर बुद्धि और बाँस बुद्धि।’ संत के इतना कहते ही एक जिज्ञासु शिष्य से रहा नहीं गया और वह बोला, ‘गुरुदेव! इन तीन प्रकार की बुद्धियों का अर्थ भी समझायें।’ संत समझाने लगे, ‘कम्बल में सुर्इं डालिए और फिर निकाल दीजिए। क्या कोई बता सकता है कि कम्बल में सुर्इं कहाँ डाली गई?’ विचार कर सभी शिष्य एक साथ बोले, ‘कोई नहीं बता सकता।’ कुछ बुद्धियाँ इसी प्रकार की होती हैं। बात बुद्धि में डाल दी पर बात समाप्त होते ही मैदान साफ। पता ही नहीं चलता कि बात बुद्धि में कहाँ डाली गई। संता बोले, ‘दूसर होती है, पत्थर बुद्धि। पत्थर में बड़ी कठिनाई से छेद होता है, पर जो छेद हो गया तो वह स्थायी हो गया। वह बंद नहीं हो सकता। इसे हम पत्थर बुद्धि कहते हैं। बात बड़ी मुश्किल से समझ में आती है, लेकिन एक बार समझ लेने के बाद व्यक्ति उसे भूल नहीं सकता। तीसरी होती है बाँस बुद्धि। बाँस में चाकू डालिए आगे से आगे वह स्वयं चिरता चला जाएगा। जरा इशारे में समझा दीजिए व्यक्ति आगे की बात स्वत: समझता चला जाएगा। तो शिष्यों बुद्धि तीन प्रकार की होती है, लेकिन बाँस बुद्धि ही सर्वश्रेष्ठ बुद्धि कहलाती है।’</h4>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Feb 2020 21:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संगरूर : एसडीओ ने सीवरेज बोर्ड के कर्मचारी को मारी गोली</title>
                                    <description><![CDATA[इस संबंधी बातचीत करते डीएसपी सतपाल शर्मा ने बताया कि मुझे इस घटना संबंधी अभी ही पता चला है ।
सीवरेज बोर्ड के कर्मचारी अशोक कुमार को हरशरन सिंह नामक एसडीओ की ओर से गोली मारी गई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1 style="text-align:center;">कर्मचारी के पैर पर लगी गोली, जख्मी परंतु जानी नुक्सान से बचाव | Crime</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर(सच कहूँ/गुरप्रीत सिंह)।</strong> संगरूर के सीवरेज बोर्ड के कर्मचारी का उस समय पर बाल बाल बचाव हो गया जब विभाग के एक एसडीओ ने अपनी रिवाल्वर के साथ उस पर <strong>(Crime)</strong> गोली चला दी जो उसके पैर पर लगी। जख्मी हालत में उक्त कर्मचारी को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन सीवरेज बोर्ड के कर्मचारी अशोक कुमार ने बताया कि वह पहले नगर कौंसिल संगरूर में ड्यूटी करते था और अब वह डैपूटेशन और सीवरेज बोर्ड में कर्मचारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उसने बताया कि आज सुबह विभाग के एसडीओ बरनाला यहां दफ़्तर में अपने टीए डीए के मसले संबंधी पहुंचे हुए थे। उसने बताया कि कार्यालय में उनके साथ किसी बात को लेकर तू -तू, मैं-मैं हो गई, जिस के बाद वह गुस्से में कार्यालय से बाहर गए बाहर आकर उसने अपनी रिवाल्वर निकाल कर गोली चला दी उसने बताया कि एसडीओ की ओर से चलाई गोली जमीन के साथ टकरा कर उस के पैर पर आ लगी और उस का पैर जख्मी हो गया, जिसके बाद विभाग के कर्मचारी उसे लेकर सिविल अस्पताल आ गए। अशोक कुमार ने बताया कि उक्त एसडीओ के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं और न ही उसके साथ कोई बातचीत हुई थी।</p>
<h2>जांच के बाद की जाएगी आगामी कार्रवाई : डीएसपी</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>डीएसपी सतपाल शर्मा ने बताया कि मुझे इस घटना संबंधी अभी ही पता चला है ।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>सीवरेज बोर्ड के कर्मचारी अशोक कुमार व हरशरन सिंह नामक एसडीओ की ओर से गोली मारी गई है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> हम अशोक कुमार का बयान लिखने के लिए पुलिस कर्मचारी को भेज चुके हैं ।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>उनके बयानों के आधार पर ही पुलिस की ओर से कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> हमें प्राथमिक तौर पर सिर्फ इतना ही पता चला है </strong><strong><strong>कि एसडीओ का दफ़्तर में<br />
टीए, डीए को लेकर कोई झगड़ा हुआ था।</strong></strong></li>
</ul>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/sdo-shot-sewerage-board-employee/article-12666</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2020 20:37:30 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेवा से बड़ी हुई पद की लालसा</title>
