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                <title>Study - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>परीक्षा में सफलता पाने के लिए पढ़े पूज्य गुरु जी के ये वचन&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सवाल: पापा जी कई बच्चे बोल रहे हैं कि मेरा पेपर है, मेरा एग्जाम है किसी का सिविल है, किसी का 12वीं का है गाइड करे। जवाब: पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि फोकस करके आप पढ़ाई करे, हमारे अकोरडिंग ये सबसे बढ़िया तरीका है जो हम भी करते रहे कि रात को सौ जाए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/saint-dr-msg-tips-for-study/article-53879"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-10/msg-tips-for-study.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सवाल:</strong> पापा जी कई बच्चे बोल रहे हैं कि मेरा पेपर है, मेरा एग्जाम है किसी का सिविल है, किसी का 12वीं का है गाइड करे।<br />
<strong>जवाब:</strong> पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि फोकस करके आप पढ़ाई करे, हमारे अकोरडिंग ये सबसे बढ़िया तरीका है जो हम भी करते रहे कि रात को सौ जाए और अर्ली मॉर्निंग उठकर पढ़ाई करे क्योंकि जब बिल्कुल थकावट नहीं होगी, माइंड फ्रेश होगा तो आप पढ़ाई करे, यानि उठे, पानी पिये, नहाना है तो नहा ले नहीं तो मुंह धो ले फिर जो आप पढ़ेंगे आपकी मैमोरी में बढ़िया फिट बैठेगा। नींद पूरी ले ले आप इस हिसाब से सैटिंग कर ले और दूसरा बोल के याद करे, लिखके याद करे और इसको एक इमेज बनाके माइंड में फिट करे तो इन तीनो तरीके से अगर आप करोगे तो यकीनन अच्छी तरह से आपके दिमाग में सवाल बैठ जाएंगे इनके जवाब बैठ जाएंगे।</p>
<p><iframe title="FDD Session - Interesting QnA, healthy tips &amp; more | Saint Dr MSG | Honeypreet Insan | 25th Nov 2022" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/6qKaQxs2big?start=245&amp;feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Oct 2023 16:41:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिंताजनक: भारत में 10% पुरुष हाई बीपी, 38% मोटापे और 22% शूगर से ग्रसित</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में 10 फीसदी पुरुष उच्च रक्तचाप से, 38 फीसदी पुरुष मोटापे से और 22 फीसदी पुरुष मधुमेह से ग्रसित हैं। यह खुलासा इंडस हेल्थ प्लस की स्टडी में हुआ है। अध्ययन के मुताबिक स्वास्थ्य की यह स्थिति हानिकारक खाद्य पदार्थों के सेवन, शारीरिक गतिविधि न करने, नींद पूरी न होने, बहुत […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/revealed-in-the-study-of-indus-health-plus/article-49132"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/motapa.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> भारत में 10 फीसदी पुरुष उच्च रक्तचाप से, 38 फीसदी पुरुष मोटापे से और 22 फीसदी पुरुष मधुमेह से ग्रसित हैं। यह खुलासा इंडस हेल्थ प्लस की स्टडी में हुआ है। अध्ययन के मुताबिक स्वास्थ्य की यह स्थिति हानिकारक खाद्य पदार्थों के सेवन, शारीरिक गतिविधि न करने, नींद पूरी न होने, बहुत ज्यादा तनाव, शराब पीने, सिगरेट के सेवन और आनुवांशिक या वंशानुगत कारण है। इस अध्ययन में करीब पांच हजार लोगों को शामिल किया गया और जनवरी 2020 से दिसंबर 2022 के दौरान सैंपल में शामिल लोगों का प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">विटामिन डी, विटामिन बी-12 की भी भारी कमी | Indus Health Plus</h3>
<p style="text-align:justify;">इंडस हेल्थ प्लस की रिपोर्ट के अनुसार 36 फीसदी पुरुष हाइपरलिपिडेमियास, 53 फीसदी लोग विटामिन डी तथा 25 से 32 फीसदी पुरुष विटामिन बी-12 की कमी से ग्रसित हैं। इंडस हेल्थ प्लस में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर विशेषज्ञ अमोल नायकावाड़ी ने कहा, ‘पुरुषों में तनाव और बेचैनी बढ़ती जा रही है। इस कारण वे तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित हैं, , जिसमें उच्च रक्तचाप और मोटापा शामिल है। सुस्त जीवनशैली और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खानपान की आदतें गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) के बढ़ने के लिए जिम्मेदार हैं।’ Indus Health Plus</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘गैर-संक्रामक रोगों के खतरे को कम करने के लिए लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी जाती है। शारीरिक गतिविधि बढ़ाकर और सोच-समझकर खाने-पीने से आप मोटापे का जोखिम कम कर सकते हैं। इस बारे में आम जनता को जागरूक करना बहुत जरूरी है। इससे जीवनशैली संबंधी रोग से बचाव किया जा सकता है। इस जोखिम को कम करने के लिए जीवनशैली में जरा सा बदलाव कर काफी अंतर लाया जा सकता है।’ Delhi News</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Health News: खड़े-खड़े पीते हैं पानी तो याद आएगी एक दिन नानी, जानें क्या हैं नुकसान" href="http://10.0.0.122:1245/disadvantages-of-drinking-water-while-standing/">Health News: खड़े-खड़े पीते हैं पानी तो याद आएगी एक दिन नानी, जानें क्या हैं नुकसान</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/revealed-in-the-study-of-indus-health-plus/article-49132</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Jun 2023 18:44:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिन्दी में चिकित्सा पढ़ाई एक क्रांतिकारी कदम</title>
