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                <title>Karwa Chauth 2023: करवा चौथ व्रत खोलने के तुरंत बाद भूलकर भी ना करें इन चीजों का सेवन, बिगड़ी सकती है आपकी तबीयत</title>
                                    <description><![CDATA[Karwa Chauth 2023: कल करवा चौथ का व्रत है और इस मौके पर हर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है, ऐसे में वे पूरे दिन भूखी प्यासी रहती है और भूखा प्यासा रहने के बाद जब शाम को महिलाएं व्रत खोलकर कुछ खाती है, तो अचानक से कुछ खाने पर उनकी तबीयत खराब हो जातीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/do-not-consume-these-things-even-by-mistake-immediately-after-breaking-the-karva-chauth-fast-your-health-may-deteriorate/article-54338"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/karwa-chauth-2023.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Karwa Chauth 2023: कल करवा चौथ का व्रत है और इस मौके पर हर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है, ऐसे में वे पूरे दिन भूखी प्यासी रहती है और भूखा प्यासा रहने के बाद जब शाम को महिलाएं व्रत खोलकर कुछ खाती है, तो अचानक से कुछ खाने पर उनकी तबीयत खराब हो जातीं हैं। जिसके बाद उनका मन उदास हो जाता है, इसी बात को देखते हुए अक्सर हर महिलाओं का यह सवाल रहता है कि करवा चौथ का व्रत कैसे खोलना चाहिए और ऐसी कौन सी चीजें है जिन्हें खाने से परहेज़ करना चाहिए। क्योंकि कई बार ऐसा हो जाता है कि करवा चौथ व्रत के दौरान आप कुछ ऐसा खा लेते हैं जिससे आपकी तबीयत खराब हो जाती है। इसलिए हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बताते हैं जो व्रत खोलने के दौरान हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/along-with-reducing-weight-cumin-also-controls-cholesterol-you-get-these-benefits-by-consuming-it/">Health Benefits of Cumin in Diet: वजन कम करने के साथ साथ कॉलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करता है जीरा, सेवन करने से मिलते हैं ये फायदे</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">व्रत की शुरुआत हेल्दी तरीके से करें | Karwa Chauth 2023</h3>
<p style="text-align:justify;">आप सबसे पहले करवा चौथ के व्रत की शुरुआत एक हेल्थी तरीके से करें, सरगी में आप ड्राई फ्रूट्स, दूध से बनी चीजें, ताजा फल, नारियल पानी ऐसी चीजों का सेवन करें, जो दिन भर आपको एनर्जेटिक बनाए रखें और डिहाइड्रेशन भी न होने दें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">करवा चौथ का व्रत खोलते समय रखें इन चीजों का ध्यान</h4>
<p style="text-align:justify;">1.जब आप करवा चौथ का निर्जला व्रत रखकर शाम को अपना व्रत खोलती है, तो सबसे पहले थोड़ा-थोड़ा करके पानी पिएं, एकदम से पानी पीने से खाली पेट में पानी भर जाता है और वोमेटिंग होने के चांसेस रहते हैं। इसलिए व्रत खोलते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखें।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/raisin-water-on-empty-stomach/">Raisin Water On Empty Stomach: रोजाना खाली पेट पिएं किशमिश का पानी, मिलेंगे ये फायदे!</a></p>
<p style="text-align:justify;">2. करवा चौथ का व्रत खोलने के लिए आप नींबू पानी, फ्रूट जूस, नारियल पानी, छाछ या लस्सी भी ले सकते हैं। यह आपको हाइड्रेशन देने का काम करते हैं और दिनभर की थकान को भी दूर कर देते हैं। ‌</p>
<p style="text-align:justify;">3. करवा चौथ का व्रत खोलते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें की व्रत खोलने के तुरंत बाद आप चाय या कॉफी का सेवन बिलकुल भी ना करें, क्योंकि यह खाली पेट में एसिड रिफ्लेक्ट करती है और इससे एसिडिटी और पेट में मरोड़ जैसी कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/know-the-10-magical-benefits-of-eating-radish-and-start-eating-it-from-today-itself/">Radish Eating Benefits: मूली खाने के 10 जादुई फायदे जान आज से ही खाना कर देंगे शुरू</a></p>
<p style="text-align:justify;">4. अक्सर आप करवा चौथ का व्रत खोलने के बाद मिठाई या खीर खाना पसंद करते हैं जो आपकी सेहत के लिए सही नहीं है, इसलिए इनकी जगह खजूर, अंजीर, या बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स का सेवन पहले करें। और जब आपका पेट थोड़ा भर जाए तो इसके बाद आप मीठे का सेवन कर सकती हैं। ‌</p>
