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                <title>Dera Sacha Sauda - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Dera Sacha Sauda RSS Feed</description>
                
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                <title>Australia News: विदेशी धरती पर साध-संगत दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा सरसा की देश-विदेश की साध-संगत लगातार मानवता भलाई के 176 कार्य कर रही है। इसी क्रम में 13 जुलाई को पर्थ, ऑस्ट्रेलिया की साध-संगत ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्थ एनआरएम के साथ मिलकर कुजी बीच व कॉगी बीच, सबअर्ब में विशाल पौधारोपण अभियान चलाया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/australia-news-gave-the-message-of-environmental-protection-in-a/article-88356"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/perth-prayavaran.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Tree Plantation: पर्थ (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा सरसा की देश-विदेश की साध-संगत लगातार मानवता भलाई के 176 कार्य कर रही है। इसी क्रम में 13 जुलाई को पर्थ, ऑस्ट्रेलिया की साध-संगत ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्थ एनआरएम के साथ मिलकर कुजी बीच व कॉगी बीच, सबअर्ब में विशाल पौधारोपण अभियान चलाया। इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सेवादारों ने 3500 पौधे रोपित किए। इस अभियान में ‘किडस एज वॉरियर’ और ‘टीन एज वॉरियर’ के सेवादारों ने भी सहयोग किया। इस सेवा कार्य में 120 से ज्यादा सेवादारों ने अपनी सेवाएं दीं। ​सेवादारों के प्रयास की स्थानीय प्रशासन और लोगों द्वारा खूब प्रशंसा की जा रही है। Australia News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 16:49:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Tree Plantation: भतीजी के जन्मदिन पर फिजूलखर्ची की बजाय पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए दैनिक सच कहूँ के स्टाफ सदस्य राजेश बैनीवाल ने सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी भतीजी चित्रा चौधरी के जन्मदिन पर फिजूलखर्ची करने के बजाय अपने पैतृक गांव खचवाना, भादरा (राजस्थान) में दो पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/tree-plantation-on-nieces-birthday-instead-of-wasteful-expenditure-message/article-88252"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/beniwal-bhadra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भादरा (राजस्थान)। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए दैनिक सच कहूँ के स्टाफ सदस्य राजेश बैनीवाल ने सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी भतीजी चित्रा चौधरी के जन्मदिन पर फिजूलखर्ची करने के बजाय अपने पैतृक गांव खचवाना, भादरा (राजस्थान) में दो पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। Tree Plantation</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राजेश बैनीवाल ने कहा कि विशेष अवसरों को दिखावे और अनावश्यक खर्च के बजाय समाज और प्रकृति के हित में समर्पित करना ये पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाएं हैं। पौधारोपण न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ तथा अन्य खुशी के अवसरों पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी नियमित देखभाल करें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा। राजेश बैनीवाल की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में प्रेरणादायी कदम बताया। Tree Plantation</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 15:35:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'अमर' हुई फतेहाबाद की कृष्णा देवी इन्सां, मरणोपरांत भी निभाया इंसानियत का फर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा की अमर मुहिम के तहत फतेहाबाद में एक और इन्सां ने मरणोपरांत शरीरदान कर इंसानियत का फर्ज निभाया। स्थानीय मातूराम कॉलोनी की रहने वाली 85 वर्षीय कृष्णा देवी इन्सां पत्नी कांता राम नरूला अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर मालिक की गोद सचखंड जा विराजी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/krishna-devi-insan-of-fatehabad-became-immortal/article-88114"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/krishna-devi-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">फतेहाबाद, (सच कहूँ/विनोद कुमार शर्मा)। डेरा सच्चा सौदा की अमर मुहिम के तहत फतेहाबाद में एक और इन्सां ने मरणोपरांत शरीरदान कर इंसानियत का फर्ज निभाया। स्थानीय मातूराम कॉलोनी की रहने वाली 85 वर्षीय कृष्णा देवी इन्सां पत्नी कांता राम नरूला अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूरी कर मालिक की गोद सचखंड जा विराजी। Fatehabad News</p>
<p style="text-align:justify;">उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए समाज में व्याप्त रूढ़िवादिता और अंधविश्वास को दरकिनार कर उनका पार्थिव शरीर रिसर्च सेंटर मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरनगर बेगराजपुर इंडस्ट्रियल एरिया के सामने, दिल्ली-देहरादून हाईवे को दान कर दिया। इस देह दान से अब मेडिकल कॉलेज के हजारों भावी डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को मानव शरीर की संरचना पर रिसर्च करने और चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। बता दें कि कृष्णा देवी इन्सां ने जीते जी मरणोपरांत शरीरदान करने का प्रण लिया हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">शरीरदान से पूर्व उनकी पार्थिव देह को फूलों से सजी एंबुलेंस में रखा गया। इस दौरान डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों, साध-संगत, परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने "जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी कृष्णा देवी इन्सां तेरा नाम रहेगा" और "शरीरदानी कृष्णा देवी इन्सां अमर रहे" के नारे लगाए। इसके बाद "धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा" का इलाही नारा लगाकर एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम का अनुसरण करते हुए कृष्णा देवी इन्सां की पोती राजो देवी ने अपनी दादी की अर्थी को कंधा दिया और समाज को यह संदेश दिया कि बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं हैं। इस भावुक क्षण में राजन, साजन, रिंकू, राहुल, टिंकू, निशांत सहित परिवार के अनेक सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे। Fatehabad News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 10:45:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Welfare Work: दुबई में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की हुई भरपूर सराहना </title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की ओर से 21 जून को दुबई ब्लड डोनेशन सेंटर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से साध-संगत ने बढ़-चढ़कर इस सेवा कार्य में भाग लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/welfare-work-dera-sacha-sauda-sevadars-in-dubai-highly-appreciated/article-87814"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-07/dubai-humanity.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Welfare Work: दुबई। डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की ओर से 21 जून को दुबई ब्लड डोनेशन सेंटर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से साध-संगत ने बढ़-चढ़कर इस सेवा कार्य में भाग लिया। शिविर के दौरान 53 यूनिट रक्तदान किया गया, जो कई मरीजों की जान बचाने में मददगार साबित होगा। रक्तदान केंद्र के स्टाफ ने भी इस सेवा भावना की सराहना की और साध-संगत का आभार व्यक्त किया। Dubai News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:44:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Honesty: जीन्द ब्लॉक के डेरा सच्चा सौदा के सेवादार ने दिया ईमानदारी का परिचय</title>
                                    <description><![CDATA[इस कलियुग में जहां लोग चंद पैसों के लिए एक-दूसरे की जान लेते हैं, वहीं डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों का लाखों रुपये व कीमती सामान गुम हुआ मिलने पर भी उनका दीन-ईमान नहीं डोलता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/honesty-the-servant-of-dera-sacha-sauda-of-jind-block/article-87280"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/jind-honesty.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">जीन्द(सच कहूँ न्यूज)। इस कलियुग में जहां लोग चंद पैसों के लिए एक-दूसरे की जान लेते हैं, वहीं डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों का लाखों रुपये व कीमती सामान गुम हुआ मिलने पर भी उनका दीन-ईमान नहीं डोलता। इसी कड़ी में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक जीन्द के जोन नं. 2 के डेरा प्रेमी सतबीर इन्सां को रास्ते में एक गुम हुआ मोबाईल मिला, जिसके बाद उन्होंने संपर्क कर असली मालिक को लौटा दिया। मोबाइल मालिक बजरंग ने सतबीर इन्सां व पूज्य गुरु जी का धन्यवाद किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 15:56:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
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                <title>अचानक बेपरवाह जी की दृष्टि उस कुत्ते पर पड़ी.... फरमाया ‘भाई! यह कोई बिछुड़ी हुई रूह आज चौरासी कटवाने आई है....</title>
