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                <title>vendors - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>पहल: ट्रेनों में अब एयर हाेस्टेस की तरह यात्रियों से व्यवहार करेंगे वेंडर, सुबह मिलने पर बाेलेंगे गुड माॅर्निंग</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व-मध्य रेल में इसकी शुरुआत राजधानी एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से हाेगी पटना (एजेंसी)। फ्लाइट की एयर हाेस्टेस की तरह अब ट्रेनाें के वेंडर भी यात्रियाें से तहजीब से पेश आएंगे। सुबह में चाय पेश करने से पहले गुड माॅर्निंग बाेलेंगे। हर वक्त सेवा को तैयार रहेंगे। वेंडराें काे आईआरसीटीसी विशेष ट्रेनिंग दिला रही है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/vendors-of-trains-will-now-deal-with-travelers-like-air-hostess/article-9783"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-07/untitled-6.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">पूर्व-मध्य रेल में इसकी शुरुआत राजधानी एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से हाेगी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटना (एजेंसी)।</strong> फ्लाइट की एयर हाेस्टेस की तरह अब ट्रेनाें के वेंडर भी यात्रियाें से तहजीब से पेश आएंगे। सुबह में चाय पेश करने से पहले गुड माॅर्निंग बाेलेंगे। हर वक्त सेवा को तैयार रहेंगे। वेंडराें काे आईआरसीटीसी विशेष ट्रेनिंग दिला रही है। वेंडराें काे वेल ड्रेसप भी किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्व-मध्य रेल में इसकी शुरुआत राजधानी एक्सप्रेस और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से हाेगी। आईआरसीटीसी के रीजनल मैनेजर राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियाें काे शुद्ध, स्वच्छ और हाइजीनिक नाश्ता और खाना उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी याेजना के तहत वेंडराें काे स्मार्ट बनाने की कवायद चल रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पेंट्रीकार और बेस किचन में रखा जा रहा शुद्धता का ख्याल</h2>
<p style="text-align:justify;">राजेश कुमार ने बताया, ‘‘चलती ट्रेन की पेंट्रीकार हाे या बेस किचन, दाेनाें जगह खाना बनाने में शुद्धता का खास ख्याल रखा जा रहा है। चाॅपिंग बाेर्ड अब अलग-अलग कलर के हाेंगे। लाल चाॅपिंग बाेर्ड पर चिकन और सफेद पर पनीर काटा जाएगा। वाॅशरूम से वापस आने पर वेंडर काे अपने हाथाें काे सैनीटाइज करना हाेगा, ताकि किसी तरह की गंदगी की संभावना नहीं रहे। स्टील के बर्तन का प्रयाेग अब ज्यादा किया जाएगा।’’</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2019 12:01:32 +0530</pubDate>
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                <title>सर्विस देने वाले बाहरी वेंडर्स को देना होगा 18 फीसद जीएसटी</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी) दफ्तरों (कार्यालयों) और कारखानों में बाहरी विक्रेताओं (वेंडर्स) की ओर से प्रदान की जाने वाली कैंटीन सेवाओं पर 18 फीसद जीएसटी लगाया जाएगा। यह जानकारी अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग ने दी है। गुजरात बेंच की अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग अपना आदेश रश्मि हॉस्पिटल सर्विसेज की ओर से दायर की गई याचिका पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/existing-vendors-giving-service-to-18-percent-gst/article-3717"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/hotel.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी) </strong>दफ्तरों (कार्यालयों) और कारखानों में बाहरी विक्रेताओं (वेंडर्स) की ओर से प्रदान की जाने वाली कैंटीन सेवाओं पर 18 फीसद जीएसटी लगाया जाएगा। यह जानकारी अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग ने दी है। गुजरात बेंच की अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग अपना आदेश रश्मि हॉस्पिटल सर्विसेज की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया। इस याचिका में पूछा गया था कि ऑफिस की गैर वातानुकूलित कैंटीन को की जाने वाली आपूर्ति पर जीएसटी की दर 12 फीसद होगी या फिर 18 फीसद।</p>
<p style="text-align:justify;">अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) ने कहा कि रश्मि हॉस्पिटालिटी की ओर से उन लोगों को उपलब्ध करवाई जाने वाली कैटरिंग सर्विस, जिनके पास दफ्तरों (ऑफिसेज) या फैक्ट्रियों के भीतर खुद की कैंटीन है, जहां पर खाना, स्नैक्स और चाय का उपभोग कर्मचारियों और श्रमिकों की ओर से किया जाता है, ऐसे में हॉस्पिटॉलिटी कंपनी को अपनी प्रकृति को नहीं बदलना चाहिए। एएआर ने अपने आदेश में कहा, “रश्मि हॉस्पिटालिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जिस सेवा की आपूर्ति की जाती है वो जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) एक्ट के अंतर्गत आती है और उस पर 18 फीसद का जीएसटी लागू होता है (9 फीसद का सीजीएसटी और 9 फीसद का एसजीएसटी)।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">ट्रेन में भी खाने पर लगेगा 5 फीसद जीएसटी</h3>