<p style="text-align:justify;">5.करवा चौथ व्रत खोलने के तुरंत बाद आपको हैवी मील लेने से बचना चाहिए, अक्सर देखा जाता है कि कुछ महिलाएं होटल में जाकर हैवी डाइट लेती है जिससे अगले दिन आपके पेट मे दर्द और भारीपन हो जाता है। आप करवा चौथ व्रत खोलने के बाद इडली, मूंग का चीला, खिचड़ी, वेजिटेबल सूप जैसी चीजों का सेवन कर सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 10:17:10 +0530</pubDate>
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                <title>Signs of high cholesterol in legs: कोलेस्टेरॉल बढ़ने पर सबसे पहले पैरों में दिखते है 7 लक्षण &amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[High Cholesterol Sigh: शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक आम बीमारी बन गई है। हर किसी के शरीर में कोलेस्ट्रोल बढ़ रहा है। दरअसल हेल्दी बॉडी के लिए कोलेस्ट्रोल की काफी जरूरत पड़ती है। कोलेस्ट्रोल कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा होने पर कई तरह की समस्याओं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/7-symptoms-and-signs-first-seen-in-feet-when-cholesterol-increases/article-51070"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-08/signs-of-high-cholesterol-in-legs.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">High Cholesterol Sigh: शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक आम बीमारी बन गई है। हर किसी के शरीर में कोलेस्ट्रोल बढ़ रहा है। दरअसल हेल्दी बॉडी के लिए कोलेस्ट्रोल की काफी जरूरत पड़ती है। कोलेस्ट्रोल कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे तो आमतौर पर शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कोई संकेत नजर नहीं आते लेकिन कभी-कभी यह दिखाई दे सकते हैं। Signs of high cholesterol in legs</p>
<p style="text-align:justify;">कोलेस्ट्रोल खतरनाक तरीके से बढ़ने पर पैरों में कुछ इस तरह के लक्षण होते हैं। बता दें कि हाई कोलेस्ट्रॉल एक साइलेंट किलर है, वहीं चिंता की बात यह है कि इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं होते। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुरुआत में यह शरीर को प्रभावित नहीं करता है और दुर्भाग्य से जब तक किसी लक्षण का पता चलता है, तब तक यह आपके शरीर को नुकसान पहुंचा चुका होता है। यही वजह है कि कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करते रहना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कोलेस्ट्रॉल क्या है?</strong> कोलेस्ट्रोल एक मोम की तरह का चिपचिपा पदार्थ होता है, जिससे आपका लीवर भी बनता है और यह आपके द्वारा खामी गई अनहेल्दी फैट वाली चीजें जैसे तेल, घी, मक्खन और फास्ट फूड आदि से भी बनता है। आपको बता दें कि यह खून की नसों में बनता है और इसका लेवल बढ़ने से ब्लॉकेज आ सकती है जिससे ब्लड फ्लो धीमा या थम सकता है, बता दें कि इससे आपको हर्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। Signs of high cholesterol in legs</p>
<p style="text-align:justify;">जैसा कि हमारे इस आर्टिकल में ऊपर बताया गया है कि कोलेस्ट्रोल के कोई खास लक्षण नहीं होते हैं इसलिए इसकी जांच कराते रहना बहुत जरूरी है। हालांकि ऐसे बहुत लक्षण हैं जो आपको अपने शरीर में दिखाई देते हैं और आप इनसे पता लगा सकते हैं कि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है। दरअसल कुछ ऐसे लक्षण हैं जिनसे आपको पता चल सकता है कि आपके शरीर में यह पदार्थ जमा होने लगा है और ये लक्षण आपको अपने पैरों में नजर आ सकते हैं तो चलिए जानते हैं। कि आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के दौरान आपके पैरों में किस तरह के लक्षण नजर आते हैं। Signs of high cholesterol in legs</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पैरों में भारीपन:</strong> अगर आपको अपने पैरों में गंभीर दर्द के साथ भारीपन महसूस हो रहा है, तो आपको तुरंत कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करा लेनी चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह जांघों या पिंडलियों में भी देखा जाता है, चलने के दौरान दर्द बढ़ जाता है भले ही आप ज्यादा चले या कम।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पैरों में बार-बार ऐंठन होना:</strong> बता दें कि शरीर के निचले अंगों, विशेष रूप से एड़ी और पैर की उंगलियां में ऐंठन की समस्या उन लोगों में ज्यादा देखी जाती है जिन्हें हाई कोलेस्ट्रोल की समस्या होती है। ऐसा धमनियों के डैमेज होने की वजह से हो सकता है। ऐंठन ज्यादातर रात में होती है। इससे बचने के लिए आप अपने पैरों को बिस्तर से या किसी ऊंचे स्थान पर रखकर सो सकते हैं।</p>
