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                <title>mosquitoes - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Mosquitoes: मच्छरों के आतंक ने कर दिया है तबाह तो आज ही से करें ये 5 घरेलू उपाय&amp;#8230;कुछ ही मिनटों में हो जाएगी मच्छरों की छुट्टी</title>
                                    <description><![CDATA[Home Remedies To Get Rid Of Mosquitoes: जैसे ही गर्मियां शुरू हो जाती है वैसे ही गर्मी के साथ-साथ मच्छर भी तंग करने लगते हैं, और जैसे ही मच्छर को मारने की कोइल, या तेल की खूशबू खत्म होती है वैसे ही मच्छर फिर हमला करने लगते हें। घर के चाहे किसी भी कोने में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/home-remedies-to-get-rid-of-mosquitoes/article-57437"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/mosquitoes.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Home Remedies To Get Rid Of Mosquitoes: जैसे ही गर्मियां शुरू हो जाती है वैसे ही गर्मी के साथ-साथ मच्छर भी तंग करने लगते हैं, और जैसे ही मच्छर को मारने की कोइल, या तेल की खूशबू खत्म होती है वैसे ही मच्छर फिर हमला करने लगते हें। घर के चाहे किसी भी कोने में आप बैठ जाओं वहीं मच्छर परेशान करने लगते हैं, इनका हर वक्त हमला करने पर ही ध्यान रहता हैं। आप चाहें इनसे बचने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर लों लेकिन फिर में मच्छर किसी ने किसी कोने में छिपकर हमला करने की सोचते रहते हैं, कि कब रेपलेंट खत्म हो और कब वे आकर आपको काट सकें। इन मच्छरों से सभी बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं, कभी-कभी तो लगता है कि गर्मी बर्दाश्त हो सकती है लेकिन ये मच्छर नहीं… क्यों आपको भी मच्छरों ने इतनी बुरी हालत कर दी है तो आप इन घरेलू उपायों को अपनाकर इन मच्छरों से छुटकारा पा सकते हैं। Mosquitoes</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/a-fierce-solar-storm-is-about-to-hit-the-earth-many-countries-can-turn-into-dark-cities/#google_vignette">Haryana: सैनी सरकार इस जगह खरीदेगी 2300 एकड़ जमीन, किसानों को मिलेंगे मुंहमांगे दाम, जानें कौनसी है जगह ?</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय | Mosquitoes</h3>
<p style="text-align:justify;">लहसून: आपको बता दें कि लहसुन का रस मच्छरों को फूटी आंख नहीं सुहाता हैं, कुछ लहसुन की कलियों को मसलकर पानी में उबाल लें, अब इसे स्प्रे बोतल में भरकर पूरे कमरें में छिड़क लें, इससे कमरें में मौजदू सभी मच्छर भाग जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉफीः- अगर आपको अपने घर या महौल्ले के आस-पास कहीं भी लगता हैं कि मच्छर अंडे दे सकते हैं या पनप सकते हैं, तो वहां आपको कॉफी पाउडर या कॉफी ग्राउंड्स डाल दें, सब मच्छर और उनके अंडे मर जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पुदीनाः- सायद आपको पता नहीं होंगा कि पुदीने की खुशबू से मच्छरों को चिड़ होती है, जी हां अगर आप पुदीने के तेल को घर में जगह-जगह छिड़क दें, तो इससे मच्छर आपके घर से दूर रहेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">नीम का तेलः- क्या आप चाहते हैं कि आपके शरीर पर मच्छर ना काटें और आपसे दूर ही रहें तो इसके लिए आप नीम के तेल को पानी में मिलाकर या अपने बॉडी लोशन में मिलाकर शरीर पर लगा लें, इससे मच्छर आपके आस-पास भी नहीं भटकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">सोयाबीन का तेलः नीम के तेल की तरह सोयाबीन का तेल भी मच्छरों को आपसे दूर रखता है, इस तेल को आप रात में सोने से पहले अपने शरीर पर लगा लें, इससे आपको रातभर मच्छर नहीं काटेंगे और आप चैन की नींद ले पाएंगे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 May 2024 10:36:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Mopping Tips: पानी में ये चीजें मिलाकर पोछा लगाएं, मच्छर होंगे छूमंतर!</title>