                                    <description><![CDATA[प्रेमी पृथ्वी राज इन्सां सुपुत्र सचखंडवासी प्रेमी फूल चंद जी, गांव धारनियां जिला फतेहाबाद से लिखते हैं कि यह दिसम्बर 1957 की बात है। उस दिन नेजिया खेड़ा गांव में बेपरवाह सार्इं मस्ताना जी महाराज का सत्संग था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/suddenly-beparvah-jis-gaze-fell-on-that-dog-and-he/article-87266"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/shah-mastana-ji-maharaj.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रेमी पृथ्वी राज इन्सां सुपुत्र सचखंडवासी प्रेमी फूल चंद जी, गांव धारनियां जिला फतेहाबाद से लिखते हैं कि यह दिसम्बर 1957 की बात है। उस दिन नेजिया खेड़ा गांव में बेपरवाह सार्इं मस्ताना जी महाराज का सत्संग था। मैंने इससे पहले अपनी माता के साथ सुचान कोटली में बेपरवाह सार्इं मस्ताना जी महाराज के दर्शन किए तथा सत्संग सुना था। उस समय मैंने देखा कि शहनशाह जी के चेहरे पर बेअंत चमक थी। नूरानी चेहरे का रंग पूरा लाल था। उनका चेहरा बब्बर-शेर की भांति पूरा रोहबदार था। ऐसे लगता था जैसे उनके मुखड़े पर कोई अलौकिक बारिश हो रही हो। मैंने घर आकर अपनी मां को बताया तो वह बोली, बेटा! यह तो अमृत-धारा ऊपर से आ रही थी। उसने कहा कि सुना है, खुद खुदा धरती पर उतर कर आया है। हम अगली सत्संग पर नाम ले ही लेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">उस समय हम ‘सिंचाई विभाग’ के रैस्ट हाऊस में सुचान कोटली जिला सरसा में रहते थे, क्योंकि मेरे पिता जी सिंचाई विभाग में नौकरी करते थे। अगले सत्संग वाले दिन उस रेस्ट हाऊस में किसी बड़े अफसर ने आना था, इसलिए उस दिन हम डेरा सच्चा सौदा सरसा सत्संग पर कुछ देरी से पहुंचे। उस समय तक शहनशाह जी सत्संग की समाप्ति करके अपने तेरावास में ऊपर चौबारे पर चले गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे ही हम दरबार के अंदर प्रवेश हुए तो शाह मस्ताना जी महाराज हमारी पुकार और तड़प को देखकर एकदम चौबारे से बाहर आए और वचन फरमाया, ‘भाई, सतगुरु के प्यारे बच्चे कितनी दूर से, तड़प, प्रेम से आए हंै! हम बिल्कुल नजदीक चले गए थे। शहनशाह जी बोले, ‘बेटा, लंगर छको और भजन बंदगी करो। फिर भई शाम को सत्संग सुनना।’ घर पर जरूरी काम की वजह से उस दिन भी हम बिना नाम लिए वापिस लौट आए। कुछ दिनों बाद नेजिया में सत्संग वाले दिन हम दो साइकिलों पर घर से चले। एक साईकिल पर मेरा चाचा, मैं तथा मेरी बहन थे और दूसरी साइकिल पर मेरे पिता, मेरी माता जी तथा मेरा छोटा भाई था। हम अपने घरेलू कुत्ते को रोटी-पानी खिला पिला कर अपने घर संगली से बांधकर आए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जब हम नेजिया खेड़ा गांव में सत्संग पर पहुंचे, उस समय शहनशाह मस्ताना जी महाराज सत्संग फरमा रहे थे। वहां पर बहुत लोग ऊंटों, घोड़ों, साइकिलों पर तथा बहुत लोग पैदल भी चलकर आए हुए थे। हम सत्संग सुनने के लिए सत्संग पंडाल में बैठ गए। इतने में हमें पता चला कि सेवादार एक कुत्ते को संगत के बीच में आने से रोक रहे थे और इधर-उधर भगा रहे थे। अचानक बेपरवाह जी की दृष्टि उस कुत्ते पर पड़ी। शहनशाह जी सेवादारों से पूछने लगे कि ‘क्या बला पड़ गई? एक सेवादार बोला कि सार्इं जी, यह कुत्ता अपने मालिक के पीछे संगली तुड़वा कर संगली समेत ही आ गया है और संगत में अपने मालिक की पहचान कर रहा है। मेरी माता को शंका हो गई कि कहीं हमारे वाला कुत्ता ही ना आ गया हो! उसने खड़ी होकर देखा तो अपने कुत्ते को पहचान लिया और कहा कि यह तो हमारा कुत्ता है। हम तो इसे घर में संगली से बांधकर आए थे, ये कैसे संगली तुड़वा कर आ गया! शहनशाह जी ने सेवादारों को फरमाया, ‘भाई! यह कोई बिछुड़ी हुई रूह आज चौरासी कटवाने आई है। भई, इसको भगाओ मत। इसको बूंदी का प्रशाद डालो और इसे अपने मालिक के पास बैठने दो।’ कुत्ता हमारे पास आकर चुपचाप बैठ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्संग की समाप्ति पर हमने नाम लेना था, इसलिए कुत्ते को हम अपने किसी जान-पहचान वाले के घर नेजिया में बांध आए थे। मैं अपनी माता, बहन व भाई के साथ अपने पिता और चाचा को बताए बिना ही नाम लेने वालों में हम तीनों बहन-भाई बैठने लगे। मेरी माता ने अंदर जाने से पहले जूते उतार दिए थे, क्योंकि खुद-खुदा सतगुरु जी के पास जाना है। उस समय शहनशाह जी सामने खड़े थे तो शहनशाह जी ने फरमाया, ‘भई किसी ने जूते नहीं निकालने। यह कोई वो चीज नहीं है। ये धुर अनामी वाली ताकत सच्चे सौदे आई है। जो आपको समेत जोड़े पार लेकर जाएगी।’ तो माता ने जूते पहन लिए और बोली, सार्इं जी ने दिल की बात बता दी। हम राम-नाम में बैठ गए। सार्इं जी ने फिर फरमाया, ‘भई वो कुत्ता जिसको तुम भगा रहे थे, यदि उसके मालिक नाम में बैठे हैं तो उस कुत्ते को भी अंदर आने दो।’ माता जी ने मुझे कहा कि कुत्ता तो हम बांधकर आए हैं। परंतु कुत्ता तो संगली तुड़वा कर वहाँ बाहर दरवाजे पर आया खड़ा था। जैसे ही बेपरवाह जी ने कुत्ते के बारे में फरमाया तो सेवादारों ने कुत्ते को अंदर आने की छूट दे दी और वह अंदर आकर सीधा हमारे पास बैठ गया। बेपरवाह जी ने सेवादारों को फरमाया, ‘भई, तुम तो कुत्ते को भगा रहे थे। कुत्ते के मालिक के भाग देखो, आज समेत कुत्ते तर रहा है। आज से इस कुत्ते की चौरासी खत्म।’ पूजनीय शहनशाह जी ने इतने रहमत भरे वचन करके हमें नाम वाले जीवों के साथ नाम बख्श दिया। उसी दिन शाम के समय ढोल नगाड़ों के साथ बेपरवाह जी पैदल चल कर रेत के ऊंचे-ऊंचे टीलों वाली जगह पर आए। उस समय काफी साध-संगत शहनशाह जी के पीछे-पीछे चल रही थी। वहाँ एक ऊंचे टिब्बे पर डंगोरी लगाकर शहनशाह जी ने फरमाया, ‘यहाँ पर ताकत अपना पूरा रंग दिखाएगी।’ इस तरह उस दिन पूजनीय शाहनशाह जी ने शाह सतनाम शाह मस्ताना जी धाम का अपने पवित्र वचनों द्वारा एक तरह से पहले ही उद्घाटन कर दिया था। पूजनीय सच्चे दाता रहबर की पावन तीसरी बॉडी पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से यही प्रार्थना है कि आप जी की दया-मेहर, रहमत परिवार पर हमेशा बरसती रहे जी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 12:24:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Anmol Vachan: इन्सान, इन्सान से भगवान का रूप बनता चला जाता है: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि  इन्सान को जब परमपिता परमात्मा निगाह दे देता है, तो उसे वो नजारे मिलते हैं, वो लज्जत मिलती है, जिसकी कभी कल्पना नहीं की होती। वो खुशियां मिलती हैं, जिनका लिख-बोल कर वर्णन नहीं किया जा सकता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/anmol-vachan-man-goes-from-being-a-human-being-to/article-86909"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-04/dera-sacha-sauda-300x158.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) फरमाते हैं कि  इन्सान को जब परमपिता परमात्मा निगाह दे देता है, तो उसे वो नजारे मिलते हैं, वो लज्जत मिलती है, जिसकी कभी कल्पना नहीं की होती। वो खुशियां मिलती हैं, जिनका लिख-बोल कर वर्णन नहीं किया जा सकता। Anmol Vachan</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि निगाह तो सबको है, सिवाए उनके जिनको मालिक ने नहीं दी, लेकिन इसी निगाह से जब उस परमपिता परमात्मा, सतगुरु, मौला का दीदार होता है तो ये निगाह उस निगाह जैसी हो जाती है, यानि इन्सान से भगवान का रूप इन्सान बनता चला जाता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं होता कि इन्सान भगवान बन जाता है। छोटी-छोटी नदियां-नाले अगर समुंद्र में गिर जाएं तो वो समुंद्र कहलाती हैं, उसी तरह जो आत्माएं परमपिता परमात्मा के नूरी स्वरूप को सुमिरन-भक्ति से पा जाती हैं, वो मालिक, परमात्मा का ही रूप बन जाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पर वो गाती नहीं, बल्कि उनके अंदर और दीनता-नम्रता आ जाती है। इतिहास में ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं, कि मालिक के प्यारे, परमपिता परमात्मा स्वरूप होते हुए भी उनके अंदर दीनता-नम्रता हद से ज्यादा थी और जितनी दीनता-नम्रता होती है, उतनी ही मालिक की खुशियां जल्दी व ज्यादा मिला करती हैं। इसलिए अपने अंदर दीनता-नम्रता धारण करो, मालिक से मालिक को मांगो, मालिक के नाम का सुमिरन किया करो, कभी भी किसी का बुरा न सोचा करो, सबका भला मांगा करो और सबका भला किया करो। Anmol Vachan</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि खुदी से बढ़कर इन्सान का दुश्मन कोई और नहीं होता। पानी टीलों पर नहीं रुकता बल्कि टीलों के नीचे झुकी हुई जगह पर रुकता है, फल उसी पेड़ को ज्यादा लगते हैं जो झुकना जानता है, झोली उनकी ही ज्यादा भरती है जो झुक जाया करते हैं। झुकने का मतलब किसी से डरना या किसी के आगे झुकना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">झुकने का मतलब अपने अंदर दीनता-नम्रता पैदा करना है। सबका भला मांगने के लिए परमात्मा के आगे झोली फैलाओ और परमात्मा से सबका भला करने की ताकत मांगो। और अगर आप मालिक की औलाद का भला करोगे तो वो आपका ही नहीं बल्कि आपकी कुलों का भी भला कर देगा, क्योंकि वो अल्लाह, वाहेगुरु, राम, खुदा सुप्रीम पावर है, सबसे बड़ी शक्ति है, उसी से सारी सृष्टि चलती है। इसलिए उस परमपिता परमात्मा को पाओ, अहंकार न करो, दीनता-नम्रता धारन करो ताकि आपको मालिक की तमाम खुशियां हासिल हो सकें। Anmol Vachan</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 09:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पल-पल इन्सानियत को, सृष्टि के कल्याण को समर्पित पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के 30 दिन </title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी संतों के जीवन का हर क्षण मानवता की सेवा को समर्पित रहता है। वे हमेशा हर जीव-प्राणी के जीवन को खुशियों से भरने में तल्लीन रहते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने सरसा निवास के दौरान अपने 30 दिनों को हर दिन, हर घंटे, हर पल सृष्टि के कल्याण को समर्पित किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ram-rahim-devoted-every-moment-to-humanity-for-the-welfare/article-86908"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/30th-days-saint-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ न्यूज)। सच्चे रूहानी संतों के जीवन का हर क्षण मानवता की सेवा को समर्पित रहता है। वे हमेशा हर जीव-प्राणी के जीवन को खुशियों से भरने में तल्लीन रहते हैं। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने सरसा निवास के दौरान अपने 30 दिनों को हर दिन, हर घंटे, हर पल सृष्टि के कल्याण को समर्पित किया। आपजी ने बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर 176वें मानवता भलाई कार्य का आगाज किया, जिसके तहत डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत ने संकल्प लिया कि वे बच्चों से मजदूरी नहीं करवाएंगे और अगर कोई बच्चा मजदूरी करता मिलता है तो उसकी शिक्षा की व्यवस्था करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">विश्व रक्तदाता दिवस पर पूज्य गुरु जी ने देश और दुनिया में थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को नियमित रक्त उपलब्ध करवाने के लिए विशेष अभियान का आगाज किया। पूज्य गुरु जी के आह्वान पर डेरा सच्चा सौदा (Dera Sacha Sauda) की साध-संगत ने लिखित रूप से फार्म भरकर इस कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संकल्प लिया। इसके तहत साध-संगत ऐसे मरीजों को जरूरत के अनुसार समय-समय पर रक्तदान करेगी, ताकि किसी भी मरीज को रक्त की कमी के कारण परेशान न होना पड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान की शुरूआत पंजाब के पटियाला स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा एवं मानवता भलाई केंद्र शाह सतनाम जी नुरानी धाम तथा शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल (Shah Satnam Ji Specialty Hospital) में स्थापित पूज्य बापू मग्घर सिंह जी इंटरनेशनल ब्लड सेंटर में आयोजित विशेष रक्तदान शिविरों (Blood Donation Camp) से हुई। इसके तहत पटियाला में 304 यूनिट रक्तदान हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि पूज्य गुरु जी के मार्गदर्शन में डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत अब तक 33 लाख यूनिट से अधिक रक्तदान कर मानवता सेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बना चुकी है। वहीं आप जी ने अपनी निजी कमाई में से पंजाब के जिला संगरूर के नजदीकी गांव कमोमाजरा कलां की 20 वर्षीय बेटी जसप्रीत कौर को 48 घंटों में कमरा, बरामदा, रसोई सहित पूरा मकान बनाकर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि इस बेटी के पिता का 2021 में निधन हो गया था और उसकी माँ दूसरों के घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाने को मजबूर थी। इनका घर इतना जर्जर हो गया था कि बारिश के दिनों में उन्हें धर्मशाला या दूसरों के घरों में रहना पड़ता था। इसके साथ ही आपजी ने शाह मस्ताना शाह सतनाम जी धाम का नवनिर्माण करवाकर अनामी का नमूना बनाया, जो आमजन के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने नशों के खिलाफ चलाई मुहिम को इन 30 दिनों में इतनी गति दी कि बड़ी संख्या में लोगों ने नशा त्याग दिया। आप जी ने भयंकर नशे के शिकार लोगों को इस अभिशाप से बचाकर उन्हें पौष्टिक आहार देकर स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया जिससे उनके घरों में  पुन: खुशियां लौट आई। ग्राम पंचायतों के आग्रह पर पूज्य गुरु जी ने सरसा जिले के गांव केलनिया, अली मोहम्मद और सहारणी में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता की सौगात दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>सच कहूँ विशेष स्टोरी</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 09:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूज्य गुरु जी ने वर्ष 2026 में करवाए ये प्रण.. हर श्रद्धालु को जाननी चाहिए ये बातें....</title>
                                    <description><![CDATA[जीवन में वास्तविक परिवर्तन केवल विचारों से नहीं, बल्कि संकल्पों से आता है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने वर्ष 2026 (जनवरी-फरवरी, मई-जून) में संगत को ऐसे प्रण करवाए, जो व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ-साथ समाज में प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/respected-guru-ji-made-these-vows-in-the-year-2026/article-86886"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/saint-ram-rahim-news.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Dera Sacha Sauda All Paaran List सरसा। </strong>जीवन में वास्तविक परिवर्तन केवल विचारों से नहीं, बल्कि संकल्पों से आता है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने वर्ष 2026 (जनवरी-फरवरी, मई-जून) में संगत को ऐसे प्रण करवाए, जो व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ-साथ समाज में प्रेम, भाईचारा, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं। यदि इन संकल्पों को जीवन में अपनाया जाए, तो एक बेहतर समाज का निर्माण संभव है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष पूज्य गुरु जी ने कौन-कौन से प्रण करवाए और उनका क्या महत्व है।</p>
<p><a href="https://www.sachkahoon.com/national/dera-sacha-sauda-all-welfare-works-list/article-86663">Dera Sacha Sauda All Welfare Works List: जानें, 176 मानवता भलाई कार्यों की लिस्ट</a></p>
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<div><strong style="text-align:justify;">1. 5.1.2026 का प्रण: हम ये तलब नहीं रखेंगे कि मुझे सबका पता होना चाहिए क्या हो रहा है। डेरे में अपनी सेवा से मतलब रखेंगे, मेरा बंदा तेरा बंदा नहीं करेंगे, ग्रुपबाजी नहीं बनाएंगे।</strong></div>
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<p style="text-align:justify;"><strong>वचन- मालिक आपको सुख-शांति, खुशनसीबी की तरफ लेकर जाए और आपकी हर जायज माँग सतगुरु जल्दी से जल्दी पूरी करे। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>2. 8.1.2026 का प्रण: बेशक कोई हमसे ईर्ष्या करे, हम किसी से ईर्ष्या नहीं करेंगे। सिर्फ सतगुरु के बनकर रहेंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि कोई भी क्षेत्र ईर्ष्या से अछूता नहीं है यहाँ तक कि रूहानियत में भी लोग एक-दूसरे से ईर्ष्या करते हैं। कई बार कुछ ऐसा कर देते हैं जो बिल्कुल ही गलत होता है।</strong></span><br /><strong>3. 9.1.2026 का प्रण: अपनी गलती को छुपाने के लिए झूठ नहीं बोलेंगे।</strong><br /><strong>वचन- मालिक आपको गलती न करने की ताकत दे ताकि झूठ बोलने का चक्कर ही न पड़े। आप अच्छाई करते जाएँ पर ऐसा नहीं होता कि गलती नहीं होती। इन्सान गलती करता है, गलती करके मानना कोई छोटी बात नहीं है। बच्चे तो मान लेते हैं बड़े जल्दी से नहीं मानते।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>4. 11.1.2026 का प्रण: सतगुरु की बात को दिल से सुनेंगे व मानेंगे। वचनों को कभी अन्यथा नहीं लेंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि ऐसा करने से मालिक भी आप को खुशियों की कोई कमी नहीं छोड़ेगा। </strong></span><br /><strong>5.15.1.2026 का प्रण: ‘‘मालिक तेरा शुक्राना! आज मैं जिंदा हूँ।’’ यह सोचकर दिन की शुरूआत 5-10 मिनट सुमिरन करके पूरे जोश से करेंगे।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>6.16.1.2026 का प्रण: लंगर सतगुरु की नियामत मानकर पूरी श्रद्धा से ग्रहण करेंगे, वेस्टेज नहीं करेंगे। ताकि सतगुरु से आशिकी बढ़े।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया जितना लंगर खाया है उतनी सेवा भी रोजाना करेंगे।</strong></span><br /><strong>7. 17.1.2026 का प्रण: व्यवहार व लेन-देन में सच्चे व ईमानदार बनेंगे।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि एक सत्संगी को हमेशा ही अपने व्यवहार व लेन-देन का सच्चा व ईमानदार होना चाहिए।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>8. 18.1.2026 का प्रण: अपने ज्ञान का अहंकार नहीं करेंगे एवं विनम्रतापूर्वक दूसरों के साथ अपने ज्ञान को बाँटेंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन - अंदरूनी खुशी नहीं बांटनी है आपको जो अच्छा ज्ञान है जिससे किसी का भला हो जाए वह ज्ञान बांटना चाहिए पर ज्ञान वहाँ बाँटना चाहिए जहाँ कद्र हो। भैंस के आगे बीन बजाए भैंस बैठी पगुराए। कहीं आप पंगा ले लो और किसी को बताओ तो वह कहे मेरा तो नुकसान करवा दिया। वहाँ बताओ जहाँ कोई सुनने वाला हो। एक बन्दे ने किसी खेत वाले को बताया कि ताऊ, ये काम ऐसे नहीं होता। वह कहने लगा कि ‘अरे! तू कितना पढ़ा है?’ उसने कहा मैं बी0ए0 हूँ। ताऊ हँस पड़ा उसने कहा ‘‘हँसें क्यों?’’ ताऊ ने कहा ‘‘अरे! दो अक्षर पढे़ वो भी उल्टे। ए, बी होता है बी, ए थोड़ा ना।’’ तो ऐसे पंगा ना ले लेना भाई इसलिए ये हमने साथ लगा दिया कि ज्ञान जरूर दो पर जहाँ लेने वाला हो। </strong></span><br /><strong>9. 20.1.2026 का प्रण: गुस्सा किसी और पर निकालने की बजाए अपने पिल्लो (तकिए) पर निकालेंगे।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि आप अकेले एकांत में जाकर अपनी भड़ास निकाल सकते हैं जैसे बाथरूम में, पिल्लो पर मुक्के मार कर निकाल लिया करो। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>10. 21.1.2026 का प्रण: सेवा के दौरान यह ध्यान रखेंगे कि डेरे का एक पैसे का भी नुकसान ना हो। </strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन - हम चाहते हैं कि आप घर में भी ध्यान रखना कि आपके घर का नुकसान न हो और डेरे का भी नुकसान न हो क्योंकि घर में भी आप अगर सही तरीके से चलोगे तो बरकतें ही बरकतें और तन, मन, धन से आप सेवा कर पाओगे। </strong></span><br /><strong>11.    22.1.2026 का प्रण: जितना हो सके अपना काम स्वयं करेंगे। </strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि हम तो शुरू से ही अपने सभी काम स्वयं करते हैं। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>12.    