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                <title>agitation - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>26 फरवरी को पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार को चेतावनी देने के लिए एचसीटीए ने प्रदेश भर में दिए सांकेतिक धरने बार-बार मांग पूरी करने के आश्वासन से मुकर रही है सरकार: एचसीटीए मांग पूरी ना होने पर 26 फरवरी को पंचकूला में शिक्षा सदन का करेंगे घेराव भिवानी(सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन (एचटीसीए) अपनी मांगों को लेकर सरकार के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h2 style="text-align:justify;">सरकार को चेतावनी देने के लिए एचसीटीए ने प्रदेश भर में दिए सांकेतिक धरने</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>बार-बार मांग पूरी करने के आश्वासन से मुकर रही है सरकार: एचसीटीए</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>मांग पूरी ना होने पर 26 फरवरी को पंचकूला में शिक्षा सदन का करेंगे घेराव</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी(सच कहूँ न्यूज)।</strong> हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन (एचटीसीए) अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मुड में हैं। एचटीसीए ने प्रदेश भर में सांकेतिक धरने देकर इसकी चेतावनी दी है। साथ ही 26 फरवरी को पंचकूला में शिक्षा सदन के घेराव की भी रणनीति बनाई है। स्थानीय वैश्य कॉलेज में धरनारत्त एचटीसीए के बैनर तले कॉलेज लेक्चर्रस व प्रोफेसर्स का आरोप है कि वो कई बार धरने-प्रदर्शन व आंदोलन कर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रख चुके हैं और सरकार ने हर बार उनकी मांग पूरी करने का भरोसा भी दिया, लेकिन हर बार वायदा खिलाफी की।</p>
<p style="text-align:justify;">लेक्चर्र हरिकेश पंघाल ने बताया कि उनकी मांग इंक्रीमेंट का लागू करवाकर मूल वेतम में शामिल करवाने, मैडिकल सुविधाएं देने, महाविद्यालयों में भी प्रोफेसर के पद लागू करने, सेवानिवृत्ति की उम्र 65 साल करने, न्यूनतम सेवा कार्यकाल 28 से घटाकर 20 साल करने की हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो उनकी यूनियन 26 फरवरी को पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव करेगी।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Feb 2019 16:52:22 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>गुर्जर समाज के आंदोलन की धमक अब मेवाड़ में भी</title>
                                    <description><![CDATA[उदयपुर(varta)। पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज के चल रहे आंदोलन की धमक अब मेवाड़ में भी सुनने को मिल रही है। गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र में अब समाज के लोग एकत्रित होकर आंदोलन की रूपरेखा की तैयारी में जुटे हैं। जबकि चित्तौडग़ढ़ जिले के भूपालसागर में मंगलवार को गुर्जर समाज ने जिला […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">उदयपुर(varta)। पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समाज के चल रहे आंदोलन की धमक अब मेवाड़ में भी सुनने को मिल रही है। गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र में अब समाज के लोग एकत्रित होकर आंदोलन की रूपरेखा की तैयारी में जुटे हैं। जबकि चित्तौडग़ढ़ जिले के भूपालसागर में मंगलवार को गुर्जर समाज ने जिला प्रशासन को दिए ज्ञापन में दो दिन बाद यहां आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दे दी है। इससे पहले गुर्जर समाज के लोगों ने भूपालसागर में रैली निकालकर तहसीलदार को ज्ञापन दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गुर्जर महासभा संघर्ष समिति भूपालसागर और गुर्जर समाज महासभा के जिला महामंत्री देशराज गुर्जर का कहना है कि उन्होंने मंगलवार को शांतिपूर्ण रैली निकाली और तहसीलदार अमृतलाल पटेल को ज्ञापन दिया। गुर्जर समाज की मांग पर राज्य सरकार निर्णय नहीं करती है तो दो दिन बाद यहां भी समाज उग्र आंदोलन पर उतर जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गुर्जर समाज के इस आंदोलन को भूपालसागर उपखंड का रायका, गाडऱी, बंजारा और गाड़ोलिया लौहार जाति के लोगों ने भी समर्थन दिया है। मंगलवार को गुर्जर समाज की सभा भी आयोजित हुई, जिसमें समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। इस दौरान उपाधीक्षक पुलिस दिनेश सिंह रोहडिय़ा और आकोला थानाधिकारी सुरेश चंद्र विश्नोई पुलिस जाब्ता के साथ व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहे।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Feb 2019 12:18:06 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टकराव तक क्यों लटकाई जाती है वार्ता</title>
