<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/notbandi/tag-424" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Notbandi - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/424/rss</link>
                <description>Notbandi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हम ‘चुहिया’ ही पकड़ना चाहते थे: मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली 30 दिसंबर (वार्ता ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां नये साल पर डिजिटल भुगतान के लिए देशवासियों को अगूंठे पर आधारित मोबाइल ऐप भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) का तोहफा दिया वहीं घोटालों के लिए पूववर्ती संप्रग सरकार पर जमकर निशाना भी साधा। श्री मोदी ने आज यहां आयाेजित डिजिधन मेले में इस […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/our-intention-was-only-to-catch-the-mice/article-685"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/modi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नयी दिल्ली 30 दिसंबर (वार्ता )</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां नये साल पर डिजिटल भुगतान के लिए देशवासियों को अगूंठे पर आधारित मोबाइल ऐप भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) का तोहफा दिया वहीं घोटालों के लिए पूववर्ती संप्रग सरकार पर जमकर निशाना भी साधा।<br />
श्री मोदी ने आज यहां आयाेजित डिजिधन मेले में इस ऐप का शुभारंभ करने के बाद अपने संबोधन में हर देशवासी से नये साल की शुरूआत से कम से कम पांच डिजिटल लेनदेन करने की अपील की ।<br />
उन्होंने कहा कि आने वाले दो हफ्तों में डिजिटल लेनदेन के लिए आधार कार्ड पर आधारित ऐप भीम पूरी तरह शुरू हो जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/our-intention-was-only-to-catch-the-mice/article-685</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/our-intention-was-only-to-catch-the-mice/article-685</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Dec 2016 08:27:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/modi.jpg"                         length="17149"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेईमानों को ‘राजनीतिक कवर’ दे रहे कुछ नेता</title>
                                    <description><![CDATA[नोटबंदी मुद्दा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, देश के आमजन को सराहा Varanasi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं पर ‘पाकिस्तान की तरह’ रणनीति अख्तियार करने और बेईमानों को बचाने के लिए ‘राजनीतिक कवर’ देने का आरोप लगाया। मोदी ने वीरवार को अपने ससंदीय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dishonest-political-cover-to-give-politicians/article-620"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/huge-modi.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>नोटबंदी मुद्दा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, देश के आमजन को सराहा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Varanasi: </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों और नेताओं पर ‘पाकिस्तान की तरह’ रणनीति अख्तियार करने और बेईमानों को बचाने के लिए ‘राजनीतिक कवर’ देने का आरोप लगाया। मोदी ने वीरवार को अपने ससंदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित संस्कृति महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान घुसपैठियों को भेजने के लिए सीमा पर फायरिंग शुरु कर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी सेना उधर बिजी हो जाती है और आतंकवादी लपककर घुस जाते हैं। पाक सेना घुसपैठियों को ‘कवर’ देती है। ठीक इसी तरह बेईमानों को बचाने के लिए अपने देश में ‘राजनीतिक कवर’ दिया जा रहा है।’ उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जेबकतरा जैसे ही पाकेट मारता है, उसके साथ के लोग पुलिस को बरगलाने के लिए दूसरी तरफ चोर-चोर का शोर मचाते हैं। पुलिस का ध्यान भटकते ही जेबकतरा निकल जाता है। बेइमानों को बचाने के लिए न जाने कैसी कैसी तरकीब अपनाई जा रही हैं।<br />
मोदी ने कहा, ‘मैंने सोचा नहीं था कि कुछ राजनेता और कुछ राजनीतिक दल बेईमानों के साथ खड़े हो जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि मोदी जी ने इतना बडा निर्णय ले लिया, उनको अनुमान ही नहीं था कि इसमें काफी दिक्कतें आएंगी। उनका कहना था कि दिक्कतों का अनुमान तो था लेकिन एक चीज का आभास नहीं था कि कुछ लोग बेईमानों की तरफ से खड़े हो जाएंगे।<br />
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कटाक्ष किया, ‘एक युवा नेता अभी भाषण सीख रहे हैं। जबसे उन्होंने बोलना शुरु किया, तबसे मैं बहुत खुश हूँ क्योंकि 2009 के पहले पता ही नहीं चलता था कि इस पैकेट में क्या-क्या है। अब पता चल रहा है। अच्छा किया उन्होंने बोलना शुरु कर दिया देश भूकम्प से बच गया।’<br />
उन्होंने कहा कि ‘युवा नेता’ कहते हैं कि जिस देश में 60 फीसदी अनपढ़ हो, वहां मोदी जी कैशलेस व्यवस्था कैसे लागू कर पाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि 60 फीसदी अनपढ़ की बात करके गांधी किसका रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं। देश में सर्वाधिक समय तक शासन नहीं के परिवार ने किया है तो अनपढ़ों की संख्या इतनी कैसे रह गई।<br />
मोदी ने कहा कि देश में बड़ा सफाई अभियान चल रहा है। गंदगी का ढेर हो गया है। गंदगी के ढेर के पास से गुजरने पर दुर्गन्ध आती है। एक सीमा में दुर्गन्ध महसूस होती है लेकिन जब उसकी सफाई शुरू होती है तो वह इतनी फैलती है कि वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। आजकल तरह-तरह की गंध महसूस हो रही है। मैंने गंध की सफाई का बीड़ा उठाया है। ‘भोले बाबा’ की धरती का आशीर्वाद हमारे साथ है। जनता का विश्वास मिल रहा है। गंदगी की सफाई तो होकर रहेगी।</p>
<p>मनमोहन पीएम और वित्त मंत्री रहे फिर भी आधी आबादी गरीब क्यों?<br />
मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 1970 से देश की अर्थव्यवस्था की कोर टीम में थे। डॉ. सिंह का कहना है कि जिस देश में 50 फीसदी लोग गरीब हों वहां कैशलेस व्यवस्था के लिए नई टेक्नोलॉजी कैसे लाई जा सकती है। डॉ. मनमोहन सिंह को बताना चाहिए कि 10 साल वह प्रधानमंत्री थे, देश के वित्तमंत्री थे फिर भी आधी आबादी गरीब कैसे रह गई। इसी तरह पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदम्बरम ने कह दिया 50 फीसदी गाँव में बिजली ही नहीं है। पीएम ने व्यंग्य किया, ‘क्या बिजली का तार हमने काट दिया। क्या खंभा हमने उखाड़ दिया। भाई मेरे, हमें बताइये कि आपने यह रिपोर्ट कार्ड किसका पेश किया है। देश में 60 साल से अधिक शासन आपकी पार्टी का था, तो यह सब कैसे रह गया।’</p>