                                    <description><![CDATA[हिन्दी को उसका गौरवपूर्ण स्थान दिलाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार के प्रयासों से देश में पहली बार मध्य प्रदेश में चिकित्सा की पढ़ाई हिंदी में शुरू होने जा रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई का शुभारम्भ कर एक नए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/medical-study-in-hindi-a-revolutionary-step/article-39923"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/fifty-medical-degrees.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हिन्दी को उसका गौरवपूर्ण स्थान दिलाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार के प्रयासों से देश में पहली बार मध्य प्रदेश में चिकित्सा की पढ़ाई हिंदी में शुरू होने जा रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने हिन्दी में मेडिकल की पढ़ाई का शुभारम्भ कर एक नए युग की शुरूआत की है, इससे न केवल हिन्दी का गौरव बढ़ेगा बल्कि हिन्दी को राष्ट्रभाषा एवं राज-काज की भाषा बनाने में आ रही बाधाएं दूर होंगी। अंग्रेजी भाषा पर निर्भरता की मानसिकता को जड़ से खत्म करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी एवं युगांतकारी कदम होने के साथ अनुकरणीय भी है, जिसके लिये अन्य प्रांतों की सरकारों को बिना राजनीतिक आग्रहों एवं पूर्वाग्रहों के पहल करनी चाहिए। आजादी का अमृत महोत्सव मना चुके देश के लिये यह चिन्तन का महत्वपूर्ण पहलु है कि भारत और अन्य देशों में 70 करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं, फिर भी चिकित्सा-इंजीनियरिंग एवं अन्य उच्च पाठ्यक्रम एवं अदालती कार्रवाई आज भी हिन्दी में क्यों नहीं हो पा रही? हिन्दी में चिकित्सा की पढ़ाई के प्रयोग की प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी, क्योंकि चीन, जापान, जर्मनी, फ्रांस और रूस समेत कई देश अपनी भाषा में उच्च शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अच्छा होता कि भारत में इसकी पहल स्वतंत्रता के बाद ही की जाती। देर से ही सही, चिकित्सा की हिंदी में पढ़ाई का शुभारंभ भारतीय भाषाओं को सम्मान प्रदान करने की दृष्टि से एक मील का पत्थर है। इस प्रयोग की सफलता के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। मातृभाषा में पढ़ाई की अत्यन्त आवश्यकता इसलिये है कि इससे स्व-गौरव एवं स्व-संस्कृति का भाव जागता है। जब नया भारत बन रहा है, सशक्त भारत बन रहा है, विकास के नये अध्याय लिखे जा रहे है तो स्व-भाषा को सम्मान दिया जाना चाहिए। कई देशों ने यह सिद्ध किया है कि मातृभाषा में उच्च शिक्षा प्रदान कर उन्नति की जा सकती है। मातृभाषा में शिक्षा इसलिए आवश्यक है, क्योंकि एक तो छात्रों को अंग्रेजी में दक्षता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा नहीं खपानी पड़ती और दूसरे वे पाठ्यसामग्री को कहीं सुगमता से आत्मसात करने में सक्षम होते हैं। इसी के साथ वे स्वयं को कहीं सरलता से अभिव्यक्त कर पाते हैं। राष्ट्र-भाषा को लेकर छाए धूंध को मिटाने के लिये कुछ ऐसे ही ठोस कदम उठाने ही होंगे।</p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Nov 2022 09:50:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Knowledge Bank: नोलेज बैंक</title>
                                    <description><![CDATA[1. मेगस्थनीज किसका राजदूत था? उत्तर- सेल्युकस का 2. कथककली किस राज्य का नृत्य है? उत्तर- केरल 3. उज्जैन किस नदी के किनारे बसा है? उत्तर- क्षिप्रा 4. दल-बदल कानून कब पारित हुआ ? उत्तर- 1985 ई. में 5. घाना पक्षी अभ्यारण्य किस राज्य में है? उत्तर- राजस्थान 6. कौन सीमांत गांधी के नाम से […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/education-employement/knowledge-bank/article-19441"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-10/book-bank.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>1. मेगस्थनीज किसका राजदूत था?</strong><br />
उत्तर- सेल्युकस का</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>2. कथककली किस राज्य का नृत्य है?</strong><br />
उत्तर- केरल</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>3. उज्जैन किस नदी के किनारे बसा है?</strong><br />
उत्तर- क्षिप्रा</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>4. दल-बदल कानून कब पारित हुआ ?</strong><br />
उत्तर- 1985 ई. में</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>5. घाना पक्षी अभ्यारण्य किस राज्य में है?</strong><br />
उत्तर- राजस्थान</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>6. कौन सीमांत गांधी के नाम से जाने जाते हैं?</strong><br />
उत्तर – खान अब्दुल गफ्फार खान</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>7. मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है?</strong><br />
उत्तर – 10 दिसम्बर</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>8. कौन भारत का प्रमुख चाय उत्पादक देश है?</strong><br />
उत्तर – असम</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>9. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली भारत की दूसरी महिला ह?</strong><br />
उत्तर- सन्तोष यादव</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>10. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन थी?</strong><br />
उत्तर- एनी बेसेंट</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>11. जिम कार्बेट पार्क कहा स्थित है?</strong><br />
उत्तर- उत्तरांचल</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>12. दादा साहब फाल्के पुरष्कार से सम्मानित प्रथम व्यक्ति थे?</strong><br />
