<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/hearing/tag-430" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>hearing - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/430/rss</link>
                <description>hearing RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएए: हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं को स्थानांतरित करने पर शुक्रवार को सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि पहली नजर में उनका मत है कि सीएए संबंधी याचिकाएं उच्च न्यायालय देखें और राय में मतभेद होने पर शीर्ष न्यायालय उन पर विचार करे। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 10 जनवरी की तारीख मुकर्रर की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/caa-hearing-on-transfer-of-pending-petitions-in-high-court-on-friday/article-12325"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/caa-hearing-on-transfer-of-.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 10 जनवरी की तारीख मुकर्रर की। (CCA)</h2>
<p><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> उच्चतम न्यायालय नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विभिन्न (CCA) उच्च न्यायालयों में दायर याचिकाओं को अपने पास स्थानांतरित करने संबंधी केंद्र के अनुरोध पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया और त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया। मेहता ने दलील दी कि विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं की सुनवाई विभिन्न निष्कर्षों को जन्म देगी और इसलिए यह उचित है कि शीर्ष अदालत इन मामलों को अपने यहां स्थानांतरित करे।</p>
<ul>
<li>न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि पहली नजर में उनका मत है।</li>
<li>सीएए संबंधी याचिकाएं उच्च न्यायालय देखें और राय में मतभेद होने पर शीर्ष न्यायालय उन पर विचार करे।</li>
</ul>
<h1 style="text-align:center;">क्या है मामला :</h1>
<ul>
<li>गौरतलब है कि सीएएए के खिलाफ देश की कई अदालतों में याचिकाएं दायर हुई हैं।</li>
<li> उच्चतम न्यायालय में अधिनियम को चुनौती देने के लिए कम से कम 60 याचिकाएं दायर की गई हैं।</li>
<li>इन याचिकाओं पर गत वर्ष 18 दिसंबर को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।</li>
</ul>
<p> </p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title=""><br />
</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/caa-hearing-on-transfer-of-pending-petitions-in-high-court-on-friday/article-12325</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/caa-hearing-on-transfer-of-pending-petitions-in-high-court-on-friday/article-12325</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jan 2020 16:04:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/caa-hearing-on-transfer-of-.jpg"                         length="20131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मदरसा शिक्षक नियुक्ति मामला:  सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता उच्च न्यायालय ने मदरसा सेवा कानून 2008 को संविधान के अनुच्छेद 30 का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया था। आयोग के जरिए नियुक्त हुए शिक्षकों और राज्य सरकार ने फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अब शीर्ष अदालत ने इस कानून को वैध ठहराया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/madrasa-teacher-appointment-case-hearing-in-supreme-court-next-week/article-12323"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-01/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">मदरसा सेवा कानून 2008 को संविधान के अनुच्छेद 30 का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया था (Madrasa teacher appointment case)</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> उच्चतम न्यायालय मदरसों में शिक्षकों की नियुक्ति के मामले (Madrasa teacher appointment case,)  में अपने हालिए फैसले के खिलाफ मदरसा प्रबंधन कमेटी की याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। वरिष्ठ अधिवक्त पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया और त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया। खुर्शीद ने दलील दी कि पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम से संबंथित न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वालीं पीठ के गत सोमवार का निर्णय न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ के फैसले के विरूद्ध है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">खुर्शीद ने इस मामले को वृहद पीठ के सुपुर्द करने की मांग की।</li>