                                    <description><![CDATA[Mop Water: नई दिल्ली। गर्मी का सीजन आ चुका है और आप मच्छरों से परेशान हो रहे होंगे और सोच रहे होंगे कि घर पर पनपे मच्छरों से कैसे छुटकारा पाया जाए? यह प्रचलित समस्या है, विशेष रूप से भारत जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, न केवल परेशानी पैदा करती है बल्कि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/mix-these-things-in-water-and-mop-mosquitoes-will-disappear/article-56402"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-04/mopping-tips.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Mop Water:<strong> नई दिल्ली।</strong> गर्मी का सीजन आ चुका है और आप मच्छरों से परेशान हो रहे होंगे और सोच रहे होंगे कि घर पर पनपे मच्छरों से कैसे छुटकारा पाया जाए? यह प्रचलित समस्या है, विशेष रूप से भारत जैसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, न केवल परेशानी पैदा करती है बल्कि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के कारण स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा करती है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको इन हानिकारक कीड़ों से निपटने के लिए प्रभावी उपाय प्रदान करने जा रहे हैं, जिससे आप अपने इनडोर और आउटडोर स्थान को मच्छर-मुक्त बना सकते हैं। Mopping Tips</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/dubai-gold-price/">Dubai Gold Price: दुबई में क्यों मिलता है इतना सस्ता सोना? जानें इसके पीछे की सच्चाई</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">ये हैं सर्वोत्तम तरीके और युक्तियाँ | Mopping Tips</h3>
<p style="text-align:justify;">मच्छरों के समाधान के लिए विभिन्न तरीकों की सूची बनाते समय एक बात का ध्यान रखें कि आप इसे रसायनों या प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करके कर सकते हैं। कुछ लोग रसायनों के प्रति संवेदनशील होते हैं और इसलिए घर पर मच्छरों को मारने के लिए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करना पसंद करते हैं! आइए मच्छरों की समस्या को हमेशा के लिए दूर रखने के कुछ बेहतरीन तरीकों पर एक नजर डालें!</p>
<h3 style="text-align:justify;">रासायनिक विकर्षक | Mopping Tips</h3>
<p style="text-align:justify;">सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली विधि और निश्चित रूप से घर पर मच्छरों को कम करने का उत्तर रासायनिक रिपेलेंट्स का उपयोग करना है। उनमें से कुछ स्प्रे के रूप में आते हैं जिन्हें आप खिड़कियों, रसोई, बाथरूम और विभिन्न क्षेत्रों पर छिड़क सकते हैं जहां मच्छर दिखाई देते हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि घर में मच्छरों को कैसे नष्ट किया जाए तो रासायनिक विकर्षक सबसे अच्छा उत्तर हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/this-tradition-has-been-going-on-in-pehowa-haryana-since-the-mahabharata-period/">Mahabharata: महाभारत काल से चली आ रही है हरियाणा के पिहोवा में ये प्रथा</a></p>
<h3 style="text-align:justify;">मच्छर निरोधक पौधों का प्रयोग करें</h3>
<p style="text-align:justify;">घर में मच्छरों का सामना न करने का रहस्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जिससे वे नफरत करते हैं। घर में मच्छरों से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका प्राकृतिक पौधों का उपयोग करना है जो उत्कृष्ट विकर्षक के रूप में कार्य करते हैं। मच्छरों को दूर भगाने वाले आसानी से उपलब्ध इनडोर पौधे जिन्हें आपको घर में रखना चाहिए वे हैं गेंदा, पुदीना, लेमनग्रास और तुलसी।</p>
<h3 style="text-align:justify;">खाद्य पदार्थों का मिश्रण</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आप सोच रहे हैं कि रसोई में आसानी से उपलब्ध वस्तुओं का उपयोग करके हम मच्छरों से छुटकारा पा सकते हैं तो यह आप बहुत ही अच्छा सोच रहे हंै! यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि मच्छरों को खट्टे फलों और लौंग की गंध से नफरत होती है। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए नींबू में लौंग डालना सबसे आसान आजमाया हुआ और परखा हुआ घरेलू उपाय है। अगर आपके घर पर ये नहीं हैं, तो आप लहसुन की कुछ कलियों को कुचलकर उसका रस एक बोतल में इकट्ठा कर सकते हैं। इस रस को खिड़कियों के आसपास छिड़कने से कमरे में मच्छरों से तुरंत छुटकारा मिल जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">बचाव के लिए साबुन का पानी</h3>