<blockquote class="wp-embedded-content"><p><a href="http://10.0.0.122:1245/liver-disease-symptoms-liver-kharab-hone-ke-lakshan/">Liver Disease Symptoms: शरीर में ये संकेत दिखाई देें तो समझ जाइए लीवर हो रहा है डैमेज, तुरंत कराए जांच</a></p></blockquote>
<p><iframe class="wp-embedded-content" title="“Liver Disease Symptoms: शरीर में ये संकेत दिखाई देें तो समझ जाइए लीवर हो रहा है डैमेज, तुरंत कराए जांच” — Sach kahoon - Best Online Hindi News" src="http://10.0.0.122:1245/liver-disease-symptoms-liver-kharab-hone-ke-lakshan/embed/#?secret=XOXvcZoodi%23?secret=DHrgnComw2" width="500" height="282" frameborder="0"></iframe></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पैरों का ठंडा होना:</strong> जब मौसम ठंडा होता है तो हमें पैर ठंडे होने का अनुभव होता है। लेकिन अगर बिना किसी कारण ही आपके पैर ठंडे हो रहे हैं तो इसके लिए आपका कोलेस्ट्रॉल जिम्मेदार हो सकता है। अगर आपके पैरों में ऐसा कुछ महसूस होता है तो इस संकेत को बिल्कुल भी नजरंदाज न करें और जल्द से जल्द अपने खून की जांच कराएं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>त्वचा के रंग में बदलाव:</strong> धमनियों में रुकावट के कारण शरीर के कुछ हिस्सों तक रक्त का प्रवाह सीमित हो जाता है। इसका असर अक्सर निचले अंगों में देखा जाता है। दरअसल रक्त की कम आपूर्ति के कारण त्वचा का रंग बदलना हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होता है। वहीं अगर आपको अपनी त्वचा के रंग में किसी तरह का बदलाव नजर आए तो इस बदलाव को नजरंदाज ना करें और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं। Signs of high cholesterol in legs</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>घाव भरने में देरी:</strong> अगर आपके अंग में कहीं घाव हो गया है और आप देखते हैं कि आप के अंग में हुए घाव को भरने में काफी समय लग रहा है तो यह खराब ब्लड सरकुलेशन का संकेत है जो हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल के कारण हो सकता है। हालांकि डायबिटीज सहित अन्य कारणों से भी ऐसा हो सकता है, लेकिन जांच कराने से ही सही कारण पता चलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पैरों में दर्द रहना:</strong> यदि आपके पैरों में कुछ दिनों से लगातार दर्द रहता है, तो इसे भी नजरंदाज ना करें। जब पैरों की धमनियों में रुकावट पैदा होंगी, तो आॅक्सीजन से भरपूर आवश्यक मात्रा में खून शरीर के निचले भाग में नहीं पहुंच पाता है। इससे पैरों में भारीपन और थकान महसूस हो सकती है। बता दें कि हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर कुछ लोग पैरों में जलन के साथ दर्द होने की भी शिकायत करते हैं। कई बार ये दर्द नितंब, जांघ से लेकर नीचे तक पैरों में होता है। दर्द दोनों या फिर एक पैर में भी हो सकता है। यह समस्या तब अधिक महसूस होती है, जब आप टहलते, दौड़ते या फिर सीढ़ियां चढ़ते हैं। आराम करने से दर्द दूर हो सकता है और चलने-फिरने से फिर से हो सकता है, ऐसे में बेहतर है कि डॉक्टर से दिखा लें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रात में पैरों में क्रैम्प होना:</strong> रात में सोते समय आपको यदि बार-बार पैरों में क्रैम्प हो, तो इसे इग्नोर ना करें। यह हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण भी हो सकता है। इससे लोअर लिंब्स की आर्टरीज को नुकसान पहुंचाता है। बता दें कि यह समस्या रात में अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे नींद नहीं आती है। तलवों, एड़ियों, उंगलियों, पैरों की मांसपेशियों में क्रैम्प हो सकता है। पैर को बिस्तर से लटका कर रखना या बैठने से क्रैम्प से राहत पा सकते हैं। यह गुरुत्वाकर्षण को पैरों में रक्त के प्रवाह में सहायता करता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/iron-deficiency-symptoms/">IRON DEFICIENCY SYMPTOMS: आयरन की कमी होने पर शरीर देते हैं ये सिग्नल, ऐसे करें पहचान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Aug 2023 11:29:13 +0530</pubDate>
