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                <title>अर्ध कुंभ 2019 : पहली बार होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[आईबीएम दे रही है एआई बेस्ड वीडियो एनालिटिक्स सर्विस उतर प्रदेश (सच कहूँ)। इलाहाबाद में 15 जनवरी से शुरू हो रहे अर्ध कुंभ की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस धार्मिक मेले में रेलवे पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रही है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनी आईबीएम द्वारा विकसित की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/railway-to-use-technology-for-crowd-control-at-kumbh-2019/article-6671"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/kumbh-.jpg" alt=""></a><br /><h2>आईबीएम दे रही है एआई बेस्ड वीडियो एनालिटिक्स सर्विस</h2>
<p><strong>उतर प्रदेश (सच कहूँ)।</strong> इलाहाबाद में 15 जनवरी से शुरू हो रहे अर्ध कुंभ की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस धार्मिक मेले में रेलवे पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रही है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनी आईबीएम द्वारा विकसित की गई इस तकनीक की मदद से मेले में वाली भीड़ को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा टीवी स्क्रीन और कैमरों से मेले पर नजर रखने की तैयारी हो रही है।</p>
<h2>एआई टेक्नोलॉजी से भीड़ को कंट्रोल करेंगे</h2>
<p>उत्तर-मध्य रेलवे के जनरल मैनेजर राजीव चौधरी ने बताया कि ‘भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आईबीएम की एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर वीडियो एनालिटिक्स सर्विस देगा। इसके अलावा हर तरफ से सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और लगातार टीवी स्क्रीन पर जानकारी अपडेट की जाएगी।’</p>
<h2>इस तरह काम करती है आईबीएम वीडियो एनालिटिक्स सर्विस :</h2>
<p>आईबीएम सिक्योरिटी और पब्लिक सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन को वीडियो का उपयोग कर सिक्योरिटी, इंटेलिजेंस और जांच में मदद करता है। इसकी मदद से कई कैमरों से लिए गए वीडियो में से फोटो और जरूरी जानकारी खोजने के लिए एडवांस्ड सर्च, रिडेक्शन और फेशियल रिकग्निशन का उपयोग कर सकते हैं।</p>
<ul>
<li>इसमें किसी अपराधी, वीआईपी जैसे लोगों की फोटो एड कर वॉच लिस्ट बना सकते हैं, ताकि कैमरा इनको पहचान सके।</li>
<li>आयु, लिंग, चेहरे का रंग, बालों का रंग, कपड़ों का रंग और पैटर्न के आधार पर कई कैमरों में से सही रिजल्ट निकालकर देगा।</li>
<li>लाइव-स्ट्रीमिंग फिक्स्ड कैमरा से, अगर कोई ऑब्जेक्ट तय किए गए पैटर्न से अलग मूवमेंट करता है, तो उसका अलर्ट तुरंत मिल जाएगा।</li>
<li>वीडियो इमेजेस को डेटा में बदल देता है, जिससे वीडियो मॉनिटरिंग करना आसान हो जाता है।</li>
</ul>
<h2>पहले दिन 1 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना</h2>
<ul>
<li>दिन श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या</li>
<li>15 जनवरी (मकर संक्रांति) 1.20 करोड़</li>
<li>21 जनवरी (पौष पूर्णिमा) 55 लाख</li>
<li>4 फरवरी (मौनी अमावस्या) 3 करोड़</li>
<li>10 फरवरी (वसंत पंचमी) 2 करोड़</li>
<li>19 फरवरी (माघी पूर्णिमा) 1.6 करोड़</li>
<li>4 मार्च (महाशिवरात्रि) 60 लाख</li>
</ul>
<h2>ट्रेन की जानकारी के लिए ऐप होगी शुरू</h2>
<p>रेलवे जल्द ही ‘कुंभ रेल सेवा’ नाम से एक नई मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है, जिसकी मदद से यात्रियों को ट्रेन से जुड़ी सारी जानकारी दी जाएगी। अनुमान के मुताबिक, इस मेले में दुनियाभर से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसके अलावा सोशल मीडिया की भी मदद ली जाएगी।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Nov 2018 08:58:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डूसू में जाली ईवीएम मशीन का इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन चुनाव की मतगणना में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग की अधिकृत ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया। मतगणना में जिन मशीनों का प्रयोग किया गया वह किसी निजी कंपनी से कालेज प्रशासन द्वारा मंगाई गईं थी। यह खुलासा तब हुआ जब कांग्रेस की ओर से राज्य चुनाव आयोग को गड़बड़ी के संबंध […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/use-of-forged-evm-machine-in-dosu/article-6015"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/use-of-forged-evm-machine-in-dosu.