<p><strong>कालाधन फिर से न पनपे, करें सहयोग</strong><br />
प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद जनता ने बड़ी तकलीफ झेली है। तकलीफ के बावजूद देश ईमानदारी की ओर चल पड़ा है। आठ-आठ घंटे कतार में खडेÞ होकर भी आम जनता ऊफ तक नहीं कर रही, क्योंकि वे भ्रष्टाचार को समूल नष्ट होते देखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि राजनेताओं को समझना चाहिए कि लोग अपने स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि देश की भलाई के लिए कतार में खड़े हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम में किसी का ‘काला मन’ खुल रहा है तो किसी का ‘कालाधन’ खुल रहा है। उन्हें विश्वास है कि देश सोने की तरह तप कर निकलेगा। मोदी ने नौजवानों से आग्रह किया कि कालाधन की सफाई तो हो रही है लेकिन यह फिर से न पनपे इसमें वे सहयोग करें। <em>Agency</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dishonest-political-cover-to-give-politicians/article-620</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/dishonest-political-cover-to-give-politicians/article-620</guid>
                <pubDate>Thu, 22 Dec 2016 21:35:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/huge-modi.jpg"                         length="27764"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>5000 से ज्यादा जमा पर यू-टर्न</title>
                                    <description><![CDATA[दो दिन में वापिस ली कड़ी शर्तें 500 और 2,000 रुपये के 2.2 अरब नए नोट जारी : आरबीआई Mumbai: रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (आरबीआई) ने बंद किये जा चुके पुराने नोटों को 19 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा कराने के लिए लगाई गई कड़ी शर्तें दो दिन बाद ही वापस ले ली […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/plus-more-than-5000-deposit-u-turn/article-604"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/rbi.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>दो दिन में वापिस ली कड़ी शर्तें</strong></li>
<li><strong>500 और 2,000 रुपये के 2.2 अरब नए नोट जारी : आरबीआई</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Mumbai:</strong> रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (आरबीआई) ने बंद किये जा चुके पुराने नोटों को 19 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा कराने के लिए लगाई गई कड़ी शर्तें दो दिन बाद ही वापस ले ली हैं। अब केवाईसी वाले खातों में बिना किसी पूछताछ के कितनी भी रकम जमा कराई जा सकेगी। केन्द्रीय बैंक ने बुधवार को एक नई अधिसूचना जारी कर कहा कि अब ये शर्तें ‘अपने ग्राहक को जानो’(केवाईसी) पूरा कर चुके खातों पर लागू नहीं होंगी। इससे पहले 19 दिसंबर को जारी अधिसूचना में उसने कहा था कि 30 दिसंबर तक<br />
पुराने नोटों के माध्यम से पाँच हजार रुपये से ज्यादा जमा कराने पर लोगों को लिखित में बताना होगा कि उन्होंने अब तक ये नोट जमा क्यों नहीं कराए। उनके जवाब को आॅडिट के लिए बैंक के रिकॉर्ड में रखे जाने की हिदायत दी गई थी। पाँच हजार रुपये या इससे कम जमा कराने पर कोई शर्त नहीं थी, लेकिन यह भी कहा गया था कि जैसे ही किसी खाते में पुराने नोटों के माध्यम से 19 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच जमा कुल राशि पाँच हजार रुपये से ज्यादा हो जाएगी तो उस स्थिति में भी जमाकर्ता को जवाब देना होगा। माना जा रहा है कि इस प्रावधान पर विपक्षी दलों के विरोध तथा जनता की व्यापक नाराजगी के मद्देनजर रिजर्व बैंक को नियम वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। आरबीआई ने जारी अधिसूचना में कहा कि उपरोक्त नियम की समीक्षा के बाद हम यह सलाह देते हैं, उक्त सर्कुलर के सब पैरा एक और दो केवाईसी पूरा कर चुके खातों पर लागू नहीं होंगे।’</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/plus-more-than-5000-deposit-u-turn/article-604</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/plus-more-than-5000-deposit-u-turn/article-604</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Dec 2016 17:05:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/rbi.jpg"                         length="30294"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब नकद नहीं मिलेगा वेतन</title>
                                    <description><![CDATA[चैक या बैंक खाते में जाएंगे पैसे केन्द्रीय कैबिनेट का अहम फैसला New Delhi: केन्द्र ने बुधवार को वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया है। इसके तहत कंपनियां और औद्योगिक प्रतिष्ठान वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके या चेक से कर सकेंगे। एक सूत्र ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वेतन […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/no-longer-will-pay-cash/article-603"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/baithak.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>चैक या बैंक खाते में जाएंगे पैसे</strong></li>
<li><strong>केन्द्रीय कैबिनेट का अहम फैसला</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>New Delhi: </strong>केन्द्र ने बुधवार को वेतन भुगतान कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का फैसला किया है। इसके तहत कंपनियां और औद्योगिक प्रतिष्ठान वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके या चेक से कर सकेंगे। एक सूत्र ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वेतन भुगतान कानून, 1936 में संशोधन के लिए अध्यादेश का रास्ता चुना। इसके जरिए नियोक्ता तथा कुछ उद्योग वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक तरीके या चेक से कर सकेंगे। इसके अलावा नियोक्ताओं के पास वेतन का भुगतान नकद में करने का भी विकल्प होगा। सरकार आमतौर पर नए नियमों को तत्काल क्रियान्वित करने के लिए अध्यादेश लाती है। अध्यादेश छह माह के लिए वैध होता है। इस अवधि में सरकार को इसे संसद में पारित कराने की जरूरत होती है। वेतन भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2016 के तहत मूल कानून की धारा छह में संशोधन का प्रस्ताव है, जिससे नियोक्ता अपने कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान चेक से या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से उनके बैंक खाते में डालकर कर सकेंगे। पिछले दिनों नोटबंदी पर हंगामे के बीच श्रम<br />
मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने संसद में यह विधेयक पेश किया था। इसके तहत राज्य सरकारें ऐसे उद्योग या प्रतिष्ठान तय कर सकती हैं, जो वेतन देने के लिए नकदीरहित तरीके का इस्तेमाल करते हैं। विधेयक में कहा गया है कि यह नई प्रक्रिया डिजिटल और कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था के उद्देश्य को पूरा करती है। यह कानून 23 अप्रैल, 1936 को अस्तित्व में आया था। इसके तहत वेतन का भुगतान सिक्के और मुद्रा नोटों या दोनों में किया जा सकता है। इसमें वेतन का भुगतान चेक या बैंक खाते के जरिए करने के प्रावधान को 1975 में शामिल किया गया। फिलहाल इस कानून के दायरे में प्रतिष्ठानों के कुछ श्रेणियों के वे कर्मचारी आते हैं, जिनका वेतन 18,000 रुपये मासिक से अधिक नहीं है। केन्द्र सरकार वेतन भुगतान के बारे में रेलवे, हवाई परिवहन सेवाओं, खान, तेल क्षेत्र और स्वयं के प्रतिष्ठानों के मामले में नियम बना सकती है। अन्य मामलों में राज्यों को फैसला करना होता है। कानून में राज्य स्तर पर संशोधन के जरिए आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल और हरियाणा ने पहले ही चेक और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वेतन भुगतान का प्रावधन कर दिया है। फिलहाल कर्मचारी से लिखित में लेकर उसका वेतन चेक के जरिए या उसके खाते में सीधे डाला जा सकता है। <em>Agency</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/no-longer-will-pay-cash/article-603</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/no-longer-will-pay-cash/article-603</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Dec 2016 16:59:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/baithak.jpg"                         length="40582"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘नोटबंदी के बाद किसी मजदूर की नहीं छिनी तनख्वाह’</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता किरण चौधरी के ब्यान पर श्रम एवं रोजगार मंत्री का पलटवार ChandiGarh, SachKahoon News:  विपक्ष द्वारा प्रदेश में नोटबंदी के बाद से हजारों मजदूरों की दिहाड़ी छिन जाने एवं उन्हें मेहनताना न मिलने के आरोपों का आज जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में पंजीकृत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/after-notbandi-not-taken-any-salary-earners/article-598"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/kiran-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>कांग्रेस नेता किरण चौधरी के ब्यान पर श्रम एवं रोजगार मंत्री का पलटवार</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, SachKahoon News:</strong>  विपक्ष द्वारा प्रदेश में नोटबंदी के बाद से हजारों मजदूरों की दिहाड़ी छिन जाने एवं उन्हें मेहनताना न मिलने के आरोपों का आज जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में पंजीकृत मजदूर यथापूर्व काम कर रहे हैं और नोटबंदी के फैसले से उनके मेहनताना पर कोई नकारात्मक प्रभाव नही पड़ रहा है।<br />
बता दें कि गत दिनों कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने आरोप लगाया था कि प्रदेश में नोटबंदी का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ा है। उनके घरों के चूल्हे जलने बंद हो गए हैं उन्हें मजदूरी नहीं मिल रही। चौधरी ने दावा किया था कि अकेले भिवानी जिले में 60 हजार से ज्यादा मजदूर बेरोेजगार हो गए हैं। प्रदेश के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेसी नेता चौधरी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भिवानी जिले में पंजीकृत मजदूरों की कुल संख्या भी उतनी नहीं है, जितनी संख्या वे मजदूरों के बेरोजगार होने की बात कर रही है। सैनी ने कहा कि किरण चौधरी केवल भिवानी जिले में 60 हजार मजदूरों के बेरोजगार होने का दावा कर रही है परन्तु भिवानी जिले में 16 दिसम्बर तक मात्र 40141 पंजीकृत मजदूर थे, जोकि आज भी पहले की भांति काम कर रहे हैं। सैनी ने कहा कि कांग्रेसी नेता लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, परन्तु प्रदेश की जनता उन्हें कभी सफल नही होने देगी।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/after-notbandi-not-taken-any-salary-earners/article-598</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/after-notbandi-not-taken-any-salary-earners/article-598</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Dec 2016 16:30:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/kiran-chaudhary.jpg"                         length="18928"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोटबंदी के खिलाफ जाप का बिहार में रेल चक्का जाम आंदोलन , रेल सेवा बाधित</title>
                                    <description><![CDATA[पटना:  केन्द्र सरकार के नोटबंदी के खिलाफ जन अधिकारी पार्टी (जाप) का आज बिहार में रेल चक्का जाम आंदोलन के दौरान कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने ट्रेनों के परिचालन को बाधित कर दिया । राजधानी पटना में जाप के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राजेन्द्र नगर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/notbandi-against-japa-protest-in-bihar-train-services-disrupted/article-576"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/patna-protest.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पटना:</strong>  केन्द्र सरकार के नोटबंदी के खिलाफ जन अधिकारी पार्टी (जाप) का आज बिहार में रेल चक्का जाम आंदोलन के दौरान कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने ट्रेनों के परिचालन को बाधित कर दिया ।<br />
राजधानी पटना में जाप के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राजेन्द्र नगर टर्मिनल पर पहुंच कर पटरी पर प्रदर्शन किया जिसके कारण अप और डाऊन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन करीब एक घंटे तक बाधित रहा ।<br />
