<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/rain-water/tag-3988" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Rain Water - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/3988/rss</link>
                <description>Rain Water RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हनुमानगढ़ शहर : बरसाती पानी में डूबी सिंघाड़े की फसल, लाखों के नुकसान की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[ नगर परिषद को ठहराया जिम्मेदार हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। दो दिन पहले हुई भारी बारिश राहत के साथ आफत भी बन गई। भारी बारिश के कारण कई लोगों को नुकसान भी झेलना पड़ा। टाउन की बरकत कॉलोनी में सिंघाड़े के खेत में पूरे शहर का बरसाती पानी भर गया। पूरी फसल पानी में डूब गई। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/crops-submerged-in-citys-rain-water/article-36237"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-08/rain-water.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><strong> नगर परिषद को ठहराया जिम्मेदार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> दो दिन पहले हुई भारी बारिश राहत के साथ आफत भी बन गई। भारी बारिश के कारण कई लोगों को नुकसान भी झेलना पड़ा। टाउन की बरकत कॉलोनी में सिंघाड़े के खेत में पूरे शहर का बरसाती पानी भर गया। पूरी फसल पानी में डूब गई। इससे किसानों को लाखों का नुकसान होने की आशंका है। प्रभावित किसानों ने इसके लिए नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराते हुए पानी निकासी की व्यवस्था करवाने की गुहार लगाई। रामभुल कश्यप ने बताया कि वह करीब 50 वर्षांे से बरकत कॉलोनी की बिहारी बस्ती में भटनेर किले के पास सिंघाड़े की खेती कर रहा है। सिंघाड़े की खेती पूरे साल की मेहनत है लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के कारण आज उसकी मेहनत मिट्टी में मिल रही है। करीब एक माह बाद सिंघाड़ा बनकर तैयार होना था। लेकिन नगर परिषद की लापरवाही के कारण अब उसकी सिंघाड़े की फसल पूरी तरह बरसाती पानी में डूब चुकी है। जमीन में करीब 15 फीट पानी भर गया है। अब इतना अधिक पानी निकालने में असमर्थ है। उसका करीब आठ लाख रुपए का नुकसान हो गया है। वह आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं है कि इस नुकसान की भरपाई कर सके। रामभुल कश्यप ने बताया कि नगर परिषद की ओर से मुखर्जी कॉलोनी व दशहरा ग्राउंड से होते हुए बनाए गए खाले का पानी बिहारी बस्ती में एकत्रित होता है। खाले का साइज काफी छोटा है। इस कारण यह खाला हर साल मानसून की बारिश में ओवरफ्लो हो जाता है।</p>
<h3><strong> प्रभावित किसानों ने प्रशासन व नगर परिषद से लगाई पानी निकासी की व्यवस्था की गुहार</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इसका खामियाजा किसानों को नुकसान झेलकर उठाना पड़ता है। इस साल उसने भी यह नुकसान झेल लिया है। उन्होंने बताया कि कर्ज उठाकर खेती की जाती है। वह अब तक करीब 50 हजार रुपए की लेबर लगा चुका है। खाद-पानी, बिजाई आदि मिलाकर करीब एक लाख रुपए का खर्च आ चुका है। रामभुल कश्यप ने प्रशासन और नगर परिषद से गुहार लगाई कि उसकी फसल में भरे पानी की निकासी करवाई जाए ताकि वह अपनी फसल की पैदावार कर सके। साथ ही पानी से हुए नुकसान की भरपाई की जाए। वहीं महेन्द्र कश्यप ने बताया कि वह पांच बीघा जमीन ठेके पर लेकर सिंघाड़े की खेती करता है। हर साल शहर का बरसाती पानी उसकी फसल में भर जाता है। लेकिन उन्हें नुकसान का मुआवजा तक नहीं दिया जाता। पानी भरने से सिंघाड़े की फसल गलनी शुरू हो चुकी है। नगर परिषद की लापरवाही के कारण फसल में बरसाती पानी भरने से उसका करीब 4-5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा आसपास के धान के खेतों में भी पानी भर गया है। धान की फसल पूरी तरह डूब चुकी है। महेन्द्र कश्यप ने भी प्रशासन से नुकसान की भरपाई करने की मांग की। इसके अलावा वासुदेव पुत्र लोचन साहनी के खेत में लगी भिंडी के खेत में बरसाती पानी भर गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या बोले सभापति</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">उधर, शहर का बरसाती पानी खेतों में भरने के मुद्दे पर नगर परिषद सभापति गणेश राज बंसल ने बताया मुखर्जी कॉलोनी में बने हुए नाले के जरिए पूरे टाउन शहर के पानी की निकासी बिहारी बस्ती में होती है। दो दिन पहले हुई अत्यधिक बारिश के कारण बरसाती पानी बिहारी बस्ती के खेतों में घुस गया। यह प्राकृतिक आपदा है। इसके कारण अगर खेतों में नुकसान हुआ है तो इसके लिए नगर परिषद जिम्मेदार नहीं है। प्रभावित किसानों को नगर परिषद मुआवजा दे, यह संभव नहीं है।