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन चुनाव की मतगणना में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग की अधिकृत ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया। मतगणना में जिन मशीनों का प्रयोग किया गया वह किसी निजी कंपनी से कालेज प्रशासन द्वारा मंगाई गईं थी। यह खुलासा तब हुआ जब कांग्रेस की ओर से राज्य चुनाव आयोग को गड़बड़ी के संबंध में लिखित शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने तत्काल खंडन किया। आयोग ने कह दिया कि डूसू चुनाव से उनका कोई हस्पक्षेप नहीं। साथ ही चुनाव में जिन मशीनों का इस्तेमाल हुआ उनसे आयोग का कोई लेना देना नहीं। उन्होंने न अपनी मशीनें भेजी और न ही उनका परिवेक्षक दल वहां गया। आयोग के इस खुलासे के बाद प्रायोजित फजीर्वाड़े की खबर आग की तरह फैल गई। दरअसल इतने बड़े फजीर्वाड़े की किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। चुनाव आयोग के नाम से भी भला कोई जालसाजी कर सकता है, तो किसी से क्या कोई उम्मीद करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">
अपनी पूर्णरूपी सत्यता को लेकर चुनाव आयोग की अलग पहचान है। चुनाव आयोग पर लोगों का आज भी अटूट विश्वास है। लेकिन उनके नाम से भी अब हूबहू फजीवाड़ा होने लगा। जालसाजी का पता तब चला जब डूसू चुनाव में महत्वपूर्ण पदों पर पहले कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई के उम्मीदवार आगे चल रहे थे। लेकिन उसके बाद मतगणना रोक दी गई। इस पर जीतने वाले उम्मीदवारों को कुछ शक हुआ। तभी एक घंटे बाद दोबारा मतगणना शुरू हुई तो स्थिति पूरी तरह से बदल गई। आगे चलने वाले उम्मीदवार पीछे हो गए। भाजपा समर्पित छात्र संगठन एबीवीपी के उम्मीदवारों ने बढ़त बना ली। ये देख एनएसयूआई उम्मीदवारों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। भारी हंगामे को देख मतगणना फिर से रोक दी गई। चार-पांच घंटे तक बवाल होता रहा।<br />
दिल्ली विश्वविधालय छात्र संगठन का परिणाम वैसे शाम पांच बजे तक घोषित होना था। पर, गड़बड़ी के आरोप के चलते नही हो सका। रात आठ बजे फिर से गिनती शुरू हुई, करीब डेढ़ घंटे बाद रिजल्ट घोषित कर दिया गया। परिणाम वही आया जिसकी सबने उम्मीद की थी, रिजल्ट एबीवीपी के पक्ष में दशार्या गया। विरोध में एनएसयूआई के छात्र कुर्सियां हवा में उछालने लगे। तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने मोर्चा संभाल कर किसी तरह माहौल को शांत किया। लेकिन इतनी देर में फजीर्वाड़े की खबर डूसू दीवारों के बाहर भी आ गईं। चैनलों की पहली हेडलाइन बन गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">
सुबह होते ही मामले की तस्वीर साफ करते हुए चुनाव आयोग ने सच्चाई से पर्दा हटा दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि डूसू चुनाव में जिन वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल हुआ है उनकी आपूर्ति राज्य चुनाव आयोग ने नहीं बल्कि निजी कंपनी इलेक्ट्रोनिक कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) द्वारा की गई थी। अपनी जान बचाने के लिए आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन (डूसू) चुनाव में मतगणना के दौरान ईवीएम ने जो किरकिरी कराई उसे आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने इस बाबत ईवीएम बनाने वाली कंपनियों आनन-फानन में चिट्ठी लिखकर पूरे मामले पर सफाई मांगी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रोनिक कारपोरेशन आॅफ इंडिया को सख्त निर्देश भी दिए हैं। आयोग के अंडर सेक्रेटरी के दफ्तर से भेजी गई चिट्ठी में आयोग ने दोनों निमार्ता कंपनियों को सख्त हिदायत दी है कि निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयोग के लिए बनाई जाने वाली मशीनों के मॉडल, रंग और अन्य डिजायन बिल्कुल अलग होने चाहिए। उनकी मशीनों से मेल नहीं खाना चाहिए। खैर, इस घटना ने छात्र संगठनों के चुनावों पर सवाल खड़ा कर दिया। ऐसे चुनावों की जरूरतों को लोग नकारने लगे। दिल्ली विश्वविधालय की घटना के बाद समाज में आवाज उठने लगी है कि स्कूल-कालेज तालीम ग्रहण करने की जहग ही रहें, राजनीति का अखाड़ा न बनें। कम