<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/guilty/tag-4079" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Guilty - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/4079/rss</link>
                <description>Guilty RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर दुराचार,अपहरण मामले में दोषी करार</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत के फैसला सुनाने के बाद वहां मौजूद सेंगर बिलख-बिलख कर रोने लगा
जबकि दूसरी आरोपी शशि सिंह फैसले के बाद बेहोश हो गई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bjp-leader-kuldeep-singh-sengar-convicted-in-misdemeanor-kidnapping-case/article-11807"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/kuldeep-sengar.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अदालत में बहस 19 दिसंबर को होगी</h1>
<h1 style="text-align:center;">(unnao case: Kuldeep Sengar)</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong>। दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुराचार (unnao case: Kuldeep Sengar) एवं अपहरण मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराया। सत्र न्यायाधीश धर्मेश सिंह ने सेंगर को दोषी ठहराते हुए कहा कि इस मामले में सजा के लिए अदालत में बहस 19 दिसंबर को होगी। सेंगर के वकील हालांकि सजा के लिए आज ही बहस चाहते थे। अदालत ने इस मामले में एक अन्य आरोपी महिला शशि सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। शशि सिंह पर पीड़िता को बहला-फुसला कर विधायक के घर ले जाने का आरोप था।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सेंगर उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले की बांगरमऊ विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर जीते थे।</li>
<li style="text-align:justify;">उनके खिलाफ दुराचार और अपहरण के मामले की सुनवाई यहां की तीस हजारी अदालत में चल रही थी।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके अलावा सेंगर पर केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) की विशेष अदालत में तीन मामले चल रहे हैं।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h1>
<p style="text-align:justify;">यह मामला 2017 का है जिसमें सेंगर के विरुद्ध पीड़िता के साथ दुराचार का मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई को यह मामला 2018 में हस्तांतरित किया गया था। तीस हजारी अदालत में पांच अगस्त को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी, दोनों आरोपियों के विरुद्ध नौ अगस्त को आरोप तय किए गए थे। इस मामले में चार माह से अधिक सुनवाई चली। अदालत ने दुराचार पीड़िता को नाबालिग माना है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">सेंगर पर आरोप था कि नौकरी देने का वादा करके उसने अपने आवास पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।</li>
<li style="text-align:justify;">पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया गया।</li>
<li style="text-align:justify;">अदालत के फैसला सुनाने के बाद वहां मौजूद सेंगर बिलख-बिलख कर रोने लगा</li>
<li style="text-align:justify;"> दूसरी आरोपी शशि सिंह फैसले के बाद बेहोश हो गई।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong><em> -पीड़िता और उसकी मां के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के लखनऊ स्थित आवास के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद उच्चतम न्यायालय के आदेश से उन्नाव कांड की जांच लखनऊ से दिल्ली स्थानांतरित की गई थी।</em></strong></p>
<p> </p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bjp-leader-kuldeep-singh-sengar-convicted-in-misdemeanor-kidnapping-case/article-11807</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/bjp-leader-kuldeep-singh-sengar-convicted-in-misdemeanor-kidnapping-case/article-11807</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Dec 2019 17:05:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/kuldeep-sengar.jpg"                         length="13489"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दोषियों को मिले सख्त सजा</title>