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/crops-submerged-in-citys-rain-water/article-36237</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/crops-submerged-in-citys-rain-water/article-36237</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Aug 2022 12:12:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-08/rain-water.jpg"                         length="74475"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसाती पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[सुनाम रोड पर स्थित दूषित नाले के पानी की निकासी समस्या तुरंत करवाई हल संगरूर(सच कहूूँ न्यूज)। बीते दिनों हुई बरसात के कारण कुछ स्थानों पर दूषित पानी की निकासी सम्बन्धित आई समस्या का डिप्टी कमिशनर घणशाम थोरी ने गंभीर नोटिस लिया है। थोरी ने समूह कार्यकारी आधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी करते कहा कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/order-of-proper-arrangement-for-drainage-of-rain-water/article-4981"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/drain-news-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">सुनाम रोड पर स्थित दूषित नाले के पानी की निकासी समस्या तुरंत करवाई हल</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>संगरूर(सच कहूूँ न्यूज)।</strong> बीते दिनों हुई बरसात के कारण कुछ स्थानों पर दूषित पानी की निकासी सम्बन्धित आई समस्या का डिप्टी कमिशनर घणशाम थोरी ने गंभीर नोटिस लिया है। थोरी ने समूह कार्यकारी आधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी करते कहा कि बरसात दौरान अधिक चौकसी इस्तेमाल की जाये व किसी भी जगह पर पानी की निकासी संबंधी कोई समस्या पेश आने पर उचित हल को यकीनी बनाया जावे।</p>
<p style="text-align:justify;">बरसाती मौसम को ध्यान में रखते डिप्टी कमिशनर ने संगरूर शहर के दूषित नालों व ड्रेनज अंदर पानी के साथ आने वाली गन्दगी को पहलकदमी के साथ जेसीबी मशीन के साथ साफ करवाने के लिए कार्यकारी अधिकारी संगरूर को आदेश जारी किये।थोरी ने सुनाम रोड इंडस्ट्रीज क्षेत्र के पास से गुजरते दूषित नाले का पानी रुकने साथ लोगों को आई परेशानी का गंभीर नोटिस लेते खुद मौके पर पहुंचकर जायजा लिया व जेसीबी के साथ पुली को तुडवा कर पानी की निकासी का हल करवाया।</p>
<h1 style="text-align:center;">‘सच-कहूँ’ ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा</h1>
<p style="text-align:justify;">संगरूर -सुनाम रोड पर रहते निवासियों की समस्या को लेकर पिछल दिनों ‘सच-कहूँ’ अखबार में प्रमुखता के साथ रिपोर्ट प्र्रकाशित की गई थी जिसमें गंदे पानी के साथ ही पर हुए बड़े स्तर पर अवैध कब्जों आदि संबांी तथ्य उठाए गए थे।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/order-of-proper-arrangement-for-drainage-of-rain-water/article-4981</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/order-of-proper-arrangement-for-drainage-of-rain-water/article-4981</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Jul 2018 06:31:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/drain-news-1.jpg"                         length="192581"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात से गांवों शहरों की गलियों ने धारण किया नहरों का रूप</title>