<li style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि वह इस मामले में अगले हफ्ते सुनवाई करेगा।</li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है मामला:</h2>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि गत 6 जनवरी को न्यायमूर्ति मिश्रा की पीठ ने मदरसों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र आयोग गठित करने से संबंधित पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 की कानूनी वैधता को सही ठहराया था। खंडपीठ ने कहा था कि अल्पसंख्यक संस्थानों की फंडिंग करने वाली सरकारों और संगठनों को न केवल भर्तियों के लिए अनुशंसा करने का अधिकार होगा, बल्कि नियुक्ति का अधिकार भी होगा। कोलकाता उच्च न्यायालय ने मदरसा सेवा कानून 2008 को संविधान के अनुच्छेद 30 का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया था।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">आयोग के जरिए नियुक्त हुए शिक्षकों और राज्य सरकार ने फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।</li>
<li style="text-align:justify;">अब शीर्ष अदालत ने इस कानून को वैध ठहराया है।</li>
</ul>
<p> </p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong><span class="tlid-translation translation" lang="en" xml:lang="en"><span title=""><br />
</span></span></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/madrasa-teacher-appointment-case-hearing-in-supreme-court-next-week/article-12323</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/madrasa-teacher-appointment-case-hearing-in-supreme-court-next-week/article-12323</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jan 2020 15:49:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-01/supreme-court.jpg"                         length="60161"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएए के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई बुधवार को</title>
                                    <description><![CDATA[उधर, जामिया प्रशासन छात्रों से संयम बरतने की अपील किया है।
 यहां रविवार को हुई हिंसा में घायलों में तीन छात्र और एक पुलिसकर्मी आईसीओ में भर्ती हैं। इसके अलावा कई छात्रों का इलाज वार्ड में चल रहा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hearing-of-petitions-against-caa-on-wednesday/article-11804"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/caa.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">हिरासत में लिए गए जामिया के सभी छात्र रिहा</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h3>पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन समाप्त</h3>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई 18 दिसबंर को करेगा। याचिकाकतार्ओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले का विशेष उल्लेख मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की खंडपीठ के समक्ष किया और त्वरित सुनवाई का उससे अनुरोध किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह बुधवार (18 दिसंबर) को मामलों की सुनवाई करेंगे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिरासत में लिए गए सभी छात्रों को रिहा करने के बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन सोमवार सुबह समाप्त हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जामिया परिसर में जबरन घुसकर पुलिस द्वारा छात्रों के साथ की गयी मारपीट के विरोध में जामिया, जवाहरलाल नेहरू और दिल्ली विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने पुलिस मुख्यालय के समक्ष रातभर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्र हिरासत में लिए गए छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग कर रहे थे। प्रशासन द्वारा उनकी मांगों को मानने और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने के बाद छात्रों ने सोमवार सुबह पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन समाप्त कर दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">पुलिस की कार्रवाई से छात्रों में दहशत</h3>
<p style="text-align:justify;">जामिया में हालांकि शीतकालीन अवकाश है लेकिन परिसर में घुसकर पुलिस की कार्रवाई से छात्रों में दहशत पैदा हो गया है। बातचीत के दौरान कुछ छात्राएं रोने लगीं और कहा कि पुलिस जिस बर्बरता के साथ जामिया परिसर और पुस्तकालय में घुसकर तांडव मचाया उससे हमलोगों में भय का माहौल है। छात्रावास की छात्राओं ने कहा जितनी जल्दी यह सब हुई, उसके कारण वह अपने अपने घर जाने की तैयारी कर रही हैं। वहीं कुछ छात्र-छात्राओं ने कहा कि पुलिस बर्बरता और नागरिकता कानून के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">उधर, जामिया प्रशासन छात्रों से संयम बरतने की अपील किया है।</li>
<li style="text-align:justify;">यहां रविवार को हुई हिंसा में घायलों में तीन छात्र और एक पुलिसकर्मी आईसीओ में भर्ती हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके अलावा कई छात्रों का इलाज वार्ड में चल रहा है।</li>
<li style="text-align:justify;">जामिया नगर इलाके में अब भी तनाव बरकरार है।</li>
<li style="text-align:justify;">जामिया के छात्रों पर पुलिस बर्बरता के खिलाफ देश भर के कई विश्वविद्यालयों में छात्र आंदोलन कर रहे हैं।</li>
</ul>
<p> </p>