                                    <description><![CDATA[अमृतसर में दशहरा जानलेवा साबित हुआ। सारी खुश्यिां और उत्साह भारी गम में तब्दील हो गया। हादसे में करीब 61 मासूम लोग मारे गए और इससे ज्यादा घायल हुए। हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर आधा किलोमीटर तक लाशें बिखरी पड़ी थीं, इस नजारे के बारे में सोचकर भी आत्मा कांप उठती है। अमृतसर का […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/guilty-should-get-strict-punishment/article-6402"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/amritsar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमृतसर में दशहरा जानलेवा साबित हुआ। सारी खुश्यिां और उत्साह भारी गम में तब्दील हो गया। हादसे में करीब 61 मासूम लोग मारे गए और इससे ज्यादा घायल हुए। हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर आधा किलोमीटर तक लाशें बिखरी पड़ी थीं, इस नजारे के बारे में सोचकर भी आत्मा कांप उठती है। अमृतसर का यह रेल हादसा कोई सामान्य या तकनीकी नहीं माना जा सकता। यह निश्चित तौर पर एक नरसंहार था, बेशक कोई कबूल न करे। ट्रेन अपनी गति से गुजरीं, लेकिन मानवीय जिंदगियों को लीलती हुईं!</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि स्थानीय प्रशासन, रेल प्रबंधन, दशहरा आयोजन की कमेटियां बीते कुछ सालों से देखती रही हैं कि रेलवे टैज्क पर चढ़कर भीड़ का एक हिस्सा दशहरा और रावण दहन देखता था। आखिर ऐसे आयोजनों को इजाजत कौन और कैसे देता रहा था? क्या अधिकारियों की आंखें बंद रहती थी या वे विवश थे? दशहरा मैदान कहीं खुली, सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित किया जा सकता था। कोई पार्षद हो या विधायक, मंत्री ऐसे अवैध आयोजन कराए, उन्हें भी इजाजत क्यों दी गई?</p>
<p style="text-align:justify;">आखिर आईएएस, आईपीएस और पुलिस बल मोटी-मोटी तनख्वाहों के साथ तैनात किस लिए हैं? यह पहला हादसा नहीं है, जिसमें मुआवजा दिया जाएगा या जांच होगी, पर असल सवाल सबक सीखने का है, जो कभी न सीखना हमारे समाज और सरकार की फितरत बन चुकी है। अमृतसर के दर्दनाक दशहरा की ही बात करें तो कई बातें दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ हैं, जो जांच के बजाय कार्रवाई और सबक सीखने की जरूरत बताती हैं। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि दशहरे जैसे समारोह की जानकारी स्थानीय प्रशासन को रेलवे को देनी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उससे टैÑक के आसपास बैरिकेड लगाए जाते हैं, आरपीएफ के जवान तैनात किए जाते हैं और टेÑेन के आने का समय घोषित किया जाता है। बिहार में तो सभी मंदिर रेलवे टैÑक के किनारे हैं, वहां ऐसे इंतजाम हर साल किए जाते हैं, लेकिन लापरवाही सभी ने की होगी, नतीजतन इतना भयावह और हत्यारा हादसा हुआ। ऐसे ही हादसे बिहार और आंध्रप्रदेश में हो चुके हैं, लेकिन उनसे भी कोई सबक नहीं सीखा गया। अब एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति चालू हो गयी है, यह और भी दुखद है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल यह भी देखा गया है कि अकसर पुतले दहन के समय का भी पालन नहीं किया जाता और नेतागण अपने भाषण पेलने में मस्त रहते हैं। इस त्रासदी के लिए वे भी जिम्मेदार हैं। जहां एक तरफ क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू से इस घटना पर संवेदना की अपेक्षा थी, वहीं उनका यह बयान कि यह घटना कुदरत का कहर है, और भी दुखी कर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">राजनेताओं को ऐसे बयान से बचना चाहिए। आपराधिक लापरवाही से जो जिंदगियां काल कवलित हो गईं, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता, पर ऐसे हादसों की पुनरावत्ति से बचने के लिए भी जरूरी है कि सही कारणों का पता चले और जिम्मेदारी तय हो। इसके लिए रेलवे को भी जांच से मुंह नहीं चुराना चाहिए।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/guilty-should-get-strict-punishment/article-6402</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/guilty-should-get-strict-punishment/article-6402</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Oct 2018 10:37:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/amritsar.jpg"                         length="72184"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होटल कांड में दोषी पाए गए मेजर गोगोई</title>
                                    <description><![CDATA[कार्रवाई के आदेश, हो सकता है कोर्ट मार्शल Major Gogoi Found Guilty In Hotel Case नई दिल्ली (एजेंसी)। सेना की कोर्ट आॅफ इंक्वायरी ने जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के एक स्थानीय युवती के साथ होटल में जाने की कोशिश करने वाले मेजर मेजर लितुल गोगोई को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/major-gogoi-found-guilty-in-hotel-case/article-5577"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/major-gogoi-found-guilty-in-hotel-case.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">कार्रवाई के आदेश, हो सकता है कोर्ट मार्शल Major Gogoi Found Guilty In Hotel Case</h1>
<p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong></p>
<p>सेना की कोर्ट आॅफ इंक्वायरी ने जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के एक स्थानीय युवती के साथ होटल में जाने की कोशिश करने वाले मेजर मेजर लितुल गोगोई को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिये गये हैं और इस मामले में उन्हें कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ सकता है। सेना ने सोमवार को कहा कि मेजर गोगोई को अभियान क्षेत्र में ड्यूटी स्थल से दूर रहने तथा निदेर्शों के खिलाफ स्थानीय लोगों से मेल-मिलाप बढ़ाने का दोषी ठहराया गया है।</p>