24.1.2026 का प्रण: घर में खाना व डेरे में लंगर सुमिरन करते हुए बनाएंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन - अगर आप ऐसा कर लो तो वारे न्यारे हो जाएंगे। यह बहुत बड़ी बात है आप जरूर करना। भगवान करे उसमें बरकत आए, आप में क्रोध कम हो जाए, टैंशन कम हो जाए जो नाक चढ़ा रहता है वो लैवल पर आ जाए यानि जिसके गुस्सा नाक पर रहता है नाक से उड़ जाए।</strong></span><br /><strong>13.    25.1.2026 का प्रण: खुद का मन सेवा-सुमिरन में लगाएंगे व अगर किसी दूसरे का मन हावी है तो उसकी गलतफहमियां दूर करके मालिक से जोड़ने की कोशिश करेंगे।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया आशीर्वाद! मालिक आपको खुशियों से नवाजे। एक बिछुडे़ को माँ से मिलाने जैसा कोई और पुण्य नहीं है। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>14.    29.1.2026 का प्रण: किसी भी बात पर तुरन्त गुस्से में रिएक्ट नहीं करेंगे । धैर्य से जवाब देंगे। </strong></span><br /><strong>15.    30.1.2026 का प्रण: सेवा बढ़-चढ़कर करेंगे । सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।</strong><br /><strong>वचन- जोर-शोर से सेवा करना भगवान मेवा देगा। घर-परिवार में खुशियाँ आएंगी और काम-धन्धे में तरक्की होगी। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>16.    31.1.2026 का प्रण: कभी ये नहीं सोचेंगे कि मैंने बहुत काम कर लिया, मैं थक गया बल्कि ये सोचेंगे कि अभी तो और काम करना है ताकि कभी थकावट ही न आए।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन - प्रण पर अमल करना। कई लोगों की आदत है यहाँ मजलिस से उठते ही ऐसा कहने की। कई तो बैठे-बैठे ठण्ड से जुड़ जाते हैं। अभी पता चल जाएगा कि कितना अमल करते हो। मजलिस से उठते वक्त यह कहो कि अहा! मजा आ रहा है। अपने आपको अभी से बदलना होगा। बुल्ले शाह वाली बात ही याद आती है कि ‘‘मन दा की समझौना, इधरों पुट्ट के, उधर लौणा।’’ हमेशा पॉजिटिव रहो। </strong></span><br /><strong>17.    4.2.2026 का प्रण: कोई भी नेक कार्य के लिए टालमटोल नहीं करेंगे, काम समय पर तुरंत करेंगे। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>18. 5.2.2026 का प्रण: जब भी परिवार में कोई हम पर गुस्सा करे तो हम उल्टा उस पर गुस्सा होने की बजाए प्यार से दीनता से हाथ जोड़कर नारा बोलेंगे। </strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- अगर आप ऐसे गुस्सा कर बैेठे, कोई बात नहीं जैसे ही आप पर कोई गुस्सा होना शुरू हुआ और आपने कहा, ‘‘धन-धन सतगुरू तेरा ही आसरा’’ हो सकता है इससे सामने वाले का गुस्सा ही टल जाए। </strong></span><br /><strong>19.    6.2.2026 का प्रण: बच्चों को समझाने के लिए खुद उदाहरण बनकर पेश आएंगे।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>20.    8.2.2026 का प्रण: अगर कोई हमें हमारी गलती बताता है तो हम उसका बुरा नहीं मानेंगे बल्कि गलती को सुधारेंगे। </strong></span><br /><strong>21.    27.5.2026 का प्रण: जब भी एक-दूसरे को मिलेंगे तो उनसे ‘‘सेवा-सुमिरन व मालिक से प्यार कैसा है?’’ जरूर पूछेंगे।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि अगर आप ऐसा पूछोगे तो दूसरे को बताने के लिए आप खुद भी सुमिरन करने लगोगे। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>22. 28.5.2026 का प्रण: अगर किसी अति जरूरतमंद गरीब को उधार दिया है, तो पैसा वापिस लेते समय, ब्याज छोड़कर सिर्फ मूल धन वापिस लेंगे ताकि उस पर बोझ न पड़े।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि लगभग 1974-75 में पूज्य बापू जी और हमने सूरांवाली गाँव के एक गरीब परिवार की लड़की की शादी में 200 रुपये की आर्थिक मदद की जो उनके वापिस करने पर भी हमने नहीं लिए।</strong></span><br /><strong>23. 29.5.2026 का प्रण: सेवा के दौरान ड्यूटी ठोक कर देंगे। गुस्सा नहीं करेंगे, मीठा बोलेंगे। अकड़ूचंद, मकड़ूनाथ, आगड़े व बाघड़े नहीं बनेंगे।</strong><br /><strong>वचन - पूज्य पिता जी ने फरमाया अब सभी खासकर बच्चे इन सेवादारों को इस तरह देखेंगे कि हां, ये वो हैं यानि आगड़े, बाघड़े हैं या फिर अकड़ूचंद, मकड़ूनाथ हैं।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>24. 30.5.2026 का प्रण: पक्षियों के लिए दाना व पानी के कसोरे रखेंगे व उसमें नियमित पानी डाला करेंगे। </strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया, यह बहुत दया भावना का काम है। हमने भी तेरावास में 36 कसोरे रखवाए हैं। </strong></span><br /><strong>25. 31.5.2026 का प्रण: जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो, नामचर्चा सत्संग में एक-दूसरे से बात नहीं करेंगे। चुप रहकर अनमोन वचन व शब्दवाणी सुनेंगे।</strong><br /><strong>वचन- सत्संग में चुपचाप बैठकर सत्संग सुनोगे तो बहुत कुछ प्राप्त करोगे।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>26. 2.6.2026 का प्रण: वॉकिंग व रनिंग करते समय साथ-साथ सुमिरन करेंगे। </strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया - पुण्य का पुण्य साथ में फलियाँ। एक्सरसाइज भी हो जाएगी और सुमिरन भी बनेगा। </strong></span><br /><strong>27. 4.6.2026 का प्रण: हम डेरे के आॅफिशियल चैनलों को ही फॉलो करेंगे। डेरे व अन्य  नाम से बने फेक पेज व चैनल को अनफॉलो करेंगे व उनकी जानकारी को किसी से शेयर नहीं करेंगे। </strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया फोलो करते ही सत्संग जैसी खुशियों का अहसास आपको होना शुरू हो जाएगा। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>28. 6.6.2026 का प्रण: दूसरों को सलाह देने से पहले खुद नेक-अच्छे कर्म करेंगे व उदाहरण बनेंगे। </strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन - पूज्य पिता जी ने फरमाया जरूरत पड़े तो सलाह भी जरूर देनी चाहिए अगर आपको तजुर्बा है। हम तो आपको सलाह देते ही रहते हैं। आप कितनी मानते हो आप पर डिपैन्ड है। जहाँ जरूरी हो वहाँ सलाह दे भी सकते हो।</strong></span><br /><strong>29. 7.6.2026 का प्रण: जिस तरह रोज सुबह बाहर की सफाई करते हैं उसी तरह रोज रात को दिल की सफाई करेंगे। अगर किसी ने हमारे साथ बुरा किया है तो उसे भुलाकर हर रोज नया दिन शुरू करेंगे। </strong><br /><strong>वचन - पूज्य पिता जी ने फरमाया एक बच्चे ने शेयर सुनाया था - ‘‘मैंने आप जी का वचन मानकर किसी से माफी माँगी और किसी को माफ कर दिया। वाह! मालिक यह तो आप जी ने मेरी जिन्दगी को बड़ा आसान कर दिया।।’’</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>30. 11.6.2026 का प्रण: आपस में कितनी भी बड़ी बात क्यों न हो जाए, एक दूसरे को नारा जरूर लगाएंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong> वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि नारा लगाना चाहिए। एक-दूसरे को मिलते हुए जो पहले नारा लगाता है सतगुरु का मुँह उसकी तरफ होता है सो नारा जरूर लगाया करो। मालिक आपको खुशियाँ दें। नारे की खुशियाँ अलग से मिलें। </strong></span><br /><strong>31.12.6.2026 का प्रण: सत्संग-सेवा-सुमिरन (SSS) का सिम कार्ड यूज करते हुए मन का मुकाबला करेंगे।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया मालिक आपके घर व शरीर में खुशियाँ और नई ऊर्जा दे।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>32. 14.6.2026 का प्रण: थैलीसीमिया के मरीजों के लिए जरूरत के अनुसार जहाँ भी जरूरत होगी नियमित रूप से ब्लड डोनेट करेंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया कि खूनदान महादान। किसी भी बीमार की सहायता करने से मालिक खुशियों से लबालब कर देता है।</strong></span><br /><strong>33. 16.6.2026 का प्रण: हम ए आई टैक्नॉलॉजी व सोशल मीडिया का इस्तेमाल शिक्षा, जागरुकता व समाज कल्याण के लिए करेंगे, ना कि किसी को नुकसान पहुँचाने व गुमराह करने के लिए।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया मालिक आपके ध्यान को और बढ़ाए, आप तरक्की करें।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>34.17.6.2026 का प्रण: सुखदुआ समाज को सम्मान देंगे तथा उनको कोई अशोभनीय शब्द नहीं कहेंगे।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong> वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया सुखदुआ समाज भी गालियाँ या ऐसी चीज नहीं देगा आप भी सुखदुआ समाज के लोगों को गालियाँ नहीं देंगे, अशोभनीय शब्द नहीं कहेंगे। परिवार जहाँ वो जाते हैं वो भी गलत न बोलें और जाने वाले भी उनको गलत न बोलें।</strong></span><br /><strong>35.19.6.2026 का प्रण: किसी भी नेक कार्य के लिए ‘‘मैं कर नहीं सकता’’ कभी नहीं बोलेंगे। ‘‘मैं कर लूंगा, करके छोड़ूंगा’’ ये शब्द बोलेंगे। नैगेटिविटी छोड़कर जुनून से आगे बढ़ेंगे। </strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>36. 20.6.2026 का प्रण: दुनिया की तरफ से अंधे, बहरे, गूंगे होकर सच्चे मुरीद बनकर रहेंगे। सतगुरु जो दिखाए वो देखेंगे, जो सुनाए वो सुनेंगे, जो बुलाए वो बोलेंगे। </strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया आप यह प्रण नारा लगाकर करते हो तो मालिक आपको जल्दी से जल्दी वह खुशियाँ जो पूर्ण मुरीद को मिलती हैं, आपकी झोली में भी डाले।</strong></span><br /><strong>37. 21.6.2026 का प्रण: हमेशा स्टूडैंट बने रहेंगे। दूसरों से गलत आदतें ग्रहण नहीं करेंगे बल्कि अच्छे गुणों को अपनाएंगे।</strong><br /><strong>वचन- पूज्य पिता जी ने फरमाया आपके अंदर मालिक के दर्शनों का गुण एड हो जाए, नूरानी दर्शन या सादे दर्शन कोई भी।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>38. 24-6-2026 का प्रण: हर दिन सुमिरन से पहले सतगुरु की तंदरुस्ती व डेरे की तरक्की के बारे में अरदास करेंगे।</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:08:26 +0530</pubDate>