उत्तर – देविका रानी</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>13. भारत किस वस्तु का सबसे ज्यादा निर्यात करता है?</strong><br />
उत्तर – सूती कपड़े का</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>14. चना किस फसल के अन्तर्गत आता है ?</strong><br />
उत्तर- दलहन</li>
<li style="text-align:justify;"><strong>15. भारत में सबसे लम्बा रेलमार्ग कौन सा है?</strong><br />
उत्तर- उत्तर रेलवे</li>
</ul>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/education-employement/knowledge-bank/article-19441</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Oct 2020 04:19:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एचटेट पात्रता आजीवन हो, प्रदेश भर में करेंगे बड़ा आंदोलन</title>
                                    <description><![CDATA[सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर एचटेट पात्र अध्यापकों ने किया रोष प्रदर्शन चरखी दादरी (सच कहूँ न्यूज)। एचटेट पात्रता को आजीवन मान्यता देने व जेबीटी की भर्ती निकालने की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर पात्र अध्यापकों ने शहर में रोष प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही सरकार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/htet-eligibility-should-be-lifelong-a-big-movement-will-be-organized-across-the-state/article-17358"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/htet.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर एचटेट पात्र अध्यापकों ने किया रोष प्रदर्शन</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>चरखी दादरी (सच कहूँ न्यूज)।</strong> एचटेट पात्रता को आजीवन मान्यता देने व जेबीटी की भर्ती निकालने की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर पात्र अध्यापकों ने शहर में रोष प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही सरकार पर झूठा वायदा करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश भर में बड़ा आंदोलन शुरू कर आर-पार की लड़ाई लड़ऩे का अल्टीमेटम दिया। सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार घिकाड़ा व प्रदेश सचिव संदीप सांगवान की अगुवाई में एचटेट परीक्षा पास करने वाले पात्र अध्यापकों ने मीटिंग कर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीएम मनोहर लाल द्वारा पिछले चुनाव में झूठा वायदा करके वोट हासिल किए। जब सरकार बनी तो अपना वायदा भूल गए।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रति वर्ष पात्रता परीक्षा पास करने वालों की संख्या लाखों में होती है। लेकिन सरकार ने पिछले 10 वर्ष से जेबीटी अध्यापकों की भर्ती नहीं की। इस समय प्रदेश में जेबीटी अध्यापकों के हजारों पद खाली हैं। बावजूद इसके भर्ती नहीं निकाली गई। जबकि पात्रता परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। सरकार को पात्रता प्रमाण पत्र आजीवन मान्यता देनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो जल्द ही प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू करते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। प्रदर्शन के बाद लघु सचिवालय पहुंचकर तहसीलदार को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2020 16:52:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य सरकार ने 127 स्कूली बच्चों की जान लगाई दांव पर</title>
                                    <description><![CDATA[असुरक्षित बिल्डिंगों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर बच्चे भटिंडा(मनजीत नरूआणा)। जहां राज्य के शिक्षा मंत्री की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के बड़े -बड़े दावे किए जा रहे हैं वहीं ब्लॉक संगत अधीन आते गांव फरीदकोट कोटली के सरकारी प्राथमिक स्कूल के 127 बच्चों की जिंदगी सरकार ने दांव पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/children-forced-to-study-in-unsafe-buildings/article-5075"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/unsafe-bulding-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">असुरक्षित बिल्डिंगों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर बच्चे</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>भटिंडा(मनजीत नरूआणा)।</strong> जहां राज्य के शिक्षा मंत्री की ओर से सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के बड़े -बड़े दावे किए जा रहे हैं वहीं ब्लॉक संगत अधीन आते गांव फरीदकोट कोटली के सरकारी प्राथमिक स्कूल के 127 बच्चों की जिंदगी सरकार ने दांव पर लगाई हुई है। पिछले कई सालों से बच्चे असुरक्षित घोषित बिल्डिंग में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं। स्कूली बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पिछले कई सालों से असुरक्षित घोषित कर बच्चों को इस बिल्डिंग से दूर रखने की हिदायत दी गई थी परंतु बच्चों के बैठने के लिए दूसरा कोई हल न होने के कारण मजबूरीवश बच्चे इसी बिल्डिंग में ही पढ़ाई कर रहे हैं।</p>
<h1>बिजली का बिल न भरने कारण पॉवरकॉम विभाग ने मीटर भी उखाड़ा</h1>