<p>उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिये गये हैं। अब इस मामले में सबूतों के आधार पर सक्षम अधिकारी उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लेंगे । सूत्रों के अनुसार उनका कोर्ट मार्शल हो सकता है।</p>
<h2><strong>क्या था मामला: </strong>Major Gogoi Found Guilty In Hotel Case</h2>
<p>मेजर गोगोई 23 मई को एक स्थानीय युवती को अपने साथ श्रीनगर के ममता होटल में ले जाना चाहते थे लेकिन होटल के स्टाफ द्वारा आपत्ति किये जाने के बाद उनकी कर्मचारियों के साथ कहासुनी हुई। इसके बाद उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इस मामले की जांच के लिए कोर्ट आॅफ इंक्वायी का गठन किया गया था। कोर्ट आॅफ इंक्वायरी ने अपनी जांच में उन्हें नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/major-gogoi-found-guilty-in-hotel-case/article-5577</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/major-gogoi-found-guilty-in-hotel-case/article-5577</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Aug 2018 14:59:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/major-gogoi-found-guilty-in-hotel-case.jpg"                         length="40611"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक के दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा : जावड़ेकर</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली (वार्ता)। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पर्चे लीक होने से बोर्ड पर दाग जरूर लगा है, लेकिन इस मामले में दोषी व्यक्तियों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने आज कहा कि कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के पर्चे लीक होने के मामले में चार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-guilty-of-the-paper-leak-will-not-be-spared-javadekar/article-3673"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-03/jawedar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली (वार्ता)। </strong>मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पर्चे लीक होने से बोर्ड पर दाग जरूर लगा है, लेकिन इस मामले में दोषी व्यक्तियों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने आज कहा कि कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के पर्चे लीक होने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उसी प्रकार इस मामले में भी दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा। श्री जावड़ेकर ने मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक के बारे में पत्रकारों के सवाल के जवाब में यह बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">संवाददाता सम्मेलन में कई पत्रकारों ने सीबीएसई का पर्चा लीक होने के मामले में श्री जावड़ेकर को जब चारों तरफ से घेर लिया तो उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार देते हुये कहा कि वह स्वयं इसे लेकर चिंतित हैं और छात्रों तथा उनके अभिभावकों की तरह वह भी रात भर सो नहीं पाये हैं। उन्होने कहा “जिन्होंने पर्चा लीक किया है उन्होंने सीबीएसई पर दाग लगाया है। उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमें विश्वास है कि पुलिस दोषियों को जल्द गिरफ्तार करेगी।” उन्होंने कहा कि अब तक सीबीएसई की विश्वसनीयता रही है। तभी तो उच्चतम न्यायलय ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ के आयोजन की जिम्मेदारी उसे सौंपी थी, जिसे सीबीएसई ने निभाया भी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-guilty-of-the-paper-leak-will-not-be-spared-javadekar/article-3673</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/the-guilty-of-the-paper-leak-will-not-be-spared-javadekar/article-3673</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Mar 2018 03:46:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-03/jawedar.jpg"                         length="25906"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 सोमालियाई लुटेरों को 7 साल की जेल</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई: सेशन कोर्ट ने 2011 में मछली पकड़ने की एक नाव पर कब्जा करने, लूटपाट करने और थाईलैंड-म्यांमार के 22 सिटीजंस को अगवा कर उन्हें बंधक बनाने के मामले में सोमालिया के 15 समुद्री लुटेरों को दोषी करार दिया है। साथ ही उन्हें 7 साल जेल की सजा सुनाई है। यह देश का पहला मामला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/15-somalian-robbers-get-seven-years-jail/article-2814"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/robbers.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> सेशन कोर्ट ने 2011 में मछली पकड़ने की एक नाव पर कब्जा करने, लूटपाट करने और थाईलैंड-म्यांमार के 22 सिटीजंस को अगवा कर उन्हें बंधक बनाने के मामले में सोमालिया के 15 समुद्री लुटेरों को दोषी करार दिया है। साथ ही उन्हें 7 साल जेल की सजा सुनाई है। यह देश का पहला मामला है, जब इस तरह 15 समुद्री लुटेरों को सजा सुनाई गई है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">एक्स्ट्राडिशन की संधि हुई</h1>