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                <title>Weight Loss Tips: पड़ा नहीं होगा कभी इनसे वास्ता, ये है वजन घटाने का सबसे हल्का नाश्ता</title>
                                    <description><![CDATA[Breakfast For Weight Loss: आज के परिवेश में खानपान में जंक फूड के बढ़ते प्रचलन से विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न हो रहे हैं। बढ़ता वजन भी उनमें से एक है। अगर आप भी अपने वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं तो आज हम आपको फिट रहने का अच्छा और आसान तरीका बताने जा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/weight-loss-tips/article-49148"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/weight-loss-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Breakfast For Weight Loss: आज के परिवेश में खानपान में जंक फूड के बढ़ते प्रचलन से विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न हो रहे हैं। बढ़ता वजन भी उनमें से एक है। अगर आप भी अपने वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं तो आज हम आपको फिट रहने का अच्छा और आसान तरीका बताने जा रहे हैं जिसको अपनाकर आप अपने बढ़ते वजन को कंट्रोल ही नहीं कर सकेंगे बल्कि अपने स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रख पाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शरीर कम करने के लिए खानपान में बदलाव करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे आपका शरीर सिर्फ फिट ही नहीं रहता बल्कि स्वास्थ भी रहता है। आपके द्वारा खाया जाने वाला खाना ही शरीर को अत्यधिक प्रभावित करता है। आपने दूसरों को कहते सुना होगा कि भई, आज आपने सुबह क्या खाया था जो तरोताजा लग रहे हो। Weight Loss Tips</p>
<p style="text-align:justify;">आपको कई बार यह समझ नहीं आता कि आखिर सुबह ऐसा क्या खाया जाए कि शरीर का भार भी कम हो और पेट भी भरा-भरा सा रहे। अगर आप भी इसी समस्या से परेशान हैं तो आज से अपनी यह चिंता छोड़ दीजिए, क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसे नाश्ते बताने जा रहे हैं जिनसे आपका वजन तो घटेगा ही बल्कि आप अपने आपको ज्यादा स्वस्थ भी महसूस करेंगे। आइये जानते हैं ऐसे नाश्तों के बारे में:-</p>
<h3 style="text-align:justify;">चीला | Weight Loss Tips</h3>
<p style="text-align:justify;">यह एक ऐसा नाश्ता है जो आसानी से बनकर तैयार हो जाता है। यह पेट तो भरता ही है, साथ ही वजन भी नहीं बढ़ाता। इसके लिए आपको क्या करना है कि आपको बेसन में सब्जियां, नमक और पानी मिलाकर घोल तैयार करना है। इसे तवे पर डालकर दोनों तरफ सेंके और स्वाद लेकर हरी चटनी के साथ खाएं। इससे शरीर को प्रोटीन भी मिलता है, आपका पेट भरा-भरा रहेगा और वजन भी नहीं बढ़ेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पोहा</h3>
<p style="text-align:justify;">बिल्कुल ही सादा दिखने वाला यह नाश्ता चिवड़े में मसाला और सब्जियां डालकर तैयार किया जाता है जिसे खाकर बहुत आनंद आ जाता है। पोहा बहुत ही हल्का होता है और पेट को भी पूरा भर देता है। इससे आपकी पाचन शक्ति भी बेहतर रहती है, हेल्थ भी अच्छी रहती है और वजन बढ़ने की भी दिक्कत कम होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">दलिया: Weight Loss Tips</h3>
<p style="text-align:justify;">टे अनाज को पीसकर बनने वाला दलिया भी बहुत ही हल्का होता है, जिससे आपको कभी भी वजन नहीं बढ़ेगा बल्कि ये तो आपको स्वास्थ्य में सुधार लाने वाला नाश्ता है। अगर संभव हो तो दूध वाले दलिये की जगह पर चटपटा बनाकर खाएं। इसमें स्वादानुसार अपनी पसंद की कुछ सब्जियां डालें और फिर देखें कि यह कितना स्वादिष्ट लगता है और सेहत पर कितना पाजिटिव असर दिखाता है। एक से डेढ़ कटोरी दलिया नाश्ते में खाने पर पेट भी भरता है और वजन कम होने में भी मदद मिलती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अंकुरित मूंग:- Weight Loss Tips</h3>