<p style="text-align:justify;">बरसातों के दिनों में यहां कोई भी बड़ा हादसा घटित हो सकता है परंतु संबंधित विभाग व सरकार को सब कुछ पता होने के बावजूद भी उन्होंने अपनी आंखें बंद की हुई हैं। स्कूल में बिजली का बिल हजारों रुपये बकाया होने के कारण पॉवरकाम विभाग की ओर से मीटर का कनैक्शन काट दिया गया, जिस कारण बच्चे गर्मी में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। स्कूली अध्यापकों द्वारा भी स्कूल की कोई आमदन न होने के कारण बिजली का बिल भरने से हाथ खड़े किए हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्रकारों की टीम की तरफ से जब स्कूल में जा कर देखा गया तो बच्चे असुरक्षित बिल्डिंग में बिना बिजली से गर्मी में पढ़ाई कर रहे थे। बिल्डिंग में बड़ी -बड़ी दरारें आने वाले किसी बड़े खतरे से अवगत करवा रही हैं। स्कूल में 23 बच्चे प्री नर्सरी कक्षा के, 4 बच्चे अपंग व मन्दबुद्दी सहित कुल 127 छोटे बच्चे इस असुरक्षित घोषित बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। गांववासियों का तो यहां तक कहना है कि सरकार उस समय स्कूल की नयी बिल्डिंग बनाऐगी जब कोई बड़ी अनहोनी हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह चीमा ने कहा कि यह मामला उन के ध्यान में है। उन्होंने बताया कि स्कूल की पूरी बिल्डिंग असुरक्षित नहीं बल्कि दो कमरे हैं, जिनमें बच्चों को नहीं बिठाया जाता। जब उनसे अन्य कमरों की छतों में आईं बड़ी -बड़ी दरारों संबंधी पूछा तो उन्होंने कहा कि यह दरारें पलस्तर में हैं, इन दरारों का कोई डर नहीं है।</p>
<h1 style="text-align:center;">स्कूल में बच्चों को अनहोनी होने पर दी जाती है बिल्डिंग से बाहर भागने की ट्रेनिंग</h1>
<p style="text-align:justify;">खस्ताहालत हो चुकी बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे बच्चों को पढ़ाई साथ-साथ स्कूल की मुख्य अध्यापकों की ओर से बच्चों को बिल्डिंग में से बाहर भागने की भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव की सरपंच सुरजीत कौर ने कहा कि स्कूल की खस्ताहालत हो चुकी बिल्डिंग संबंधी समूह पंचायत की ओर से दर्जनों बार संबंधित विभाग को लिख कर दिया जा चुका है। उन्होंंने बिल्डिंग के नये निर्माण के लिए संगत दर्शन दौरान गांव आई केंद्रीय मंत्री हरमिसरत कौर बादल को अनुदान के लिए कहा था परंतु फिर भी कोई मसला हल नहीं हुआ। उन्होंने पंचायत के हर संकल्प में स्कूल की नई बिल्डिंग के लिए अनुदान राशि की मांग की थी परंतु बिल्डिंग के लिए कोई अनुदान राशि जारी नहीं की गई।</p>
<h1 style="text-align:center;">कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक टीम स्कूल ने स्कूल बिल्डिंग<br />
किया था असुरक्षित घोषित</h1>
<p style="text-align:justify;">जब इस संबंधी पिछले कई सालों से स्कूल में मुख्य अध्यापक की ड्यूटी निभा रहे लाजविन्दर कौर के साथ बात की तो उन्होंने कहा कि जिस समय से वह स्कूल में आए हैं उस समय से ही स्कूल की बिल्डिंंग खराब थी, जैसे -जैसे समय बीत रहा है बिल्डिंग और भी खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी विभाग की एक टीम स्कूल में आई थी जिसने बिल्डिंग को चैक कर असुरक्षित घोषित कर दिया परंतु फिर भी कोई दूसरा हल न होने के कारण वह मजबूरीवश बच्चों को इस बिल्डिंग में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। बिजली कनैक्शन काटने संबंधी उन्होंने बताया कि संबंधी विभाग फंडों का रोना रो रहा है, जिस कारण पॉवरकॉम विभाग की ओर से बिजली का कनैक्शन भी काट दिया गया।</p>
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<p> </p>
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                                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Aug 2018 03:50:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘ई’ से र्इंट नहीं अब ‘ई’ से इंजीनियर बनने का पढ़ रहे पाठ</title>
                                    <description><![CDATA[भट्टों पर गरीब बच्चों को ज्ञान बाट कर जीवन संवार रहे डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी रादौर (सच कहूँ-लाजपतराय)। सपने हर किसी की आंखों में होते हैं, कोई पढ़-लिखकर डॉक्टर बनाना चाहता है तो इंजिनीयर, अध्यापक या वकील। लेकिन बदकिस्मती और आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण देश के अधिकतर मासूमों के सपने टूट जाते […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/e-does-not-point-out-e-to-study-to-become-engineer/article-3792"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-05/dera-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">भट्टों पर गरीब बच्चों को ज्ञान बाट कर जीवन संवार रहे डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>रादौर (सच कहूँ-लाजपतराय)।</strong> सपने हर किसी की आंखों में होते हैं, कोई पढ़-लिखकर डॉक्टर बनाना चाहता है तो इंजिनीयर, अध्यापक या वकील। लेकिन बदकिस्मती और आर्थिक हालात कमजोर होने के कारण देश के अधिकतर मासूमों के सपने टूट जाते हैं और यदि कोई इनके सपनों को साकार करने का बीड़ा उठा ले तो उसे फरिश्ता कहे तो गलत नहीं होगा। ऐसे ही गरीबों बच्चों के सपनों को उठान देने का काम पिछले 10 सालों से रादौर ब्लॉक के डेरा अनुयायी कर रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षा पर चलते हुए इंजि. कॉलेज के ये विद्यार्थी क्षेत्र के कई र्इंट-भट्ठों पर पाठशाला चलाकर बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दिल्ली इंजीनियर कॉलेज के छात्र बोले, बे-मिसाल है डेरा अनुयायियों द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्य</h2>
<p style="text-align:justify;">डेरा अनुयायियों की मेहनत व लगन को देखकर अब अन्य विद्यार्थी भी बच्चों को शिक्षित करने की मुहिम में कदम बढ़ाने लगे हैं। दिल्ली से आए इंजि. के विद्यार्थियों ने इन पाठशालाओं में बच्चों को अपनी ओर से पाठ्य सामग्री भेंट की। छात्र आशीष, तनुज, राहुल, सुधीर राघव, राजेश, अनुज, अर्पित, सुखविन्द्र, विकास, साहिल, सचिन, जयप्रकाश, मोनिका, शालू, वैशाली, परमवीर ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा विश्व में मानवता भलाई को जो कार्य कर रहा है वो कोई संस्था नहीं कर सकती है। डेरा अनुयायी इन बच्चों को जो शिक्षित करने का काम रहे हैं वो सराहनीय है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जब हमारे बच्चे अंग्रेजी बोलते हैं तो अच्छा लगता है बाबू जी!</h2>
