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                <title>aware - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>युवा पीढ़ी को जागरूक होने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[युवा देश की असली शक्ति हैं जो देश की सुरक्षा से लेकर जीडीपी तक सबसे अधिक योगदान देते हैं। युवाओं के बिना देश की तरक्की की कल्पना भी नहीं की जा सकती लेकिन यह चिंता वाली बात है कि हमारे देश की राजनीति के मंसूबे बहुत ही खतरनाक होते जा रहे हैं जो युवाओं को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/the-young-generation-needs-to-be-aware/article-12838"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/young-generation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">युवा देश की असली शक्ति हैं जो देश की सुरक्षा से लेकर जीडीपी तक सबसे अधिक योगदान देते हैं। युवाओं के बिना देश की तरक्की की कल्पना भी नहीं की जा सकती लेकिन यह चिंता वाली बात है कि हमारे देश की राजनीति के मंसूबे बहुत ही खतरनाक होते जा रहे हैं जो युवाओं को अपने हितों की खातिर आग में झोंकने से जरा भी संकोच नहीं कर रहे। राष्टÑीय नागरिकता शोध कानून पास हुए को आज करीब डेढ़ महीने से अधिक का समय बीत गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इस मुद्दे पर देश में धर्मों के नाम पर लड़ाई व नफरत की आग लगातार भड़काई जा रही है। कानून के हक व विरोध में दलीलें तो बहुत दी जा रही हैं लेकिन  राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को छोड़कर किसी भी पार्टी के नेता ने युवाओं को हिंसा का राह छोड़ने की अपील नहीं की। मामला इतना पेचीदा हो गया है कि दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ हिंसक कार्रवाईयां शुरू हो गई हैं। सीएए के विपक्षी व समर्थक दोनों ही राजनीतिक पार्टियों को रास नहीं आ रहे हैं। जिस बात का डर था वह होनी शुरू हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीएए के समर्थक एक युवक ने दिल्ली में सीएए का विरोध करने वालों पर गोली दाग दी। कुछ दिन पहले भी एक व्यक्ति पिस्तौल लेकर सीएए विरोध के प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंच गया था। अगर युवाओं के दरमियान यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और भी खतरनाक हो सकते हैं। कांग्रेस व भाजपा सहित सभी पार्टियों के बड़े व छोटे नेता सीएए मुद्दे पर संयम अपनाने की हिम्मत नहीं कर रहे। कोई न कोई भड़काने वाला ब्यान आ ही रहा है। देश में राजनीतिक व धार्मिक नफरत का माहौल पैदा हो रहा है, जिससे निपटने के लिए निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। केवल कानूनी सख्ती ही काफ ी नहीं बल्कि सद्भावना व अहिंसा की अपील भी बहुत ही जरूरी है। किसी भी पक्ष द्वारा फैलाई जा रही भड़काहट अभी सभी राजनीतिक पार्टियों को रास आ रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनीतिक पार्टियां चुपचाप युवाओं की बर्बादी का तमाशा देख रही हैं। लेकिन यहां युवाओं की जिम्मेवारी बनती है कि वह राजनीतिक पार्टियों के हाथों में खेलने की बजाय अहिंसा व सद्भावना की सोच से काम लें। किसी भी मुद्दे का विरोध व समर्थन करने के लिए लोकतांत्रिक तरीके ही अपनाए जाने चाहिए। देश के महान् नेता महात्मा गांधी ने अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए जबरदस्त आंदोलन किए थे। संघर्ष का मतलब केवल तोड़फोड़ या गोलीबारी नहीं होता बल्कि जनता की सोच बदलना होता है। राजनीतिक पार्टियां अपने हितों का लोभ त्यागकर युवाओं की भलाई के प्रति अवश्य सोचें। हिंसा में युवाओं की ली जाने वाली बलि किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए जीत साबित नहीं होगी।</p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2020 21:13:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>पराली न जलाने को जागरूक बनें किसान</title>