                                    <description><![CDATA[कभी समय था जब पार्टी की ओर से गुरमुख सिंह मुसाफिर को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन मुसाफिर यह पद लेने से पीछे हट गए। बड़ी मुश्किल से उनके साथी नेताओं ने उन्हें मनाया। अब हालात यह हैं कि पद के लिए पार्टी ही तोड़ दी जाती है। पद व राजनीति […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/the-desire-for-position-became-greater-than-service/article-5149"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/chair-is-more-important-then-service-for-govt-employee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">कभी समय था जब पार्टी की ओर से गुरमुख सिंह मुसाफिर को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया लेकिन मुसाफिर यह पद लेने से पीछे हट गए। बड़ी मुश्किल से उनके साथी नेताओं ने उन्हें मनाया। अब हालात यह हैं कि पद के लिए पार्टी ही तोड़ दी जाती है। पद व राजनीति एक दूसरे में इतने घुलमिल गए हैं कि पद शब्द एक तरफ कर दें तो राजनीति शब्द का कोई अर्थ नहीं रह जाता। ताजा मिसाल आम आदमी पार्टी के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की है। खैहरा ने बठिंडा के अपने 7 विधायकों के सहयोग से कनवैंशन कर ली हालांकि उनके साथ दो अन्य विधायक तो इस कनवैंशन में नहीं आए। लोगों को एकत्रित करने के लिए जोर लगाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे वह किसी लोक मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हों। कनवैंशन का बड़ा मुद्दा यह था कि खैहरा को उनसे छीना गया विपक्ष के नेता का पद वापिस किया जाए। कनवैंशन में पहुंचे विधायकों ने भी मांग पर जोर दिया। इस घटना से शुरु से ही विवादों में उलझी आम आदमी पार्टी और भी घिर गई है। पार्टी के अंदर लोकतंत्र नहीं है क्योंकि नेता विपक्ष को बदलने के लिए विधायकों की बैंठकें नहीं हुई, फिर नेताओं को अनुशासन पसंद नहीं क्यों वह मीडिया में जाने की बजाए पार्टी मंच पर अपनी बात नहीं रख सके। खास पदों की दौड़ में आदर्श भटकते नजर आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जनता के हितों की बात करने की बजाए सभी राज्यों की लीडरशिप को पद की लालसा ने अपनी चपेट में ले लिया है। कांग्रेस व अकाली-भाजपा दलों को ‘आप’ की दुर्दशा फायदेमंद साबित होगी। इस पार्टी के राष्टÑीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने पहली बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बनते समय लोगों के सामने आदर्श रखा था कि वह सरकारी बंगला नहीं लेंगे। खैहरा की ओर से सरकारी कोेठी खाली करवाने के लिए कु छ दिनों की मोहलत मांगी गई थी। पंंजाब को इस समय जरूरत है सार्वजनिक मुद्दों की आवाज उठाने वाले नेताओं व पार्टियों की।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू हैं जो भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के लिए अपनी ही पार्टी के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। इस तरह भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सिद्धू की लड़ाई सरकार के साथ हो रही है। नवजोत सिद्धू के परिवार ने विरोध होने के कारण सरकार में दो अहम पद भी ठुÞकरा दिए। पदों के त्याग के लिए सिद्धू पूरे पंजाब के लिए मिसाल बन चुके हैं। राजनीति को सेवा मानना बड़ी बात है जो कहीं-कहीं पूरी होती भी दिख रही है। सिद्धू व खैहरा की मिसाल राजनीति के दो पहलुओं को प्रदर्शित करती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Aug 2018 10:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों ने किया रोष प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[मांगों के प्रति कार्यकारी अभियंता का रवैया नकारात्मक: नरेश गौत्तम हिसार (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्करज यूनियन की जनस्वास्थ्य विभाग शाखा ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंडल नं. 1 कार्यकारी अभियंता के कैमरी रोड स्थित कार्यालय पर रोष प्रदर्शन कर धरना लगाया। प्रदर्शन का नेतृत्व ब्रांच प्रधान नरेश गौत्तम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/protest-by-public-health-department-employee/article-3236"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/raised-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">मांगों के प्रति कार्यकारी अभियंता का रवैया नकारात्मक: नरेश गौत्तम</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हिसार (सच कहूँ न्यूज)। </strong>हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्करज यूनियन की जनस्वास्थ्य विभाग शाखा ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंडल नं. 