                                    <description><![CDATA[पटियाला में अध्यापकों के प्रदर्शन में जल तोपों की मूसलाधार बारिश हुई और साथ ही पुलिस ने अध्यापकों पर लाठियां भी चलाई। जब मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने अध्यापकों को कुछ समय का इंतजार करने की अपील की और साथ ही उन अध्यापकों की मांगों का समाधान निकालने का भरोसा भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/patiala-teacher-performance-agitation/article-7641"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-02/teacher-agitation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पटियाला में अध्यापकों के प्रदर्शन में जल तोपों की मूसलाधार बारिश हुई और साथ ही पुलिस ने अध्यापकों पर लाठियां भी चलाई। जब मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने अध्यापकों को कुछ समय का इंतजार करने की अपील की और साथ ही उन अध्यापकों की मांगों का समाधान निकालने का भरोसा भी दिया। सवाल यह उठता है कि आखिर इस प्रकार के हालात ही क्यों पैदा होते हैं? एक दिन पहले ही तय था कि अध्यापक बड़ा संघर्ष करेंगे और हुआ भी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह अध्यापकों ने जोश व भावुकता में आकर पुलिस के बैरीकेड तोड़ डाले। दो नाकों को तोड़कर अध्यापक मुख्यमंत्री की रिहायश मोती महल की तरफ बढ़े। इस दौरान हुई झड़प में दर्जनों अध्यापक व कुछ पुलिस कर्मचारी भी घायल हुए। पुलिस प्रबंध भी अध्यापकों की तैयारियों को देखकर किए गए थे, फिर इस स्थिति को अगले दिन टकराव तक क्यों लटकाया गया। यदि मुख्यमंत्री एक दिन पहले ही इंतजार करने की अपील कर देते और कर्मचारी संगठनों को मिलने का भरोसा देते तब यह टकराव का माहौल टल सकता था। अध्यापकों का भी हमलावर रवैया गलत है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकतंत्र में इस प्रकार के टकराव को स्वीकार नहीं किया जा सकता लेकिन इस मामले में सरकार की भूमिका व रवैया भी नकारात्मक है। लगभग एक माह पूर्व शिक्षा मंत्री भी अध्यापकों को भरोसा दे चुके थे कि वह अध्यापक नेताओं की मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग करवाएंगे। इस भरोसे के बावजूद शिक्षा विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। सरकार के साथ अध्यापकों की दस बैठकें होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। अध्यापकों का मामला जब कानून का मामला बन जाए तो सरकार अपनी नाकामी को छुपा नहीं सकती। यूं भी शिक्षा के लिए ठोस नीतियां बनानी चाहिए, इसमें किसी की मनमर्जी नहीं हो।</p>
<p style="text-align:justify;">शिक्षा मंत्री पटियाला के धरने में पहुंचकर भी अध्यापकों को विश्वास में लेने में कामयाब नहीं हुए जिस कारण मुख्यमंत्री को ही दखल देना पड़ा। शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में टकराव का माहौल शिक्षा के पतन का प्रमाण है। अध्यापकों को पीटकर शिक्षा व्यवस्था में भलाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। सरकार शिक्षा क्षेत्र को गंभीरता से ले और अध्यापकों की समस्याओं का हल निकाले।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/patiala-teacher-performance-agitation/article-7641</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Feb 2019 19:53:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 साल में फिर भड़की गुर्जर आंदोलन की चिंगारी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थाओं में पांच फीसद आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय ‘छठी’ बार आंदोलित हुए हैं। आंदोलन के चलते राजस्थान से लेकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक यातायात असुगम हो गया है। रेलगाड़ियों का आवागमन रूक गया है। कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। आंदोलन से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;">राजस्थान में सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थाओं में पांच फीसद आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय ‘छठी’ बार आंदोलित हुए हैं। आंदोलन के चलते राजस्थान से लेकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक यातायात असुगम हो गया है। रेलगाड़ियों का आवागमन रूक गया है। कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। आंदोलन से अजमेर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। आंदोलनकारियों ने रेल पटरियों पर