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                <title>वकीलों-जजों के लिए आखिर काला कोट ही क्यों? Why Lawyers Wear Black Coat</title>
                                    <description><![CDATA[Why Lawyers Wear Black Coat: वकील और जज आखिर काला कोट, सफेद शर्ट व उसके साथ काली पैंट ही क्यों पहनते हैं। कोई तो खास वजह होगी कि वकील काले कपड़े ही क्यों पहनते हैं? यह सवाल कानूनी पेशे से जुड़े सभी लोगों के मन में आया होगा। आइए इसका जवाब जानने की कोशिश करते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/why-only-black-coat-for-lawyers-and-judges/article-48348"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/why-lawyers-wear-black-coat.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Why Lawyers Wear Black Coat: वकील और जज आखिर काला कोट, सफेद शर्ट व उसके साथ काली पैंट ही क्यों पहनते हैं। कोई तो खास वजह होगी कि वकील काले कपड़े ही क्यों पहनते हैं? यह सवाल कानूनी पेशे से जुड़े सभी लोगों के मन में आया होगा। आइए इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कई व्यापारों में ड्रैस कोड एक महत्वपूर्ण कारक है। इस तरह लोग इसमें लगे लोगों को पहचानते हैं। इस प्रकार, एक ड्रेस-कोड या वर्दी आती है जो व्यावसायिकता, शिष्टाचार, अनुशासन और एकरूपता के प्रतीक के रूप में जानी जाती है। इसी तरह, जब कोई एडवोकेट शब्द सुनता है, तो हमेशा काले और सफेद कपड़े पहने पेशेवरों की एक छवि दिमाग में आती है। कानून के छात्रों और पेशेवरों से हमेशा यह सवाल पूछा जाता है कि वकील इस तरह से कपड़े क्यों पहनते हैं। वर्ष 1961 में एडवोकेट एक्ट नियम बना था जिसके तहत वकीलों को काला कोट पहनना अनिवार्य कर दिया गया। तब से कोर्ट में वो काला कोट ही पहनते हैं। Why Lawyers Wear Black Coat</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा वकीलों द्वारा काला कोट पहनने के पीछे एक इतिहास भी प्रच्चलित है। उस इतिहास के अनुसार सन् 1327 में एडवर्ड तृतीय ने वकालत की शुरूआत की थी। उस समय भी न्यायाधीशों के लिए अलग तरह की ड्रेस होती थी, लेकिन उस समय वकीलों की ड्रेस काले रंग की नहीं हुआ करती थी। उस समय वकील लाल कपड़े और भूरे रंग का गाउन पहना करते थे और जज सफेद रंग के बालों वाली विग पहनते थे। लेकिन साल 1600 के बाद वकीलों की ड्रेस में बदलाव आया। इस बदलाव के तहत 1637 में एक प्रस्ताव रखा गया, जिसमें न्यायाधीश और वकीलों को जनता से अलग दिखने के लिए काले रंग की वेशभूषा पहनना था। इसके बाद से वकील पूरी लंबाई वाले गाउन पहनने लगे। ऐसा माना जाता है कि यह ड्रेस आम लोगों से अलग दिखने के लिए बनाई गई थी। Why Lawyers Wear Black Coat .</p>
<h3 style="text-align:justify;">रंगों का महत्व | Why Lawyers Wear Black Coat</h3>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, पहने जाने वाले सभी परिधान काले और सफेद रंग के होने चाहिए। जैसे काला ब्लेजर, काला या सफेद पतलून और महिलाओं के लिए, काले या सफेद में एक ब्लाउज या साड़ी या पतलून या सलवार सूट। ब्लैक एंड व्हाइट आम तौर पर दुनिया भर के कानूनी पेशे के विशिष्ट रंग हैं। रंग उन विशेषताओं के प्रतीक हैं जो कानूनी पेशेवरों और कानून के पास होने चाहिएं। काला रंग व्यावसायिकता, शक्ति और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है जिसका तात्पर्य न्याय के आवास से है। Why Lawyers Wear Black Coat</p>
<p style="text-align:justify;">वकीलों और जजों के काला कोट पहनने के पीछे इतिहास से जुड़ा एक अन्य कारण यह भी है कि वर्ष 1694 में ब्रिटेन की महारानी क्वीन मैरी द्वतीय की मौत चेचक से हुई थी। तब उनके पति विलियम ने सभी जज को अंतिम संस्कार पर काले रंग की पोशाक पहनकर आने को कहा था क्योंकि पश्चिमी देशों में काला रंग दुख का प्रतीक होता है। अगले कुछ सालों तक राष्ट्रीय शोक जारी रहा और जज काली पोशाक ही पहनकर कोर्ट जाने लगे। बस तभी से ये चलन में आ गया। एक वजह ये भी बताई जाती है वकीलों द्वारा काला कोट पहनने की कि ब्रिटेन में ठंड काफी पड़ती थी, इस वजह से काली पोशाक पहनी जाती थी जिससे ठंड कम लगे क्योंकि काला रंग धूप सोखता है। Why Lawyers Wear Black Coat</p>