<p style="text-align:justify;">यदि आप जानना चाहते हैं कि घर में हर कीड़े को भगाने की लगातार कोशिश किए बिना घर पर मच्छरों को कैसे मारा जाए, तो यह उपाय आपके लिए है! मच्छरों को जलस्रोत के पास रहना पसंद होता है, और उन्हें धोखे से जमा पानी के पास आने से आसानी से फँसाया जा सकता है। युक्ति यह है कि विभिन्न घरेलू क्षेत्रों में साबुन के पानी के ऊपर झाग की एक अच्छी परत रखें। एक बार जब मच्छर साबुन के पानी के संपर्क में आएगा, तो वह फंस जाएगा, और यही कारण है कि यह मच्छर हैक घर पर कीड़ों और मक्खियों के लिए सबसे अच्छा समाधान है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सदन में कमियों की जाँच करें</h3>
<p style="text-align:justify;">जब मच्छरों की बात आती है, तो रोकथाम निस्संदेह इलाज से बेहतर है। वे घातक हैं, और मच्छरों से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा उपाय यह सुनिश्चित करना है कि वे आपके घर में प्रवेश न करें! अधिकांश कीड़े दरवाजों या खिड़कियों में बने अंतरालों से प्रवेश करते हैं, और इस प्रकार इन अंतरालों की जाँच करना महत्वपूर्ण है कि कहीं उनमें मच्छरों का निवास तो नहीं है। खिड़कियों पर मच्छरदानी लगाना भी मच्छर नियंत्रण के बेहतर तरीकों में से एक है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>घर परिवार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Apr 2024 11:30:22 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>Fazilka: बारिश के दिनों में मच्छरों की तादाद बढ़ने पर अधिक सावधानी बरतें</title>
                                    <description><![CDATA[सप्ताह में एक दिन कूलरों को रखें ड्राई: एसएमओ डॉ. गांधी Fazilka (रजनीश रवि )। फाजिल्का के सिविल सर्जन डॉ. सतीश कुमार गोयल व सहायक सिविल सर्जन डॉ. बबीता के निर्देशानुसार जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोयल, सीएचसी खोईखेड़ा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/be-more-careful-when-the-number-of-mosquitoes-increases-during-rainy-days/article-49288"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/fazilka.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">सप्ताह में एक दिन कूलरों को रखें ड्राई: एसएमओ डॉ. गांधी</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>Fazilka (रजनीश रवि )।</strong> फाजिल्का के सिविल सर्जन डॉ. सतीश कुमार गोयल व सहायक सिविल सर्जन डॉ. बबीता के निर्देशानुसार जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. रोहित गोयल, सीएचसी खोईखेड़ा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आज गाँव बाकेन वाला में सुपरवाईजर इंदरजीत सिंह की देखरेख में मलेरिया जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपस्थित लोगों को मलेरिया के बारे में शिक्षित करते हुए कवलजीत ने क्षेत्रवासियों को मच्छरों (mosquitoes) से बचने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्हें अपने आसपास साफ-सफाई रखने, पानी खड़ा नहीं होने देने, मच्छरदानी का प्रयोग करने और हर सप्ताह कूलर, गमले, रेफ्रिजरेटर साफ करने को कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य कर्मी कवलजीत ने बताया कि काले जले तेल को भी सप्ताह में एक बार नालों व तालाबों में डालना चाहिए ताकि ठहरे हुए पानी में मच्छर पैदा न हो सकें। रात को सोते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। अगर आपको बुखार है तो अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल, उपकेंद्र में जांच कराएं। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सीएचओ पूनम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता कवलजीत, एएनएम परवीन रानी, आशा कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Jun 2023 16:36:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डेंगू व चिकनगुनिया से बचना है तो मच्छरों से रहें सावधान</title>