<p style="text-align:justify;">ये एक प्रकार का सबसे उत्तम नाश्ता है जिसके खाने से आपका स्वास्थ्य एकदम दुरुस्त रहेगा और इससे आपका वजन भी नहीं बढ़ेगा। जो सुबह के समय कुछ हल्का खाना पसंद करते हैं और वजन भी नहीं बढ़ने देना चाहते हैं वो अंकुरित मूंग खा सकते हैं। अंकुरित मूंग की चाट बनाकर खाने पर शरीर को फाइबर, विटामिन और खनिज समेत कई गुण मिलते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अस्वीकरण: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। सच कहूँ इसकी पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।</p>
<h4 class="entry-title"><a href="http://10.0.0.122:1245/benefits-of-cashew-nuts-in-hindi-cashew-nuts-benefits/">Cashew Nuts: क्या काजू खाना सेहत के लिए है फायदेमंद? जानें, इसके Benefits और Side Effects</a></h4>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/weight-loss-tips/article-49148</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jun 2023 11:31:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Organic Food खाने से दूर होगी हर बीमारी! जानें कैसे करें पहचान? | Organic Food| Food</title>
                                    <description><![CDATA[आर्गेनिक फूड की विशेषताएं:- What Is Organic Food:  आर्गेनिक फूडस जहरीले तत्वों से सुरक्षित होते हैं क्योंकि इनमें केमिकल्स और विषैली दवाओं का प्रयोग नहीं किया जाता। इसके कारण हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है और बीमारियों का खतरा कम रहता है। ल्ल आजकल छोटी-छोटी बीमारियों में एंटीबायोटिक देने का प्रचलन अधिक है उन दवाओं के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/organic-food-news/article-48872"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/organic-food-1.jpg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;">आर्गेनिक फूड की विशेषताएं:-</h5>
<p style="text-align:justify;">What Is Organic Food:  आर्गेनिक फूडस जहरीले तत्वों से सुरक्षित होते हैं क्योंकि इनमें केमिकल्स और विषैली दवाओं का प्रयोग नहीं किया जाता। इसके कारण हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है और बीमारियों का खतरा कम रहता है।<br />
ल्ल आजकल छोटी-छोटी बीमारियों में एंटीबायोटिक देने का प्रचलन अधिक है उन दवाओं के सेवन के साथ हम बाजार में पारंपरिक उपलब्ध सब्जियों और फलों का सेवन करते हैं जो हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति को कमजोर करता है। अगर हम आर्गेनिक फूडस का सेवन करें तो हम इस समस्या से बच सकते हैं। Health Tips</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>आर्गेनिक खेती से उपजाए फल और सब्जियों में एंटी आक्सिडेंट्स होने के कारण इनमें पोषक तत्व बरकरार रहते हैं जो हमारी सेहत हेतु अच्छे हैं। Organic Food</li>
<li>आर्गेनिक खेती की मिट्टी अधिक उपजाऊ होती है क्योंकि इनकी खेती तब की जाती है जब इनके खेतों को दो साल तक खाली छोड़ा जाता है ताकि पेस्टिसाइड्स का प्रभाव खत्म हो सके।</li>
<li>पारंपरिक सब्जियों और फलों से आर्गेनिक सब्जी और फल 10 से 50 प्रतिशत तक अधिक पौष्टिक होते हैं। इनमें मौजूद पौष्टिक तत्व हमें कई खतरनाक बीमारियों से बचाते हैं। Fitness</li>
<li>आर्गेनिक फूड के नियमित सेवन से वजन नियंत्रण में रहता है, क्योंकि इनको प्रोसेस करने में सैचुरेटड फैट्स का प्रयोग नहीं किया जाता।</li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">कौन से आर्गेनिक फूड आइटम ज्यादा उपलब्ध हैं:- Organic Food</h4>
<ul style="text-align:justify;">
<li>मौसमी फल सब्जियों की मांग अधिक होती है जैसे तरबूज, खरबूजा, टिंडा, तोरी, लौकी, आम आदि इनके अतिरिक्त शहद, दालें, मसालें, चावल, आटा, ग्रीन टी हर्ब्स, नारियल तेल और आलिव आॅयल आदि।</li>
<li>ध्यान दें जिन चीजों पर नेचरल या फार्म फ्रेश लिखा हो जरूरी नहीं कि वे आर्गेनिक ही हों। ये प्रिजर्वेटिव फ्री तो हो सकते हैं पर इनमें पेस्टिसाइड का प्रयोग किया हो सकता है। डीडीटी जैसे पेस्टिसाइडस कई वर्ष तक हवा और मिट्टी में रहते हैं जो हमारे नर्वस सिस्टम और कैंसर की वजह बनते हैं। आर्गेनिक फूडस पारंपरिक फूडस से 40 से 50 प्रतिशत तक अधिक महंगे होते हैं।</li>