<p style="text-align:justify;">इतिहास से जुड़ा एक अन्य कारण 1685 में राजा चार्ल्स द्वितीय की मृत्यु के बाद या उसके बाद काले वस्त्र वास्तव में अस्तित्व में आए। वह अक्सर वस्त्र (गाउन) पहनते थे, जो लोगों के सम्मान और उन्हें याद करने का तरीका बन गया। हालाँकि, कानूनी पेशे के लिए, यह अभी अटका हुआ है। ईसाई धर्म में, पुजारी अक्सर सर्वशक्तिमान के प्रति अपनी अधीनता, ईश्वर के प्रति अपने आवास को दिखाने के लिए काला कपड़ा पहनते हैं। इस प्रकार, काला वस्त्र पहनना, पहनने वाले द्वारा न्याय को प्रस्तुत करने और आवास का प्रतीक है। इसके अलावा सफेद शुद्धता, स्वच्छता, स्पष्टता और प्रकाश का प्रतीक है। सफेद वास्तव में न्याय की खोज, खोज और आशा में आम आदमी का प्रतिनिधित्व करता है। यह पहनने वाले के लिए आम आदमी के महत्व को दशार्ता है। इसके अलावा, किसी भी मामले में दोनों पक्षों को एक ही रंग द्वारा दशार्या जाता है। इसी प्रकार, यह कानून की समानता और इसकी निष्पक्षता को दशार्ता है। यह विशुद्ध रूप से मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित है, न कि पक्षकार कौन है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सर्वविदित तथ्य के अनुसार भारत में कानून काफी हद तक ब्रिटिश शासन का परिणाम है। इस प्रकार, भारतीय वकीलों की अधिकांश पोशाक की जड़ें ब्रिटिश कानूनी इतिहास में मौजूद हैं। इस तरह नेक बैंड या सफेद कॉलर पहनावे का हिस्सा बना रहा। पुराने अंग्रेजी न्यायालयों में, बैरिस्टर सफेद कॉलर बैंड पहनते थे। चूंकि यह भारतीय न्यायालयों में पहली स्थिति थी, इस प्रतीक को भारतीय अधिवक्ताओं द्वारा अपनाया गया था। कॉलर वास्तव में ईसाई मूल का प्रतीक है। सफेद कपड़े के दो टुकड़े एक साथ सिले हुए, कॉलर कहलाते हैं। यह मूसा द्वारा दी गई 10 आज्ञाओं को संदर्भित करता है, जो पत्थर की दो पटियाओं पर खुदी हुई थी, जो उसे सीनै पर्वत की एक जलती हुई झाड़ी से प्राप्त हुई थी। माना जाता है कि ये 10 आज्ञाएँ ईसाई कानून की उत्पत्ति हैं और इस प्रकार, समान कोडित कानून का पहला उदाहरण हैं। Why Lawyers Wear Black Coat</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jun 2023 12:54:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Lucknow: वजीरगंज कोर्ट में बमबारी, कई वकील घायल</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि अदालत में कुछ लोगों ने बार संघ के संयुक्त सचिव संजीव लोधी को निशाना बनाकर बम से हमला कर दिया। बम फटने से कुछ लोगों को मामूली चेट आई है
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/lucknow-bombing-in-wazirganj-court-many-lawyers-injured/article-13017"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-02/lucknow.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;">पुलिस ने मौके से तीन जिंदा बम बरामद किए (Wazirganj court)</h1>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>घटना को लेकर वकीलो में काफी गुस्सा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आपसी रंजिश के चलते फेंके बम</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ (एजेंसी)।</strong> उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र में गुरुवार को अदालत परिसर में कुछ लोगों ने एक वकील को निशाना बनाकर बम फेंके और उसके विस्फोट में कई लोगों के घायल होने की सूचना है, पुलिस ने मौके से तीन जिंदा बम बरामद किए हैं। (Wazirganj court) पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि अदालत में कुछ लोगों ने बार संघ के संयुक्त सचिव संजीव लोधी को निशाना बनाकर बम से हमला कर दिया। बम फटने से कुछ लोगों को मामूली चेट आई है जबकि श्री लोधी बाल-बाल बच गये हैं। उन्होंने बताया कि बम फटने से वहां अफरा-तफरी मच गई।