<p><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hearing-of-petitions-against-caa-on-wednesday/article-11804</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/hearing-of-petitions-against-caa-on-wednesday/article-11804</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Dec 2019 15:49:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-12/caa.jpg"                         length="11689"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोर्ट में बच्ची ने कहा, मम्मी घर चलो, साथ ही रहेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[बच्ची की कस्टडी को लेकर हुई सुनवाई भोपाल (एजेंसी)। कुटुम्ब न्यायालय, दोपहर के 1.45 बजे हैं। 7 साल की मासूम, उसके माता-पिता और पक्षकारों से भरा कोर्ट रूम। डायस पर जज भावना साधौ। मामला था, बच्ची की कस्टडी का। अदालत को तय करना था कि वो मां के पास रहेगी या पिता के पास। दरअसल, अब […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/in-court-the-girl-said-mummy-lets-go-home-we-will-stay-together/article-6843"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/court.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">बच्ची की कस्टडी को लेकर हुई सुनवाई</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भोपाल (एजेंसी)।</strong> कुटुम्ब न्यायालय, दोपहर के 1.45 बजे हैं। 7 साल की मासूम, उसके माता-पिता और पक्षकारों से भरा कोर्ट रूम। डायस पर जज भावना साधौ। मामला था, बच्ची की कस्टडी का। अदालत को तय करना था कि वो मां के पास रहेगी या पिता के पास। दरअसल, अब तक मासूम अपने पिता के साथ रहती थी और मां भोपाल में अलग रहती हैं।सुनवाई शुरू हुई। जज भावना साधौ ने बच्ची से पूछा कि तुम किसके साथ रहना चाहती हो? बच्ची ने कहा- पापा के पास रहती हूं। इसी दाैरान बच्ची की नजर कोर्ट में खड़ी अपनी मम्मी पर पड़ी तो उसने कहा- मम्मी, आप हमारे साथ घर चलो, हम साथ-साथ रहेंगे। सब ठीक हो जाएगा। बच्ची की ये बातें सुनकर मां की आंखों में आंसू आ गए।</p>
<h3 style="text-align:justify;">कोर्ट रूम में इस दौरान सभी भावुक हो गए</h3>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट रूम में इस दौरान सभी भावुक हो गए। जज भावना साधौ ने बच्ची के सिर पर हाथ फेरा और उसे अपनी मम्मी के पास जाने को कहा। बच्ची डॉयस से नीचे आई और अपनी मां से लिपट गई। यह देख अन्य पक्षकारों की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद जज ने बच्ची के माता- पिता को समझाया। उन्हेंं बच्ची का वास्ता देकर मनमुटाव खत्म कर साथ रहने की सलाह दी। इस बीच पति-पत्नी में थोड़ी बहुत तकरार हुई लेकिन आखिरकार दोनों साथ रहने के लिए राजी हो गए।</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">भोपाल में रहने वाली सोनाली (परिवर्तित नाम) की शादी सुरेश (परिवर्तित नाम) से 10 साल पहले हुई थी।</li>
<li style="text-align:justify;">दो साल बाद बेटी का जन्म हुआ। सोनाली का आरोप था कि ससुराल वाले उसे बेवजह परेशान करते हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">ससुराल वालों ने कुछ कागजों पर साइन करवाकर उसे घर से निकाल दिया था।</li>
<li style="text-align:justify;">ससुराल वालों ने बेटी को अपने पास ही रख लिया।</li>
<li style="text-align:justify;">सोनाली ने अपनी बेटी से कई बार मिलने की कोशिश की लेकिन पति और ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया।</li>
<li style="text-align:justify;">इसके बाद सोनाली ने राजधानी की कोर्ट में पति के खिलाफ भरण पोषण के लिए एक दावा लगाया था।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">बेटी की कस्टडी को लेकर इसी साल मामला किया था पेश</h3>
<p style="text-align:justify;">सोनाली ने इसी साल कुटुम्ब न्यायालय में बेटी को अपने साथ रखने के लिए धारा 12 संरक्षक एवं प्रतिपाल्य अधिनियम के तहत मामला पेश किया था। अदालत में पेश मामले में सोनाली ने अपने पति पर आरोप लगाते हुए गुहार लगाई कि बच्ची का ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। इसलिए बच्ची की सही देखभाल के लिए उसे उसकी कस्टडी दी जाए। लेकिन बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान बच्ची के भावुक शब्दों और जज की समझाइश से एक टूटा हुआ घर फिर से बस गया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/in-court-the-girl-said-mummy-lets-go-home-we-will-stay-together/article-6843</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/in-court-the-girl-said-mummy-lets-go-home-we-will-stay-together/article-6843</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Dec 2018 10:15:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-12/court.jpg"                         length="80464"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआइ घमासान: वर्मा ने सील बंद लिफाफे में SC को सौंपा अपना जवाब, आज होगी अहम सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली,(एजेंसी)। भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी की ओर से दायर रिपोर्ट पर सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा ने सील बंद लिफाफे में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया। इससे पहले सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से कुछ और वक्त की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/alok-verma-submitted-his-reply-to-the-sc-today-will-be-the-important-hearing/article-6663"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-11/alok-verma.jpg" alt=""></a><br /><p>न<strong>ई दिल्ली,(एजेंसी)।