<p style="text-align:justify;">बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि दोनों देशों के बीच लुटेरों के एक्स्ट्राडिशन (प्रत्यर्पण) को लेकर मंगलवार को संधि भी हो गई है। सभी को आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 364 (किडनैपिंग), धारा 149 और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम की धारा 16 और 364 ए (फिरौती के लिए अपहरण) का दोषी पाया गया है।</p>
<h1 style="text-align:justify;">सजा माफ करो, पैसा माफ करो</h1>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने जैसे ही सजा का एलान किया, एक दोषी हिंदी में बोलने लगा, सजा माफ करो, पैसा माफ करो सरकारी वकील के रंजीत सांगले के मुताबिक, अगर लुटेरे जुर्माने की रकम जमा नहीं करते हैं तो इन्हें 6 महीने और जेल में रहना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/15-somalian-robbers-get-seven-years-jail/article-2814</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/15-somalian-robbers-get-seven-years-jail/article-2814</guid>
                <pubDate>Wed, 02 Aug 2017 23:10:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-08/robbers.jpg"                         length="50165"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगले साल मिलेगा पाक को भारत से जुड़े फैसले लेने वाला पीएम</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने करप्शन के मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शुक्रवार को दोषी (Nawaz Sharif Convicted) माना। इसके चलते उन्हें पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा है। पाकिस्तान के जर्नलिस्ट का कहना है कि पाक को भारत से जुड़े फैसले लेने वाला पीएम अब अगले साल ही मिलेगा। नवाज शरीफ 1985 में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/pakistan-expert-view-nawaz-sharif/article-2679"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/nawaz-sharif-convicted.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद:</strong> पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने करप्शन के मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शुक्रवार को दोषी <strong>(Nawaz Sharif Convicted)</strong> माना। इसके चलते उन्हें पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा है। पाकिस्तान के जर्नलिस्ट का कहना है कि पाक को भारत से जुड़े फैसले लेने वाला पीएम अब अगले साल ही मिलेगा। नवाज शरीफ 1985 में सैन्य तानाशाह जनरल जिया की मदद से राजनीति में आए और अब जनरल जिया के बनाए कानून के चलते ही बतौर प्रधानमंत्री अयोग्य करार दिए गए। पाकिस्तान में आने वाला समय अनिश्चित राजनीति का होगा। चूंकि शरीफ ने पार्टी को मौजूदा मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है, इसलिए मुमकिन है वह पर्दे के पीछे से अपनी पावर का इस्तेमाल करते रहें।</p>
<h1 style="text-align:justify;">क्या बोले हसनैन? | Nawaz Sharif Convicted</h1>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">ये तीसरा मौका है जब नवाज शरीफ प्रधानमंत्री का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">हर बार एक संवैधानिक संकट और पाकिस्तान में सरकार के मुखिया को हटना पड़ा।</li>
<li style="text-align:justify;">इसका असर भारत पर लाजमी है</li>
<li style="text-align:justify;">पड़ोसी देश में अस्थिरता यानी भारत विरोधी धड़ को और ताकत देने जैसा है।</li>
<li style="text-align:justify;">पाकिस्तान भारत के खिलाफ बैर पैदा करता रहेगा और उसकी इस पुरानी नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।</li>
<li style="text-align:justify;">इमेज पर भरोसा करें तो नवाज ने भारत के खिलाफ किसी बड़े द्वेष की शुरुआत नहीं की,</li>