                                    <description><![CDATA[चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर पूरा दिन सक्रिय रहता है, खासतौर से सुबह और दोपहर में। इसलिए इन जगहों पर जाने से बचें, जहां मच्छर ज्यादा हो। अपनी शरीर पर मच्छर को दूर भगाने वाले उत्पाद या रात को सोते समय नेट का इस्तेमाल करें। पेय पदार्थ को ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/health/beware-of-mosquitoes-if-you-want-to-avoid-dengue-and-chikungunya/article-86965"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-09/dengu-and-chicken-gunia.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर पूरा दिन सक्रिय रहता है, खासतौर से सुबह और दोपहर में। इसलिए इन जगहों पर जाने से बचें, जहां मच्छर ज्यादा हो। अपनी शरीर पर मच्छर को दूर भगाने वाले उत्पाद या रात को सोते समय नेट का इस्तेमाल करें। पेय पदार्थ को ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल करें। मच्छरों द्वारा काटे जाने से बचें, क्योंकि मच्छर आपको काटने के बाद आपके शरीर का इंफेक्शन दूसरे व्यक्ति के शरीर में संक्रमित कर सकता है। बुखार और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पेन किलर ले सकते हैं वो भी डॉक्टर की सलाह पर लें।</p>
<p style="text-align:justify;">डेंगू संक्रामक रोग नहीं है और न ही यह एक व्यक्ति से दूसरे तक छूने, साथ खाने और छींकने-खांसने से नहीं पहुंचता। इसमें तेज बुखार आता है, 104 डिग्री तक भी, और सिर-दर्द व बदन-दर्द होता है। चकत्ते भी दिखाई पड़ते हैं और खुजली होती है। कई बार मिचली आती है और उल्टी तक हो जाती है। यदि पेट में दर्द, काला मल, और घबराहट महसूस हो, नाक, मुंह से खून आए तो स्थिति को गंभीर डेंगू कहा जा सकता है। यदि रक्तस्राव हो या प्लेटलेट काउन्ट 10 हजार से नीचे चला जाए तो चिंता का विषय है। पपीते के कोमल पत्तों का रस लेने से और बकरी के दूध का सेवन करने से प्लेटलेट तेजी से बढ़ते हैं। अधिक ठंड के मौसम में डेंगू का खतरा कम हो जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है चिकनगुनिया और डेंगू बुखार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बुखार एडिस एजिप्ट मच्छर के काटने से फैलता है। दोनों ही बीमारियों में संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक प्रत्यक्ष तौर पर तो नहीं फैलता, लेकिन डेंगू और चिकनगुनिया वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से यह तेजी से फैलता है। डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर दिन में काटते हैं. आपको बता दें, चिकनगुनिया तथा डेंगू बुखार के बीच अंतर करना कठिन हो सकता है लेकिन हम आपको कुछ बारीक फर्क बता रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>मच्छर आता कहां से है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया और डेंगू दोनों बीमारियां एक ही वायरस से होती हैं। इस वायरस वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है जो आपके कूलर या गमले में कहीं भी हो सकता है। बरसात की वजह से वातावरण में जो नमी होती है उससे चिकुनगुनिया और डेंगू के मच्छर और ज्यादा पनपते हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकुनगुनिया और डेंगू के लक्षण तकरीबन एक जैसे ही हैं। जैसे की त्वचा पर रैशेज पड़ना, बुखार आना और कमजोरी. लेकिन डेंगू में जहाँ प्लेटलेट्स घट जाते हैं वहीं चिकुनगुनिया में मसल्स और बोन में पेन बहुत ज्यादा होता है। मच्छर काटने के दो से एक सप्ताह बाद इसके लक्षण नजर आते हैं। चिकनगुनिया बुखार आमतौर पर जानलेवा नहीं होता लेकिन पहले से बीमार, बुजुर्गों और बच्चों के जीवन के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। बदन दर्द, ज्वाइंट में दर्द, चकते निकलना, बुखार, सिर दर्द, कमजोरी, भूख न लगना और उल्टी, खांसी, जुकाम इसके प्रमुख लक्षण हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>चिकनगुनिया और डेंगू की पहचान</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया का पता ब्लड टेस्ट और