</strong> भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी की ओर से दायर रिपोर्ट पर सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा ने सील बंद लिफाफे में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया। इससे पहले सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से कुछ और वक्त की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए वर्मा को आज ही जवाब देने को कहा था। बता दें इस मामले पर आज अहम सुनवाई होनी है।</p>
<h2>सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा को सीवीसी से फिलहाल पूरी तरह क्लीन चिट नहीं मिली</h2>
<p>गौरतलब है कि इससे पहले हुई सुनवाई में सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा को सीवीसी से फिलहाल पूरी तरह क्लीन चिट नहीं मिली है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने वर्मा पर लगे आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जांच रिपोर्ट में कुछ पहलुओं पर आगे जांच की जरूरत बताई है, जिसके लिए और समय की मांग की है।</p>
<p>सीवीसी ने रिपोर्ट में कुछ पहलुओं पर सराहना और कुछ की निंदा की है। जिसके बाद कोर्ट ने सीवीसी रिपोर्ट की प्रति आलोक वर्मा को देने का आदेश दिया था और उनसे रिपोर्ट पर सीलबंद लिफाफे में सोमवार दोपहर तक जवाब मांगा था। अब वर्मा का कहना है कि उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए और समय चाहिए।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/alok-verma-submitted-his-reply-to-the-sc-today-will-be-the-important-hearing/article-6663</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/alok-verma-submitted-his-reply-to-the-sc-today-will-be-the-important-hearing/article-6663</guid>
                <pubDate>Tue, 20 Nov 2018 08:33:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-11/alok-verma.jpg"                         length="67018"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अाज</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ, Edited By Vijay Sharma )। मोदी सरकार के लिए फांस बन चुका राफेल विमान सौदे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है और अब इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होने जा रही है। मनोनीत चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच राफेल विमान सौदे से जुड़े मामले […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/hearing-in-supreme-court-today-in-rafael-deal-case/article-5975"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/rafael-deal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ, Edited By Vijay Sharma )</strong>। मोदी सरकार के लिए फांस बन चुका राफेल विमान सौदे का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है और अब इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होने जा रही है। मनोनीत चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच राफेल विमान सौदे से जुड़े मामले की सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ता ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पक्षकार बनाया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर राफेल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले कांग्रेस ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा था कि पार्टी नहीं समझती है कि ये मसला उठाने के लिए सुप्रीम कोर्ट उचित फोरम है और पार्टी का न तो तहसीन पूनावाला से कोई संबंध और न ही उनकी याचिका से। कांग्रेस ने कहा था कि मीडिया में ऐसी भ्रम की स्थिति रहती है कि तहसीन पूनावाला कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ऐसे में हम साफ करना चाहते हैं कि राफेल डील के खिलाफ तहसीन पूनावाला की याचिका और उनसे पार्टी का कोई संबंध नहीं है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है राफेल डील?</h2>
<p style="text-align:justify;">राफेल सौदे के तहत 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए भारत और फ्रांस की सरकारों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। राफेल लड़ाकू विमान दोहरे इंजन वाला अनेक भूमिकाएं निभाने वाला मध्यम लड़ाकू विमान है। इसका निर्माण फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन करती है। राफेल विमान फ्रांस की डेसाल्ट कंपनी द्वारा बनाया गया 2 इंजन वाला लड़ाकू विमान है। राफेल लड़ाकू विमानों को ओमनिरोल विमानों के रूप में रखा गया है, जो कि युद्ध के समय अहम रोल निभाने में सक्षम हैं। हवाई हमला, जमीनी समर्थन, वायु वर्चस्व, भारी हमला और परमाणु प्रतिरोध ये सारी राफेल विमान की खूबियां हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/hearing-in-supreme-court-today-in-rafael-deal-case/article-5975</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/hearing-in-supreme-court-today-in-rafael-deal-case/article-5975</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Sep 2018 08:38:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-09/rafael-deal.jpg"                         length="61828"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलविदा करुणानिधि: राजाजी हॉल के बाहर समर्थक  बेकाबू , लाठीचार्ज में दो की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस लाठीचार्ज में  33 घायल चेन्नई (एजेंसी)। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की मौत के साथ ही दक्षिण की राजनीति का एक अध्याय खत्म हो गया है। मंगलवार को 94 साल की उम्र में करुणानिधि ने अंतिम सांस ली। करुणानिधि की मौत की खबर से तमिलानाडु समेत पूरे देश में शोक […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/karunanidhi-samadhi-case-hearing-in-hc-ongoing/article-5237"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/x-cm.jpg" alt=""></a><br /><h2>पुलिस लाठीचार्ज में  33 घायल</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई (एजेंसी)</strong>। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि की मौत के साथ ही दक्षिण की राजनीति का एक अध्याय खत्म हो गया है। मंगलवार को 94 साल की उम्र में करुणानिधि ने अंतिम सांस ली। करुणानिधि की मौत की खबर से तमिलानाडु समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। डीएमके समर्थकों में मातम पसर गया है। डीएमके समर्थक रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। इस बीच उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में नेतागण व समर्थक चेन्नई के राजाजी हॉल पहुंच रहे हैं। हालांकि राजाजी हॉल के बाहर इकट्ठा समर्थकों को काबू में करना मुश्किल हो गया है, राजाजी हॉल के बाहर बेकाबू भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। पुलिस लाठीचार्ज में दो की मौत, 33 घायल।</p>
<p>– प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘चेन्नई में आज मैंने एक असाधारण नेता और एक अनुभवी प्रशासक को श्रद्धांजलि अर्पित की है। जिसका जीवन सार्वजनिक कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था। कलाईनार करुणानिधि हमेशा लाखों लोगों के दिल और दिमाग में रहेंगे।’</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/karunanidhi-samadhi-case-hearing-in-hc-ongoing/article-5237</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/karunanidhi-samadhi-case-hearing-in-hc-ongoing/article-5237</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Aug 2018 08:37:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/x-cm.jpg"                         length="66412"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनुच्छेद 35-ए: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज,  हालात तनावपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)।  सर्वाेच्च न्यायालय में आज सोमवार को अनुच्छेद 35-ए को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई होनी है। पहले की तरह इसे कुछ समय के लिए स्थगित किया जाता है या नहीं। इस पर संशय बना हुआ है। पूरे देश व सियासतदानों की इस मुद्दे पर नजर टिकी है। उधर, अनुच्छेद के हटने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/article-35-a-hearing-in-supreme-court-today-circumstance-stressful/article-5164"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/hc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong>  सर्वाेच्च न्यायालय में आज सोमवार को अनुच्छेद 35-ए को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई होनी है। पहले की तरह इसे कुछ समय के लिए स्थगित किया जाता है या नहीं। इस पर संशय बना हुआ है। पूरे देश व सियासतदानों की इस मुद्दे पर नजर टिकी है। उधर, अनुच्छेद के हटने की आशंका को देखकर कश्मीर में तनाव का माहौल बना हुआ है। अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष शक्तियां मिली हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य प्रशासन ने कश्मीर में हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी करते हुए अलगाववादी नेताओं की नजरबंदी सख्त कर दी गई है। शरारती तत्वों की धरपकड़ भी की जा रही है। कश्मीर में अलगाववादी संगठनों से लेकर मुख्यधारा की सियासत करने वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, माकपा भी धारा 35-ए के हक में लामबंद हो चुकी है। कश्मीर के सभी व्यापारिक, सामाजिक, मजहबी संगठनों से लेकर ट्रेड यूनियनें और कर्मचारी संगठन 35-ए के मुद्दे पर अलगाववादियों के साथ खड़े हैं और चाहते हैं कि सर्वाेच्च न्यायालय 35-ए को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करे।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अलगाववादियों ने बुलाया कश्मीर बंद</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर अलगाववादी खेमे का दो दिवसीय कश्मीर बंद रविवार को शुरू हो चुका है। राज्य प्रशासन ने दो दिन पहले सर्वाेच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 35-ए पर सुनवाई को स्थगित करने का आग्रह किया है, लेकिन इस आग्रह पर अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। राज्य प्रशासन ने सर्वाेच्च न्यायालय को बताया है कि राज्य में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी चल रही है। इसलिए 35-ए पर सुनवाई को स्थगित किया जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">फैसला खिलाफ आया तो बिगड़ सकती है स्थिति</h2>