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                <title> Dera Sacha Sauda All Welfare Works List: जानें, 176 मानवता भलाई कार्यों की लिस्ट</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/dera-sacha-sauda-all-welfare-works-list/article-86663"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/dera-sacha-sauda-all-welfare-works-list.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा व मार्गदर्शन में डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के कार्य | Dera Sacha Sauda All Welfare Works List</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1. शुभदेवी:- वेश्यावृत्ति में फंसी युवतियों को गुरू जी द्वारा बेटी बनाना, उनका ईलाज करवाना और शादी करके समाज की मुख्य धारा में लाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>2. सुखदुआ:-किन्नरों (हिजड़ों) को सुखदुआ समाज का नाम देकर उनको अपनाना व समाज की मुख्य धारा में लाना</strong></span><br /><strong>3. नवजागृति:- (Back to Nature):-समलैंगिक लोगों का इलाज करवाना व उन्हें जायज रिश्ते अपनाने की नसीहत देना।</strong><br /><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">4. GFB गुरु फादर बेटियां:- भू्रण हत्या व लिंग भेद पर रोक लगाना। इसी उद्देश्य से पूज्य गुरूजी ने ऐसी लड़कियां जिनको गर्भ में मार देना था, अपनाया व माँ-बाप की जगह खुद का नाम दिया।</span> <br /></strong><strong>5. GFB गुरु फादर बेटे  :- अनाथ- बेसहारा लड़कों को अपनाना, उन्हें शिक्षा देकर आत्म निर्भर बनाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>6. निरोग पथ:- कुष्ठ रोगियों को आश्रय देकर उनका इलाज करवाना, उन्हे आत्मनिर्भर बनाना।</strong></span><br /><strong>7. दीपदान:- निसंतान दंपत्तियों को बच्चे गोद दिलवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>8. साथी:- विकलांगों को कृत्रिम अंग व व्हील चेयर देना।</strong></span><br /><strong>9. इंसानियत:- दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाकर यथा संभव सहायता करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>10. न्यू लाइफ:- गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज करवाना।</strong></span><br /><strong>11. ट्रयू लाइफ:- आवारा, मानसिक एवं शारीरिक विकलांगों की यथा संभव सहायता करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>12. ट्रयू ब्लड पंप:- नियमित रूप से खूनदान करना।</strong></span><br /><strong>13. अमर सेवा:- चिकित्सा व शोध कार्यों के लिए मरणोंपरांत शरीरदान।</strong><br /><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">14. ज्योति दान:- मरणोंपरांत नेत्रदान।</span></strong><br /><strong>15. नन्हा फरिश्ता:- आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित शाह सतनाम जी मोबाइल अस्पताल द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>16. दिव्य ज्योति:- आंखों के नि:शुल्क कैंप लगाकर मरीजों के आप्रेशन, दवा व खानपान का मुफ्त प्रबंध करना ।</strong></span><br /><strong>17. जन कल्याण:- जन कल्याण परमार्थी शिविर लगाकर विशेषज्ञ डाक्टरों द्वारा मरीजों का फ्री ईलाज करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>18. ट्रयू हैप्पी:- हृदय रोगों की मुफ्त जांच व रोकथाम के उपाय बताना।</strong></span><br /><strong>19. आयुर्वेद संजीवनी:- आयुर्वेदिक नुस्खों व योग पद्धति द्वारा बीमारियों का इलाज करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>20. देव चरित्र:- मांसाहार त्यागने व शाकाहार अपनाने की प्रेरणा देना।</strong></span><br /><strong>21. सभ्य इन्सां:- आदिवासियों को सभ्य रहन-सहन, शिक्षा व रोजगार देकर समाज की मुख्यधारा में लाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>22. हैल्दी लाइफ:- बिना दवाई के नशों से छुटकारा दिलवाना।</strong></span><br /><strong>23. जीव सुरक्षा:- जीव हत्या पर रोक लगाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>24. रूहानी चरित्र:- रूहानी सत्संग द्वारा लोगों का चरित्र निर्माण करना।</strong></span><br /><strong>25. आशीर्वाद- गरीब की शादी में आर्थिक मदद करना।</strong><br /><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">26. सच्ची शिक्षा:- आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता करना।</span></strong><br /><strong>27. आशियाना:- लाचार, बेसहारा लोगों व गरीब विधवाओं को मकान बनाकर देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>28. फूड बैंक:- फूड बैंक द्वारा दीन दुखियों को मुुफ्त राशन प्रदान करना।</strong></span><br /><strong>29. स्वच्छता अभियान:- सफाई अभियानों द्वारा लोगों को प्रदूषण व बीमारियों से बचाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>30. नेचर कैम्पेन :-पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधे लगाना।</strong></span><br /><strong>31. रक्षा:- किसानों को पराली जलाने की बजाय गौशालाओं में चारे हेतु भेजने की प्रेरणा देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>32. जलजाँ:- जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना।</strong></span><br /><strong>33. जीव सुरक्षा:- आवारा व बीमार पशु पक्षियों का इलाज करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>34. क्लॉथ बैंक:- दीन दुखियों व लाचारों को मुफ्त कपडेÞ प्रदान करना।</strong></span><br /><strong>35. आत्म निर्भरता:- बेरोजगारों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>36. तकनीकी खेती:- (टैक्निकल फार्मिंग) बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने व कम पानी से अधिक पैदावार के लिए किसानों को नई-नई तकनीक सिखाना।</strong></span><br /><strong>37. पक्षियोंद्धार:- पक्षियों के लिए घरों की छत पर दाना (चोगा) व पानी की व्यवस्था करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>38. सहमति:- पारिवारिक विवादों का आपसी सहमति से निपटारा करवाना।</strong></span><br /><strong>39. आत्म सम्मान:- महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई व अन्य व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र खोलना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>40. सर्वधर्म संगम:- धर्म, जाति आदि सभी भेदभाव मिटाकर भाईचारा कायम करना।</strong></span><br /><strong>41. आपदा प्रबंधन:- आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>42. अभिशाप मुक्ति:- दहेज प्रथा रोकना।</strong></span><br /><strong>43. सुरीति:-लोगों को पाखंड, अंधविश्वास से दूर करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>44. गर्भ पवित्र:-गर्भवती महिलाओं को सत्संग सुनने, भजन सुमिरन करने, योद्धा शूरवीरों की कहानियां पढ़ने व सुनने के लिए प्रेरित करना।</strong></span><br /><strong>45. स्वस्थ-मस्त:-खेलों द्वारा युवाओं को बुराइयों से दूर करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>46. ज्ञान कली :-लड़कियों की शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना।</strong></span><br /><strong>47. आपदा मुक्ति:-बाढ़, भूकंप, बर्फवारी, सूखा इत्यादि प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत पहुंचाना और पुर्नवास करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>48. रू-ब-रू:-विवाह योग्य सत्संगी लड़के लड़कियों की शादी करवाना।</strong></span><br /><strong>49. मदद:-चौबीस घंटे एंबुलैंस की सुविधा प्रदान करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>50. अग्नि रक्षक:-फायर बिग्रेड सेवा उपलब्ध करवाना।</strong></span><br /><strong>51. अनोखी पहल:-जन्म, मृत्यु, विवाह आदि अवसरों पर फिजूल खर्च को रोककर मानवता भलाई में पैसा खर्च करने के  लिए प्रेरित करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>52. मोक्ष शांति:-लोगों को गुरूमंत्र (ईश्वर भक्ति का तरीका) द्वारा तनाव मुक्त जीवन जीने का रास्ता दिखाना और जन्म मरण से मुक्ति दिलाना।</strong></span><br /><strong>53. आत्मरक्षा:-आत्म हत्या महापाप है। राम नाम द्वारा आत्मबल बढ़ाकर इसे रोकने की प्रेरणा देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>54. सच्ची राह :-भ्रष्टाचार, लूटपाट आदि बुराइयों को समाप्त कर ईमानदारी जैसे सद्गुणों को पुनर्जीवित करना।</strong></span><br /><strong>55. सही दिशा:-बाल विवाह रोकना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>56. बाल रक्षक:-बाल मजदूरी रोकना।</strong></span><br /><strong>57. मुफ्त हक:-मुफ्त कानूनी सलाह उपलब्ध करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>58. इंसानी चरित्र:-अश्लीलता रोकने और सत्संग, आध्यात्मिक साहित्य व संगीत पढ़ने सुनने की प्रेरणा देना।</strong></span><br /><strong>59. कायाकल्प:-बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलवाना व पोलियो कैंप द्वारा मरीजों के मुफ्त आप्रेशन करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>60. प्याऊ: सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था करना।</strong></span><br /><strong>61. जीवन आशा:-कम उम्र की विधवाओं की शादी करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>62. एकम सुखम:-जनसंख्या नियंत्रण हेतु एक ही बच्चे के लिए प्रेरित करना।</strong></span><br /><strong>63. नई सुबह:-तलाकशुदा युवतियों की शादी करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>64. विरासत संभाल:- देश सेवा के दौरान अपंग हुए सैनिक या शहीद सैनिकों के परिवारजनों की यथा संभव सहायता करना।</strong></span><br /><strong>65. राष्ट्र का श्रृंगार :- स्वतंत्रता सैनानियों की सहायता करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>66. सच्ची प्रेरणा:-कभी भी रिश्वत न लेने व न देने के लिए लिखित में प्रण करवाना।</strong></span><br /><strong>67. महादान दिल:-मरणोंपरांत दिल दान के लिए लिखित में प्रण करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>68. महादान गुर्दा:-कानून के मुताबिक जीते जी व मरणोंपरांत गुदार्दान के लिए पे्ररित करना।</strong></span><br /><strong>69. आदिवासी विवाह:-आदिवासियों को रूढ़ीवादी परम्पराओं से हटाकर सभ्य तरीके से विवाह करवाना व उन्हें जरूरत का सामान देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>70. एड्स जागरूकता:- एड्स से रोकथाम व बचाव हेतु जागरूक करना।