कुछ जरूरी चिकित्सा परिक्षाओं से किया जा सकता है, जिसमें सेरोलॉजिकल और विरोलॉजिकल टेस्ट शामिल हैं. वहीं एनएस 1 टेस्ट डेंगू के लक्षण सामने आने पर शुरूआती पांच दिनों के अंदर किया जाना चाहिए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कैसे बचें चिकनगुनिया और डेंगू से</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया और डेंगू का मच्छर पूरा दिन सक्रिय रहता है, खासतौर से सुबह और दोपहर में। इसलिए इन जगहों पर जाने से बचें, जहां मच्छर ज्यादा हो। अपनी शरीर पर मच्छर को दूर भगाने वाले उत्पाद या रात को सोते समय नेट का इस्तेमाल करें। पेय पदार्थ को ज्यादा से ज्यादा अपने आहार में शामिल करें।</p>
<p style="text-align:justify;">मच्छरों द्वारा काटे जाने से बचें, क्योंकि मच्छर आपको काटने के बाद आपके शरीर का इंफेक्शन दूसरे व्यक्ति के शरीर में संक्रमित कर सकता है। बुखार और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पेन किलर ले सकते हैं वो भी डॉक्टर की सलाह पर लें। घर पर आराम करें और अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें। मच्छरों से बचें- घरों में रखे गमलों और मनी प्लांट के पौधे से पानी को बदलते रहना चाहिए. घर में रखे पानी से भरे सजावटी सामान से डेंगू के मच्छर पैदा होते. कूलर और वॉथरूम में बाल्टी में पानी नहीं जमने देना चाहिए। शरीर को ढक कर रखें।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>अफ्रीका से आई चिकनगुनिया की बीमारी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">चिकनगुनिया सबसे पहले अफ्रीका स्थित तंजानिया और मोजांबिक के पास मकोंडे नामक स्थान पर 1952-53 में फैला था। उसके बाद यह फिलीपींस में आया। भारत में 1960 के बाद इसके फैलने की रिपोर्ट है। यह एक वायरल बुखार है जो एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी सीधे एक मनुष्य से दूसरे में नहीं फैलती। चिकनगुनिया वायरस की चपेट में आए बीमार व्यक्ति को एडीज मच्छर के काटने के बाद फिर स्वस्थ व्यक्ति को काटने से फैलता है। इसका मच्छर दिन में ही काटता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>यह भी हैं बचाव के कुछ उपाय</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">रोगग्रसित मरीज का तुरंत उपचार शुरू करें व तेज बुखार की स्थिति में पेरासिटामाल की गोली दें। एस्प्रिन या डायक्लोफेनिक जैसी अन्य दर्द निवारक दवाई न लें। खुली हवा में मरीज को रहने दें व पर्याप्त मात्रा में भोजन-पानी दें जिससे मरीज को कमजोरी न लगे। फ्लू एक तरह से हवा में फैलता है अत: मरीज से 10 फुट की दूरी बनाए रखें तो फैलने का खतरा कम रहता है। जहां बीमारी अधिक मात्रा में हो, वहां फेस मॉस्क पहनना चाहिए। घर के आसपास मच्छरनाशक दवाइयां छिड़काएं। एडिस मच्छर दिन में काटते हैं, अत: शरीर को पूर्ण रूप से ढंकें। पानी के फव्वारों को हफ्ते में एक दिन सुखा दें। घर के आसपास छत पर पानी एकत्रित न होने दें। घर का कचरा सुनिश्चित जगह पर डालें, जो कि ढंका हो।</p>
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                                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2020 20:00:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अलीगढ़ में मच्छरों से डर कर भाग रही  बहादुर पुलिस</title>
                                    <description><![CDATA[अलीगढ़ (सच कहूँ)। चार माह में अलीगढ़ की पुलिस अनेक मुठभेड़ की घटनाओं को अंजाम देकर करीब दो दर्जन से अधिक बदमाशों को गोली मारकर घायल कर चुकी है। पुलिस के भय से जिले से बदमाश दूसरे शहरो को पलायन कर रहे हैं, लेकिन बहादुर पुलिस की एक मच्छर ने नींद हराम कर दी है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/mosquitoes-aligarh-police/article-5977"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/mosquitoes.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अलीगढ़ (सच कहूँ)।</strong> चार माह में अलीगढ़ की पुलिस अनेक मुठभेड़ की घटनाओं को अंजाम देकर करीब दो दर्जन से अधिक बदमाशों को गोली मारकर घायल कर चुकी है। पुलिस के भय से जिले से बदमाश दूसरे शहरो को पलायन कर रहे हैं, लेकिन बहादुर पुलिस की एक मच्छर ने नींद हराम कर दी है। थाना देहली गेट की पुलिस चौकी घुड़ियाबाग में भारी मात्रा में डेंगू का लार्वा मिलने से पुलिस के जवान भयभीत हैं। इसके अलावा शहर में कई जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला है। इन स्थानों पर जिला मलेरिया विभाग की टीम पहुंची और लार्वा नष्ट कराया। पुलिस चौकी को नोटिस भी दिया गया, जिसे पहले तो लेने से इनकार कर दिया गया। लेकिन बाद में जब मलेरिया अधिकारी स्वयं पहुंचे तो थाने से नोटिस लेने के लिए आग गए ।</p>