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">घटना को लेकर वकीलो में काफी गुस्सा और वह नारेबाजी कर रहे हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">घटना में चोटिल लोगों को अस्पताल भेजा गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">घटना की सूचना पर वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गये हैं।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">बम फेंकने के बाद हमलावर फरार</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बीच बार संघ के संयुक्त सचिव संजीव लोधी ने कहा कि करीब साढ़े 11 बजे कुछ लोगों ने उनके कार्यालय में बम फेंके जिसमें एक बम फटा जबकि तीन वहीं पड़े मिले। बम फेंकने के बाद हमलावर फरार हो गये। उन्होंने कहा कि उनकी जान को खतरा है और उन्हें सुरक्षा चाहिये।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">अदालत परिसर में अपराधियों का बोलबाला है।</li>
<li style="text-align:justify;">पुलिस का कहना है कि अभी उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है।</li>
<li style="text-align:justify;">तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जायेगी।</li>
<li style="text-align:justify;">घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।</li>
<li style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">बरामद बम पुलिस ने कब्जे में ले लिये हैं।</li>
</ul>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2020 15:56:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में वकीलों की हड़ताल खत्म, कल से लौटेंगे काम पर</title>
                                    <description><![CDATA[बृहस्पतिवार को दिल्ली की सभी 6 जिला अदालतों में काम होगा नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच जारी गतिरोध के बीच हड़ताल खत्म करने का एलान किया गया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली की सभी 6 जिला अदालतों में काम होगा। इससे पहले दिल्ली पुलिस और वकीलों में पांचवें दिन भी जारी गतिरोध के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/delhi-police-vs-lawyers-protest/article-11041"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-11/delhi-police.jpg" alt=""></a><br /><h2>बृहस्पतिवार को दिल्ली की सभी 6 जिला अदालतों में काम होगा</h2>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच जारी गतिरोध के बीच हड़ताल खत्म करने का एलान किया गया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली की सभी 6 जिला अदालतों में काम होगा। इससे पहले दिल्ली पुलिस और वकीलों में पांचवें दिन भी जारी गतिरोध के बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिल्ली पुलिस के परिजनों और लोगों की ओर स्लोगन पर बहुत एतराज जताया था। बीसीआइ ने कहा था कि आजादी के बाद इतिहास का सबसे काला दिन मंगलवार रहा। ऐसा लग रहा है कि यह राजनीति के तहत किया जा रहा है जो बेहद शर्मनाक है।</p>
<h2>पूर्वी दिल्ली में पुलिस-वकील नजर आए एकसाथ</h2>
<p>वहीं, इससे पहले गतिरोध के बीच पूर्वी दिल्ली में बुधवार पुलिस और वकील साथ-साथ नजर आए। वकीलों के साथ कोर्ट के चौकी इंचार्ज गिरीश जैन दिखे। यहां पर वकीलों ने कहा चौकी के पुलिस वालों को कुछ नहीं होने देंगे। पुलिस सिविल ड्रेस में कोर्ट की सुरक्षा कर रही है। वहीं, मंगलवार को पुलिसकर्मियों के धरना-प्रदर्शन के बाद अब बुधवार को वकीलों ने भी प्रदर्शन की राह पकड़ ली है। बार काउंसिल के आदेश के बावजूद वकीलों की हड़ताल जारी है। दिल्ली की सभी निचली अदालतों में कामकाज ठप है। साकेत, रोहिणी, पटियाला हाउस और कड़कड़डूमा कोर्ट के गेट वकीलों ने बंद कर दिए हैं। अपने मुकदमे के लिए कोर्ट आए लोग मायूस होकर जाने के लिए मजबूर हैं।</p>
<h2>रोहिणी कोर्ट में आत्मदाह की कोशिश</h2>