</strong></span><br /><strong>71. अनाथ वृद्ध आश्रम का निर्माण।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>72. AWARE – Accumulate black money and Wealth And Redirect to Empower the poor and needy <br />देश व देश के बाहर जमा काला धन, दीन दुखियों की मदद में लगाने हेतु जनता को जागरूक करना।</strong></span><br /><strong>नोट:- साध संगत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री महोदय से अनुरोध करती है कि कोई ऐसा फंड बनाएं जिसमें काला धन जमा करवाया जाए और दीन दुखियों की मदद में लगाया जाए।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>73. कुल का क्राउन :- लड़के से ही वंश चलता है, इस भ्रम को दूर करना ,इस मुहीम के तहत लड़की शादी करके दुल्हा घर लाएगी व लड़की से वंश चलेगा।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>74. लज्जा रक्षा:- बेसहारा औरतों को सहारा देना।</strong></span><br /><strong>75. कदम से कदम :- गुणवान विकलांगों की शादी करवाना और उनको रोजगार दिलवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>76. अपनों का सहारा:- झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर सुधारना।</strong></span><br /><strong>77. एक प्रयास:-स्कूल, कॉलेजों में चरित्र निर्माण हेतु नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>78. सहारा ए जीवन:-निशक्त लोगों तक सरकार द्वारा प्रदान सुविधाएं पहुंचाना।</strong></span><br /><strong>79. सशक्त नारी:-लड़कियों को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>80. स्माइल आॅन इनोसेंट फेस:- गरीब बच्चों के लिए मुफ्त बुक बैंक व ट्वॉय बैंक खोलना।</strong></span><br /><strong>81. ऊर्जा संरक्षण:-बिजली बचत के लिए प्रेरित करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>82. बाय-बाय इथिन:- पॉलीथिन का प्रयोग बंद कर कपडे व कागज के थैलों को बढ़ावा देना।</strong></span><br /><strong>83. सेव द टिनी हार्डशिप:- बाल श्रम (चाईल्ड लेबर) छुड़वाकर, शिक्षा द्वारा आत्म निर्भर बनाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>84. गेट लाइट इन डार्क :- जेलों में कैदियों की जिंदगी सुधारना व अल्लाह, राम से जोड़ना।</strong></span><br /><strong>85. परिश्रम से खाओ:- जुआ व सट्टे को खत्म करने के लिए मुहिम चलाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>86. मदद-ए-इन्सानियत:- आतंकवाद पीड़ित परिवारों की मदद करना।</strong></span><br /><strong>87. मेहनत नियामत:- भिखारियों को मेहनत करना सिखाकर उन्हें आत्म निर्भर बनाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>88. रोशनी की राह:- अंधे व गूंगे बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करवाना।</strong></span><br /><strong>89. इंसानियत:-सार्वजनिक स्थानों पर घूमते पागल/मंदबुद्धि लोगों का इलाज करवाना व पता करके उनके घर पहुंचाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>90. बंद कत्लेआम:- कानूनी कार्यवाही से बुचड़खाने बंद करवाना।</strong></span><br /><strong>91. प्रदूषण मुक्त:-फसलों के अवशेषों को जलाने की बजाय खाद व तूड़ी बनाकर प्रदूषण रोकने के लिए प्रेरित करना ।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>92. जननी सत्कार:-गरीब गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार देना व इलाज करवाना।</strong></span><br /><strong>93. नई जीवनधारा :- लोगों को चिंतामुक्त करने के लिए उन्हें राम नाम से जोड़कर उनकी पॉजीटिव सोच बनाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>94. जननी-शिशु सुरक्षा:- गरीब जच्चा-बच्चा का भरण-पोषण करना।</strong></span><br /><strong>95. शैतानियत बंद:- बच्चों के बेचने के व्यापार को रोकना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>96. बचाओ संस्कृति:- वेश्यावृत्ति के कोठों को कानूनी तौर पर बंद करवाना।</strong></span><br /><strong>97. नई किरण:-विधवा बहु को बेटी बनाकर शादी करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>98. गैरत-ए-इंसानियत:-लड़के लड़कियों को आपस में छेड़खानी व झूठे इल्जाम न लगाने के लिए लिखित में प्रण करवाना।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>99. सर्वश्रेष्ठ कर्तव्य:- मां बाप का सम्मान करना और बुढ़ापे में उनका सहारा बनना।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>100. मदार्नी भक्त वीरांगना:- शादी के लायक विकलांग लड़कों के साथ आत्मनिर्भर लड़कियों को शादी करने के लिए प्रेरित करना।</strong></span><br /><strong>101. माँ-बेटा सम्भाल:- नि:शुल्क कैंप लगाकर गर्भवती महिला व उसके होने वाले बच्चे के लिए स्वस्थ संभाल व विकास के लिए जानकारी व दवाइयां प्रदान करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>102. अस्थियों से परोपकार:- मानव अस्थि अवशेषों  पर पौधे  लगाकर पर्यावरण  को प्रदूषण मुक्त बनाना।</strong></span><br /><strong>103. सेफ रोडस, सेफ लाइफ:- सड़क पर गिरे हुए पेड़ों और मरे हुए जानवरों को हटाना ताकि कोई दुर्घटना न हो।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>104. भक्त वीरांगना-ए-गाजी:- सक्षम लड़कियों की  विधुर लड़कों से शादी करवाना ।</strong></span><br /><strong>105. उड़ान आत्मबल की:- रंजिशवश जिन लड़कियों पर तेजाब डाला जाता है उनका ईलाज करवाना व उनकी शादियां करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>106. उम्मीद से भी आगे :- बलात्कार पीड़ित महिलाओं का ईलाज करवाना और उनकी शादियां भक्तयोद्धा से करवाना।</strong></span><br /><strong>107. बेगम सफर :- शारीरिक  रूप से अपंग, फुलवैरी, हकलाने जैसी समस्याओं से ग्रस्त लड़कियों की शादी भक्त योद्धाओं से करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>108. अन्नदाता बचाओ मुहिम:- खेतीबाड़ी के साइंटिस्टों द्वारा किसानों को खेतीबाड़ी की पूरी जानकारी दिलवाना व  उनकी समस्याओं का हल समझाना  ताकि वे आत्महत्या की बात न ही सोचें।</strong></span><br /><strong>109. तनाव-मुक्ति मुहिम :- मानसिक तनाव से ग्रस्त लोगों के लिए कैम्प लगाकर इलाज करवाना ताकि वे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसा अपराध न करें।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>110. स्वास्थ्य जागरूकता अभियान :- नॉन स्टिक व ऐल्युमिनियम के बर्तनों का प्रयोग न करना और इसके बारे में लोगों को शिक्षा देना व जागरूक करना, ताकि इससे होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।</strong></span><br /><strong>111. स्किन बैंक :- स्किन बैंक में डैड बॉडी की स्किन को दान करना ताकि  उससे ऐसिड पीड़ित या आग से हुई दुर्घटना के पीड़ितों का ईलाज हो सके।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>112. स्वस्थ वंश परम्परा :- शादी तय करने से पहले लड़का व लड़की के ब्लड की डाक्टर की सलाह के अनुसार जाँच करवाना ताकि होने वाली संतान स्वस्थ पैदा हो।</strong></span><br /><strong>113. देश भक्ति :- सरकार से परमिशन लेकर तथा सरकार व प्रशासन के साथ मिलकर सरकारी ईमारतों, दीवारों का रंग रोगन, साफ-सफाई व संभाल करना ।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>114. स्वच्छ समाज:- गरीब परिवार जो अपने घर में शौचालय नहीं बना सकते, उनके घरों में शौचालय बनाना ।</strong></span><br /><strong>115. राहत-ए-इन्सानियत:- उन बेसहारा बच्चों व बुजुर्गों को गोद लेकर संभाल करना जिनके परिवारजन किसी एक्सीडेंट में या देश सेवा के दौरान शहीद हो गए।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>116. बेसहारों का रैन-बसेरा:- अपंग, अंगहीन ,बेसहारा सर्दी में ठिठुरते लोगों को रैन-बसेरा में पहुंचाना ।</strong></span><br /><strong>117. करियर गाईड:- करियर काउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को अच्छे करियर का चुनाव करने के लिए गाइड करना ।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>118. विद्या दान:- गरीब बच्चों को मुफ्त कोचिंग देना ।</strong></span><br /><strong>119. भाईचारे की भावना:- सम्पन्न (अमीर) लोगों को सरकार द्वारा विभिन्न चीजों पर दी जाने वाली सब्सिडी न लेंने के लिए प्रेरित करना ताकि देश आर्थिक तौर पर मजबूत हो व गरीब इसका फायदा उठा सकें।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>120. जज्बा-ए-भक्त:- भक्त योद्धाओं की विकलांग लड़कियों के साथ शादी करवाना।</strong></span><br /><strong>121. सेवार्थ में बढ़ते कदम:- मानवता भलाई के लिए रोजाना कम से कम एक रूपया निकालना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>122. रूहानी कोंपल:- छोटे बच्चों को जेब खर्च के लिए दस, बीस, पचास या सौ रुपए का लालच देकर सुमिरन की आदत डालना ताकि उनके अंदर अच्छे विचार पैदा हों व गलत आदतें खत्म हों।</strong></span><br /><strong>123. DEPTH (Drug Eradication Pan India Through Health and meditation) नशा मुक्त समाज:-अपने-अपने ब्लॉकों के सभी गांवों व शहरों को नशा मुक्त करने के लिए अभियान चलाना ।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>124. SAFE ( Simple healthy diet After quitting drugs for Faster recovery based on Electrolyte and protein) नशा छोड़ने वाले को प्रोटीन, विटामिन, इसबगोल इत्यादि से भरपूर खुराक देना ताकि वह जल्दी स्वस्थ हो सके l</strong></span><br /><strong>125. भरोसे का सहारा:- जो नौजवान लड़के-लड़कियां घर से भाग जाते हैं, उन्हें व उनके परिवार को समझाकर विवाह बंधन के द्वारा समाज में पुनर्स्थापित  करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>126. PROTECT- (Providing safety by applying Reflectors on the horns Of the animals To improve visibility Ensuring Collision-free Travel on roads at night)<br />आवारा पशुओं के सींगों पर रिफ्लैक्टर लगाना:- आवारा पशुओं के सींगों पर रिफ्लेक्टर लगाना, ताकि अंधेरे में घूमते पशुओं से होने वाले एक्सीडेंट से बचा जा सके ।