<h2 style="text-align:justify;">कंडम कार की बॉडी में भरे थे डेंगू मच्छर</h2>
<p style="text-align:justify;">लार्वा की तलाश में जब जिला मलेरिया विभाग की टीम घुड़िया बाग पहुंची तो पुलिस चौकी घुड़ियाबाग में भारी मात्रा में डेंगू का लार्वा था। यहा पर कंडम कार की बॉडी में भरे पानी में, ड्रम में, कबाड़ में भरे पानी में लार्वा पाया गया। इस पर जब मलेरिया विभाग की टीम ने चौकी पर नोटिस थमाने की बात कही तो चौकी वालों ने लेने से मना कर दिया। नोटिस लेने से किया मना तो पहुंचे मलेरिया अधिकारी मलेरिया विभाग की टीम ने जिला मलेरिया अधिकारी को पूरी जानकारी दी और बताया कि नोटिस को पुलिस के सिपाही नहीं ले रहे हैं। इसके बाद मलेरिया अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे। थाने को भी सूचित किया गया। इसे प्रक्रिया का हिस्सा बताया तो नोटिस लिया गया। इसके अलावा शहर में एडीएम कंपाउंड, बारहद्वारी, जमालपुर, हमदर्द नगर आदि में डेंगू का लार्वा पाया गया। जिसे मलेरिया विभाग की टीम ने नष्ट कराया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">युवक की स्वाइन फ्लू से मौत की चर्चा</h2>
<p style="text-align:justify;">सराय हकीम निवासी एक युवक की दिल्ली में स्वाइन फ्लू से मौत होने की चर्चा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस बात से इनकार किया है। सराय हकीम के एक युवक को पिछले कुछ दिनों से बुखार था। तबियत ज्यादा खराब होने पर परिजन उसे दिल्ली के फोर्टिस हास्पिटल ले कर गए। वहा पर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक वहा पर जो मौत के कारण बताए गए हैं उसमें स्वाइन फ्लू बताया गया है। जबकि जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ का कहना है कि विभाग के पास इस प्रकार की कोई सूचना नहीं है। यह स्वाइन फ्लू का सीजन भी नहीं है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">मच्छर का काटना घातक</h3>
<p style="text-align:justify;">एक मच्छर का छोटा सा डंक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। मच्छर का काटना घातक हो सकता है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस और पीत ज्वर जैसी बीमारियों के कारण जीवन को गंभीर खतरा भी पैदा कर रहा है। अलीगढ़ में मच्छर का डंक से कई जिदंगी दम तोड़ चुकी हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। बच्चे ही नहीं बड़े भी हलकान बरसात से मच्छरों की नई फौज पैदा हो गई है। उसके डंक से बच्चे ही नहीं, बड़े भी हलकान हैं। मच्छरों का छोटा डंक, बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। वजह, सरकारी तंत्र की विफलता और लचर व्यवस्था ही है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">मच्छरों का आतक</h2>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2018 में अब तक करीब 150 मलेरिया के मरीज सामने आ चुके हैं। 2017 में 1200, 2016 में 1100, 2015 में 1298, 2014 में 1400 व 2013 में 1800 सौ मरीजों की पुष्टि हुई। निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों की संख्या इससे कई गुना ज्यादा रही। डेंगू के मरीज भी सामने आए। मलेरिया व डेंगू से दर्जनों मौतें भी बीते वर्षो में हुईं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Sep 2018 09:07:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मच्छरों से जंग को तैयार सेहत महकमा</title>