<li>प्याज, भुट्टा, नारियल, शकरकंद, मटर, अनानास जैसे फूड आइट्म्स को आर्गेनिक खरीदने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इनके छिलके मोटे होते हैं इन पर पेस्टिसाइड्स का प्रभाव कम होता है। इनको नॉर्मल भी खा सकते हैं।<br />
ल्ल पारंपरिक फूड आइटम्स सावधानी बरतते हुए खाए जा सकते हैं।  Organic Food</li>
<li>मौसमी फल और सब्जियां ताजी खरीदें। काटने से पूर्व अच्छे से मल मल कर धोएं और आधा घंटा पूर्व साबुत फल और सब्जी पानी में डाल दें।</li>
<li>दालें बहते पानी में धोएं। अगर भिगो कर रख रहे हैं तो पानी फेंक दें। नए पानी में सब्जी और दाल पकाएं।</li>
<li>1 चम्मच नमक मिले पानी में फल और सब्जियों को आधा घंटा भिगो कर रखें।</li>
<li>पोटेशियम परमैगनेंट 1 लीटर पानी में 1 मिली डालकर घोल बनाएं पत्तेदार सब्जियों को 15 मिनट तक उसमें भिगो कर रखें पुन: धोकर बनाएं।</li>
<li>आर्गेनिक फूडस को अपनी डाइट का अंग बनाएं:-</li>
<li>आर्गेनिक फूडस को हम एक ही बार में अपनी डाइट का अंग नहीं बना सकते क्योंकि स्वाद भिन्न होता है धीरे धीरे इसे बढ़ा कर अपने जीवन का अहम हिस्सा बनाएं।</li>
<li>पालिशड चावल के स्थान पर रेड, ब्राउन या बिना पालिश वाला चावल सप्ताह में एक बार से प्रारंभ कर धीरे धीरे बढ़ाएं।<br />
ल्ल पालक, मेथी, चौलाई, पुदीना, धनिया आदि से शुरूआत करें।</li>
<li>सफेद चीनी के स्थान पर गुड़, शक्कर, खांड का प्रयोग करें।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">आर्गेनिक साबुन, लोशन और टूथपेस्ट का प्रयोग करें।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कैसे करें पहचान?</h4>
<h4 style="text-align:justify;">Organic Food</h4>
<p style="text-align:justify;">आपको बता दें कि वैसे आॅर्गैनिक फूड्स सर्टिफाइड होते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों के ऊपर स्टीकर या फिर आॅर्गेनिक लिखा होता है। अगर आप इन्हें खाते हैं तो स्वाद से पता कर सकते हैं। आॅर्गेनिक सब्जियां जल्दी पकती हैं और मसालों में तेज खुशबू होती है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/health/organic-food-news/article-48872</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jun 2023 12:57:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैसा हो गाय-भैंस का आहार</title>
                                    <description><![CDATA[गाय और भैंस को हर 3 व ढाई लीटर दूध के हिसाब से 1 किलोग्राम राशन दें। जो गाय भैंस दूध नहीं दे रही हैं, उन्हें हर दिन 1 किलोग्राम राशन देना चाहिए। गाय भैंसों को 70फीसदी हर चारा देना चाहिए। 100 किलोग्राम वजन वाली गाय को 2.5 किलोग्राम और भैंस को 3 किलोग्राम सूखी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/how-is-the-diet-of-cow-buffalo/article-5314"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/cow-buffalo.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गाय और भैंस को हर 3 व ढाई लीटर दूध के हिसाब से 1 किलोग्राम राशन दें। जो गाय भैंस दूध नहीं दे रही हैं, उन्हें हर दिन 1 किलोग्राम राशन देना चाहिए। गाय भैंसों को 70फीसदी हर चारा देना चाहिए। 100 किलोग्राम वजन वाली गाय को 2.5 किलोग्राम और भैंस को 3 किलोग्राम सूखी खुराक की जरूरत होती है। इस में दोतिहाई चारा और एक तिहाई दाना देना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हरे चारे में कम से कम 11-12 फीसदी प्रोटीन होना चाहिए और डेन में 18-20 फीसदी प्रोटीन जरूरी हैं। सभी पशुओं को संतुलित मात्रा में प्रोटीन देना जरूरी होता है। पशुओं को संतुलित मात्रा में चारादाना दिन में 2 बार 8-10 घंटे के अंतर घंटे के अंतर पर दें। इस के अलावा 2 बार 8-10 घंटे के अंतर पर दें इस के अलावा 2 बार साफ ताजा पानी पीने को दें। 6 महीने की गाभिन भैंस को डेढ़ किलोग्राम राशन (दाना) अलग से दें। दुधारू पशुओं को रोजाना कम से कम 5 किलोग्राम हरा चारा जरूर दें।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्दी के मौसम में बरसीम सब से अच्छा हरा चारा होता है। पशु के राशन में 2 फीसदी मिनरल मिक्सचर जरूर मिलाएं। पशुओं से ज्यादा दूध लेने और उन को लम्बे समय तक सेहतमंद बनाए रखने के लिए उन्हें संतुलित मात्रा में चारादाना (राशन) देना जरूरी होता है। संतुलित राशन में खनिज लवण के साथ पोषक तत्त्व, प्रोटीन, विटामिन वैगरह तय मात्रा में रखें जाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संतुलित आहार (राशन) बनाने का फामूर्ला न्यूट्रीशन एक्सपर्ट से संपर्क कर के हासिल करें7 संतुलित राशन घर में भी बना सकतें हैं। राशन बनाने में उम्दा क्वालिटी का अनाज (जेई, जौ, गेहूं, ज्वार वैगरह), तेल, खली (सरसों, मूंगफली वैगरह की खली), ग्वारमल, शीरा, नमक, मिनरल मिक्सचर व विटामिनों का संतुलित मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<h1 style="text-align:center;">पूरक आहार से खत्म होंगी कमियां</h1>