<p style="text-align:justify;">खुफिया तंत्र ने अलर्ट जारी करते हुए संबंधित प्रशासन को चेताया है कि सर्वाेच्च न्यायालय में फैसला 35-ए के खिलाफ जाने पर कश्मीर में स्थिति बिगड़ सकती है और कानून व्यवस्था का संकट पैदा हो सकता है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक अलगाववादी और आतंकी संगठन 35-ए के मुद्दे पर होने वाले प्रदर्शनों के जरिए वादी में आग लगाने की साजिश को अमली जामा पहनाने की फिराक में हैं।</p>
<h2 style="text-align:justify;">
आतंकी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर होने वाले प्रदर्शनों के बहाने आतंकी संगठन किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। उसका जिम्मा सुरक्षा एजेंसियों के माथे मढ़ने की फिराक में बैठे हैं। एक अन्य खुफिया एजेंसी के अलर्ट के मुताबिक, राज्य पुलिस में भी इस मामले को लेकर तनाव की स्थिति नजर आ रही है। सूत्रों ने बताया कि राज्य प्रशासन ने सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त करते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियो को एलर्ट रहने के लिए कहा है। वादी में सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिकबलों की गश्त बढ़ाई गई है। प्रमुख अलगाववादी नेताओं को नजरबंद करने के अलावा पुलिस विभिन्न अलगाववादी संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं और शरारती तत्वों की धरपकड़ भी कर रही है, ताकि किसी को भी सोमवार को वादी में हालात बिगाड़ने का मौका नहीं दिया जाए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">अमरनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक</h2>
<p style="text-align:justify;">दो दिन की हड़ताल के चलते अमरनाथ यात्रा को भी ऐहतियातन रोक दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू में रुके तीर्थयात्रियों को रविवार सुबह भगवती नगर आधार शिविर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। दरअसल, अनुच्छेद 35 ए को लेकर न केवल अलगाववादियों बल्कि विभिन्न धार्मिक और समाजिक संगठनों ने हड़ताल का आह्वान किया है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है अनुच्छेद 35-A?</h2>
<ul>
<li>अनुच्छेद 35-A को वर्ष 1954 राष्ट्रपति आदेश के जरिए संविधान में जोड़ा गया।</li>
<li>अनुच्छेद 35-ए जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार देता है।</li>
<li>इसके तहत राज्य से बाहर के किसी व्यक्ति से शादी करने वाली महिला से संपत्ति का अधिकार छीन जाता है।</li>
<li>कोई बाहरी शख्स राज्य सरकार की योजनाओं का फायदा भी नहीं उठा सकता है।</li>
<li>कोई बाहरी न ही वहां सरकारी नौकरी पा सकता है।</li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/article-35-a-hearing-in-supreme-court-today-circumstance-stressful/article-5164</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/article-35-a-hearing-in-supreme-court-today-circumstance-stressful/article-5164</guid>
                <pubDate>Mon, 06 Aug 2018 09:11:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-08/hc.jpg"                         length="43283"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई कोर्ट ने मंजूर की बचाव पक्ष के 18 गवाहों की लिस्ट, अगली सुनाई 27 जुलाई को</title>
                                    <description><![CDATA[27 जुलाई को दोनों मामलों में होगी गवाहों की गवाही | Ranjit Murder Case पंचकूला (सच कहूँ न्यूज)। रंजीत हत्या मामले (Ranjit Murder Case) में बुधवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई हुई। जिसमें पूज्य गुरु जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केस की न्यायिक प्रक्रिया में शामिल हुए। वहीं इस मामले के अन्य नामजद जसबीर, शब्दिल, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ranjit-murder-case-cbi-court-accepts-defenders-witness-list-next-hearing-on-27th-july/article-5010"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/cbi.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"><a href="http://10.0.0.122:1245/mission-humanity-now-shah-satnam-ji-green-s-welfare-wing-members-providing-help-to-rescue-ghaziabad-buliding-victims/">27 जुलाई को दोनों मामलों में होगी गवाहों<br />