1 कार्यकारी अभियंता के कैमरी रोड स्थित कार्यालय पर रोष प्रदर्शन कर धरना लगाया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शन का नेतृत्व ब्रांच प्रधान नरेश गौत्तम ने किया। इससे पूर्व कर्मचारी एक जगह एकत्रित हुए। एकत्रित हुए प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए ब्रांच प्रधान नरेश गौत्तम ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कार्यकारी अभियंता का रवैया बहुत ही नकारात्मक रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मुख्य मांगों में टर्म एप्वाइंटी कर्मचारियों के ईपीएफ व ईएसआई कार्ड बनाना, सभी फिल्ड कर्मचारियों को डांगरी, स्टाफ क्वार्टरों की मुरम्मत, फिल्ड में स्टैंड बाई सैट लगवाने, कच्चे कर्मचारियों को समय पर वेतन देने व श्रम कानूनों के तहत वेतन देने तथा समान काम के लिए समान वेतन दिया जाने सहित विभिन्न मांगें शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर जिस प्रकार का नकारात्मक रवैया अधिकारी अपना रहे हैं, उसको कर्मचारी हरगिज सहन नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 अगस्त तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 25 अगस्त को एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान प्रदर्शन को जिला प्रधान चंद्रप्रकाश नागर, प्रांतीय उपप्रधान सुरेंद्रमान, जिला वरिष्ठ उपप्रधान हरीश चावला, ब्रांच वरिष्ठ उपप्रधान अभयराम फौजी, कैशियर ओपी माल, आदमपुर सचिव रामसुरत, पवन शर्मा, सुरेंद्र चहल सहित अन्य संबोधित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/protest-by-public-health-department-employee/article-3236</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2017 00:05:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब पुलिस के लिए खुशखबरी, तनाव से मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[जन्मदिन व शादी की सालगिह पर मिलेगी छुट्टी एडीजीपी ने सुनी पुलिस कर्मियों की समस्याएं अमृतसर (सच कहूँ न्यूज)। त्यौहारों में ड्यूटी, काम का बोझ व तनाव झेलने वाली पुलिस फोर्स को अब साल में दो छुट्टियां मिलना लाजमी कर दिया है। पुलिस विभाग के प्रत्येक मुलाजिम को उसके जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/good-news-for-punjab-police/article-2935"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/punjab-police.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">जन्मदिन व शादी की सालगिह पर मिलेगी छुट्टी</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>एडीजीपी ने सुनी पुलिस कर्मियों की समस्याएं</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> त्यौहारों में ड्यूटी, काम का बोझ व तनाव झेलने वाली पुलिस फोर्स को अब साल में दो छुट्टियां मिलना लाजमी कर दिया है। पुलिस विभाग के प्रत्येक मुलाजिम को उसके जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर छुट्टी देने की घोषणा की गई है। इससे उन्हें परिवार के साथ वक्त बिताने का समय मिलेगा और उनकी तनाव भरी जिंदगी को कुछ राहत मिलेगी। एडीजीपी लॉ एंड आॅर्डर रोहित चौधरी ने पुलिस लाइंस में आयोजित बैठक में पुलिस कर्मियों की मुश्किलों को सुना और घोषणा की है कि प्रत्येक पुलिस कर्मी को उसके जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर छुट्टी मिलेगी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जनता से तालमेल बनाना जरूरी</h2>
<p style="text-align:justify;">एडीजीपी रोहित चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान बीट इंचार्ज और पीसीआर कर्मियों से भी बात की। उन्होंने कर्मियों को बताया कि वह अपने इलाके में रहने वाले लोगों के साथ गहन तालमेल बनाएं। अगर जनता पुलिस की मित्र बन गई तो समाज से अपराध का खात्मा आसानी से किया जा सकता है। इस मौके पर एडीजीपी ने बीट इंचार्ज को बीट बुक भी बांटी।</p>
<h2 style="text-align:justify;">महिला पीसीआर तैनात रहेंगी स्कूलों के बाहर</h2>
<p style="text-align:justify;">मीटिंग के दौरान एडीजीपी ने पीसीआर की महिला जवानों के साथ भी विचार विमर्श किया। उन्होंने बताया कि शहर के प्रत्येक स्कूल-कॉलेज के आसपास महिला पीसीआर की एक टीम तैनात रहेगी। इसके अलावा महिला पुलिस कर्मियों को संबंधित स्कूल की प्रिंसिपल और स्टूडेंट्स के साथ एक वाट्स एप ग्रुप भी बनाना चाहिए। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को कानून के प्रति जागरूक भी करना होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">नशे के खिलाफ जनता हो एकजुट</h2>
<p style="text-align:justify;">एडीजीपी ने जनता से अपील है कि नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस-पब्लिक का सहयोग जरूरी है। इसके बिना समाज से नशे का खात्मा नही किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर नशा समाप्त कर दिया जाए तो समाज से आधे से ज्यादा अपराध अपने आप खत्म हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Aug 2017 05:37:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरिस्का क्षेत्र में धारा 144 लागू करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[डीएफओ बालाजी करी ने कलेक्टर को लिखा पत्र अलवर। अलवर जिले के विश्व प्रसिद्ध सरिस्का बाघ अभयारण्य में मवेशी चराने को लेकर ग्रामीणों और वनकर्मियों के बीच आये दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए सरिस्का प्रशसान ने कोर एरिया में धारा 144 में तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आग्रह किया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/demand-for-section-144-to-be-implemented-in-saria-area/article-2133"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/sariska.