<p style="text-align:justify;">बाबू जी! हम तो पढ़ नहीं पाए। अगर स्कूल गए होते तो आज दो जून की रोटी के लिए मजदूरी न करते। हमें अकसर चिंता सताती थी कि हमारी तहर हमारे बच्चों का भविष्य भी खराब न हो जाए। लेकिन धन्य हैं ये डेरा सच्चा सौदा के सेवादार जो हमारे बच्चों को शिक्षित कर उन्हें इस काबिल बना रहे हैं कि वे अपने पैरों पर खड़े होकर कुछ बन सकें। अपने बच्चों को अंगे्रजी में बोलता देख हमें बहुत अच्छा लगता है। ये कहना है नाथीराम भट्ठे पर काम करने वाले अभिभावक हरिलाल, कन्हिया, लाल बाबू, राज चौहान, मनोज, प्रकाश व सुनील का। वहीं भठ्ठा मालिक रमेश बंशल व मुनीम नाथीराम ने भी डेरा अनुयायियों की इस मुहिम की भरपूर सराहना की।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 May 2018 21:52:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बगैर पढ़े पास नहीं होंगे दिव्यांग विद्यार्थी</title>
                                    <description><![CDATA[अभियान। प्रदेश के दिव्यांग बच्चों को मुख्य धारा में जोड़ने की तैयारी सामान्य बच्चों के बराबर लाने का प्रयास भिवानी(सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश के स्कूलों में पढ़ रहे दिव्यांग बच्चों को अब बिना पढ़ाए लिखाए पास नहीं किया जाएगा, बल्कि बाकायदा उन्हें पाठ्यक्रम से जोड़कर पढ़ाया जाएगा व दूसरे बच्चों के साथ मुख्य धारा में […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/now-handicapped-will-not-pass-without-study/article-3078"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/teacher-1.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">अभियान। प्रदेश के दिव्यांग बच्चों को मुख्य धारा में जोड़ने की तैयारी</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सामान्य बच्चों के बराबर लाने का प्रयास</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी(सच कहूँ न्यूज)।</strong> प्रदेश के स्कूलों में पढ़ रहे दिव्यांग बच्चों को अब बिना पढ़ाए लिखाए पास नहीं किया जाएगा, बल्कि बाकायदा उन्हें पाठ्यक्रम से जोड़कर पढ़ाया जाएगा व दूसरे बच्चों के साथ मुख्य धारा में जोड़ने का काम किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए खास अभियान की शुरूआत भी कर दी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद् गुड़गांव के द्वारा प्रदेश भर के स्पेशल टीचर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इसी के तहत भिवानी जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में भी प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद अब ये स्पेशल टीचर्ज प्रदेश के उन स्कूलों को खास प्रशिक्षण दे रहे हैं, जिन स्कूलों में किसी भी प्रकार की दिव्यांगता से ग्रस्त बच्चे हैं। इन बच्चों को सामान्य बच्चों की मुख्यधारा में लाने के लिए अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्पेशल टीचर्स को दिया जा रहा है प्रशिक्षण</h2>
<p style="text-align:justify;">मास्टर ट्रेनर डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि पूरे प्रदेश भर में अध्यापकों को इस तरह का प्रशिक्षण दिया जाना है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चे खुद को दिव्यांग ना समझें व अध्यापक भी उनको दिव्यांग ना समझकर स्लो जर्नर की तरह ट्रीट करें व कमजोर बच्चों की तरह ही उन पर खास ध्यान देकर उन्हें दूसरे बच्चों के बराबर लाने के प्रयास करें। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी संतोष नागर ने भी इस प्रशिक्षण शिविर को कारगर बताया। उन्होंने बताया कि वे लगातार इस शिविर की मानिटरिंग कर रही हैं। वहीं प्रशिक्षण कैम्प में भाग ले रहे अध्यापकों का कहना है कि दिव्यांग बच्चों को पढ़ाना मुश्किल होता है तथा उन्हें किस तरह दूसरे बच्चों के साथ मुख्यधारा में जोड़ा जाए, यही इस कैम्प में बताया जा रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पहले लागू था फेल न करने का नियम</h2>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बच्चों को फेल ना करने का नियम ऐसे बच्चों पर भी लागू था तथा उन्हें भी बिना किसी ज्ञान के अगली कक्षा में किए जाने का प्रावधान है। ऐसे में विभाग इस बात को लेकर गंभीर हुआ है कि ऐसे बच्चों की पहले तो दिव्यांगता की पहचान की जाए कि वह किस तरह की दिव्यांगता से ग्रस्त है। उसके बाद उसका मैडिकल प्रमाण पत्र बनवाकर उसे दूसरे लाभ दिलवाने का काम भी विभाग के द्वारा किया जा रहा है तो साथ ही अब उन बच्चों को सामान्य बच्चों की तरह वही पाठ्यक्रम पढ़ाकर मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सरकार एवं विभाग के द्वारा कवायद शुरू की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                <pubDate>Sat, 12 Aug 2017 07:27:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>शिक्षा के मंदिर में ताश की क्लास</title>
                                    <description><![CDATA[तस्वीर देखकर अंदाजा लगाएं क्या बनेंगे इस स्कूल के बच्चे, डॉक्टर, इंजीनियर या जुआरी चरखी दादरी(सच कहूँ न्यूज)। विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और हम अपने बच्चों को विद्यालय इसलिए भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि बनें। लेकिन देश के इन भावी कर्णधारों के मार्गदर्शक के रूप […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/video-viral-teachers-playing-cards-in-school-time/article-2904"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/school-1.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">तस्वीर देखकर अंदाजा लगाएं क्या बनेंगे इस स्कूल के बच्चे, डॉक्टर, इंजीनियर या जुआरी</h2>