की गवाही | Ranjit Murder Case</a></h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>पंचकूला (सच कहूँ न्यूज)। </strong>रंजीत हत्या मामले <strong>(Ranjit Murder Case)</strong> में बुधवार को पंचकूला की <a href="http://10.0.0.122:1245/petition-filed-against-khatta-singh-in-hc/">विशेष सीबीआई अदालत</a> में सुनवाई हुई। जिसमें <a href="http://10.0.0.122:1245/panchkula-violence-treason-charges-on-18-dera-followers-withdrawn/">पूज्य गुरु जी</a> वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केस की <a href="http://10.0.0.122:1245/panchkula-violence-treason-charges-against-20-dera-followers-withdrawn/">न्यायिक प्रक्रिया</a> में शामिल हुए। वहीं इस मामले के अन्य नामजद जसबीर, शब्दिल, इन्द्रसेन, अवतार और कृष्ण प्रत्यक्ष रूप से कोर्ट में पेश हुए। सुनाई के दौरान बचाव पक्ष ने सीबीआई कोर्ट के समक्ष 18 गवाहों की लिस्ट दाखिल की। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। अगली तारीख को रंजीत व पत्रकार छत्रपति की हत्या दोनों मामलों में गवाहों की गवाही होगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ranjit-murder-case-cbi-court-accepts-defenders-witness-list-next-hearing-on-27th-july/article-5010</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/ranjit-murder-case-cbi-court-accepts-defenders-witness-list-next-hearing-on-27th-july/article-5010</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Jul 2018 12:41:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/cbi.jpg"                         length="52050"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रकबर खान की हत्या का मामला, 20 अगस्त को होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के कई हिस्सों से सामने आए लिंचिंग के मामलों ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। राजस्थान के अलवर में गोरक्षकों द्वारा की गई रकबर खान की हत्या का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को स्वीकार कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/case-of-murder-of-rakbar-khan-reached-supreme-court-hearing-on-august-20/article-4980"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/supreme-court.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>देश के कई हिस्सों से सामने आए लिंचिंग के मामलों ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। राजस्थान के अलवर में गोरक्षकों द्वारा की गई रकबर खान की हत्या का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें अलवर मामले को लेकर राजस्थान सरकार और अधिकारियों पर सर्वोच्च अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 20 अगस्त को होगी। सुप्रीम कोर्ट में ये याचिका तहसीन पूनावाला की तरफ से डाली गई है। आपको बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने लिंचिंग को लेकर कई दिशा निर्देश जारी किए थे, केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देशों का पालन करने को कहा गया था । लेकिन SC के आदेश के बावजूद भी देश में इस प्रकार की घटनाएं नहीं रुकीं।</p>
<h2>क्या है अलवर मामला?</h2>
<p>आपको बता दें कि राजस्थान के अलवर जिले में मॉब लिंचिंग में रकबर खान की मौत के मामले में राज्य पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचाने की जगह बरामद गायों को पहले गौशाला पहुंचाने को तरजीह दी। यही नहीं, पुलिस ने खुद भी रकबर की पिटाई की। इसकी वजह से रकबर को अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे की देरी हुई और उसकी मौत हो गई। उक्त आरोपों पर अलवर के एसपी राजेंद्र सिंह ने आजतक से कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। मीडिया में आई खबरों में यह कहा गया था कि रकबर को अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लग गए और पुलिस ने रकबर को अस्पताल पहुंचाने की जगह पहले गायों को गौशाला तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी।गौरतलब है कि रामगढ़ थाना क्षेत्र के लालवंडी गांव में गो तस्करी के आरोप में कुछ कथित गोरक्षकों ने रकबर खान नामक एक शख्स को पीट-पीटकर मार डाला था।</p>
<h2>लिंचिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश जारी किए थे…</h2>
<ul>
<li>1. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भीड़तंत्र की इजाजत नहीं दी जा सकती है</li>
<li>2. कानून का शासन कायम रहे यह सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है</li>
<li>3. कोई भी नागरिक कानून अपने हाथों में नहीं ले सकता है</li>
<li>4. संसद इस मामले में कानून बनाए और सरकारों को संविधान के अनुसार काम करना चाहिए</li>
<li>5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भीड़तंत्र के पीड़ितों को सरकार मुआवजा दे</li>
</ul>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/case-of-murder-of-rakbar-khan-reached-supreme-court-hearing-on-august-20/article-4980</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/case-of-murder-of-rakbar-khan-reached-supreme-court-hearing-on-august-20/article-4980</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Jul 2018 06:08:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/supreme-court.jpg"                         length="78170"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समलैंगिकता अपराध है या नहीं, आज से होगी सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट इस मामले में रिव्यू पिटिशन पहले खारिज कर चुका है नई दिल्ली(एजेंसी)।सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ समलैंगिक मुद्दे सहित चार अहम मामलों पर आज से सुनवाई शुरू करेगी मुख्‍य न्‍यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर किया था। समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में रखा जाए या […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/whether-homosexuality-is-crime-or-not-hearing-from-today/article-4774"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/high-court-1.jpg" alt=""></a><br /><h2>सुप्रीम कोर्ट इस मामले में रिव्यू पिटिशन पहले खारिज कर चुका है</h2>