                                    <description><![CDATA[धान की कटाई के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने के कारण हवा में बेहद प्रदूषण फैल रहा है, जो चिंता का विषय बन चुका है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसका ज्यादा असर जहां पराली जलाई जाती है, वहां के गांवों और वहां के बच्चों तथा अन्य लोगों पर देखा जाता […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/become-aware-of-not-burning-a-farmer/article-3466"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-10/prali1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">धान की कटाई के बाद किसानों द्वारा पराली जलाने के कारण हवा में बेहद प्रदूषण फैल रहा है, जो चिंता का विषय बन चुका है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसका ज्यादा असर जहां पराली जलाई जाती है, वहां के गांवों और वहां के बच्चों तथा अन्य लोगों पर देखा जाता है। हरियाणा-पंजाब की सरकारों ने पराली न जलाने की अपीलें की हुई है, साथ ही पराली जलाने वाले किसानों पर कानूनी कार्रवाई तक करने के आदेश हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बावूजद इसके किसान मानने को तैयार नहीं हैं। लेकिन किसानों को यह बात समझ में नहीं आ रही कि इसके भविष्य में परिणाम बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। आमतौर पर प्रदूषण का स्तर सौ से ऊपर नहीं जाना चाहिए, परन्तु पराली जलाने के दिनों में यह बढ़कर सवा तीन सौ से ऊपर चला जाता है। आज के वैज्ञानिक युग में जबकि मशीनों ने कृषि के धंधे को बड़ी सीमा तक आगे बढ़ाया है, उस समय ऐसी बड़ी समस्या को हल करने के लिए रास्ते निकालने मुश्किल तो हो सकते हैं, परन्तु असम्भव नहीं हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सरकारों को इस संबंधी कड़े निर्देश दिये थे। वर्ष 2015 में उसने पंजाब सरकार को इसलिए कटघरे में भी खड़ा किया था और यह भी कहा था कि पराली को संभालने के लिए कोई ठोस और प्रभावशाली प्रबंध किये जाएं। इसलिए किसानों को पर्याप्त मशीनें मुहैया करवाई जाएं, ताकि वह पराली को जलाने का कार्य न करें। परन्तु सरकार ने उस समय इतना बड़ा खर्च करने से अपनी असमर्थता जाहिर कर दी थी। परंतु प्रत्येक वर्ष भारी मात्रा में पराली जलाई जाती है, जिससे स्थिति और भी गम्भीर हो जाती है। कृषि यूनिवर्सिटी अपने तौर पर अपने सीमित साधनों से किसानों को पराली न जलाने के लिए जागृत करने की कोशिश कर रही है, परन्तु इसका किसानों पर ज्यादा असर नहीं हो रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए किसान जो उपयुक्त मशीनरी चाहते हैं, वह उनको मुहैय्या नहीं करवाई जा रही। जहां तक पराली का संबंध है, यदि इसका अच्छा उपयोग किया जाए तो इससे बहुत सारे लाभ हासिल किये जा सकते हैं। इससे कार्ड-बोर्ड और कागज व गत्ता भी बनाये जा सकते हैं। इससे गैस तैयार की जा सकती है और पर्याप्त बिजली भी पैदा की जा सकती है, परन्तु यह सब कुछ करने के लिए बड़ी धनराशि के साथ-साथ बड़े प्रयासों की भी जरूरत होगी और इसके लिए अच्छी योजनाबंदी की भी जरूरत है। हम यह बात विश्वास से कह सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कि यदि सरकार इस गम्भीर मामले के बारे में प्रतिबद्ध होती तो अब तक इसके कई तरह के हल निकाले जा सकते थे। परन्तु ऐसा कर सकने से वह असमर्थ रही है। इस संबंधी किसान भी लापरवाह रहा है, उसने भी अपने तौर पर पराली को संभालने का कोई प्रयास नहीं किया, जिस कारण अब सारा खेल बिगड़ गया नजर आ रहा है। परन्तु कोई नकारात्मक अमल जब सीमा से बढ़ जाता है, उस समय स्थिति को सुधारने के लिए कोई न कोई बड़ा कदम उठाया जाना आवश्यक हो जाता है। अत: यदि इसके प्रति लापरवाही और सुस्त कार्रवाई ही रही, तो आगामी समय में पर्यावरण प्रदूषण का खतरा और अधिक बढ़ना तय है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2017 03:35:55 +0530</pubDate>
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                <title>135 को नोटिस ,13 के काटे चालान</title>