जाप कार्यकर्ताओं ने बिहारशरीफ स्टेशन पर श्रमजीव एक्सप्रेस , बाढ़ स्टेशन पर दानापुर-साहेबगंज और टाटा-पटना एक्सप्रेस , आरा में बक्सर-पटना सवारी गाड़ी , नाथनगर स्टेशन पर हावड़ा-दरभंगा सवारी गाड़ी , अरिरया में कटिहार-जोगबनी सवारी गाड़ी के अलावा मधेपुरा और सहरसा समेत कई स्टेशनों पर प्रदर्शन कर ट्रेनों का परिचालन कुछ देर के लिए बाधित कर दिया । <a href="http://www.univarta.com/notbandi-against-japa-protest-in-bihar-train-services-disrupted/states/topnews/724001.html"><em>(वार्ता) </em></a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/other-news/notbandi-against-japa-protest-in-bihar-train-services-disrupted/article-576</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/other-news/notbandi-against-japa-protest-in-bihar-train-services-disrupted/article-576</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Dec 2016 02:48:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/patna-protest.jpg"                         length="28952"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब सप्ताह में तीन दिन मिलेगा दूध</title>
                                    <description><![CDATA[विकास रैली। मिड-डे-मील को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया ऐलान योजना पर सालाना खर्च होंगे 83 करोड़ फतेहाबाद के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये की घोषणाएं 102 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास Fatehabad, Vijay Bajaj: प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे-मील […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-milk-three-times-in-a-week/article-534"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/01-27.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>विकास रैली। मिड-डे-मील को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया ऐलान </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>योजना पर सालाना खर्च होंगे 83 करोड़</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फतेहाबाद के विकास के लिए 150 करोड़ रुपये की घोषणाएं</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>102 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Fatehabad, Vijay Bajaj: </strong>प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे-मील को और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए उन्हें अब सप्ताह में तीन दिन 200 ग्राम दूध दिया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को बीघड़ रोड स्थित सामुदायिक केंद्र में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रैल-2017 से बच्चों को दोपहर के भोजन में सप्ताह में तीन दिन 200 ग्राम दूध दिया जाएगा। इस पर प्रतिवर्ष 83 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को एक ही दिन प्रदेश में 22 नए कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिला में 102 करोड़ रुपये की 4 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व 4 नई परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए बताया कि वर्तमान सरकार के 25 माह के कार्यकाल में जिला फतेहाबाद के विकास पर 263 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने जिला के विकास कार्यों की सूची को स्वीकार करते हुए 150 करोड़ रुपये की नई विकास परियोजनाओं की भी घोषणाएं की। कार्यक्रम में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ से गदगद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यकर्ता सम्मेलन नहीं, विशाल जनसभा लगती है।<br />
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम ने नोटबंदी को प्रधानमंत्री का कड़ा व बड़ा कदम बताते हुए कहा कि 31 दिसम्बर तक लोगों को मुश्किलें जरूर आएंगी लेकिन उसके बाद हालात सुधर जाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नोटबंदी से राज्य सरकार को कोई नुकसान नहीं होगा। प्रदेश की विकास दर में गिरावट नहीं आएगी। उन्होंने लोगों से कैशलेस की ओर बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला,मुख्य संसदीय सचिव कमल गुप्ता व चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, जिलाध्यक्ष वेद फुलां बजरंग गोदारा, गुरबख्श मोंगा, वीरभान, राहूल लोहिया, राजीव, आजाद सचदेवा, भारत भूषण मिड्ढा, उपायुक्त एनके सोलंकी, आईजी ओपी सिंह व पुलिस अधीक्षक ओपी नरवाल भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां ने कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री का स्वागत व आभार व्यक्त किया। कार्यकर्ता सम्मेलन को हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की चेयरपर्सन सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी, भारत भूषण मिड्ढा, दुर्गेश अरोड़ा, रामराज मेहता, सुनील मेहता, गुलशन हंस, मनदीप योगी सहित भारी तादाद में भाजपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।</p>
<p><strong>विकास की सौगात देने आया हूं</strong><br />
सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता ने 25 माह पहले जिन उम्मीदों के साथ भाजपा को सत्ता सौंपी थी, सरकार ने उन सभी को को पूरा करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर हिस्से की समस्याओं को जानने तथा उनके समाधान के लिए वे 25 दिसंबर तक सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा पूरा कर लेंगे, जिनमें से आज वे 83वीं विस का दौरा कर रहे हैं। प्रदेश में उनसे पहले निर्वाचित 9 में से किसी भी मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के 2 साल के कार्यकाल में सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा नहीं किया है। पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री केवल चुनाव के समय ही विधानसभा क्षेत्रों में जाते थे। वे जनता से केवल मांगने और सौदेबाजी करने ही आते थे लेकिन मैं मांगने नहीं, विकास की सौगातें देने आया हूं। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के लिए 150 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणाएं की।</p>
<p><strong>भूना-भट्टू को तहसील बनाने के लिए कमेटी गठित</strong><br />
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भूना व भट्टू को सब-तहसील को तहसील बनाने की मांग पर कहा कि इसके लिए कमेटी गठित कर दी गई है जो इस पर मंथन करके अपनी रिपोर्ट देगी। नए कॉलेज की मांग पर उन्होंने कहा कि इसके लिए वे मैपिंग करवा रहे हैं। प्रदेश में 20 किलोमीटर की परीधि में कॉलेज खोला जाएगा ताकि विद्यार्थियों को कॉलेज जाने के लिए 10 किलोमीटर से अधिक दूर न जाना पड़े।</p>
<p><strong>फतेहाबाद को मिले ये तोहफे</strong><br />
– सामान्य अस्पताल अपग्रेड होकर 100 बिस्तर का<br />