<p><strong>चरखी दादरी(सच कहूँ न्यूज)।</strong> विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और हम अपने बच्चों को विद्यालय इसलिए भेजते हैं ताकि वे पढ़-लिखकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील आदि बनें। लेकिन देश के इन भावी कर्णधारों के मार्गदर्शक के रूप में विद्यालय में मौजूद अध्यापक रूपी पुजारी ही यदि तमाम मर्यादाएं लांघकर अमर्यादित आचरण करने लगें, स्कूल समय में पढ़ाने की बजाए ताश के पत्ते पीटने लगें और दरी बिछाकर पूरी निडरता से सुस्साते रहें तो आप स्वंय अंदाजा लगा लीजिए कि देश का भविष्य कैसा होगा?</p>
<p>चरखी दादरी के गांव फतेहगढ़ स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को ली गई यह तस्वीर तो शिक्षा विभाग के साथ-साथ समस्त अध्यापक वर्ग को शर्मसार कर देने वाली है क्योंकि विद्यालय के अध्यापक स्कूल समय में ही मजे से ताश के पत्ते पिटते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर में ताश की क्लास में प्राचार्य व अध्यापकों के पीछे कुछ अध्यापक आराम से सोते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।</p>
<h2>खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत मिलने का इंतजार</h2>
<p>साथ ही एक चारपाई भी दिखाई दे रही है लेकिन फिलहाल उस पर कोई नहीं है। दूसरी तरफ विद्यालय में विद्यार्थियों की अगर बात करें तो वे आराम से खेल-कूद में व्यस्त हैं। लगता है पढ़ाई-लिखाई से इन्हें कोई लेना-देना ही नहीं। पूछने पर विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में अध्यापकों का यही हाल है। वे रोजाना स्क्ूल समय में इसी तरह ताश खेलते हैं, उनकी पढ़ाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। कुछ भी हो यह तस्वीर शिक्षा विभाग के साथ-साथ प्रदेश सरकार के दावों की भी पोल खोल रही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">स्कूल टाइम में ताश खेलते अध्यापकों का वीडियो वायरल</h2>
<p style="text-align:justify;">जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें स्कूल के प्राचार्य विनोद श्योराण के साथ ताश खेलते हुए एसएस अध्यापक हरेंद्र, संस्कृत अध्यापक रामधन व मैथ अध्यापक सतीश कुमार दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य अध्यापक ताश खेलने वाले अध्यापकों के साथ वाले कमरे में आराम से सो रहा है।</p>
<p>जिस स्कूल समय में प्राचार्य व अन्य अध्यापक अध्यापन की बजाए ताश खेलने में मशगुल रहते हों, भला ऐसे स्कूल में पढ़ाई व बेहतर रिजल्ट की आस कैसे की जा सकती है। स्कूल टाइम में कोइर् बच्चे ग्राऊंड में घूूम रहे हैं तो कुछ शोर-शराबा कर रहे हैं। लेकिन अध्यापक हैं कि उन्हें कोई सरोेकार नहीं। स्कूल का आधा स्टाफ जहां ताश व मोबाइल में व्यस्त है वहीं एक अध्यापक कमरे में आराम में सो रहे हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Aug 2017 00:20:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>231 विद्यार्थियों को पढ़ा रहा केवल एक अध्यापक</title>
                                    <description><![CDATA[चिंतन: विद्यार्थियों को पढ़ाई के क्षेत्र में करना पड़ रहा परेशानियों का सामना 9 पोस्टों में 8 रिक्त एक सप्ताह में अध्यापकों की कमी पूरी न की तो संघर्ष शुरू करेंगे: मैनेजमैंट झुनीर(गुरजीत सिंह)। पंजाब की अकाली भाजपा सरकार ने चाहे पंजाब को शिक्षा के स्तर पर ऊपर लेजाने का दस साल दावा किया परंतु […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/231-students-studying-only-one-teacher/article-2485"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/school-3.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">चिंतन: विद्यार्थियों को पढ़ाई के क्षेत्र में करना पड़ रहा परेशानियों का सामना</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>9 पोस्टों में 8 रिक्त</strong></li>
<li><strong>एक सप्ताह में अध्यापकों की कमी पूरी न की तो संघर्ष शुरू करेंगे: मैनेजमैंट</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>झुनीर(गुरजीत सिंह)।</strong> पंजाब की अकाली भाजपा सरकार ने चाहे पंजाब को शिक्षा के स्तर पर ऊपर लेजाने का दस साल दावा किया परंतु उसके कार्यकाल में गांव झेरियांवाली के हाई स्कूल में अध्यापकों के पड़े रिक्त पदों की पूर्ति नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्ता बदल गई परंतु इस स्कूल के हालात अब भी वैसे के वैसे ही हैं। अध्यापकों की कमी होने के कारण स्कूल मैनेजमेंट ने संघर्ष शुरू करने की चेतावनी दी है। स्कूल मैनेजमेंट समिति, पीटीए समिति की चेयरमैन व गांव की सरपंच सुखपाल कौर ने बताया कि हाई स्कूल में 6वीं कक्षा से 10वीं कक्षा तक विद्यार्थियों की संख्या 231 है। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए सिर्फ 1 ही अध्यापक को तैनात किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि स्कूल में कुल 9 पदों में 8 पद रिक्त पड़े हैं। एक अध्यापक 231 विद्यार्थियों को नहीं पढ़ा सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कई सालों से पढ़ाई के क्षेत्र में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए कई सालों से इस गांव के व्यक्ति उच्च शिक्षा हासिल करने से भी वंचित रह जाते हैं। इस मौके कैप्टन कृष्ण सिंह, सरपंच सुखपाल कौर, गुरदीप सिंह, हरबंस सिंह, प्रिथी सिंह पंच, राम सिंह पंच आदि विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अभिभावकों ने पिछले वर्ष जड़ा था स्कूल को ताला: चेयरमैन</h2>