                                    <description><![CDATA[अब कई दिनों तक फैला रहेगा गांवों में कीचड़, सरकार गांवों का भी करे सुधार फिरोजपुर(सतपाल थिन्द)। बीते दिनों से आसमानी में उड़ रही धूल से जहां लोग सख़्त परेशान थे वहीं ही लोग धूल से छुटाकारे पाने के लिए बरसात की फरियाद कर रहे थे तो शनिवार देर रात से शुरू हुई तेज बरसात […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rain-water-filled-with-streets-people-upset/article-4272"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/havey-rain.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">अब कई दिनों तक फैला रहेगा गांवों में कीचड़, सरकार गांवों का भी करे सुधार</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजपुर(सतपाल थिन्द)।</strong> बीते दिनों से आसमानी में उड़ रही धूल से जहां लोग सख़्त परेशान थे वहीं ही लोग धूल से छुटाकारे पाने के लिए बरसात की फरियाद कर रहे थे तो शनिवार देर रात से शुरू हुई तेज बरसात ने कुछ ही पलों में आसमान में उड़ रही धूल को हटा दिया, जिसके बाद आसमान बिल्कुल साफ हो गया। इसके अलावा धूल से ढ़की फसलें भी बरसात से साफ हो गई।</p>
<h2 style="text-align:center;">धूल के बाद उमस ने दी दस्तक</h2>
<p style="text-align:justify;">शहरों गांवों की सड़कों पर लोगों को बरसात का आनं लेते देखा गया व बरसात के कारण तापमान में गिरावट आने के कारण लोगों ने एक बार गर्मी से राहत भी महसूस की परंतु बाद में धीरे धीरे उमस में भी विस्तार होने लगा। देर रात से हुई बरसात दौरान गांव शहरों की गलियों ने नहरों जैसा रूप धारण कर लिया, जिसके बाद भी कई इलाके जलथल हुए रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे तो शहरों या कस्बों की गलियां-सड़कों पर जमा पानी का नगर कौंसिलों द्वारा अधिक समय पड़ने तक हल कर दिया जाता है परन्तु यदि गांवों की बात की जाये तो आम ही देखने को मिलता है कि गंदे पानी वाली नालियां उछल कर पहले ही गलियों में कीचड़ जमा हो जाता है परंतु जब इस तरह भारी बरसात होती है तो गावों की कच्ची गलियों का हाल दयनीय होता व कई -कई दिनों तक लोगों को गलियों में जमा पानी के कारण जमा कीचड़ में से गुजरना पड़ता है। जब गांवों के लोगों के साथ बात की तो उन्होंने कहाकि गांवों का हाल तो इस तरह ही रहना है।</p>
<p style="text-align:justify;">शायद ही कभी कोई सुधार आए व कहा कि सरकार को चाहिए गांवों में भी कई सुधार लाए जाएं, जिससे गांवों के लोगों को बरसात के बाद कई दिनों तक कीचड़ या ओर समस्याओं के साथ न जूझना पड़े। बरसात होने के कारण कई स्थानों पर पानी जमा हो जाने के कारण मच्छर की पैदावार में विस्तार होने की संभावना है, जिसके बाद डेंगू मलेरिया का खतरा बन सकता है, जिस कारण सेहत विभाग और चौंकना हो गया है।</p>
<h2 style="text-align:center;">किसानों के खिले चेहरे, धान की फसल लगाने के लिए लेबर की एकदम बढ़ी मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">सरकार द्वारा धान की फसल रोपित करने की तय कि 20 जून का इंतजार कर रहे किसान के चेहरों पर बरसात होने से पड़ने की दुगनी खुशी चमक रही थी, क्योंकि जहां किसानों को धान की फसल रोपित करने के लिए कददू तैयार के लिए बिजली के सहारे कई दिन लगने थे वहीं रात भर हुई बरसात के कारण किसानों की जमीनों में जल्दी पानी से भरने के कारण जल्दी के साथ किसानों ने अपने खेतों में कददू कर लिए, जिस कारण धान की फसल लगाने के लिए लेबर की मांग भी एकदम बढ़ गई।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rain-water-filled-with-streets-people-upset/article-4272</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/rain-water-filled-with-streets-people-upset/article-4272</guid>
                <pubDate>Mon, 18 Jun 2018 09:19:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/havey-rain.jpg"                         length="84861"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान बना वरदान</title>