<li style="text-align:justify;">हालांकि उन्होंने मजबूती से विरोध भी कभी नहीं किया।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:justify;">307 सवालों के बाद शरीफ दोषी करार | Nawaz Sharif Convicted</h1>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट में 307 सवालों के बाद शरीफ दोषी करार दिए गए। 170 सवाल तो जजों ने ही पूछे। हालांकि पार्टी की कमान अब भी शरीफ के हाथों में रहेगी। इस मामले में शरीफ के बेटे (हसन-हुसैन), बेटी और दामाद पर भी मामला चल रहा है। इससे शरीफ के परिवार का सियासी भविष्य अधर में लटक गया है। बेटी मरियम को शरीफ का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुनकर नवाज की बेटी मरियम नवाज और बेगम कुलसुम नवाज की आंखों से आंसू आ गए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/pakistan-expert-view-nawaz-sharif/article-2679</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/pakistan-expert-view-nawaz-sharif/article-2679</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Jul 2017 23:30:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/nawaz-sharif-convicted.jpg"                         length="79280"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंसा नहीं गौरक्षा का तरीका</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मोदी के आदेश इस इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर पहले किसी ने सिरदर्दी नहीं ली। कई ऐसीं घटनाएं भी घटी, जहां गाय के मांस की अफवाह फैलाकर स्वार्थी लोगों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/modi-ordered-to-take-strict-action-against-the-guilty/article-2365"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/modi-7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। मोदी के आदेश इस इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर पहले किसी ने सिरदर्दी नहीं ली।</p>
<p style="text-align:justify;">कई ऐसीं घटनाएं भी घटी, जहां गाय के मांस की अफवाह फैलाकर स्वार्थी लोगों ने अपनी निजी रंजिशें भी निकाली। उत्तर प्रदेश में दादरी मुद्दा भी विवादों में रहा। नि:संदेह इन घटनाओं से देश की छवि को ठेस पहुंची है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत वह देश है, जहां सद्भावना व अहिंसा को धर्म का दर्जा दिया गया है। विचार-विमर्श व प्रचार भारतीय संस्कृति की मुख्य पहचान है। कोई भी व्यक्ति कानून को हाथ में नहीं ले सकता। सरकार इस रुझान को सख्ती से रोके।</p>
<p style="text-align:justify;">कानून के तहत दोषी को एक प्रक्रिया के अंतर्गत सजा देने का अधिकार केवल अदालतों के पास है। गाय भारत का अनमोल पशु है, जिसे माता का दर्जा दिया गया है। गाय की संभाल राष्ट्र के विकास में अहम् भूमिका निभा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राचीन समय में गाय को समाज में बड़ा सम्मान दिया जाता था, लेकिन स्वार्थी व अज्ञानी लोगों ने गाय को बेसहारा छोड़ दिया। स्वयं गौ रक्षकों ने भी गाय की संभाल व सम्मान करने की बजाए, इसे एक धर्म विशेष तक सीमित करने के साथ-साथ दो धर्मों में टकराव के हालात पैदा कर दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">गाय का दूध प्रत्येक धर्म के मानव के लिए गुणकारी है, जो किसी भी मानव का धर्म नहीं पहचानता। गौरक्षा के नाम पर हो रही गुंडागर्दी के मामलों को पूरी गहराई से देखने की आवश्यकता है कि कहीं इसके पीछे देश विरोधी ताकतों का हाथ तो नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">1980 के दशक में गौहत्या के कारण दो साम्प्रदायों में टकराव की स्थिति पैदा की गई थी। देश में विरोधी ताकतें भारतीयों की इस कमजोरी से भलीभांति परिचित हैं कि गाय का धार्मिक महत्व होने के चलते लोगों में मतभेद पैदा करना आसान है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार को इस मामले में पूरी तरह चौकसी बरतनी होगी। साथ ही शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाही में देरी नहीं करनी चाहिए। दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों को इस नाजुक मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। इतिहास इस बात का गवाह है कि औरंगजेब तलवार के दम पर इस्लाम को आगे नहीं बढ़ा पाया लेकिन सूफी फकीरों ने अपने मानवतावादी संदेश के माध्यम से अपने विचार को हिंदूस्तान में लोकप्रिय बना दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यही बात उन गौरक्षकों पर भी स्टीक बैठती है। जो गौरक्षा के नाम पर हिंसा फैला रहे हैं। गौरक्षा के लिए जो अभियान डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने चलाया है, वह ऐतिहासिक व प्रेरणा दायक है।</p>
<p style="text-align:justify;">आप जी ने सरकार को प्रस्ताव रखा है कि अगर गौचर भूमि डेरा सच्चा सौदा को दे दी जाए तो वहां बेसहारा गौवंश के लिए डेरा सच्चा सौदा सभी प्रबंध करेगा। आप जी ने गाय के दूध की पार्टी की परंपरा शुरू करके लोगों को गाय के दूध के लाभ बताए हैं। यह अभियान ही वास्तव में सच्ची गौरक्षा है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/modi-ordered-to-take-strict-action-against-the-guilty/article-2365</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/modi-ordered-to-take-strict-action-against-the-guilty/article-2365</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Jul 2017 22:16:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/modi-7.jpg"                         length="60752"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवजोत सिद्धू ने ‘जज’ बनकर इंजीनियरों को लगाई लताड़</title>