<p style="text-align:justify;">चेयरमैन ने बताया कि पिछले साल भी स्कूल समिति व विद्यार्थियों के माता-पिता ने मजबूर होकर पिछले साल भी स्कूल को ताला लगा दिया था। उस मौके विभाग ने छह अध्यापक भेज दिए थे परंतु कुछ समय बाद ही यह अध्यापक अपनी बदली कराकर यहां से चले गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंधी नगर पंचायत स्कूल मैनेजमेंट समिति व विद्यार्थियों के अभिभावकों शिक्षा विभाग को चेतावनी देते कहा कि यदि इस स्कूल में एक सप्ताह के अंदर अध्यापकों की कमी को पूरा न किया तो वह अपना संघर्ष शुरू करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                <pubDate>Fri, 21 Jul 2017 01:11:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘समान काम समान वेतन’ पर सरकार का अध्ययन जारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के 1.5 लाख कच्चे कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी हरियाणा प्रदेश सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की पालना करने वाला प्रदेश- विज ChandiGarh, Anil Kakkar: ‘समान काम समान वेतन’ की मांग पर अड़े प्रदेश के करीबन 1.5 लाख कच्चे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर जल्द आ सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-government-continues-to-study-on-same-work-same-salary/article-362"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/vij.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>प्रदेश के 1.5 लाख कच्चे कर्मचारियों को जल्द मिल सकती है खुशखबरी</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>हरियाणा प्रदेश सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की पालना करने वाला प्रदेश- विज</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Anil Kakkar:</strong> ‘समान काम समान वेतन’ की मांग पर अड़े प्रदेश के करीबन 1.5 लाख कच्चे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर जल्द आ सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद प्रदेश सरकार इन आदेशों के अध्ययन में लगी है और जल्द ही प्रदेश में ‘समान काम समान वेतन’ लागू होने की संभावना है। इस संभावना पर आज प्रदेश के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी मोहर लगा दी है। उनका कहना है कि हरियाणा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने वाला राज्य है और इस आदेश की भी पालना की जाएगी। विज अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">कच्चे कर्मचारियों द्वारा ‘समान काम समान वेतन’ की मांग को लेकर 11 दिसंबर को जींद में प्रदेश स्तरीय रैली का ऐलान किया है जो कि प्रदेश सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकती है। हालांकि प्रदेश के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री इसे चुनौती नहीं मानते उनका कहना है कि प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन कर रही है और इस आदेश की पालना अवश्य की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का कोई प्रश्न ही नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के कच्चे कर्मचारियों के हक़ में दो-तीन बार मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिख चुके अनिल विज से जब इस बाबत सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी चिट्ठी का असर हो रहा है। वे हमेशा आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों के शोषण के बारे में आवाज़ उठाता रहे हैं। क्योंकि आउटसोर्सिंग में ठेकेदार, अधिकारी मिलकर काफी भ्रष्टाचार करते हैं। तो इसीलिए सरकार ने फैसला किया है कि गु्रप सी-डी की भर्तियां कांट्रैक्ट बेस पर होंगी और जल्दी ही इसका प्रारूप तैयार कर दिया जाएगा। अब आउटसोर्सिंग भर्ती न होकर कांट्रैक्ट बेस पर भर्ती होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार द्वारा डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष किए जाने के फैसले के बाद डायरैक्टर जनरल हैल्थ डॉ. कमला सिंह द्वारा हाईकोर्ट में प्रशासनिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने की अपील पर विज ने कहा कि डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 वर्ष करने का फैसला बहुत सोच विचार करने के बाद लिया गया ताकि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके और अनुभवी डॉक्टर अपनी सेवाएं कुछ साल और दे सकें। वहीं इस फैसले के पीछे सरकार की भावना ज्यादा से ज्यादा डॉक्टरों को क्लीनिकल कार्यांे में लेकर आना था ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सके। इसलिए सरकार ने यह भी फैसला किया कि यदि प्रशासनिक पदों पर तैनात डॉक्टर भी रिटायरमेंट के बाद क्लीनिकल जॉब कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">विज ने कहा कि ‘‘हमनें बहुत सोच समझ कर फैसला किया है परंतु अपनी मांग के लिए किसी को भी कोर्ट जाने का अधिकार है। हम कोर्ट में अपनी बात भी रखेंगे और कोर्ट फैसला करेगी उसे देखेंगे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा कैशलेस पॉलिसी पर जोर देने की कवायद पर विज ने कहा कि कहीं से तो शुरूआत करनी होगी। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया है। आज सभी विकसित देश कैशलेस हो चुके हैं। लेकिन भारत बहुत पीछे है। और कैशलेस होने से समाज में फैली 100 अन्य कुरीतियों का इलाज हो जाएगा। कई प्रकार की टैक्स चोरी, रिकॉर्ड में हेरा-फेरी आदि जैसी बुराइयां समाप्त होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कैश की इस समय दिक्कत है लेकिन देश के लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़े हैं और जैसा कि सबने देखा गत दिनों विपक्ष द्वारा बुलाए गए भारत बंद को आम जनता ने बिल्कुल नकार दिया तो इससे साफ होता है कि लोग बदलाव चाहते हैं। और इतने बड़े बदलाव में यदि थोड़ी दिक्कत आ रही है तो लोग घबरा नहीं रहे बल्कि पीएम मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं क्यों कालेधन, भ्रष्टाचार से हर हिंदुस्तानी निज़ात चाहता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अदालत के फैसले का इंतजार करें जाट नेता</strong><br />