                                    <description><![CDATA[मलेरिया और डेंगू के विरुद्ध डटा स्वास्थ्य विभाग रोजाना की जा रही है जगह-जगह चैकिंग डेंगू और मलेरिया संबंधी जागरुक करने के लिए निकाली जा रही हैं रैलियां पटियाला (खुशवीर सिंह तूर)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया को लेकर पूरी चौकसी बरती जा जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/notic-to-135-people-challan-of-13-people/article-2515"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/health-deparment.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">मलेरिया और डेंगू के विरुद्ध डटा स्वास्थ्य विभाग</h1>
<h2 style="text-align:justify;">रोजाना की जा रही है जगह-जगह चैकिंग</h2>
<h2 style="text-align:justify;">डेंगू और मलेरिया संबंधी जागरुक करने के लिए निकाली जा रही हैं रैलियां</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>पटियाला (खुशवीर सिंह तूर)।</strong> स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू और मलेरिया को लेकर पूरी चौकसी बरती जा जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक आम लोगों और दफ़्तरों को 135 नोटिस जारी किए गए जबकि 13 के चालान काटे गए हैं। इसके अलावा आम लोगों को डेंगू और मलेरिया संबंधी जागरूक करने के लिए रैलियों सहित वर्कशॉप भी लगाई जा रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी से आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए अपने प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जो लोग ऐसी बीमारियों का शिकार होने से पहले जागरूक हो सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले दो-तीन सालों दौरान पटियाला सहित जिले में डेंगू ने अपना कहर बरपाया था और सैंकड़ों लोग इसकी चपेट में आ गए थे। इस बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपनी ओर से पूरी चौकसी के साथ काम किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उनकी ओर से चैकिंग दौरान जिन घरों या दफ़्तरों में पानी खड़ा होने के कारण या सफाई न होने के कारण वहां मच्छर आदि पैदा हो सकता था, उन 135 घरों या दफ़्तरों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किये गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा जहां डेंगू का लारवा पाया गया ऐसे 13 लोगों के चालान भी काटे गए जिनमें डीईओ का दफ़्तर भी शामिल है। विभाग की टीमों की ओर से शहर में 33 हजार 207 घरों में पहुंच की गई और 4250 कूलरों और 4038 कंटेनरों की चैकिंग की गई। इसके अलावा 4761 फ्र ीजों की ट्रे खाली करके साफ करवाया गया। विभाग की ओर से शहर के अलग -अलग क्षेत्रों में डेंगू और मलेरिया संबंधी जागरुकत करने के लिए रैलियां, वर्कशॉप लगाई जा रही हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">विभाग की टीमें रोजमर्रा कर रही हैं चैकिंग : सिविल सर्जन</h2>
<p style="text-align:justify;">सिविल सर्जन डॉ. बलविन्दर सिंह का कहना है कि विभाग की ओर से अपनी पूरी ड्यूटी निभाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जुलाई महीना ऐंटी डेंगू माह के तौर पर मनाया जा रहा है। जिले में प्रतिदिन टीमों की ओर से चैकिंग करके मच्छरों का लारवा चैक किया जा रहा है वहीं नोटिस और चालान भी जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा म्यूंसीपल निगम की मदद से फौगिंग आदि भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की संभाल करना है ताकि बीमारियों पर होने वाले खर्च से बचाया जा सके।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अब तक 4250 कूलरों , 4038 कंटेनरों और 4761 फ्रिजों की ट्रे करवाई साफ</h2>
<p style="text-align:justify;">विभाग की टीमों की ओर से शहर में 33 हजार 207 घरों में पहुंच की गई और 4250 कूलरों और 4038 कंटेनरों की चैकिंग की गई। इसके अलावा 4761 फ्र ीजों की ट्रे खाली करके साफ करवाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 22:44:52 +0530</pubDate>