                                    <description><![CDATA[एक्शन। डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को एडवाइजरी जारी सभी सीएमओ व पीजीआई को किया अलर्ट स्वास्थ्य विभाग चलाएगा विशेष अभियान फोगिंग के लिए बनाई गई हैं 15 टीमें पीजीआई में बनाया जाएगा अलग वार्ड पीजीआई प्र्रबंधन ने भी बुलाई बैठक रोहतक(सच कहूँ/नवीन)। बरसाती मौसम को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/alerts-made-to-cmo-and-pgi/article-2359"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/machhar.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">एक्शन। डेंगू-मलेरि<strong>या की रोकथाम को एडवाइजरी जारी</strong></h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>सभी सीएमओ व पीजीआई को किया अलर्ट</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>स्वास्थ्य विभाग चलाएगा विशेष अभियान</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>फोगिंग के लिए बनाई गई हैं 15 टीमें</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पीजीआई में बनाया जाएगा अलग वार्ड</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पीजीआई प्र्रबंधन ने भी बुलाई बैठक</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक(सच कहूँ/नवीन)।</strong> बरसाती मौसम को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के फैलने के संभावना को देखते हुए अभी से तैयारियां शुरू कर दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां तक विभाग ने इसके लिए प्रदेश के सभी सीएमओं व पीजीआई को एडवाजरी जारी की है और बीमारियां से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध करने को कहा है।जिसको देखते हुए अभी से स्वास्थ्य विभाग ने फोगिंग शुरू कर दी है</p>
<p style="text-align:justify;">और करीब 15 टीमें गठित की गई है, जोकि घर घर जाकर मलेरिया के लारवा का पता लगाने में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मलेरिया लारवा मिलने वाले घरों के मालिकों को नोटिस भी दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही टीम ने चेतावनी भी दी है कि अगर दोबारा लारवा पाया गया तो उनके खिलाफ कारवाई की जाएगी। दरअसल पिछले साल डेंगू व चिकनगुनिया ने सरकार की नींद उड़ा दी थी। पीजीआई में स्थिति यह थी कि मरीजों को भर्ती करने के लिए बैड कम पड़ गए थे और मरीज स्वयं खाट लेकर पीजीआई पहुंच रहे थे। पीजीआई प्रबंधन ने भी बरसात से होने वाली बीमारियों को देखते हुए सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">प्रदेशभर में अब तक मलेरिया के 20 केस</h2>
<p style="text-align:justify;">जिला मलेरिया अधिकारी अनूपमा मित्तल का कहना है कि डेंगू व चिकनगुनिया का कोई केस सामने नहीं आया है। मलेरिया के बीस केस पाए गए हैं। मच्छरों से फैलने वाले रोगों की रोकथाम के लिए विशेष टीमें लगी हुई है, साथ ही लोगों को बीमारियों से बचने के लिए जगह-जगह बड़े स्तर पर जागरूक भी किया जा रहा है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">पिछले साल आए थे करीब 1200 मामले</h2>
<p style="text-align:justify;">पीजीआई के कुलपति डॉ. ओपी कालरा का कहना है कि चिकनगुनिया व डेंगू से निपटने के लिए तमाम प्रबंध किए गए हंै और सभी दवाईयां भी पीजीआई में उपलब्ध है। प्रदेश में पिछले साल करीब एक हजार से अधिक लोग चिकनगुनिया व पीजीआई में दो सौ के करीब डेंगू से पीडित मरीज भर्ती हुए थे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">घर-घर की जा रही लारवा की जांच</h2>
<p style="text-align:justify;">इस साल भी बीमारी फैलने के अंदेशे को देखते हुए अभी से पीजीआई प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है। बकायदा सी ब्लॉक को आपातकाल के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को सही उपचार मिल सके। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी घर-घर जाकर मलेरिया के लारवा की जांच की जा रही है और शहर में अब तक तीस घरों में लारवा पाया गया है, जिन्हें नोटिस भी दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">
</p><p style="text-align:justify;">
</p><p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Jul 2017 21:40:42 +0530</pubDate>
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