</strong></span><br /><strong>127. सट्टा घर पट्टा:- सट्टेबाजी से दूर रहना व दूसरों को इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>128. चाईनिज उत्पादों का बहिष्कार:- चाईनिज उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाना ।</strong></span><br /><strong>129. शेर-ए-हिन्द को सैल्यूट:- देश के रक्षक, सरहद पर तैनात सेना के जवानों  की यथा-संभव मदद करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>130. आत्मरक्षा प्रशिक्षण:- महिलाओं के साथ अपराध रोकने के लिए लड़कियों को  जूडो, ताईक्वांडो व मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देना।</strong></span><br /><strong>131. मोबाईल वैल्फेयर वर्क : मोबाइल वैन द्वारा  गाँव गाँव जाकर गरीब बच्चों को मुफ्त किताबें व खिलौने बांटना। फ्री चिकित्सीय जांच व ईलाज करवाना । नेट  बैकिंग , कुकिंग आदि सिखाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>132. काऊ मिल्क पार्टी:- पार्टियों में शराब व कबाब की बजाय गाय के दूध व उससे बने उत्पादों का इस्तेमाल करके गऊ माता के सम्मान को बढ़ाना।</strong></span><br /><strong>133. शुभकामना:- बीमार का हाल-चाल पूछने जाते समय फलों के साथ-साथ शगुन की तरह उनकी आर्थिक मदद के लिए रूपये देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>134. A Blessing for life:- गरीब, पढ़ने में असमर्थ बच्चों को स्कूल में दाखिला करवाकर जन्म दिन मनाना।</strong></span><br /><strong>135. Care for Air– प्रदूषण नहीं फैलाना व फैलने से भी रोकना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>136. छोटा परिवार खुशियां अपार- हम दो हमारे दो या हम दोनों एक, हमारा एक का प्रण करवाना ।</strong></span><br /><strong>137. सतर्क रहिए स्वस्थ रहिए- कोरोना वैक्सीन लगवाना व दूसरों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>138. मेरा आपका सुरक्षा कवच- मास्क लगाना , लगवाना  व जरूरतमंदों को मास्क फ्री में देना ।</strong></span><br /><strong>139. Care for Innnocent:- गरीब व अनाथ छोटे बच्चे, जो बीमार हैं उनका इलाज करवाना व खाने का सामान देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>140. अनाथ मातृ-पितृ सेवा- अनाथ बेसहारा बुजुर्गों की सम्भाल करना।</strong></span><br /><strong>141. संस्कृति कोर- खाना खाने से पहले पशु-पक्षियों व जीव-जन्तुओं के लिए रोटी निकालना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>142. CLEAN- (Commissioning the mobile Lavatories on the roadsides of the big cities Eliminating open defecation And Nurturing a clean environment) <br />स्वच्छ भारत मिशन के तहत  महानगरों व बड़ी सड़कों के किनारे मोबाइल शौचालय लगाना।</strong></span><br /><strong>143. हर घर तिरंगा- अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराना और तिरंगे की आन-बान-शान के लिए प्रतिबद्ध रहना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>144. Sharing is Caring – त्यौहारों पर गरीब, जरूरतमंद बच्चों को कपड़े पहनाना, अपंग-अंगहीन को खाना देना, गरीब बीमार का इलाज करवाना, गर्भवति महिलाओं व कुपोषित बच्चों को पौष्टिक भोजन देना, पेड़-पौधे लगाना इत्यादि।</strong></span><br /><strong>145. अपनी गाड़ियों को प्रदूषण रहित रखना और औरों को भी इसके लिए प्रेरित करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>146. FLAME- (Fixing Life and Air by Lighting oil lamps Aimed at Making Environment clean)  प्रतिदिन सुबह शाम अपने घरों में घी या तेल के दिये जलाकर वातारवरण शुद्ध करना।</strong></span><br /><strong>147. SEED- (Social and Spiritual self life Enrichment and Enhancement with Digital fasting) रिश्तों का पुन: रोपण- प्रतिदिन दो घंटे सांय 7 बजे से 9 बजे तक मोबाइल फोन व टी.वी. इत्यादि से दूर रहकर घर-परिवार को समय देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>148. VISION – नेत्रहीनों को Exam Helper उपलब्ध करवाना।</strong></span><br /><strong>149. CARE ( Care of the people in Age old homes Regularily Every month: महीने में एक दिन (अंतिम शनिवार) अपने परिवार सहित अनाथ बुजुर्गों से मिलना और उनकी खान-पान और रहन-सहन से जुड़ी कमियों को भी दूर करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>150 BLESS (Blessing and Love from Elders by touching their feet at Sunrise, before Starting थे day): भारतीय संस्कृति को जिंदा रखने और खुशहाल जिन्दगी के लिए सुबह उठते ही माता-पिता व बड़ों के चरण स्पर्श करने व बड़ों ने अपने से छोटों को आशीर्वाद देना, इस प्रकार दिन की शुरूआत करना l</strong></span><br /><strong>151 TEAM (Together Eating A Meal with family): परिवार में खुशहाली बनी रहे, इसके लिए रोज नहीं तो कम से कम हफ्ते में एक दिन जरूर सारे परिवार द्वारा इक्ट्ठा बैठकर खाना खाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>152. DROP (Drinking Water provided in Rural and poor areas On Public drinkers) : गरीब बस्तियों में स्वच्छ पानी पीने के लिए वाटर फील्टर लगवा कर देना।</strong></span><br /><strong>153. AID- Aiding poor children with the facilities Including education, food and Dresses until they become self reliant<br />गरीब बच्चों की उनके आत्म-निर्भर होने तक पढ़ाई, खान-पान व कपड़ों आदि की जरूरतों को पूरा करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>154. BIRTH (Be proud In taking the Responsibility To control High population rate) शादी के समय जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रण करना- बच्चा एक ही सही दो के बाद नहीं।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>155. PAID (Pay A day’s Income to support destitute) महीने में एक दिन की सैलरी या कमाई जरूरतमंदों की मदद करने  के लिए निकालना।</strong></span><br /><strong>156. FASTER (First Aid Services and Treatment for Emergency Response on roads) campaign वाहनों में फर्स्ट एड किट रखना ताकि रास्ते में मिले किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया जा सके।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>157 . उत्तम संस्कार-रोजाना या 7 दिन में 3 बार अपने बच्चों को मानवता व मानवता भलाई, सृष्टि की भलाई के बारे शिक्षा देना प्यार से समझाना।</strong></span><br /><strong>158. Tree Campaign-‘Green’ (Growing trees Regularly Every year Equal to Number of Dr. MSG’s age) पूज्य गुरुजी के <span style="color:rgb(186,55,42);">56वें अवतार दिवस 15 अगस्त 2023 को 56 पौधे लगाएंगे और हर साल पौधों की गिनती एक-एक कर बढ़ाते जाना।</span></strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>159. CYCLE (Caring for your health by Cycling and Lessening Earth pollution)- स्वस्थ रहने व प्रदूषण को कम करने के लिए आस-पास जाना हुआ तो गाड़ी की बजाय साइकिल या पैदल जाएंगे।</strong></span><br /><strong>160. DONATE –(Delivering free medical treatment to Thalassemia patients at Shah Satnam Ji Speciality Hospitals Obliging their Need by Aiding with Transfusion Every time) <br />थैलेसिमिया पीड़ित मरीजों का शाह सतनाम जी सुपर स्पैशलिटी अस्पताल सरसा में मुफ्त इलाज करवाना और रक्तदान करवाना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>161. सहारा-ए-इन्सां- जिन गरीब परिवारों के मुखिया या इकलौते बच्चे की नशीले पदार्थों की लत से मृत्यु हो गई है, उनकी मदद करना।</strong></span><br /><strong>162. Healthy Heart Campaign (हैल्दी हार्ट कैम्पैन) स्वस्थ हृदय के लिए नियमित चैकअप करवाते हुए मैडिटेशन व एक्सरसाईज करना। शुगर, फ्राइड व जंक फूड कम लेना। नशा व धूम्रपान बिल्कुल न करना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>163. पालतु संभाल: पशुओं को आवारा नहीं छोड़ना व पूरी संभाल करना।</strong></span><br /><strong>164. ADOPT –(Attending the elderly helpless persons with affection and be Dedicated towards the Obligations and Provide them resources Tenderly)<br />अनाथ, जरूरतमंद बुजुर्ग जो बेसहारा हैं, उनको गोद लेकर उनकी सेवा संभाल करना। जैसे तनख्वाह पर सेवादार रखना व जरूरतानुसार ब्लॉक के साथ मिलकर घर बना कर देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>165. COMPANION – (Compassionately Organize Meeting in old age homes Providing company, Attention and Natural Interaction with gender matched companions to Offer them Nurture and affection) <br />अनाथ वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों का अकेलापन दूर करने के लिए बुजुर्ग माताओं के पास मां बाप अपनी बेटी को व बुजुर्ग पुरूषों के पास बेटे को अपने साथ ले जाकर उनके साथ समय व्यतीत करना।</strong></span><br /><strong>166. TALENT – (Transforming the poor Aspiring students’ Life with Economic support to Navigate their Triumph to their goal) <br />असमर्थ परिवारों के होनहार बच्चे, जो कॉम्पीटिटिव एग्जाम की तैयारी करना चाहते हैं उनकी साध-संगत आर्थिक रूप से मदद करके कोचिंग दिलवाएगी, ताकि वे अच्छे ऑफिसर बनके देश की सेवा कर सकें।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>167. THINK -(Telling people to eat Healthy food to  Increase Natural immunity against many  Kinds of <br />cancer and heart diseases)<br />‘थिंक’- लोगों को स्वस्थ भोजन के बारे में बताना ताकि नैचुरल इम्यूनिटी बढ़े तथा कैंसर व दिल के रोग घटाए जा सकें।<br /></strong></span><strong>168. ASSIST- (Assisting Sewadars Suffering from Illness or hardship to Solve Their problems by sadh sangat collectively or individually)<br />अगर किसी प्रेमी जन या सेवादार को किसी दुख तकलीफ से गुजरना पड़ रहा है तो उसका आर्थिक व सामाजिक हर तरह से यथा सम्भव साथ देना।