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                <title>व्यापारियों की जीएसटी संबंधी भ्रांतियां की दूर</title>
                                    <description><![CDATA[ जीएसटी पर कार्यशाला का आयोजन हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। फूडग्रेन मर्चेन्टस एसोसिएशन हनुमानगढ़ टाऊन द्वारा रविवार को टाऊन फूडग्रेन धर्मशाला में जीएसटी पर सेल्स टैक्स एवं इन्कम टैक्स की जानकारी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर फूडग्रेन मर्चेन्टस एसोसिएशन के समस्त सदस्य, व्यापारी, कपड़ा एवं किरयाना व्यापारी, गुड खांड एसोसिएशन के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/gst-related-information-given-to-traders/article-1357"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/h04.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> जीएसटी पर कार्यशाला का आयोजन</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> फूडग्रेन मर्चेन्टस एसोसिएशन हनुमानगढ़ टाऊन द्वारा रविवार को टाऊन फूडग्रेन धर्मशाला में जीएसटी पर सेल्स टैक्स एवं इन्कम टैक्स की जानकारी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर फूडग्रेन मर्चेन्टस एसोसिएशन के समस्त सदस्य, व्यापारी, कपड़ा एवं किरयाना व्यापारी, गुड खांड एसोसिएशन के सदस्य, पेस्टीसाईड एसोसिएशन के सदस्य व समस्त व्यापारी मौजूद थे। कार्यशाला में अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी संबंधी फैली भ्रांतियों से जागरूक किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने व्यापारियों को सरल व आसान तरीके से जीएसटी से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरपरिषद् सभापति राजकुमार हिसारिया, फुडग्रेन मर्चेन्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष हिसारिया, कृउमस उपाध्यक्ष पवन गोल्याण, व्यापार मण्डल शिक्षा समिति अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, अमृतलाल गर्ग, पवन कन्दोई, अमर सिंह राठौड़, जितेन्द्र कन्दोई, राजकुमार सोड़ा व अन्य व्यापारियों ने भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 Jun 2017 06:58:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भटिंडा में स्वास्थ्य के लिए वरदान बना जिम कल्चर</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य: सेहत को लेकर जागरूक हुए युवा फास्ट फूड से तौबा करने लगे युवा भटिंडा (अशोक वर्मा)। भटिंडा में चल रहे जिम शहर निवासियों के स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होने लगे हैं। पश्चिमी खान-पान के कुप्रभावों के सामने आने के बाद जागरूक हुए लोग स्वास्थ्य जीवन को प्राथमिकता दे रहे हैं। माना जा रहा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/youth-aware-about-health/article-757"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-06/bathinda07.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">स्वास्थ्य: सेहत को लेकर जागरूक हुए युवा</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>फास्ट फूड से तौबा करने लगे युवा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा (अशोक वर्मा)।