उम्र में बच्चे अगर फजीवाड़ा करने लगेंगे तो उनका भविष्य किस दिशा में जाएगा, इसकी तस्वीर डूसू चुनाव की कलाकारी ने पेश कर दी है। डूसू प्रशासन ने अपनी मनमर्जी से चुनाव कराया, खुद मशीनें खरीदी और मनचाहे उम्मीदवारों को विजय बनाया। सवाल उठता है डूसू प्रशासन को यह सब करने की क्या जरूरत पड़ी। ऐसा करने के लिए क्या उन्हें किसी ने निर्देश दिए थे? कौन हैं इस पूरे खेल के पीछे? डूसू घटना के बाद केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर एक सवाल उठ रहा है। विशेषकर चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता बचाने के लिए ईवीएम मशीनों को किसी और को बेचने के लिए निर्माण करने वाली कंपनियों को प्रतिबंधित करना चाहिए। ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे कंपनियां आयोग के अलावा किसी को ईवीएम मशीनें न बेचें। <strong>रमेश ठाकुर</strong></p>
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                <pubDate>Fri, 21 Sep 2018 13:02:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संघर्ष विराम’ का अर्थ, बंदूकों की बजाय जीप का इस्तेमाल: उमर</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (वार्ता) जम्मू कश्मीर में मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को आरोप लगाया कि पहले सुरक्षा बल प्रदर्शनों को रोकने के लिए लोगों को जीप के आगे बांधकर घुमाते थे लेकिन अब वे प्रदर्शनकारियों पर सीधे जीप चढ़ा देते हैं। श्री अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा, “पहले सुरक्षा बल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/use-of-jeep-instead-of-guns-omar/article-3913"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/umar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (वार्ता) </strong>जम्मू कश्मीर में मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को आरोप लगाया कि पहले सुरक्षा बल प्रदर्शनों को रोकने के लिए लोगों को जीप के आगे बांधकर घुमाते थे लेकिन अब वे प्रदर्शनकारियों पर सीधे जीप चढ़ा देते हैं। श्री अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा, “पहले सुरक्षा बल प्रदर्शनों को रोकने के लिए लोगों को जीप के आगे बांधकर गांव भर में घुमाते थे लेकिन अब वे प्रदर्शनकारियों पर सीधे जीप चढ़ा देते हैं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती साहिबा क्या आपका कार्रवाई करने का मानक तरीका यही है? संघर्ष विराम का अर्थ है बंदूकों के इस्तेमाल की बजाय जीप का इस्तेमाल?”</p>
<p style="text-align:justify;">श्री अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टो के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। श्री मट्टो ने ट्वीट किया था, “सीआरपीएफ जीप से कुचले गये व्यक्ति की तस्वीर खौफ पैदा करने वाली है। जीप पर हमला किया गया था यह सच है। यह राज्य पुलिस की नाकामी है कि उन्होंने सीआरपीएफ की एक जीप को 200 लोगों की हिंसक भीड़ से गुजरने की अनुमति दी। यह बेहद दुखद है।” एक अन्य ट्वीट में श्री अब्दुल्ला ने कहा, “ये लोग जीप को चलाने के ढ़ंग पर नाराजगी जताने की बजाय इन लोगों की दिलचस्पी वाहन की पंजीकरण संख्या में ज्यादा है। अपनी नाकामी से छिपाने के लिए अर्द्ध सैनिक बलों के ज्यादातर वाहनों का पंजीकरण जम्मू कश्मीर के बाहर कराया जाता है।”</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Jun 2018 12:44:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति चुनाव : अलग स्याही व पैन का होगा इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव को लेकर आयोग ने कसी कमर, तैयारियां पूरी यूपी कॉडर के आईएएस अनिल संत को पर्यवेक्षक लगाया चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए कथित स्याही कांड जैसा वाक्य 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में न हो इसलिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। चुनाव आयोग ने आज […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/different-ink-and-pen-will-be-used-in-presidential-elections/article-2297"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/election-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">चुनाव को लेकर आयोग ने कसी कमर, तैयारियां पूरी</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>यूपी कॉडर के आईएएस अनिल संत को पर्यवेक्षक लगाया</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(अनिल कक्कड़)।