                                    <description><![CDATA[वर्षा का पानी संचय कर राजस्थान की तस्वीर बदल सकते है : जल संसाधन मंत्री राजस्थान का जल स्तर बढ़ा, डार्क जोन भी हुए कम श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/chief-minister-water-swavalamban-abhiyaan-make-boon/article-2185"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/swavalamban-abhiyaan-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">वर्षा का पानी संचय कर राजस्थान की तस्वीर बदल सकते है : जल संसाधन मंत्री</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>राजस्थान का जल स्तर बढ़ा, डार्क जोन भी हुए कम </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि प्रदेश की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा प्रारम्भ की गई मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे है। प्रदेश में बहुत सारे क्षेत्र में जल स्तर नीचे चले जाने से डार्क जोन घोषित कर दिया गया था। इस योजना के पश्चात डार्क जोन धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है तथा भूमि का जल स्तर बढ़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. रामप्रताप सोमवार को सूरतगढ़ में वन विभाग द्वारा आयोजित 68वां वन महोत्सव के जिला स्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को लेकर माननीय मुख्यमंत्री भी बहुत गंभीर है। उन्होंने मुझे एक दिन में तीन जिलों में जाने के निर्देश दिये थे। आज के दिन श्रीगंगानगर, बीकानेर व हनुमानगढ़ जिले में जल स्वावलम्बन अभियान के तहत वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है, जिसमें मुझे शामिल होना है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूरतगढ़ विधायक राजेन्द्र सिंह भादू ने कहा कि जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने माननीय मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे से मिलकर इस टिब्बा क्षेत्र को हरा भरा बनाने की सौगात इस क्षेत्र के किसानों को दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि के लिए कृषि कनेक्शन मिलने से टिब्बा क्षेत्र भी लहलहाने लगेंगे, जिससे आमजन का जीवन स्तर सुधरेगा। यह सरकार की किसानों के लिये बहुत बड़ी सौगात है। टिब्बा क्षेत्र भी अन्य नहरी क्षेत्रों की तरह हराभरा होगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सभी को शपथ दिलवाई</h3>
<p style="text-align:justify;">आयोजित कार्यक्रम में सभी जनप्रतिनिधियों, आमनागरिकों, युवाओं तथा छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई कि राजस्थान मेरा प्रदेश है, जिसकी जल मृदा एवं वृक्ष संपदा हमारी धरोहर है। मैं सत्य निष्ठा के साथ ईश्वर को साक्षी मानकर प्रतिज्ञा करता हूॅ/करती हॅू कि मैं मेरे द्वारा रोपित पौधों एवं राज्य की जल संरक्षण सरंचनाओं एवं मृदारोपी धरोहर की एक सजग प्रहरी के रूप में सदैव रक्षा करूंगा। उनकी सुरक्षा एवं उनके संवर्द्घन के लिये मन, वाणी एवं कर्म से प्रयत्नशील रहूंगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">वृक्षकुंज की पटिट्का का अनावरण</h3>
<p style="text-align:justify;">आयोजित कार्यक्रम में वृक्षकुंज की पटिट्का का अनावरण किया तथा रिबन काटकर वृक्षकुंज कार्यक्रम की शुरूआत की, अतिथियों द्वारा मॉं सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया तथा विभिन्न विधालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। आयोजित कार्यक्रम में सूरतगढ़ एडीएम चांदमल, सीआरपीएफ के डीआईजी सूरजपाल वर्मा, नगरपरिषद सूरतगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, पंचायत समिति सूरतगढ़ की प्रधान श्रीमती बिरमा देवी, विकास अधिकारी श्रीमती रोमा सहारण, महेश शेखसरिया, नरेन्द्र राठी, सुभाष सहित गणमान्य नागरिक व विधालयों के विधार्थी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/chief-minister-water-swavalamban-abhiyaan-make-boon/article-2185</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/chief-minister-water-swavalamban-abhiyaan-make-boon/article-2185</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 06:02:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/swavalamban-abhiyaan-1.jpg"                         length="23872"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पौली में बरसाती पानी की मार, 200 एकड़ में फसलें डूबी</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों की धान, बाजरा और ज्वार की फसलें बर्बाद प्रशासन से बार-बार गुहार के बाद भी नहीं समाधान जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।