<p><strong>नई दिल्ली(एजेंसी)</strong>।सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ समलैंगिक मुद्दे सहित चार अहम मामलों पर आज से सुनवाई शुरू करेगी मुख्‍य न्‍यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने मामले को संवैधानिक बेंच को रेफर किया था। समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में रखा जाए या नहीं, यह बेंच तय करेगी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में रिव्यू पिटिशन पहले खारिज कर चुका है, जिसके बाद सुधारात्मक याचिका (क्यूरेटिव पिटीशन) दाखिल किया गया था जो पहले से बड़े बेंच को भेजा गया था।</p>
<h2>सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई करेगी</h2>
<p>इस याचिका में धारा-377 के कानूनी प्रावधान को चुनौती दी गई है। धारा-377 के तहत कानूनी प्रावधान है कि दो बालिग भी अगर सहमति से अप्राकृतिक संबंध बनाते हैं तो वह अपराध माना जाएगा और इस मामले में 10 साल तक कैद या फिर उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। याचिका में कहा गया है कि 377 के तहत जो प्रावधान है वह संविधान के खिलाफ हैं।</p>
<p>बता दें कि शीर्ष अदालत ने 11 दिसंबर 2013 को समलैंगिकता को अपराध घोषित कर दिया था। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं और जब उन्हें भी खारिज कर दिया गया तो प्रभावित पक्षों ने क्यूरेटिव पिटीशन दायर की ताकि मूल फैसले का फिर से परीक्षण हो।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/whether-homosexuality-is-crime-or-not-hearing-from-today/article-4774</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/whether-homosexuality-is-crime-or-not-hearing-from-today/article-4774</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Jul 2018 04:28:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-07/high-court-1.jpg"                         length="88313"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नवाज शरीफ मामले की सुनवाई एक माह में पूरी करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद (एजेंसी)। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जवाबदेही अदालत को अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई एक माह में पूरी कर लिए जाने के आदेश दिये हैं। मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अगुवाई वाली दो सदस्यीय पीठ ने रविवार को यह आदेश दिये। न्यायालय ने […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/nawaz-sharif-case-hearing-to-complete-in-one-month/article-4088"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/untitled-1-copy-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबाद (एजेंसी)। </strong>पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जवाबदेही अदालत को अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई एक माह में पूरी कर लिए जाने के आदेश दिये हैं। मुख्य न्यायाधीश मियां साकिब निसार की अगुवाई वाली दो सदस्यीय पीठ ने रविवार को यह आदेश दिये। न्यायालय ने शरीफ और उनकी पुत्री मरियम को लंदन जाने की भी अनुमति दी है , जहां श्रीमती शरीफ का इलाज चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष जुलाई में शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य ठहरा दिया था। इसके बाद सितम्बर में राष्ट्रीय जवाबदेही अदालत में शरीफ एवं उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए छह माह की समय-सीमा निर्धारित की थी, लेकिन यह अवधि मार्च में दो माह और मई में एक माह के लिए बढ़ा दी गयी, जिसकी मियाद भी रविवार को समाप्त हो गयी। बहरहाल अदाल त ने सुनवाई पूरी करने के लिए और समय दिये जाने की मांग की है। पाकिस्तान के समाचारपत्र ‘डान’ की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी किये जाने के संदर्भ में छह सप्ताह का समय दिये जाने संबंधी श्री शरीफ के वकील ख्वाजा हरीश की याचिका खारिज कर दी और एक माह के भीतर अंतिम फैसला सुनाये जाने के आदेश दिये हैं।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/nawaz-sharif-case-hearing-to-complete-in-one-month/article-4088</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/national/nawaz-sharif-case-hearing-to-complete-in-one-month/article-4088</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Jun 2018 14:14:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-06/untitled-1-copy-1.jpg"                         length="24278"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        