कब्जा किया हुआ है। इस स्थिति के लिए सरकारों की उनके साथ वादाखिलाफी कहें, या फिर आंदोलन की आड़ में गुर्जर नेताओं की सियासी अखाड़े में सहभागिता की चाह! पिछले तेरह सालों में उनको छठी बार आंदोलन करने की नौबत क्यों आई? क्यों उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। इस गणित को भी समझना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल प्रदेश की नवोदित कांग्रेस सरकार ने हाल में संपन्न हुए प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांगे्रसी नेताओं ने गुर्जर नेताओं के साथ बैठक कर उनसे वादा किया था कि अगर उनकी सरकार आती है तो बीस दिन के भीतर उनकी पूर्ववर्ती सभी मांगे पूरी कर दी जाएंगी। इसके बाद गुर्जर समुदाय बड़ा खुश हुआ और उसके प्रदेश में आयोजित हुए विधानसभा चुनाव में तकरीबन वोट कांग्रेस को दिया। लेकिन कांग्रेस चतुराई के साथ वोट हथियाने के बाद पलट गई। अब सरकार को बनें करीब दो माह होने को हैं। पर, मांगे पूरी नहीं हुई। इस बावत जब गुर्जर नेताओं ने सरकार से संपर्क साधा तो सीधे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से जबाव मिला कि आरक्षण देना प्रदेश सरकार का काम नहीं, इसके लिए केंद्र सरकार से संपर्क करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके वादाखिलाफी वाले उस बयान के बाद गुर्जर समुदाय एकदम आगबबूला हो गया, खुद को ठगे महसूस करने लगे, तभी खुन्नस खाकर गुर्जर समुदाय के लोग फिर से आंदोलन की राह पर निकल पड़े, जिसका नतीजा सामने है। गुर्जर आंदोलन के चलते प्रदेश व आसपास के इलाके बुरी तरह से प्रभावित हो चुके हैं। गुर्जर आंदोलन की सबसे खास बात यही रहती है, वह सबसे पहले रेल पटरियों को निशाना बनाते हैं। उनको पता होता है कि राज्य से दूध की सप्लाई सबसे ज्यादा होती है। दूध की खेप रेलगाड़ियों से जाती है, इसलिए सबसे पहला टारगेट वह रेल को ही करते हैं।गौरतलब है कि गुर्जरों की मांगे आज की नहीं हैं, सालों पुरानी हैं। पहला आंदोलन सन 2006 में हुआ था। उसके बाद सन 2007, 2008, 2010 फिर 2015 में हुआ, और अब 2019 में किया जा रहा है। हर बार उनको विभिन्न सरकारों द्वारा सिर्फ आश्वासन ही मिला। कमोबेश इस बार भी कुछ ऐसा ही होने की संभावना है। कांग्रेस ने मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाकर वोट प्राप्त कर फिर उनको उसी राह पर छोड़ दिया। गुर्जरों के साथ हर सियासी दल और प्रत्येक सरकार ने मात्र फरेब ही किया। लेकिन उस फरेब की टीस गुर्जर समुदाय के लोग आम जनता को परेशान करके कम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके गुस्से का प्रकोपभागी आमजन हो रहे हैं। आंदोलनकारियों ने आवागमन के सभी रास्तों पर कब्जा किया हुआ है। तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें आ रही हैं। उनके आंदोलन की कवरेज मीडिया में कितनी मिल रही है इस पर उनका खास ध्यान रहता है। उनको पता है कि जितनी ज्यादा चर्चा मीडिया में होगी, आंदोलन उतना सफल माना जाएगा। गुर्जर समुदाय तत्काल प्रभाव से मौजूदा गहलोत सरकार में सरकारी नौकरियों में पांच फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं। जिसे सरकार ने फिलहाल सिरे से नकार दिया है। इसके बाद गुर्जर संघर्ष समिति के सदस्यों ने एक महापंचायत बुलाई। महापंचायत में आंदोलन का खाका तैयार किया गया। इसके बाद जीएसएस के सदस्य सवाई माधोपुर के पास मलारना डुंगर रेलवे स्टेशन पहुंचे और उन्होंने रेलमार्ग पर ट्रेनों का परिचालन बाधित करने का निर्णय लिया। आंदोलन के पहले दिन उन्होंने सबसे पहले अवध एक्सप्रेस को रोका फिर उसके बाद और कई मालगाड़ियों को सवाई माधोपुर में रोक दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">आंदोलन की अगुआई करने वाले गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला का कहना है कि अपने समुदाय के लिए उसी तरह पांच फीसदी आरक्षण चाहते हैं, जिस तरह हाल ही में केंद्रसरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है। ऐसा ही प्रावधान लाने की उन्होंने प्रदेश सरकार के समक्ष मांग रखी, जिसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। तब मजबूरन उन्हें आंदोलित होना पड़ा। आंदोलन से अजमेर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। प्राइमरी स्कूलों को भी आंदोलकारियों ने बंद करवा दिया है। बाजार भी बंद पड़े हैं। लोगों को घरों से भी नहीं निकले दे रहे है। दरअसल आंदोलन में इस तरह की तानाशाही नहीं होनी चाहिए। लोकतंत्र में अपनी मांगों को मनवाने का सबको सामान्य अधिकार है लेकिन मांगों के लिए अहिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए, न की हिंसा का। किसी दूसरे