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>169. Rain Water Harvesting: घरों व खेतों में रसाबती पानी का यथा संभव संरक्षण करना व इसके लिए ट्रेनिंग देना।</strong></span><br /><strong>170. अपने खेत के कुछ एरिया में घने पेड़ लगाना ताकि वातावरण शुद्ध रहे।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>171. SUPPORT- (Supporting and Uplifting economically weak police Personnel, press reporters and socially committed Officers Providing Relief through donating blood, medical treatment and daughter’s marriage assistance Tending them as per Their need.)- आर्थिक तौर पर कमजोर, समाज का भला करने वाले आॅफिसर, पुलिस व पत्रकार उनकी यथा सम्भव मदद करना जैसे जरूरत पड़ने पर खूनदान, परिवार में कोई बीमार है तो इलाज में मदद, बेटियों की शादी में मदद इत्यादि।</strong></span><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>172. गऊ माता की झांकी- सरकार की परमिशन से गौचर भूमि को गऊओं की सेवा सम्भाल के लिए तैयार करना, उसमें चारा व पानी का प्रबंध करना, पेड़-पौधे, जंगल लगाना ताकि गर्मियों में गऊएं छाया में आराम व घूम फिर सकें।</strong></span><br /><strong>173 . REFLECT- (Ruminating on our Experiences For 5-10 minutes to look For shortcomings Everyday and Correct ourselves with meditation To achieve inner Peace.)-   कम से कम 5 से 10 मिनट अपने बारे में सोचना कि दिन-भर में मैंने क्या अच्छा कर्म किया व क्या बुरा किया। एक-एक करके अपनी कमियों को सुधारना तााकि आत्मिक शांति प्राप्त हो।</strong><br /><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>174. KISAN- (Keeping farmers updated with Information of the latest technology and Supporting Them with high quality seeds and access to water resources to Nullify their sufferings and suicide risk.)- आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों को अच्छी फसल लेने के लिए प्रशिक्षित करना, उनके खेतों में सिंचाई हेतु ट्यूब्वेल इत्यादि लगवाना व खेती के लिए उत्तम क्वालिटी के बीज देना ताकि वे आत्महत्या की ना सोचें।</strong></span><br /><strong>175. GUIDE- (Giving emotional support to depressed children using MSG’s Impressive teachings to Develop and Empower their self-belief.)-अगर कोई बच्चा डिप्रेशन में चला जाता है तो स्कूल-कॉलेज के बच्चों व साध-संगत की टीम बनाकर उन्हें पूज्य पिता जी के वचन सुनाकर डिप्रेशन से निकालना।<br /></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong><span style="font-size:20pt;line-height:107%;font-family:'4C Gandhi';">176</span></strong><strong><span style="font-size:18pt;line-height:107%;font-family:'4C Gandhi';">. </span></strong><strong><span lang="en-in" style="font-size:18pt;line-height:107%;font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="en-in">BLOOM- </span></strong><span lang="en-in" style="font-size:18pt;line-height:107%;font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="en-in">(Brightening lives of orphaned child labourers <br /></span><span lang="en-in" style="font-size:18pt;line-height:107%;font-family:'Times New Roman', serif;" xml:lang="en-in">in the blocks by managing their education)<br /></span>आपके ब्लॉक में अगर किसी अनाथ बच्चे से मजदूरी का कार्य करवाया जा रहा है, उसकी पढ़ाई लिखाई का इंतजाम करना।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>नोट:-उपरोक्त सभी कार्य देश के सविधान व कानून के अनुसार किए जाते हैं।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 11:18:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अशोक कुमार ठोबरिया वाले ने अपनी पौत्री का जन्मदिन इस अनूठे ढंग से मनाया, बन गया चर्चा का विषय</title>
                                    <description><![CDATA[पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर अमल करते हुए ऐलनाबाद निवासी डेरा सच्चा सौदा अनुयायी अशोक कुमार ठोबरिया वाले ने अपनी पौत्री शायरा, पुत्री गौरव इन्सां का जन्मदिन अनूठे और सेवा भाव से मनाया। उन्होंने इस विशेष अवसर पर पानी की छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा एवं स्वच्छ पानी पिलाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ashok-kumar-thobariya-celebrated-his-granddaughters-birthday-in-this-unique/article-86545"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/ellenabad-chhabil.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ऐलनाबाद। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर अमल करते हुए ऐलनाबाद निवासी डेरा सच्चा सौदा अनुयायी अशोक कुमार ठोबरिया वाले ने अपनी पौत्री शायरा, पुत्री गौरव इन्सां का जन्मदिन अनूठे और सेवा भाव से मनाया। उन्होंने इस विशेष अवसर पर पानी की छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा एवं स्वच्छ पानी पिलाया। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्य के दौरान बड़ी संख्या में राहगीरों ने छबील का लाभ उठाया। दिनभर चलाए गए इस अभियान में लोगों को ठंडा पानी वितरित कर मानवता और परोपकार का संदेश दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अशोक कुमार ने बताया कि पूज्य गुरु जी की शिक्षाएं समाजसेवा, मानव कल्याण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करती हैं। इसी भावना के तहत उन्होंने अपनी पौत्री का जन्मदिन सेवा कार्य के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि खुशियों को दूसरों के साथ बांटने से उनका महत्व और बढ़ जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी डेरा सच्चा सौदा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक और मानवीय कार्यों के माध्यम से विशेष अवसरों को मनाना समाज के लिए प्रेरणादायक है। छबील सेवा के दौरान श्रद्धालुओं और परिवार के सदस्यों ने भी सहयोग करते हुए मानवता भलाई का संदेश दिया। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 12:42:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Manmohan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Body Donation: सरसा की चंद्र कैलाश इन्सां मरणोंपरांत भी मानवता की सेवा का दे गई संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[डेरा सच्चा सौदा की मानवता भलाई की मुहिमों को आगे बढ़ाते हुए सरसा की फ्रैंड्स कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय चंद्र कैलाश इन्सां देहांत के बाद भी मानवता की सेवा का संदेश देकर अमर हो गईं। उनके स्वजनों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं से प्रेरित होकर उनका पार्थिव शरीर मेडिकल शोध एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए दान कर इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/body-donation-chandra-kailash-insan-of-sarsa-gave-the-message/article-86533"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-06/kailash-chandra-insan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सरसा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा की मानवता भलाई की मुहिमों को आगे बढ़ाते हुए सरसा की फ्रैंड्स कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय चंद्र कैलाश इन्सां देहांत के बाद भी मानवता की सेवा का संदेश देकर अमर हो गईं। उनके स्वजनों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं से प्रेरित होकर उनका पार्थिव शरीर मेडिकल शोध एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए दान कर इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश की। Sirsa News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार चंद्र कैलाश इन्सां ने वीरवार रात्रि 12:25 बजे अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड गमन किया। उनके निधन के उपरांत परिजनों ने शोक की इस घड़ी में भी मानवता भलाई का मार्ग अपनाते हुए डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति के बाद उनका पार्थिव शरीर गौतम बुद्धा चिकित्सा महाविद्यालय, देहरादून (उत्तराखंड) को शोध एवं चिकित्सा शिक्षा के उद्देश्य से दान किया गया। </p>
<h3 style="text-align:justify;">युवा डॉक्टरों को मिलेगी अनुसंधान में सहायता</h3>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा क्षेत्र में देहदान को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का अध्ययन करने तथा चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। बताया गया है कि चंद्र कैलाश इन्सां शहर की फ्रैंड्स कॉलोनी में अपनी भांजी सरोज गाबा के पास रहती थीं। वे डेरा सच्चा सौदा की मानवता भलाई की गतिविधियों से प्रेरित थीं और सदैव सेवा कार्यों के प्रति समर्पित भाव रखती थीं। उनके निधन के बाद परिजनों ने भी उसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए देहदान का निर्णय लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पूर्व सचखंडवासी की भांजी सरोज गाबा इन्सां एवं दामाद अशोक गाबा इन्सां के निवास स्थान पर अरदास का शब्द बोला गया। तत्पश्चात फूलों से सुसज्जित एंबुलेंस में उनका पार्थिव शरीर रखा गया और श्रद्धापूर्वक अंतिम विदाई दी गई। बाद में अंतिम यात्रा के रूप में एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज, देहरादून के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां, जोन प्रेमी सेवक कृष्ण सुखीजा इन्सां सहित ब्लॉक की साध-संगत तथा सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार उपस्थित रहे। Sirsa News</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 11:07:01 +0530</pubDate>
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