जैसे ही बरसात का मौसम आता है, पौली गाँव के किसानों के माथे पर चिंता की लक ीरें खिंच जाती हैं, क्योंकि पौली-लिजवानां कलां ड्रैन की सफाई नहीं होने से गाँव की अधिकतर भूमि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain-water-in-polly-waste-of-paddy-millet-and-tide-crops/article-2174"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/crops.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">ग्रामीणों की धान, बाजरा और ज्वार की फसलें बर्बाद</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रशासन से बार-बार गुहार के बाद भी नहीं समाधान</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>जुलाना (सच कहूँ न्यूज)।</strong>जैसे ही बरसात का मौसम आता है, पौली गाँव के किसानों के माथे पर चिंता की लक ीरें खिंच जाती हैं, क्योंकि पौली-लिजवानां कलां ड्रैन की सफाई नहीं होने से गाँव की अधिकतर भूमि जलमग्न हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">गत दिनों हुई बरसात से पौली लिजवानां कलां ड्रैन पौली गाँव के खेतों में ओवरफ्लो हो गई है, जिससे 200 एकड़ से ज्यादा फसल पानी में डूब गई, जबकि यहां पर ग्रामीणों द्वारा धान, ज्वार और बाजरा की बिजाई की हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा किसानों ने ईख की खेती भी की हुई थी। जो अब बारिश के पानी से जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गेहूँ के सीजन में भी उनकी फसल इसी तरह से बर्बाद हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि लिजवानां कलां, अकालगढ़ हथवाला आदि गाँवों का ढलान पौली गाँव की तरफ ज्यादा होने के कारण सारा बारिश का पानी उनके गाँव की तरफ बहता है और खेतों में लगभग 3-4 फीट पानी भर जाता है। जिससे ग्रामीणों की फसल बारिश के पानी से बर्बाद हो जाती है, ऐसे में किसानों ने प्रशासन से उनकी समस्या का समाधान किए जाने की गुहार लगाई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">1992 से बनी हुई है समस्या</h2>
<p style="text-align:justify;">गाँव पौली के कुलबीर, दलबीर, रोहिराम, जिले मलिक, सुनील, बिजेन्द्र ने बताया कि उनकी यह समस्या कोई आज या कल की नहीं बल्कि साल 1992 से यह समस्या बनी हुई है। इस बारे में कई बार जिला प्रशासन को अवगत करवाया जा चुका है,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है और हर वर्ष उनकी फसल बर्बाद हो रही है। ऐसे में किस प्रकार वे अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करेंगे जबकि उनके पास खेती के अलावा कोई इंकम का साधन नहीं है। इसलिए प्रशासन द्वारा उनकी समस्या पर गंभीरता से संज्ञान लिया जाना चाहिए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बिजली समस्या ने बढ़ाई परेशानी</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने बारिश व ड्रैन के पानी को निकालने के लिए बिजली विभाग से चार दिन के लिए 24 घंटे बिजली छोड़ने की मांग की है। लेकिन इसके बावजूद बिजली केवल 8 घंटे ही छोड़ी जा रही है। जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पौली गाँव के किसानों की 200 एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न है। ड्रैन का पानी निकलवाने के लिए सिंचाई विभाग, बिजली विभाग व जिला प्रशासन को मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। किसानों की मांग है कि खेतों के पानी को जल्द से जल्द निकलवाने का प्रबंध करें।<br />
<em><strong>सुंदर, सरपंच पौली।</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain-water-in-polly-waste-of-paddy-millet-and-tide-crops/article-2174</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/rain-water-in-polly-waste-of-paddy-millet-and-tide-crops/article-2174</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 02:22:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/crops.jpg"                         length="108479"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        