<p style="text-align:justify;">एडवांस डरो फार्म पर पूरक आहार (सप्लीमेंट राशन) दिया जाता है। पूरक आहार खिलाने से पशु के जिस्म में आई कमियां दूर हो जाती हैं और वह लम्बे समय तक सेहतमंद व दुधारू बना रहता है। पूरक आहार में मिनरल मिक्सचर, फीड एडिटिव, बाइपास प्रोटीन, बी कंप्लेक्स वैगरह को शामिल किया जाता है बहुत सी प्राइवेट कंपनियां पूरक आहार बाजार से बेचती हैं, तो उन की पूरी जानकारी हासिल कर के अपने पशु को पूरक आहार खिलाएं।</p>
<h1 style="text-align:center;">पशुओं को इस तरह बचाएं कीड़ों से</h1>
<p style="text-align:justify;">छोटे या जवान पशुओं को बाहरी और अंदरूनी कीड़े ( इन्टरनल और एक्सटर्नल पैरासाईट) काफी नुकसान पहुंचाते हैं। अंदरूनी कीड़े जैसे फीता कृमि, गोलकृमि, परंकृमि वैगरह पशु के पेट में रह कर उस का आहार व खून पीते हैं। बाहरी कीड़े, जैसे जूं, किल्ली, पिस्सू, माइट वैगरह पशु के बाहरी जिस्म पर रहते हैं और उस का खून चूसते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बाहरी और अंदरूनी दोनों ही कीड़े पशु को कमजोर बना देते हैं, जिस के चलते पशु की दूध देने की कूवत कम होती जाती है और पशु समय से पहले कमजोर व बीमार हो कर मर सकते हैं पशु के अंदरूनी कीड़ों को मारने के लिए कीड़े मार दवा जैसे फेंटास, एल्बोमार, पैनाखूर वैगरह की सही मात्रा पशु चिकित्सक से पूछ कर दें। बाहरी कीड़ों को मारने के लिए ब्यूटाक्स दवा की 2 मिलीलीटर मात्रा 1 लीटर पानी में घोल कर पशु के शरीर पर अच्छी तरह से पोंछा लगाएं, पर दवा लगाने से पहले पशु के मुंह पर मुचका जरूर बांध दें, ताकि पशु दवा को चाट न सके।</p>
<p> </p>
<p> </p>
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/how-is-the-diet-of-cow-buffalo/article-5314</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Aug 2018 17:06:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>बच्चों को संस्कारी बनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने में माँ-बाप की भूमिका काफी अहम होती है। अगर माता-पिता संस्कारी होंगे, तभी तो बच्चे भी संस्कारी बनते हैं वर्ना संस्कारी होंगे ही नहीं। आजकल के माहौल में बच्चों को अच्छे संस्कार दे पाना माता-पिता के लिए मुश्किल होता जा रहा है। माता-पिता कितना भी समझा लें बच्चे वही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/make-children-culturable/article-2178"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/family.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने में माँ-बाप की भूमिका काफी अहम होती है। अगर माता-पिता संस्कारी होंगे, तभी तो बच्चे भी संस्कारी बनते हैं वर्ना संस्कारी होंगे ही नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">आजकल के माहौल में बच्चों को अच्छे संस्कार दे पाना माता-पिता के लिए मुश्किल होता जा रहा है। माता-पिता कितना भी समझा लें बच्चे वही करते हैं, जो उनका मन कहता है। लेकिन अगर शुरू से ही आप अपने बच्चों को समझें और उनका मार्गदर्शन करें, तो आपका बच्चा जरूर आपकी बात मानेगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">व्यवहारिक बातें भी हैं जरूरी</h2>
<p style="text-align:justify;">बच्चे में अच्छे संस्कार विकसित करना चाहती हैं, तो व्यवहारिक बातें समझाना भी बेहद जरूरी है। उसे बचपन से ही सिखाएं कि बड़ों से कैसे बात की जाए। बड़ों का अभिवादन करना, थैंक्यू और सॉरी कहना जरूर सिखाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">हाइजीन मेनटेन करना, पार्टी एटिकेट्स, रेस्टोरेंट मैनर इन सब चीजों को आप तो फॉलो करें ही, बच्चों को भी सिखाएं। कुछ चीजें तो वह आपसे देखकर ही सीख सकता है। इसलिए आप भी अपने व्यवहार में थोड़ा बदलाव लाएं और उनकी रोल मॉडल बनें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">डाइट भी हो राइट</h2>