</strong> भटिंडा में चल रहे जिम शहर निवासियों के स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित होने लगे हैं। पश्चिमी खान-पान के कुप्रभावों के सामने आने के बाद जागरूक हुए लोग स्वास्थ्य जीवन को प्राथमिकता दे रहे हैं। माना जा रहा है कि वर्तमान दौर में जब लोगों के लिए व्यायाम (कसरत) के अवसर कम हो गए हैं तो जिम हर वर्ग के लोगों के लिए बेहतरीन प्लेटफार्म साबित हो रहा है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मशीनी युग में कम हुए व्यायाम के अवसर</h3>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्तर के गोल्डस जिम के मैनेजर नवदीप सिंह संधू का कहना था कि पहले पुरुषों के लिए कृषि का कार्य करने के अतिरिक्त साईकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए वरदान था। इसी तरह महिलाओं के लिए दूध बिलोना (मक्खन निकालना), हाथों से चक्की चलाना व अन्य कार्य हाथों से करना भी एक तरह का व्यायाम होता था, जिससे शरीर स्वास्थ्य रहता था, किन्तु आज के मशीनी युग में व्यायाम के अवसर कम हो गए हैं। इसके अतिरिक्त रहन-सहन के बदले ढंग व पश्चिमी खान-पान और फास्ट फूड के सेवन कारण भी रोजाना व्यायाम जरूरी हो गया है। ऐसे हालातों में स्वास्थ्य के पक्ष से जिम बढ़िया उपाय है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">व्यायाम ने बदला जीवन</h3>
<p style="text-align:justify;">गोल्डस जिम के साथ गत चार वर्षों से जुड़ी महिला मनजीत कौर (76) ने कहा कि उसके लिए तो चलना भी मुश्किल हो गया था। उपर की मंजिल में बने जिम में जाने के लिए लिफ्ट का सहारा लेना पड़ता था, किन्तु रोजाना व्यायाम करने के बाद उसके गुटने अब ठीक हो गए हैं। करीब 65 वर्षीय मधु सूदन गत चार वर्षों दौरान व्यायाम से अपने जीवन में काफी बदलाव ला चुके हैं। उन्होंने अपने खाने पीने की समय सारणी बना ली है और शराब व सिगरेट वगैरा छोड़ दी है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">महिलाओं के लिए फिजीकल फिटनेस जरूरी</h3>
<p style="text-align:justify;">भट्टी रोड पर जिम से रोजाना व्यायाम संबंधी रिफ्रैशर कोर्स कर चुकी महिला रशमी दत्ता ने कहा कि शादी के बाद जिस तरह की प्रस्थितियों से एक महिला को गुजरना पड़ता है, उसे देखते हुए महिलाओं के लिए फिजीकल फिटनैस बहुत जरूरी है। परिवारिक जिम्मेवारियों दौरान पैदा हुए तनाव को कम करने के लिए प्रत्येक वर्ग की महिलाओं में जिम ज्वाइन करने का रुझान दिनो दिन बढ़ रहा है, जो कि एक बढ़िया संकेत है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्णनीय है कि पंजाब सरकार ने गत वर्षों दौरान गांवों, कस्बों व शहरों में धड़ा धड़ जिम का सामान वितरित किया था, जिसे एक अच्छी पहल कदमी कहना गल्त नहीं होगा, किन्तु काबिल कोच के बिना यह जिम ज्यादा बेहतर भूमिका अदा नहीं कर सके।</p>
<h3 style="text-align:justify;">स्वास्थ्य प्रति जागरूक्ता अच्छा शगुन</h3>
<p style="text-align:justify;">रेड क्रास के फस्ट एड ट्रेनर नरेश पठानिया का कहना है कि पैदल चलने व वर्क कल्चर का रुझान समाप्त होने से पंजाबियों के स्वास्थ्य पर कमजोर हुआ है। लोग बेशक अपने स्वास्थ्य के लिए सुबह की सैर से अधिक जिम जाने को तरजीह दे रहे हैं, किन्तु मशीनों के सहारे किए गए व्यायाम का सुबह की ठंडी व स्वच्छ हवा के सामान असर नहीं है। बेशक जिम के सहारे ही सही, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लोगों का जागरूक होना अच्छा शगुन है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फास्ट फूड से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव</h3>
<p style="text-align:justify;">सिविल अस्पताल भटिंडा के मैडीकल अधिकारी डॉ. परमिन्द्र बांसल का कहना था कि फास्ट फूड के लगातार इस्तेमाल से मोटापा व रक्त में चर्बी की मात्रा बढ़ जाती है। आज कल पीजा, बर्गर व नूड़लस बच्चों के स्टेटस सिंबल बन गए हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को चटपटे पकवानों की बजाए हरा स्लाद, दही, हरी सब्जियां, पनीर, टमाटर, फल व फाईबर युक्त भोजन लेकर स्वास्थ्य की संभाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले पैसा खर्च करके बीमारियों को आमंत्रण देना और बाद में बीमारियां भगाने के लिए पैसा खर्च करना, कौन सी समझदारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Jun 2017 07:12:47 +0530</pubDate>