– सेक्टर 9 में 35 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया अस्पताल 8 माइनर व सब-माइनर की मरम्मत व पुनर्निर्माण पर 50 करोड़ 7 अन्य डिस्ट्रीब्यूटरी की रिमॉडलिंग पर 4 करोड़<br />
– बीघड़ उपस्वास्थ्य केंद्र बनेगा प्राथमिक चिकित्सा केंद<br />
– फतेहाबाद में एसडीएम आवास पर 4 करोड़ की लागत से बैंक स्क्वेयर<br />
– 2 करोड़ की लागत से बनेगा पंचकर्मा व आयुष केंद्र<br />
– 9 गांवों में बनेंगी व्यायामशालाएं<br />
– शहर में सीवरेज की सफाई के लिए 50 लाख कीमत की सुपर शकर मशीन<br />
– रामसरा से महराणा तक बनेगी नई सड़क<br />
– गोरखपुर में बनेगा अतिरिक्त जलघर<br />
– गांवों में पेयजल समस्या दूर करने को खर्च होंगे 6.5 करोड़<br />
– 30 साल पहले बनवाए गए 120 कच्चे खाल 12 करोड़ से होंगे पक्केफतेहाबाद सेक्टर 4 में बनेगा सीनियर सीटिजन होम<br />
– 33 लाख रुपये से बरसीन में बनेगा पशु अस्पताल गांवों के अन्य विकास कार्यों पर खर्च होेंगे 10 करोड</p>
<p><strong>भ्रष्टाचार खत्म करके ही लेंगे दम</strong><br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की भावनाओं के अनुरूप प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कृत संकल्प है। भ्रष्टाचार रूपी कैंसर को मिटाने के लिए 8 नवंबर को रात 8 बजे लौहपुरुष नरेंद्र मोदी ने कालाधन रखने वालों पर लुहार की चोट मारी है। गलत ढंग से नोट बदलवाने वाले अब पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर तक लोगों को तकलीफ होगी। इसके बाद बाबा नरेंद्र मोदी ने क्या सोचा है, वह तो 1 जनवरी को ही पता लगेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा अपना, अपने लोगों तथा पार्टी की जेबें भरने का नहीं, बल्कि जेब से पैसा खर्च करके जन सेवा करने वाली पार्टी है। भाजपा के किसी नेता या मंत्री पर आजतक भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चंडीगढ़ के चक्कर लगाने वालों तथा रिश्वत देने को मजबूर लोगों की समस्याओं का अंत करने के लिए प्रदेश में सीएम विंडो की सेवा शुरू की गई है जिस पर अब तक 2 लाख शिकायतें मिली हैं। इनमें आधे से अधिक शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि हुई है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-milk-three-times-in-a-week/article-534</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-milk-three-times-in-a-week/article-534</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Dec 2016 04:23:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/01-27.jpg"                         length="170434"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोटबंदी को पलीता लगाते बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[पुराने नोटों के बदले नए नोटों के रूप में जिस तरह से कालेधन को सफेद धन में बदलने का काम बैंक कर रहे हैं, उससे साफ है कि नरेंद्र मोदी की इस पहल को पलीता लगाने का काम देश के सरकारी और निजि बैंक कर रहे हैं। यही वजह है कि बैंकों में कतारें थमने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/notbandi-subvert-bank-levy/article-489"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/people-in-que.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पुराने नोटों के बदले नए नोटों के रूप में जिस तरह से कालेधन को सफेद धन में बदलने का काम बैंक कर रहे हैं, उससे साफ है कि नरेंद्र मोदी की इस पहल को पलीता लगाने का काम देश के सरकारी और निजि बैंक कर रहे हैं। यही वजह है कि बैंकों में कतारें थमने का नाम नहीं ले रही हैं और यह आशंका भी सच होती दिख रही है कि हजार-पांच सौ के जितने नोट रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के पहले तक छापे हैं, लगभग उतने ही वापस आ जाएंगे। अब तक 14.5 लाख करोड़ के हजार-पांच सौ के कुल नोट छापे गए हैं। जबकि 7 दिसंबर को रिजर्व बैंक द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 11.5 लाख करोड़ के पुराने नोट वापस आ भी गए हैं, जबकि नोट वापसी का सिलसिला 30 दिसंबर तक जारी रहने वाला है। तय है, जिस तरह से थोक में कालेधन के रूप में 2000 के नोट बरामद हो रहे है, उस गोरखधंधे को बैंक ही अंजाम दे रहे हैं।<br />
करोड़ों में ही नहीं, अरबों में कालाधन पिछले एक स΄ताह के भीतर जब्त हुआ है। 13,860 करोड़ रुपए कालेधन के रूप में गुजरात के व्यापारी महेश शाह के पास पाए गए हैं। कर्नाटक में 4.7 करोड़ के 2000 के नोट बरामद हुए हैं। चंडीगढ़ के सेना-परिवार के भाई-बहन 3 करोड़ के नकली नोटों के साथ पकड़े गए। बैंगलुरू में दो जगह से 5.7 करोड़ की नई मुद्रा में कालाधन पकड़ा गया। रेल के शौचालय से 4 लाख रूपए बहाते तीन लोग पकड़े गए। इसी तरह होशंगाबाद में एक टीवी कलाकार से 43 लाख, चित्रदुर्ग में शौचालय से 5.75 करोड़, सूरत से 76 लाख, दंतेवाड़ा से 10 लाख, मुंबई से 85 लाख, चैन्नई से 130 करोड़, भीलवाड़ा 20 लाख, होशंगाबाद से 16 लाख, जयपुर से 104 करोड़, गाजियाबाद से 28.5 लाख, फतेहाबाद से 30 लाख, पणजी से 125 करोड़ और इंदौर से 12 लाख रुपए पकड़े गए।<br />
इन राशियों में 90 फीसदी बेहिसाबी धन नई मुद्रा में हैं। इसीलिए रिजर्व बैंक ने 27 सरकारी बैंकों के प्रबंधकों को निलंबित और 6 का तबादला किया है। दिल्ली में ऐक्सिस बैंक के दो प्रबंधकों को नोट बदलने के आरोप में हिरासत में लिया है। इनसे साफ होता है कि कालेधन पर लगाम की इस पहल को बैंक उसी तरह से चूना लगा रहे हैं, जिस तरह से लोक कल्याणकारी योजनाओं को सरकारी मुलाजिम बट्टा लगाते हैं। यही वजह है कि जो भी योजनाएं जनहित में लागू की जाती हैं, वे भ्रष्टाचार के चलते लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाती हैं।<br />
जनधन खातों के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर कालेधन को सफेद बनाने का काम हुआ है। नोटबंदी के बाद 9 नबंवर को जनधन के 25.51 करोड़ खातों में 45,637 करोड़ रुपए जमा थे, लेकिन 23 नवंबर में जब इन खातों में जमा राशि का आकलन किया गया तो पता चला कि 25.67 करोड़ खातों में राशि बढ़कर 72,835 करोड़ रुपए हो गई। मसलन 27,198 करोड़ रुपए इन खातों में कालेधन के रूप में जमा हुए। इनमें सबसे ज्यादा धनराशि पश्चिम बंगाल में 25,553,85 करोड़ उत्तर-प्रदेश में, 4,287.55 करोड़ और राजस्थान में 2,574.85 करोड़ रुपए जमा हुए। यही नहीं चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया है कि भारत में पंजीकृत 1900 राजनीतिक दल हैं। किंतु 400 से भी ज्यादा दलों ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा। इसलिए संभव है कि ये दल काले धन को सफेद में बदलने के काम आते हो। जरूरी है कि नोटबंदी के बाद इन दलों के खातों में हुए लेन-देन को भी जनधन खातों की तरह खंगाला जाए।<br />