को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। लेकिन आज का चलन यही है कि लोग दूसरों को परेशान करके ही अपनी मांग मनवाने में भलाई समझते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल इस बार आंदोलनकारी पूरी तैयारियों के साथ रेल पटरियों पर बैठे हैं। आरक्षण मिलते तक वह पटरियों से नहीं हटेंगे। इस बावत सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल आंदोलनकारियों के साथ विफल बैठक कर चुका है। लेकिन इस बार सरकार ने भी सख्ती से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए हुए हैं। गुर्जर समुदाय पिछले 13 सालों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं। इस दौरान उनके समर्थकों पर अबतक 754 मुकदमें भी दर्ज हुए, जिनमें 614 केस पूर्ववर्ती सरकारों ने वापस भी लिए। 35 गंभीर मामले ऐसे हैं जिनकी जांच चल रही है। गुर्जर आंदोलन पर केंद्र सरकार की भी नजर है। केंद्र सरकार को आमजनों की चिंता है, ताकि इस मूवमेंट से कोई बेकसूर हताहत न हो। इस बावत केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से बात भी की है। कोई बीच का रास्ता निकाल कर इस आंदोलन को खत्म किया जाए। आम चुनाव के ऐन वक्त पर आयोजित इस आंदोलन से कुछ सियासी दलों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसी संभावनाओं को देखते हुए, किसी भी तरह इस मूवमेंट को खत्म करने की कोशिशें भी की जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>लेखक: रमेश ठाकुर</strong></p>
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<p> </p>
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/gujjar-agitation/article-7640</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Feb 2019 19:44:49 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>युवक की मौत के बाद हिंसक हुआ मराठा आंदोलन, आज महाराष्ट्र बंद</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के कई इलाकों में गाड़ियों- बसों में तोड़फोड़ महाराष्ट्र (एजेंसी)। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक युवक ने गोदावरी नदी में कूद कर खुदकुशी कर ली। युवक की मौत के बाद लोग नाराज हो गए और महाराष्ट्र के कई इलाकों में गाड़ियों- बसों में तोड़फोड़ की गई। युवक की मौत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/violent-maratha-agitation-after-death-of-youth-maharashtra-closed-today/article-4991"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/maharashtra-2.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">महाराष्ट्र के कई इलाकों में गाड़ियों- बसों में तोड़फोड़</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र (एजेंसी)।</strong> मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक युवक ने गोदावरी नदी में कूद कर खुदकुशी कर ली। युवक की मौत के बाद लोग नाराज हो गए और महाराष्ट्र के कई इलाकों में गाड़ियों- बसों में तोड़फोड़ की गई। युवक की मौत के बाद आज मराठा क्रांति मोर्चा ने महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। कोल्हापुर, सातारा, सोलापुर, पुणे और मुंबई में हालात तनाव पूर्ण है। इस बीच मराठा समुदाय की नाराजगी को देखते हुए औरंगाबाद के डीएम उदय चौधरी ने मराठा क्रांति मोर्चा की अधिकांश मांगे मान ली है।</p>
<h2>मृतक काकासाहेब शिंदे के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देगी सरकार</h2>
<p style="text-align:justify;">इस बारे में डीएम उदय चौधरी ने बताया कि सरकार मृतक काकासाहेब शिंदे के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देगी। साथ ही उनके छोटे भाई को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। बता दें कि वैसे तो मराठा आरक्षण की मांग लंबे समय से हो रही है, लेकिन बीते कुछ दिनों से आरक्षण के लिए आंदोलन तेज हो गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ लोग कड़ी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की मांग की जा रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस पर मराठा आरक्षण को लेकर निशाना साधा</h2>