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                <title>कैशलैस लेन-देन अपनाने को अलख जगाएगी सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[जागरूकता। हरियाणा में हर विभाग में लगाई जाएगी स्वाइप मशीन व पीओएस मशीन कार्ड से लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं प्रदेश सरकार ने बैंकों को दिए हैं निर्देश ChandiGarh, SachKahoon News:  हरियाणा को पूर्णतया कैशलैस बनाने के लिए प्रदेशर सरकार आगामी 7 दिनों तक प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाकर प्रदेशवासियों को जागरूक करेगी। मुख्यमंत्री […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/state-government-aware-pepole-for-cashless-transaction/article-352"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/swipe-machine.jpeg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>जागरूकता। हरियाणा में हर विभाग में लगाई जाएगी स्वाइप मशीन व पीओएस मशीन</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>कार्ड से लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश सरकार ने बैंकों को दिए हैं निर्देश</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, SachKahoon News:</strong>  हरियाणा को पूर्णतया कैशलैस बनाने के लिए प्रदेशर सरकार आगामी 7 दिनों तक प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाकर प्रदेशवासियों को जागरूक करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को आमजन को कैशलैस, प्लास्टिक मनी, इलैक्ट्रोनिक लेन-देन, ई-वैलेट से लेनदेन, मोबाइल के माध्यम से लेनदेन के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया है। बुधवार को वे यहां स्वर्ण जयंती वर्ष में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के सम्बन्ध में प्रशासनिक सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करने के उपरांत पत्रकारों द्वारा नोटबंदी के सम्बन्ध में पूछे गये प्रश्र का उत्तर दे रहे थे।<br />
सीएम ने बताया कि हालांकि सरकारी लेनदेन इलैक्ट्रोनिक है, परंतु व्यापारी, बाजार में लेनदेन, व्यक्तिगत लेनदेन भी कैशलैस हो ताकि नोटों की कठिनाई समाप्त हो सके, के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मनी, इलैक्ट्रोनिक लेन-देन, ई-वैलेट से लेनदेन, मोबाइल के माध्यम से लेनदेन से साफ-सुथरा और इससे त्वरित लेनदेन रहता है।<br />
सरकारी विभागों में स्वाइप मशीन व पीओएस मशीन के सम्बन्ध में पूछे गये प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विभागों, जहां पीओएस काउंटर हैं, वहां स्वाइप मशीन व पीओएस मशीन लगाने के निर्देश दिए गये हैं और इस सम्बन्ध में बैंकों ने राज्य सरकार को आश्वासन दिया है कि ऐसे राज्य सरकार के 5000 काउंटरों पर कार्ड से लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीओएस मशीनों और स्वाइप मशीनों पर लेनदेन वैकल्पिक होगा, यदि कोई नकद भुगतान करना चाहेगा तो वे भी लिया जाएगा।</p>
<p><strong>प्रोत्साहन में मिलेगा पांच रूपए टॉकन आॅफ लव</strong><br />
सीएम ने बताया कि बैंकों और टेलीकॉम कम्पनियों ने विभिन्न एप्प तैयार किये हैं, जिनके माध्यम से कैशलैस लेन देन किया जा सकता है। इसके अलावा, बैंकों और संस्थाओं को आईडी देकर प्रोत्साहित करेंगे तो पंजीकरण के लिए 5 रुपये टोकन आॅफ लव देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी द्वारा भाजपा के सांसद, विधायक और भाजपा नेताओं से 8 नवम्बर से लेकर 31 दिसम्बर बैंकों में अपने लेन देन का ब्यौरा देने को लेकर पूछे गये प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह अह्वान सराहनीय है और एक अच्छी शुरूआत है, क्योंकि इस पर हमें सबसे पहले अपने घर से शुरूआत करनी चाहिए। फसल बीमा योजना को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा स्वयं की कम्पनी गठित करने के सम्बन्ध में पूछे गये प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना अभी पाइपलाइन में है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Dec 2016 00:31:13 +0530</pubDate>
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