इसमें कोई दो राय नहीं है अर्थव्यवस्था में नकदी, अवारा पूंजी और नकली मुद्रा की बहुलता भ्रष्टाचार और कालाधन का बड़ा सा्रेत बनते हैं। 1974-75 में जब आवारा पूंजी और नकली मुद्रा देश में न्यूनतम थी, तब सरकारी स्तर पर गठित बांटू समिति ने 7000 करोड़ रुपए कालाधन बताया था। यह इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का दौर था। आपातकाल के बाद केंद्र में जनता दल की सरकार बनी और प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बड़े नोटों को प्रतिबंध्ति करने वाली कमाई की लगभग कमर तोड़ दी थी। 1993 में गठित चेलैया समिति ने यही धन 22000 करोड़ रुपए बताया। 2009 में लालकृष्ण आडवाणी ने 25 लाख रुपए और 2010 में ग्लोबल फाइनेंशियल इंटिग्रिटी ने जानकारी दी कि भारत से 1947 से लेकर 2008 के बीच 462 अरब डॉलर की राशि बाहर गई है। 2011 में बाबा रामदेव ने विदेशी बैंकों में 400 लाख करोड़ रुपए कालाधन जमा होना बताया। साफ है, भाारत के भीतर और भारत से बाहर कितना कालाधन है, इसके कोई विश्वसनीय आंकड़े नहीं हैं।<br />
भारत की कुल आधिकारिक जीडीपी काला व सफेद धन मिलाकर 225 लाख करोड़ रुपए हैं एक अनुमान के मुताबिक इसमें 75 लाख करोड़ कालेधन और 150 लाख करोड़ सफेद धन के रूप में गतिशील है। हालांकि देश में कुल कितना कालाधन है इसका आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक देश में मौजूदा कालाधन 8 प्रतिशत ही नकदी के रूप में है। मसलन 75 लाख करोड़ का 8 प्रतिशत हिस्सा यानी 6 लाख करोड़ रुपए नकदी के रूप में प्रचलन में है। हालांकि आर्थिक मामलों के जानकारों में कालेधन की राशि को लेकर मतभेद हैं, अर्थशास्त्री अरुण कुमार इसे 6.5 लाख करोड़ मानते हैं। जबकि सर्वोच्च न्यायालय को सरकार ने बताया है कि 5 लाख करोड़ रूपए नोटबंदी के चलते अर्थव्यवस्था से बाहर हो जाएंगे।<br />
जिस तरह से नोट जमा हो रहे हैं, उससे अरुण कुमार का कथन सही होता लगता है, कि ‘जितना संचित कालाधन है, उसका बमुश्किल 1 से 2 फीसदी ही कालेधन के रूप में सुरक्षित रखा जाता है, बाकी सोना, भूमि-भवन खरीदने में खर्च कर दिया जाता है। कालेधन की बड़ी राशि जनधन खातों में भी जमा कर दी गई है।‘ यदि हमारे बैंक भ्रष्टाचार मुक्त बने रहकर कालेधन को नई मुद्रा में बदलने का काम नहीं करते तो तय था कि 5 लाख करोड़ रुपए बैंकों में वापस नहीं आते। क्योंकि नोटबंदी के बाद से अब तक जो नई मुद्रा बेहिसाबी धन के रूप में बरामद हुई है, वही 1 लाख करोड़ रुपए के करीब हो गई होगी ? साफ है, बैंकों ने भ्रष्टाचार के चलते पुराने नोटों के बदले नए नोट देकर कालाधन नए सिरे से उत्सर्जन का राष्टÑविरोधी महापाप कर दिया है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन नए पापियों को नहीं बख्शने का ऐलान गुजरात की सभा में किया है, लेकिन इन्हें कितनी सजा मिल पाती है, यह तो भविष्य ही तय करेगा।<br />
<em>प्रमोद भार्गव</em></p>
<p style="text-align:justify;">
</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>लेख</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/notbandi-subvert-bank-levy/article-489</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/notbandi-subvert-bank-levy/article-489</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Dec 2016 01:35:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/people-in-que.jpg"                         length="42245"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बैंकों की छुट्टी के चलते 1 दिन पहले ही हरियाणा रोडवेज ने लेना बंद किया 500 का नोट</title>
                                    <description><![CDATA[रोहतक। नोटबंदी के चलते बंद किए गए 500 के पुराने नोट को हरियाणा रोडवेज ने एक दिन पहले ही लेना बंद कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि शनिवार से लेकर सोमवार तक बैंक लगातार 3 दिन बंद है। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।गौरतबल है कि केंद्र सरकार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/notbandi-1-day-befor-haryana-rodways-stop-to-take-old-500-rupee-note/article-465"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/roadwya-notbandi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><b>रोहतक।</b> नोटबंदी के चलते बंद किए गए 500 के पुराने नोट को हरियाणा रोडवेज ने एक दिन पहले ही लेना बंद कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि शनिवार से लेकर सोमवार तक बैंक लगातार 3 दिन बंद है। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।गौरतबल है कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी के लेकर दिए गए निर्णय पर 10 दिसबंर तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट में पुराने 500 के नोट लेने की छूट दी थी। इसके चलते अधिकतर लोग हरियाणा रोडवेज में सफर करने के लिए 500 का पुराना नोट लेकर पहुंच रहे थे लेकिन रोडवेज ने इसे एक दिन पहले ही लेने से मना कर दिया। क्योंकि बैंक लगातार तीन दिन बंद हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/notbandi-1-day-befor-haryana-rodways-stop-to-take-old-500-rupee-note/article-465</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/notbandi-1-day-befor-haryana-rodways-stop-to-take-old-500-rupee-note/article-465</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 06:04:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/roadwya-notbandi.jpg"                         length="67907"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉर्डर पार से थम गया व्यापार</title>
                                    <description><![CDATA[नोट की चोट: वाघा-अटारी पर भी नोटबंदी का असर, पाकिस्तान से ट्रक आने बंद पहले रोजाना 150 से ज्यादा ट्रक आते थे पाक से मजदूरों को भी नहीं मिल पा रही तनख्वाह ChandiGarh, Anil Kakkar: प्रदेश में कालाधन पर चोट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cross-border-trade-has-subsided/article-461"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/notes.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>नोट की चोट: वाघा-अटारी पर भी नोटबंदी का असर, पाकिस्तान से ट्रक आने बंद</strong></li>
<li><strong>पहले रोजाना 150 से ज्यादा ट्रक आते थे पाक से </strong></li>