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">डीएफओ बालाजी करी ने कलेक्टर को लिखा पत्र</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>अलवर।</strong> अलवर जिले के विश्व प्रसिद्ध सरिस्का बाघ अभयारण्य में मवेशी चराने को लेकर ग्रामीणों और वनकर्मियों के बीच आये दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए सरिस्का प्रशसान ने कोर एरिया में धारा 144 में तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आग्रह किया है। डीएफओ बालाजी करी ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखा है कि बाघ परियोजना सरिस्का में पिछले चार सालों में अवैध चराई की रोकथाम की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों उपं वन स्टाफ के बीच झगड़े, मारपीट और तोड़फोड़ की कई घटनाएं हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन सभी प्रकरणों में मामले पुलिस में भी दर्ज हैं। ऐसे में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लगाया जाना उचित होगा। उन्होंने कहा कि अवैध चराई के कारण बाघ बाघिन तनाव में रहते हैं। उन्हें इधर-उधर भागना पड़ता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा करना जरूरी है। अभयारण्य में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश एवं चराई पर प्रतिबंध है लेकिन आस-पास के लोग विस्थापित परिवारों द्वारा जबरन प्रवेश करा कर अवैध चराई की जाती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संघर्ष और मारपीट से फारेस्ट कर्मचारी परेशान</h2>
<p style="text-align:justify;">डीएफओ का तर्क है कि बाघ परियोजना रणथम्भौर में वर्षाकाल में अवैध चराई की रोकथाम के लिए धारा 144 लगाई जाती है। इसी तर्ज पर सरिस्का में रोटक्याला, उमरी तिराया से उमरी, सिलिबेरी , भैंसोटा, काबरी जंगल में बाघों की सुरक्षा के लिए अनधिकृत प्रवेश चराई रोकने के लिए इस कोर एरिया में जुलाई से रोक लगाई जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">श्री बालाजी करी ने बताया कि हरसाल हम धारा 144 के लिए निवेदन करते हैं, लेकिन जिला प्रशासन उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं नहीं करता है। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवार चराई के बहाने झोपड़ी बनाकर रहना शुरू कर देते हैं। फिर न्यूसेंस होता है। इसलिए धारा 144 के लिए लिखा है। उन्होंने बताया कि रोज हो रहे संघर्ष और मारपीट से फारेस्ट कर्मचारी परेशान हो रहे है। ग्रामीण जबरन पशुओ को सरिस्का में चराने के लिए ले जाते है और वनकर्मियों द्वारा मना करने पर उनके साथ मारपीट कर दी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 06:23:26 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>दो ट्रेन इंजन की शंटिंग के दौरान बीच में फंसने से कर्मचारी की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[ 5 रेलवे कर्मचारियों पर मामला दर्ज अम्बाला। अम्बाला कैंट स्टेशन के रेलवे यार्ड में एक कर्मचारी की दो ट्रेन इंजन की शंटिंग के दौरान बीच में आने से मौत हो गई। यह हादसा दो ट्रेन को जोड़ते समय हुआ मृतक कर्मचारी की पहचान शंकर (28) के रूप में हुई है। मौत के बाद परिजनों ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/employee-death-by-trapping-between-two-train-engines/article-2049"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/death1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"> 5 रेलवे कर्मचारियों पर मामला दर्ज</h2>
<p><strong>अम्बाला।</strong> अम्बाला कैंट स्टेशन के रेलवे यार्ड में एक कर्मचारी की दो ट्रेन इंजन की शंटिंग के दौरान बीच में आने से मौत हो गई। यह हादसा दो ट्रेन को जोड़ते समय हुआ मृतक कर्मचारी की पहचान शंकर (28) के रूप में हुई है। मौत के बाद परिजनों ने  हत्या का आरोप लगाया।</p>
<p>शंकर के पिता ने बताया कि उसका बेटा गुरुवार को रेलवे यार्ड में ड्यूटी पर था। देररात उन्हें मौत की सूचना मिली। शंकर के पिता का आरोप है कि उसके बेटे की मौत कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुई है।</p>
<h3>परिजनों ने किया हंगामा</h3>
<p>परिजनों ने रेलवे यार्ड में जमकर हंगामा किया तो जीआरपी मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2017 05:10:19 +0530</pubDate>
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