<p style="text-align:justify;">उधर, कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस पर मराठा आरक्षण को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन आज वो अपनी ही बात से मुकर रहे हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jul 2018 03:17:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अन्ना की सरकार को चिट्ठी: आंदोलन की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[दो अक्तूबर से रालेगणसिद्धि में फिर से शुरू कर देंगे आंदोलन नई दिल्ली (एजेंसी)। जाने-माने समाजसेवी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, लोकपाल तथा लोकायुक्तों की नियुक्ति तथा अन्य वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि इन आश्वासनों को पूरा नहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/letter-to-annas-government-warned-of-agitation/article-4681"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/anna-hzare.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">दो अक्तूबर से रालेगणसिद्धि में फिर से शुरू कर देंगे आंदोलन</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> जाने-माने समाजसेवी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, लोकपाल तथा लोकायुक्तों की नियुक्ति तथा अन्य वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि इन आश्वासनों को पूरा नहीं किया गया तो वह दो अक्तूबर से रालेगणसिद्धि में फिर से आंदोलन शुरू कर देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्ना ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह को गुरुवार को पत्र लिखकर आंदोलन के बारे में आगाह किया है। इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस को भी भेजी गई है।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jul 2018 15:24:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (वार्ता)। विपक्ष के भारी हंगामे के कारण आज लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में आज लगातार 11वें दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका और विपक्ष के हंगामे के कारण अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने एक मिनट के अंदर की कार्यवाही दोपहर 12 […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/lok-sabha-proceedings-adjourned-for-the-day-due-to-agitation/article-3611"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/parliment.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (वार्ता)। </strong>विपक्ष के भारी हंगामे के कारण आज लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में आज लगातार 11वें दिन प्रश्नकाल नहीं हो सका और विपक्ष के हंगामे के कारण अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने एक मिनट के अंदर की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर अन्नाद्रमुक और तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में बैनर और प्लेकार्ड लेकर अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गये और नारेबाजी करने लगे। राष्ट्रीय जनता दल के जयप्रकाश नारायण यादव भी कुछ कागज लहराते हुए आसन के पास पहुंच गये।</p>
<p style="text-align:justify;">शोरशराबे के बीच ही अध्यक्ष ने जरूरी दस्तावेज सदन पटल पर रखवाये। इसके बाद अध्यक्ष ने कहा कि श्री राजनाथ सिंह कुछ कहना चाहते हैं। श्री सिंह ने खड़े होकर कहा कि जब से बजट सत्र शुरू हुआ सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि वह सत्तापक्ष की तरफ से यह कहना चाहते हैं कि सदस्य जो भी मुद्दे उठायेंगे सरकार उस पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी मिला है और सरकार इस पर भी चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे सदन में शांति बनाये रखने में सहयेाग करें ताकि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सके। श्री सिंह की अपील के बाद अध्यक्ष के आसन के समीप इकट्ठा अन्नाद्रमुक और टीआरएस के सदस्य जोर-जोर से नारेबाजी करने लगे, जिससे कुछ भी सुनायी नहीं दे रहा था।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Mar 2018 03:58:31 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गांधी के सपनों का भारत बनाएं : मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश से गरीबी, अशिक्षा, कुपोषण और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए हमें 1942 के आंदोलन की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/make-india-according-gandhi-dreams-modi/article-3015"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/modi-17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि देश से गरीबी, अशिक्षा, कुपोषण और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए हमें 1942 के आंदोलन की दृढ़ इच्छाशक्ति को पुनर्जीवित करना होगा। मोदी ने लोकसभा में अगस्त क्रांति की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर अपने विशेष संबोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर राष्ट्रनीति होती है।  