<li><strong>मजदूरों को भी नहीं मिल पा रही तनख्वाह</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Anil Kakkar: </strong>प्रदेश में कालाधन पर चोट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को लिए गए नोटबंदी के फैसले के बाद से अमृतसर के अटारी-वाघा पर क्रॉस बॉर्डर व्यापार में बड़ी कम नज़र आई है। हालात यहां तक है कि पाकिस्तान से गत दिनों एक भी ट्रक भारत में माल लेकर नहीं आया। कैश की कमी के कारण इधर के लगभग 1500 मजदूरों की तनख्वाहें रुकी हुई हैं। बता दें कि आम दिनों में पाकिस्तान से अटारी-वाघा बॉर्डर से करीबन 150 से ज्यादा ट्रक भारत में विभिन्न तरह का सामान लेकर पहुंचते हैं। जो कि भारत के बाजारों में बेचा जाता है। इन ट्रकों से माल-उतारने, लादने के लिए इंटेग्रेटिड चैक पोस्ट (आईसीपी) पर करीबन 1433 मजदूर रजिस्टर्ड हैं। जो कि महीने भर में मजदूरी से 12 से 15 हजार रुपए कमाते हैं। लेकिन नोटबंदी के बाद से बॉर्डर पार से ट्रक आना कम होते गए और अब हालात ये हैं कि एक भी ट्रक पाकिस्तान से भारत में दाखिल नहीं हो रहा। इसकी मुख्य वजह करंसी का कैश में न होना है। इधर के मजदूरों को व्यापारी उनकी मजदूरी के बदले में कैश नहीं दे पा रहे जिस कारण मजदूरों ने यहां ट्रक खाली करने से मना कर दिया है। एक अंग्रेजी दैनिक के अनुसार इन मजदूरों को लगभग 5 से 7 लाख रुपए कैश मजदूरी के रूप में दिए जाते हैं। मजदूरों के प्रतिनिधि बलविंद्र सिंह का कहना है कि पिछले 15 दिनों से उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली। उनके परिवार बेहद आर्थिक तंगी से गुज़र रहे हैं। इसकी वजह व्यापारियों के पास कैश का न होना है। बलविंद्र ने बताया कि उरी हमले व सर्जीकल स्ट्राइक के बाद जब बॉर्डर पर गांव खाली करवा दिए गए थे तब भी पाकिस्तान से सामान लेकर ट्रक निरंतर आते रहे उन्हें रोका नहीं गया लेकिन नोटबंदी के बाद अब ट्रक आना बंद हो गए हैं। वहीं प्राइवेट कंपनी पंजाब कंटेनर सर्विस (पीसीएस) के मैनेजर का कहना है कि वे मजदूरों को उनका वेतन आॅनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कह रहे हैं लेकिन मजदूर पैसा कैश में चाहते हैं। वे एटीएम और बैंकों की लंबी लाइनों में खड़े नहीं होना चाहते।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cross-border-trade-has-subsided/article-461</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cross-border-trade-has-subsided/article-461</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 04:50:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/notes.jpg"                         length="46860"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जल्द आएंगे प्लास्टिक के नोट</title>
                                    <description><![CDATA[5 शहरों में होगा फील्ड ट्रायल New Delhi: केन्द्र सरकार अब जल्द ही प्लास्टिक के नोट भी छापेगी। शुक्रवार को संसद में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्लास्टिक या पॉलिमर आधारित नोट छापने का फैसला […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/soon-will-come-the-plastic-notes/article-453"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/plastic-note.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>5 शहरों में होगा फील्ड ट्रायल</strong></li>
</ul>
<p><strong>New Delhi:</strong> केन्द्र सरकार अब जल्द ही प्लास्टिक के नोट भी छापेगी। शुक्रवार को संसद में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्लास्टिक या पॉलिमर आधारित नोट छापने का फैसला लिया जा चुका है और इसके लिए मैटीरियल भी खरीदा जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘रिजर्व बैंक लंबे समय से योजना बना रहा है कि फील्ड ट्रायल के बाद प्लास्टिक करंसी लॉन्च की जाए।’ सरकार ने ये भी बताया कि प्लास्टिक के नोटों की उम्र 5 साल होती है और इनकी नकल करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार ने संसद को बताया गया था कि फील्ड ट्रायल के लिए शहरों का चयन क्लाइमेट और जिओग्राफिकल कंडीशन को देखते हुए किया गया है, जिनमें कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर शामिल हैं। <em>Agency </em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/soon-will-come-the-plastic-notes/article-453</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/soon-will-come-the-plastic-notes/article-453</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 00:47:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/plastic-note.jpg"                         length="162963"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘15 दिन में सामान्य होंगे हालात’</title>
                                    <description><![CDATA[नोटबंदी से दिक्कतों पर सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार ने दिया जवाब मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय किए 9 बिन्दु जोर से बोलने पर वकीलों को पड़ी फटकार New Delhi: केन्द्र सरकार इस मामले पर पूरी तरह निगरानी रख रही है। नोटबंदी को लेकर हालात किसी तरह बिगड़े नहीं हैं। यहां तक कि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/things-will-be-normal-in-15-days/article-452"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/sc.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li>नोटबंदी से दिक्कतों पर सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार ने दिया जवाब</li>
<li>मामले में सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय किए 9 बिन्दु</li>
<li>जोर से बोलने पर वकीलों को पड़ी फटकार</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>New Delhi: </strong>केन्द्र सरकार इस मामले पर पूरी तरह निगरानी रख रही है। नोटबंदी को लेकर हालात किसी तरह बिगड़े नहीं हैं। यहां तक कि कोई दूधवाला या किसान इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं आया है। ये सब मामला राजनीति से प्रेरित है। यह बात एटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हुए कही। मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की खंडपीठ के समक्ष उन्होंने कहा कि पीएम ने 31 दिसंबर तक हालात सामान्य होने के लिए कहा था, जिसमें अभी भी वक्त है। 10-15 दिनों में सरकार हालात और सामान्य करेगी।वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर सुनवाई के लिए ऐसे नौ बिंदु तय किए, जिसके जरिये इस बात पर विचार किया जाएगा कि नोटबंदी का फैसला संवैधानिक है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कहा कि वह इन याचिकाओं की सुनवाई 14 दिसम्बर को करेगी। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि जरूरी हुआ तो इस मामले की सुनवाई पांच-सदस्यीय संविधान पीठ को सौंपी जाएगी। न्यायालय ने संकेत दिए हैं कि वह विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगा। हालांकि खंडपीठ ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि वह आर्थिक नीति में बहुत ज्यादा दखल नहीं देना चाहती, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में दायर याचिकाओं की वजह से पैदा हुए बड़े सवालों पर विस्तृत सुनवाई जरूरी है। न्यायालय 14 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में इन बातों पर विचार करेगा कि लोगों को हो रही असुविधा को कम करने के लिए क्या फौरी उपाय हो सकते हैं? क्या हर हफ्ते 24 हजार रुपये निकालने की सीमा में बदलाव किया जा सकता है? जिला सहकारी बैंकों को फिलहाल पैसे जमा लेने की इजाजत दी जा सकती है या नहीं? न्यायालय इस बात पर भी विचार करेगा कि देश के अलग-अलग उच्च न्यायालयों में दायर मुकदमों को चलने दिया जाए या उन पर रोक लगा दी जाए? आगे की विस्तृत सुनवाई किन सवालों पर हो?<br />
शुक्रवार को लगभग डेढ़ घंटा चली सुनवाई में कई बार माहौल गर्म होता नजर आया। कुछ वकीलों के जोर से बोलने पर मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई। केरल और महाराष्ट्र के जिला सहकारी बैंकों की ओर से मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदम्बरम ने इन बैंकों का काम ठप हो जाने की दुहाई दी। उन्होंने कहा कि इन बैंकों को न तो नोट बदलने की इजाजत है, न नोट जमा लेने की। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है। पूरे देश में जिला सहकारी बैंकों को काम करने की इजाजत मिलनी चाहिए। इसका विरोध करते हुए एटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि जिला सहकारी बैंकों में बड़ी संख्या में किसान सोसाइटी के खाते हैं। ऐसी सोसाइटी में हजारों किसानों को सदस्य दिखाया जाता है। इस तरह की सोसाइटी पर प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण होता है। इस बात की आशंका है कि हजारों किसानों का नाम लेकर बड़े लोगों के पैसे जमा होने लगेंगे। नकली नोट भी बड़े पैमाने पर जमा होंगे। इन बैंकों को अभी 20 दिन और इंतजार करना होगा। चिदम्बरम ने दावा किया कि नोटों की छपने की रफ्तार बहुत धीमी है। सिर्फ तीन लाख करोड़ के नोट अब तक छपे हैं। ऐसे में, नोट की पूरी आपूर्त्ति में पांच से छह महीने का वक्त लगेगा। इस पर एटर्नी जनरल ने दावा किया कि चार लाख करोड़ के नए नोट छप चुके हैं। इनमें से 3.5 लाख करोड़ बैंक में पहुंच चुके हैं। सरकार नकदी रहित लेनदेन प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है। जरूरी नहीं कि पूरे नोट की जरूरत पड़े ही।</p>
<p><strong>एक्सिस बैंक की ब्रांच में 450 करोड़ रुपये जमा</strong><br />
<strong>15 खाते मिले फर्जी, जांच जारी</strong><br />
नोटबंदी के बाद काला धन को सफेद करने के खेल में एक्सिस बैंक निशाने पर है। आय कर अधिकारियों ने दिल्ली के चांदनी चौक में एक्सिस बैंक के खातों का सर्वे किया है। इनमें से 15 बैंक अकाउंट फर्जी पाए गए हैं। इन खातों में बैंक अधिकारियों ने 70 करोड़ रुपये जमा कराए थे। केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) मानक पूरा नहीं करने वाले 44 खातों में 100 करोड़ रुपये जमा पाए गए हैं। अधिकारियों ने पाया है कि इस ब्रांच में 8 नवंबर के बाद से 450 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। आय कर अधिकारियों को इसमें बड़ी गड़बड़ी की आशंका है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। इससे पहले एक्सिस बैंक की कश्मीरी गेट ब्रांच भी राडार पर था। वहां भी मामले की जांच चल रही है। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही एक्सिस बैंक ने नोटबंदी के बाद गैरकानूनी गतिविधियों में आरोपी पाए गए अपने 19 अधिकारियों को निलंबित किया है। कालाधन सफेद करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपने दो प्रबंधकों की गिरफ्तारी के बाद एक्सिस बैंक ने फोरेंसिक आॅडिट के लिए केपीएमजी की भी नियुक्ति की है। यह संस्था इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रणाली को चुस्त बनाने के उपाय सुझाएगी। एक्सिस बैंक के कार्यकारी निदेशक राजेश दहिया के अनुसार, बैंक ने 19 अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें से छह कश्मीरी गेट शाखा के अधिकारी हैं।</p>
<p><strong>बैंकों ने जारी किए 4.27 लाख करोड़ रुपये</strong><br />
<strong>मुम्बई:</strong> देश भर के बैंकों ने 10 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच 4,27,684 करोड़ रुपये जारी किए हैं। रिजर्व बैंक के अनुसार बैंकों ने अपने काउंटर या एटीएम के जरिये चार लाख 27 हजार 684 करोड़ रुपये जारी किए हैं। केन्द्रीय बैंक के मुताबिक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के प्रचलन पर गत 8 नवंबर की मध्यरात्रि से प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके कारण आरबीआई ने इन नोटों को रिजर्व बैंक, वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा शहरी सहकारी बैंकों के काउंटर पर जमा करने तथा बदलने की सुविधा दी थी।</p>
<p><em>सहकारी बैंकों को न तो नोट बदलने की इजाजत है, न नोट जमा लेने की। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है। पूरे देश में जिला सहकारी बैंकों को काम करने की इजाजत मिलनी चाहिए। </em><br />
<strong><em>पी. चिदंबरम, वरिष्ठ अधिवक्ता</em></strong></p>
<p><em>जिला सहकारी बैंकों में बड़ी संख्या में किसान सोसाइटी के खाते हैं। ऐसी सोसाइटी में हजारों किसानों को सदस्य दिखाया जाता है। इस तरह की सोसाइटी पर प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण होता है। इस बात की आशंका है कि हजारों किसानों का नाम लेकर बड़े लोगों के पैसे जमा होने लगेंगे। नकली नोट भी बड़े पैमाने पर जमा होंगे। इन बैंकों को अभी 20 दिन और इंतजार करना होगा। </em><br />
<strong><em>मुकुल रोहतगी, एटर्नी जनरल</em>  </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><em>Agency</em></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/things-will-be-normal-in-15-days/article-452</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/things-will-be-normal-in-15-days/article-452</guid>
                <pubDate>Sat, 10 Dec 2016 00:34:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2016-12/sc.jpg"                         length="24299"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        