आरक्षण पर हाईकोर्ट से जल्द राहत ने मिलने की सूरत में जाट नेता यशपाल मलिक द्वारा फिर से प्रदेश में शांतिपूर्वक आंदोलन करने की बात कही गई है इस पर विज ने कहा कि जो उनकी मांग थी वो सरकार ने स्वीकार कर ली थी और अब मामला हाईकोर्ट में है। यदि उनकी कोई शिकायत है तो अदालत के खिलाफ हो सकती है परंतु सरकार के खिलाफ नहीं हो सकती। सरकार भी हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है और उन्हें भी फैसले का इंतजार करना चाहिए। सभी को अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2.5 करोड़ लोगों को जारी होंगे कम्प्यूट्रीकृत स्वास्थ्य कार्ड</strong><br />
स्वास्थ्य मंत्री विज ने बताया कि हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के 2.5 करोड़ नागरिकों को कम्प्यूटीकृत स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है और सभी लोगों के हैल्थ डाटा को विशिष्टद्द पहचान (यूआईडी) से जोड़ा जाएगा।<br />
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कार्ड की इस अवधारणा के तहत प्रत्येक व्यक्ति के सभी आवश्यक टेस्ट किए जाएंगे और टेस्ट की रिपोर्ट को कम्प्यूटर और स्वास्थ्य कार्ड पर अपलोड किया जाएगा। अस्पताल द्वारा संबंधित व्यक्ति के स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में प्राथमिक रिपोर्ट दी जाएगी। संबंधित व्यक्ति, यदि चाहे तो, अपने स्वास्थ्य कार्ड का प्रिंट ले सकता है। प्रत्येक व्यक्ति का समस्त सॉफ्ट डाटा केन्द्रीय सर्वर पर संरक्षित किया जाएगा ताकि संबंधित व्यक्ति यूआईडी आधार पर राज्य में किसी भी स्वास्थ्य केन्द्र से यह डाटा प्राप्त कर सके।<br />
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने इसलिए स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए अभिरूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है। अभिरूचि की अभिव्यक्ति के प्रस्ताव 15 दिसम्बर, 2016 तक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय, पंचकूला में जमा करवाने होंगे। विज ने कहा कि मरीज की जांच के उपरांत जांच रिपोर्ट मरीज के विशिष्ट स्वास्थ्य पहचान संख्या (यूएचआईडी) के साथ स्वत: ही जुड़ जाएगी। मरीज की सभी टेस्ट रिपोर्ट और प्रदान की गई ओपीडी या इनडोर सेवाएं भी यूएचआईडी से जुड़ जाएंगी। जब कभी मरीज दोबारा उसी अस्पताल या किसी अन्य अस्पताल में जाता है तो डॉक्टर मरीज का समस्त रिकार्ड, जिसमें में पुरानी एवं नई जांच शामिल हैं, को देख सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>राष्ट्रगान पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी करें स्वागत</strong><br />
सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रगान पर दिए गए फैसले का विज ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रगान सिनेमा घरों में फिल्म समाप्त होने के बाद दिखाया जाता था तो लोग उठकर चले जाते थे। क्योंकि वे 3 घंटे फिल्म के लिए तो बैठ सकते थे लेकिन 52 सैकिंड के राष्ट्रगानके लिए उनके पास वक्त नहीं था। यह सीधा-सीधा राष्ट्रगान का अपमान था। लेकिन अब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रगान को फिल्म शुरू होने से ठीक पहले बजाने तथा वहां मौजूद दर्शकों को खड़े होकर उसमें हिस्सा लेने का आदेश दिया गया है जो कि स्वागतयोग्य है। अब इसे देश के सभी सिनेमा घरों में लागू किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>देश में साइलेंट मोदी क्रांति का दौर</strong><br />
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक देश एक चुनाव’ के विचार पर सहमति जताते हुए विज ने कहा कि देश में फिलहाल साइलेंट मोदी क्रांति जारी है। पीएम मोदी की कोशिशों तथा जनता के सहयोग से बहुत सी चीजें तेज़ी से बदल रही हैं। देश में खुले में शौच के खिलाफ मूवमेंट चल रही है और यह बड़े स्तर पर जारी है। स्वच्छ भारत अभियान इंप्लीमेंट कर दिया गया है और अब उन्होंने देश की जनता से कैशलेस पॉलिसी अपनाने पर बल दिया है। बहुत से दुनिया के देश कैशलेस पॉलिसी को पहले से ही अपना चुके हैं लेकिन पूर्व की सरकारों ने भारत देश के बारे में जरा सी भी परवाह नहीं की। परंतु अब पीएम मोदी ने चार्ज संभाल लिया है और वे फुल स्पीड से देश में कुरीतियों को समाप्त करने में लगे हैं। इसी के चलते उन्होंने एक देश एक चुनाव का बिगुल बजा दिया है क्योंकि पूरे देश में हर दो-चार महीने बाद कोई न कोई इलैक्शन होते रहते हैं जिससे वहां कोड आॅफ कंडक्ट लग जाता है। बहुत से विकास के कार्य थम जाते हैं। सरकारें अपाहिज सी हो जाती हैं। इससे सरकारों के खजानों पर भारी बोझ पड़ता है तो बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होता है। इसलिए यह निर्णय भी अगर हो जाता है तो यह एक अन्य क्रांतिकारी कदम होगा जो कि देश में से बहुत सी बीमारियों को जड़ से मिटा देगा।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Dec 2016 23:24:54 +0530</pubDate>
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