<p style="text-align:justify;">ग्रोइंग बच्चों को न्यूट्रिशंस से भरपूर डाइट की जरूरत होती है। जो भी उसे खाने के लिए दें, उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू जरूर देखें। मिल्क या प्रोटीन से भरपूर सोया प्रोडक्ट डाइट में जरूर शामिल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">जंक या फास्ट फूड कभी-कभार तो ठीक है, पर हमेशा नहीं। घर पर ही बदल-बदल कर उसे कुछ-न-कुछ खाने के लिए दें, वह बाहर खाने की जिद्द नहीं करेगा। अगर हो सके तो उसे अपने साथ किचन में ले जाएं और उसके साथ बातें करते-करते उसकी मनपसंद डिश बनाएं। इस दौरान उसे भी कुकिंग में शामिल कर लें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">संस्कार की जड़ें बचपन से जुड़ीं</h2>
<p style="text-align:justify;">बच्चे जो भी व्यवहार करते हैं उसकी जड़ें बचपन से जुड़ी होती हैं। बच्चों का दिमाग वो कोरी स्लेट होता है जिस पर हम जो चाहें लिख सकते हैं। यह प्रक्रिया जन्म से लेकर चार-छह वर्षों तक चलती रहती है। इस उम्र में माता-पिता को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर आपको उन्हें संस्कारी बनाना हो तो आपको अपने फर्ज से नहीं चूकना चाहिए। बच्चों को संस्कार उपदेश देकर नहीं सिखाए जा सकते। बच्चे वही सीखते हैं, जो माता-पिता को करते देखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्हें स्वयं के व्यवहार में वे बातें अपनानी होंगी जो बच्चों के हित में हों। जैसे आपके गुण होंगे, बच्चे वैसा ही सीखेंगे। जो आप करते होंगे, वैसा ही वे करेंगे। वे सोचेंगे कि हम अपने अभिभावकों से भी बढ़कर करें।</p>
<h2 style="text-align:justify;">हर बच्चा यूनीक होता है</h2>
<p style="text-align:justify;">हर किसी का पेरेंटिंग स्टाइल अलग होता है। इसे एक निश्चित फॉमूर्ले में बांध कर नहीं रखा जा सकता। सभी बच्चे भी एक समान नहीं होते हैं। उनकी सारी आदतें एक-दूसरे से अलग होती हैं। कोई ज्यादा शरारती होता है, तो कोई थोड़ा कम।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में उन्हें अपने माहौल में ढालने के लिए थोड़ी मेहनत तो आपको करनी ही पड़ेगी। सबसे ज्यादा परेशानी उन महिलाओं के साथ है, जो वर्किंग हैं। प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ उन्हें अपने बच्चों के लिए भी समय निकालना जरूरी होता है। आप क्वालिटी टाइम देकर उसे सही मार्गदर्शन दे सकती हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">बातचीत से जीतें विश्वास</h2>
<p style="text-align:justify;">बच्चों के नजदीक रहने और उनके मन की बात को जानने का सबसे सरल तरीका है उनसे बातचीत करना। आप बच्चों से बात करके उनका विश्वास जीत सकती हैं। बातचीत के जरिए ही आप बच्चे से सबकुछ शेयर कर सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह वे अपने मन की बात आपसे कहने से नहीं डरेंगे। वे अपनी हर बात आपसे शेयर करेंगे। बच्चों पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण भी न रखें। उन्हें भी थोड़ा स्पेस दें और उन्हें कभी-कभी अपने मन की करने दें।</p>
<p style="text-align:justify;">कई बार माता-पिता बच्चों के साथ जरूरत से ज्यादा सख्ती बरतते हैं। ऐसे में बच्चे डर के चलते झूठ का सहारा लेने लगते हैं। इसलिए ऐसा माहौल कभी न बनाएं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पढ़ाई को हौव्वा न बनाएं</h2>
<p style="text-align:justify;">अकसर देखने में आता है कि पेरेंट्स बच्चों पर पढ़ाई को लेकर बहुत दबाव बनाते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। हर दिन थोड़ा-थोड़ा अच्छी तरह से पढ़ाएं और समय-समय पर खुद रिवीजन करवाएं, तो बच्चों पर दबाव नहीं बनेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस सब्जैक्ट में वह कमजोर है वहां आप उसके साथ एक्सट्रा मेहनत करें। अगर ट्यूटर की जरूरत है, तो उसका भी अरेंजमेंट करें। मगर सब कुछ उसी के ऊपर न छोड़ें। खुद भी वीकेंड में उसकी पढ़ाई में मदद करें।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>संस्कृति एवं समाज</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/culture-and-society/make-children-culturable/article-2178</link>
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                <pubDate>Mon, 10 Jul 2017 02:49:57 +0530</pubDate>
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