<p>इस बीच रोहिणी कोर्ट में एक वकील ने आत्महत्या की कोशिश की। वकील का नाम आशीष चौधरी बताया जा रहा है। वकील आशीष की मानें तो उसने अपने आत्मसम्मान के लिए आत्मदाह की कोशिश की। आशीष ने पुलिस के मंगलवार के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने अपने परिवार-बच्चों तक को शामिल किया। आशीष का यह भी कहा है कि पुलिस दिल्ली के वकीलों की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। रोहिणी कोर्ट में वकील मोनिका शर्मा का कहना है कि पुलिस हमेशा की तरह इस मामले में ज्यादती कर रही है। जो हथियार उनके पास हैं, उनका वह गलत इस्तेमाल करती रही है। आखिर उसे किसी ऊपर हाथ उठाने का अधिकार किसने दिया? वकील भी कोर्ट के अधिकारी होते हैं इस तरह से शूटआउट करना किसी तरह से सही नहीं है। वकीलों की मुख्य मांग आरोपित पुलिस कर्मियों की गिरप्तारी है।</p>
<ul>
<li><strong>बीसीआइ के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र ने पत्र में कहा कि इस तरह के उपद्रव से अधिवक्ताओं की छवि धूमिल होती है। </strong></li>
<li><strong>किसी भी बार को ऐसे अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन नहीं देना चाहिए। </strong></li>
<li><strong>सुप्रीम कोर्ट इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकता है। </strong></li>
<li><strong>साकेत अदालत के कुछ वकीलों द्वारा बाइक सवार पुलिसकर्मी की पिटाई की गई। </strong></li>
<li><strong>वहीं ऑटो चालक से मारपीट व आम जनता के साथ हुई बदसुलूकी को बार काउंसिल ऑफ इंडिया बर्दाश्त नहीं करेगा। </strong></li>
<li><strong>दिल्ली हाई कोर्ट के इतने बेहतर कदम के बावजूद वकील यह सब कर रहे हैं, उससे बीसीआइ सहमत नही हैं। </strong></li>
<li><strong>अदालत को इस तरह से ठेस पहुंचाना या हिंसा का सहारा लेना वकीलों के लिए मददगार नहीं हो सकता। </strong></li>
</ul>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Nov 2019 15:55:40 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जिले भर के वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपे मांगपत्र आज बीकानेर संभाग के अधिवक्ता करेंगे कार्य बहिष्कार हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। अधिवक्ता अलंकार सिंह पर हुए जानलेवा हमले के प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्थानीय बार संघ के समर्थन में मंगलवार को जिले भर के वकील उतर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/work-suspends-work-done-by-lawyers-across-the-district/article-3499"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-11/h06.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:left;">आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपे मांगपत्र</h2>
<ul style="text-align:justify;">
<li><strong>आज बीकानेर संभाग के अधिवक्ता करेंगे कार्य बहिष्कार</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> अधिवक्ता अलंकार सिंह पर हुए जानलेवा हमले के प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे स्थानीय बार संघ के समर्थन में मंगलवार को जिले भर के वकील उतर आए। जिले भर में बार संघ के बैनर तले अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड कर प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप जानलेवा हमला करने वालों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही मामले का खुलासा न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी। बुधवार को बीकानेर संभाग के अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे। जिला मुख्यालय पर बार संघ की ओर से जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बार संघ अध्यक्ष प्रद्युम्न परमार ने आरोप लगाया कि पुलिस अपना कर्त्तव्य पूरा करने में हर बार नाकाम रही है। इस प्रकरण में पुलिस कार्रवाई करने की बात कह रही है लेकिन कार्रवाई कहां तक की इसके बारे में कोई जवाब पुलिस के पास नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई की बात कह आम आदमी को तो टरका सकती है लेकिन अधिवक्ता उनके चक्कर में नहीं फंसने वाले। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से वर्तमान पुलिस अधीक्षक ने कार्यभार ग्रहण किया है तब से क्षेत्र में आपराधिक वारदातों में इजाफा हुआ है। पुलिस अपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाने में हर कदम पर विफल रही है।उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। इस दौरान हमलावरों की गिरफ्तारी न हुई तो बार संघ की ओर से आंदोलन को तेज करने का कदम उठाना पड़ेगा।</p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Nov 2017 07:38:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वकीलों के लिए हरियाणा के हर जिले में खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में वकीलों की सहायता के लिए डिजीटल लाईब्रेरी खोली जाए, क्योंकि आज का युग डिजीटल युग है और इससे वकीलों को शीघ्रता के साथ सही समय पर नए-नए कानूनों और निर्णयों की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के जिन […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)।</strong> हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में वकीलों की सहायता के लिए डिजीटल लाईब्रेरी खोली जाए, क्योंकि आज का युग डिजीटल युग है और इससे वकीलों को शीघ्रता के साथ सही समय पर नए-नए कानूनों और निर्णयों की जानकारी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के जिन जिलों में डिजीटल लाईब्रेरी नहीं हैं, उनके लिए दो-दो लाख रुपए की राशि देने की घोषणा भी की। इसके अलावा, बार काऊसिंल के लिए भी 21 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं शनिवार को यहां पंजाब एवं हरियाणा बार काऊसिंल की ओर से द एडवोकेटस वेलफेयर फंड अधिनियम, 2001 के तहत कल्याण योजना के शुभारंभ अवसर पर की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 25 रुपए की वेलफेयर स्टैम्प की भी शुरूआत की। उन्होंने इस अवसर पर वकीलों को आगाह करते हुए कहा कि इस कल्याण योजना के तहत फंड एकत्रित करने के लिए मुकदमेबाजी अधिक न हों, ऐसा अवश्य ध्यान रखा जाए। उन्होंने वकीलों से आह्वान करते हुए कहा कि जो वकील ज्यादा कमाई करते हैं वे सामाजिक सुरक्षा और विकास में अपना योगदान दें ताकि देश व प्रदेश का विकास हो और इससे अंतोदय का अर्थ भी सफल होगा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किसानों के लिए पैंशन स्कीम पर विचार कर रही सरकार</h2>
<p style="text-align:justify;">मनोहर लाल ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी योजना लाने जा रही है जिसके तहत किसान पर अचानक आने वाली विपत्ति के समय या एक समय के पश्चात किसान की आयु बढ़ने पर पैंशन या वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Aug 2017 08:25:17 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुस्साए वकीलों का प्रदर्शन, पुलिसकर्मियों से झड़प</title>
                                    <description><![CDATA[ आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के खिलाफ घेरा एसपी आफिस हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। जंक्शन के हाउसिंग बोर्ड में 14 जुलाई की देर रात एक वकील व उसके परिवार पर जानलेवा हमला करने के संबंध में दर्ज मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए वकीलों ने […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/angry-lawyers-clash-with-policemen/article-2386"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-07/police-8.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:center;"> आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के खिलाफ घेरा एसपी आफिस</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)।</strong> जंक्शन के हाउसिंग बोर्ड में 14 जुलाई की देर रात एक वकील व उसके परिवार पर जानलेवा हमला करने के संबंध में दर्ज मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए वकीलों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मौके पर मौजूद जंक्शन थाना प्रभारी रणवीर मीणा सहित अन्य पुलिसकर्मियों से वकीलों की झड़प हो गई। करीब एक घण्टे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।</p>