इसलिए, यदि हम सब मिलकर संकल्प लें तो समस्त चुनौतियों का समाधान निकाल सकते हैं। इस अभियान में हम अकेले नहीं हैं। सवा सौ करोड़ भारतीयों का विश्वास हमारे साथ हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि</h2>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि जरूरत सिर्फ दृढ़ इच्छा शक्ति और संकल्प की है। आज वैश्विक हालात और अवसर भारत के अनुकूल हैं। पूरी दुनिया भारत की ओर बड़ी उम्मीद से देख रही है। ऐसे में हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए विश्व को नेतृत्व प्रदान करने की भूमिका में आना है और एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो विकासशील और समृद्ध होने के साथ ही सबके हित और सबको समान अवसर देने की भूमिका में हो।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने इस अवसर पर स्वाधीनता आंदोलन के बलिदानियों का नमन करते हुए कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने नारा दिया था कि स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। उन्होंने कहा कि आज हमें यह नारा देना है कि हम सब मिलकर देश से भ्रष्टाचार दूर करेंगे और करके रहेंगे, गरीबों को उनका अधिकार दिलाएंगे और देकर रहेंगे, कुपोषण की समस्या खत्म करेंगे और करके रहेंगे, महिलाओं की बेड़यिां तोड़ेंगे और तोड़कर रहेंगे, अशिक्षा खत्म करेंगे और करके रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/national/make-india-according-gandhi-dreams-modi/article-3015</link>
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                <pubDate>Wed, 09 Aug 2017 09:48:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुस्साए वकीलों का प्रदर्शन, पुलिसकर्मियों से झड़प</title>
                                    <description><![CDATA[ आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के खिलाफ घेरा एसपी आफिस हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जंक्शन के हाउसिंग बोर्ड में 14 जुलाई की देर रात एक वकील व उसके परिवार पर जानलेवा हमला करने के संबंध में दर्ज मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए वकीलों ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/angry-lawyers-clash-with-policemen/article-2386"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/police-8.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के खिलाफ घेरा एसपी आफिस</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जंक्शन के हाउसिंग बोर्ड में 14 जुलाई की देर रात एक वकील व उसके परिवार पर जानलेवा हमला करने के संबंध में दर्ज मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए वकीलों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर मौजूद जंक्शन थाना प्रभारी रणवीर मीणा सहित अन्य पुलिसकर्मियों से वकीलों की झड़प हो गई। करीब एक घण्टे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आंदोलन तेज करने की चेतावनी</h2>
<p style="text-align:justify;">वकीलों ने एसपी से मिलकर मामले में शीघ्र आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इसके बाद एसपी कार्यालय के सामने वकीलों ने एकत्रित होकर मंगलवार का बाजार बंद करवाने की घोषणा की। इससे पूर्व सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों वकील बार संघ अध्यक्ष प्रदुम्न परमार, पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत व पूर्व जिला प्रमुख राजेन्द्र मक्कासर के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जंक्शन थाना प्रभारी को हटाने की भी रखी मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">आरोपितों को गिरफ्तार करने की बजाय वकील व उसके परिवार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के जांच अधिकारी जंक्शन थाना प्रभारी आरोपितों के दबाव में मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे। उन्होंने आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने व जंक्शन थाना प्रभारी रणवीर मीणा को लाइन हाजिर करने की मांग की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तैनात रहा भारी पुलिस जाब्ता</h2>
<p style="text-align:justify;">वकीलों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निर्मला बिश्नोई, पुलिस उप अधीक्षक वीरेंद्र जाखड़, जंक्शन थाना प्रभारी रणवीर मीणा, टाउन थाना प्रभारी मोहम्मद अनवर, महिला थाना प्रभारी सुभाष कच्छावा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों की लाठियां पकड़ ली। करीब 20-25 मिनट तक जोर आजमाइश चलती रही।</p>