<p style="text-align:justify;">अब ट्रेन के सफर के दौरान आपको खाना खाना थोड़ा महंगा पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब ट्रेन में उपलब्ध खाने पीने की चीजों पर आपको 5 फीसद जीएसटी चुकाना होगा। अथॉरिटी फॉर एडवांस रुलिंग (AAR) की ओर से जारी एक हालिया बयान में कहा गया था कि कि इस तरह के खाने पर 5 फीसद के कंसेशसनल टैक्स के बदले जीएसटी वसूला जाएगा, जैसा कि सरकार के सर्कुलर में कहा गया है। दिल्ली AAR ने अपनी रुलिंग में कहा था कि इंडियन रेलवे ट्रांसपोर्ट का एक साधन है न कि रेस्टोरेंट, मेस या फिर कैंटीन।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 May 2018 08:11:59 +0530</pubDate>
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                <title>टमाटरों के बढ़े भाव से बिगड़ा सब्जी का जायका</title>
                                    <description><![CDATA[महंगाई: 15 रुपए किलो वाला टमाटर हुआ 60 रुपए किलो सरदूलगढ़(गुरजीत सिंह)। दिनो दिन बढ़ रही महंगाई ने लोगों का कंचूमर निकाल कर रख दिया है। इन दिनों में रोजमर्रा का प्रयोग में आने वाली वस्तुओं के भावा काफी तेज हो गई है। अन्य सब्जियों के साथ-साथ टमाटर के कुछ ही दिनों में चार गुणा तक […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/economic-losses-to-vegetable-vendors/article-2120"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/tmatar.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">महंगाई: 15 रुपए किलो वाला टमाटर हुआ 60 रुपए किलो</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>सरदूलगढ़(गुरजीत सिंह)।</strong> दिनो दिन बढ़ रही महंगाई ने लोगों का कंचूमर निकाल कर रख दिया है। इन दिनों में रोजमर्रा का प्रयोग में आने वाली वस्तुओं के भावा काफी तेज हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य सब्जियों के साथ-साथ टमाटर के कुछ ही दिनों में चार गुणा तक बढ़े भाव ने तो सब्जी का स्वाद ही बिगाड़ कर रख दिया है घरेलू ग्रहणियां टमाटरों आदि के बढ़े भाव कारण रसोई के बजट का संतुलन बनाकर रखने में असमर्थ हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी अनुसार पिछले दिनों में ही टमाटर के भाव में 45 रुपए प्रतिकिलो का विस्तार होने के कारण रिटेल दुकानदारों व रेहड़ियों वालों की लागत बढ़ गई जबकि लाभ कम हो गया है।</p>
<h2>सब्जी विक्रेताओं को हो रहा आर्थिक नुकसान</h2>
<p>दूसरी तरफ किसानों का कहना है कि मार्केट में आई तेजी से किसानों को कोई फायदा नहीं होता क्योंकि उनको उनकी फसल का सही भाव नहीं मिलता, जबकि सब्जियों के बढ़ भावों का सारा फायदा बड़े व्यापारी ले जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी सब्जी विक्रेता प्रेम कुमार का कहना है कि टमाटर में तेजी आने के कारण जहां दुकानदारों की लागतें बढ़ गई हैं वहीं रिटेल दुकानदारों के मुनाफे भी कम हो गए हैं व टमाटर की बिक्री पर भी प्रभाव पड़ा है,</p>
<p style="text-align:justify;">जिस कारण उनको आर्थिक नुक्सान भी उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि टमाटर का उपयोग हर सब्जी में किया जाता है और यह लाना पड़ता है परंतु बिक्री न होने के कारण शाम को खराब हो जाता है, जिस कारण दुकानदारों व रेहड़ी वालों को आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ता है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">रास्ते बंद होने के कारण आई तेजी</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी जब सब्जी मंडी के आढ़तियों ब्रिज लाल अरोड़ा से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में अधिक बरसात होने से रास्ते बंद होने के कारण टमाटरों सहित अन्य सब्जियों अधिक न आने कारण भाव में तेजी आई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सब्जियों में टमाटर के इस्तेमाल में होने लगी कमी : कौंसलर</h2>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी में कौंसलर तेजा सिंह सेवानिवृत कैप्टन का कहना है कि इस महंगाई से रसोई का सारा बजट बिगड़ गया है उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में ही टमाटर जो 10 से 15 रुपए के दरमियान प्रति किलो मिल रहा था उसकी आज कीमत 60 रुपए किलो हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि टमाटर का उपयोग तकरीबन हर सब्जी में किया जाता है, जिस कारण टमाटर महंगा होने से जहां टमाटर का कम इस्तेमाल होने लगा है वहीं कई सब्जियों में मजबूरी बस अमचूर डालना पड़ता है। महंगे हुए टमाटरों ने सब्जी का स्वाद बिगाड़ दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Sun, 09 Jul 2017 01:23:43 +0530</pubDate>
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