<h2 style="text-align:justify;">आंदोलन तेज करने की चेतावनी</h2>
<p style="text-align:justify;">वकीलों ने एसपी से मिलकर मामले में शीघ्र आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। इसके बाद एसपी कार्यालय के सामने वकीलों ने एकत्रित होकर मंगलवार का बाजार बंद करवाने की घोषणा की। इससे पूर्व सोमवार दोपहर करीब 12 बजे सैकड़ों वकील बार संघ अध्यक्ष प्रदुम्न परमार, पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत व पूर्व जिला प्रमुख राजेन्द्र मक्कासर के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तथा पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">जंक्शन थाना प्रभारी को हटाने की भी रखी मांग</h2>
<p style="text-align:justify;">आरोपितों को गिरफ्तार करने की बजाय वकील व उसके परिवार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के जांच अधिकारी जंक्शन थाना प्रभारी आरोपितों के दबाव में मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे। उन्होंने आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने व जंक्शन थाना प्रभारी रणवीर मीणा को लाइन हाजिर करने की मांग की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">तैनात रहा भारी पुलिस जाब्ता</h2>
<p style="text-align:justify;">वकीलों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निर्मला बिश्नोई, पुलिस उप अधीक्षक वीरेंद्र जाखड़, जंक्शन थाना प्रभारी रणवीर मीणा, टाउन थाना प्रभारी मोहम्मद अनवर, महिला थाना प्रभारी सुभाष कच्छावा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों की लाठियां पकड़ ली। करीब 20-25 मिनट तक जोर आजमाइश चलती रही।</p>
<h2>वकीलों का गुस्सा बढ़ा तो पहुंचे एसपी</h2>
<p style="text-align:justify;">वकीलों का गुस्सा बढ़ता देख एएसपी निर्मला बिश्नोई ने वहां से अपने चैम्बर में ही जाने में भलाई समझी। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक यादराम फांसल वकीलों से मिलने पहुंचे तथा जांच जारी होने की बात कही। लेकिन वकीलों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वार्ता में असंतुष्ट वकीलों ने बार रूम में बैठक की तथा सर्वसम्मति से मंगलवार को बाजार बंद करवाने की घोषणा की।</p>
<h2 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h2>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि 14 जुलाई की रात कुछ युवकों ने जानलेवा हमला कर हाउसिंग बोर्ड निवासी वकील अरविंद मुखर्जी, उसके भाई विपिन व पिता जयलाल मुखर्जी गंभीर रूप से घायल कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को श्रीगंगानगर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां तीनों का उपचार चल रहा है। आरोपितों ने हवाई फायर भी किए।</p>
<h2 style="text-align:justify;">यह वकील रहे शामिल</h2>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर बार संघ अध्यक्ष प्रदुम्न परमार, पूर्व अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत, मनेष तंवर, पूर्व जिला प्रमुख राजेन्द्र मक्कासर, प्रवीण परमार, प्रताप सिंह शेखावत, अनुज डोडा, रघुवीर सिंह वर्मा, विकास बड़गुजर, विजय सिंह चौहान, जोधा सिंह, यादवेन्द्र सिंह, शंकर सोनी, राजेन्द्र निमिवाल, चंद्र स्वामी, रूपसिंह, इन्साफ खान, जाकिर हुसैन, महेन्द्र जोहल, प्रतीक मिड्ढा, प्रदीप शर्मा, उग्रसेन नैण, सुनील परिहार, बलजिन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Mon, 17 Jul 2017 07:32:16 +0530</pubDate>
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