<h2>वकीलों का गुस्सा बढ़ा तो पहुंचे एसपी</h2>
<p style="text-align:justify;">वकीलों का गुस्सा बढ़ता देख एएसपी निर्मला बिश्नोई ने वहां से अपने चैम्बर में ही जाने में भलाई समझी। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल वकीलों से मिलने पहुंचे तथा जांच जारी होने की बात कही। लेकिन वकीलों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वार्ता में असंतुष्ट वकीलों ने बार रूम में बैठक की तथा सर्वसम्मति से मंगलवार को बाजार बंद करवाने की घोषणा की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h2>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 14 जुलाई की रात कुछ युवकों ने जानलेवा हमला कर हाउसिंग बोर्ड निवासी वकील अरविंद मुखर्जी, उसके भाई विपिन व पिता जयलाल मुखर्जी गंभीर रूप से घायल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां तीनों का उपचार चल रहा है। आरोपितों ने हवाई फायर भी किए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">यह वकील रहे शामिल</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर बार संघ अध्यक्ष प्रदुम्न परमार, पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत, मनेष तंवर, पूर्व जिला प्रमुख राजेन्द्र मक्कासर, प्रवीण परमार, प्रताप सिंह शेखावत, अनुज डोडा, रघुवीर सिंह वर्मा, विकास बड़गुजर, विजय सिंह चौहान, जोधा सिंह, यादवेन्द्र सिंह, शंकर सोनी, राजेन्द्र निमिवाल, चंद्र स्वामी, रूपसिंह, इन्साफ खान, जाकिर हुसैन, महेन्द्र जोहल, प्रतीक मिड्ढा, प्रदीप शर्मा, उग्रसेन नैण, सुनील परिहार, बलजिन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।</p>
<p> </p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/angry-lawyers-clash-with-policemen/article-2386</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2017 07:32:16 +0530</pubDate>
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                <title>जीएसटी के विरोध में व्यापारियों का आंदोलन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[जुलूस निकाल फूंका पुतला श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। कपड़ा कारोबारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने जिला कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के बैनर तले जुलूस निकालकर गोल बाजार में वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला जलाया। कपड़ा व्यापारियों का महावीर शॉपिंग सैंटर में लगातार धरना भी चल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/strike-continue-of-businessmen-against-gst/article-2096"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/strike-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">जुलूस निकाल फूंका पुतला</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कपड़ा कारोबारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने जिला कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के बैनर तले जुलूस निकालकर गोल बाजार में वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला जलाया। कपड़ा व्यापारियों का महावीर शॉपिंग सैंटर में लगातार धरना भी चल रहा है। वहीं संयुक्त व्यापार मण्डल ने कपड़ा व्यापारियों के समर्थन में आमरण अनशन करने का ऐलान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में रोष व्यक्त करते हुए अम्बेडकर चौक से रविंद्रपथ, स्वामी दयानंद मार्ग, स्टेशन रोड, केदार चौक होते हुए मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। गांधी चौक पर प्रदर्शन के दौरान वित्त मंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद धरनास्थल महावीर शॉपिंग सैंटर में सभा हुई। सभा में नरेश बड़ोपलिया ने कपड़ा व्यापारियों की कोई सुध नहीं लेने पर क्षेत्रीय सांसद निहालचंद व विधायक कामिनी जिंदल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ोपलिया ने बताया कि रविवार को सुबह 11 से 12 बजे तक अमृतवाणी का पाठ सरकार की सद्धबुद्धि के लिए किया जाएगा। संयुक्त व्यापार मण्डल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता ने बताया कि इस आंदोलन में पूरा व्यापारी वर्ग कपड़ा व्यापारियों के साथ है। आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ भूख हड़ताल में भी शामिल होगा। धरने प्रदर्शन में व्यापारी नेता कृष्ण मील, रामप्रकाश मिड्ढ़ा, नरेश सेतिया सहित बड़ी संख्या में कपड़ा व्यापारी शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jul 2017 06:57:05 +0530</pubDate>
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