</strong> हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए कथित स्याही कांड जैसा वाक्य 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में न हो इसलिए केंद्रीय चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। चुनाव आयोग ने आज राष्ट्रपति चुनाव में इस्तेमाल कि अलग अपनी तरफ से स्याही तथा पैन भिजवाए हैं। अब वोट डालने वाले विधायकों द्वारा चुनाव आयोग द्वारा भेजी गई स्याही का ही इस्तेमाल किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यसभा चुनाव के दौरान हरियाणा में अलग-अलग पैन का इस्तेमाल किए जाने से कई विधायकों के वोट रद्द हो गए और समूचे चुनाव समीकरण बदल गए थे। यह देश में अपनी तरह का पहला घटनाक्रम था। राज्यसभा चुनाव में स्याही कांड के बाद यह पहला चुनाव होने जा रहा है। जिसके चलते चुनाव आयोग ने यह फैसला किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विधानसभा के स्ट्रॉंग रूम में पहुँचे स्याही और पेन</h3>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा परिसर में राष्ट्रपति चुनाव की अन्य सामग्री के साथ-साथ स्याही व पैन आदि को भी स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया है। हरियाणा के लिए होने वाले मतदान हेतु आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है जबकि उत्तर प्रदेश कॉडर के आईएएस अनिल संत को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। सहायक चुनाव अधिकारी ने आज यहां सभी कर्मचारियों की बैठक भी ली।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पूरा दिन चलेगी मतदान प्रक्रिया, सांसद दिल्ली में डालेंगे वोट</h3>
<p style="text-align:justify;">हरियाणा के सभी 90 विधायकों द्वारा विधानसभा परिसर में बने मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का प्रयोग किया जाएगा जबकि हरियाणा से संबंधित सांसदों द्वारा दिल्ली में अपने मतदाधिकार का प्रयोग किया जाएगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 जुलाई को मतदान प्रक्रिया सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पहली बार वोट डालेंगे सीएम मनोहर एवं कई मंत्री</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बार हो रहे राष्ट्रपति चुनाव में जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओ.पी.धनखड़, सहकारिता मंत्री मुनीष ग्रोवर, खाद्य आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज, उद्योग मंत्री विपुल गोयल के अलावा इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला, चरणजीत सिंह रोड़ी, राज्यसभा सांसद राजकुमार कश्यप तथा सुभाष चंद्रा पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सियासी दल भी तैयार</h3>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ हरियाणा के सभी सियासी दलों ने भी इस चुनाव को लेकर तैयारी पूरी कर ली है। इनेलो द्वारा भाजपा प्रत्याशी को समर्थन किए जाने के बाद हरियाणा में आकंड़ों का खेल बदल गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">हरियाणा में राष्ट्रपति चुनाव के वोटों का गणित</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुल विधायक?                                             90</strong></p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">एक विधायक की वोट वैल्यू?                    112</li>
<li style="text-align:justify;">विधायकों की कुल वोट वैल्यू?                  10080</li>
<li style="text-align:justify;">भाजपा विधायक की वोट वैल्यू?               05264</li>
<li style="text-align:justify;">इनेलो विधायकों की वोट वैल्यू?               02128</li>
<li style="text-align:justify;">कांग्रेस विधायकों की वोट वैल्यू?                01904</li>
<li style="text-align:justify;">05 निर्दलीय विधायकों की वोट वैल्यू?        00560</li>
<li style="text-align:justify;">01 अकाली विधायक की वोट वैल्यू?           00112</li>
<li style="text-align:justify;">01 बसपा विधायक की वोट वैल्यू?              0112</li>
</ul>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Jul 2017 09:23:38 +0530</pubDate>
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