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                <title>Businessmen - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>2000 Note Exchange: आखिर खुल ही गई 2000 के नोटों की पोल!</title>
                                    <description><![CDATA[मुम्बई। 2000 Note Exchange: भारतीय रिजर्व बैंक ने बीते मई के माह में 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने का ऐलान किया था। साथ ही इन्हें बदलने या बैंक में जमा करने के लिए वक्त भी दिया गया था। इसके बाद लोगों ने बैंकों में नोट जमा करना शुरू कर दिया। उपलब्ध जानकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/after-all-the-secret-of-2000-notes-has-been-revealed/article-51248"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/2000-note-exchange.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुम्बई।</strong> 2000 Note Exchange: भारतीय रिजर्व बैंक ने बीते मई के माह में 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने का ऐलान किया था। साथ ही इन्हें बदलने या बैंक में जमा करने के लिए वक्त भी दिया गया था। इसके बाद लोगों ने बैंकों में नोट जमा करना शुरू कर दिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2000 रुपये के ज्यादातर नोट अब बैंकों में वापस आ गए हैं। बाजार में जारी कुल नोटों में से 88 फीसदी नोट बैंकों में वापस आ गए हैं। खास बात यह है कि 2000 रुपये के नोट आम आदमी की बजाय कारोबारियों के थे। इसलिए 2000 रुपये के ज्यादातर नोट कारोबारियों द्वारा जमा और बदले जाते हैं। 2000 Note Exchange</p>
<p style="text-align:justify;">इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) में 3,589 करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट जमा या बदले गए हैं। आईओबी के एमडी और सीईओ अजय श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे पास 40 फीसदी नोट बिजनेस से आए हैं। इसमें छोटे व्यापारियों की हिस्सेदारी अधिक है। इसी तरह यूको बैंक ने कहा है कि उसे 31 जुलाई तक 3,471 करोड़ रुपये के 2,000 रुपये के नोट मिले हैं। बैंक के एमडी और सीईओ अश्विनी कुमार ने कहा, “हमें आम आदमी से 2,000 रुपये के 42 फीसदी नोट मिले हैं, जबकि 58 फीसदी व्यापारियों ने जमा कर दिए हैं या बदले हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/from-diabetes-to-high-bp-this-kitchen-spice-is-a-panacea-for-these-7-serious-diseases/">Elaichi Benefits: डायबिटीज से लेकर हाई बीपी तक… इन 7 गंभीर बीमारियों में रामबाण है किचन का ये मसाला</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Aug 2023 10:53:57 +0530</pubDate>
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                <title>10 सितम्बर को भारत बंद में व्यापारी नहीं होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने स्पष्ट किया है कि उसने 10 सितम्बर को भारत बंद Off India का कोई आह्वान नहीं किया है और न ही उसने उस दिन इस बंद का समर्थन किया है। कैट ने शनिवार को यहां जारी बयान में कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/businessmen-on-off-india-will-not-be-included-on-september-10/article-5820"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/off-india.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन आॅफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने स्पष्ट किया है कि उसने 10 सितम्बर को भारत बंद <strong>Off India</strong> का कोई आह्वान नहीं किया है और न ही उसने उस दिन इस बंद का समर्थन किया है।</p>
<p>कैट ने शनिवार को यहां जारी बयान में कहा कि उसने 10 सितंबर को आयोजित हो रहे भारत बंद का समर्थन नहीं किया है। देश भर में इस दिन व्यापार सामान्य रूप से जारी रहेगा।</p>
<p>कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने यह स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा की कैट ने आगामी 28 सितम्बर को वालमार्ट फ्लिपकार्ट सौदे एवं रिटेल में विदेशी निवेश के खिलाफ भारत व्यापार बंद का आह्वान किया है जिसकी तैयारियां पूरे देश में चल रही हैं।</p>
<p>खंडेलवाल ने राष्ट्रीय कंपनी लॉ अपीलीय न्यायाधिकरण में दो दिन पहले वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा वालमार्ट की तरफ से पेश होने पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा की हर बार पैसा कमाना ही जरूरी नहीं होता।</p>
<p>सार्वजानिक जीवन में राजनेताओं से कुछ मयार्दा रखने की अपेक्षा की जाती है फिर वह चाहे व्यक्तिगत तौर पर ही क्यों न हो। श्री सिंघवी के वालमार्ट की तरफ से पेश होने से यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस देश के रिटेल बाजार को बहुराष्ट्रीय कंपनियों को सौपने के हक में है।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Sep 2018 18:27:20 +0530</pubDate>
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                <title>जीएसटी के विरोध में व्यापारियों का आंदोलन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[जुलूस निकाल फूंका पुतला श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। कपड़ा कारोबारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने जिला कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के बैनर तले जुलूस निकालकर गोल बाजार में वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला जलाया। कपड़ा व्यापारियों का महावीर शॉपिंग सैंटर में लगातार धरना भी चल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/strike-continue-of-businessmen-against-gst/article-2096"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/strike-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">जुलूस निकाल फूंका पुतला</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> कपड़ा कारोबारियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने जिला कपड़ा जीएसटी संघर्ष समिति के बैनर तले जुलूस निकालकर गोल बाजार में वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला जलाया। कपड़ा व्यापारियों का महावीर शॉपिंग सैंटर में लगातार धरना भी चल रहा है। वहीं संयुक्त व्यापार मण्डल ने कपड़ा व्यापारियों के समर्थन में आमरण अनशन करने का ऐलान किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को कपड़ा व्यापारियों ने जीएसटी के विरोध में रोष व्यक्त करते हुए अम्बेडकर चौक से रविंद्रपथ, स्वामी दयानंद मार्ग, स्टेशन रोड, केदार चौक होते हुए मुख्य बाजार में जुलूस निकाला। गांधी चौक पर प्रदर्शन के दौरान वित्त मंत्री का पुतला फूंका। इसके बाद धरनास्थल महावीर शॉपिंग सैंटर में सभा हुई। सभा में नरेश बड़ोपलिया ने कपड़ा व्यापारियों की कोई सुध नहीं लेने पर क्षेत्रीय सांसद निहालचंद व विधायक कामिनी जिंदल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ोपलिया ने बताया कि रविवार को सुबह 11 से 12 बजे तक अमृतवाणी का पाठ सरकार की सद्धबुद्धि के लिए किया जाएगा। संयुक्त व्यापार मण्डल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता ने बताया कि इस आंदोलन में पूरा व्यापारी वर्ग कपड़ा व्यापारियों के साथ है। आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ भूख हड़ताल में भी शामिल होगा। धरने प्रदर्शन में व्यापारी नेता कृष्ण मील, रामप्रकाश मिड्ढ़ा, नरेश सेतिया सहित बड़ी संख्या में कपड़ा व्यापारी शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Jul 2017 06:57:05 +0530</pubDate>
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