                                    <description><![CDATA[ सार्वजनिक तौर पर की एसई की सुनवाई, ठहराया दोषी मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर की सुनवाई, मीडिया को मिली एंट्री चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू कपिल शर्मा शो के बाद अब अपने ही विभाग में जज बन चुके हैं। उन्होंने दोषी साबित होने से पहले ही अपने विभाग के सुपरडेंट इंजीनियरों […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/navjot-sidhu-damnation-to-engineers/article-2233"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/navjot.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"> सार्वजनिक तौर पर की एसई की सुनवाई, ठहराया दोषी</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर की सुनवाई, मीडिया को मिली एंट्री</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ (अश्वनी चावला)।</strong> पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू कपिल शर्मा शो के बाद अब अपने ही विभाग में जज बन चुके हैं। उन्होंने दोषी साबित होने से पहले ही अपने विभाग के सुपरडेंट इंजीनियरों को मीडिया और पत्रकारों के समक्ष सार्वजनिक तौर पर दोषी ठहराते हुए सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहने के लिए कह दिया। सिद्धू के इस रवैये को देखकर सुपरडेंट इंजीनियरों ने आपत्ति जताई और मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह को दखल देने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार पिछली अकाली-भाजपा सरकार में अमृतसर व लुधियाना सहित जालंधर नगर निगम चुनावों से एक साल पहले 800 करोड़ रुपए के काम हुए थे। जिसमें 500 करोड़ से ज्यादा काम सिंगल टैंडर के द्वारा होने के कारण पिछले दिनों नवजोत सिद्धू ने इन तीनों ही निगमों के 4 सुपरडेंट इंजीनियरों को निलंबित करते हुए जवाब देने के लिए कहा था। मंगलवार को यह चारों सुपरडेंट इंजीनियर चंडीगढ़ में स्थानीय निकाय विभाग के आधिकारियों के पास अपनी सफाई देने के लिए पहुंचे थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चारों सुपरडेंट इंजीनियर ने जताई सिद्धू की कार्रवाई पर आपत्ति</h3>
<p style="text-align:justify;">मंत्री नवजोत सिद्धू ने सुनवाई को सार्वजनिक करने की मंशा से मीडिया को सुनवाई वाली जगह पर बुला दिया। वहीं चारों इंजीनियर भी मौजूद थे। सुनवाई शुरू होते ही अमृतसर के पीके गोयल, जालंधर के कुलविन्दर सिंह व लुधियाना के पवन शर्मा और धर्म सिंह यह देखकर हैरान रह गए कि सुनवाई वाली जगह पर पहले से ही काफी ज्यादा जमावड़ा लगा हुआ था। फिलहाल मौके पर इन इंजीनियरों ने आपत्ति जताते हुए सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास करने के लिए सरकार ने उपायुक्त के नेतृत्व में समिति बनाई हुई थी। पैसा सीआईडीबी द्वारा मुहैया करवाया जा रहा था जिस कारण उन्होंने नियमों व सरकार के आदेश की पालना करते हुए काम किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुपरडेंट इंजीनियरों की सुनवाई दौरान नवजोत सिद्धू ने चारों आधिकारियों को दोषी करार देते हुए कह दिया कि आपने नियमों की पालना नहीं की है, इसीलिए कार्यवाही तो जरूर होगी। अब आप लिखित जवाब दाखिल करें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेइज्जत करना गलत, मुख्यमंत्री दखल दें: इंजीनियर</h3>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के बाद एक सुपरडेंट इंजीनियर ने आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह बेइज्जत करना गलत है, वह छोटे मोटे कर्मचारी नहीं बल्कि सुपरडेंट इंजीनियर हैं। इसीलिए नवजोत सिद्धू को इस तरह सार्वजनिक तौर पर सुनवाई करते हुए बेइज्जत नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सरकार के नियमों व इशारे पर काम करना पड़ता है, जोकि उन्होंने किया लेकिन सिद्धू उनके साथ गलत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह को इस तरह की कार्रवाई के लिए दखल देना चाहिए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बेइज्जत करने का सिद्धू को हक नहीं: चीमा</h3>
<p style="text-align:justify;">पूर्व मंत्री व अकाली दल के जरनल सचिव दलजीत सिंह चीमा ने नवजोत सिद्धू की कार्रवाई को गैर-वाजिब करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह जज बनने का नवजोत सिद्धू को कोई अधिकार नहीं है। यदि सिद्धू को आधिकारियों की कारगुजारी पर शक है तो नियमों के तहत कार्रवाई करने का अधिकार बनता है। सार्वजनिक सुनवाई कर बेइज्जत करने का उन्हें कोई हक नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/navjot-sidhu-damnation-to-engineers/article-2233</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/punjab/navjot-sidhu-damnation-to-engineers/article-2233</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Jul 2017 07:26:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2017-07/navjot.jpg"                         length="16730"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        